अमेरिका-इजरायल हमले को लेकर नया दावा, Donald Trump बोले- Mojtaba Khamenei घायल हो सकते हैं

नई दिल्ली। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले में वे घायल हो गए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि मोजतबा खामेनेई ज़िंदा हैं, लेकिन उन्हें चोटें आई हैं। हालांकि उनकी स्थिति को लेकर अभी भी कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हमले में अली खामेनेई की मौत का दावारिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमले के पहले ही दिन ईरान के दूसरे सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया। सुप्रीम लीडर बनने के बाद से मोजतबा पब्लिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। झिग ने क्या कहाडोनाल्ड झिग ने कहा कि उन्हें लगता है कि मोजतबा खामेनेई जीवित हैं, लेकिन वे घायल हो सकते हैं। इससे पहले ईरान के सरकारी मीडिया में भी यह बताया गया था कि उन्हें हल्की चोटें आई हैं। चोटों को लेकर क्या सामने आयासाइप्रस में ईरान के राजदूत अलीरेजा सलारियन ने बताया कि मोजतबा खामेनेई के पैरों और हाथों में चोट लगने की जानकारी मिली है। उनके अनुसार संभव है कि उनका इलाज अस्पताल में चल रहा हो। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ है और चेहरे पर भी चोट के निशान हैं, खासकर बाईं आंख के आसपास। परिवार को भी भारी नुकसानरिपोर्ट्स के अनुसार इस हमले में अली खामेनेई के परिवार को भी बड़ा नुकसान हुआ। बताया जा रहा है कि मोजतबा की पत्नी, उनकी मां और परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी हमले में मारे गए। हालांकि इन आंदोलनों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और ईरान की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। जनता रूप से नहीं आए नजरमोजतबा खामेनेई को सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद से अब तक जनता रूप से नहीं देखा गया है। उनकी ओर से जारी पहला संदेश भी ईरानी टीवी एंकर द्वारा दायर किया गया था।
MP LPG CRISES: भोपाल से ग्वालियर तक: LPG सिलेंडर के लिए लंबी लगी कतारें; इंडक्शन-डीजल की भी उछलीं कीमतें

HIGHLIGHTS: प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग ठप, सर्वर डाउन। 50 हजार होटल-रेस्टॉरेंट गैस की कमी के कगार पर। इंडक्शन और डीजल भट्ठियों की कीमतें दोगुनी हुई। बालाघाट और डिंडौरी में उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ीं। सरकारी प्रयासों के बावजूद कतारें और संकट जारी। MP LPG CRISES: ग्वालियर। मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग ठप हो गई है। बता दें कि सर्वर डाउन होने के कारण लोग 7-8 दिन तक बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेशभर में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं। साथ ही कुछ शहरों में सिलेंडर की कालाबाजारी के आरोप भी सामने आए हैं। Vata Dosha वालों के लिए औषधि समान है यह आहार, दूर होगा सूखापन और कमजोरी होटल और रेस्टॉरेंट्स पर असर प्रदेश में 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट गैस की कमी के कगार पर हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के मुताबिक, 2 हजार से अधिक होटल-रेस्टॉरेंट को पिछले 4 दिनों में एक भी सिलेंडर नहीं मिला है। कई होटल्स में तो 24 से 48 घंटे तक खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। लोकमत अवार्ड्स में छाया आमिर-गौरी का एलिगेंट लुक: कैमरों को भूल पार्टनर की बातों में खोए दिखे सुपरस्टार, देखें वायरल मोमेंट इंडक्शन और डीजल भट्ठी की मांग में उछाल गैस की कमी के चलते मार्केट में इंडक्शन और डीजल भट्ठियों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। बताया जा रहा है कि भोपाल में