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आईपीएल 2026 से पहले बढ़ी चिंता, Royal Challengers Bengaluru के इस धाकड़ तेज गेंदबाज के खेलने पर संशय

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सीजन से पहले Royal Challengers Bengaluru की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। टीम के स्टार तेज गेंदबाज Josh Hazlewood के आईपीएल 2026 में खेलने को लेकर संशय बना हुआ है। चोटों से जूझ रहे हेजलवुड अभी पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और मेडिकल टीम की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। यदि वह टूर्नामेंट की शुरुआत तक फिट नहीं होते हैं तो आरसीबी की गेंदबाजी लाइन-अप को बड़ा झटका लग सकता है। चोट के कारण लंबे समय से क्रिकेट से दूररिपोर्ट्स के अनुसार हेजलवुड पिछले कुछ समय से हैमस्ट्रिंग और अकिलीज टेंडन की चोट से परेशान हैं। वह फिलहाल फिजियो और मेडिकल टीम की निगरानी में हैं। पूरी तरह फिटनेस हासिल करने के बाद ही उन्हें मैदान पर उतरने की अनुमति मिल सकती है। चोट के कारण ही वह हाल ही में खेले गए The Ashes और ICC Men’s T20 World Cup 2026 से भी बाहर रहे थे। पिछले सीजन में रहे थे आरसीबी के हीरोहेजलवुड पिछले सीजन में आरसीबी के लिए सबसे प्रभावी गेंदबाजों में से एक रहे थे। उन्होंने 12 मैचों में 22 विकेट लेकर टीम को पहली बार आईपीएल खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता ने विरोधी टीमों को काफी परेशान किया था। ऐसे में अगर वह इस सीजन की शुरुआत में उपलब्ध नहीं होते हैं तो टीम की गेंदबाजी कमजोर पड़ सकती है। न्यू साउथ वेल्स के लिए खेलते समय लगी थी चोटहेजलवुड को नवंबर में घरेलू क्रिकेट के दौरान New South Wales cricket team के लिए खेलते समय दाहिने पैर की हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। इसी वजह से वह एशेज सीरीज के पहले टेस्ट से बाहर हो गए थे। इसके बाद उन्हें अकिलीज टेंडन की नई समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वह पूरी एशेज और फिर टी20 विश्व कप से भी बाहर रहे। चोटों ने प्रभावित किया आईपीएल करियरहेजलवुड का आईपीएल करियर भी चोटों की वजह से कई बार प्रभावित हुआ है। उन्होंने अब तक 39 आईपीएल मैच खेले हैं, जिनमें 57 विकेट अपने नाम किए हैं। हालांकि जब भी वह फिट होकर मैदान में उतरे हैं, तब उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से टीम को कई अहम मुकाबले जिताए हैं। आरसीबी का पहला मुकाबला SRH सेआईपीएल 2026 में आरसीबी अपना पहला मुकाबला Sunrisers Hyderabad के खिलाफ खेलेगी। यह मैच 28 मार्च को M. Chinnaswamy Stadium में खेला जाना है। हालांकि इस मैच में एसआरएच के कप्तान Pat Cummins के खेलने पर भी संशय बना हुआ है, क्योंकि वह भी फिलहाल चोट से उबरने की प्रक्रिया में हैं। फैंस को फिटनेस अपडेट का इंतजारऐसे में आईपीएल शुरू होने से पहले दोनों टीमों के फैंस की नजरें खिलाड़ियों की फिटनेस अपडेट पर टिकी हुई हैं। अगर हेजलवुड समय पर फिट होकर मैदान में लौटते हैं तो आरसीबी की गेंदबाजी और मजबूत हो जाएगी, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। 

