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होर्मुज के खतरे के बीच सुरक्षित निकला भारत का LPG जहाज ‘शिवालिक’, ट्रम्प का दावा,ईरान के खार्ग आइलैंड पर सैन्य ठिकाने तबाह

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में जारी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध का आज 15वां दिन है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारत की सरकारी कंपनी शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया का एलपीजी टैंकर जहाज शिवालिक सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है। जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखने वाली वेबसाइट मरीनट्रैफिक के अनुसार यह जहाज 7 मार्च को कतर से अमेरिका के लिए रवाना हुआ था और शुक्रवार रात खतरनाक माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल गया। इस जहाज की क्षमता करीब 55 हजार टन एलपीजी ढोने की है, इसलिए इसके सुरक्षित निकलने को भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर युद्ध के मोर्चे पर अमेरिका की ओर से बड़ा दावा किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में स्थित ईरान के सबसे अहम तेल निर्यात केंद्र खार्ग आइलैंड पर मौजूद सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है। ट्रम्प ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान के तेल ढांचे को भी निशाना बना सकता है। खार्ग आइलैंड ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है क्योंकि देश के करीब 80 से 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात यहीं से होता है। इस बीच ईरान की राजनीति को लेकर भी चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हैं और फिलहाल कोमा में हैं। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजराइल हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए थे और उन्हें तेहरान के सिना यूनिवर्सिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि चोट इतनी गंभीर थी कि डॉक्टरों को उनका एक पैर काटना पड़ा और उनके लिवर को भी काफी नुकसान पहुंचा है। अस्पताल के जिस हिस्से में उन्हें रखा गया है, वहां भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है और पूरे इलाके को सील कर दिया गया है। वहीं ईरान ने भारत को लेकर एक नरम रुख भी दिखाया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने दो भारतीय एलपीजी टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। इन टैंकरों के जल्द भारत की ओर रवाना होने की उम्मीद है। अगर ऐसा होता है तो भारत में रसोई गैस की सप्लाई पर पड़ रहे दबाव को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इसके अलावा सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर आने वाला एक टैंकर भी मार्च की शुरुआत में होर्मुज पार कर चुका है और शनिवार तक भारत पहुंच सकता है। हालांकि अमेरिका और इजराइल की लगातार दो हफ्तों से चल रही एयरस्ट्राइक के बावजूद ईरान की सरकार फिलहाल मजबूत नजर आ रही है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा हालात में ईरान की सत्ता के गिरने की संभावना बेहद कम है और सरकार अभी भी देश की जनता पर नियंत्रण बनाए हुए है। युद्ध के कारण दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजों की आवाजाही भी काफी कम हो गई है। लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के मुताबिक इस महीने अब तक केवल 77 जहाज ही इस रास्ते से गुजर पाए हैं। गौरतलब है कि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरती है, इसलिए यहां पैदा हुआ संकट पूरी दुनिया की ऊर्जा और अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।

