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धोनी को लेकर सस्पेंस खत्म! IPL 2026 में सभी मैच खेलेंगे, रोल तय करेगा मैनेजमेंट

नई दिल्ली। Chennai Super Kings (सीएसके) के पूर्व कप्तान MS Dhoni को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। टीम के सीईओ Kasi Viswanathan ने संकेत दिया है कि धोनी आगामी Indian Premier League 2026 सीजन में सभी मैच खेल सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मैदान पर धोनी की सटीक भूमिका क्या होगी, इसका अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट स्टाफ ही करेगा। सीएसके प्रशंसकों के लिए यह खबर खास मायने रखती है, क्योंकि लंबे समय से धोनी के भविष्य को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। रोल पर टीम मैनेजमेंट करेगा फैसलाधोनी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर कासी विश्वनाथन ने कहा कि यह पूरी तरह क्रिकेट से जुड़ा फैसला है और इसे प्रशासनिक स्टाफ नहीं बल्कि टीम का क्रिकेट मैनेजमेंट तय करेगा। उन्होंने कहा कि यह तय किया जाएगा कि धोनी टीम में केवल बल्लेबाज के तौर पर खेलेंगे, विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में मैदान में उतरेंगे या फिर जरूरत पड़ने पर इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका निभाएंगे। उनके अनुसार यह निर्णय टीम की रणनीति और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। संजू सैमसन के आने से बढ़ी संभावनाएंसीएसके ने इस बार अपनी टीम में Sanju Samson को शामिल किया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि टीम चाहे तो संजू सैमसन विकेटकीपर की भूमिका निभा सकते हैं और धोनी बल्लेबाज या इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर उतर सकते हैं। यह संयोजन टीम को रणनीतिक रूप से अधिक लचीला बना सकता है और युवा तथा अनुभवी खिलाड़ियों के बीच संतुलन भी बनाए रख सकता है। विश्व कप जीत में सीएसके खिलाड़ियों की भूमिकाकासी विश्वनाथन ने हाल ही में समाप्त हुए ICC Men’s T20 World Cup 2026 में भारत की जीत पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की इस सफलता में सीएसके के खिलाड़ियों का योगदान देखना गर्व की बात है। विशेष रूप से Sanju Samson और Shivam Dube के प्रदर्शन की उन्होंने जमकर सराहना की। बैक-टू-बैक विश्व कप जीत पर खुशीसीएसके सीईओ ने कहा, “हमें बहुत खुशी है कि भारत ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीता है। यह हमारे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि हमारी टीम के दो खिलाड़ी संजू और शिवम दुबे ने शानदार प्रदर्शन किया है। इससे हमें विश्वास मिलता है कि वे आईपीएल में भी इसी तरह का प्रदर्शन करेंगे।” आईपीएल 2026 की तैयारी शुरूIndian Premier League 2026 का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होने वाला है। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 10 फ्रेंचाइजी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में टी20 विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी भी जल्द ही अपनी-अपनी टीमों के साथ जुड़ने वाले हैं, जिससे टीमों की रणनीति और अभ्यास को अंतिम रूप दिया जा सके। अभ्यास शिविर में सब कुछ सामान्यसीएसके के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी कासी विश्वनाथन ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि टीम का अभ्यास अच्छी तरह चल रहा है और अभी तक किसी प्रकार की समस्या सामने नहीं आई है। खिलाड़ियों की फिटनेस और तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि सीजन की शुरुआत से ही टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके। शेड्यूल का इंतजारआईपीएल 2026 के मुकाबलों का पूरा शेड्यूल जल्द ही घोषित होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार टूर्नामेंट का कार्यक्रम गुरुवार को जारी किया जा सकता है। शेड्यूल जारी होने के बाद टीमों को अपने मुकाबलों और रणनीति को लेकर अधिक स्पष्टता मिल जाएगी। फैंस की नजर धोनी परइस बीच सीएसके के प्रशंसकों की नजर एक बार फिर MS Dhoni पर टिकी हुई है। धोनी लंबे समय से टीम के सबसे अनुभवी और लोकप्रिय खिलाड़ी रहे हैं। ऐसे में यदि वे आईपीएल 2026 में सभी मैच खेलते हैं, तो यह सीजन उनके फैंस के लिए और भी खास बन सकता है।

