Chambalkichugli.com

WOMEN RIGHTS HEARING: भोपाल में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष राहटकर करेंगी महिलाओं की जनसुनवाई

  WOMEN RIGHTS HEARING:  भोपाल। महिलाओं से जुड़ी शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग सक्रिय हो गया है। इसके तहत आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर 11 मार्च 2026 को भोपाल में महिलाओं के साथ जनसुनवाई करेंगी। यह जनसुनवाई दोपहर 1.30 बजे शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई महाविद्यालय पॉलिटेक्निक चौराहा भोपाल में आयोजित की जाएगी। इस मौके पर महिलाएं सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष अपनी समस्याओं और शिकायतों को रख सकेंगी। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं के मामलों का शीघ्र और प्रभावी समाधान हो सके। जिन मुद्दों को सामने रखा जाएगा उनकी जांच और समाधान की कार्रवाई तुरंत शुरू की जाएगी। श्रीमती राहटकर ने कहा है कि यह जनसुनवाई महिलाओं के लिए अपने अधिकारों और समस्याओं को सीधे सुनाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इसमें घरेलू हिंसा उत्पीड़न नौकरी या शिक्षा से जुड़ी समस्याएँ सुरक्षा और समाज में महिला सम्मान से संबंधित मामले शामिल हो सकते हैं। आयोग के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे और महिलाओं की शिकायतों को दर्ज करेंगे। आयोग का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उसकी त्वरित कार्रवाई की जाए। इस जनसुनवाई का आयोजन महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनकी समस्याओं को सीधे शासन और आयोग तक पहुँचाने के लिए किया गया है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उनके कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय मीडिया और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जनसुनवाई में शामिल होंगे ताकि इसे व्यापक जनजागरूकता के रूप में प्रस्तुत किया जा सके। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती राहटकर का मानना है कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान केवल सरकारी प्रयास से ही नहीं बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। जनसुनवाई में उपस्थित महिलाएं सीधे अपने मुद्दे प्रस्तुत कर सकती हैं और आयोग अधिकारियों से मार्गदर्शन भी प्राप्त कर सकती हैं। इससे न केवल तत्काल समस्या का समाधान होगा बल्कि महिलाओं में अपने अधिकारों को समझने और उनका प्रयोग करने की क्षमता भी बढ़ेगी। इस तरह की पहल महिलाओं के लिए अपने जीवन और समाज में सम्मानजनक स्थान बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। भोपाल में होने वाली यह जनसुनवाई महिलाओं को अपने मुद्दों को सामने रखने और राष्ट्रीय महिला आयोग से सहायता प्राप्त करने का अवसर देगी।

IPL 2026 schedule: आईपीएल का पहला हिस्सा तय, शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक बीसीसीआई करेगी जारी