पश्चिम एशिया युद्ध की स्थिति में भी अफवाह फैला रही कांग्रेस : मोदी

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट और युद्ध की परिस्थितियों के बीच भी कांग्रेस देश में अफवाह फैलाने और गलत जानकारी देने में लगी हुई है, जबकि भाजपा-एनडीए सरकार किसानों के हित, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पूर्वोत्तर के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने यहां एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान असम के लिए 19,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह किसी भी स्थिति में देश के प्रति ईमानदार नहीं है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं को सलाह देते हुए कहा कि वे 15 अगस्त को लाल किले से दिए गए भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के भाषण को सुनें। मोदी ने कहा कि पंडित नेहरू ने एक बार कहा था कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे युद्ध की वजह से भारत में महंगाई बढ़ रही है। आज कांग्रेस के लोग भी उसी तरह देश को गुमराह करने में लगे हैं, जबकि वैश्विक संकटों का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यापक काम किया है। आज भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों का ध्यान रख रहा है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। असम सहित पूरे पूर्वोत्तर में गैस पाइपलाइन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विकास पर अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों के लिए भी बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ ही समय पहले पूरे देश के करोड़ों किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे भेजी गई है। यह योजना देश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा का मजबूत माध्यम बन चुकी है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले ऐसे लाखों किसान थे जिनके पास न तो मोबाइल फोन था और न ही बैंक खाता, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय समावेशन के माध्यम से करोड़ों किसानों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है और अब तक उनके खातों में सवा चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि भेजी जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी, तब कांग्रेस के लोगों ने इसके बारे में झूठ फैलाया था। कांग्रेस के नेता किसानों से कहते थे कि चुनाव के बाद उन्हें यह पैसा वापस करना पड़ेगा, लेकिन आज यह योजना किसानों के लिए एक मजबूत सहारा बन चुकी है। मोदी ने कहा कि भाजपा-एनडीए सरकार के लिए किसान हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले केंद्र में दस वर्षों तक कांग्रेस की सरकार रही और उस दौरान किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के रूप में लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये मिले थे। इसके विपरीत पिछले दस वर्षों में उनकी सरकार ने किसानों को एमएसपी के रूप में 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है। एमएसपी, सस्ता कृषि ऋण, फसल बीमा और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वैश्विक संकटों का असर भारत की खेती पर कम से कम पड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड महामारी और उसके बाद हुए वैश्विक संघर्षों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई थी। कई देशों में इसकी कमी हो गई थी, लेकिन भारत सरकार ने किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी। जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में यूरिया की एक बोरी की कीमत लगभग 3000 रुपये तक पहुंच गई थी, वहीं भारत में किसानों को यह मात्र 300 रुपये में उपलब्ध कराई गई। इसके लिए केंद्र सरकार ने 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में देश को कृषि और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लंबे समय तक कांग्रेस सरकारों ने देश को कई क्षेत्रों में विदेशों पर निर्भर बनाए रखा, जिससे अंतरराष्ट्रीय संकटों का सीधा असर भारत के किसानों और आम लोगों पर पड़ता था। प्रधानमंत्री ने बताया कि खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए सरकार ने “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” नीति लागू की है, जिसके तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को सोलर पंप से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि डीजल पर उनकी निर्भरता कम हो सके। असम के विकास का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य आज पूरे पूर्वोत्तर के लिए एक मॉडल बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि असम की प्रगति का प्रभाव पूरे नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र पर दिखाई दे रहा है और यह क्षेत्र देश के विकास में नई गति प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने असम के चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिक परिवारों का जिक्र किया और कहा कि राज्य सरकार ऐतिहासिक अन्याय को समाप्त करते हुए चाय बागान श्रमिकों को भूमि के पट्टे प्रदान कर रही है। इससे हजारों परिवारों को पहली बार भूमि का अधिकार मिल रहा है। असम आज शांति, विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यह राज्य पूरे पूर्वोत्तर के उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शक बनेगा।

घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं , जमाखोरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी

नई दिल्ली। सरकार ने आज देशवासियों को आश्वस्त किया कि देश की रिफायनरियों में कच्चे तेल से द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के उत्पादन को बढ़ाने का निर्देश दिया गया है और घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने की कोई भी संभावना नहीं है इसलिए आम जनों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने जमाखोरी करने को चेताया है कि उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उच्चपदस्थ सूत्राें ने यहां संवाददाताओं से कहा कि देश में एलपीजी की आपूर्ति पर पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण कुछ असर हुआ है लेकिन भारत में स्थिति तेल रिफायनरियों में क्षमता वृद्धि के उपाय किये गये हैं और जल्द ही बाज़ार में उपलब्धता बढ़ेगी। सूत्रों के अनुसार देश की रिफायनरियों में एलपीजी के उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसके और बढ़ने की संभावना है। सूत्रों ने कहा कि पश्चिम एशिया में संकट के नाम पर देश में जो भी वितरक कृत्रिम संकट बता कर जमाखोरी कर रहे हैं, उन पर सरकार की पैनी नज़र है और उन्हें पछताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल व्यावासयिक सिलेंडरों की आपूर्ति नियंत्रित की है और प्राथमिकता के आधार पर उनके वितरण का निर्णय करने का अधिकार राज्यों को दिया है। सूत्रों ने बताया कि भारत दुनिया में एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है जो अपनी एलपीजी खपत का लगभग 55-60% हिस्सा मुख्य रूप से खाड़ी देशों- कतर एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सीधे आयात करता है, जबकि शेष 40-45% घरेलू स्तर पर रिफाइनरियों में कच्चे तेल के शोधन के दौरान उप-उत्पाद के रूप में निर्मित होता है। हाल ही में सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों को आदेश दिया है। वैश्विक आपूर्ति में बाधा का असर भारत पर पड़ना स्वाभाविक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत एलपीजी का लगभग 29-34% हिस्सा कतर से आयात करता है और कतर के बाद यूएई लगभग 26% की हिस्सेदारी के साथ दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। हाल के वर्षों में, भारत ने कतर से सालाना 5.3 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी का आयात किया है, जिसकी कीमत 4 अरब डॉलर से अधिक है। 2024 में, भारत और कतर ने 2048 तक सालाना 75 लाख टन द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति के लिए एक बड़ा समझौता भी किया है। भारत की आयातित एलपीजी का अधिकांश भाग होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है जिसे ईरान ने बाधित कर रखा है। सूत्रों ने कहा कि भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति का कोई संकट नहीं है। भारत रूस समेत 40 से अधिक देशों से कच्चे तेल की खरीद करता है। भारत ने अपनी रिफायनरियों से कहा है कि वह कच्चे तेल के शोधन में उप उत्पादों में एलपीजी को प्राथमिकता दें और उनका उत्पादन बढ़ाएं ताकि बाहर से आने वाली एलपीजी की कमी की यथासंभव भरपाई हो सके। उल्लेखनीय है कि कच्चे तेल के शोधन से प्रोपेन और ब्यूटेन, मीथेन, एथेन, नैफ्था, प्लास्टिक, रसायन और उच्च ऑक्टेन गैसोलीन, पेट्रोल, केरोसीन, जेट फ्यूल, डीज़ल, फ्यूल ऑयल, ल्यूब्रिकेंट्स, वैक्स तथा अस्फाल्ट / बिटुमेन का भी उत्पादन होता है।

विकसित भारत 2047’ की यात्रा में दिव्यांगजन समान भागीदार : राष्ट्रपति

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में शुक्रवार को दिव्यांगजनों की प्रतिभा, उपलब्धियों और आकांक्षाओं का उत्सव मनाने के लिए ‘पर्पल फेस्ट’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में दिव्यांगजन समान भागीदार हैं। राष्ट्रपति भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान दिनभर चले उत्सव में 8 हजार से अधिक दिव्यांगजन अमृत उद्यान पहुंचे, जिसे विशेष रूप से उनके लिए खोला गया था। इस दौरान विभिन्न संगठनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से दिव्यांगजनों ने खेल, सीखने और मनोरंजन से जुड़ी कई गतिविधियों में भाग लिया। शाम को राष्ट्रपति द्रौपदी ने राष्ट्रपति भवन स्थित ओपन एयर थिएटर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया, जिसमें दिव्यांग कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी देश या समाज की पहचान केवल उसकी उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह समाज के वंचित वर्गों के प्रति कितनी संवेदनशीलता दिखाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास और संस्कृति में संवेदनशीलता, समावेशिता और सामंजस्य की भावना हमेशा से प्रमुख रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान सामाजिक न्याय, समानता और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा के आदर्शों को स्थापित करता है। राज्य के नीति निदेशक तत्वों के माध्यम से दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक सहायता का अधिकार भी प्रदान किया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि समावेशी समाज के निर्माण के लिए दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है। यह केवल सरकार के प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति और संस्था की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने दिव्यांगजनों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार और समाज उनके साथ खड़े हैं। उनका समर्पण, मेहनत और लगन न केवल उनके लिए प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगी, बल्कि अन्य नागरिकों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। उल्लेखनीय है कि ‘पर्पल फेस्ट’ का आयोजन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में दिव्यांगजनों के प्रति समझ, स्वीकृति और समावेशन को प्रोत्साहित करना है।

जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड ने एंकर निवेशकों से जुटाए 120 करोड़ रुपये