खेलों में बड़े लक्ष्य की तैयारी, कॉमनवेल्थ 2030 के साथ ओलंपिक पर भी नजर: अनुराग ठाकुर

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री Anurag Thakur का कहना है कि भारत आने वाले वर्षों में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश न केवल Commonwealth Games 2030 का आयोजन भव्य स्तर पर करने की तैयारी कर रहा है, बल्कि Summer Olympics 2036 की मेजबानी का अधिकार हासिल करने की दिशा में भी गंभीरता से प्रयास कर रहा है। ठाकुर के अनुसार भारत की खेल संरचना, बुनियादी ढांचे और आयोजन क्षमता में लगातार सुधार हो रहा है, जिससे बड़े वैश्विक आयोजनों की मेजबानी का रास्ता मजबूत हुआ है। अहमदाबाद केंद्रित होगा कॉमनवेल्थ गेम्स 2030भारत को पिछले साल नवंबर में 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सौंपी गई थी। यह आयोजन मुख्य रूप से Ahmedabad में केंद्रित होगा। भारत ने इस आयोजन के लिए एक व्यापक और आधुनिक विजन पेश किया है, जो Commonwealth Games 2026 की मेजबानी कर रहे Glasgow द्वारा बनाई जा रही बुनियादी तैयारियों को आगे बढ़ाने का काम करेगा। सरकार और राज्य प्रशासन इस आयोजन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और आयोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। लगातार बढ़ रही आयोजन क्षमताआईएएनएस से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत में खेल आयोजनों का स्तर लगातार बेहतर होता जा रहा है। उन्होंने कहा, “भारत में स्पोर्टिंग इवेंट्स का आयोजन पहले से कहीं बड़ा और बेहतर हो रहा है। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स भी बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हम 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी पूरी तैयारी कर रहे हैं।” उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी का अधिकार भी मिल सकता है, जिससे देश को एक के बाद एक बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने का अवसर मिलेगा। तैयारियों पर चल रहा व्यापक कामपिछले वर्ष गुजरात सरकार में पोर्ट्स और ट्रांसपोर्ट के प्रधान सचिव Ashwini Kumar ने भी कहा था कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियां बेहद व्यवस्थित और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाई जा रही हैं। राज्य सरकार और केंद्र के सहयोग से एक मजबूत टीम इन तैयारियों को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों के अनुसार 2028 के अंत तक या 2029 की शुरुआत तक अधिकांश बड़ी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी, ताकि आयोजन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें। 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स का भी किया जिक्रअनुराग ठाकुर ने बातचीत के दौरान 2010 Commonwealth Games का भी जिक्र किया, जो New Delhi में आयोजित हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय आयोजन भ्रष्टाचार के आरोपों से प्रभावित रहा था। ठाकुर के अनुसार वर्तमान सरकार पारदर्शिता और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ बड़े खेल आयोजनों की मजबूत नींव रख रही है, जिससे भारत की वैश्विक छवि और मजबूत होगी। भारत का शानदार रिकॉर्डभारत का कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन भी काफी प्रभावशाली रहा है। 2010 में नई दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने 38 स्वर्ण पदक सहित कुल 101 पदक जीते थे। इनमें से 30 पदक शूटिंग से आए थे। वहीं Commonwealth Games 2022 में भारत ने 22 स्वर्ण पदकों के साथ कुल 61 पदक हासिल किए थे। घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद2030 में जब कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होंगे, तब भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अवसर मिलेगा। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मैदान का लाभ मिलने से भारतीय दल पदक तालिका में और बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। खेल महाशक्ति बनने की दिशा में कदमअनुराग ठाकुर के अनुसार बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी भारत के लिए केवल प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि इससे खेल ढांचे के विकास, युवाओं को प्रेरणा और वैश्विक खेल मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति भी सुनिश्चित होगी। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और संभावित 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत को खेल महाशक्ति बनने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 13 साल से कोमा में युवक को इच्छामृत्यु की अनुमति

