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स्वराज्य ही उनके लिए सर्वस्‍व था : छत्रपति संभाजी महाराज

-डॉ. मयंक चतुर्वेदी भारतीय इतिहास के पन्नों को जब भी पलटा जाएगा, तब वीरता, संघर्ष और स्वराज्य की रक्षा के प्रेरणापुंज छत्रपति संभाजी महाराज का नाम अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाएगा। उनका संपूर्ण जीवन अदम्य साहस, अटूट आत्मसम्मान और धर्म तथा स्वराज्य के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरक गाथा है। 11 मार्च 1689 का दिन भारतीय इतिहास में उस अमर क्षण के रूप में अंकित है, जब ‘स्वराज्य’ के इस महान रक्षक ने औरंगजेब की इस्‍लामिक जिहादी क्रूर यातनाओं के सामने झुकने की बजाय अपने प्राणों का बलिदान देना ही उचित माना। यही कारण है कि उन्हें भारत के राष्‍ट्रीय चेतना के हिन्‍दू-सनातन भाव भरे इतिहास में स्वराज्य रक्षक के रूप में स्मरण किया जाता है। छत्रपति संभाजी महाराज का जन्म 14 मई 1657 को पुरंदर किले में हुआ था। उनकी माता साईबाई थीं, जो छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रथम पत्नी थीं। दुर्भाग्य से संभाजी महाराज की माता का निधन तब हो गया जब वे मात्र दो वर्ष के थे। इसके बाद उनका पालन-पोषण उनकी दादी वीरमाता जीजाबाई ने किया। जीजाबाई ने बचपन से ही उनमें धर्म, साहस, स्वाभिमान और स्वराज्य की रक्षा के संस्कार भर दिए। यही संस्कार आगे चलकर उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी शक्ति बने। प्रसिद्ध इतिहासकार जदुनाथ सरकार अपनी पुस्तक ‘शिवाजी एंड हिज टाइम्स’ में लिखते हैं, “शिवाजी की पहली पत्नी साईबाई से 14 मई 1657 को उनके ज्येष्ठ पुत्र संभाजी का जन्म हुआ।” (पृष्ठ 64) यह दिन उस महान व्यक्तित्व की शुरुआत है जिसने आगे चलकर मराठा साम्राज्य की रक्षा में अद्वितीय भूमिका निभाई। संभाजी महाराज बचपन से ही अत्यंत तेजस्वी, साहसी और बुद्धिमान थे। मात्र नौ वर्ष की आयु में उन्हें 1665 की पुरंदर संधि के बाद मुगलों के पास राजनीतिक बंधक के रूप में भेजा गया। वहाँ उन्हें आमेर के राजा जयसिंह प्रथम के साथ रहना पड़ा। मुगल दरबार की राजनीति, कूटनीति और शक्ति के स्वरूप को उन्होंने बहुत निकट से देखा। यह अनुभव उनके जीवन का पहला राजनीतिक पाठ था, जिसने उनके व्यक्तित्व को और अधिक दृढ़ बना दिया। इतिहासकार स्टुअर्ट गॉर्डन ‘द मराठाज 1600–1818’ पुस्तक में लिखते हैं कि “बचपन में ही संभाजी ने असाधारण बुद्धिमत्ता और साहस का परिचय दिया, जिसने आगे चलकर उनके नेतृत्व को आकार दिया।”(पृष्ठ 88)। वस्‍तुत: 1680 में छत्रपति शिवाजी महाराज के निधन के बाद मराठा साम्राज्य में उत्तराधिकार को लेकर संकट उत्पन्न हो गया। शिवाजी महाराज की दूसरी पत्नी सोयराबाई अपने पुत्र राजाराम को सिंहासन पर बैठाना चाहती थीं। इससे राज्य में राजनीतिक संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो गई। लगभग नौ महीनों तक चली इस स्थिति के बाद सेनापति हम्बीरराव मोहिते और अन्य प्रमुख मराठा सरदारों के समर्थन से 1681 में संभाजी महाराज का राज्याभिषेक हुआ और वे मराठा साम्राज्य के छत्रपति बने। इसका विस्‍तारित उल्‍लेख इतिहासकार गोविंद सखाराम सरदेसाई ने पुस्तक ‘न्यू हिस्ट्री ऑफ द मराठाज खंड 1’ में बहुत विस्‍तार से किया है, उनका कहना हैकि “संक्षिप्त संघर्ष के बाद 1681 में संभाजी ने प्रमुख मराठा सरदारों के समर्थन से सिंहासन ग्रहण किया।”