Chambalkichugli.com

Bhopal history sheeter attack: भोपाल में हिस्ट्रीशीटर के घर और अस्पताल में ताबड़तोड़ फायरिंग, बेटे इमरान घायल

Bhopal history sheeter attack: भोपाल। शनिवार तड़के राजधानी में हुई गैंगवार ने लोगों को दहला दिया। कुख्यात हिस्ट्रीशीटर लल्लू रईस के अशोका गार्डन स्थित घर पर बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमला शादाब गेट और उसके गिरोह के 8 से 10 साथियों ने किया। हमले में लल्लू रईस के बेटे इमरान के पैर में गोली लगी है। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल इमरान को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन यहां भी बदमाशों ने घुसकर फायरिंग की। गोली अस्पताल की खिड़कियों और दीवारों पर लगी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लल्लू रईस ने बताया कि अस्पताल परिसर में भी उन पर हमला किया गया, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। पुलिस के मुताबिक मामला अशोका गार्डन और कोहेफिजा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। दोनों थानों की पुलिस आरोपी बदमाशों की तलाश में जुट गई है। लल्लू रईस ने घटना के सिलसिले को बताते हुए कहा कि शनिवार सुबह करीब 5:45 बजे शादाब गेट, शावर, गुड्डू स्टेशन और अल्लू परवेज सहित 8-10 लोग उनके घर पहुंचे। आरोपियों ने उनके बेटे इमरान का पीछा करते हुए घर तक आकर पीछे से उस पर गोली चलाई। इमरान ने जान बचाने के लिए घर के अंदर घुसकर गेट लॉक कर लिया, लेकिन इसी बीच एक गोली उसके पैर को छूती हुई लगी। लल्लू रईस का कहना है कि यह हमला दो साल पहले की रंजिश का नतीजा है। इमरान ने दो साल पहले शादाब गेट के भाई पर हमला किया था, जिसमें उसकी उंगलियां कट गई थीं। इसी बदले की भावना में शनिवार की सुबह फायरिंग की गई। लल्लू रईस ने बताया कि आरोपी शहर के अलग-अलग इलाकों में जुआ और सट्टे का अवैध कारोबार चलाते हैं। वह इनके काले कारनामों के वीडियो बनाकर उजागर करते हैं, जिससे पुलिस कार्रवाई करती है और अवैध कारोबार बंद हो जाते हैं। इसी कारण से आरोपी उनकी हत्या की साजिश रच रहे थे। एसीपी अनिल बाजपेयी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हमीदिया अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में भय का माहौल बना दिया है। Keywords: भोपाल फायरिंग, लल्लू रईस, हिस्ट्रीशीटर हमला, इमरान गोली, हमीदिया अस्पताल फायरिंग, गैंगवार भोपाल, जुआ और सट्टा, शादाब गेट, कोहेफिजा थाना, पुलिस जांच

Anil Kapoor: 18 साल बाद भी ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ से कमाई कर रहे अनिल कपूर, फिटनेस और समर्पण का उदाहरण