OBC आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… कहा- सिर्फ आय के आधार पर तय नहीं कर सकते क्रीमी लेयर

sनई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण (OBC Reservation) को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी उम्मीदवार के क्रीमी लेयर (Creamy Layer) में होने या न होने का निर्धारण केवल उसकी पारिवारिक आय के आधार पर नहीं किया जा सकता है। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “पदों की श्रेणियों और स्टेटस मापदंडों का संदर्भ लिए बिना, केवल आय के आधार पर क्रीमी लेयर का दर्जा तय करना कानून की दृष्टि से टिकाऊ नहीं है।” अदालत का मानना है कि आय के साथ-साथ व्यक्ति के सामाजिक और व्यावसायिक पद को भी ध्यान में रखा जाना अनिवार्य है। क्या है क्रीमी लेयर की अवधारणा?क्रीमी लेयर शब्द का प्रयोग ओबीसी समुदाय के उन लोगों के लिए किया जाता है जो आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी समृद्ध हो चुके हैं। आरक्षण का लाभ इस वर्ग को न मिलकर समुदाय के उन गरीब और पिछड़े लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता है। इस अवधारणा की शुरुआत 1992 के प्रसिद्ध इंद्रा सहनी बनाम भारत सरकार मामले के बाद हुई थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को तो बरकरार रखा था, लेकिन संपन्न तबके को इससे बाहर रखने का आदेश दिया था। इसके बाद 1993 में सरकार ने इसे लागू करने के नियम बनाए थे। वर्तमान नियमों के अनुसार, यदि किसी ओबीसी परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक है तो उसे क्रीमी लेयर में माना जाता है। ऐसे उम्मीदवार सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण के हकदार नहीं होते। आय की यह सीमा आखिरी बार 2017 में 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 8 लाख रुपये की गई थी। आय के अलावा उच्च संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, सशस्त्र बलों के उच्च अधिकारियों और बड़े व्यवसायियों के बच्चों को भी क्रीमी लेयर की श्रेणी में रखा जाता है। सुप्रीम कोर्ट के इस नए फैसले से सरकार पर क्रीमी लेयर की पहचान करने वाले 1993 के नियमों की समीक्षा करने का दबाव बढ़ सकता है। अदालत ने संकेत दिया है कि केवल पैसे को पैमाना मान लेना सामाजिक न्याय के व्यापक उद्देश्यों के खिलाफ हो सकता है। उदाहरण के लिए एक कम वेतन पाने वाला व्यक्ति भी अगर ऊंचे प्रशासनिक पद पर है तो उसकी सामाजिक स्थिति एक अमीर व्यापारी से भिन्न हो सकती है।

प्रधानमंत्री बोले- LPG को लेकर पैनिक फैलाकर देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं कुछ लोग

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने भारत (India) में रसोई गैस (LPG) की स्थिति को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि वे न केवल जनता के सामने खुद को बेनकाब कर रहे हैं बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हैं, जो एलपीजी को लेकर पैनिक फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। वे अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं और देश का बड़ा नुकसान कर रहे हैं। एनएक्सटी समिट को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूदा संकट से कोई भी देश अछूता नहीं है और सरकार भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग मौजूदा हालात का फायदा उठाकर कुछ उत्पादों की कालाबाजारी करने की कोशिश कर रहे हैं और चेतावनी दी कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मोदी ने कहा, ”कुछ लोग एलपीजी को लेकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बिना किसी राजनीतिक टिप्पणी के मैं सिर्फ इतना कहूंगा कि वे न सिर्फ लोगों के सामने खुद को उजागर कर रहे हैं, बल्कि देश को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष से उत्पन्न मौजूदा संकट से निपटने में हर किसी की महत्वपूर्ण भूमिका है- चाहे वह राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, युवा हों, शहर हों या गांव हों। पीएम मोदी ने कहा कि कई वैश्विक संकटों के बावजूद, विश्व नेता और विशेषज्ञ भारत की ओर बड़ी आशा से देखते हैं, जिससे भारत की जिम्मेदारियां भी बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, ”आज पूरी दुनिया जानती है कि यदि आप भविष्य का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको भारत से जुड़ना होगा और भारत में रहना होगा।” उन्होंने कहा, ”हमारा एक ही लक्ष्य है, एक ही मंजिल है, और वो है विकसित भारत। भारत न केवल प्रगति कर रहा है, बल्कि अगले स्तर की ओर अग्रसर है।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि विश्व एक कठिन दौर से गुजर रहा है, लेकिन भारत तेज और स्थिर गति से आगे बढ़ रहा है। मोदी ने कहा, ”कई वैश्विक नेता कह रहे हैं कि भारत पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।”

