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गादेर घाटी में बड़ा हादसा टला: LPG टैंकर कंटेनर से टकराया, गैस रिसाव से मची अफरा-तफरी, पुलिस-फायर टीम ने संभाली स्थिति

गुना । मध्यप्रदेश के गुना जिले की गादेर घाटी में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर कंटेनर से टकरा गया और टक्कर के बाद टैंकर से गैस रिसाव शुरू हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया क्योंकि चलती गाड़ी से गैस लीक होने की सूचना मिलते ही लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि समय रहते पुलिस और फायर फाइटर्स की तत्परता और सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार एलपीजी गैस से भरा टैंकर गुना के विजयपुर क्षेत्र की ओर से बनारस की तरफ जा रहा था। इसी दौरान गादेर घाटी क्षेत्र में किसी कारणवश टैंकर सामने चल रहे कंटेनर से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि टैंकर में लगे वाल्व और पाइपलाइन के हिस्से से गैस का रिसाव शुरू हो गया। जैसे ही आसपास के लोगों और राहगीरों को गैस की तेज गंध का एहसास हुआ इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत इस घटना की सूचना पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र को खाली करवाया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी। साथ ही एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए यातायात को भी नियंत्रित कर दिया गया ताकि किसी प्रकार की चिंगारी या दुर्घटना की संभावना को टाला जा सके। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड और संबंधित विभागों को भी तुरंत सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। फायर फाइटर्स की टीम मौके पर पहुंचते ही सक्रिय हो गई और गैस रिसाव को नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की। टीम ने सावधानीपूर्वक टैंकर की जांच की और रिसाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय किए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाए रखा गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस और फायर विभाग के कर्मचारियों ने पूरी सतर्कता के साथ काम करते हुए हालात पर लगातार नजर बनाए रखी। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और फायर फाइटर्स की सूझबूझ के चलते गैस रिसाव की स्थिति पर समय रहते काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जाता तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी। घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में कुछ समय तक निगरानी रखी और यह सुनिश्चित किया कि गैस का रिसाव पूरी तरह बंद हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक तौर पर यह दुर्घटना टक्कर के कारण हुई है हालांकि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और यातायात भी सामान्य कर दिया गया है। समय पर की गई कार्रवाई और प्रशासन की मुस्तैदी के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।

टीम हित में लिया बड़ा कदम, एडम जांपा खिताबी मैच से हटे… तनवीर सांघा को मिला मौका

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई घरेलू क्रिकेट में एक दिलचस्प और सराहनीय फैसला देखने को मिला है। Adam Zampa ने वनडे कप के फाइनल मुकाबले से खुद को अलग कर लिया है, ताकि युवा लेग स्पिनर Tanveer Sangha को प्लेइंग इलेवन में जगह मिल सके। दरअसल, 11 मार्च को Tasmania cricket team और New South Wales cricket team के बीच वनडे कप का फाइनल खेला जाना है। इस बड़े मुकाबले से पहले जांपा ने टीम के हित और युवा खिलाड़ी के भविष्य को ध्यान में रखते हुए खुद को मैच से अलग करने का फैसला लिया। टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं तनवीर सांघाइस सीजन में तनवीर सांघा का प्रदर्शन शानदार रहा है। वह फिलहाल टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने हुए हैं। उन्होंने 7 मुकाबलों में 18 विकेट लेकर विपक्षी टीमों को काफी परेशान किया है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट भी चाहता था कि उनका शानदार फॉर्म बरकरार रहे और उन्हें फाइनल जैसे अहम मैच में खेलने का मौका मिले। जांपा ने टीम हित को रखा सबसे ऊपरसीजन की शुरुआत में स्थिति यह थी कि एडम जांपा टीम के लिए उपलब्ध थे और वह फाइनल मुकाबला खेलना भी चाहते थे। लेकिन जब यह स्पष्ट हो गया कि होबार्ट की परिस्थितियां दो लेग स्पिनर्स के लिए अनुकूल नहीं होंगी, तो जांपा ने खुद ही टीम से हटने का फैसला कर लिया। न्यू साउथ वेल्स के चीफ परफॉर्मेंस ऑफिसर Greg Mail ने बताया कि जांपा हमेशा यह ध्यान रखते हैं कि उनकी मौजूदगी से युवा खिलाड़ियों के मौके प्रभावित न हों। उन्होंने साफ कहा कि चूंकि तनवीर इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए उनकी जगह किसी भी तरह प्रभावित नहीं होनी चाहिए। होबार्ट की परिस्थितियों ने भी बदला फैसलाफाइनल मुकाबला होबार्ट के Bellerive Oval में डे-नाइट प्रारूप में खेला जाना है। टीम प्रबंधन का मानना था कि इस मैदान पर दो लेग स्पिनर्स को एक साथ खिलाना सही रणनीति नहीं होगी। हालांकि, पिछले कुछ सालों में न्यू साउथ वेल्स ने कई मैचों में जांपा और सांघा को साथ में खिलाया है, लेकिन इस बार परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा करना सही नहीं समझा गया। इसी वजह से जांपा ने खुद को टीम से अलग कर लिया, ताकि सांघा की जगह पक्की हो सके। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बना चुके हैं पहचानयुवा लेग स्पिनर तनवीर सांघा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। अब तक वह 11 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 18.05 की औसत से 18 विकेट हासिल कर चुके हैं। उनकी शानदार गेंदबाजी ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के उभरते हुए खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। न्यू साउथ वेल्स की टीमफाइनल मुकाबले के लिए न्यू साउथ वेल्स की टीम में Curtis Patterson (कप्तान), Sean Abbott, जोएल डेविस, Ben Dwarshuis, मैथ्यू गिल्क्स, Chris Green, रयान हैडली, लियाम हैचर, सैम कोंस्टास, जोश फिलिप, विलियम साल्जमैन, लाचलान शॉ और तनवीर सांघा शामिल हैं। इस फैसले ने एक बार फिर दिखा दिया कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिस्पर्धा ही नहीं बल्कि खेल भावना और टीम भावना का भी खेल है।

