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उज्जैन रेलवे स्टेशन पर छात्र की पिटाई, वीडियो वायरल: हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने किया हमला

उज्जैन। उज्जैन रेलवे स्टेशन पर एक छात्र शेख अमन को हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर पीट दिया। छात्र सतना से तीन छात्राओं के साथ शहर घूमने आया था। घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि कार्यकर्ताओं ने पहले छात्र से नाम और पता पूछा। जब पता चला कि वह सतना से भोपाल होकर उज्जैन आया है, तो युवक को रेलवे स्टेशन के बाहर पीटा गया। इस दौरान छात्र और छात्राओं को पुलिस ने बीच बचाव कर जीआरपी के हवाले किया। पुलिस की कार्रवाई:जीआरपी टीआई अमित भावसार ने बताया कि छात्र और तीन छात्राओं को थाने में बैठाया गया है। उनके परिवार वालों को सूचना दे दी गई है। सभी के आने के बाद बयान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें कार्यकर्ताओं की हिंसक कार्रवाई दिखाई दे रही है।

Weekly Horoscope 15-21 March 2026: चैत्र नवरात्रि और खरमास की शुरुआत, जानें कैसा रहेगा आपका सप्ताह

नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह नक्षत्रों की चाल व्यक्ति के जीवन के कई पहलुओं को प्रभावित करती है। 15 से 21 मार्च के इस सप्ताह में चैत्र नवरात्रि और खरमास की शुरुआत हो रही है। इस दौरान ग्रहों का गोचर बड़े बदलाव और नए अवसरों का संकेत दे रहा है। 15 मार्च को शुक्र का रेवती नक्षत्र में प्रवेश होने से चांदी, शक्कर और कपूर जैसी श्वेत वस्तुओं के भाव में कुछ मंदी देखी जा सकती है। मौसम की बात करें तो उत्तर भारत में तापमान बढ़ेगा, जबकि बंगाल और असम में छिटपुट वर्षा की संभावना रहेगी। इस सप्ताह कुछ महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार भी हैं। 15 मार्च को सौर चैत्र मास और खरमास शुरू होंगे। 18 मार्च को श्राद्ध अमावस्या है। 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और कलश स्थापना का आरंभ होगा, जबकि 21 मार्च को गणगौर तीज और मत्स्यावतार का पर्व मनाया जाएगा। मेष राशि यह सप्ताह सोच समझकर कदम बढ़ाने का है। वरिष्ठजनों से प्रशंसा और सामाजिक सक्रियता बढ़ेगी। भूमि भवन के सौदे फायदेमंद रहेंगे, जबकि व्यापारिक यात्राएं सुखद परिणाम देंगी। अतिरिक्त जिम्मेदारियों के लिए खुद को तैयार रखें। वृषभ राशि कार्यक्षेत्र में संतुष्टि का समय है। नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति के योग हैं। कानूनी और संपत्ति संबंधी मामले आसानी से सुलझेंगे। घर में मांगलिक कार्यों की योजना बन सकती है। परिवार के बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मिथुन राशि लक्ष्यों की ओर जोश के साथ बढ़ें। अनुसंधान और कला से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिलेगी। उच्च अधिकारियों के साथ काम करने के अवसर मिलेंगे। जीवनसाथी और बच्चों की अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं, जिससे घर का माहौल सौहार्दपूर्ण रहेगा। कर्क राशि मन की दुविधाओं को छोड़कर काम पर ध्यान दें। वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए खर्च बढ़ सकता है। व्यवसाय में मित्र को साझेदार बना सकते हैं। सप्ताहांत में थकान और स्वास्थ्य में गिरावट से बचने के लिए आराम जरूरी है। सिंह राशि धार्मिक और व्यापारिक यात्राओं में रुचि बढ़ेगी। किसी बड़ी योजना का हिस्सा बन सकते हैं। कड़ी मेहनत और योजनाबद्ध प्रयास से सफलता मिलेगी। जान पहचान का दायरा बढ़ेगा। कन्या राशि सप्ताह चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अधिकारियों के साथ तालमेल जरूरी है। नए व्यापारिक साझेदार जुड़ सकते हैं। करीबी रिश्तेदार का सहयोग मिलेगा। सप्ताहांत में अति आत्मविश्वास से बचें। तुला राशि सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। करियर में सुधार और नए वाहन की योजना बन सकती है। वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। सप्ताहांत में मनोरंजक यात्रा का अवसर मिलेगा। वृश्चिक राशि महत्वाकांक्षा बढ़ेगी, लेकिन घरेलू मोर्चे पर कुछ विपरीत परिस्थितियां हो सकती हैं। अनुभवी व्यक्ति की सलाह लाभकारी रहेगी। अजनबियों पर भरोसा न करें। बच्चों की जरूरतों पर ध्यान दें। स्वास्थ्य नरम गरम रहेगा। धनु राशि कार्यस्थल पर योग्यता का सम्मान मिलेगा। करियर में मनोवांछित परिणाम होंगे। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। विरोधियों से सतर्क रहें। दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। मकर राशि करियर की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होने वाला सप्ताह है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है। यात्रा में फिजूलखर्ची से बचें। सप्ताह के मध्य में बड़ा व्यावसायिक निर्णय लेना पड़ सकता है। कुंभ राशि प्रगति की नई दिशा में कदम बढ़ेंगे। संपत्ति लेन देन से लाभ होगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है। खोई हुई वस्तु मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। मीन राशि कार्यक्षेत्र में बड़ी उपलब्धि संभव है। जीवनसाथी का सहयोग नए अवसर लाएगा। नई कार्यशैली लाभकारी रहेगी। कामकाजी महिलाओं को थोड़ी भागदौड़ और परेशानी हो सकती है। मांगलिक कार्यों पर चर्चा संभव है।

