Chambalkichugli.com

उज्जैन महामंडलेश्वर हनीट्रैप कांड: नहाते समय बनाए अश्लील वीडियो, फिर दी वायरल करने की धमकी

उज्जैन । उज्जैन में संतों को बदनाम करने की साजिश रचने वाली पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी और उसके साथी घनश्याम पटेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस साजिश के लिए जिस महिला (शिल्पा – परिवर्तित नाम) को बनारस से बुलाया गया था, उसे पहले साध्वी ने खुद ब्लैकमेल किया। महिला का आरोप है कि मंदाकिनी ने उसके नहाते समय चोरी-छिपे न्यूड वीडियो और फोटो बना लिए थे और उन्हीं के दम पर उसे महामंडलेश्वर के खिलाफ झूठा रेप केस दर्ज कराने के लिए मजबूर किया जा रहा था। तांत्रिक बनकर जीता भरोसा, फिर किया विश्वासघातपीड़िता ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए साध्वी मंदाकिनी के कई चेहरे बेनकाब किए हैं शिल्पा की मुलाकात मंदाकिनी से 2024 की शिप्रा परिक्रमा के दौरान हुई थी। मंदाकिनी ने खुद को देश की बड़ी तांत्रिक बताकर महिला का भरोसा जीता और उसे अपने घर काम पर रख लिया।जनवरी 2026 में जब महिला मंदाकिनी के घर रुकी थी, तब नहाते समय साध्वी ने उसके आपत्तिजनक फोटो खींच लिए। विरोध करने पर उसे चुप करा दिया गया, लेकिन बाद में इन्हीं फोटो को वायरल करने की धमकी देकर उसे ‘हनीट्रैप’ का हिस्सा बनने पर मजबूर किया गया।महिला के अनुसार, मंदाकिनी बार-बार कहती थी कि “जब तक स्वामी जी मुझे महामंडलेश्वर नहीं बनाएंगे, मैं उन्हें छोड़ने वाली नहीं हूँ।” कोर्ट का कड़ा रुख: घनश्याम पटेल की जमानत याचिका खारिजइस मामले के दूसरे मुख्य आरोपी घनश्याम पटेल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उज्जैन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने सिर से खारिज कर दिया है।महामंडलेश्वर की ओर से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह केवल एक व्यक्ति को फंसाने की साजिश नहीं, बल्कि पूरे संत समाज और उज्जैन की प्रतिष्ठा को विश्व स्तर पर धूमिल करने का प्रयास है।कोर्ट ने माना कि मंदाकिनी के मोबाइल में मौजूद अश्लील सामग्री और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होना अनिवार्य है। रसोई से अखाड़े तक: झूठ की बुनियाद पर खड़ा साम्राज्यमंदाकिनी उर्फ ममता जोशी का इतिहास भी अब सबके सामने है। कभी संतों के लिए रसोई बनाने वाली ममता ने 2016 के सिंहस्थ में खुद को अविवाहित और संपत्ति का मालिक बताकर संतों को गुमराह किया और ‘महामंडलेश्वर’ की पदवी हासिल कर ली थी। आज वही पदवी और पावर की भूख उसे सलाखों के पीछे ले जाने वाली है। यह मामला केवल एक आपराधिक साजिश नहीं, बल्कि धर्म की ओट में छिपे उन चेहरों की कहानी है जो अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। बनारस की महिला की बहादुरी और उज्जैन के संतों की सतर्कता ने एक बड़े षड्यंत्र को नाकाम कर दिया है। अब पुलिस की नजरें मंदाकिनी के उस मोबाइल पर हैं, जिसमें कई सफेदपोशों के राज दफन हो सकते हैं। मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)उज्जैन हनीट्रैप कांड, साध्वी मंदाकिनी पुरी, घनश्याम पटेल जमानत खारिज, महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद, अश्लील वीडियो ब्लैकमेलिंग, उज्जैन पुलिस जांच, सनातन धर्म साजिश, एमपी न्यूज़ अपडेट, महाकाल थाना उज्जैन।

शेयर मार्केट अपडेट: InterGlobe Aviation में ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस घटाने से आई 4% गिरावट

नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation Limited के शेयर गुरुवार को 4 प्रतिशत तक गिर गए। यह गिरावट तब हुई जब वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सिटी ने स्टॉक का टारगेट प्राइस घटाकर 5,100 रुपए प्रति शेयर कर दिया, जो पहले 5,700 रुपए था। ब्रोकरेज का दृष्टिकोणटारगेट प्राइस में कटौती: करीब 10.5% की कमी।रेटिंग: ‘बाय’ बरकरार है।संभावित तेजी: नया टारगेट प्राइस अभी भी स्टॉक के पिछले बंद भाव से लगभग 17% की संभावना दिखाता है। कारण और पृष्ठभूमिसिटी ब्रोकरेज ने बताया कि पिछले एक साल में इंडिगो ने कई नकारात्मक परिस्थितियों का सामना किया:पहली तिमाही में भू-राजनीतिक तनाव से संचालन प्रभावित।फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के कारण कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा।ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़े नए भू-राजनीतिक तनाव ने अनिश्चितता बढ़ाई।ईंधन की बढ़ती कीमतें और कमजोर भारतीय रुपया एयरलाइन की लाभप्रदता पर दबाव डाल सकते हैं। सकारात्मक संकेतजनवरी में इंडिगो ने घरेलू बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाकर 59.6% से 63.6% कर दी।एयरलाइन की लागत संरचना प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मजबूत है। शेयर प्रदर्शनरिपोर्ट आने के बाद दिन में शेयर 3.6% गिरकर 4,194.10 रुपए के इंट्रा-डे लो पर।दोपहर करीब 2:55 बजे शेयर 2.51% गिरकर 4,243.50 रुपए पर।पिछले एक महीने में स्टॉक लगभग 14.8% गिर चुका है।52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: 6,232.50 रुपए; निम्नतम: 4,035 रुपए।मार्केट कैप: 1.64 लाख करोड़ रुपए। हालांकि टारगेट प्राइस घटने के बाद शेयरों में गिरावट आई, लेकिन इंडिगो की मजबूत घरेलू हिस्सेदारी और लागत संरचना इसे निवेशकों के लिए अभी भी आकर्षक बना रही है।

भारत मंडपम में अमृत मित्र महोत्सव: महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास का संगम

नई दिल्ली । नई दिल्ली में 13 मार्च को आयोजित होने वाले अमृत मित्र महोत्सव में देशभर से स्व-सहायता समूह की महिलाएँ शामिल होंगी। मध्यप्रदेश की लगभग 300 महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए भाग लेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि राज्य के 55 नगरीय निकायों में 312 स्व-सहायता समूहों की 1 028 महिलाओं को अमृत मित्र के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन महिलाओं ने जल गुणवत्ता परीक्षण सार्वजनिक उद्यानों के रख-रखाव और केंद्र सरकार के पेड़ों के लिए महिलाएं कार्यक्रम के तहत पौधरोपण एवं सुरक्षा के कार्यों को सफलतापूर्वक निभाया है। यह महोत्सव भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है और इसमें उत्तर प्रदेश हरियाणा महाराष्ट्र राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों से भी अमृत मित्र महिलाएँ सम्मिलित होंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देना और शहरी विकास में उनके योगदान को रेखांकित करना है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस अवसर पर जल संरक्षण स्वच्छता और शहरी प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित करेंगे। यह न केवल महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देगा बल्कि महिला नेतृत्व के माध्यम से सतत शहरी विकास की संकल्पना को भी सुदृढ़ करेगा। आयुक्त संकेत भोंडवे ने नई दिल्ली जा रही सभी अमृत मित्र महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल शहरी विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश की महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य के नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी। अमृत मित्र पहल के तहत महिलाएँ केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय मंच पर भी शहरी विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और शहरी प्रबंधन के संगम का प्रतीक बनकर सामने आई है। आयोजन में सहभागिता से महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा और शहरी क्षेत्रों में सतत विकास के लिए उनका नेतृत्व और अधिक सशक्त होगा।

जबलपुर में एटीएम ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: मदद के बहाने बदलता था कार्ड, 66 एटीएम कार्ड और स्कूटी जब्त