खाली स्टेडियम और घटती लोकप्रियता… ऐसे पैदा हुआ दुनिया का सबसे रोमांचक फॉर्मेट टी20

नई दिल्ली। आज जिस टी20 क्रिकेट को दुनिया का सबसे रोमांचक और लोकप्रिय फॉर्मेट माना जाता है, उसकी शुरुआत दरअसल क्रिकेट की घटती लोकप्रियता की वजह से हुई थी। भले ही हाल ही में ICC Men’s T20 World Cup 2026 खत्म हो गया हो और भारत चैंपियन बना हो, लेकिन इस फॉर्मेट का रोमांच अभी खत्म नहीं हुआ है। 28 मार्च से शुरू होने वाली Indian Premier League के साथ यह छोटा फॉर्मेट एक बार फिर फैंस को बांधने के लिए तैयार है। दरअसल, करीब दो दशक पहले क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप-टेस्ट और वनडे-दर्शकों के लिए काफी लंबे और समय लेने वाले साबित हो रहे थे। ऐसे में क्रिकेट प्रशासकों को लगने लगा था कि अगर खेल को बचाना है तो इसे और तेज, रोमांचक और दर्शकों के अनुकूल बनाना होगा। मार्केट रिसर्च ने दिखाया नया रास्ताटी20 क्रिकेट की शुरुआत का श्रेय England and Wales Cricket Board के मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव Stuart Robertson को जाता है। 21वीं सदी की शुरुआत में इंग्लैंड के काउंटी मैचों में दर्शकों की संख्या में करीब 17 प्रतिशत तक गिरावट आ गई थी। इससे क्रिकेट बोर्ड चिंतित हो गया कि आखिर लोग इस खेल से दूर क्यों होते जा रहे हैं। इसी समस्या का समाधान ढूंढने के लिए एक बड़ा मार्केट रिसर्च सर्वे कराया गया, जिस पर करीब ढाई लाख पाउंड खर्च हुए। इस सर्वे ने क्रिकेट की छवि से जुड़ी कई अहम समस्याओं को सामने रखा। समय की कमी बनी बड़ी वजहसर्वे में पता चला कि ज्यादातर मैच ऐसे समय पर खेले जाते थे जब लोग अपने काम में व्यस्त रहते थे। साथ ही मैच इतने लंबे होते थे कि दर्शकों के पास पूरा मुकाबला देखने का समय ही नहीं होता था। उस समय क्रिकेट का सबसे छोटा फॉर्मेट भी लगभग पूरे दिन का समय ले लेता था। वनडे क्रिकेट में शुरुआती 15 ओवर के बाद जब फील्डिंग पाबंदियां हट जाती थीं, तो 45वें ओवर तक बल्लेबाज सिर्फ सिंगल-डबल लेकर स्कोर बढ़ाते थे। इस दौरान खेल काफी नीरस हो जाता था। ऐसे में स्टुअर्ट रॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि इन “मिडिल ओवर्स” को कम कर दिया जाए और मैच को छोटा बनाया जाए। 20 ओवर का नया फॉर्मेट आया सामनेरॉबर्टसन ने सुझाव दिया कि अगर मैच को 20 ओवर का कर दिया जाए तो खेल करीब तीन घंटे में खत्म हो सकता है। इससे लोग शाम को आराम से मैच देख सकेंगे, जब वे अपने काम खत्म कर चुके हों। यह प्रस्ताव काउंटी चेयरमैन के सामने वोटिंग के लिए रखा गया। आखिरकार 11-7 के मत से इस नए फॉर्मेट को मंजूरी मिल गई और इसने पुराने Benson & Hedges Cup की जगह ले ली। 2003 में खेला गया पहला टी20 मैच13 जून 2003 को काउंटी क्रिकेट में पहली बार इस नए फॉर्मेट की शुरुआत हुई। पहला टी20 मुकाबला Hampshire Hawks और Sussex Sharks के बीच खेला गया। यह मैच काफी रोमांचक रहा और हैम्पशायर हॉक्स ने इसे 5 रन से जीत लिया। दर्शकों को यह छोटा और तेज फॉर्मेट इतना पसंद आया कि जल्द ही यह दुनिया भर में लोकप्रिय होने लगा। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टी20 की एंट्रीटी20 क्रिकेट की सफलता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसे अपनाया गया। पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच 17 फरवरी 2005 को Australia national cricket team और New Zealand national cricket team के बीच खेला गया। भारत ने अपना पहला टी20 मुकाबला 1 दिसंबर 2006 को South Africa national cricket team के खिलाफ खेला और 6 विकेट से जीत हासिल की। इसके बाद 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप हुआ, जिसमें भारत चैंपियन बना और इस फॉर्मेट की लोकप्रियता दुनिया भर में फैल गई। स्टार खिलाड़ियों ने बढ़ाई टी20 की चमकटी20 क्रिकेट को लोकप्रिय बनाने में कई दिग्गज खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही। Chris Gayle, Brendon McCullum, Shahid Afridi और AB de Villiers जैसे बल्लेबाजों ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं गेंदबाजी में Lasith Malinga और Dale Steyn जैसे खिलाड़ियों ने भी इस फॉर्मेट को रोमांचक बना दिया। 🇮🇳 आईपीएल ने दी नई पहचानभारत में 2008 में Indian Premier League की शुरुआत ने टी20 क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। इससे पहले 2007 में Indian Cricket League भी चर्चा में रही थी।

नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची का शव उसके अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतक बच्ची के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। खुशियों से भरे घर में अचानक मातम छा गया है और हर कोई इस बात से हैरान है कि इतनी कम उम्र की बच्ची ने आखिर मौत को गले क्यों लगाया। मिली जानकारी के अनुसार मृतक नाबालिग बच्ची अपने पिता के साथ तेंदूखेड़ा में एक किराए के मकान में रहती थी। घटना वाले दिन जब परिजनों ने बच्ची को फंदे से झूलते देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तत्काल मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस की टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी बी.एल. त्यागी ने इस दुखद मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की थी। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है लेकिन पुलिस हर संभावित पहलू पर नजर रख रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्ची ने यह आत्मघाती कदम किस दबाव या परेशानी में उठाया। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घर में कोई सुसाइड नोट मिला है या पिछले कुछ दिनों से बच्ची के व्यवहार में कोई बदलाव देखा गया था। इस घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार किराए के मकान में रहकर अपनी गुजर बसर कर रहा था और किसी को अंदेशा भी नहीं था कि इतनी बड़ी त्रासदी हो जाएगी। पुलिस ने आसपास के लोगों और सहपाठियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि मौत के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और तकनीकी कारणों का खुलासा हो पाएगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और विस्तृत विवेचना जारी है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना कितना अनिवार्य है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने तक पूरे क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं लेकिन आधिकारिक रूप से अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

