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भिंड के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में क्रम्पटन फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड पर बदमाशों ने फायर, हालत गंभीर

भिंड।  मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार रात एक गंभीर वारदात हुई, जब क्रम्पटन फैक्ट्री में तैनात सुरक्षा गार्ड मजीद अली को बदमाशों ने गोली मार दी। घटना रात करीब 1:57 बजे हुई, जब मोटरसाइकिल पर सवार चार अज्ञात बदमाश फैक्ट्री के मुख्य द्वार से घुसे और चोरी करने का प्रयास किया। गार्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने सीधे मजीद अली के सिर में गोली चला दी। गोली लगने के बाद घायल गार्ड को तुरंत फैक्ट्री के अन्य सुरक्षा कर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया। मजीद अली को गंभीर हालत में ग्वालियर के बिरला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। फैक्ट्री प्रबंधन ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। मालनपुर थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, लेकिन अभी तक किसी आरोपी का सुराग नहीं मिला। पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पैट्रोलिंग कर संदिग्धों की तलाश कर रहे हैं। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कुछ समय से चोरी और बदमाशी की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पिछले सप्ताह भी दो गुटों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं। इस बार फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड पर हमला होने से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर दहशत और चिंता फैल गई है। कर्मचारियों और फैक्ट्री प्रबंधन ने पुलिस और प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय लोग चेतावनी दे रहे हैं कि यदि क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए तुरंत कदम नहीं उठाए गए, तो वे सामूहिक रूप से सुरक्षा के लिए कदम उठाएंगे। पुलिस और प्रशासन को आवश्यकतानुसार सीसीटीवी निगरानी, गार्डिंग और पेट्रोलिंग को सख्त करने की दिशा में काम करना होगा। इस घटना ने औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच सुरक्षा की संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है। पुलिस की नजरें अब बदमाशों पर टिकी हैं, और आरोपी जल्द पकड़े जाने की उम्मीद जताई जा रही है। भिंड, मालनपुर, क्रम्पटन फैक्ट्री, मजीद अली, सुरक्षा गार्ड, गोली, बदमाश, औद्योगिक क्षेत्र, चोरी, पुलिस जांच, सीसीटीवी, दहशत, सुरक्षा चिंता, मध्य प्रदेश

Agricultural loans India: देश में 7.72 करोड़ से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड सक्रिय, बकाया लोन 10 लाख करोड़ रुपए से अधिक

   Agricultural loans India: नई दिल्ली। देश में 7.72 करोड़ से ज्यादा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) सक्रिय हैं और इनमें बकाया लोन 10.2 लाख करोड़ रुपए के करीब है। यह जानकारी बुधवार को आधिकारिक फैक्टशीट में दी गई। सरकारी बयान में कहा गया कि केसीसी प्लेटफॉर्म से 457 बैंक जुड़े हुए हैं और इस पर 1,998.7 लाख से ज्यादा क्रेडिट एप्लीकेशन प्रोसेस की गई हैं, जिसमें से 631.5 लाख कमर्शियल बैंकों, 337.2 लाख रीजनल बैंकों और 1,030 लाख एप्लीकेशन कॉरपोरेटिव बैंकों द्वारा प्रोसेस की गई हैं। ये आंकड़े केसीसी के कार्यान्वयन में व्यापक संस्थागत भागीदारी को दर्शाते हैं और कृषि ऋण प्रदान करने में सहकारी बैंकों की केंद्रीय भूमिका को उजागर करते हैं। हालिया सुधारों, जिनमें ऋण सीमा में वृद्धि, संबद्ध क्षेत्रों तक विस्तारित कवरेज और किसान ऋण पोर्टल के माध्यम से डिजिटल एकीकरण शामिल हैं, ने केसीसी की पहुंच और पारदर्शिता में मजबूत सुधार किया है। आंकड़ों पर आधारित निगरानी को सक्षम बनाकर, ऋण प्रक्रिया को तेज करके और पारदर्शी दावा निपटान सुनिश्चित करके, इन उपायों ने कृषि ऋण वितरण की परिचालन दक्षता को मजबूत किया है। सरकार ने संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के तहत फसल ऋण सीमा को 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है और मत्स्य पालन और संबद्ध गतिविधियों के लिए ऋण सीमा को 2 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया है। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत, सीमांत और गैर-सीमांत किसानों के लिए उनकी भूमि जोत के आकार, निवेश क्षमता और आजीविका आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, सावधि ऋण और समग्र ऋण सीमाएं अलग-अलग निर्धारित की गई हैं। भूमि जोत के आकार और फसल पैटर्न जैसे कारकों के आधार पर 10,000 रुपए से 50,000 रुपए तक की लचीली सीमा स्वीकृत की जा सकती है। समग्र केसीसी सीमा पांच साल की अवधि के लिए निर्धारित की जाएगी। किसानों को संस्थागत ऋण से जोड़ने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और उनकी पहुंच में सुधार लाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के तहत कई सुगम उपाय लागू किए गए हैं।