इंडक्शन की बिक्री 7 गुना तक बढ़ गई है, साथ ही उज्जैन में प्राइवेट अस्पताल की कैंटीन में खाना डीजल भट्ठी से बनाया जा रहा है। विश्व विजेता भारत के आगे बौना साबित हुआ पाकिस्तान, पूर्व कप्तान लतीफ बोले- 10 साल की तपस्या का फल काट रहा है हिंदुस्तान सरकारी कदम और शिकायतें श्योपुर में एसडीएम गगन मीणा ने माइक के जरिए लोगों को समझाया और पुलिस ने भीड़ संभालने के लिए तैनात की। इंदौर में एजेंसियां ग्राहकों को नया नंबर और एप डाउनलोड करवाकर रात में बुकिंग करने की सलाह दे रही हैं। सतना के 86 लोगों ने सीएम हेल्पलाइन पर सिलेंडर न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। बाजार नियामक में बदलाव, K. V. Ramana Murthy को Securities and Exchange Board of India का फुल-टाइम मेंबर नियुक्त किया गया रसोई घर और आम लोगों पर असर गैस की कमी केवल होटल और रेस्टॉरेंट तक ही सीमित नहीं है। आम घरों में भी रसोई मुश्किल में आ गई है। कई परिवारों ने बताया कि 2-3 दिन से खाना नहीं बन पाया। लोग मजबूरी में इंडक्शन, डीजल भट्ठी या खुले आग का सहारा ले रहे हैं। इस कारण न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए भी समय और मेहनत बढ़ गई है।
भारत-चिली संबंधों पर जोर, Narendra Modi ने José Antonio Kast को दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिली के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जोस एंटोनियो कास्ट को पदभार संभालने पर बधाई दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश साझा करते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की और भारत तथा चिली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि चिली के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर जोस एंटोनियो कास्ट को हार्दिक बधाई। उन्होंने कहा कि वह भारत और चिली के बीच मित्रतापूर्ण संबंधों को और मजबूत बनाने तथा व्यापार, तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहराई करने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। वालपराइसो में हुआ शपथ ग्रहण समारोहजोस एंटोनियो कास्ट ने बुधवार को चिली के तटीय शहर वालपराइसो में स्थित नेशनल कांग्रेस बिल्डिंग में एक औपचारिक समारोह में राष्ट्रपति पद की शपथ ली। 60 वर्षीय नेता ने वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हॉल ऑफ ऑनर में पदभार ग्रहण किया। समारोह में पूर्व राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने उत्तराधिकारी को ‘पियोचा डी ओ’हिगिंस’ के बाद, जो चिली के राष्ट्रपति पद के अधिकार और सत्ता का पारंपरिक प्रतीक माना जाता है। विदेशी प्रतिनिधियों के लिए आयोजित हुआ विशेष भोजशपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति कलाकारों ने पास के शहर विना डेल मार में स्थित सेरो कैस्टिलो प्रेसिडेंशियल पैलेस में विदेशी प्रतिनिधियों के लिए एक विशेष भोज का आयोजन किया। यह कार्यक्रम चिली में राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह की पारंपरिक प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है। इस समारोह में कई देशों के प्रमुख नेता और प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें फेलिप VI, जेवियर मिली, जोस राउल मुलिनो, रोड्रिगो चावेस और सैंटियागो पेना सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और राजनयिक मौजूद थे। जर्मन मूल के परिवार से आते हैं कलाकारजोस एंटोनियो कलाकार सीनेटर से वकील हैं और जर्मन मूल के परिवार से आते हैं। उन्होंने चिली की प्रतिष्ठित पोंटिफिकल कैथोलिक यूनिवर्सिटी ऑफ चिली से कानून की पढ़ाई की। छात्र जीवन के दौरान ही उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी थी और वे जयमे गुजमान द्वारा शुरू किए गए ग्रेमियल