  IPL 2026 schedule: नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पुष्टि की है कि आईपीएल 2026 के शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक जारी कर दिया जाएगा। बीसीसीआई सचिव Devjit Saikia ने आईएएनएस को बताया, “हम शुरुआती 20 दिनों का शेड्यूल 12 मार्च तक रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। शेष मुकाबलों का शेड्यूल बाद में घोषित किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान किसी भी टकराव से बचना है, खासकर पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में होने वाले चुनावों के समय। धुरंधर 2’ ने रिलीज से पहले ही कर लिया काफी कलेक्शन, जानिए पूरी जानकारी आईपीएल 2026 की सभी टीमों ने शेड्यूल घोषित आईपीएल 2026 की सभी टीमों ने शेड्यूल घोषित होने से पहले ही प्री-सीजन तैयारियों की शुरुआत कर दी है। चेन्नई सुपर किंग्स ने 1 मार्च को नवलूर के हाई-परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास शुरू किया, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 10 फरवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में छोटा-सा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया। गुजरात टाइटंस ने नाथद्वारा के मिराज इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में दो अभ्यास सत्र किए। पंजाब किंग्स फरवरी की शुरुआत में अबू धाबी में अभ्यास कर रही थी और फिलहाल धर्मशाला में प्री-सीजन शिविर जारी है। सनराइजर्स हैदराबाद ने 1 मार्च को अपने घरेलू खिलाड़ियों के साथ प्रशिक्षण शुरू किया और मुंबई इंडियंस ने आगामी सीजन के लिए अभ्यास आरंभ कर दिया। कोलकाता नाइट राइडर्स 18 मार्च से प्री-सीजन शिविर शुरू करेगी, जबकि राजस्थान रॉयल्स 15 मार्च से जयपुर में अभ्यास शिविर के लिए इकट्ठा होने की उम्मीद है। दिल्ली कैपिटल्स ने हाल ही में हैदराबाद में पहला शिविर आयोजित किया और आगे दिल्ली में दूसरा शिविर संभावित है। लखनऊ सुपर जायंट्स ने लखनऊ में अपना तैयारी सत्र पहले ही पूरा कर लिया है। CBSE 12TH BOARD QR: CBSE का स्पष्ट बयान: 12वीं गणित का प्रश्नपत्र पूरी तरह असली और सुरक्षित तैयारी और रणनीति का महत्व टीमों ने प्री-सीजन प्रशिक्षण शिविरों में फिटनेस, तकनीक और रणनीति पर खास ध्यान दिया है। बीसीसीआई के अनुसार, शुरुआती 20 दिनों के शेड्यूल के बाद टीमों को अपनी गेम प्लान के अनुसार तैयारियां अंतिम रूप देने का मौका मिलेगा। फुटबॉल से लेकर क्रिकेट तक, प्री-सीजन तैयारी टीमों की सफलता में अहम भूमिका निभाती है। आईपीएल 2026 में भी यह रणनीति खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस और मुकाबलों के परिणाम पर असर डालेगी। आईपीएल 2026 का यह सीजन दर्शकों के लिए रोमांचक मुकाबले और नई रणनीतियों का मौका लेकर आएगा। 12 मार्च के बाद शेड्यूल जारी होने के साथ ही फैंस अपने पसंदीदा मैचों की तारीखें और स्थान जान सकेंगे, जिससे रोमांच और उत्साह और भी बढ़ जाएगा।

IPL batting records: आईपीएल इतिहास के 5 सबसे बड़े रन मशीन, जिन्होंने बनाए सबसे ज्यादा रन

   IPL batting records:  नई दिल्ली। दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग Indian Premier League में अब तक 18 सीजन खेले जा चुके हैं। इस दौरान कई महान बल्लेबाजों ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीता है। आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की बात करें तो इस सूची में भारतीय खिलाड़ियों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिलता है। टॉप-5 बल्लेबाजों में चार खिलाड़ी भारत के हैं, जबकि सिर्फ एक विदेशी खिलाड़ी इस सूची में जगह बना पाया है। आइए जानते हैं आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले इन पांच दिग्गज बल्लेबाजों के बारे में। 1. विराट कोहली – आईपीएल के सबसे बड़े रन-मशीन आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड Virat Kohli के नाम है। कोहली ने अपने पूरे आईपीएल करियर में सिर्फ Royal Challengers Bengaluru के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया है। कोहली अब तक 267 मैच खेल चुके हैं और उन्होंने 39.54 की औसत से 8,661 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 8 शतक और 63 अर्धशतक निकले हैं। इसके अलावा उन्होंने 291 छक्के और 771 चौके भी लगाए हैं। कोहली की लगातार रन बनाने की क्षमता ने उन्हें आईपीएल इतिहास का सबसे सफल बल्लेबाज बना दिया है। 2. रोहित शर्मा – शानदार रिकॉर्ड के साथ दूसरे स्थान पर भारतीय कप्तान Rohit Sharma इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 2008 से अब तक आईपीएल में दो टीमों के लिए खेलते हुए शानदार बल्लेबाजी की है। रोहित ने अब तक 29.73 की औसत से 7,046 रन बनाए हैं। उनके नाम 2 शतक और 47 अर्धशतक दर्ज हैं। इसके अलावा उन्होंने 302 छक्के और 640 चौके भी लगाए हैं। रोहित की विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में प्रदर्शन उन्हें आईपीएल के महान बल्लेबाजों में शामिल करता है। 3. शिखर धवन – लगातार रन बनाने वाले भरोसेमंद बल्लेबाज बाएं हाथ के दिग्गज बल्लेबाज Shikhar Dhawan इस सूची में तीसरे स्थान पर आते हैं। उन्होंने 2008 से 2024 के बीच आईपीएल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। धवन ने 222 मैचों में 35.25 की औसत से 6,769 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 51 अर्धशतक लगाए। उनके बल्ले से 152 छक्के और 768 चौके भी निकले हैं। धवन अपनी आक्रामक शुरुआत और स्थिर बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। 4. डेविड वॉर्नर – टॉप-5 में शामिल एकमात्र विदेशी खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज David Warner इस सूची में चौथे स्थान पर हैं और टॉप-5 में शामिल एकमात्र विदेशी खिलाड़ी भी हैं। वॉर्नर ने 2009 से 2024 के बीच 184 मैच खेले और 40.52 की शानदार औसत से 6,565 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 4 शतक और 62 अर्धशतक निकले। उन्होंने आईपीएल में 236 छक्के और 663 चौके भी लगाए हैं। वॉर्नर की आक्रामक बल्लेबाजी ने उन्हें लीग के सबसे सफल विदेशी खिलाड़ियों में शामिल किया है। 5. सुरेश रैना – मिस्टर आईपीएल का दमदार रिकॉर्ड पूर्व भारतीय क्रिकेटर Suresh Raina को अक्सर “मिस्टर आईपीएल” कहा जाता है और वे इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। रैना ने 2008 से 2021 के बीच 205 मैच खेले और 32.51 की औसत से 5,528 रन बनाए। उनके बल्ले से 1 शतक और 39 अर्धशतक निकले। इसके अलावा उन्होंने 203 छक्के और 506 चौके भी लगाए। रैना लंबे समय तक आईपीएल के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में से एक रहे और उन्होंने कई मैचों में अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