जबलपुर।  शहर में एटीएम से पैसे निकालने आए लोगों को मदद का झांसा देकर उनका कार्ड बदलने और खातों से पैसे निकालने वाले शातिर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से शहर के अलग-अलग एटीएम में वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने उसके पास से 66 एटीएम कार्ड, नकदी, स्कूटी और सोने की झुमकी बरामद की है। यह कार्रवाई गोरखपुर और केंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार शाम की। आरोपी के खिलाफ शहर के चार अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज थे। पुलिस ने ठगी से निकाली गई 3 लाख 68 हजार रुपए की रकम को संबंधित बैंक खातों में होल्ड भी करवा दिया है। मदद के नाम पर करता था ठगीपुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी एटीएम में आने वाले लोगों को मदद करने का प्रस्ताव देता था। वह विशेष रूप से बुजुर्ग या एटीएम इस्तेमाल में अनजान लोगों को निशाना बनाता था। बातचीत के दौरान वह उनका एटीएम पिन देख लेता और मौका मिलते ही उनका कार्ड बदल देता था।इसके बाद वह बदले हुए कार्ड के जरिए नजदीकी एटीएम से पैसे निकालता या खरीदारी करता था। बुजुर्ग के खाते से निकाले 1.06 लाखइस मामले का खुलासा तब हुआ जब 80 वर्षीय बीएस सिडाम, निवासी थम्मन कॉम्प्लेक्स ने गोरखपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर 2025 को छोटी लाइन स्थित एसबीआई एटीएम में एक युवक ने मदद का बहाना बनाकर उनका कार्ड बदल लिया। बाद में उनके खाते से 1 लाख 6 हजार 160 रुपए निकाल लिए गए। कई थानों में दर्ज हैं केसजांच में पता चला कि आरोपी ने शहर के कई इलाकों में इसी तरह की वारदातें की थीं।केंट थाना क्षेत्र में रोहित सेन (34) के खाते से 59 हजार 300 रुपए निकाले गए।ओमती थाना क्षेत्र में रसीद उद्दीन (60) के खाते से 1 लाख 18 हजार 80 रुपए की ठगी हुई।बेलबाग थाना क्षेत्र में विजय कुमार चौधरी (47) के खाते से 47 हजार रुपए निकाले गए।इन सभी मामलों में आरोपी ने एटीएम में कार्ड बदलकर ही ठगी की थी। सीसीटीवी से मिला सुरागलगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। टीम ने एटीएम के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच के आधार पर पुलिस ने विनोद गौतम (28) निवासी तिलक वार्ड, रेलवे स्टेशन के पास, जिला सिवनी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। बड़ी संख्या में कार्ड और सामान बरामदपुलिस ने आरोपी के कब्जे से 66 एटीएम कार्ड, 5500 रुपए नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई जुपिटर स्कूटी और करीब 55 हजार रुपए कीमत की सोने की झुमकी जब्त की है। अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीदपुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य एटीएम ठगी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम में अजनबी लोगों से मदद न लें और अपना पिन किसी को न बताएं, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके। जबलपुर एटीएम ठगी, एटीएम कार्ड बदलकर ठगी, विनोद गौतम गिरफ्तार, गोरखपुर थाना जबलपुर, केंट थाना जबलपुर, एटीएम फ्रॉड केस, 66 एटीएम कार्ड बरामद, जुपिटर स्कूटी जब्त, एटीएम ठग गिरफ्तार, मध्यप्रदेश क्राइम न्यूज

दूध सुरक्षा पर सख्ती, उत्पादक और विक्रेता लाइसेंस के बिना नहीं कर सकेंगे व्यापार: FSSAI

नई दिल्ली। देश में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने गुरुवार को नया नियम लागू किया। इसके तहत सभी दूध उत्पादक और दूध विक्रेता, डेयरी सहकारी समितियों को छोड़कर, अपने व्यवसाय को चलाने से पहले एफएसएसएआई के साथ अनिवार्य पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करेंगे। उद्देश्य और लाभएफएसएसएआई ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य दूध में मिलावट की घटनाओं को रोकना, खाद्य सुरक्षा अनुपालन को मजबूत करना और सुरक्षित भंडारण तथा स्वच्छ आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा होगी और उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित दूध उपलब्ध होगा। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देशएफएसएसएआई ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे विशेष पंजीकरण अभियान चलाएं और दूध उत्पादकों एवं विक्रेताओं के लाइसेंस और पंजीकरण का कड़ाई से सत्यापन करें। राज्य स्तर पर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी व्यवसायियों के पास एफएसएसएआई का प्रमाणपत्र उपलब्ध हो। संसद में उठे थे मिलावट के मामलेइससे पहले बीते महीने दूध और खाद्य उत्पादों में मिलावट का मुद्दा संसद में उठ चुका था। Raghav Chadha ने कंपनियों पर आरोप लगाया कि वे सेहतमंद और ऊर्जा बढ़ाने वाले झूठे दावों के तहत हानिकारक पदार्थों वाले उत्पाद बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूध में यूरिया, पनीर में स्टार्च और कास्टिक सोडा, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन, आइसक्रीम में डिटर्जेंट पाउडर, फलों के जूस में सिंथेटिक फ्लेवर और आर्टिफिशियल रंग, खाने के तेल में मशीन का तेल, मसालों में ईंट का पाउडर और लकड़ी का बुरादा, चाय में सिंथेटिक रंग और पोल्ट्री उत्पादों में एनाबॉलिक स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं। यहां तक कि देशी घी की मिठाइयों में वनस्पति तेल और डालडा का इस्तेमाल किया जाता है। एफएसएसएआई की सलाह और अभियानएफएसएसएआई ने सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों से अपील की है कि वे स्थानीय अधिकारियों, डेयरी सहकारी समितियों, स्कूलों, और समुदायों के साथ मिलकर व्यापक अभियान चलाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के पास वैध लाइसेंस हो और किसी भी प्रकार की मिलावट को रोका जा सके। भविष्य के लिए प्रभावइस पहल से न केवल दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ाने और डेयरी उद्योग में जवाबदेही स्थापित करने में भी मदद करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसका प्रभावी कार्यान्वयन हुआ, तो दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट की घटनाओं में काफी कमी आएगी। एफएसएसएआई का यह कदम दूध और डेयरी उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित उत्पाद देने के लिए एक महत्वपूर्ण और समयोचित पहल है।