 Anil Kapoor: नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026 में एक भावुक और प्रेरक किस्सा साझा किया, जिसने सभी का ध्यान खींचा। 69 साल के अनिल कपूर ने बताया कि 18 साल पहले उन्होंने फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ में एक छोटा सा रोल मुफ्त में किया था। उन्होंने यह रोल केवल सीखने और अनुभव हासिल करने के उद्देश्य से स्वीकार किया था, लेकिन आज यह फिल्म उनके लिए करोड़ों रुपये कमाने का जरिया बन चुकी है। अनिल कपूर ने बताया कि हाल ही में उन्हें फिल्म के लिए 3,000 पाउंड (लगभग साढ़े तीन लाख रुपये) का चेक मिला। उन्होंने कहा, “कुल मिलाकर यह राशि करीब आधा मिलियन पाउंड (लगभग 6 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकती है। मैंने इसके लिए कभी पैसे नहीं मांगे थे, लेकिन टीम ने मुझे भुगतान किया। यह फिल्म मैंने सिर्फ सीखने और अनुभव हासिल करने के लिए की थी।” फिल्म और पैसे के अनुभव के बाद अनिल ने अपनी फिटनेस और जीवनशैली पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “मैं 69 साल की उम्र में भी तेज दौड़ सकता हूं और चलना मुझे बहुत पसंद है। अपनी उम्र के अनुसार मैंने खुद को फिट रखा है। जब मैं किसी अन्य अभिनेता को वजन उठाते देखता हूं, तो मैं भी उतना ही वजन उठाता हूं। मैं अपने शरीर की सुनता हूं और उसे चुनौती देता हूं।” अपने अभिनय और रोल पर उन्होंने कहा, “मैं जो भी रोल करता हूं, वह मेरी उम्र और अनुभव के अनुसार होता है। मुझे हमेशा लगता रहा है कि दर्शकों के विचार से पहले खुद को ढालना चाहिए। मैं अपने काम को बहुत पसंद करता हूं और जब तक सक्रिय हूं, जिंदगी बहुत खूबसूरत है।” अनिल कपूर का यह अनुभव बताता है कि एक कलाकार का समर्पण, सीखने का जज्बा और निरंतर फिटनेस उसे समय के साथ भी प्रासंगिक बनाए रख सकते हैं। उनके अनुभव से नए कलाकारों को प्रेरणा मिलती है कि अभिनय केवल पैसे कमाने का जरिया नहीं, बल्कि सीखने और खुद को सुधारने का अवसर होना चाहिए। इस कहानी से यह स्पष्ट होता है कि अनिल कपूर ने अपने करियर में अनुभव, मेहनत और सीखने के जज्बे को प्राथमिकता दी, जो उन्हें आज भी बॉलीवुड में सफल और प्रेरक बनाए रखता है। Keywords: अनिल कपूर, स्लमडॉग मिलियनेयर, इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026, बॉलीवुड अभिनेता, फिटनेस रहस्य, सीखने का जज्बा, प्रेरक कहानी, 69 साल का अभिनेता, अनुभव साझा, फिल्म से कमाई

Taining removal: चेहरे में जमी Tanning की हो जाएगी छुट्टी, बस अपनाएं यह ट्रिक

Taining removal: नई दिल्ली। आज के समय में देखा जाता है कि महिलाएं अपने चेहरे को सुंदर और ग्लोइंग बनाने के लिए मार्केट से कई सारे प्रोडक्ट लाती हैं, जबकि उसका उतना अच्छा रिस्पांस उन्हें नहीं मिल पाता है। कई बार बार-बार धूप में जाना काम करना इसके साथ ही घर पर भी स्किन केयर को ज्यादा अच्छे से फॉलो ना कर पाने की वजह से आपके चेहरे काफी डैमेज हो जाते हैं कई प्रकार की स्किन प्रॉब्लम आपको होने लगती है। सबसे छुटकारा पाने के लिए आपके घर में ही एक खास स्क्रब तैयार करना चाहिए तो चलिए उसके बारे में बताते हैं। VIDISHA ROAD ACCIDENT: तेज रफ्तार कार पुलिया से फिसली, 15 फीट नीचे नाले में गिरी: शादी में जा रहा परिवार हादसे का शिकार, 1 की मौत, 5 गंभीर घायल घर में ही बना सकती हैं होममेड स्क्रब अगर आप भी अपने फेस की खूबसूरती को बढ़ाना चाहती हैं, तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप घर में आसानी से डी टैन स्क्रब का इस्तेमाल कर सकती हैं। हालांकि इसको बनाने के लिए कुछ सामग्री की जरूरत पड़ेगी। बनाने के लिए उसकी सामग्री शहद चावल का आटा ग्लिसरीन नारियल तेल Horror-Comedy Film: असरानी को समर्पित है भूत बंगला, राजपाल यादव ने कहा प्रियदर्शन कॉमेडी के जादूगर स्क्रब बनाने का तरीका इसको बनाने के लिए एक कटोरी में थोड़ा सा चावल का आटा लें।फिर इसमें थोड़ा सा शहद और ग्लिसरीन मिला लें।अब सभी को अच्छे से मिक्स कर लें और नारियल तेल मिक्स करें।इन सभी चीजों को तब तक फेंटे, जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।अब इसको स्क्रब को मिक्स कर लें, और इसको एयर टाइट डिब्बे में भरकर रख दें।इस स्क्रब को आप रात में सोने से पहले फेस पर 30-40 मिनट के लिए लगाएं।अब कच्चा दूध हाथ में लेकर हल्के हाथों से फेस की मसाज करें। इन बातों का रखें ध्यान अगर आप इसको पहली बार इस्तेमाल कर रही हैं, तो पहले स्क्रब टेस्ट जरूर करें। इस स्क्रब को लगाने के बाद आपके चेहरे में कई प्रकार के बदलाव आए ना शुरू हो जाएंगे हफ्ते में दो-तीन बार अगर आप इस स्क्रब को लगती हैं तब धीरे-धीरे आपका चेहरा साफ होने लगेगा और काफी निखार आने लगेगा हालांकि इसके साथ-साथ आपको अपने खान-पान पर भी पूरा ध्यान रखना चाहिए ताकि आपका चेहरा हमेशा अच्छा और ताजगी भरा रहे ताकि आपको मार्केट के बड़े प्रोडक्ट की जरूरत ना पड़े।