आंदोलन से जुड़े। बाद में उन्होंने दक्षिणपंथी राजनीतिक दल इंडिपेंडेंट डेमोक्रेटिक यूनियन (यूपीएम) के साथ लगभग दो दशक तक काम किया। इस दौरान वे पहले नगरपालिका परिषद के सदस्य रहे और बाद में 2002 से 2018 तक चिली की संसद में सांसद के रूप में कार्य किया। रिपब्लिकन पार्टी बनाकर अलग पहचान बनाई2019 में जाति ने रिपब्लिकन पार्टी की स्थापना की और एक मजबूत कंजर्वेटिव राजनीतिक मंच की वकालत की। वे सुरक्षा, कार्मिक इमिग्रेशन नियमों और पारंपरिक सामाजिक मूल्यों को लेकर अपने सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले जाति ने 2017 और 2021 के चुनावों में भी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। हालांकि तीसरे प्रयास में उन्होंने जीत हासिल की। पिछले साल दिसंबर में हुए रनऑफ चुनाव में उन्होंने वामपंथी उम्मीदवार जीननेट जारा को हराकर राष्ट्रपति पद पर कब्जा किया और अब चिली के नए राष्ट्रपति के रूप में देश की कमान संभाल ली है।
लोकमत अवार्ड्स में छाया आमिर-गौरी का एलिगेंट लुक: कैमरों को भूल पार्टनर की बातों में खोए दिखे सुपरस्टार, देखें वायरल मोमेंट

नई दिल्ली। बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी निजी जिंदगी और नए रिश्ते को लेकर चर्चाओं के केंद्र में बने हुए हैं। हाल ही में मुंबई में आयोजित ‘लोकमत महाराष्ट्रीयन ऑफ द ईयर अवार्ड्स’ की शाम उस वक्त और भी हसीन हो गई, जब आमिर खान अपनी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट के साथ रेड कार्पेट पर उतरे। अपने रिश्ते को जगजाहिर करने के बाद से ही यह कपल अक्सर साथ देखा जाता है, लेकिन इस अवार्ड्स नाइट में उनकी केमिस्ट्री ने न केवल पैपराजी का ध्यान खींचा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी फैंस को दीवाना बना दिया है। इस इवेंट का एक वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आमिर और गौरी एक-दूसरे का हाथ थामे वेन्यू के अंदर प्रवेश करते नजर आ रहे हैं। रेड कार्पेट पर चलते हुए दोनों बेहद शालीन और एलिगेंट लग रहे थे। हालांकि, जिस बात ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं, वह था आमिर खान का अपनी लेडी लव के प्रति समर्पण। कार्यक्रम के दौरान जब फोटोग्राफर्स ने बार-बार आमिर से कैमरे की ओर देखकर पोज देने की गुजारिश की, तब भी आमिर का ध्यान पूरी तरह से गौरी पर ही केंद्रित था। वे अपनी पार्टनर के साथ बातचीत में इतने मशरूफ थे कि उन्होंने कैमरों की चमक को भी नजरअंदाज कर दिया। कुछ पल के लिए उन्होंने लेंस की ओर देखा जरूर, लेकिन तुरंत ही अपनी नजरें वापस गौरी की ओर मोड़ लीं। लुक की बात करें तो आमिर खान ने हमेशा की तरह सादगी को तरजीह दी। उन्होंने क्लासिक ब्लैक टी-शर्ट के साथ डार्क ब्लू डेनिम जींस पहनी थी और ब्लैक चश्मे के साथ अपने लुक को कूल और स्टाइलिश बनाया था। वहीं, गौरी स्प्रैट आइवरी रंग के बेहद खूबसूरत कुर्ता सेट में नजर आईं, जिसके बॉर्डर पर फ्लोरल डिटेलिंग थी। मिनिमल एक्सेसरीज और सॉफ्ट वेवी बालों के साथ गौरी का लुक आमिर के सादे अंदाज को बखूबी पूरक बना रहा था। दोनों की यह सादगी और एक-दूसरे के प्रति जुड़ाव लोगों को काफी पसंद आ रहा है। आपको बता दें कि आमिर खान ने पिछले साल अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर गौरी स्प्रैट को दुनिया से मिलवाकर सबको चौंका दिया था। मुंबई में मीडिया के साथ एक निजी बातचीत में उन्होंने स्वीकार किया था कि वे गौरी को पिछले 25 सालों से जानते हैं, लेकिन डेढ़ साल पहले दोबारा मिलने के बाद उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। आमिर ने बताया था कि यह सब बहुत अचानक और स्वाभाविक तरीके से हुआ। अब अवार्ड्स शो में उनकी यह बॉन्डिंग साफ बयां कर रही है कि आमिर अपनी जिंदगी के इस नए अध्याय में बेहद खुश और सुकून में हैं।