(पृष्ठ 322)। छत्रपति बनने के बाद संभाजी महाराज ने अपने पिता की स्थापित हिंदवी स्वराज्य की परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने प्रशासन को सुदृढ़ किया, योग्य अधिकारियों की नियुक्ति की और आठ मंत्रियों की परिषद को सक्रिय बनाए रखा। उन्होंने न्याय व्यवस्था को मजबूत किया और प्रजा के कल्याण को सर्वोपरि माना। उनके शासन में अनुशासन, संगठन और प्रशासनिक क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिलता है। संभाजी महाराज एक महान योद्धा होने के साथ ही विद्वान और साहित्यप्रेमी भी थे। उन्हें संस्कृत और मराठी भाषा का गहन ज्ञान था। उन्होंने बुधभूषण, नायिकाभेद और सतशतक जैसी साहित्यिक रचनाएँ भी कीं। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे युद्ध के साथ-साथ संस्कृति और ज्ञान के भी संरक्षक थे। इतिहासकार कमल गोखले अपनी पुस्तक ‘संभाजी’ में उनके इस व्‍यक्‍तित्‍व के गुण पर गहराई से प्रकाश डाला है, वे लिखती हैं, “लगातार युद्धों के बावजूद संभाजी ने साहित्य और विद्वता को प्रोत्साहित किया और स्वयं संस्कृत ग्रंथों की रचना की।”(पृष्ठ 145)। दूसरी ओर यह भी उनके जीवन का बड़ा सत्‍य है कि संभाजी महाराज का अधिकांश शासनकाल युद्धों में बीता। मुगल सम्राट औरंगजेब इस्‍लाम की जिहादी मानसिकता की पराकाष्‍ठा तक भरा हुआ था, उसे हिन्‍दू एक आंख नहीं सुहाते थे, ऐसे में वो हिन्‍दवी स्‍वराज्‍य को कैसे स्‍वीकार्य कर सकता था, वो मराठा साम्राज्य को समाप्त करना चाहता था। इसी उद्देश्य से वह स्वयं विशाल सेना लेकर दक्षिण भारत आ गया। 1682 से 1688 तक संभाजी महाराज ने मुगलों, पुर्तगालियों और अन्य शत्रुओं के विरुद्ध लगातार युद्ध किए। उन्होंने अपने पिता शिवाजी महाराज की गुरिल्ला युद्ध नीति को अपनाया। इस युद्ध नीति में अचानक आक्रमण करना, घात लगाकर हमला करना और तुरंत पीछे हट जाना शामिल था। इस रणनीति के कारण मुगलों की विशाल सेना भी मराठों के सामने कई बार असहाय हो जाती थी। इतिहासकार जदुनाथ सरकार शिवाजी महाराज की गुरिल्ला युद्ध नीति पर विस्‍तार से लिखते हैं, और अपनी पुस्‍तक में संभाजी द्वारा इसके उपयोग पर गहराई से बात करते हैं, वे कहते हैं- “संभाजी ने शिवाजी की गुरिल्ला युद्ध नीति को आगे बढ़ाया और औरंगजेब का अत्यंत दृढ़ता से प्रतिरोध किया।”(जदुनाथ सरकार, हिस्ट्री ऑफ औरंगजेब, खंड 5, पृष्ठ 231)। हालाँकि 1687 में वाई के युद्ध में मराठा सेना के महान सेनापति हम्बीरराव मोहिते वीरगति को प्राप्त हो गए। इससे मराठा सेना का मनोबल प्रभावित हुआ और परिस्थितियाँ धीरे-धीरे कठिन होती गईं। अंततः 1 फरवरी 1689 को संगमेश्वर में शिरके कबीले के कुछ लोगों के विश्वासघात के कारण मुगल सेनापति मुकर्रब खान ने संभाजी महाराज को बंदी बना लिया। उनके साथ उनके प्रिय मित्र और विद्वान कवि कलश भी बंदी बनाए गए। संभाजी महाराज को औरंगजेब के सामने प्रस्तुत किया गया। औरंगजेब ने कई दिनों तक उन्हें अमानवीय यातनाएँ दीं और इस्लाम स्वीकार करने के लिए दबाव डाला। लेकिन संभाजी महाराज अपने धर्म, स्वाभिमान और स्वराज्य के आदर्शों से तनिक भी विचलित नहीं हुए। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। इतिहासकार सरदेसाई इस प्रसंग का वर्णन कुछ इस तरह से करते हैं, “अत्यंत कठोर यातनाओं के बावजूद संभाजी ने औरंगजेब के सामने झुकने से इंकार कर दिया।” उन्‍हें भयंकर प्रताड़नाएं दी गईं, कई दिन भूखा रखा गया, शरीर का रोम-रोम अलग कर दिया गया, किंतु स्‍वधर्म की

बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की बेटी का दुखद निधन

भोपाल । भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल की सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल का आज बुधवार को दुखद निधन हो गया है। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है। सुरभि खंडेलवाल के निधन से क्षेत्र में गहरा दुख व्याप्त है। उनकी अंतिम यात्रा आज शाम 5:00 बजे उनके निज निवास बैतूल गंज से कोठी बाजार मोक्ष धाम के लिए रवाना होगी। अंतिम संस्कार कोठी बाजार मोक्ष धाम में किया जाएगा। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। सामाजिक संगठनों ने भी परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।

ASHOKNAGAR ACCIDENT: अशोकनगर में विधानसभा अध्यक्ष के काफिले का एक्सीडेंट: गिट्टी के ढेर से अनियंत्रित होकर टकराईं दो गाड़ियां

ASHOKNAGAR ACCIDENT

HIGHLIGHTS: अशोकनगर-देहरदा रोड पर विधानसभा अध्यक्ष के काफिले का हादसा निर्माणाधीन सड़क पर गिट्टी के ढेर से अनियंत्रित हुई गाड़ी काफिले की दो गाड़ियां आपस में टकराईं एएसआई और पीएसओ को चोट, अस्पताल में कराया इलाज विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर पूरी तरह सुरक्षित ASHOKNAGAR ACCIDENT: अशोकनगर। जिले में मंगलवार शाम विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के काफिले की दो गाड़ियां आपस में टकरा गईं। यह हादसा अशोकनगर-देहरदा मार्ग पर जंघार गांव के पास हुआ। निर्माणाधीन सड़क के किनारे पड़े गिट्टी के ढेर से गाड़ी अनियंत्रित हो गई, जिसके कारण यह टक्कर हुई। सीएम डॉ. मोहन यादव आज हटा में महिला सम्मेलन में शामिल, करोड़ों के विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन और लोकार्पण गिट्टी के ढेर से अनियंत्रित हुई गाड़ी जानकारी के अनुसार काफिला ईसागढ़ से देहरदा मार्ग की ओर बढ़ रहा था। रास्ते में सड़क निर्माण का काम चल रहा था। इसी दौरान काफिले में पीछे चल रही पीएसओ (PSO) की गाड़ी सड़क किनारे पड़े गिट्टी के ढेर से टकराकर अचानक रुक गई। इसके पीछे चल रही फॉलो गाड़ी भी ब्रेक नहीं लगा पाई और आगे वाली गाड़ी से जा भिड़ी। शानदार बयान! आफरीदी ने टीम इंडिया को लेकर कहा कुछ ऐसा, जो बन गया चर्चा का विषय एएसआई और पीएसओ घायल हादसे में एएसआई प्रकाश बुनकर और पीएसओ को चोटें आई हैं। दोनों को इलाज के लिए ईसागढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अमेरिका ने भारत को दी 30 दिन की रूसी तेल खरीदने की छूट, कहा मुश्किल समय में जिम्मेदार साथी श्रद्धांजलि कार्यक्रम से लौट रहा था काफिला घटना उस समय हुई जब विधानसभा अध्यक्ष का काफिला महुअन गांव से वापस लौट रहा था। अध्यक्ष नरेंद्र सिंह महुअन गांव में पूर्व विधायक स्वर्गीय राव राजकुमार सिंह यादव को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। विधानसभा अध्यक्ष सुरक्षित हादसे के समय विधानसभा अध्यक्ष जिस मुख्य गाड़ी में सवार थे, वह काफिले में सबसे आगे चल रही थी और दुर्घटना स्थल से पहले ही आगे निकल चुकी थी। इसलिए वह पूरी तरह सुरक्षित रहे। हालांकि टक्कर में पीएसओ और फॉलो वाहन के अगले हिस्से को नुकसान पहुंचा है।