हरदीप पुरी बोले- देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं…. LPG प्रोडक्शन भी 28% बढ़ा

Hardeep Puri नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) और केरोसिन की कोई कमी नहीं है, एलपीजी प्रोडक्शन (LPG production) में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सरकार की प्राथमिकता है कि देश में करोड़ों परिवारों की रसोई में खाना पकाने के लिए गैस की कमी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरुमध्य में बनी प्रतिकूल स्थिति का जिक्र करते हुए पुरी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में कोई भूमिका नहीं होने के बावजूद भारत को इसके परिणामों से पार पाना होगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद पुरी ने कहा, ”दुनिया ने ऐसा संकट, ऊर्जा के इतिहास में कभी नहीं देखा। होर्मुज जलडमरूमध्य से 20 प्रतिशत कच्चा तेल की आपूर्ति होती है। इतिहास में पहली बार वाणिज्यिक पोत परिवहन के लिए होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है।” उन्होंने देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा, ”पिछले पांच दिन में एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है। मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और वंचितों की रसोई को (एलपीजी की) किसी कमी का सामना नहीं करना पड़े।” पुरी ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के मांग प्रबंधन उपाय के तौर पर शहरों में 25 दिन के न्यूनतम अंतराल पर बुकिंग की जा सकती है, वहीं ग्रामीण तथा दुर्गम क्षेत्रों में 45 दिन के बाद सिलेंडर की बुकिंग की जा सकती है। उन्होंने कहा, ”भारत को कच्चा तेल की आपूर्ति सुरक्षित है। 45 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज से आता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्कृष्ट कूटनीतिक पहुंच के कारण भारत ने इस अवधि में जो कच्चा तेल प्राप्त किया, वह संकटग्रस्त होर्मुज से ऐसे समय में आपूर्ति हो सकने वाली मात्रा से अधिक है।” पुरी ने कहा, ”देश में रिफाइनरी उच्च क्षमता के साथ काम कर रही हैं। कई मामलों में तो शत-प्रतिशत से अधिक काम कर रही हैं। देश में पेट्राल, डीजल, एटीएफ (विमान का ईंधन), केरोसिन की कमी नहीं है। खुदरा विक्रेता के पास भंडार है और इन उत्पादों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाएं सामान्य तरीके से काम कर रही हैं।” पुरी ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी का मानक समय ढाई दिन बना हुआ है जो बदला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति प्राथमिकता के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक एलपीजी को पूरी तरह विनियमित तरीके से बेचा जा रहा है जो बाजार मूल्य पर उपलब्ध है। पुरी ने यह भी कहा कि हाल ही में 60 रुपये के समायोजन के बाद बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का मूल्य 913 रुपये है, जबकि बाजार द्वारा तय मूल्य लगभग 987 रुपये है। पुरी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि एक पड़ोसी देश ने सारे स्कूल बंद कर दिए हैं, घर से काम करने के नियम जारी किए हैं और सड़कों पर सरकारी वाहनों की संख्या आधी कर दी है। उन्होंने कहा कि एक और पड़ोसी देश में विश्वविद्यालय तय समय से पहले बंद कर दिए गए और ईंधन बचाने के लिए ईद की छुट्टियां बढ़ा दी गईं। मंत्री ने कहा कि यह अफवाह फैलाने और झूठे विमर्श पैदा करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में स्कूल खुले हुए हैं और पेट्रोल-डीजल सामान्य तरीके से मिल रहा है। विपक्ष की नारेबाजी के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि इस संकट से पहले भारत के कच्चे तेल का करीब 45 प्रतिशत आयात होर्मुज मार्ग से हो रहा था। उन्होंने कहा, ”कच्चे तेल का गैर-होर्मुज स्रोत से आयात बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है जो संघर्ष शुरू होने से पहले 55 प्रतितश था।” पुरी ने सदन में कहा कि भारत आज 40 देशों से कच्चे तेल का आयात करता है जो 2006-07 में 27 देशों से होता था। अमेरिका और इजराइल द्वारा गत 28 फरवरी को संयुक्त रूप से हमला किए जाने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से तेल और गैस लेकर आने वाले जहाजों की आवाजाही रोक दी है। इस समुद्री मार्ग से दुनिया को 20 प्रतिशत कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की आपूर्ति होती है। पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति अवरुद्ध हो गई। उन्होंने कहा कि कच्चा तेल की खरीद में विविधता लाई गई है और खाड़ी क्षेत्र के उपलब्ध स्रोतों के अलावा अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मालवाहक जहाज आ रहे हैं।

मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव

नई दिल्ली। जिस मां की गोद को बच्चे के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहीं मां जब मासूम बेटे की कातिल बन जाए तो समाज सन्न रह जाता है। यूपी के प्रयागराज में सरायममरेज के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम ऐसी ही सनसनीखेज वारदात हुई, जिसमें पति से विवाद के बाद एक महिला ने अपने चार माह के बेटे को नुकीली ईंट से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद उसने बच्चे के शव को लकड़ियों के ढेर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव का पूरे जयसिंह निवासी संतोष यादव मजदूरी करता है। पुलिस के मुताबिक, उसका पत्नी मनोरमा यादव से घरेलू बातों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। पिछले तीन-चार दिनों से पति-पत्नी के बीच झगड़ा बढ़ गया था। ऐसे ही झगड़े के बाद बुधवार शाम गुस्से में आकर मनोरमा ने अपने चार माह के बेटे ईश्वर पर सीमेंट की नुकीली ईंट से कई प्रहार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या को छिपाने के लिए मनोरमा ने बच्चे के शव को घर के पास टीनशेडनुमा कमरे में लकड़ियों के ढेर में महुआ के पत्तों व घासफूस से छिपा दिया और सामान्य रूप से घर के कामकाज में लग गई। काफी देर तक बच्चा नजर नहीं आने पर पति संतोष और परिजन परेशान हो गए। उन्होंने मनोरमा से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने बेटे की हत्या करने की बात कबूल कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम को भेजकर मनोरमा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मृतक बच्चे के दादा हरिलाल यादव उर्फ मुन्नीलाल की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज किया है। घरेलू कलह की बलि चढ़ गया चार माह का ईश्वरगंगापार के सरायममरेज थानाक्षेत्र के पिलखिनी गांव में बुधवार शाम हुई सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। दो साल के लंबे इंतजार के बाद जिस बेटे ने परिवार में खुशियां लाई थीं, उसी मासूम की जिंदगी घरेलू कलह की बलि चढ़ गई। पति से विवाद के बाद गुस्से में अंधी हुई मां ने ही अपने चार माह के इकलौते बेटे ईश्वर की कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर हत्या कर दी। ये भी पढ़ें:बदायूं डबल मर्डर में पुलिस की लापरवाही! एक महीने पहले दी गई थी धमकी की शिकायतग्रामीणों के मुताबिक संतोष यादव की यह दूसरी शादी थी। पहली पत्नी से शादी के करीब पंद्रह दिन बाद ही दोनों के बीच अलगाव हो गया था। इसके बाद करीब दो साल पहले संतोष ने मनोरमा से विवाह किया। लंबे इंतजार के बाद चार माह पहले बेटे ईश्वर का जन्म हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू बातों को लेकर नोकझोंक होती रहती थी। पिछले तीन-चार दिनों से यह विवाद और बढ़ गया था। बुधवार को जब संतोष मजदूरी के लिए घर से बाहर गया था, उसी दौरान मनोरमा ने गुस्से में आकर मासूम ईश्वर के पेट और शरीर पर कंक्रीट के नुकीले टुकड़े से वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक और सन्नाटा पसर गया। इधर, घटनास्थल की जानकारी होने पर देर शाम सरायममरेज थाना प्रभारी अतुल मिश्रा व जंघई चौकी प्रभारी शरद सिंह ने मयफोर्स पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ईंट का टुकड़ा भी बरामद कर लिया है। सरायममरेज पुलिस के अनुसार आरोपी महिला के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उसकी मानसिक स्थिति भी सामान्य नहीं लग रही है।