Vata Dosha वालों के लिए औषधि समान है यह आहार, दूर होगा सूखापन और कमजोरी

नई दिल्ली। आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर तीन मुख्य दोषों से मिलकर बना होता है-Vata Dosha, Pitta Dosha और Kapha Dosha। इन तीनों दोषों का संतुलन ही स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवन का आधार माना जाता है। यदि इनमें से किसी एक दोष का असंतुलन हो जाए तो शरीर में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।आयुर्वेद के अनुसार वात दोष मुख्य रूप से वायु और आकाश तत्वों से मिलकर बना होता है। जिन लोगों में यह प्रवृत्ति अधिक होती है, वे अक्सर दुबले-पतले, कमजोर और त्वचा में रूखेपन की समस्या से ग्रस्त दिखाई देते हैं। ऐसे लोगों को अक्सर थकान, सूखापन और ऊर्जा की कमी महसूस होती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण गलत खान-पान और शरीर की प्रकृति के अनुसार आहार न लेना होता है। साबुत अनाज से मिलती है ताकत और संतुलनवात दोष वाले लोगों को अपने भोजन में साबुत अनाज को विशेष रूप से शामिल करना चाहिए। साबुत अनाज शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देने के साथ-साथ उसमें चिकनाई भी प्रदान करते हैं, जिससे शरीर का सूखापन कम होता है। आयुर्वेद के अनुसार ऐसे लोगों को भारी और पोषण देने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर में ताकत बनी रहे और वात दोष संतुलित रहे। नियमित रूप से साबुत अनाज का सेवन करने से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है और कमजोरी दूर होती है। घी और दूध से मिलता है गहरा पोषणवात प्रवृत्ति वाले लोगों के लिए Ghee और Milk बेहद लाभकारी माने जाते हैं। ये दोनों खाद्य पदार्थ शरीर को पोषण देने के साथ-साथ आवश्यक चिकनाई भी प्रदान करते हैं।घी त्वचा और शरीर के ऊतकों को गहराई से पोषण देता है और सूखेपन को कम करने में मदद करता है। वहीं दूध शरीर को ताकत देने के साथ-साथ वात और पित्त दोष को नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है। सूखे मेवे और बीज से मिलती है ऊर्जावात दोष वाले लोगों को अपने आहार में सूखे मेवे और मगज के बीज भी शामिल करने चाहिए। इनमें प्राकृतिक तेल, गर्माहट और भरपूर पोषण मौजूद होता है।बादाम, काजू, अखरोट जैसे सूखे मेवे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और ओज यानी शरीर की प्राकृतिक शक्ति को बढ़ाते हैं। इनका नियमित सेवन शरीर की कमजोरी को दूर करने और वात संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। बासी भोजन से करें परहेजआयुर्वेद के अनुसार वात प्रवृत्ति वाले लोगों को बासी भोजन से बचना चाहिए। लंबे समय तक रखा हुआ भोजन शरीर में वात और कफ दोष को असंतुलित कर सकता है।इसलिए हमेशा ताजा और गर्म भोजन का सेवन करना बेहतर माना जाता है। ताजा भोजन शरीर को अधिक पोषण देता है और पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखता है। मीठे और रसीले फलों का सेवन है फायदेमंदवात दोष को संतुलित रखने के लिए मीठे और रसीले फलों का सेवन भी बेहद लाभकारी माना जाता है। आहार में Mango, Banana, Papaya, Grapes और Apple जैसे फलों को शामिल किया जा सकता है। ये फल शरीर को आवश्यक विटामिन और खनिज प्रदान करते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और सूखेपन की समस्या भी कम होती है। आयुर्वेद के अनुसार यदि व्यक्ति अपनी शरीर प्रकृति को समझकर भोजन का चयन करता है, तो वह कई बीमारियों से बच सकता है और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकता है। सही आहार और संतुलित जीवनशैली ही वात दोष को नियंत्रित रखने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
सिनेमा के दिग्गजों का जमावड़ा: सूरज बड़जात्या की बेटी के रिसेप्शन में एक साथ दिखे सलमान-आमिर, रेखा के 'सिग्नेचर लुक' ने जीता दिल