नई दिल्ली। भारत में इच्छामृत्यु से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले में Supreme Court of India ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 13 साल से कोमा में पड़े युवक को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी है। अदालत ने गाजियाबाद के 31 वर्षीय Harish Rana के लाइफ सपोर्ट सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से हटाने का निर्देश दिया है। यह फैसला जस्टिस J. B. Pardiwala और जस्टिस K. V. Viswanathan की पीठ ने सुनाया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि दिल्ली के All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) में मेडिकल प्रक्रिया इस तरह पूरी की जाए कि मरीज की गरिमा और मानवीय सम्मान बना रहे। दरअसल हरीश राणा 2013 में चंडीगढ़ स्थित Panjab University में बीटेक की पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे। गंभीर चोटों के कारण वे कोमा में चले गए और डॉक्टरों ने उन्हें Quadriplegia से पीड़ित बताया। इस स्थिति में मरीज शरीर के लगभग सभी अंगों को नियंत्रित नहीं कर पाता और पूरी तरह वेंटिलेटर व फीडिंग ट्यूब पर निर्भर रहता है। करीब 13 साल से बिस्तर पर पड़े रहने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और शरीर पर गहरे बेडसोर्स भी बन गए। परिवार लंबे समय से मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा था। इसी वजह से हरीश के माता-पिता निर्मला राणा और अशोक राणा ने अदालत से पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति देने की गुहार लगाई थी। फैसला सुनाते समय अदालत ने कहा कि जब किसी मरीज के ठीक होने की कोई संभावना नहीं रह जाती और इलाज केवल जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखता है, तो ऐसे मामलों में मानवीय गरिमा को ध्यान में रखते हुए लाइफ सपोर्ट हटाने पर विचार किया जा सकता है। जस्टिस पारदीवाला ने अपने फैसले में साहित्यकार William Shakespeare के प्रसिद्ध कथन “To be or not to be” का भी उल्लेख किया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पैसिव यूथेनेशिया से जुड़े स्पष्ट कानून बनाने पर भी विचार करने को कहा है। फिलहाल भारत में यह प्रक्रिया अदालत द्वारा तय दिशानिर्देशों और मेडिकल बोर्ड की मंजूरी के आधार पर ही संभव है। गौरतलब है कि 2018 में Supreme Court of India ने ‘सम्मान के साथ मृत्यु के अधिकार’ को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मान्यता दी थी। हालांकि एक्टिव यूथेनेशिया यानी किसी दवा या इंजेक्शन से मौत देना भारत में अब भी गैरकानूनी है। इस फैसले को देश में इच्छामृत्यु से जुड़े कानून और मानवीय अधिकारों की बहस में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला; बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली

मुंबई। वैश्विक तनाव और निवेशकों की बढ़ती चिंता के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1000 अंक से ज्यादा टूटकर लगभग 77,250 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं Nifty 50 भी करीब 300 अंक फिसलकर 24,000 के आसपास पहुंच गया। बाजार में गिरावट का असर खास तौर पर बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला। निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण जोखिम कम करने के लिए बिकवाली बढ़ा दी, जिससे बाजार पर दबाव बन गया। विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। Iran और Israel के बीच बढ़ते टकराव से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने का डर भी निवेशकों को सताने लगा है। इसी बीच सोने की कीमतों में तेजी देखी गई। India Bullion and Jewellers Association के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत 500 रुपये बढ़कर करीब 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। हालांकि चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 2000 रुपये घटकर 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई। वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। Nikkei 225 और KOSPI में बढ़त दर्ज की गई, जबकि Hang Seng Index और Shanghai Composite Index मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। अमेरिकी बाजारों में भी एक दिन पहले हल्की गिरावट रही थी। Dow Jones Industrial Average और S&P 500 नीचे बंद हुए, जबकि टेक्नोलॉजी इंडेक्स Nasdaq Composite लगभग स्थिर स्तर पर बंद हुआ। इस बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। आंकड़ों के अनुसार 10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 4,672 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 6,333 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों और निवेशकों की सतर्कता के कारण फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कीवर्ड: सेंसेक्स, निफ्टी, शेयर बाजार गिरावट, ईरान-इजराइल तनाव, सोने की कीमत, विदेशी निवेशक