निर्माणाधीन जिला जेल के पास पेड़ से लटका मिला युवक का शव, क्षेत्र में फैली सनसनी

बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब निर्माणाधीन जिला जेल परिसर के पास जंगल में एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस भी तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस के अनुसार यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के कढ़ाई इलाके में स्थित जंगल की है, जहां निर्माणाधीन जिला जेल के पास एक पेड़ पर युवक का शव लटका हुआ पाया गया। स्थानीय लोगों ने जब पेड़ से लटका शव देखा तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आसपास का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृतक की पहचान हर्रावाड़ी निवासी सुनील उर्फ अपाचे लगभग 30 वर्ष के रूप में की गई है। बताया जा रहा है कि सुनील पिछले करीब पांच वर्षों से कढ़ाई क्षेत्र में अपने ससुराल में रह रहा था। वह यहां एक ईंट भट्ठे पर ट्रैक्टर चालक के रूप में काम करता था और मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहा था। घटना के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस आत्महत्या और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है। घटना की खबर फैलते ही मृतक के परिजन और परिचित भी मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की आशंकाएं जता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

भारत का डिजिटल पेमेंट मॉडल दुनिया के विकासशील देशों के लिए बना मिसाल: रिपोर्ट

नई दिल्ली। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने आधुनिक इतिहास में सबसे महत्वाकांक्षी फिनटेक (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी) परिवर्तन में से एक को अंजाम दिया है, जिसकी बदौलत देश आज दुनिया के सबसे उन्नत डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में से एक बन गया है। यह मॉडल अब अन्य विकासशील देशों के लिए भी एक उदाहरण बन रहा है।अजरबैजान स्थित न्यूज डॉट एजेड की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का मॉडल दिखाता है कि सरकारी नीतियां, तकनीकी नवाचार और व्यापक मोबाइल कनेक्टिविटी मिलकर किस तरह एक प्रभावी भुगतान ढांचा तैयार कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति ने वैश्विक स्तर पर काफी ध्यान आकर्षित किया है। अर्थशास्त्री और तकनीकी विशेषज्ञ इसे अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक सफल मॉडल के रूप में अध्ययन कर रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल पहचान प्रणाली, तेजी से बढ़ती मोबाइल कनेक्टिविटी, आधुनिक पेमेंट प्लेटफॉर्म और सरकार की सहायक नीतियों के संयोजन ने दुनिया के सबसे बड़े और कुशल डिजिटल इकोसिस्टम में से एक को जन्म दिया है। रिपोर्ट में सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा गया कि वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और लाखों लोगों को डिजिटल पहचान उपलब्ध कराने वाले सरकारी कार्यक्रमों ने इस व्यवस्था की मजबूत नींव तैयार की। साथ ही सस्ते स्मार्टफोन और तेजी से बढ़ती मोबाइल इंटरनेट सेवाओं ने डिजिटल भुगतान को बड़े पैमाने पर अपनाने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (पीएम-वानी) कार्यक्रम के जरिए सार्वजनिक इंटरनेट सुविधाओं का भी विस्तार हुआ है। फरवरी 2026 तक इस पहल के तहत 4,09,111 वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित किए जा चुके हैं, जिन्हें 207 PDO एग्रीगेटर और 113 ऐप प्रदाता सपोर्ट कर रहे हैं। इसका उद्देश्य खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती और तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इन सभी विकासों ने बड़े स्तर पर डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के लिए जरूरी माहौल तैयार किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल पहचान को बैंकिंग और मोबाइल सेवाओं से जोड़ने से वित्तीय संस्थान उपयोगकर्ताओं की पहचान सुरक्षित तरीके से सत्यापित कर सकते हैं और लेनदेन को तेजी से प्रोसेस कर सकते हैं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने नकदी पर निर्भरता कम करने में भी मदद की है, जिससे वित्तीय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आर्थिक लेनदेन अधिक कुशल हुए हैं। सरकार ने हाल ही में एक बयान में कहा कि जनवरी 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, यूपीआई के जरिए हर महीने लगभग 28.33 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन होते हैं। इस दौरान 21.7 अरब डिजिटल ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए, जो मोबाइल फोन के माध्यम से शून्य लागत पर रियल-टाइम भुगतान की सुविधा देते हैं और शहरों से लेकर गांवों तक तथा हर आय वर्ग में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहे हैं।