GURUGRAM CONSTRUCTION ACCIDENT: कंस्ट्रक्शन साइट पर 7 श्रमिकों की मौत से हड़कंप, सिग्नेचर ग्लोबल को भेजा गया नोटिस

  GURUGRAM CONSTRUCTION ACCIDENT:  नई दिल्ली। हरियाणा के Gurugram में एक निर्माण स्थल पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद रियल एस्टेट कंपनी Signature Global को पुलिस ने नोटिस जारी किया है। इस हादसे में सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद कंपनी से जवाब मांगा गया है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मृतक श्रमिकों के परिवारों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। प्रशासन की प्राथमिकता: परिवारों को मुआवजा और मदद गुरुग्राम के असिस्टेंट कमिश्नर Anil Sharma ने बताया कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता मृतकों के शव उनके परिजनों को सौंपना और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कंपनी से मुआवजे के चेक प्राप्त कर उन्हें मृतक मजदूरों के परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही पूरे मामले की कानूनी जांच भी की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। खुदाई के दौरान अचानक धंसी मिट्टी यह हादसा सोमवार शाम करीब 7 बजे Sidhrawali क्षेत्र में Delhi–Jaipur Highway के पास स्थित एक निर्माण स्थल पर हुआ। अधिकारियों के मुताबिक खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी धंस गई, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। सात मजदूरों की मौत, चार घायल इस दुर्घटना में सात मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। घायल मजदूरों को इलाज के लिए Bhiwadi के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन मजदूरों का इलाज जारी है। अधिकारियों के मुताबिक घायलों में से तीन मजदूर नेपाल के रहने वाले हैं। मृतकों में झारखंड और राजस्थान के मजदूर पुलिस के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले सात मजदूरों में से छह झारखंड के रहने वाले थे, जबकि एक मजदूर राजस्थान का निवासी था। अधिकारियों ने बताया कि सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए गुरुग्राम भेजा जा रहा है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उनके परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। लापरवाही की जांच, सख्त कार्रवाई के संकेत गुरुग्राम पुलिस ने बताया कि इस मामले में कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि चूंकि हादसा हरियाणा के अधिकार क्षेत्र में हुआ है, इसलिए इस मामले की कानूनी कार्रवाई भी Haryana में ही की जाएगी।

GWALIOR ENCROACHMENT: ग्वालियर में अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर पथराव: गिरवाई में पुलिस और भीड़ आमने-सामने, हालात काबू करने के लिए किया गया बल प्रयोग