सीएम डॉ. मोहन यादव आज हटा में महिला सम्मेलन में शामिल, करोड़ों के विकास कार्यों का करेंगे भूमिपूजन और लोकार्पण

दमोह । दमोह जिले की हटा विधानसभा क्षेत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंच रहे हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन में स्व सहायता समूह और लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगी। मुख्यमंत्री सबसे पहले दूल्हा देव शिव मंदिर में दर्शन करेंगे और उसके बाद सभा स्थल पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेंगे। कलेक्टरसुधीर कुमार कोचरने बताया कि इस मौके पर हटा विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया जाएगा। प्रमुख विकास कार्यों में मड़ियादो से रजपुरा मार्ग का निर्माण 48.89 करोड़ रुपए मड़ियादो से बर्धा किशनगढ़ मार्ग 74.44 करोड़ रुपए और एनडीबी योजना के तहत हटा से गैसाबाद सिमरिया मार्ग एसएच 55 के शोल्डर उन्नयन एवं चौड़ीकरण का कार्य 231.97 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके अतिरिक्त हटा से पटेरा कुम्हारी मार्ग के शहरी हिस्से में 4 लेन चौड़ीकरण 5.11 करोड़ रुपए हटा शहर में रेस्ट हाउस के पास दुधिया नाले पर पुल निर्माण 8.44 करोड़ रुपए हटा ब्लॉक अंतर्गत हिनौता मुराछ पाली मार्ग पर सुनार नदी पर पुल निर्माण 13.26 करोड़ रुपए और जिरौध सिमरी मार्ग में व्यारमा नदी पर पुल निर्माण 6.87 करोड़ रुपए का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा। कलेक्टर कोचर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्यक्रम की तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसमें संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी सागर कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग सागर अधीक्षण यंत्री मध्यप्रदेश विद्युत कंपनी दमोह कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग दमोह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी हटा शामिल हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन स्थानीय जनता और हितग्राही महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगा। इससे हटा विधानसभा क्षेत्र में सड़क पुल और शहरी बुनियादी ढांचे का कायाकल्प होगा और महिला सशक्तिकरण को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

शानदार बयान! आफरीदी ने टीम इंडिया को लेकर कहा कुछ ऐसा, जो बन गया चर्चा का विषय

नई दिल्ली। भारत ने टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतकर क्रिकेट से सबसे छोटे फॉर्मेट में अपनी बादशाहत कायम कर ली है। भारतीय फैंस की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। क्रिकेट के गलियारों में केवल टीम इंडिया की ही धूम हैं। यहां तक की पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शाहिद आफरीदी भी टीम इंडिया की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने भारत की जीत का सबसे बड़ा कारण टीम की मजबूत बेंच स्ट्रेंथ को बताया है। शाहिद आफरीदी ने टीम इंडिया की तारीफ कीपाकिस्तान के पूर्व कप्तान शाहिद आफरीदी ने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने टीम इंडिया की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने चैंपियन की तरह खेल दिखाया है। टीम का संतुलन बेहद शानदार था और टीम इंडिया की जीत में सबसे बड़ी वजह रही। ईशान और बुमराह की शान में भी पढ़े कसीदेशाहिद आफरीदी ने भारतीय बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाजों ने शानदार खेल दिखाया है और टीम की जीत में मजबूत स्तंभ साबित हुए हैं। गेंदबाजी की बात करते हुए अफरीदी ने जसप्रीत बुमराह को भारतीय टीम की गेंदबाजी की रीढ़ बताया है। उनके मुताबिक बुमराह नई गेंद, पुरानी गेंद और डेथ ओवर – हर परिस्थिति में शानदार गेंदबाजी करते हैं और दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में शामिल हैं। बता दें कि टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप में अपना लोहा मनवाया है। सुपर 8 के मुकाबले में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार को नजरअंदाज कर दें तो टीम इंडिया ने लगातार जीत का सिलसिल बनाए रखा है। जबकि बात करें फाइनल की तो उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 96 रनों से जीत दर्ज कर विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया।