चंबल राजघाट में अवैध रेत उत्खनन पर वन विभाग और पुलिस की संयुक्त पेट्रोलिंग, टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा

चंबल । अवैध रेत उत्खनन की लगातार शिकायतों के बीच चंबल के राजघाट क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक पेट्रोलिंग की। टीम का मकसद रेत माफियाओं को रंगे हाथों पकड़ना था, लेकिन मौके पर कोई भी ट्रैक्टर-ट्रॉली या लोडर मशीन नहीं मिली, जिससे टीम को बैरंग लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों और प्रशासनिक शिकायतों के आधार पर वन विभाग और पुलिस ने राजघाट क्षेत्र में छापामार कार्रवाई और पेट्रोलिंग की योजना बनाई थी। हालांकि, पूरी टीम के पहुंचने पर इलाका सुनसान मिला और रेत से जुड़े किसी भी वाहन या गतिविधि के प्रमाण नहीं मिले। माफियाओं को पहले ही मिली भनकदेवरी घड़ियाल सेंचुरी के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान ने बताया कि टीम ने राजघाट और चंबल किनारे पेट्रोलिंग की, लेकिन वहाँ कोई अवैध रेत लदे वाहन या मशीन नहीं मिली। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कार्रवाई की सूचना पहले ही रेत माफियाओं तक पहुंच गई थी, जिसके कारण मौके पर कोई भी वाहन नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए नियमित पेट्रोलिंग और निगरानी जारी रहेगी। हालांकि, इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि माफिया प्रशासन की छापामारी और निगरानी के प्रति सतर्क हैं। प्रशासन की अगली रणनीतिवन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब राजघाट और आसपास के इलाकों में और सघन निगरानी करेगी। अधिकारियों ने कहा कि अगले दौर की कार्रवाई में अवैध रेत लदे वाहनों और मशीनों की त्वरित पहचान के लिए ड्रोन और अन्य तकनीकी साधनों का भी उपयोग किया जाएगा।साथ ही, प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध रेत उत्खनन की सूचना तुरंत पुलिस या वन विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

GWALIOR DEATH CASE: ट्रांसपोर्ट नगर में युवक की संदिग्ध मौत, शव के पास मिला जहर और खाली गिलास

GWALIOR DEATH CASE

HIGHLIGHTS: ग्वालियर के बहोड़ापुर क्षेत्र में युवक का अर्धनग्न शव मिला शव के पास से जहर की पुड़िया और खाली गिलास बरामद मृतक की उम्र लगभग 28–30 वर्ष के बीच बताई जा रही अभी तक युवक की पहचान नहीं हो सकी पुलिस आसपास के CCTV फुटेज की जांच कर रही है GWALIOR DEATH CASE: मध्य प्रदेश। ग्वालियर में बुधवार सुबह एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से हड़कंप मच गया। बता दें कि मामला बहोड़ापुर थाना क्षेत्र का है, जहां ट्रांसपोर्ट नगर स्थित एक कलारी के पास गुमटी के नीचे युवक का अर्धनग्न शव पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने शव देख तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। खंडवा में आग का कहर: 6 मकान जलकर खाक, 20 बकरियां जिंदा जलीं शव के पास मिली जहर की पुड़िया और खाली गिलास पुलिस को घटनास्थल से एक जहर की पुड़िया और खाली गिलास बरामद हुआ है। मृतक की उम्र लगभग 28 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। हालांकि अभी तक युवक की पहचान नहीं हो सकी है, क्योंकि उसके पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिला। बॉक्स ऑफिस पर The Kerala Story 2 का रहा अच्छा प्रदर्शन, जानिए कलेक्शन रिपोर्ट प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि युवक नशे का आदी हो सकता है और उसने शराब में जहर मिलाकर पी लिया हो। हालांकि यह केवल शुरुआती अनुमान है और वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही शहर के विभिन्न थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि मृतक की पहचान की जा सके। Share Market: शेयर बाजार के लड़खड़ाए कदम, 435 अंक गिरा Sensex; Nifty भी 110 अंक नीचे थाना प्रभारी आलोक परिहार के अनुसार, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले युवक के साथ कौन था और वह यहां कैसे पहुंचा। फिलहाल पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है।