संसद में तीखी टक्कर: राहुल गांधी का पीएम पर ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ आरोप, भाजपा ने किया जोरदार पलटवार

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में उस समय तीखी बहस देखने को मिली जब स्पीकर Om Birla के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बीच विपक्ष और सत्तापक्ष आमने-सामने आ गए। बहस के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने से बार-बार रोका जाता है और उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर “कॉम्प्रोमाइज्ड” होने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने कहा कि यह चर्चा केवल स्पीकर के पद तक सीमित नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र और संसद की भूमिका से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि कई मौकों पर उनका नाम लिया गया, लेकिन जब भी वह अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो उन्हें रोक दिया गया। राहुल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें लगातार टोकने की कोशिश की जाती है। राहुल के बयान पर भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का भारत कभी “कॉम्प्रोमाइज्ड” नहीं हो सकता। प्रसाद ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सदन में अनावश्यक विवाद खड़ा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना चाहता है। दरअसल लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार से चर्चा चल रही है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्ष नहीं हैं और सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी को करीब 20 बार बोलने से रोका गया। वहीं संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ओम बिरला पूरी निष्पक्षता के साथ सदन का संचालन करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ सांसद पहले स्पीकर के चैंबर में घुस गए थे और यदि जरूरत पड़ी तो इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक किया जा सकता है। बहस के दौरान कांग्रेस नेता K. C. Venugopal ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार देश की संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री इस महत्वपूर्ण बहस के दौरान सदन में मौजूद क्यों नहीं हैं। स्पीकर के खिलाफ लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में लंबी बहस जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक गर्मी पैदा कर सकता है। कीवर्ड: राहुल गांधी, ओम बिरला, लोकसभा अविश्वास प्रस्ताव, रविशंकर प्रसाद, संसद बहस, नरेंद्र मोदी

टॉम लैथम की टीम में वापसी, न्यूजीलैंड ने T20 सीरीज के लिए बदली रणनीति; नए खिलाड़ियों को भी मौका

नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए New Zealand Cricket ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज Tom Latham की वापसी हुई है और वे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों में टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। वहीं शुरुआती तीन मैचों में टीम की कमान ऑलराउंडर Mitchell Santner के हाथों में रहेगी। यह टी20 सीरीज 15 मार्च से Mount Maunganui में शुरू होगी। लंबे समय बाद टी20 टीम में लौटे लैथम ने आखिरी बार अप्रैल 2023 में अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। हाल ही में घरेलू टूर्नामेंट Super Smash में शानदार प्रदर्शन करने के बाद उन्हें फिर से टीम में जगह दी गई है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने कैंटरबरी के लिए बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए टॉप स्कोरर बनने का गौरव हासिल किया। चयनकर्ता Gavin Larsen ने लैथम के चयन को सही ठहराते हुए कहा कि उनका अनुभव टीम के लिए बेहद अहम होगा। उन्होंने बताया कि लैथम न केवल बल्लेबाजी में मजबूती लाएंगे बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता भी टीम के लिए उपयोगी साबित होगी, खासकर आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज को ध्यान में रखते हुए। टीम में इस बार तीन नए खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है। इनमें केटीन क्लार्क, निक केली और जेडन लेनोक्स शामिल हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद इन खिलाड़ियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर मिला है। केटीन क्लार्क ने सुपर स्मैश में 431 रन बनाकर खासा प्रभावित किया था और उनकी टीम नॉर्दर्न ब्रेव ने खिताब भी जीता था। दूसरी ओर कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को इस सीरीज के लिए आराम दिया गया है। इनमें Rachin Ravindra, Glenn Phillips, Daryl Mitchell और Tim Seifert जैसे नाम शामिल हैं। वहीं चोट के कारण Michael Bracewell और Adam Milne को भी टीम से बाहर रखा गया है। दरअसल हाल ही में खत्म हुए ICC Men’s T20 World Cup और भारत दौरे के बाद खिलाड़ियों के वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने यह फैसला लिया है। अब इस सीरीज के जरिए न्यूजीलैंड नई रणनीति और नए खिलाड़ियों के साथ अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परखने की कोशिश करेगा।