Chaitra Navratri 2026: सेलेब्रिटी जैसा फेस्टिव लुक पाने के लिए ट्राई करें ये 7 ट्रेंडी कॉटन कुर्ता सेट्स

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का त्योहार आस्था भक्ति और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में लोग मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करते हैं और घरों व मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। ऐसे में हर कोई चाहता है कि पूजा या त्योहार के मौके पर उसका लुक भी खास और आकर्षक लगे। खासतौर पर महिलाएं पारंपरिक परिधानों को प्राथमिकता देती हैं। मार्च के महीने में गर्मी भी बढ़ने लगती है इसलिए इस समय कॉटन कपड़े सबसे आरामदायक और स्टाइलिश विकल्प माने जाते हैं। कॉटन अनारकली कुर्ता सेट्स ऐसे ही आउटफिट्स में शामिल हैं जो स्टाइल और कंफर्ट दोनों का बेहतरीन संतुलन देते हैं। फेस्टिव सीजन में फ्लोरल प्रिंट वाले कुर्ता सेट्स काफी ट्रेंड में रहते हैं। पेस्टल रंगों पर बड़े-बड़े फूलों वाले प्रिंट न सिर्फ खूबसूरत लगते हैं बल्कि बहुत ही फ्रेश और एलिगेंट लुक भी देते हैं। इस तरह के कुर्ता सेट आप सुबह की अष्टमी या नवमी पूजा के दौरान आसानी से कैरी कर सकती हैं। इसके अलावा घर के किसी छोटे-मोटे फंक्शन में भी यह आउटफिट बहुत आकर्षक लगता है। अगर आप पारंपरिक लुक में थोड़ा फेस्टिव टच चाहती हैं तो जयपुरी गोटा पत्ती वर्क वाले कुर्ता सेट्स बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं। जयपुरी प्रिंट के साथ हल्का गोटा पत्ती का काम सूट को और ज्यादा आकर्षक बना देता है। यह ट्रेडिशनल और मॉडर्न स्टाइल का बेहतरीन कॉम्बिनेशन माना जाता है और किसी भी उम्र की महिलाओं पर खूब जंचता है। नवरात्रि के मौके पर व्हाइट चिकनकारी कुर्ता सेट भी बेहद खास लुक देता है। सफेद रंग को शांति और सादगी का प्रतीक माना जाता है। सफेद कॉटन अनारकली कुर्ते के साथ अगर आप कलरफुल दुपट्टा कैरी करती हैं तो यह लुक और भी ज्यादा एलिगेंट और ग्रेसफुल नजर आता है। पूजा या पारिवारिक समारोह में यह स्टाइल बेहद आकर्षक लगता है। इन दिनों अंगरखा स्टाइल कुर्ता सेट्स भी काफी ट्रेंड में हैं। अनारकली कुर्ते में अंगरखा डिजाइन पारंपरिक लुक को और ज्यादा खास बना देता है। कई सेलेब्रिटीज भी इस स्टाइल को पसंद कर रहे हैं। यह आउटफिट आपको यूनिक और एथनिक लुक देता है जिससे आपका फेस्टिव लुक और भी अलग नजर आता है। इसके अलावा मोनोक्रोम कुर्ता सेट भी आजकल काफी पसंद किए जा रहे हैं। एक ही रंग का कुर्ता और प्लाजो सेट पहनने से लुक स्लीक और क्लासी दिखाई देता है। साथ ही यह स्टाइल हाइट को थोड़ा लंबा भी दिखाता है जिससे पूरा आउटफिट बेहद आकर्षक लगता है। नवरात्रि के दौरान बांधनी प्रिंट वाले कुर्ता सेट भी काफी लोकप्रिय रहते हैं। खासतौर पर लाल और पीले रंग के बांधनी अनारकली सूट पूजा के लिए शुभ माने जाते हैं। इसके साथ अगर आप हल्की ज्वेलरी कैरी करें तो आपका पूरा फेस्टिव लुक और भी निखर कर सामने आता है। वहीं टियर डिजाइन यानी लेयर्स या स्टेप्स वाले अनारकली कुर्ता सेट भी इन दिनों खूब पसंद किए जा रहे हैं। इनका घेर बड़ा होता है जिससे यह डांडिया या गरबा जैसे आयोजनों के लिए परफेक्ट माने जाते हैं। डांस करते समय इनकी फ्लेयर बहुत खूबसूरत दिखाई देती है और यह तुरंत लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं। कुल मिलाकर अगर आप इस नवरात्रि में पारंपरिक के साथ स्टाइलिश और आरामदायक लुक चाहती हैं तो कॉटन अनारकली कुर्ता सेट्स आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं।