यूपी भाजपा में बन रही बड़े संगठनात्मक फेरबदल की योजना, 2027 चुनाव से पहले नई टीम बनाने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। करीब डेढ़ दशक बाद प्रदेश संगठन में व्यापक फेरबदल की योजना बनाई जा रही है। वर्ष 2010 से अब तक संगठन में कई नेता महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री और प्रवक्ता जैसे पदों पर लगातार बने हुए हैं। इस दौरान सात प्रदेश अध्यक्ष बदले, लेकिन अधिकतर पदों पर वही चेहरे बने रहे। इनमें से कई नेता विधायक या विधान परिषद सदस्य भी बन चुके हैं, फिर भी संगठन में उनकी जिम्मेदारियां बरकरार हैं। सूत्रों के मुताबिक नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की रणनीति तैयार कर रहे हैं। इस बार केवल औपचारिक फेरबदल नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर असर दिखाने वाले बदलाव किए जाने की योजना है। नई टीम बनाते समय जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है। पिछले वर्षों में प्रदेश अध्यक्षों का चेहरा भले बदला हो, लेकिन संगठन के कई प्रमुख पदों पर वही नेता बने रहे। इससे क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन प्रभावित हुआ। संगठन में कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और संत कबीर नगर जैसे कुछ जिलों को अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व मिला, जबकि कई अन्य क्षेत्रों को पर्याप्त भागीदारी नहीं मिल पाई। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर भी इन जिलों को अधिक प्राथमिकता मिलने की चर्चा होती रही है। कई क्षेत्रों को नहीं मिला पर्याप्त प्रतिनिधित्वसूर्य प्रताप शाही के अध्यक्ष बनने के बाद कुछ जिलों से संगठन में दो से चार पदाधिकारी शामिल किए गए, जबकि कानपुर-बुंदेलखंड, ब्रज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा काशी और अवध क्षेत्र के कई जिलों को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है और इसका असर पार्टी के कार्यक्रमों व चुनावी तैयारियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी इस असंतुलन को दूर करने के लिए नई टीम के गठन पर गंभीरता से काम कर रहे हैं। प्रदेश नेतृत्व सभी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संगठन का नया ढांचा तैयार कर रहा है। माना जा रहा है कि कई जिलों से तीन-चार पदाधिकारियों तक को बदला जा सकता है, ताकि संतुलन स्थापित हो सके। क्षेत्रीय अध्यक्षों में भी बदलाव संभवसूत्रों के अनुसार संगठन के छह क्षेत्रीय अध्यक्ष-काशी, गोरक्ष, अवध, पश्चिम, ब्रज और कानपुर-बुंदेलखंड-को भी बदले जाने की संभावना है। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। पहला, चयन में जातीय संतुलन का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया और दूसरा, कुछ अध्यक्षों के खिलाफ प्रदेश नेतृत्व को शिकायतें भी मिली हैं। इन शिकायतों में पार्टी गतिविधियों की तुलना में व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता देने और कार्यकर्ताओं के बीच विवाद सुलझाने में सक्रियता की कमी जैसी बातें शामिल हैं। विधायक बने पदाधिकारियों पर भी असरसंगठन में ऐसे कई पदाधिकारी हैं जो राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य बन चुके हैं, लेकिन अब भी महामंत्री या उपाध्यक्ष जैसे पदों पर बने हुए हैं। इस बार ऐसे नेताओं को भी बदले जाने की संभावना जताई जा रही है। इनमें कई नेता सूर्य प्रताप शाही, लक्ष्मीकांत वाजपेई, केशव प्रसाद मौर्य, महेंद्र नाथ पांडेय और स्वतंत्रदेव सिंह के कार्यकाल से संगठन में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कुर्सी बचाने की कोशिशें तेजसंभावित फेरबदल की खबर से संगठन के कई पदाधिकारी सक्रिय हो गए हैं। कुछ नेता नए प्रदेश नेतृत्व से संपर्क बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो कुछ उनके करीब रहने की रणनीति अपना रहे हैं। वहीं कुछ लोग संघ के साथ अपने संबंधों को भी मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि जल्द घोषित होने वाली नई टीम में कई नए चेहरों को मौका मिल सकता है।