अमेरिका ने भारत को दी 30 दिन की रूसी तेल खरीदने की छूट, कहा मुश्किल समय में जिम्मेदार साथी

नई दिल्ली । पश्चिमी एशिया में ईरान और इजराइल के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट पैदा कर दिया है। इस समय अमेरिकी प्रशासन ने भारत के लिए एक राहत भरा फैसला लिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लैविट ने मंगलवार को घोषणा की कि भारत को 30 दिनों के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति दी गई है। कैरोलाइन लैविट ने बताया कि भारत एक भरोसेमंद सहयोगी रहा है और मुश्किल समय में हमेशा जिम्मेदारी से कदम उठाता है। इस शॉर्ट टर्म फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध के कारण बढ़ती वैश्विक तेल कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर न डालें। व्हाइट हाउस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस छूट से रूस को कोई बड़ा आर्थिक लाभ नहीं होगा क्योंकि यह तेल पहले से समुद्र में मौजूद जहाजों में था। नेशनल सिक्योरिटी टीम और ट्रेजरी सेक्रेटरी की जांच के बाद ही यह निर्णय भारत की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया। 28 फरवरी से बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज की खाड़ी में युद्ध की घटनाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं। ऐसे कठिन दौर में अमेरिका का यह कदम भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और घरेलू तेल आपूर्ति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय वैश्विक तेल संकट और तेल निर्यातकों की बदलती स्थिति के बीच भारत के लिए समयबद्ध राहत साबित होगा। भारत ने पहले रूसी तेल की खरीद पर रोक लगाई थी लेकिन यह छूट अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति संकट के मद्देनजर अस्थायी उपाय के रूप में दी गई है।

आज OTT पर लगेगा क्राइम पॉलीटिकल फिल्मों का ड्रामा, जानिए रिलीज होगी कौन सी फिल्म और सीरीज?

नई दिल्ली । ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर महीने एक से बढ़कर एक फिल्म और सीरीज रिलीज होती रहती हैं जिसे देखकर दर्शक ने काफी उत्सुकता दिखाई हैं। आपको बता दें कि, आप घर बैठे ही इनका आनंद ले सकते हैं। वहीं इस हफ्ते यानी आज से ही फिल्म और सीरीज का सिलसिला जारी होने वाला है। तो चलिए जानते हैं आज ओटीटी पर आप क्या देख सकते हैं। रिलीज होगी तीन फिल्मेंआज 11 मार्च को तीन फिल्में और सीरीज रिलीज हो रही हैं।एक फिल्म में नाना पाटेकर हैं, और फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके ट्रेलर की काफी तारीफ हुई है। सीरीज संकल्पआज 11 मार्च को रिलीज हो रही फिल्म संकल्प में नाना पाटेकर हैं। वो इस सोशियो-पॉलिटिकल थ्रिलर में एक दमदार रोल में हैं। आप इसे MX प्लेयर पर देख सकते हैं। सीरीज का ट्रेलर रिलीज हो गया है। प्रकाश झा के डायरेक्शन में बनी इस सीरीज से नाना पाटेकर अपना OTT डेब्यू कर रहे हैं। फैंस ने ट्रेलर को खूब पसंद किया है। इसमें संजय कपूर, मोहम्मद जीशान अय्यूब, नीरज काबी, कुब्रा सैत और क्रांति प्रकाश झा लीड रोल में हैं। ज़ूटोपिया 2ज़ूटोपिया 2 एक फैमिली कॉमेडी फिल्म है। यह एक एनिमेटेड फिल्म है। इसे वॉल्ट डिज़्नी एनिमेशन स्टूडियो ने प्रोड्यूस किया है और जेरेड बुश और बायरन हॉवर्ड ने डायरेक्ट किया है।पहला पार्ट 2016 में रिलीज़ हुआ था। अब आप इसे 11 मार्च को OTT प्लेटफॉर्म पर देख सकते हैं। यह 11 मार्च को डिज़्नी प्लस पर और 13 मार्च को हॉटस्टार पर मिलेगा। इसे हिंदी, तमिल और तेलुगु में भी डब किया गया है। स्कारपेटा S1यह एक थ्रिलर सीरीज़ है। आप इसे अमेज़न प्राइम पर देख सकते हैं। इसमें आठ एपिसोड हैं। यह मशहूर लेखिका पेट्रीसिया कॉर्नवेल की बेस्ट-सेलिंग के स्कारपेटा नॉवेल सीरीज़ पर आधारित है। कहानी दो टाइमलाइन में आगे बढ़ती है। यह सीरीज भी आज 11 मार्च को ही दस्तक देने जा रही हैं।