मोटापा बन रहा बीमारियों का बड़ा कारण, रोजमर्रा की आदतों में बदलाव से करें नियंत्रण

नई दिल्ली । आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग सुविधाओं के पीछे इतने व्यस्त हो गए हैं कि अपने स्वास्थ्य की ओर ध्यान देना लगभग भूलते जा रहे हैं। यही कारण है कि मोटापा अब केवल दिखने या शरीर की बनावट से जुड़ी समस्या नहीं रह गया है बल्कि यह एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। बदलती जीवनशैली असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण मोटापे के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि जब शरीर का वजन सामान्य सीमा से अधिक हो जाता है तो यह केवल शरीर में अतिरिक्त चर्बी ही नहीं बढ़ाता बल्कि शरीर के अंदरूनी तंत्र को भी प्रभावित करता है। मोटापे के कारण शरीर में आंतरिक सूजन बढ़ने लगती है जो धीरे धीरे इंसुलिन प्रतिरोध को जन्म देती है। यही स्थिति आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बनती है जिनमें Type 2 Diabetes High Blood Pressure Thyroid Disease और धमनियों में ब्लॉकेज जैसी समस्याएं शामिल हैं। इसलिए विशेषज्ञ मोटापे को कई बीमारियों का प्रवेश द्वार भी मानते हैं। मोटापा बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण आज का बदलता खानपान है। फास्ट फूड जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन शरीर में अनावश्यक कैलोरी जमा कर देता है। इन खाद्य पदार्थों में पोषक तत्व कम और वसा व चीनी की मात्रा अधिक होती है जो वजन तेजी से बढ़ाने का काम करते हैं। इसके अलावा लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत भी मोटापे को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। ऑफिस में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठना और बच्चों का खेल के मैदान के बजाय मोबाइल या टीवी पर समय बिताना शारीरिक सक्रियता को कम कर देता है जिससे शरीर की कैलोरी खर्च नहीं हो पाती। इसके साथ ही मानसिक तनाव और अनियमित नींद भी वजन बढ़ने का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। जब व्यक्ति पर्याप्त नींद नहीं लेता या लगातार तनाव में रहता है तो शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है और वजन बढ़ने लगता है। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मोटापे को नियंत्रित करने के लिए दवाइयों से अधिक जरूरी है कि लोग अपनी जीवनशैली और आदतों में बदलाव करें। मोटापा नियंत्रित करने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट तक तेज चलना साइकिल चलाना या योग करना बेहद फायदेमंद माना जाता है। नियमित व्यायाम से शरीर की अतिरिक्त कैलोरी बर्न होती है और वजन नियंत्रित रहता है। इसके साथ ही आहार में भी बदलाव जरूरी है। घर का बना संतुलित और पौष्टिक भोजन हरी सब्जियां फल और साबुत अनाज को प्राथमिकता देनी चाहिए जबकि चीनी और तेल का सेवन कम करना चाहिए। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि स्क्रीन टाइम को सीमित किया जाए खासकर बच्चों के लिए। उन्हें अधिक समय तक मोबाइल या कंप्यूटर पर बैठने के बजाय शारीरिक खेलों के लिए प्रेरित करना चाहिए। इसके अलावा रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लेना भी वजन नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छोटे छोटे बदलाव जैसे लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का उपयोग करना हर एक घंटे के बाद कुछ मिनट टहलना और दैनिक काम खुद करना भी शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लोग समय रहते अपनी आदतों में सुधार कर लें तो मोटापे से बचना संभव है और इसके कारण होने वाली कई गंभीर बीमारियों के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।