  GWALIOR ENCROACHMENT: नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के Gwalior में अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और प्रशासन की टीम पर भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसके बाद स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई। घटना शहर के Girwai इलाके की बताई जा रही है। विवाद बढ़ने पर पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक तहसीलदार न्यायालय द्वारा एक जमीन पर बेदखली का आदेश जारी किया गया था। इसी आदेश का पालन कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम जेसीबी मशीन के साथ मौके पर पहुंची थी। प्रशासन की टीम का उद्देश्य जमीन से अतिक्रमण हटाकर उसे खाली कराना था। बताया जा रहा है कि उस जमीन पर कुछ लोग लंबे समय से मकान बनाकर रह रहे थे। जैसे ही प्रशासन की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, वहां मौजूद लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह विरोध उग्र हो गया और मौके पर मौजूद भीड़ ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव के बाद स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। वायरल वीडियो में पुलिस और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति भी दिखाई दे रही है। कुछ वीडियो में पुलिसकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज करते हुए भी देखा जा सकता है, जिसमें महिलाओं के साथ भी सख्ती बरतने के आरोप सामने आए हैं। घटना के दौरान इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हालात पर काबू पा लिया। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और पथराव करने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन कराने के लिए ही यह कार्रवाई की जा रही थी। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय दिए बिना अचानक कार्रवाई की गई, जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि दोबारा किसी तरह की अशांति न फैले। Keywords: ग्वालियर गिरवाई पथराव, अतिक्रमण हटाने कार्रवाई, ग्वालियर पुलिस लाठीचार्ज, गिरवाई जमीन विवाद, प्रशासनिक कार्रवाई ग्वालियर, पथराव वीडियो वायरल, पुलिस भीड़ झड़प, मध्यप्रदेश कानून व्यवस्था.

Mandakini River: मंत्री परमार ने चित्रकूट के पंचवटी घाट पर किया श्रमदान, मां मंदाकिनी नदी को स्वच्छ रखने का संदेश दिया

  Mandakini River: भोपाल । चित्रकूट की पवित्र घाटियों में सोमवार को एक जीवंत दृश्य देखने को मिला जब उच्च शिक्षा तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार ने पंचवटी घाट पर माँ मंदाकिनी नदी के स्वच्छता अभियान में स्वयं हाथ बंटाया। मंत्री ने घाट परिसर में सफाई करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों को स्वच्छता के महत्व की याद दिलाई और जनभागीदारी की प्रेरणा दी। मंत्री परमार ने कहा कि चित्रकूट धार्मिक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ बहने वाली माँ मंदाकिनी नदी करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इसकी स्वच्छता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी से ही सफल होने वाला एक जनआंदोलन है। घाट परिसर में पहुंचे सभी लोगों के साथ मिलकर मंत्री ने कचरा एकत्रित किया आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित किया और लोगों से आग्रह किया कि वे नदी में कोई कचरा न डालें। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय समुदाय प्रशासन और आगंतुकों का सहयोग ही स्वच्छ और स्वास्थ्यवर्धक पर्यावरण सुनिश्चित कर सकता है। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि प्रशासनिक अधिकारी सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर माँ मंदाकिनी की स्वच्छता के लिए श्रमदान किया और इस पहल का उत्साहजनक समर्थन किया। मंत्री परमार ने आशा जताई कि इस प्रकार के अभियान स्थानीय लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी को बढ़ाएंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि स्वच्छता के लिए छोटे छोटे प्रयास भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। नदी और घाट का पर्यावरण केवल प्रशासनिक कर्मियों का कार्यक्षेत्र नहीं बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखें और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं। इस मौके पर उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि इस तरह के अभियान धार्मिक स्थलों की साफ सफाई के साथ साथ स्थानीय पर्यटन और स्वास्थ्य के लिए भी बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि पंचवटी घाट जैसे धार्मिक स्थल स्वच्छ रहेंगे तो वहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का अनुभव भी सकारात्मक होगा। घाट पर श्रमदान करते हुए मंत्री परमार ने यह संदेश भी दिया कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का काम केवल सरकार के हाथ में नहीं छोड़ना चाहिए। हर नागरिक की भागीदारी से ही माँ मंदाकिनी और अन्य नदियों का जल स्वच्छ और सुरक्षित रहेगा। यह कदम चित्रकूट के धार्मिक और सामाजिक जीवन में स्वच्छता के प्रति नई चेतना का प्रतीक बन गया है।