Abrar Ahmed Controversy: IPL की तरह ‘द हंड्रेड’ से हटाना संभव नहीं, ECB करेगा फैसला

Abrar Ahmed Controversy: नई दिल्ली। पाकिस्तानी मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित टी20 लीग ‘द हंड्रेड 2026’ में सनराइजर्स लीड्स ने साइन किया है। भारत में क्रिकेट फैन्स का विरोध भले तेज हो, लेकिन सवाल यह है कि क्या अबरार का IPL जैसा हाल होगा, जब बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को BCCI के आदेश पर IPL 2026 से हटाया गया था। दरअसल, जनवरी 2026 में BCCI ने सुरक्षा और राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए मुस्ताफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग से हटाने का आदेश दिया था। कोलकाता नाइट राइडर्स ने BCCI के निर्देश पर उन्हें रिलीज किया और रिप्लेसमेंट खिलाड़ी शामिल किया। अब सवाल है कि क्या अबरार पर वही कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, स्थिति बिल्कुल अलग है। IPL में BCCI का पूरा नियंत्रण होता है, जबकि ‘द हंड्रेड’ इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के अधिकार क्षेत्र में आता है। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह मामला भारतीय बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। किसी खिलाड़ी को ‘द हंड्रेड’ से हटाने का निर्णय केवल ECB के नियम और प्रक्रिया के तहत ही लिया जा सकता है। अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने £1,90,000 (लगभग ₹2.34 करोड़) में खरीदा। टीम की CEO काव्या मारन, जो IPL में भी Sunrisers Hyderabad की CEO हैं, नीलामी में मौजूद थीं। जैसे ही घोषणा हुई, सोशल मीडिया पर भारतीय फैन्स ने विरोध शुरू कर दिया और कई अकाउंट्स को सस्पेंड करना पड़ा। ‘द हंड्रेड’ के नियमों के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी केवल तब रिप्लेसमेंट रोस्टर में शामिल हो सकता है, जब उसने ऑक्शन या वाइल्डकार्ड ड्राफ्ट के लिए रजिस्ट्रेशन किया हो। किसी फ्रेंचाइजी की इच्छा पर खिलाड़ी को बाहर नहीं किया जा सकता। असाधारण स्थिति में टीम ECB की Competition Technical Committee को लिखित अनुरोध भेज सकती है, और मंजूरी मिलने पर ही रिप्लेसमेंट खिलाड़ी साइन किया जा सकता है। लीग के नियमों के अनुसार हर टीम को 100 गेंदों में बल्लेबाजी का मौका मिलता है। गेंदबाज लगातार 5 या 10 गेंद फेंक सकते हैं, एक मैच में अधिकतम 20 गेंद। हर टीम को 25 गेंद का पावरप्ले मिलता है, जिसमें केवल 2 फील्डर 30 यार्ड सर्कल के बाहर खड़े हो सकते हैं। मैच की अवधि लगभग 2.5 घंटे होती है। जीतने वाली टीम को 4 अंक मिलते हैं, जबकि टाई या बारिश की स्थिति में दोनों टीमों को 2-2 अंक। संक्षेप में, अबरार अहमद IPL की तरह BCCI आदेश से नहीं हटाए जा सकते। उनका भविष्य पूरी तरह ECB के नियम और प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। भारतीय फैन्स का विरोध जितना तेज है, लेकिन फ्रेंचाइजी और बोर्ड की सीमित भूमिका के कारण फिलहाल अबरार ‘द हंड्रेड 2026’ में खेलते रहेंगे।