T20 WORLD CUP: माइकल वॉन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की सबसे बड़ी चूक का किया खुलासा, कहा- साउथ अफ्रीका ने भारत को बाहर करने का मौका गंवाया

T20 WORLD CUP: नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने इतिहास रचते हुए लगातार तीसरी बार खिताब अपने नाम किया। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ भारत बैक-टू-बैक दो और कुल तीन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बन गया। हालांकि टूर्नामेंट में भारत को एकमात्र हार सुपर-8 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ झेलनी पड़ी थी। OBC आरक्षण पर SC का बड़ा फैसला… कहा- सिर्फ आय के आधार पर तय नहीं कर सकते क्रीमी लेयर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा क्रिकेट एक्सपर्ट माइकल वॉन ने इस हार और टूर्नामेंट के दौरान साउथ अफ्रीका की रणनीति पर अपनी राय रखी। वॉन ने साउथ अफ्रीका को टी20 वर्ल्ड कप 2026 की “सबसे बेवकूफ टीम” करार दिया। उनका कहना है कि सुपर-8 में भारत को हराने के बाद साउथ अफ्रीका के पास भारत को टूर्नामेंट से बाहर करने का सुनहरा मौका था, लेकिन उन्होंने इसे गंवा दिया। माइकल वॉन ने ‘Stick to Cricket’ पॉडकास्ट में बताया कि साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को सुपर-8 में हराने नहीं दिया, जबकि अगर ऐसा होता तो भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो जाती। वॉन ने कहा, “अगर साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को रास्ता दे दिया होता, तो भारत बाहर हो जाता और उनका विजय रथ रुक जाता। उन्होंने अपने कुछ खिलाड़ियों को आराम भी दिया, जिससे भारत का रास्ता आसान हो गया।” मां ने चार महीने के बेटे को मार डाला, नुकीली ईंट से हत्या कर लकड़ियों में छिपाया शव साउथ अफ्रीका की यह चूक भारत के लिए सौभाग्य साबित हुई। भारत ने इसके बाद लगातार जीत दर्ज की और जिम्बाब्वे, वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा। इस प्रदर्शन के दम पर टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की ट्रॉफी जीतकर अपने अभियान को यादगार बना दिया। वॉन की टिप्पणी ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्रिकेट में मौके गंवाना भारी पड़ सकता है, और किसी भी मजबूत टीम को शुरुआती दौर में कमजोर करना रणनीतिक तौर पर कितना अहम हो सकता है। इस बार भारत के लिए साउथ अफ्रीका की चूक ही जीत का बड़ा कारण रही।

GWALIOR NEWSLYWED SUICIDE: 21 साल की महिला ने फांसी लगाकर दी जान, परिजनों ने पति पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

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HIGLIGHTS: ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में महिला की आत्महत्या डीडी नगर घुरैया मार्केट में घर के अंदर लगाई फांसी मृतका की पहचान 21 वर्षीय किरन के रूप में हुई मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर लगाए प्रताड़ना के आरोप पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच GWALIOR NEWSLYWED SUICIDE: ग्वालियर। महाराजपुरा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है, जहां एक 21 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बता दें कि घटना डीडी नगर स्थित घुरैया मार्केट की बताई जा रही है। मंगलवार शाम करीब 7 बजे महिला ने अपने घर में फांसी लगा ली। 2024 से टीम इंडिया पर 377.5 करोड़ की प्राइज मनी लुटा चुका है BCCI, जीती ये 6 ICC ट्रॉफी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस परिजनों ने जब महिला को फंदे पर लटका देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान 21 वर्षीय किरन पत्नी पुष्पेंद्र लोधी के रूप में हुई है। आईपीएल 2026 से पहले विवाद, Kavya Maran ने Sunrisers Hyderabad का बॉयकॉट करने की मांग उठाई मायके पक्ष ने लगाए प्रताड़ना के आरोप मृतका के मायके पक्ष का कहना है कि किरन की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि इसी प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। शादी के कुछ ही दिनों बाद रश्मिका मंदाना की पर्सनल लाइफ बनी चर्चा का विषय पुलिस ने दर्ज किया मामला महाराजपुरा थाना सर्किल के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मायके पक्ष के बयानों के आधार पर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। GWALIOR LADLI BEHNA PROGRAM: घाटीगांव में आज लाड़ली बहना सम्मेलन: CM मोहन यादव सिंगल क्लिक से ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़, 54 विकास कार्यों का भी होगा शुभारंभ जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई सूचना के मुताबिक पूरे मामले की जांच की जा रही है। मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