फूड एक्सपोर्ट में भारत का दम, आंकड़ा 5 लाख करोड़ के करीब: पीयूष गोयल

नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने कहा कि भारत का खाद्य और कृषि उत्पादों का निर्यात तेजी से बढ़ रहा है और अब यह सालाना करीब 5 लाख करोड़ रुपये (55 अरब डॉलर से अधिक) तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत की कृषि क्षमता और वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाती है। नई दिल्ली में आयोजित Aahar – The International Food and Hospitality Fair के 40वें संस्करण के उद्घाटन के दौरान उन्होंने खाद्य, कृषि और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र से जुड़े उद्योग जगत के लोगों से अपील की कि वे मिलकर भारत को कृषि और प्रोसेस्ड फूड का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक बनाने की दिशा में काम करें। गोयल ने कहा कि सरकार की नीतियां, बढ़ते व्यापार समझौते और वैश्विक स्तर पर भारतीय उत्पादों की मांग इस दिशा में बड़े अवसर पैदा कर रही हैं। कृषि और प्रोसेस्ड फूड निर्यात में तेज उछालमंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों यानी 2014 से 2025 के दौरान भारत के कृषि और खाद्य निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवधि में प्रोसेस्ड फूड का निर्यात चार गुना, फल और दालों का निर्यात तीन गुना और प्रोसेस्ड सब्जियों का निर्यात चार गुना बढ़ा है। इसके अलावा कोको का निर्यात तीन गुना और अनाज का निर्यात दोगुना हो गया है। वहीं चावल का निर्यात भी इस अवधि में करीब 62 प्रतिशत बढ़ा है। गोयल ने कहा कि इन उपलब्धियों ने भारत को कृषि और प्रोसेस्ड फूड निर्यात के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख देशों की कतार में ला खड़ा किया है। वर्तमान में भारत दुनिया का सातवां सबसे बड़ा कृषि उत्पाद निर्यातक बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आगे और बड़ी संभावनाओं का संकेत देती है। ‘दुनिया की फूड बास्केट’ बनने की दिशा में भारतगोयल ने कहा कि भारत को कृषि और प्रोसेस्ड फूड निर्यात में दुनिया में शीर्ष स्थान दिलाने का लक्ष्य पूरी तरह हासिल किया जा सकता है। यह लक्ष्य प्रधानमंत्री Narendra Modi के उस विजन से जुड़ा है, जिसमें भारत को “दुनिया की फूड बास्केट” बनाने की बात कही गई है।उन्होंने कहा कि इसके लिए किसानों, उद्यमियों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और निर्यातकों को मिलकर काम करना होगा। यदि उत्पादन के साथ-साथ प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर ज्यादा ध्यान दिया जाए तो भारतीय कृषि उत्पाद वैश्विक बाजार में और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं। व्यापार समझौतों से खुले नए वैश्विक बाजारमंत्री ने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, जिनके जरिए 38 विकसित और समृद्ध देशों के बाजारों तक पहुंच मिली है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खुले हैं और भारतीय कंपनियां वैश्विक वैल्यू चेन से तेजी से जुड़ रही हैं।उन्होंने कहा कि आज भारत को वैश्विक व्यापार के करीब दो-तिहाई हिस्से तक प्राथमिक बाजार पहुंच प्राप्त है। इससे भारत एक आकर्षक निवेश गंतव्य बन रहा है और निर्यात के नए रास्ते खुल रहे हैं। किसानों और एमएसएमई के हितों की सुरक्षागोयल ने स्पष्ट किया कि एफटीए वार्ताओं के दौरान सरकार ने किसानों, मछुआरों और एमएसएमई के हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी उत्पादकों को कोई रियायत नहीं दी गई है। इसी तरह जीन संशोधित (GM) उत्पादों को भी शुल्क में छूट या बाजार तक पहुंच नहीं दी गई है। इसके अलावा चावल, गेहूं, मक्का, सोया मील और कई तरह की दालों जैसे प्रमुख कृषि उत्पादों को भी व्यापार समझौतों में सुरक्षित रखा गया है। वहीं चीनी क्षेत्र में भी आम तौर पर कोई रियायत नहीं दी गई है, ताकि विदेशी आयात से भारतीय किसानों और घरेलू उत्पादकों को नुकसान न हो। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से बढ़ेगा वैल्यू एडिशनमंत्री ने किसानों और उद्यमियों से Agriculture Infrastructure Fund के 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर ध्यान देने से किसानों को वैश्विक बाजार में बेहतर कीमत मिल सकती है।उन्होंने कहा कि अब बड़ी संख्या में छोटे उद्यम भी फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। आहार मेले में पहली बार इटली बना पार्टनर देशगोयल ने बताया कि इस वर्ष आयोजित आहार फूड एंड हॉस्पिटैलिटी फेयर में Italy को पहली बार पार्टनर देश बनाया गया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि 13 मार्च और शनिवार को यह प्रदर्शनी आम जनता के लिए भी खोली जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे खासकर युवाओं को भारत और दुनिया के फूड, बेवरेज और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की ताकत को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा।