मुलताई पुलिस की त्वरित कार्रवाई बहला फुसलाकर ले जाई गई नाबालिग बालिका सकुशल बरामद

बैतूल मध्यप्रदेश । बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में बहला-फुसलाकर ले जाई गई एक नाबालिग बालिका को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बरामद कर लिया। बालिका के सुरक्षित मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली है। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए बालिका की तलाश शुरू की थी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आठ मार्च को एक महिला ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी छह मार्च की सुबह करीब दस बजे घर से निकली थी लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर तक बेटी के घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद चिंतित मां ने पुलिस थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिला ने पुलिस को दी गई शिकायत में आशंका जताई थी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुलताई थाना पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बालिका की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कीं और संभावित स्थानों पर खोजबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की और तकनीकी माध्यमों की मदद से भी सुराग जुटाए। पुलिस की सतत प्रयासों और त्वरित कार्रवाई के चलते बालिका का पता लगाने में सफलता मिली। पुलिस टीम ने बालिका को सकुशल बरामद कर लिया और उसे सुरक्षित थाना लाया गया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बेटी के सुरक्षित मिलने से परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। परिजनों का कहना था कि पुलिस ने समय पर कार्रवाई कर उनकी बड़ी चिंता दूर कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लिया जाता है और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करना प्राथमिकता होती है। इस मामले में भी शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और कम समय में बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि बालिका को किस परिस्थिति में और किसके द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाया गया था। यदि इस घटना में किसी व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुलताई थाना पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में सराहना मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की तत्परता के कारण एक नाबालिग बालिका सुरक्षित अपने घर पहुंच सकी जो कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।

बोल्ड सीन करके मिली पहचान, फिल्मों से ज्यादा विवादों में रहा इस एक्ट्रेस का नाम

नई दिल्ली। फिल्म जगत में बोल्डनेस और सादगी दोनों ही काफी हद तक देखने को मिलती है। आज हम बात कर रहे हैं पूनम पांडे की जो अपना आज जन्मदिन मना रही हैं। उनके इस खास दिन पर उनके कुछ किस्से और कुछ उनसे जुड़े विवादों के बारे में आपको बताएंगे जिससे उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी और फिल्मों से ज्यादा उनका नाम विवाद के कारण बन गया। इस प्रकार शुरू किया फिल्मी करियरपूनम ने मॉडलिंग से अपने करियर की शुरुआत की थी। उन्हें मॉडलिंग जगत में पहचान साल 2011 में कैलेंडर गर्ल्स की मॉडल के तौर पर मिली थी। इसके बाद से पूनम एक सफल मॉडल के तौर पर जानी जाती थी। इसके बाद उन्हें कई फिल्मों में भी देखा गया। अभिनेत्री ने साल 2013 में फिल्म ‘नशा’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. इसके बाद वह द जर्नी ऑफ कर्मा, मालिनी एंड कंपनी और दिल बोले हडिप्पा आदि फिल्मों में भी नजर आईं। उन्होंने छोटे पर्दे पर मेरी आशिकी तुमसे ही, नादानियां और फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी आदि शो भी किए।पूनम छोटे पर्दे से लेकर बड़े पर्दे तक पर काम कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिली।हालांकि, वह अपने बेतुके बयानों की वजह से चर्चा में ज्यादा रहीं। वर्ल्ड कप 2011 में विवाद से मिली सुर्खियांपूनम साल 2011 के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा में रहीं। दरअसल, उस साल वर्ल्ड कप हो रहा था और पूनम ने ऐलान कर दिया था कि अगर टीम इंडिया खिताब जीतती हैं तो वह अपनी खास तस्वीरें शेयर करेंगी। बाथरूम डांस वीडियोपूनम उस समय भी सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने अपना बाथरूम डांस वीडियो यूट्यूब पर खुद ही रिलीज कर दिया था। इसमें वह बाथरूम में डांस कर रही थीं। इस वीडियो के बाद पूनम काफी विवादों में फंस गई थीं। मौत का नाटकफरवरी 2024 में, पूनम पांडे के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक चौंकाने वाली घोषणा पोस्ट की थी जिसमें बताया गया था कि उनकी सर्वाइकल कैंसर से मृत्यु हो गई है। हालांकि, एक दिन बाद, पूनम ने खुलासा किया था कि वह ठीक हैं और यह घोषणा सर्वाइकल कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए था। इस तरह उनके कई सारे किस्से हैं जिसके कारण वो सुर्खियों में बनी रहती हैं।