भिंड में अटेर पुल निर्माण पर विधायक नाराज: हेमंत कटारे ने शीघ्र चालू करने और सिंचाई परियोजना की समय-सीमा तय करने के दिए निर्देश

नई दिल्ली। अटेर विधायक हेमंत सत्यदेव कटारे ने चंबल नदी पर निर्माणाधीन अटेर पुल में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सेतु निर्माण विभाग को पुल का कार्य जल्द पूरा कर आम जनता के लिए चालू कराने के स्पष्ट निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कनेरा उद्वहन सिंचाई योजना की प्रगति पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से परियोजना की समय-सीमा तय करने को कहा। विधायक कटारे की अध्यक्षता में आईटीआई परिसर में आयोजित विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में पुल निर्माण और सिंचाई परियोजना के अलावा राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, ऊर्जा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, कृषि, खाद्य नागरिक आपूर्ति, सहकारिता विभाग और नगर परिषद सहित अन्य विकास कार्यों की समीक्षा भी की गई। मुख्य निर्देश और मांगें:विधायक ने अधिकारियों को सभी जनसंबंधी कार्य समय-सीमा में पूरे करने और लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतें मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज की जाएगी।महिला एवं बाल विकास विभाग को टीएचआर वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन योजना के तहत पात्र बच्चों को आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में पीडीएस राशन वितरण में किसी भी गड़बड़ी से बचने की चेतावनी दी गई। अटेर विधायक ने अधिकारियों से कहा कि यदि जनता से जुड़ी समस्याएं हैं, तो उन्हें नियमित रूप से सुनकर समाधान किया जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे अटेर मुख्यालय में उपस्थित रहकर क्षेत्र की जनता की समस्याओं का तुरंत निवारण करें। बैठक में जनपद अध्यक्ष अटेर प्रतिनिधि विकास शर्मा, एसडीएम अटेर शिवांगी अग्रवाल, तहसीलदार राकेश इमले और नायब तहसीलदार जगन कुशवाह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Fridge Vastu Tips: फ्रिज के ऊपर भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना घर में बढ़ सकता है वास्तु दोष

नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में घर की हर वस्तु के स्थान दिशा और उसके उपयोग को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि यदि घर में चीजें सही स्थान और संतुलन के साथ रखी जाएं तो सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। खासतौर पर रसोईघर को घर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है क्योंकि यह स्वास्थ्य और समृद्धि से जुड़ा होता है। रसोई में रखे फ्रिज का भी वास्तु के अनुसार विशेष महत्व बताया गया है। कई लोग जगह की कमी या सुविधा के कारण फ्रिज के ऊपर विभिन्न प्रकार की वस्तुएं रख देते हैं लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें फ्रिज के ऊपर रखना अशुभ माना जाता है। सबसे पहले बात करें भारी सामान की। अक्सर देखा जाता है कि लोग फ्रिज के ऊपर बड़े बर्तन डिब्बे या अन्य भारी सामान रख देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना ठीक नहीं माना जाता। फ्रिज पहले से ही एक भारी और स्थिर ऊर्जा वाला उपकरण होता है ऐसे में उसके ऊपर अतिरिक्त वजन रखने से घर की ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच तनाव या असहजता का माहौल बन सकता है। इसलिए बेहतर माना जाता है कि फ्रिज के ऊपर ज्यादा भारी सामान न रखा जाए और उस स्थान को हल्का रखा जाए। दूसरी महत्वपूर्ण चीज है दवाइयां। कई घरों में दवाइयों का डिब्बा ऐसी जगह रखा जाता है जहां वह आसानी से मिल सके। इसी कारण लोग उसे फ्रिज के ऊपर रख देते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना उचित नहीं माना जाता। फ्रिज ठंडक और स्थिर ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है जबकि दवाइयां बीमारी और नकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी मानी जाती हैं। ऐसे में दोनों को एक साथ रखने से घर में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की संभावना मानी जाती है। इसके अलावा फ्रिज के ऊपर इलेक्ट्रॉनिक सामान रखना भी सही नहीं माना जाता। कई लोग चार्जर एक्सटेंशन बोर्ड एडेप्टर या छोटी इलेक्ट्रॉनिक लाइट्स फ्रिज के ऊपर रख देते हैं। लेकिन फ्रिज स्वयं एक शक्तिशाली इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा उत्पन्न करता है। ऐसे में उसके ऊपर अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक सामान रखने से ऊर्जा का असंतुलन बढ़ सकता है। वास्तु के अनुसार इससे घर में चिड़चिड़ापन तनाव और आपसी मतभेद बढ़ने की संभावना रहती है। धार्मिक वस्तुओं को भी फ्रिज के ऊपर रखना वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना गया है। कई लोग भगवान की तस्वीर पूजा से जुड़ी सामग्री या धार्मिक पुस्तकें फ्रिज के ऊपर रख देते हैं लेकिन ऐसा करना धार्मिक दृष्टि से भी सही नहीं माना जाता। फ्रिज एक सामान्य घरेलू उपकरण है इसलिए इसके ऊपर धार्मिक वस्तुएं रखने से उनका सम्मान कम माना जाता है। पूजा से संबंधित वस्तुओं को हमेशा घर के मंदिर या किसी पवित्र स्थान पर ही रखना चाहिए। इसी तरह कुछ लोग सजावट के लिए फ्रिज के ऊपर छोटा पौधा या पानी से भरा बर्तन भी रख देते हैं। वास्तु के अनुसार यह भी उचित नहीं माना जाता। फ्रिज बिजली से चलने वाला उपकरण है और उसके ऊपर पानी या पौधा रखने से ऊर्जा का संतुलन प्रभावित हो सकता है। इसलिए बेहतर माना जाता है कि फ्रिज के ऊपर का स्थान साफ हल्का और लगभग खाली रखा जाए ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।

मासूम से दरिंदगी की कोशिश! खेल रही बच्ची को बहाने से घर ले गया 45 साल का अधेड़; चीखने पर आरोपी फरार, पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज

नई दिल्ली। भिंड जिले के लहार थाना क्षेत्र से एक विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ मासूमियत को तार-तार करने की कोशिश की गई। सुंदरपुरा खोड़ गांव में एक 45 साल के व्यक्ति ने खेल रही नाबालिग को अपना शिकार बनाने का प्रयास किया, लेकिन बच्ची की बहादुरी और चीख-पुकार ने उसे बचा लिया। लहार थाना क्षेत्र के सुंदरपुरा खोड़ गांव में शुक्रवार देर शाम एक मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास की सनसनीखेज वारदात हुई है। गांव के ही एक अधेड़ सुदामा उर्फ कल्लू बघेल (45) ने खेल रही नाबालिग बच्ची को हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। हालांकि, बच्ची की चीख सुनकर आरोपी घबरा गया और उसे मौके पर ही छोड़कर भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश तेज कर दी है। वारदात: खेल रही बच्ची को बनाया निशानाघटनाक्रम के अनुसार, नाबालिग बच्ची गांव में अपने साथियों के साथ खेल रही थी, तभी आरोपी ने उसे अकेला देख जाल में फंसा लिया: गलत इरादे: आरोपी सुदामा उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ अभद्रता व गलत काम करने का प्रयास किया। जैसे ही आरोपी ने दरिंदगी की कोशिश की, मासूम बच्ची जोर-जोर से चीखने लगी। बच्ची की आवाज सुन आरोपी के हाथ-पांव फूल गए और वह पकड़े जाने के डर से भाग निकला। डरी-सहमी बच्ची तुरंत अपने घर पहुंची और पूरी आपबीती परिजनों को बताई, जिसके बाद देर रात परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे। पुलिस कार्रवाई: ‘BNS’ और पॉक्सो एक्ट के तहत शिकंजालहार थाना प्रभारी शिव सिंह यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। सख्त धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 74, 75 और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है।पुलिस की टीमें आरोपी सुदामा बघेल के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। लहार की इस घटना ने एक बार फिर गांवों में मासूमों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 45 साल के व्यक्ति द्वारा एक अबोध बच्ची को निशाना बनाना मानसिक विकृति की पराकाष्ठा है। अब देखना यह है कि कानून कितनी जल्दी इस दरिंदे को उसके अंजाम तक पहुँचाता है।