2024 से टीम इंडिया पर 377.5 करोड़ की प्राइज मनी लुटा चुका है BCCI, जीती ये 6 ICC ट्रॉफी

नई दिल्ली।2024 टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने के बाद मानों भारत के लिए आईसीसी ट्रॉफी का दरवाजा खुल गया होगा। अंडर-19 में तो भारत अपनी बादशाहत बनाए हुआ था, मगर सीनियर लेवल पर टीम इंडिया ने इससे पहले आखिरी ट्रॉफी 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में जीती थी। मगर जैसे ही रोहित शर्मा की अगुवाई ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीतकर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया, तो इसके बाद टीम इंडिया ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। टीम इंडिया पिछले 2 साल में 2-4 नहीं बल्कि पूरी 6 आईसीसी ट्रॉफी जीती है। इसमें मेंस, वुमेंस और अंडर-19 क्रिकेट शामिल है। टीम इंडिया की हर जीत पर बीसीसीआई ने खूब पैसा लुटाया। आईए जानते हैं बीसीसीाई पिछले 2 सालों में टीम इंडिया को कितनी प्राइज मनी दे चुकी है। 2024 टी20 वर्ल्ड कप- 125 करोड़रोहित शर्मा की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने 2024 में जब टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीता था, तो बीसीसीआई ने 125 करोड़ रुपए की प्राइज मनी का ऐलान किया था। यह भारतयी क्रिकेट के लिए बेहद खास पल था, क्योंकि 11 साल बाद आईसीसी ट्रॉफी देश आ रही थी। भारत ने साउथ अफ्रीका को फाइनल में हराकर यह खिताब अपने नाम किया था। 2025 चैंपियंस ट्रॉफी- 58 करोड़रोहित शर्मा की कप्तानी में ही भारत ने अगले साल यानी 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता। यह वर्ल्ड कप नहीं था, जिस वजह से बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए 58 करोड़ रुपए की प्राइज मनी का ऐलान किया था। 2026 टी20 वर्ल्ड कप- 131 करोड़सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने बैक टू बैक दूसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। भारत लगातार दो टी20 वर्ल्ड कप और कुल 3 बार यह खिताब जीतने वाला पहला देश बना है। टीम इंडिया की इस उपलब्धि पर बीसीसीआई ने 131 करोड़ रुपए की प्राइज मनी का ऐलान किया। 2025 वुमेंस वर्ल्ड कप- 51 करोड़मेंस ही नहीं, बल्कि भारत ने वुमेंस क्रिकेट में भी तिरंगा लगाया। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत ने पहली बार वुमेंस वर्ल्ड कप का खिताब जीता। भारत के लिए यह ऐतिहासिक पल था। बीसीसीआई ने इस मौके पर 51 करोड़ रुपए की प्राइज मनी दी। U19 मेंस और वुमेंस वर्ल्ड कप- 12.5 करोड़बीसीसीआई ने 2025 में अंडर-19 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली महिला टीम को 5 करोड़ तो, 2026 में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली पुरुष टीम को 7.5 करोड़ रुपए का ईनाम दिया था। इन सभी 6 आईसीसी ट्रॉफी जीतने पर बीसीसीआई ने अपनी तिजोरी से कुल 377.5 करोड़ रुपए निकाले, जो भविष्य में और ट्रॉफी जीतने के लिए खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा।