मिडिल ईस्ट तनाव का असर मध्यप्रदेश पर: 10 हजार टूरिस्ट ने रोकी विदेश यात्रा, करीब 60 करोड़ का ट्रैवल कारोबार प्रभावित

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट और यूरोप में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर अब मध्यप्रदेश के टूरिज्म सेक्टर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। दुबई और आसपास के देशों की यात्रा करने वाले हजारों लोगों ने फिलहाल अपने ट्रैवल प्लान रोक दिए हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री के अनुसार इस सीजन में प्रदेश से करीब 10 हजार लोगों के मिडिल ईस्ट जाने की संभावना थी, लेकिन मौजूदा हालात के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों ने अपनी बुकिंग रद्द कर दी या नई बुकिंग ही नहीं कराई। ऑनलाइन ट्रैवल प्लेटफॉर्म MakeMyTrip की भोपाल लोकेशन हेड Richa Singh Bhadauria के मुताबिक लगभग 2 से 2.5 हजार यात्रियों ने पहले से फ्लाइट और टूर पैकेज बुक कर लिए थे, जो सीधे प्रभावित हुए हैं। वहीं करीब 7 से 8 हजार संभावित यात्रियों ने अनिश्चित हालात को देखते हुए अपनी यात्रा योजनाएं टाल दी हैं। हालांकि फिलहाल इंटरनेशनल ट्रैवल पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन पर्यटन कारोबार में साफ तौर पर सुस्ती देखी जा रही है। 60 करोड़ का संभावित कारोबार अटकामिडिल ईस्ट देशों के लिए औसतन एक ट्रैवल पैकेज 60 से 70 हजार रुपए प्रति व्यक्ति का होता है। यदि 60 हजार रुपए का औसत और 10 हजार यात्रियों का अनुमान लगाया जाए तो करीब 60 करोड़ रुपए का संभावित ट्रैवल कारोबार प्रभावित माना जा रहा है। हालांकि सभी मामलों में पूरी राशि का नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि कई एयरलाइंस यात्रियों को रिफंड या क्रेडिट शेल का विकल्प दे रही हैं। 60–70% यात्रियों को मिला पूरा रिफंडट्रैवल एजेंसियों के अनुसार प्रभावित बुकिंग्स में से लगभग 60 से 70 प्रतिशत यात्रियों को पूरा रिफंड मिल गया है। ऐसा उन मामलों में हुआ जहां एयरलाइंस ने खुद फ्लाइट रद्द की या शेड्यूल बदला। वहीं करीब 15 से 25 प्रतिशत यात्रियों को आंशिक नुकसान हुआ है, जो मुख्य रूप से वीजा फीस, होटल कैंसिलेशन पॉलिसी या नॉन-रिफंडेबल बुकिंग के कारण हुआ। कई यात्रियों ने रिफंड लेने के बजाय भविष्य के लिए ट्रैवल क्रेडिट या क्रेडिट शेल का विकल्प चुना है। भोपाल और इंदौर से सबसे ज्यादा कैंसिलेशनट्रैवल ट्रेड के अनुभव के अनुसार मध्यप्रदेश में इंटरनेशनल लीजर ट्रैवल सबसे ज्यादा भोपाल और इंदौर से होता है। इसलिए इन शहरों से कैंसिलेशन का असर भी ज्यादा दिखाई दे रहा है। जबलपुर और ग्वालियर में भी कुछ प्रभाव देखा गया है, लेकिन फिलहाल पूरे प्रदेश में पर्यटन गतिविधियां पूरी तरह ठप नहीं हुई हैं बल्कि धीमी पड़ गई हैं। क्रूज ट्रैवल में भी 30–40% गिरावटवैश्विक अनिश्चितता का असर इंटरनेशनल क्रूज ट्रैवल पर भी पड़ा है। इस सीजन में क्रूज बुकिंग में लगभग 30 से 40 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि अधिकतर यात्री अपनी यात्रा पूरी तरह रद्द करने के बजाय उसे आगे की तारीख के लिए टालना पसंद कर रहे हैं। लीजर ट्रैवल सबसे ज्यादा प्रभावितमौजूदा हालात का सबसे ज्यादा असर लीजर ट्रैवल सेगमेंट पर पड़ा है, जिसमें फैमिली हॉलीडे, हनीमून ट्रिप और ग्रुप टूर शामिल हैं। इसके मुकाबले कॉर्पोरेट ट्रैवल अपेक्षाकृत स्थिर बना हुआ है, क्योंकि बिजनेस मीटिंग और काम से जुड़े यात्राओं को पूरी तरह टालना कई बार संभव नहीं होता। एयरलाइंस दे रही लचीले विकल्पमौजूदा स्थिति को देखते हुए कई एयरलाइंस यात्रियों को राहत देने की कोशिश कर रही हैं। कुछ कंपनियां क्रेडिट शेल की वैधता बढ़ा रही हैं, जबकि कई एयरलाइंस बिना अतिरिक्त शुल्क के भविष्य की तारीख पर रीबुकिंग की सुविधा दे रही हैं। ट्रैवल इंडस्ट्री का फोकस फिलहाल यात्रियों का भरोसा बनाए रखने और सुरक्षित समय पर यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने पर है। तनाव लंबा चला तो बढ़ सकता है असरट्रैवल इंडस्ट्री का मानना है कि फिलहाल स्थिति कोविड जैसी नहीं है, क्योंकि फ्लाइट्स चालू हैं और यात्रा पूरी तरह बंद नहीं हुई है। लेकिन अगर मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव अगले दो से तीन महीने तक जारी रहता है, तो इंटरनेशनल टूरिज्म में गिरावट और बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे ही वैश्विक हालात सामान्य होंगे, यात्रियों की मांग फिर तेजी से वापस लौट सकती है। Keywords: मिडिल ईस्ट तनाव, मध्यप्रदेश पर्यटन, दुबई ट्रैवल कैंसिलेशन, इंटरनेशनल टूरिज्म स्लोडाउन, मेकमायट्रिप भोपाल, ट्रैवल इंडस्ट्री असर, भोपाल इंदौर टूरिस्ट, क्रूज ट्रैवल गिरावट, इंटरनेशनल ट्रिप कैंसिलेशन, जियोपॉलिटिकल तनाव, पर्यटन कारोबार 60 करोड़.