भिंड: लोक अदालत में सालों से अलग रहे पति-पत्नी हुए फिर से एक, जज ने पौधा भेंट कर दी जीवन संवारने की सीख

नई दिल्ली।  कुटुंब न्यायालय में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में कई वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी आपसी समझौते के बाद फिर से एक हो गए। न्यायालय की पहल और काउंसलिंग के बाद दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया। भावनाओं से भरी अदालत:समझौते के बाद न्यायालय परिसर में दंपतियों की आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए। एक पत्नी ने कहा, “अगर अब ठीक से व्यवहार करेंगे तो हम साथ रहने को तैयार हैं।” वहीं पति ने भी अपनी गलतियों को सुधारने और परिवार को फिर से जोड़ने का भरोसा दिलाया। जज ने पौधा देकर दी जीवन की सीख:प्रधान न्यायाधीश दिलीप गुप्ता ने दंपतियों को एक-एक पौधा भेंट किया। उन्होंने कहा कि पौधा नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है और जैसे पौधे को प्यार, धैर्य और देखभाल की जरूरत होती है, वैसे ही दांपत्य जीवन को भी सहानुभूति, समझ और धैर्य की आवश्यकता होती है। आपसी बातचीत की अहमियत:जज ने सलाह दी कि किसी भी मतभेद को अदालत तक ले जाने से पहले आपसी बातचीत और समझौते की कोशिश करनी चाहिए। लोक अदालत में लंबित कई मामले इसी प्रक्रिया से बिना हार-जीत के सुलझाए गए। सफलता और सहयोग:कार्यवाही पूरी होने के बाद दंपति मुस्कुराते हुए घर के लिए रवाना हुए। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ मौजूद थे। न्यायालय के अन्य जज, अधिवक्ता और पैरालीगल वॉलंटियर्स ने काउंसलिंग कर समझौते की राह तैयार करने में सहयोग किया।

भिंड: ‘नो रोड-नो टोल’ आंदोलन 16 मार्च को मालनपुर टोल पर; संतों में मतभेद, मंत्री की समझाइश से दो धड़े

नई दिल्ली। नेशनल हाईवे-719 को फोरलेन बनाने की मांग को लेकर संत समाज 16 मार्च को मालनपुर टोल प्लाजा पर ‘नो रोड-नो टोल’ आंदोलन करने जा रहा है। सरकार की ओर से नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला आंदोलन को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। इसके चलते संत समाज में दो धड़े बन गए हैं। कालीदास महाराज का रुख:संत समिति के अध्यक्ष कालीदास महाराज अपने रुख पर अड़े हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बरैठा टोल प्लाजा पर धर्मध्वजा स्थापित कर दी है और धर्मध्वजा के सम्मान में आंदोलन अवश्य होगा। 16 मार्च को सभी लोग आंदोलन स्थल पर अपनी बात रख सकते हैं। मंत्री और एनएचएआई अधिकारी भी वहां चर्चा कर सकते हैं। कालीदास महाराज ने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में हाईवे पर 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों के घर तक शोक व्यक्त करने नहीं पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईवे चौड़ीकरण तक टोल वसूली नहीं होने दी जाएगी। मंत्री राकेश शुक्ला की कोशिश:मंत्री राकेश शुक्ला ने दंदरौआ धाम के महंत महामंडलेश्वर रामदास महाराज से मुलाकात कर आंदोलन स्थगित करने की अपील की। मंत्री के प्रयास से संत समाज में दो धड़े बन गए हैं, हालांकि कालीदास महाराज आंदोलन रोकने के लिए किसी दबाव में नहीं हैं। सड़क चौड़ीकरण और समय सीमा:जिला पंचायत कार्यालय में मंत्री, एनएचएआई अधिकारियों और समाजसेवियों की बैठक में बताया गया कि हाईवे को फोरलेन बनाने से पहले डीपीआर तैयार होगी। इसके बाद भूमि अधिग्रहण और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा काम करीब एक वर्ष लेगा और संभवतः फरवरी 2027 के बाद ही सड़क विकास कार्य शुरू होगा। समाजसेवियों की तीन प्रमुख मांगें:टोल वसूली बंद करना। सड़क हादसों पर रोक की गारंटी। हाईवे चौड़ीकरण जल्द शुरू करना। रामदास महाराज का बयान:बैठक में कालीदास महाराज की गैरमौजूदगी पर सवाल उठने पर दंदरौआ धाम के महंत रामदास महाराज ने कहा कि संत समिति के प्रदेश अध्यक्ष कालीदास महाराज ही हैं। उनका कहना है कि जो भी निर्णय लिया जाएगा, वह उन्हें मान्य होगा।