भारत को पहली टेस्ट जीत दिलाने वाले कप्तान, जिनके नाम पर खेली जाती है विजय हजारे ट्रॉफी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे दिग्गज खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया। उन्हीं महान खिलाड़ियों में से एक थे Vijay Hazare। विजय सैमुअल हजारे को भारत के शुरुआती दौर के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम को मजबूती दी। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए भारतीय घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित वनडे टूर्नामेंट का नाम उनके नाम पर रखा गया है, जिसे आज Vijay Hazare Trophy के नाम से जाना जाता है। सांगली में जन्म, बचपन से ही क्रिकेट का जुनूनविजय हजारे का जन्म 11 मार्च 1915 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। बचपन से ही उन्हें क्रिकेट खेलने का बेहद शौक था। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिन गेंदबाज Clarrie Grimmett से भी कोचिंग लेने का मौका मिला था। उस दौर में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने खेल को निखारा और जल्द ही घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली। फर्स्ट क्लास क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय सफर की शुरुआतविजय हजारे ने 1934-35 में अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर की शुरुआत की। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली। उन्होंने 1946 में इंग्लैंड के खिलाफ लंदन के ऐतिहासिक मैदान Lord’s Cricket Ground पर अपना अंतरराष्ट्रीय टेस्ट डेब्यू किया। उस समय उनकी उम्र 31 साल थी। अपने पहले टेस्ट मैच में उन्होंने दोनों पारियों में 31 और 34 रन बनाकर अपने करियर की ठोस शुरुआत की। कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड किए अपने नामविजय हजारे भारतीय क्रिकेट के शुरुआती रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे। वह भारत की ओर से टेस्ट क्रिकेट में 1000 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बने। इतना ही नहीं, उन्होंने जनवरी 1948 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में खेले गए टेस्ट मैच में दोनों पारियों में शतक लगाकर इतिहास रच दिया। उस मैच में उन्होंने 116 और 145 रन की शानदार पारियां खेलीं। इसके अलावा वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने। यह उपलब्धि उन्होंने जनवरी 1940 में महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए बड़ौदा के खिलाफ हासिल की थी। 🇮🇳 आजाद भारत को दिलाई पहली टेस्ट जीतविजय हजारे सिर्फ एक महान बल्लेबाज ही नहीं बल्कि सफल कप्तान भी थे। उनकी कप्तानी में भारत ने आजाद होने के बाद पहली बार टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल की थी। यह ऐतिहासिक मुकाबला 1952 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया था, जिसमें भारत ने पारी और 8 रन से शानदार जीत दर्ज की थी। यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक मील का पत्थर मानी जाती है। शानदार रहा क्रिकेट करियरविजय हजारे का अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट करियर बेहद शानदार रहा। उन्होंने भारत की ओर से 30 टेस्ट मैच खेले, जिनकी 52 पारियों में 47.65 की औसत से 2,192 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 7 शतक और 9 अर्धशतक निकले। वहीं प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने कुल 238 मैच खेले और 58.38 की शानदार औसत से 18,740 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 60 शतक और 73 अर्धशतक भी जड़े। उस दौर में इतनी बड़ी उपलब्धियां हासिल करना किसी भी बल्लेबाज के लिए बेहद खास माना जाता था। पद्म श्री से हुए सम्मानितभारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान को देखते हुए सरकार ने उन्हें 1960 में Padma Shri से सम्मानित किया। इसके अलावा साल 1996 में उन्हें भारतीय क्रिकेट का सर्वोच्च सम्मान C. K. Nayudu Lifetime Achievement Award भी दिया गया।  उनके नाम पर खेली जाती है विजय हजारे ट्रॉफीभारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को अमर बनाने के लिए 2002-03 में घरेलू वनडे टूर्नामेंट की शुरुआत की गई, जिसका नाम Vijay Hazare Trophy रखा गया। इस टूर्नामेंट में रणजी ट्रॉफी की सभी टीमें हिस्सा लेती हैं और यह भारत के सबसे महत्वपूर्ण घरेलू वनडे टूर्नामेंटों में से एक माना जाता है।