Kuldeep Yadav wedding: आज मसूरी में कुलदीप यादव वंशिका के साथ लेंगे सात फेरे! मेहमानों को मिलेगा पहाड़ी स्वाद का तड़का, जानिए कौन-कौन होगा शामिल

  Kuldeep Yadav wedding: नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर Kuldeep Yadav आज अपनी बचपन की दोस्त वंशिका के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। यह शाही शादी Mussoorie के मशहूर Welcomhotel by ITC Hotels, The Savoy में हो रही है। शादी समारोह के लिए होटल को फूलों, रोशनी और पारंपरिक सजावट से खूबसूरती से सजाया गया है। मेहमानों के स्वागत के लिए होटल प्रबंधन की ओर से खास इंतजाम किए गए हैं और पूरे इलाके में शादी का उत्साह देखने को मिल रहा है। क्रिकेट सितारों से सजेगा समारोह कुलदीप यादव की शादी में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम शामिल होने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस समारोह में Suryakumar Yadav, Suresh Raina, Mohammad Kaif, Ravindra Jadeja, Rinku Singh, Nitish Rana, Mohit Sharma, Jitesh Sharma और RP Singh जैसे खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। वहीं Yuzvendra Chahal पहले ही मसूरी पहुंच चुके हैं। इसके अलावा टीम इंडिया के फील्डिंग कोच T. Dilip भी इस समारोह में मौजूद रहेंगे। शादी समारोह को देखते हुए आयोजन स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। होटल परिसर में केवल आमंत्रित मेहमानों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और होटल प्रबंधन ने मिलकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। खाने में मिलेगा पहाड़ी स्वाद कुलदीप यादव की शादी Uttarakhand में हो रही है, इसलिए मेन्यू में पहाड़ी व्यंजनों को खास जगह दी गई है। मेहमानों को पारंपरिक उत्तराखंडी खाने का स्वाद चखने का मौका मिलेगा। मेन्यू में शामिल खास पहाड़ी डिशेज: मडुवे की रोटी और लाल चावल, गहत की दाल, फाणु और चैंसू, कंडाली का साग और कुमाऊंनी रायता, भांग की चटनी, झंगोरे की खीर ये सभी व्यंजन उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति और स्वाद को दर्शाते हैं। बचपन की दोस्त हैं वंशिका कुलदीप यादव और वंशिका बचपन से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों Kanpur के रहने वाले हैं। कुलदीप लाल बंगलो इलाके में रहते हैं, जबकि वंशिका श्याम नगर में रहती हैं। वंशिका ने Melbourne से पढ़ाई की है और फिलहाल Life Insurance Corporation of India में कार्यरत हैं। वह लाइमलाइट से दूर रहती हैं, लेकिन कुलदीप के करियर के उतार-चढ़ाव में हमेशा उनका साथ देती रही हैं। कुलदीप और वंशिका की सगाई पिछले साल 4 जून को हुई थी। पहले नवंबर में शादी की योजना थी, लेकिन क्रिकेट शेड्यूल के कारण इसे टाल दिया गया था। अब शादी के बाद 17 मार्च को Lucknow में एक भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। Jitesh Sharmakuldeep yadavmohit sharmanitish rana