बिना युद्ध के अमेरिका को चुनौती: दुर्लभ खनिजों के जरिए चीन की नई रणनीति

नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव के बीच चीन एक ऐसी रणनीति पर काम कर रहा है, जिससे वह बिना युद्ध किए भी अमेरिका की सैन्य ताकत को चुनौती दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ने दुर्लभ खनिजों यानी Rare Earth Elements की आपूर्ति और तकनीकी सप्लाई चेन पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इन खनिजों का उपयोग आधुनिक सैन्य उपकरणों में बड़े पैमाने पर होता है, जिनमें अमेरिकी F-35 Lightning II जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट भी शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार चीन की रणनीति इन महत्वपूर्ण कच्चे संसाधनों के उत्पादन और प्रोसेसिंग पर नियंत्रण बनाए रखने की है। अगर भविष्य में इन खनिजों की आपूर्ति सीमित होती है, तो इससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के कई उन्नत हथियारों के निर्माण और रखरखाव पर असर पड़ सकता है। आधुनिक जेट इंजन, रडार सिस्टम, सेंसर और मिसाइल तकनीक में इन धातुओं की अहम भूमिका होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन पहले से ही दुनिया में रेयर अर्थ खनिजों की प्रोसेसिंग का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करता है। हाल के वर्षों में उसने इनके निर्यात नियमों को भी सख्त किया है। इसके साथ ही चीन अपनी औद्योगिक नीतियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर भी तेजी से काम कर रहा है, ताकि तकनीकी और औद्योगिक बढ़त बनाए रखी जा सके। दूसरी ओर United States भी इस संभावित खतरे को समझ चुका है। अमेरिकी सरकार ने 2027 तक रक्षा क्षेत्र में चीनी रेयर अर्थ खनिजों पर निर्भरता कम करने की योजना बनाई है। इसके लिए नई खदानों के विकास और घरेलू प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया में समय लगेगा। विश्लेषकों के अनुसार भविष्य में महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा केवल सैन्य ताकत से नहीं बल्कि संसाधनों, तकनीक और वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर नियंत्रण से तय होगी। ऐसे में रेयर अर्थ खनिजों पर चीन की मजबूत पकड़ अमेरिका और अन्य देशों के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन सकती है। कीवर्ड: चीन, अमेरिका, रेयर अर्थ खनिज, एफ-35 फाइटर जेट, वैश्विक रणनीति

भिंड में फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड को गोली, हालत गंभीर: चोरी रोकते समय बदमाशों ने फायर किया

भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार रात एक गंभीर वारदात हुई। क्रम्पटन फैक्ट्री में तैनात सुरक्षा गार्ड Majid Ali को चोरी रोकने के प्रयास के दौरान बदमाशों ने गोली मार दी। गोली सीधे गार्ड के सिर में लगी जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात करीब 1:57 बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन-चार बदमाश फैक्ट्री के मुख्य प्रवेश द्वार से घुसे। ड्यूटी पर मौजूद मजीद अली ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने पिस्टल से उस पर फायर कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसी मोटरसाइकिल से फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर फैक्ट्री में तैनात अन्य सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन को सूचित किया। घायल मजीद अली को तुरंत बिरला अस्पताल ग्वालियर में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई है। मालनपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है लेकिन देर रात तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। मालनपुर थाना प्रभारी Pradeep Soni से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका। मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कुछ समय से आपराधिक घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। पिछले सप्ताह भी क्षेत्र में दो गुटों के बीच फायरिंग और हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इस बार फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड को निशाना बनाने की घटना ने कर्मचारियों और प्रबंधन में डर और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। फैक्ट्री के आसपास अतिरिक्त पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