टी20 वर्ल्ड कप जीत पर टीम इंडिया को बड़ा इनाम, बीसीसीआई देगा 131 करोड़ रुपये

नई दिल्ली। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम पर इनामों की बारिश हो गई है। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस शानदार जीत के बाद Board of Control for Cricket in India (बीसीसीआई) ने टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है। बोर्ड ने इस उपलब्धि को भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बताते हुए खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और चयनकर्ताओं को बधाई दी है। पिछली बार से ज्यादा मिला इनामइससे पहले भारत ने साल 2024 में भी टी20 वर्ल्ड कप जीता था, जब टीम की कप्तानी Rohit Sharma के हाथों में थी। उस समय बीसीसीआई ने विजेता टीम को 125 करोड़ रुपये का इनाम दिया था। इस बार बोर्ड ने इनामी राशि में 6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करते हुए 131 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया है और यह इनाम उनकी मेहनत और समर्पण का सम्मान है। सूर्या की कप्तानी में बना इतिहासइस बार भारतीय टीम की कमान Suryakumar Yadav के हाथों में थी। उनकी कप्तानी में भारत ने लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। भारत आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप का खिताब लगातार बरकरार रखने वाला पहला देश बन गया है। इतना ही नहीं, टीम इंडिया तीन बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गई है। फाइनल मैच में भारत का दबदबाफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में New Zealand national cricket team की पूरी टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। भारत ने यह मुकाबला 96 रन से जीतकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन का नमूना पेश किया और पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा। आईसीसी से भी मिली बड़ी पुरस्कार राशिटी20 वर्ल्ड कप जीतने के साथ भारत को International Cricket Council की ओर से भी बड़ी इनामी राशि मिली है। विजेता टीम के रूप में भारत को 2.34 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 21.5 करोड़ रुपये मिले। वहीं उपविजेता न्यूजीलैंड को 1.17 मिलियन डॉलर यानी लगभग 10.75 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।  भारतीय टीम की इस जीत ने क्रिकेट इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है और पूरे देश में जश्न का माहौल बना हुआ है।

स्पाइडर मैन के लीक वर्जन में दिखा बूम माइक और क्रू! जानिए कैसे सामने आ गईं फिल्म की छिपी गलतियां

नई दिल्ली । हॉलीवुड फिल्मों को उनकी बेहतरीन तकनीक और परफेक्ट विजुअल्स के लिए जाना जाता है। बड़े पर्दे पर दर्शकों को जो फिल्म दिखाई देती है उसमें हर फ्रेम बेहद सटीक और साफ नजर आता है। लेकिन इन दिनों साल 2002 में आई मशहूर सुपरहीरो फिल्म Spider Man का एक ऐसा वर्जन चर्चा में है जिसमें बूम माइक और क्रू मेंबर्स तक दिखाई दे रहे हैं। इसने कई फिल्म प्रेमियों को हैरान कर दिया है कि आखिर इतनी बड़ी फिल्म में ऐसी गलतियां कैसे नजर आ सकती हैं। दरअसल यह फिल्म का वह वर्जन है जिसे आम तौर पर दर्शकों के लिए जारी ही नहीं किया जाता। तकनीकी भाषा में इसे ओपन मैट कहा जाता है। यह फिल्म का अनऑफिशियल वर्जन होता है जिसमें कैमरे द्वारा रिकॉर्ड किए गए पूरे फ्रेम को देखा जा सकता है। इस पूरे फ्रेम में कभी कभी शूटिंग के दौरान मौजूद उपकरण बूम माइक या क्रू के हाथ जैसे तत्व भी दिखाई दे जाते हैं जिन्हें असली फिल्म में छिपा दिया जाता है। फिल्म सैम रेमी के निर्देशन में बनी थी और इसमें सुपरहीरो स्पाइडर मैन का किरदार टोबे मागुइरे ने निभाया था। ने निभाया था। यह फिल्म उस समय की सबसे लोकप्रिय सुपरहीरो फिल्मों में गिनी जाती है और इसने दुनिया भर में बड़ी सफलता हासिल की थी। अब सवाल यह उठता है कि जब फिल्म इतनी सावधानी से बनाई जाती है तो ये गलतियां दिखाई कैसे देने लगती हैं। इसका जवाब फिल्म की शूटिंग तकनीक में छिपा है। दरअसल उस दौर में फिल्में अक्सर 35mm फिल्म स्टॉक पर शूट की जाती थीं। कैमरा शूटिंग के दौरान पूरे फ्रेम को कैप्चर करता है जिसमें ऊपर और नीचे का हिस्सा भी शामिल होता है। लेकिन जब यही फुटेज सिनेमाघरों में दिखाई जाती है तो प्रोजेक्टर के सामने एक खास धातु की प्लेट लगाई जाती है जिसे मैट कहा जाता है। यह प्लेट फ्रेम के ऊपर और नीचे के हिस्से को काट देती है जिससे केवल वही हिस्सा दिखाई देता है जिसे निर्देशक दर्शकों को दिखाना चाहता है। इसी वजह से बूम माइक लाइट स्टैंड या क्रू मेंबर्स जैसे तत्व स्क्रीन पर नजर नहीं आते। असल दिलचस्पी तब शुरू होती है जब किसी तरह फिल्म का पूरा स्टॉक फुटेज या अनकट फ्रेम इंटरनेट पर पहुंच जाता है। कई बार फिल्म के दीवाने इन फुटेज को लेकर खुद ही ओपन मैट वर्जन तैयार कर लेते हैं। उनका मानना होता है कि थियेटर में दिखाई देने वाले असली रंग और डिटेल्स डिजिटल रिलीज में कई बार थोड़े फीके पड़ जाते हैं इसलिए वे फिल्म के मूल विजुअल्स को देखने के लिए ऐसे वर्जन तैयार करते हैं। वैसे स्पाइडर मैन ही ऐसी फिल्म नहीं है जिसके साथ ऐसा हुआ हो। दुनिया की कई मशहूर फिल्मों के ओपन मैट वर्जन इंटरनेट पर मिल जाते हैं। हालांकि ये आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किए जाते लेकिन इनके जरिए दर्शक यह समझ सकते हैं कि किसी फिल्म को बड़े पर्दे पर परफेक्ट दिखाने के लिए पर्दे के पीछे कितनी बारीकी से काम किया जाता है।