Safest Country for Women: अकेले घूमने वाली महिलाओं के लिए ये देश हैं सबसे ज्यादा सेफ… भारत टॉप 100 में भी नहीं

Safest Country for Women: नई दिल्ली। दुनिया भर में महिलाओं (Women) के बीच अकेले यात्रा करना बहुत लोकप्रिय हो गया है लेकिन किसी जगह को चुनते समय सुरक्षा (Security) सबसे बड़ी चिंता होती है. हाल ही में एक लिस्ट जारी हुई है जिसमें बताया गया है कि महिलाओं की सुरक्षा (Women’s Safety) के मामले में नॉर्डिक (Nordic) और पश्चिमी देश (Western countries) सबसे ऊपर है. यानी ये देश सोलो ट्रैवल करने वाली महिलाओं के लिए सबसे सेफ हैं. जबकि इस लिस्ट में भारत टॉप 100 देशों में भी शामिल नहीं है। अमेरिका के जॉर्जटाउन इंस्टीट्यूट फॉर वुमन, पीस एंड सिक्योरिटी ने पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो के साथ मिलकर दि वीमेन, पीस एंड सिक्योरिटी (WPS) द वुमन, पीस एंड सिक्योरिटी (WPS) इंडेक्स 2025-26 पब्लिश किया है. यह इंडेक्स 181 देशों को तीन मुख्य पैमानों के आधार पर रैंक करता है। 2025-26 के WPS इंडेक्स के अनुसार, नॉर्डिक और पश्चिमी यूरोपीय देश इस रैंकिंग में सबसे ऊपर हैं जहां लैंगिक भेदभाव वाली नीतियों की कमी, समाज में महिलाओं की सुरक्षा ज्यादा और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कम मामले दर्ज किए गए हैं. इस लिस्ट में भारत 131वें स्थान पर रहा और वो टॉप 100 में भी जगह नहीं बना सकता है। 1. डेनमार्क डेनमार्क महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित देश के तौर पर वैश्विक रैंकिंग में सबसे ऊपर है. यह देश सुरक्षा, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मामले में बहुत अच्छा स्कोर करता है. यहां के सरकारी संस्थानों और कानूनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं जो इसे अकेले ट्रैवल करने वाली महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित देश बनाता है. 2. नॉर्वे नॉर्वे लगातार लैंगिक समानता और सुरक्षा के मामले में सबसे अच्छे देशों में से एक रहा है. अच्छी व्यवस्था, भेदभाव के खिलाफ मजबूत नीतियां और सार्वजनिक सुरक्षा की भावना WPS इंडेक्स में इसकी हाई रैंकिंग में योगदान देती हैं. 3. आइसलैंड आइसलैंड अपनी प्रगतिशील लैंगिक समानता वाली नीतियों और वर्कप्लेस पर महिलाओं की भागीदारी के लिए व्यापक रूप से जाना जाता है. देश में अपराध के कम मामले और मजबूत कानून इसे अकेले घूमने वाली महिलाओं के लिए एक आरामदायक जगह बनाता है। 4. स्वीडन स्वीडन में लैंगिक समानता और पीड़ितों को न्याय दिलाने वाली मजबूत कानूनी प्रणाली पर विशेष जोर दिया जाता है जो इसे वैश्विक सुरक्षा इंडेक्स में शीर्ष स्थान पर बनाए रखने में मदद करता है. यहां का सार्वजनिक बुनियादी ढांचा बहुत विकसित है और यहां की संस्कृति सुरक्षा के साथ-साथ सभी को साथ लेकर चलने यानी समावेश को प्राथमिकता देती है जिससे महिलाओं और नागरिकों के लिए एक सुरक्षित और बेहतर वातावरण सुनिश्चित होता है. 5. फिनलैंड फिनलैंड शिक्षा, सामाजिक समानता और सुरक्षा संकेतकों के मामले में बहुत अच्छा प्रदर्शन करता है. साक्षरता के मामले में ऊपर, महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और मजबूत कानूनी सुरक्षा इसे महिला यात्रियों के लिए एक सुरक्षित और स्वागत योग्य जगह के तौर पर इसकी प्रतिष्ठा में योगदान देती हैं. इसके अलावा लक्जमबर्ग बेल्जियम नीदरलैंड्स ऑस्ट्रिया, न्यूजीलैंड टॉप 10 देशों में बाकी स्थानों पर हैं।