खाड़ी संकट का असर: GAIL ने Yelahanka Power Plant को गैस सप्लाई रोकी, बिजली उत्पादन पर असर संभव

नई दिल्ली। सरकारी महारत्न कंपनी GAIL (India) Limited (गेल) ने गुरुवार सुबह 6 बजे से बेंगलुरु स्थित Yelahanka Gas-based Power Plant को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पूरी तरह बंद कर दी है। इस फैसले की पुष्टि ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों ने की है। गैस सप्लाई बंद होने से इस गैस आधारित बिजली संयंत्र के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कर्नाटक का एकमात्र गैस आधारित प्लांटयह 370 मेगावाट क्षमता वाला बिजली संयंत्र Karnataka Power Corporation Limited (केपीसीएल) द्वारा स्थापित किया गया है। यह कर्नाटक का एकमात्र गैस आधारित पावर प्लांट है और मुख्य रूप से Bengaluru शहर को बिजली आपूर्ति के लिए बनाया गया था। यह संयंत्र पिछले साल दिसंबर से लगातार संचालन में था, लेकिन गैस आपूर्ति रुकने के बाद बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है। पश्चिम एशिया संकट से गैस की कमीअधिकारियों के अनुसार West Asia में जारी भू-राजनीतिक तनाव और विशेष रूप से Israel–Iran conflict के कारण प्राकृतिक गैस की वैश्विक सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके चलते भारत में भी गैस की उपलब्धता कम हो गई है और सरकार को विभिन्न क्षेत्रों के लिए गैस आवंटन की प्राथमिकता तय करनी पड़ी है। बिजली क्षेत्र को मिली सबसे कम प्राथमिकताकेंद्र सरकार ने गैस आवंटन के लिए हाल ही में एक गजट अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत घरेलू खपत को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद परिवहन और उर्वरक क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है, जबकि बिजली उत्पादन को सबसे निचली श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि गैस की कमी रहने तक बिजली संयंत्रों को सीमित सप्लाई ही मिल पाएगी। कर्नाटक में बिजली की मांगफिलहाल कर्नाटक में प्रतिदिन लगभग 35.5 करोड़ यूनिट बिजली की मांग है। इस मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट के अलावा सौर और पवन ऊर्जा स्रोतों का भी इस्तेमाल कर रही है। इसके साथ ही केंद्रीय ग्रिड से मिलने वाली बिजली और पावर एक्सचेंज व्यवस्था के माध्यम से भी अतिरिक्त बिजली ली जा रही है। अन्य राज्यों से भी मिल रही बिजलीराज्य सरकार बिजली आपूर्ति को बनाए रखने के लिए अन्य राज्यों के साथ पावर एक्सचेंज व्यवस्था का भी सहारा ले रही है। इसके तहत Punjab, Uttar Pradesh और Haryana जैसे राज्यों से भी कुछ मात्रा में बिजली प्राप्त की जा रही है। गैस संकट जारी रहने पर असर संभवअधिकारियों का कहना है कि अगर Yelahanka Gas-based Power Plant को गैस सप्लाई और कम हुई या लंबे समय तक बंद रही, तो बिजली आपूर्ति पर हल्का असर पड़ सकता है। हालांकि राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अन्य स्रोतों से उत्पादन बढ़ाकर बिजली आपूर्ति को स्थिर रखने की कोशिश की जाएगी। गैस आवंटन के नए नियमNatural Gas (Supply Regulation) Order, 2026 के तहत सरकार ने गैस आवंटन के लिए विभिन्न क्षेत्रों को प्राथमिकता श्रेणियों में रखा है। इसमें घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस, एलपीजी उत्पादन, परिवहन के लिए सीएनजी और पाइपलाइन संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत का लगभग 100 प्रतिशत गैस आवंटन मिलेगा। अन्य क्षेत्रों को सीमित आपूर्तिउर्वरक संयंत्रों को दूसरी प्राथमिकता में रखा गया है और उन्हें औसत खपत का लगभग 70 प्रतिशत गैस मिलेगा। औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को तीसरी प्राथमिकता में रखा गया है। वहीं बिजली उत्पादन क्षेत्र को सबसे निचली प्राथमिकता दी गई है, जिसके कारण गैस की कमी के दौरान इस क्षेत्र को सीमित आपूर्ति ही मिलने की संभावना है।