नई दिल्ली /मुंबई। भारतीय सिनेमा को ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘हम साथ-साथ हैं’ जैसी कालजयी और पारिवारिक फिल्में देने वाले दिग्गज निर्देशक सूरज बड़जात्या के घर इन दिनों खुशियों की शहनाई गूंज रही है। मौका था उनकी बेटी ईशा बड़जात्या के वेडिंग रिसेप्शन का, जो 12 मार्च की शाम मुंबई में बेहद भव्य अंदाज में संपन्न हुआ। इस जश्न में बॉलीवुड का वह रूप देखने को मिला, जो अक्सर बड़े पर्दे पर राजश्री की फिल्मों में नजर आता है-यानी पूरा सिनेमा जगत एक परिवार की तरह एकजुट दिखाई दिया। सितारों से सजी इस महफिल में इंडस्ट्री के ‘खान’ और ‘क्वीन्स’ ने शिरकत कर नवविवाहित जोड़े को अपना आशीर्वाद दिया। पार्टी का मुख्य आकर्षण सूरज बड़जात्या के सबसे चहेते ‘प्रेम’ यानी सुपरस्टार सलमान खान रहे। सलमान ने कड़ी सुरक्षा के बीच समारोह में एंट्री की। रॉयल ब्लू शर्ट, मैचिंग ब्लेजर और ट्राउजर के साथ ब्लैक टाई पहने सलमान बेहद हैंडसम नजर आ रहे थे। अपने पसंदीदा डायरेक्टर की बेटी की खुशी में शामिल होने पहुंचे सलमान ने पैपराजी को पोज दिए और उनके चेहरे पर अपने पुराने दोस्त सूरज के लिए खुशी साफ झलक रही थी। वहीं, ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान भी इस जश्न का हिस्सा बने। आमिर अपने बेटे जुनैद खान के साथ पहुंचे थे। जहां आमिर डार्क सूट और ब्लू शर्ट में फॉर्मल लुक में दिखे, वहीं जुनैद ने नीले कुर्ते और सफेद पजामे के पारंपरिक लिबास में सबका ध्यान खींचा। एवरग्रीन ब्यूटी रेखा ने एक बार फिर अपने ‘सिग्नेचर स्टाइल’ से महफिल लूट ली। सुनहरे, हरे और बेज रंग की भारी सिल्क साड़ी, हैवी ज्वेलरी और माथे पर सिंदूर लगाए रेखा की खूबसूरती के सामने नई अभिनेत्रियां भी फीकी नजर आ रही थीं। उनके अलावा ‘मर्दानी’ फेम रानी मुखर्जी ने भी अपनी सादगी और शालीनता से सबका दिल जीत लिया। रानी ने इस मौके के लिए व्हाइट और डार्क ग्रीन कलर का बेहद खूबसूरत सूट चुना था। युवा पीढ़ी के सुपरस्टार विक्की कौशल भी अपने पिता और मशहूर स्टंट डायरेक्टर श्याम कौशल के साथ पार्टी में पहुंचे। बेज रंग के सूट में विक्की बेहद क्लासी लग रहे थे। इनके अलावा महफिल में तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीना गुप्ता और शरवरी वाघ जैसे सितारों ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। दिग्गज निर्देशक राजकुमार हिरानी, इम्तियाज अली, बोनी कपूर, राकेश रोशन और सनी देओल ने भी अपनी उपस्थिति से शाम को और भी गरिमामय बना दिया। संगीत जगत से उदित नारायण और शान ने शिरकत की, तो वहीं टीवी की दुनिया के चहेते ‘जेठालाल’ यानी दिलीप जोशी भी इस खुशी के मौके पर नजर आए। जैकी श्रॉफ, सोनू सूद, बोमन ईरानी और सिद्धांत चतुर्वेदी जैसे सितारों की मौजूदगी ने इस वेडिंग रिसेप्शन को साल की सबसे यादगार पार्टियों में से एक बना दिया। इंटरनेट पर इस शाही रिसेप्शन की तस्वीरें और वीडियो जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहे हैं, जिसमें बॉलीवुड के ये सितारे सूरज बड़जात्या के पारिवारिक सदस्यों की तरह खुशियां मनाते दिख रहे हैं।
बेहतर नींद के लिए योग, World Sleep Day पर जानें अनिद्रा दूर करने वाले आसान आसन