America- Iran Conflict: ईरान ने भारत से बुलाए 180 नौसैनिक, कोच्चि से उड़ान भरेंगे; अमेरिकी हमले में मृतकों के शव भी लौटाए जा रहे

America- Iran Conflict: नई दिल्ली। मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक संवेदनशील कूटनीतिक मिशन अंजाम दिया है। ईरान ने अपने युद्धपोत IRIS Lavan के लगभग 180 गैर-जरूरी नौसैनिकों को भारत के कोच्चि से स्वदेश लौटाने की विशेष व्यवस्था की है। साथ ही, श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी हमले में मारे गए नौसैनिकों के शव भी भारत के माध्यम से ईरान भेजे जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जहाज को 1 मार्च को तकनीकी खराबी के चलते आपातकालीन डॉकिंग की अनुमति मिली थी और यह 4 मार्च से कोच्चि में खड़ा है। जहाज पर कुल 183 चालक दल मौजूद थे, जिन्हें भारतीय नौसेना की सुविधाओं में रखा गया था। अब 180 गैर-जरूरी नाविकों को तुर्की एयरलाइन की उड़ान से पहले आर्मेनिया ले जाया जाएगा, और वहां से सड़क मार्ग के जरिए ईरान भेजा जाएगा। जबकि कुछ तकनीकी और आवश्यक कर्मचारी जहाज पर ही रहेंगे। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब श्रीलंका के तट के पास अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर हमला किया था। इस हमले में कुल 130 नाविक सवार थे, जिनमें से 32 को बचा लिया गया, जबकि दर्जनों अभी भी लापता हैं। भारत इस समय गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। देश में रसोई गैस की कमी और जनजीवन पर असर पड़ रहा है। ऐसे में भारत ने अपने बंदरगाहों पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ लगातार कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी समकक्ष अब्बास अरागची से चार बार फोन पर बातचीत कर सुरक्षा और ऊर्जा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। भारतीय नौसेना ने ईरान की विशेष परिवहन मांग को पूरा किया। कोच्चि से उड़ान भरने वाले नौसैनिक और शवों की सुरक्षित हवाई व सड़क मार्ग से वापसी क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-ईरान कूटनीति के लिहाज से अहम मानी जा रही है। यह मिशन मध्य पूर्व युद्ध और दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव के बीच बेहद संवेदनशील और रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