जबलपुर: मौत से पहले तड़पती रही पूजा, ससुराल वाले बनाते रहे वीडियो; दहेज हत्या के आरोप में ग्रामीणों ने बीच सड़क पर लगाया टेंट, चक्काजाम

जबलपुर। कटंगी के ग्राम कैमोरी में गुरुवार को उस वक्त तनाव की स्थिति बन गई जब पूजा साहू की संदिग्ध मौत के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने कटंगी-पाटन मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। सड़क के बीचों-बीच टेंट लगाकर बैठे परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के 25 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने हत्यारोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया है। इस दौरान मृतका का एक हृदयविदारक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह तड़पती दिख रही है और ससुराल पक्ष उसे अस्पताल ले जाने के बजाय उसका वीडियो रिकॉर्ड कर रहा है। विवाद की वजह: 10 लाख का दहेज और ‘खूनी’ साजिशपरिजनों के अनुसार, पूजा की शादी 6 फरवरी 2026 को जबलपुर के लार्डगंज निवासी निखिल साहू से हुई थी।आरोप है कि शादी के वक्त 10 लाख रुपये मांगे गए थे, जिसमें से 4 लाख रुपये और जेवर दे दिए गए थे। शेष 6 लाख रुपये के लिए पूजा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।20 फरवरी को पति निखिल, ससुर नरेश, सास ज्योति और ननद नम्रता पूजा को लेकर उज्जैन गए थे। परिजनों का दावा है कि यह पूजा को ठिकाने लगाने की एक सोची-समझी साजिश थी।  इलाज के बजाय बनाया गया ‘मौत का सबूत’21 फरवरी की सुबह पूजा के मायके वालों को एक वीडियो भेजा गया, जिसने अब इस केस में सबूत की भूमिका निभा दी है:वीडियो में पूजा की हालत बेहद गंभीर दिख रही है। आरोप है कि ससुराल पक्ष उसे कोई संदिग्ध पदार्थ (संभवतः जहर) पिला रहा था और तड़पते हुए उसका वीडियो बनाकर मायके वालों को पैसे भेजने के लिए दबाव बना रहा था।परिजनों का आरोप है कि पूजा को किसी अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया, बल्कि एक फर्जी डॉक्टर का पर्चा दिखाकर उन्हें गुमराह किया गया कि वह मामूली बीमार है। कुछ ही देर बाद पूजा की मौत की खबर दे दी गई। प्रशासन का रुख: समझाइश में जुटी पुलिसचक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जब तक पति और उसके पूरे परिवार की गिरफ्तारी नहीं होती, वे सड़क से नहीं हटेंगे। ग्रामीणों ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया है।