लखनऊ कॉन्सर्ट में भावुक हुईं सुनिधि चौहान, गाते-गाते छलक पड़े आंसू; फैंस ने खड़े होकर बढ़ाया हौसला

नई दिल्ली । मशहूर प्लेबैक सिंगर सुनिधि चौहान का लखनऊ में हुआ लाइव कॉन्सर्ट उस समय बेहद भावुक पल में बदल गया, जब गाते-गाते उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। यह कॉन्सर्ट उनके चल रहे म्यूजिक टूरआई एम होम इंडिया टूर 2025-26का हिस्सा था, जिसमें वह देश के अलग-अलग शहरों में परफॉर्म कर रही हैं। लखनऊ के कूलब्रीज़ रिसॉर्ट्स में आयोजित इस शो के दौरान सुनिधि का गला काफी खराब था। इसके बावजूद वह मंच पर परफॉर्म कर रही थीं, लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्हें गाना रोककर फैंस से माफी मांगनी पड़ी। अपनी आवाज को लेकर वह इतनी परेशान हो गईं कि मंच पर ही भावुक होकर रो पड़ीं। इस इमोशनल पल के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कॉन्सर्ट के दौरान सुनिधि चमकदार जंपसूट में नजर आ रही थीं और पूरे जोश के साथ परफॉर्म कर रही थीं। लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने अचानक गाना रोक दिया और रुंधी हुई आवाज में दर्शकों से कहा कि उनका गला बहुत खराब है। उन्होंने कहा, “मेरा गला बहुत खराब है, आज मेरी आवाज ठीक नहीं है। लेकिन मुझे पता है कि आप सब मेरे साथ हैं और मैं फिर भी गाने की कोशिश करना चाहती हूं।” इतना कहते-कहते वह भावुक हो गईं। सुनिधि ने बताया कि अपने लंबे करियर में उन्हें शायद ही कभी ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा हो, इसलिए उन्हें यह काफी अजीब और शर्मिंदगी भरा लग रहा था। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और कुछ पल के लिए माहौल बेहद भावुक हो गया। हालांकि इस मुश्किल पल में उनके फैंस ने उनका पूरा साथ दिया। जब सुनिधि ने माफी मांगते हुए कहा, “प्लीज मुझे माफ कर दीजिए, मैं हमेशा अपना 100 प्रतिशत देना चाहती हूं। लेकिन आज शायद मेरी आवाज वैसी नहीं निकले,” तो वहां मौजूद हजारों दर्शकों ने तालियां बजाकर और जोर-जोर से चीयर करके उनका हौसला बढ़ाया। यह नजारा इस बात का प्रमाण था कि फैंस अपने पसंदीदा कलाकार के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहते हैं। खराब तबीयत और गले की तकलीफ के बावजूद सुनिधि ने हार नहीं मानी। उन्होंने थोड़ी देर बाद खुद को संभाला और कॉन्सर्ट जारी रखा। फैंस ने भी पूरे जोश के साथ उनका साथ दिया और हर गाने पर जोरदार प्रतिक्रिया दी। दरअसल, यह लखनऊ शो उनके नेशनल टूर का अहम हिस्सा था। यह टूर पिछले साल 24 दिसंबर 2025 को मुंबई से शुरू हुआ था। इसके बाद वह दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी शानदार परफॉर्मेंस दे चुकी हैं। अब इस म्यूजिक टूर का ग्रैंड फिनाले कोलकाता में होने वाला है। 14 मार्च को एक्वाटिका ग्राउंड में होने वाले इस फाइनल शो को लेकर फैंस बेहद उत्साहित हैं। वहीं उनके चाहने वाले यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि तब तक सुनिधि पूरी तरह स्वस्थ होकर मंच पर पहले की तरह दमदार परफॉर्मेंस देंगी।