Salman Agha Controversy: सलमान आगा ने रन आउट विवाद पर खेल भावना का पाठ पढ़ाया

Salman Agha Controversy: नई दिल्ली। पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज सलमान आगा ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे वनडे में अपने विवादित रन आउट के बाद खेल भावना (sportsman spirit) पर जोर देते हुए नया संदेश दिया। पारी के 39वें ओवर में बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज गेंदबाजी कर रहे थे। चौथी गेंद पर मोहम्मद रिजवान का शॉट सीधे नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े सलमान आगा की ओर गया। मिराज ने गेंद उठाई और देखा कि सलमान अभी क्रीज के बाहर थे, इसके बाद उन्होंने तुरंत रन आउट के लिए अंपायर से अपील की। थर्ड अंपायर ने नियम के तहत उन्हें आउट करार दिया। घटना के बाद सलमान आगा ने कहा कि वे समझते हैं कि मिराज ने नियम के दायरे में ही सही काम किया। लेकिन अगर उन्हें मौका मिलता, तो वे नियम से ऊपर खेल भावना को चुनते। उन्होंने कहा, “यह बस उस पल की गरमा-गरमी थी। मैं हमेशा नियम का पालन करता हूं, लेकिन खेल में स्थिति चाहे जैसी भी हो, खेल भावना सबसे ऊपर होनी चाहिए।” सलमान ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा, “जो मेहदी ने किया, वह नियम के दायरे में सही है। अगर उन्हें लगता है कि यह सही है, तो यह सही है। लेकिन मेरे नजरिए से, मैं चीजें अलग तरह से करता। मैं हमेशा खेल भावना को प्राथमिकता दूंगा।” उनके इस बयान ने साबित किया कि क्रिकेट में सिर्फ नियमों का पालन ही नहीं बल्कि खेल भावना की भी उतनी ही अहमियत है। सलमान आगा का यह दृष्टिकोण खिलाड़ियों और फैन्स के लिए सीखने योग्य है। उन्होंने यह संदेश दिया कि खेल में जीत और हार महत्वपूर्ण है, लेकिन खेल भावना और ईमानदारी सबसे ऊपर होनी चाहिए। फैन्स ने उनके इस बयान को सराहा और इसे क्रिकेट के लिए सकारात्मक संदेश माना। यह घटना याद दिलाती है कि नियम के भीतर खेलते हुए भी खिलाड़ी खेल की आत्मा को हमेशा कायम रख सकते हैं। इस तरह सलमान आगा ने अपने रन आउट विवाद को अवसर में बदलते हुए खेल भावना की मिसाल पेश की। उनके बयान ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्रिकेट में सम्मान और ईमानदारी हमेशा जीत से ऊपर हैं।

Sarkar 4: “सरकार 4 आ रहा है! RGV ने किया ऐसा ऐलान कि फैंस में खड़ा हुआ रोमांच का तूफान”

 Sarkar 4: नई दिल्ली। फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने अपनी पॉपुलर पॉलिटिकल-क्राइम फिल्म फ्रेंचाइज़ी ‘सरकार’ की चौथी कड़ी ‘सरकार 4’ का बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस फिल्म की शूटिंग अगले महीने से शुरू होने वाली है। वर्मा ने इस ऐलान के दौरान मजाकिया अंदाज में कहा, “मेरी ये फिल्म मेरे सारे पाप धो देगी।” यह जानकारी उन्होंने रेड लॉरी फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन के दौरान दी। ‘सरकार’ फ्रेंचाइज़ी की शुरुआत साल 2005 में हुई थी। पहली फिल्म में अमिताभ बच्चन ने सुभाष नागरे का दमदार किरदार निभाया था, जबकि अभिषेक बच्चन ने उनके बेटे ‘शंकर’ का रोल किया। इसके बाद 2008 में आई ‘सरकार राज’, जिसमें ऐश्वर्या राय बच्चन ने अहम भूमिका निभाई थी। फ्रेंचाइज़ी की तीसरी फिल्म ‘सरकार 3’ 2017 में रिलीज़ हुई, जिसमें अमिताभ और अभिषेक के अलावा यामी गौतम, मनोज बाजपेयी और अमित साध ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। राम गोपाल वर्मा ने बताया कि ‘सरकार 4’ में कहानी और कास्ट की घोषणा जल्द ही की जाएगी। हालांकि अब तक फिल्म में कौन-कौन कलाकार नजर आएंगे, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन फिल्म के फैंस में उत्साह पहले से ही चरम पर है। निर्देशक ने अपने एक अन्य प्रोजेक्ट ‘द सिंडिकेट’ का भी जिक्र किया और कहा कि यह फिल्म भी दर्शकों को नया अनुभव देगी। उन्होंने अपनी फिल्मों के माध्यम से क्राइम और पॉलिटिक्स की दुनिया को दर्शकों तक वास्तविकता के करीब दिखाने की अपनी शैली जारी रखने का इशारा किया। ‘सरकार 4’ के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाएं उमड़ पड़ी हैं। लोग अमिताभ और अभिषेक के फिर से एक साथ नजर आने की उम्मीद कर रहे हैं और फिल्म की कहानी को लेकर कई कयास लग रहे हैं। राम गोपाल वर्मा ने हमेशा अपनी फिल्मों को विवाद और क्रिएटिविटी के संगम के रूप में प्रस्तुत किया है। ऐसे में ‘सरकार 4’ भी उनके सिनेमाई अंदाज और दमदार कहानी के लिए चर्चित होने वाली है। इस ऐलान ने पॉपुलर फ्रेंचाइज़ी के फैंस के बीच उत्साह की लहर पैदा कर दी है और अगले महीने से शुरू होने वाली शूटिंग को लेकर सभी की निगाहें टिकी हैं।