एसीबी का बड़ा फैसला, क्षेत्रीय तनाव के चलते टली अफगानिस्तान-श्रीलंका सीरीज

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर भी पड़ने लगा है। Afghanistan Cricket Board (एसीबी) ने बुधवार को घोषणा की कि Afghanistan national cricket team और Sri Lanka national cricket team के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज फिलहाल स्थगित कर दी गई है। यह सीरीज 13 मार्च से संयुक्त अरब अमीरात में शुरू होने वाली थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उड़ानों पर लगी रोक और अन्य लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण इसे टालने का फैसला लिया गया। बोर्ड के अनुसार अब इस सीरीज के 2026 के अंत में आयोजित होने की संभावना है। यूएई में होना था मुकाबलायह सीरीज अफगानिस्तान के लिए खास होने वाली थी, क्योंकि वह पहली बार श्रीलंका की मेजबानी करने जा रहा था। मैचों का आयोजन Sharjah Cricket Stadium और Dubai International Cricket Stadium में किया जाना था। कार्यक्रम के अनुसार 13, 15 और 17 मार्च को शारजाह में तीन टी20 मैच खेले जाने थे, जबकि 20, 22 और 25 मार्च को दुबई में तीन वनडे मुकाबले निर्धारित थे। दोनों टीमों के बीच होने वाली इस सीरीज को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी उत्साह था। तैयारियां पूरी, लेकिन हालात बने बाधाएसीबी ने अपने बयान में बताया कि इस सीरीज की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई थीं। आयोजन के लिए Emirates Cricket Board से मंजूरी भी मिल चुकी थी और दोनों मैदानों पर मैचों के आयोजन की व्यवस्था कर ली गई थी। हालांकि मार्च की शुरुआत में अचानक क्षेत्रीय हालात बिगड़ने से यात्रा और आयोजन से जुड़ी कई चुनौतियां सामने आ गईं। इन परिस्थितियों में टीमों के आवागमन, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई। लगातार बैठकों के बाद लिया गया फैसलास्थिति को देखते हुए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने विभिन्न संबंधित संस्थाओं के साथ कई दौर की बातचीत की। बोर्ड ने Emirates Cricket Board, Sharjah Cricket Stadium और Dubai International Cricket Stadium के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर हालात का आकलन किया। 4 मार्च को हुई एक संयुक्त बैठक में तय किया गया कि स्थिति पर नजर रखी जाए और 6 मार्च तक हालात की समीक्षा की जाए। इसके बाद 7 मार्च को हुई अगली बैठक में अंतिम निर्णय लेने से पहले 9 मार्च तक इंतजार करने की सलाह दी गई। श्रीलंका बोर्ड की सहमति से लिया गया निर्णयअफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी लगातार Sri Lanka Cricket को दी जाती रही। अंततः दोनों बोर्डों के बीच सहमति बनने के बाद सीरीज को स्थगित करने का फैसला लिया गया। बोर्ड के अनुसार खिलाड़ियों की सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी अनिश्चितताओं को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था। नई तारीखों की जल्द होगी घोषणाएसीबी ने कहा है कि सीरीज को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसे आगे के लिए टाल दिया गया है। बोर्ड जल्द ही नई तारीखों की घोषणा करेगा ताकि दोनों टीमों के बीच यह सीरीज आयोजित की जा सके। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने यह भी दोहराया कि वह श्रीलंका क्रिकेट के साथ अपने मजबूत क्रिकेट संबंधों को आगे भी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशंसकों को करना होगा इंतजारइस फैसले के बाद क्रिकेट प्रशंसकों को अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच इस बहुप्रतीक्षित सीरीज के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि बोर्ड का कहना है कि जैसे ही परिस्थितियां सामान्य होंगी, दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला आयोजित किया जाएगा, जिससे प्रशंसकों को रोमांचक क्रिकेट देखने का मौका मिल सके।

अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का बड़ा फैसला, रणधीर सिंह सेहरावत को सौंपी गुजरात जायंट्स की कमान