GWALIOR TREE COLLAPSE: ग्वालियर में 50 साल पुराना पेड़ गिरा, 6 से अधिक घायल, एक बच्ची की हालत गंभीर

GWALIOR TREE COLLAPSE

HIGHLIGHTS: 50 साल पुराना पेड़ गिरा, 6 से अधिक घायल। हादसा होरावली इलाके में दोपहर 12:00–12:30 बजे। 17 वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर। राहगीरों और सेना के जवानों ने तुरंत बचाव किया। पेड़ में दीमक लगने से गिरने की संभावना थी। GWALIOR TREE COLLAPSE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के होरावली इलाके में मंगलवार दोपहर एक 50 साल पुराना पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया। हादसे में छह से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें पैदल चल रहे लोग और दोपहिया वाहन चालक शामिल हैं। 17 वर्षीय एक बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुकिंग गैस पर सरकार का बड़ा फैसला, PNG और LPG की निर्बाध सप्लाई के आदेश हादसे का विवरण स्थानीय लोगों के अनुसार, पेड़ काफी पुराना था और उसमें दीमक लग चुकी थी, जिससे इसकी जड़ें कमजोर हो गई थीं। दोपहर 12:00 बजे से 12:30 बजे के बीच यह पेड़ सड़क पर गिर गया। पेड़ के गिरते ही वहां खड़े लोग और वाहन चालक अचानक हादसे का शिकार हो गए। भारत में नौकरियों की बहार! अप्रैल-जून में हायरिंग आउटलुक 68% के रिकॉर्ड स्तर पर बचाव और राहत कार्य हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद राहगीरों और सेना के जवानों ने घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया। स्थानीय अस्पताल में घायलों का इलाज किया जा रहा है। प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और इलाके में स्थिति नियंत्रित की। शेयर बाजार में शानदार रैली! सेंसेक्स 650 अंक चढ़ा, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें विशेषज्ञ की सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में पुराने और कमजोर पेड़ों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। यदि समय रहते पेड़ों की स्थिति का आकलन किया जाए तो ऐसे हादसों को टाला जा सकता है। शेयर बाजार में शानदार रैली! सेंसेक्स 650 अंक चढ़ा, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें सुरक्षा और भविष्य की कार्रवाई शहर प्रशासन ने प्रभावित इलाके में अन्य पुराने पेड़ों की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध पेड़ों से दूर रहें और हादसों से बचने के लिए सावधानी बरतें।

मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: 46 लाख लोगों की संपत्ति रजिस्ट्री का खर्च उठाएगी सरकार, 4865 युवाओं को गांवों में मिलेगी जिम्मेदारी

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री Mohan Yadav की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री Chaitanya Kashyap ने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि स्वामित्व को मजबूत करने और योजनाओं की निगरानी बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। 46 लाख लोगों की संपत्ति रजिस्ट्री का खर्च सरकार देगीकैबिनेट ने फैसला लिया है कि SVAMITVA Yojana के तहत प्रदेश के करीब 46 लाख ग्रामीण नागरिकों की संपत्ति रजिस्ट्री का स्टांप शुल्क राज्य सरकार खुद वहन करेगी। इस निर्णय से सरकार पर करीब 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। इस योजना की शुरुआत Ministry of Panchayati Raj ने वर्ष 2020 में की थी। इसके तहत ड्रोन तकनीक से गांवों की आबादी वाली जमीन का सीमांकन कर प्रॉपर्टी कार्ड दिए जाते हैं। इससे ग्रामीणों को कानूनी स्वामित्व मिलता है, भूमि विवाद कम होते हैं और बैंक से लोन लेने में भी आसानी होती है। योजनाओं का फीडबैक लेने नया कार्यक्रमकैबिनेट ने योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए “सीएम यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम” शुरू करने का भी निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम तीन साल तक चलेगा। इसके तहत प्रदेश के हर विकासखंड से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा और कुल 4865 युवाओं को गांवों में तैनात किया जाएगा। चयन प्रक्रिया Atal Bihari Vajpayee School of Good Governance and Policy Analysis के माध्यम से होगी। युवाओं को मिलेगा मानदेयचयनित युवाओं को 10 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा और उन्हें एक साल के अनुबंध पर रखा जाएगा। इस पूरी योजना पर तीन साल में लगभग 170 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन युवाओं की जिम्मेदारी अपने-अपने विकासखंड में चल रही सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का अध्ययन और फीडबैक रिपोर्ट तैयार करना होगी। यह रिपोर्ट सीधे सुशासन स्कूल के जरिए मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों तक पहुंचेगी। इसके लिए विशेष डैशबोर्ड और डिजिटल पोर्टल भी बनाया जाएगा। 2031 तक जारी रहेंगी कई योजनाएंकैबिनेट ने ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, योजना-आर्थिक एवं सांख्यिकी, जनजातीय कार्य और महिला-बाल विकास सहित सात विभागों की योजनाओं को 2031 तक जारी रखने के लिए 33,240 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इनमें महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग की योजनाएं, छात्रवृत्ति कार्यक्रम, आरडीएसएस योजना, दिव्यांगजनों के लिए प्रोफेशनल टैक्स में छूट और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है। स्वास्थ्य केंद्रों में होगी भर्तीकैबिनेट ने मैहर, निमरानी और कैमोर में पीएफआईसी के तहत अस्पतालों के लिए स्टाफ भर्ती को मंजूरी दी है। श्रम विभाग के माध्यम से डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों सहित 51 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। साथ ही चितरंगी में व्यवहार न्यायाधीश के पद को भी मंजूरी दी गई है। ‘एक जिला-एक उत्पाद’ को बढ़ावाराज्य सरकार ने One District One Product योजना के तहत स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए 37.50 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की है। इस योजना में एमएसएमई, उद्योग और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग मिलकर काम करेंगे। कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों पर भी चर्चाबैठक से पहले कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं। सरकार ने गेहूं की खरीदी के लिए MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल पर 40 रुपये बोनस जोड़कर 2625 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद का फैसला किया। वहीं उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय भी लिया गया। इसके अलावा मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थल Pachmarhi को जर्मनी द्वारा “ग्रीन डेस्टिनेशन” प्रमाणन मिलने को प्रदेश के पर्यटन के लिए बड़ी उपलब्धि बताया गया।