Dhurandhar film controversy: फिल्म धुरंधर विवाद: मेकर्स पर आपत्ति जताई, स्वरा भास्कर की मां की प्रतिक्रिया

  Dhurandhar film controversy: नई दिल्ली।  एक्ट्रेस स्वरा भास्कर की मां और फिल्म स्कॉलर इरा भास्कर ने आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर’ की आलोचना करते हुए कहा है कि यह फिल्म पाकिस्तान और मुस्लिम समुदाय को नेगेटिव और हिंसक तरीके से प्रस्तुत करती है। इरा भास्कर का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और दर्शकों तथा यूजर्स के बीच बहस को जन्म दे रहा है। इरा भास्कर ने क्या कहा इरा भास्कर ने अपने विचार हर्ष मंदर के YouTube चैनल ‘कारवां-ए-मोहब्बत’ पर आयोजित चर्चा में साझा किए। इस पैनल में जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंस सेंटर के असिस्टेंट प्रोफेसर हरीश वानखेड़े भी मौजूद थे। चर्चा के दौरान उन्होंने हाल के वर्षों में सेंसरशिप और रिलीज में देरी झेल चुकी फिल्मों जैसे ‘पंजाब 95’ और ‘फुले’ का उदाहरण दिया। इरा ने कहा कि आदित्य धर तकनीकी रूप से कुशल फिल्ममेकर हैं और फिल्म सिनेमाई तौर पर अच्छी बनी है। लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी फिल्म की कला को उसके वैचारिक संदेश से अलग देखा जा सकता है। उनका कहना था कि फिल्म का नैरेटिव एक ऐसी दुनिया रचता है, जिसमें मुसलमानों को ज्यादातर हिंसक और आक्रामक के रूप में दिखाया गया है। इसके साथ ही पाकिस्तान को भी एक हिंसक राष्ट्र के रूप में पेश किया गया है। चुनिंदा घटनाओं से बने नैरेटिव इरा भास्कर ने यह भी तर्क दिया कि सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में अक्सर किसी विशेष वैचारिक दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए कुछ चुनिंदा घटनाओं को ही दिखाती हैं। उनकी राय में यह चुनिंदा कहानी बताने की शैली यह तय करती है कि दर्शक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों की व्याख्या कैसे करेंगे। ‘धुरंधर 2’ की तैयारियां इसी बीच, आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर 2’ 19 मार्च 2026 को बड़े पर्दे पर रिलीज होने वाली है। इसके पहले दिन यानी 18 मार्च को पेड प्रीव्यू शो भी आयोजित किए जाएंगे। इस फिल्म के लिए टिकट की कीमत 3100 रुपये है, और बावजूद इसके कई सिनेमाघरों में सीटें पहले ही भर चुकी हैं। इरा भास्कर का बयान इस फिल्म को लेकर बहस को और तेज कर रहा है। जहां एक तरफ फिल्म के तकनीकी और मनोरंजन मूल्य की तारीफ हो रही है, वहीं दूसरी ओर इसके वैचारिक संदेश पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यह दर्शाता है कि मेनस्ट्रीम सिनेमा समाज और राजनीति पर किस तरह प्रभाव डाल सकता है और दर्शकों के सोचने के नजरिए को प्रभावित कर सकता है। इस प्रकार, ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ की रिलीज के आसपास फिल्म के मनोरंजन और राजनीतिक प्रभाव को लेकर बहस जारी है, और फैंस की उत्सुकता दोनों ही फिल्में देखने के लिए बढ़ती जा रही है।