ऑनलाइन पायरेसी पर कार्रवाई, सरकार ने Telegram के 3,100+ चैनलों को किया चिन्हित

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पायरेटेड कंटेंट के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म Telegram को नोटिस जारी किया है। Ministry of Information and Broadcasting ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत यह नोटिस जारी कर प्लेटफॉर्म से कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली सामग्री हटाने और पायरेसी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की शिकायत के बाद कार्रवाईयह कदम कई ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की शिकायतों के बाद उठाया गया है। इनमें JioCinema और Amazon Prime Video जैसे प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज की पायरेटेड कॉपियां टेलीग्राम पर बड़े पैमाने पर साझा की जा रही हैं। 3,142 चैनलों की पहचानशिकायतों की जांच के बाद अधिकारियों ने कुल 3,142 ऐसे टेलीग्राम चैनलों की पहचान की, जो कथित तौर पर फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य कॉपीराइट सामग्री की अवैध कॉपियां शेयर कर रहे थे। सरकार ने टेलीग्राम से इन चैनलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पायरेटेड कंटेंट हटाने को कहा है। टेलीग्राम फीचर्स का दुरुपयोगरिपोर्ट्स के अनुसार टेलीग्राम की कुछ सुविधाओं, जैसे बड़ी फाइल शेयरिंग की सीमा और यूजर्स की पहचान छिपाने की क्षमता का कुछ लोगों ने गलत इस्तेमाल किया। इन सुविधाओं का उपयोग कर बड़ी संख्या में पायरेटेड कंटेंट को साझा किया गया, जिससे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को भारी नुकसान होने की आशंका जताई गई है।हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाईयह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप में पांच ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया था। इनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू जैसे प्लेटफॉर्म शामिल थे। पहले भी ब्लॉक किए गए कई प्लेटफॉर्मइससे पहले जुलाई 2025 में भी सरकार ने 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट और ऐप्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया था। इन प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील, अभद्र या पोर्नोग्राफिक कंटेंट स्ट्रीम करने के आरोप लगे थे। आईटी नियमों के तहत सख्त प्रावधानInformation Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को अश्लील, पोर्नोग्राफिक, गोपनीयता का उल्लंघन करने वाले, लैंगिक या जातीय आधार पर अपमानजनक और हिंसा या नफरत फैलाने वाले कंटेंट को होस्ट या प्रकाशित करने की अनुमति नहीं है। ऑनलाइन पायरेसी पर रोक की कोशिशसरकार की यह नई कार्रवाई ऑनलाइन पायरेसी पर रोक लगाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अवैध या आपत्तिजनक कंटेंट को नियंत्रित करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को कानून के अनुसार जिम्मेदारी निभानी होगी और कॉपीराइट नियमों का पालन करना होगा।

भिण्ड में नाबालिग से दुष्कर्म, गर्भवती होने पर मामला दर्ज, आरोपी फरार

भिण्ड । भिण्ड जिले के लहार अनुभाग के रौन थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता कक्षा आठवीं की छात्रा है और हाल ही में गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे और मामला दर्ज कराया। जानकारी के अनुसार पीड़िता की मोहल्ले में रहने वाली दो सगी बहनों के साथ दोस्ती थी। दोनों बहनें अक्सर उसे अपने घर बुलाती थीं। इसी दौरान उन्होंने अपने भाई Sahil से उसकी पहचान कराई। परिजनों का आरोप है कि एक दिन दोनों बहनों ने किशोरी को घर बुलाकर कमरे में अकेला छोड़ दिया और बाहर चली गईं। इसी दौरान साहिल ने उसके साथ जबरन गलत संबंध बनाए और किसी को बताने पर बदनाम करने की धमकी दी। पीड़िता के परिजन ने बताया कि उन्होंने साहिल के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी साहिल फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन जारी है। घटना ने इलाके में सुरक्षा और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं और पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा का आश्वासन दिया गया है। यह मामला स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चुनौती बन गया है क्योंकि ऐसे अपराधों में त्वरित कार्रवाई और न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।

बैतूल में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जयस का प्रदर्शन, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बैतूल । बैतूल जिले में आदिवासी भूमि अधिकारों को लेकर जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन ने जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों ने रानी दुर्गावती ऑडिटोरियम में सभा आयोजित की जिसमें संविधान की पांचवीं अनुसूची के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई। सभा के बाद कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर बैतूल कलेक्ट्रेट का रुख किया। वहां उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से आदिवासी भूमि संरक्षण जमीन हड़पने के खिलाफ सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा को सुनिश्चित करने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि पिछले वर्षों में आदिवासी भूमि से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक कार्रवाई में देरी और कानूनी रूप से सही संरक्षण न होने के कारण कई समुदाय प्रभावित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासी भूमि के संरक्षण और स्थानीय लोगों के अधिकारों को प्राथमिकता दी जाए। आदिवासी समाज के लोग और युवा कार्यकर्ता इस प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए सतत जागरूक हैं और उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए जिससे प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों तक उनकी मांगों का प्रभावी संदेश पहुंचा।