नई दिल्ली। आगामी Pro Kabaddi League (पीकेएल) सीजन से पहले बड़ा बदलाव करते हुए Adani Sportsline ने अनुभवी कबड्डी कोच Randhir Singh Sehrawat को Gujarat Giants का नया हेड कोच नियुक्त किया है। कबड्डी जगत में “कबड्डी के चाणक्य” के नाम से मशहूर सेहरावत लीग के सबसे अनुभवी कोचों में गिने जाते हैं। 2014 में पीकेएल की शुरुआत से ही वे इस प्रतिष्ठित लीग से जुड़े रहे हैं और अपनी रणनीति तथा टीम प्रबंधन के लिए खास पहचान बना चुके हैं। उनकी नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि गुजरात जायंट्स आगामी सीजन में दमदार प्रदर्शन कर सकेगी। पीकेएल में लंबा और सफल अनुभवरणधीर सिंह सेहरावत का कोचिंग करियर काफी सफल रहा है। उनके मार्गदर्शन में टीमों ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके कार्यकाल में उनकी टीम ने पीकेएल सीजन-6 का खिताब जीतने में सफलता पाई थी और छह बार प्लेऑफ तक पहुंचने का कारनामा भी किया। लीग में उनके लंबे अनुभव और खेल की गहरी समझ को देखते हुए उन्हें रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत कोच माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें कबड्डी जगत में “कबड्डी का चाणक्य” कहा जाता है। अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित दिग्गजरणधीर सिंह सेहरावत को खेल में उनके योगदान के लिए अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने न केवल प्रोफेशनल लीग में बल्कि घरेलू स्तर पर भी कबड्डी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे लंबे समय तक भारतीय रेलवे की कबड्डी टीम के कोच रहे हैं। उनके नेतृत्व में रेलवे की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने कई राष्ट्रीय चैंपियनशिप खिताब जीते और देश में कबड्डी के स्तर को ऊंचा उठाने में अहम योगदान दिया। खिलाड़ी के तौर पर भी रहा शानदार करियरकोच बनने से पहले रणधीर सिंह सेहरावत खुद भी एक सफल कबड्डी खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें 1988 की एशियन कबड्डी चैंपियनशिप, 1989 के साउथ एशियन गेम्स और 1990 के एशियन गेम्स शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने भारतीय टीम के उप-कप्तान के रूप में जिम्मेदारी निभाई और टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहितहेड कोच बनने पर रणधीर सिंह सेहरावत ने खुशी जाहिर की और कहा कि वे फिर से प्रो कबड्डी लीग का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “मैं पीकेएल में वापसी कर बहुत खुश हूं और इस अवसर के लिए अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का आभारी हूं। गुजरात जायंट्स में युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है। मैं टीम के साथ काम करने और उसे खिताब की दौड़ में आगे ले जाने के लिए उत्सुक हूं।” टीम को मजबूत बनाने पर जोरअदाणी स्पोर्ट्सलाइन के मुख्य बिजनेस अधिकारी Sanjay Adesara ने भी इस नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि रणधीर सिंह सेहरावत का अनुभव और खेल की गहरी समझ टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उनके अनुसार सेहरावत की रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता से टीम के खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा और आगामी पीकेएल सीजन में टीम का अभियान मजबूत होगा। प्रतिस्पर्धी टीम बनाने की तैयारीरणधीर सिंह सेहरावत की नियुक्ति से साफ संकेत मिलता है कि अदाणी स्पोर्ट्सलाइन आगामी सीजन के लिए गुजरात जायंट्स को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी टीम के रूप में तैयार करना चाहती है। टीम प्रबंधन का मानना है कि अनुभवी कोच के मार्गदर्शन में युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरेगी और टीम बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी। खिताब पर होगी नजरआगामी पीकेएल सीजन में गुजरात जायंट्स की नजर खिताब पर होगी। रणधीर सिंह सेहरावत जैसे अनुभवी कोच की मौजूदगी से टीम की रणनीति और प्रदर्शन दोनों में मजबूती आने की उम्मीद है। कबड्डी प्रेमियों को भी उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में टीम नई ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरेगी और लीग में मजबूत चुनौती पेश करेगी।।