थाईलैंड में एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट की लैंडिंग में हादसा, 133 यात्री सुरक्षित

नई दिल्ली। फुकेट, थाईलैंड: एअर इंडिया एक्सप्रेस की हैदराबाद-फुकेट फ्लाइट AXB938 बुधवार दोपहर लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गई। विमान के नोज लैंडिंग गियर (आगे का पहिया) टूट गया और पहिया रनवे पर अलग हो गया। फ्लाइट में 133 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे। हालांकि किसी को चोट नहीं आई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना का विवरणफ्लाइट का निर्धारित लैंडिंग समय सुबह 11:40 था, लेकिन विमान 11:24 बजे रनवे पर उतरा। प्रारंभिक जांच के अनुसार, विमान की लैंडिंग तेज थी, जिसके कारण नोज लैंडिंग गियर को नुकसान पहुंचा और विमान रनवे से तुरंत हटा नहीं सकता। रनवे पर अस्थायी बंदइस घटना के कारण फुकेट इंटरनेशनल एयरपोर्ट का रनवे दोपहर 12:08 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहा। एयरपोर्ट प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने तुरंत स्थिति संभाली और सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया। एयरलाइन का बयानएअर इंडिया एक्सप्रेस ने पुष्टि की कि 11 मार्च को हैदराबाद-फुकेट फ्लाइट में नोज व्हील में दिक्कत आई थी। नोज व्हील विमान के लैंडिंग गियर का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यात्रियों के लिए सूचनाएयरपोर्ट प्रशासन ने प्रभावित यात्रियों से कहा कि वे अपनी फ्लाइट की स्थिति और यात्रा से जुड़ी जानकारी एयरलाइन से पहले जांच लें, ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके। निष्कर्ष: हादसा गंभीर दिखने के बावजूद सभी यात्री सुरक्षित हैं। विमान का लैंडिंग गियर टूटना विमानन सुरक्षा जांच का हिस्सा बनेगा, जबकि एयरपोर्ट संचालन जल्द ही सामान्य हो गया।

क्या आप भी फटे होंठ से हो गई हैं परेशान? तो घर बैठे घर बैठे ही करें इसका उपाय

नई दिल्ली। आज के समय में प्रदूषण, खराब खान-पान के कारण कई प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है। कई बार हमारे स्क्रीन में भी इसका काफी ज्यादा प्रभाव देखने को मिलता है। कई सारे केमिकल के कारण हमारे सुंदर प्राकृतिक वाले होंठ के रंग भी इसमें छीन जाते हैं। और वह धीरे-धीरे कालें पड़ने लगते हैं और फटने लगते हैं। अगर आप भी इससे काफी ज्यादा परेशान रहती हैं तब आप इस ट्रिक को जरूर अपनाएं। इस प्रकार मिलेगा फटे होंठ से छुटकाराअगर आप भी महंगे लिप बाम और पार्लर के ट्रीटमेंट से थक चुकी हैं, तो प्रकृति के पास आपकी इस समस्या का सबसे सटीक समाधान है। लेकिन घबराइए नहीं! आपके किचन में रखी कुछ चीजें किसी जादुई नुस्खे से कम नहीं हैं। तो चलिए उनके बारे में आपको बताते हैं जो आप घर पर ही कर सकती हैं। इस प्रकार पाएं गुलाबी होंठफटे होंठ को ठीक करने के लिए चुकंदर काफी कारगर साबित होता है तो चलिए इसका पेस्ट कैसे बनाना है और इसे कैसे लगाना है इन सब के बारे में आपको बताते हैं। सबसे पहले एक छोटे आकार के चुकंदर को धोकर छील लें और उसे कद्दूकस कर लें। अब एक सूती कपड़े या छलनी की मदद से उसका गहरा लाल रस निकाल लें। एलोवेरा भी मिलाएंएक साफ कांच की कटोरी में 2 चम्मच चुकंदर का रस लें और उसमें 1 चम्मच फ्रेश या मार्केट वाला एलोवेरा जेल मिलाएं। इसे तब तक फेंटें जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।अब इसमें नारियल तेल और एक विटामिन-E कैप्सूल को पंचर करके उसका ऑयल निकाल लें और मिक्सचर में डाल दें। यह आपके होंठों को अंदर से पोषण देगा।तैयार जेल को एक छोटी साफ डिब्बी या पुराने लिप बाम कंटेनर में भर लें। इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज में स्टोर करना बेहतर होता है। इस प्रकार करें उपयोगजेल लगाने से पहले चीनी और शहद मिलाकर होंठों को 2 मिनट के लिए हल्के हाथों से स्क्रब करें ताकि डेड स्किन निकल जाए।रात को सोने से पहले इस होममेड जेल की एक पतली परत होंठों पर लगाएं। 1 मिनट के लिए इससे मसाज करके रात भर लगा रहने दें। और सुबह ठंडा पानी से धुलने आपको काफी अच्छा रिजल्ट देखने को मिलेगा।