आईपीएल 2026 से पहले विवाद, Kavya Maran ने Sunrisers Hyderabad का बॉयकॉट करने की मांग उठाई

नई दिल्ली। IPL 2026 का आगाज होने में कुछ ही दिनों का समय रह गया है, इससे पहले आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के बॉयकॉट की मांग उठने लगी है। SRH के बॉयकॉय की मांग पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने को लेकर हो रही है। सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल में कोई पाकिस्तानी खिलाड़ी नहीं खरीदा है, बल्कि सन ग्रुप के मालिकाना हक वाली और IPL की टीम सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ी फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने इंग्लैंड में होने वाली ‘द हंड्रेड’ लीग में पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया है। सनराइजर्स लीड्स ने इस पाकिस्तानी खिलाड़ी पर 2.34 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। यह कई सालों में पहली बार है कि किसी भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी ने किसी पाकिस्तानी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को सक्रिय रूप से अपनी टीम में शामिल किया है। जहां एक ओर UK में इस कदम की तारीफ करते हुए इसे योग्यता की जीत बताया गया, वहीं दूसरी ओर भारतीय प्रशंसकों की ओर से इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है; इनमें से कई प्रशंसकों ने तो SunRisers ब्रांड के बहिष्कार तक की मांग कर डाली है। अबरार अहमद सोशल मीडिया पर भारत पर तंज कसते हुए कई बार पोस्ट करते नजर आते हैं। फैंस का दावा है कि उसमें भारतीय सेना का मजाक उड़ाया गया था। ऐसे में जैसे ही इस खिलाड़ी को साइन किए जाने की खबर सामने आई, X पर #ShameOnSRH और #BoycottSunrisers जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आलोचकों ने तर्क दिया कि एक ऐसे खिलाड़ी को भारी-भरकम कॉन्ट्रैक्ट देकर, जिसने सार्वजनिक रूप से भारतीय सुरक्षा बलों का अपमान किया था, फ्रेंचाइज़ी मालिकों ने अपने फ़ायदे के लिए राष्ट्रीय भावनाओं की अनदेखी की है। एक यूजर ने लिखा, ‘ये वही Abrar Ahmed है जिसके लिए Sunrisers Leeds की मालकिन Kavya Maran ने 2.3 करोड़ पानी की तरह बहा दिए। Abrar Ahmed ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 140 करोड़ हिन्दुस्तानियों का मजाक उड़ाया था। शर्म आनी चाहिए Kavya Maran को।’ वहीं अन्य यूजर ने लिखा, ‘IPL में जब शाहरुख खान की टीम ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर को खरीदा था, तब सोशल मीडिया पर काफी बवाल हुआ था। लेकिन अब सवाल ये है कि Kavya Maran की टीम Sunrisers Leeds ने उस पाकिस्तानी खिलाड़ी Abrar Ahmed को क्यों खरीदा, जिसने कुछ दिन पहले भारतीय जवानों का मज़ाक उड़ाया था? जब किसी खिलाड़ी का रवैया इतना विवादित हो चुका था, तो The Hundred के ऑक्शन में उसे खरीदने की क्या जरूरत थी? खेल अपनी जगह है, लेकिन देश और सैनिकों के सम्मान से बड़ा कुछ नहीं होना चाहिए।’ एक यूजर ने लिखा, ‘गद्दार, गद्दार, गद्दार! अबरार अहमद, जिसने हमारी रक्षा सेनाओं का मजाक उड़ाया। इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। घिनौना! उसने चाय पीने का इशारा करके भारतीय फाइटर पायलट अभिनंदन का, बेवजह के जश्न मनाकर भारतीय खिलाड़ियों का, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हमारे भारतीय सैनिकों का मजाक उड़ाया। काव्या मारन पर शर्म आती है, जिसने अबरार अहमद को खरीदा। SRH का बॉयकॉट करो।’