नई दिल्ली।आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में अनिद्रा यानी नींद न आने की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल, तनावपूर्ण दिनचर्या और अनियमित खान-पान के कारण बहुत से लोग रात भर करवटें बदलते रहते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि रात में एक बार नींद टूट जाए तो दोबारा सो पाना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति को Insomnia कहा जाता है, जो लंबे समय तक बनी रहे तो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। क्यों मनाया जाता है विश्व निद्रा दिवसनींद के महत्व और नींद से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल World Sleep Day मनाया जाता है। यह दिन लोगों को यह याद दिलाता है कि अच्छी नींद स्वस्थ जीवन के लिए उतनी ही जरूरी है जितना संतुलित आहार और नियमित व्यायाम। पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर में थकान, ऊर्जा की कमी, मांसपेशियों में दर्द, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मानसिक तनाव, कैफीन का अत्यधिक सेवन, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों की कमी अनिद्रा के प्रमुख कारण हैं। ऐसे में योग और ध्यान जैसे प्राकृतिक उपाय इस समस्या से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हस्तोत्तानासन से कम होता है तनावHastottanasana को नींद सुधारने वाले प्रभावी योगासनों में माना जाता है। इसके अभ्यास के लिए पैरों में थोड़ा अंतर रखकर सीधे खड़े हों और सांस भरते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाएं। इसके बाद गर्दन को हल्का पीछे झुकाते हुए शरीर को पीछे की ओर खींचें। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं।यह आसन कंधों और पीठ की मांसपेशियों को खोलता है, शरीर में तनाव कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। पादहस्तासन से मन होता है शांतPadahastasana भी अनिद्रा में लाभकारी माना जाता है। इस आसन में सीधे खड़े होकर सांस भरते हुए हाथ ऊपर उठाए जाते हैं और फिर सांस छोड़ते हुए शरीर को कमर से आगे झुकाया जाता है। हथेलियों को जमीन पर रखते हुए सिर को नीचे की ओर झुका दिया जाता है। यह आसन सिर की ओर रक्त संचार बढ़ाता है, मानसिक तनाव को कम करता है और मन को शांत करने में मदद करता है। नियमित योग, संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर अनिद्रा की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है और बेहतर, गहरी तथा सुकून भरी नींद हासिल की जा सकती है।
विश्व विजेता भारत के आगे बौना साबित हुआ पाकिस्तान, पूर्व कप्तान लतीफ बोले- 10 साल की तपस्या का फल काट रहा है हिंदुस्तान

नई दिल्ली। विश्व क्रिकेट के मानचित्र पर इस समय केवल एक ही नाम की गूंज सुनाई दे रही है और वह है-टीम इंडिया। भारतीय क्रिकेट टीम ने पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह का वर्चस्व स्थापित किया है, उसने न केवल प्रशंसकों का दिल जीता है, बल्कि सरहद पार बैठे विरोधियों को भी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने भारतीय टीम की तारीफों के पुल बांधते हुए अपनी ही टीम की जमकर धज्जियां उड़ाई हैं। लतीफ का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच का अंतर अब केवल कौशल तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अब दोनों टीमों के DNA का हिस्सा बन चुका है। राशिद लतीफ ने बड़े टूर्नामेंटों में भारत और पाकिस्तान की अलग-अलग मानसिकता पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, भारत के DNA में अब ट्रॉफियां जीतना बस गया है, जबकि हमारे पाकिस्तान DNA में नॉकआउट से पहले ही घुटने टेक देना शामिल हो गया है। लतीफ का यह तंज पाकिस्तान क्रिकेट की उस गिरती साख पर है, जहां टीम पिछले कई आईसीसी आयोजनों में शुरुआती दौर से ही बाहर होती रही है। लतीफ ने जोर देकर कहा कि टीम इंडिया का यह दबदबा कोई रातों-रात मिली सफलता नहीं है, बल्कि यह पिछले एक दशक की कड़ी मेहनत, अनुशासन और सटीक योजना का परिणाम है। भारतीय क्रिकेट के सुनहरे सफर पर नजर डालें तो 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में रोहित-विराट की विदाई के बाद भी टीम की धार कम नहीं हुई। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और गौतम गंभीर के मार्गदर्शन में बनी नई टीम इंडिया ने क्रिकेट खेलने के अंदाज को ही बदल दिया है। भारत ने न केवल 2024 का खिताब जीता, बल्कि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 वर्ल्ड कप में भी अपनी बादशाहत कायम रखी। इसके साथ ही एशिया कप में भारत का चैंपियन बनना यह साबित करता है कि टीम हर दबाव वाले मैच को जीतने का हुनर सीख चुकी है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की स्थिति इसके ठीक उलट है। 2022 के टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से पाकिस्तानी क्रिकेट का ग्राफ लगातार नीचे गिरा है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप से लेकर 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी तक, पाकिस्तान का सफर निराशाजनक रहा और 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में तो टीम सुपर-8 की बाधा भी पार नहीं कर पाई। लतीफ ने भारतीय टीम की जुझारू क्षमता का उदाहरण देते हुए कहा कि टॉस हारने जैसी प्रतिकूल स्थितियों के बावजूद भारतीय खिलाड़ी 250 रन जैसे विशाल स्कोर खड़ा करने का माद्दा रखते हैं। उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा, भारतीय टीम को हराना अब किसी भी टीम के लिए टेढ़ी खीर है। वे दबाव में निखरते हैं और उनके पास फाइनल खेलने और उसे जीतने की मानसिक मजबूती है। राशिद लतीफ का यह बयान न केवल टीम इंडिया के प्रति सम्मान को दर्शाता है, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों के लिए एक कड़ी चेतावनी भी है कि अगर वे समय रहते नहीं संभले, तो यह फासला कभी नहीं भरा जा सकेगा।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल पर Donald Trump बोले- अमेरिका के लिए अच्छा मौका

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति में आई बाधाओं के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इस स्थिति से कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है और कई सरकारें ईंधन की खपत कम करने के उपाय तलाश रही हैं। इसी बीच Donald Trump ने कहा है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से अमेरिका को आर्थिक रूप से फायदा हो रहा है। उनका कहना है कि क्योंकि United States दुनिया का सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है, इसलिए तेल महंगा होने पर उसे ज्यादा आय प्राप्त होती है। ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने रखी अपनी बातट्रंप ने यह टिप्पणी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर की। उन्होंने लिखा कि जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो अमेरिका को इससे काफी मुनाफा होता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Iran को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जाए, क्योंकि इससे मध्य पूर्व और पूरी दुनिया की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि वे किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। गैस की बढ़ती कीमतों को बताया नियंत्रण मेंट्रंप ने बुधवार को ओहियो में एक कार्यक्रम के दौरान भी ईंधन की बढ़ती कीमतों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि गैस की कीमतें जितनी बढ़ने की आशंका थी, उतनी नहीं बढ़ी हैं। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले समय में कीमतें इतनी कम हो जाएंगी कि लोगों को इसकी चिंता भी नहीं रहेगी। उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। आईईए ने दी तेल आपूर्ति संकट की चेतावनीइस बीच International Energy Agency (आईईए) ने चेतावनी दी है कि ईरान से जुड़े हमलों और क्षेत्रीय संघर्षों के कारण दुनिया को तेल आपूर्ति में बड़ी बाधा का सामना करना पड़ सकता है। एजेंसी का कहना है कि यह इतिहास की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधाओं में से एक साबित हो सकती है। स्थिति को संभालने के लिए आईईए के सदस्य देशों ने बुधवार को एक अहम फैसला लिया। इसके तहत 32 सदस्य देशों ने अपने आपातकालीन भंडार से लगभग 40 करोड़ बैरल तेल बाजार में जारी करने पर सहमति जताई है, ताकि वैश्विक बाजार में आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके। आपातकालीन भंडार से तेल जारी करने का फैसलाआईईए के सदस्य देशों के पास कुल मिलाकर 1.2 अरब बैरल से अधिक का आपातकालीन तेल भंडार मौजूद है। इसके अलावा उद्योगों के पास भी सरकारी नियमों के तहत लगभग 60 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल का भंडार उपलब्ध है।यह समन्वित रूप से तेल भंडार जारी करने का आईईए के इतिहास में छठा मौका है। इससे पहले 1991, 2005, 2011 और 2022 में भी इसी तरह के कदम उठाए गए थे। गौरतलब है कि International Energy Agency की स्थापना 1974 में वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी। होर्मुज जलडमरूमध्य से प्रभावित हुई आपूर्तिआईईए के कार्यकारी निदेशक Fatih Birol ने हाल ही में सदस्य देशों की एक विशेष बैठक बुलाई थी, जिसमें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और तेल आपूर्ति पर उसके असर का आकलन किया गया। बैठक के बाद ही आपातकालीन भंडार जारी करने का निर्णय लिया गया। दरअसल, 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण Strait of Hormuz के रास्ते तेल आपूर्ति प्रभावित हो गई है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मौजूदा हालात में कच्चे तेल और रिफाइंड उत्पादों का निर्यात संघर्ष से पहले के स्तर के 10 प्रतिशत से भी कम रह गया है।
महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर स्थित घुरैया मार्केट में महज 21 वर्षीय एक महिला ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है, जब किरन पत्नी पुष्पेंद्र लोधी का शव उसके अपने ही घर में फंदे से लटका हुआ पाया गया। जैसे ही परिजनों की नजर फंदे पर झूलती किरन पर पड़ी, घर में कोहराम मच गया और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतका के मायके पक्ष के बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। किरन के मायके वालों का आरोप है कि यह महज आत्महत्या नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष द्वारा किए गए मानसिक और शारीरिक शोषण का परिणाम है। परिजनों ने बताया कि किरन का विवाह करीब तीन साल पहले पुष्पेंद्र लोधी के साथ हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित करने लगे थे। “शादी के बाद से ही उसे चैन से रहने नहीं दिया गया, ससुराल वालों का व्यवहार उसके प्रति लगातार क्रूर होता जा रहा था,” मायके पक्ष ने पुलिस को दिए अपने बयान में यह बात स्पष्ट रूप से कही है। उनका दावा है कि इसी निरंतर हो रहे उत्पीड़न और प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी ने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराजपुरा थाना सर्किल के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस ने घटना के हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। सीएसपी ने आगे जानकारी दी कि मायके पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और उनके बयानों को आधार मानते हुए गुरुवार रात को ससुराल पक्ष के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे केवल प्रताड़ना ही मुख्य कारण था या कुछ और भी तथ्य छिपे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्वालियर में हुई इस घटना ने एक बार फिर नवविवाहिताओं की सुरक्षा और उनके प्रति हो रहे सामाजिक व पारिवारिक व्यवहार पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।