बैतूल जिला अस्पताल में बनेगा आधुनिक मर्चुरी भवन, बढ़ेंगी शवों की सुरक्षित व्यवस्था

बैतूल / मध्यप्रदेश । बैतूल जिला अस्पताल में जल्द ही नया और आधुनिक मर्चुरी भवन बनने जा रहा है। वर्तमान मर्चुरी भवन लगभग 20 वर्ष पुराना हो चुका है और जर्जर अवस्था में होने के कारण कर्मचारियों और परिजनों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने लंबे समय से इस स्थिति को सुधारने की आवश्यकता जताई थी। अधिकारिक जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में अस्पताल परिसर का दौरा किया और नया मर्चुरी भवन बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल अधिकारियों से कहा कि न सिर्फ भवन आधुनिक होना चाहिए बल्कि इसमें शवों को सुरक्षित रखने की पर्याप्त व्यवस्था भी होनी चाहिए। वर्तमान में जिला अस्पताल में केवल दो फ्रीजर हैं जिनमें प्रत्येक में दो-दो शव रखने की क्षमता है। इसका मतलब है कि एक समय में कुल चार शव ही सुरक्षित रखे जा सकते हैं। हालांकि अस्पताल में हर महीने औसतन लगभग 50 पोस्टमार्टम किए जाते हैं और कई बार एक ही दिन में पांच से छह पोस्टमार्टम की स्थिति बन जाती है। ऐसी स्थिति में वर्तमान फ्रीजर व्यवस्था अपर्याप्त साबित होती है और शवों को सुरक्षित रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि पुराने मर्चुरी भवन में जगह की कमी और फ्रीजर की सीमित संख्या के कारण काम में परेशानी होती है और परिजनों को भी असुविधा होती है। नया मर्चुरी भवन न केवल आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा बल्कि इसमें अधिक फ्रीजर और शवों को सुरक्षित रखने के पर्याप्त स्थान की व्यवस्था भी की जाएगी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक नया भवन तैयार होने के बाद पोस्टमार्टम कार्य और शवों के रखरखाव में काफी सुधार आएगा। इस कदम से न केवल कर्मचारियों के कामकाज में सुविधा बढ़ेगी बल्कि परिजनों को भी बेहतर और सम्मानजनक सुविधा मिलेगी। विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सुधार करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में आधुनिक मर्चुरी भवन का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे न सिर्फ अस्पताल की कार्यप्रणाली में सुधार होगा बल्कि शवों को सुरक्षित और सम्मानजनक ढंग से रखा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी नहीं होने के निर्देश भी दिए। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि मर्चुरी भवन के निर्माण के लिए जल्द ही आवश्यक वित्तीय और निर्माण संबंधी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद अस्पताल की मर्चुरी और पोस्टमार्टम व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिलेगा और यह क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।

पिपरिया: शांतिवन डंपिंग यार्ड का धुआं दो वार्डों में बना स्वास्थ्य संकट

पिपरिया। शांतिवन डंपिंग यार्ड से उठने वाला धुआं राजेंद्र वार्ड और महाराणा प्रताप वार्ड के निवासियों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गया है। साड़िया रोड स्थित इस यार्ड में वर्षों से नगर का ठोस कचरा डंप किया जा रहा है, और खुले में पड़े कचरे में आग लगने से जहरीला धुआं निकल रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट जलने से हवा प्रदूषित हो रही है, जिससे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। बच्चों में लगातार खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। वार्डवासियों की मांगनिवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि,खुले में कचरा जलाने पर तुरंत रोक लगाई जाए।वैज्ञानिक निस्तारण व्यवस्था लागू की जाए।प्रभावित लोगों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं।सौंदर्यीकरण योजनाओं से पहले स्वच्छ हवा और सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जाए। स्थायी समाधान की तैयारीमुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आरपी नायक ने बताया कि आग को बुझा दिया गया है और डंप कचरे के किनारे पानी की नली लगाई गई है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जमाडा में चार एकड़ जमीन लेने की प्रक्रिया चल रही है, जहां शांतिवन का कचरा शिफ्ट किया जाएगा।कचरे के निष्पादन के लिए मशीन भी मंगवाई गई है। सीएमओ ने आश्वासन दिया कि जल्द ही नागरिकों को इस समस्या से राहत मिलेगी।  वार्डवासियों की चेतावनीनिवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे चरणबद्ध शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे और कचरा गाड़ियों को शांतिवन में प्रवेश करने से रोकेंगे।