टीम इंडिया पर शर्म आती है…,1983 WC टीम का हिस्सा रहे पूर्व क्रिकेटर ने कप्तान सूर्या और ICC अध्यक्ष पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। भारत को टी-20 विश्व कप की ट्रॉफी जीते पूरे-पूरे 24 घंटे भी नहीं बीते हैं और इस पर अब विवाद शुरू हो गया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार को भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब अपने नाम किया। सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम ने यह कारनामा कर कई इतिहास भी रचे। सभी खिलाड़ी जीत के जश्न में मशगूल रहे। इसी सिलसिले में मैच की अगली सुबह भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ अहमदाबाद के हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना करने गए। कप्तान सूर्यकुमार यादव मंदिर ट्रॉफी के साथ गए और पूजा की। भारतीय कप्तान, कोच और आईसीसी अध्यक्ष का इस तरह ट्रॉफी के साथ मंदिर जाना और हनुमान जी की पूजा अर्चना करना पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीमएमसी के लोकसभा सांसद कीर्ति आजाद को रास नहीं आया है। 1983 विश्व कप विनिंग टीम का हिस्सा रहे कीर्ति आजाद ने कप्तान सूर्यकुमार यादव और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह पर सवाल उठाए हैं और इसे भारतीयता के विरुद्ध बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए लिखा, “टीम इंडिया पर शर्म आती है। जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्व कप जीता था, तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे। हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत (हिंदुस्तान) में लाए थे। आखिर भारतीय क्रिकेट ट्रॉफी को क्यों घसीटा जा रहा है? मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं?” उन्होंने संजू के शानदार प्रदर्शन का सहारा लेते हुए कहा कि संजू सैसमन या सिराज ट्रॉफी लेकर मस्जिद या चर्च क्यों नहीं जा सके। यह ट्रॉफी सिर्फ मंदिर के दरवाजों पर क्यों घसीटी जा रही है। उन्होंने लिखा “यह टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है, सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं। सिराज कभी ट्रॉफी को मस्जिद में नहीं ले गए। संजू कभी इसे चर्च में नहीं ले गए। संजू ने टूर्नामेंट में अहम भूमिका निभाई थी और उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया था। यह ट्रॉफी हर धर्म के 140 करोड़ भारतीयों की है, किसी एक धर्म की जीत का जश्न मनाने की जगह नहीं।” 2024 WC जीतने के बाद रोहित भी ट्रॉफी के साथ गए थे मंदिरयह पहली बार नहीं है जब कोई भारतीय कप्तान ट्रॉफी के साथ मंदिर में पूजा करने पहुंचे है। इससे पहले साल 2011 के लंबे इंतजार के बाद 2024 में भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने जब टी-20 विश्व कप का खिताब जीता था, तब बीसीसीआई सचिव जय शाह के साथ, 21 अगस्त, बुधवार को मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे थे। वे दोनों अपने साथ टी20 विश्व कप 2024 की बहुचर्चित ट्रॉफी भी ले गए थे। टी20 विश्व कप में जीत के बाद रोहित और जय शाह ने इस प्रतिष्ठित मंदिर में भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया था। ट्रॉफी भी सिद्धिविनायक मंदिर पहुंची थी, जहां दुनिया भर की हस्तियां दर्शन करने आती हैं। दर्शन के बाद रोहित और जय शाह गुलाबी रंग के शॉल पहने नजर आए थे। तब ट्रॉफी को बाकायदा माला भी पहनाई गई थी।