गुब्बारे वाले टैंक और हेलीकॉप्टर की पेंटिंग: ईरान की डमी वॉरफेयर से उलझा इजरायल, करोड़ों की मिसाइलें बेकार?

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट के युद्ध क्षेत्र में ईरान ने एक नई रणनीति अपनाई है। दावा किया जा रहा है कि उसने जमीन पर गुब्बारे वाले टैंक और विमानों की डमी पेंटिंग तैनात कर दी हैं जिससे इजरायल की महंगी मिसाइलें और रडार बेकार हो रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि इजरायल ने कई लक्ष्यों को नष्ट किया लेकिन वे असली हथियार नहीं बल्कि जमीन पर बनी पेंटिंग और डमी टैंक थे। एक इजरायली मिसाइल की कीमत लगभग 3 मिलियन डॉलर यानी करीब 25 करोड़ रुपये होती है। वीडियो देखने वाले यूजर्स का कहना है कि अगर ये असली हेलीकॉप्टर या टैंक होते तो मिसाइल से मारे जाने के बाद उनके पंख या अन्य हिस्से उड़ते। लेकिन वीडियो में ये डमी स्थिर दिखाई दिए। अखबारों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने चीन से लगभग 9 लाख गुब्बारे वाले टैंक और मिसाइल लॉन्चर मंगवाए हैं। इन डमी टैंकों को लकड़ी रबर और थर्मल पेंट से तैयार किया गया है ताकि वे ऊपर से वास्तविक हथियारों जैसे दिखें। यह ऑप्टिकल इल्यूजन आधुनिक रडार और थर्मल सेंसर को भ्रमित करता है और दुश्मन को असली निशाना पहचानने में कठिनाई होती है। हालांकि कई रक्षा विशेषज्ञ इस दावे को पूरी तरह सत्य मानने से इनकार करते हैं। उनका कहना है कि आधुनिक मिसाइलों के थर्मल सेंसर और शैडो डिटेक्शन को केवल पेंटिंग और गुब्बारे से धोखा देना लगभग असंभव है। ईरान ने अपने असली लड़ाकू विमानों और टैंकों को अंडरग्राउंड सुरंगों में सुरक्षित रखा और ऊपर केवल नकली डमी रखी हैं। धोखे की यह रणनीति युद्ध में नई नहीं है लेकिन ईरान ने इसे आधुनिक तकनीक के दौर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है। इस चालाकी से इजरायल और अमेरिका के महंगे हथियार बेकार होने के साथ साथ उनके आर्थिक और रणनीतिक नुकसान की आशंका बढ़ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यह रणनीति न केवल दुश्मन को भ्रमित करने के लिए बल्कि मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा भी है। कम खर्च में दुश्मन की मिसाइलें बेकार करना और अपने असली हथियारों को सुरक्षित रखना ईरान के लिए सस्ता लेकिन प्रभावी तरीका साबित हो रहा है।