रहस्यमयी बुढ़िया माई मंदिर: अनहोनी से पहले मिलती है चेतावनी, कुसम्ही जंगल में आस्था का अद्भुत केंद्र

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इस दौरान देशभर के शक्तिपीठों और सिद्धपीठ मंदिरों में मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना व्रत हवन और कन्या पूजन के आयोजन किए जाते हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित कुसम्ही जंगल का बुढ़िया माई मंदिर भी इन दिनों विशेष चर्चा में रहता है। घने जंगल के बीच स्थित यह मंदिर अपनी रहस्यमयी मान्यताओं और चमत्कारी कथाओं के कारण श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान रखता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर भक्तों को होने वाली अनहोनी से पहले चेतावनी देता है इसलिए इसे काल से जुड़ा मंदिर भी माना जाता है। बुढ़िया माई मंदिर गोरखपुर शहर से लगभग 12 से 15 किलोमीटर की दूरी पर कुसम्ही जंगल के भीतर स्थित है। जंगल के बीच होने के बावजूद नवरात्रि के समय यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। दूर दराज से भक्त यहां मां के दर्शन करने और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर मां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं और संकटों से रक्षा करती हैं। कई श्रद्धालु यह भी मानते हैं कि मां की कृपा से अकाल मृत्यु जैसे बड़े संकट भी टल सकते हैं इसलिए इस मंदिर को सिद्धपीठ के रूप में पूजा जाता है। मंदिर से जुड़ी एक प्रचलित लोककथा भी इसकी रहस्यमयी पहचान को और मजबूत करती है। बताया जाता है कि बहुत समय पहले इस स्थान पर एक बड़ा नाला हुआ करता था जिस पर लकड़ी का एक पुल बनाया गया था। एक दिन एक बारात इसी रास्ते से गुजर रही थी। जब बारात पुल के पास पहुंची तो वहां खड़ी एक बुजुर्ग महिला ने बारातियों को पुल पर जाने से मना करते हुए चेतावनी दी। हालांकि बारातियों ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और पुल पार करने लगे। जैसे ही बारात पुल के बीच पहुंची वह अचानक टूट गया और अधिकांश बाराती नाले में गिर गए। इस दर्दनाक घटना के बाद लोगों को एहसास हुआ कि वह बुजुर्ग महिला साधारण इंसान नहीं बल्कि देवी का रूप थीं जिन्होंने पहले ही खतरे की चेतावनी दी थी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने उस स्थान को पवित्र मानते हुए वहां पूजा अर्चना शुरू कर दी। धीरे धीरे यह स्थान बुढ़िया माई मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हो गया और समय के साथ यहां श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी होती चली गई। आज भी कई लोग मानते हैं कि मां अपने भक्तों को संकट आने से पहले संकेत देती हैं और उन्हें बड़े हादसों से बचाती हैं। नवरात्रि के दौरान यहां विशेष पूजा भंडारा और धार्मिक आयोजनों का भी आयोजन किया जाता है। जंगल के बीच स्थित यह मंदिर भले ही रहस्यमयी कथाओं से जुड़ा हो लेकिन भक्तों के लिए यह आस्था विश्वास और शक्ति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।