अल्फा की रिलीज डेट बदली: अब सलमान खान की ‘बैटल ऑफ गलवान’ से नहीं होगा बॉक्स ऑफिस क्लैश

नई दिल्ली । बॉलीवुड में बड़े बजट की फिल्मों के बीच बॉक्स ऑफिस क्लैश से बचने के लिए रिलीज डेट बदलना आम बात है और अब इसी कड़ी में आलिया भट्ट की बहुप्रतीक्षित फिल्म अल्फा की रिलीज डेट एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है। काफी समय से चर्चा थी कि इस फिल्म का सामना सलमान खान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान से हुआ था। से हो सकता है लेकिन अब यह क्लैश टल गया है। दरअसल आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की इस एक्शन एंटरटेनर फिल्म की रिलीज डेट पोस्टपोन कर दी गई है। पहले खबरें थीं कि फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ सकती है या फिर इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जा सकता है। हालांकि अब मेकर्स ने साफ कर दिया है कि फिल्म सीधे सिनेमाघरों में ही रिलीज होगी लेकिन नई तारीख के साथ। अब यह फिल्म 10 जुलाई 2026 को थिएटर्स में दस्तक देगी। फिल्म के निर्माताओं ने सोमवार 9 मार्च को इसके टीजर पोस्टर के साथ नई रिलीज डेट की घोषणा की। पोस्टर में अल्फा का सिंबल दिखाई देता है जिसमें आलिया भट्ट की झलक भी देखने को मिलती है। यह फिल्म एक एक्शन थ्रिलर है और इसमें जबरदस्त एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलेंगे। खास बात यह है कि फिल्म में आलिया भट्ट और शर्वरी वाघ दोनों दमदार एक्शन करती नजर आएंगी। फिल्म में अनिल कपूर और बॉबी देओल भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। दोनों ही कलाकार अपनी मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं और उनके किरदार फिल्म की कहानी को और भी दिलचस्प बनाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि अल्फा की रिलीज डेट पहले भी दो बार बदली जा चुकी है। शुरुआत में इसे क्रिसमस 2025 पर रिलीज करने की योजना बनाई गई थी लेकिन बाद में इसे आगे बढ़ाकर 17 अप्रैल 2026 कर दिया गया। उसी दिन सलमान खान की फिल्म बैटल ऑफ गलवान रिलीज होने वाली थी। ऐसे में माना जा रहा है कि बड़े बॉक्स ऑफिस क्लैश से बचने के लिए मेकर्स ने फिल्म को जुलाई तक टालने का फैसला किया। फिल्म की नई रिलीज डेट की जानकारी खुद आलिया भट्ट ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की। उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा अल्फा 10.07.2026 सिनेमाज में मिलते हैं। उनके इस पोस्ट पर फैंस ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने कमेंट कर लिखा कि उन्हें फिल्म का बेसब्री से इंतजार है वहीं कुछ ने आलिया की तारीफ करते हुए कहा कि वह अक्सर मजबूत और फीमेल सेंट्रिक किरदारों वाली फिल्में चुनती हैं। अगर फिल्म की कहानी की बात करें तो अल्फा दरअसलयशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स का हिस्सा है। इसी यूनिवर्स में पहले टाइगर पठान और वॉर जैसी सफल फिल्में बन चुकी हैं। हाल ही में रिलीज हुई वॉर 2 के पोस्ट क्रेडिट सीन में भी अल्फा की झलक दिखाई गई थी जिससे दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर उत्साह और बढ़ गया है। फिल्म का निर्देशन शिव रवैल कर रहे हैं और इसकी कहानी दो महिला जासूसों के इर्द-गिर्द घूमती है। ऐसे में यह फिल्म एक्शन और स्पाई थ्रिलर के शौकीनों के लिए खास होने वाली है।