नई दिल्ली/मुंबई। जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड ने अपने शुरुआती आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) से पहले एंकर निवेशकों से 120 करोड़ रुपये जुटाए हैं। अहमदाबाद की कृषि रसायन कंपनी का यह इश्यू सोमवार, 16 मार्च, 2026 को निवेशकों के निवेश करने के लिए खुलेगा। कंपनी ने शुक्रवार को स्टॉक एक्सचेंजों को सूचित किया कि उसने एंकर निवेशकों को 320 रुपये प्रति शेयर की दर से 37,50,000 इक्विटी शेयर आवंटित किए गए हैं। एंकर निवेशकों के तौर पर भाग लेने वाली कुछ प्रमुख संस्थाओं में शाइन स्टार बिल्ड कैप प्राइवेट लिमिटेड, क्राफ़्ट इमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी, सिटाडेल कैपिटल फंड और क्राफ़्ट इमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी और एलीट कैपिटल फंड शामिल हैं। जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड का आईपीओ निवेश के लिए 16 मार्च को खुलेगा। इसमें निवेश के लिए निवेशक 18 मार्च तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने इसके लिए मूल्य का दायरा (प्राइस बैंड) 304–320 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कंपनी के शेयर 24 मार्च को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होंगे। निवेशक कम से कम 46 इक्विटी शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, और उसके बाद 46 इक्विटी शेयरों के गुणकों में बोली लगा सकते हैं। कंपनी की योजना इस आईपीओ से 400 करोड़ रुपये जुटाने की है। जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड नए निर्गम से प्राप्त 170 करोड़ रुपये की राशि का इस्तेमाल ऋण भुगतान के लिए करेगी, जबकि इसका शेष एक हिस्सा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए रखा जाएगा। उल्लेखनीय है कि जीएसपी क्रॉप साइंस लिमिटेड एक रिसर्च, आधारित एग्रोकेमिकल कंपनी है। यह भारत में कीटनाशकों, खरपतवारनाशकों, फफूंदीनाशकों और पौधों के विकास को नियंत्रित करने वाले पदार्थों के विकास और निर्माण में विशेषज्ञता रखती है।

नई दिल्ली पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 में भारत का दबदबा, 208 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा देश

नई दिल्ली। नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 का तीन दिनों तक चला रोमांचक मुकाबला आज समाप्त हो गया। प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने कुल 208 पदक जीते, जिनमें 75 स्वर्ण, 69 रजत और 64 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में रूस 35 पदकों (15 स्वर्ण, 14 रजत और 6 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि बोस्निया और हर्जेगोविना एक स्वर्ण और दो रजत सहित कुल तीन पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। प्रतियोगिता के अंतिम दिन भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। महिला 200 मीटर टी35–टी37 स्पर्धा में प्रीति पाल ने 30.26 सेकंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। रूस की करीना माचुल्स्काया 32.22 सेकंड के साथ रजत पदक पर रहीं, जबकि भारत की बीना शंभुभा ने 32.35 सेकंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। यह इस प्रतियोगिता में प्रीति पाल का दूसरा स्वर्ण पदक रहा। अपनी जीत पर प्रीति पाल ने कहा, “मैं जिस लक्ष्य के साथ इस प्रतियोगिता में उतरी थी, उसे एक माइक्रो सेकंड से चूक गई। फिर भी प्रदर्शन से संतुष्ट हूं। चार दिनों बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जाना है और अभी ऑफ-सीजन चल रहा है, इसलिए यह परिणाम अच्छा है।” उन्होंने आगे कहा, “मेरा व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 30.03 सेकंड है और अभ्यास में मैं 29.6 सेकंड तक पहुंच चुकी हूं, जो उत्साहजनक है। हालांकि फिनिश लाइन के करीब आते-आते थकान महसूस होती है, जिस पर मैं काम कर रही हूं।” पुरुष शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में भारत ने तीनों पदक अपने नाम किए। शुभम जुयाल ने 14.45 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भगत सिंह ने 13.29 मीटर के साथ रजत और प्रियांश कुमार ने 13.07 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया। शुभम जुयाल ने 2025 विश्व चैंपियनशिप में 13.72 मीटर का प्रदर्शन किया था और मात्र पांच महीनों में 0.73 मीटर का सुधार करते हुए उन्होंने शानदार प्रगति दिखाई। यह भारतीय सेना के पैरा खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है। ट्रैक स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा। पुरुष 200 मीटर टी35 में विनय ने 28.18 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि अनुभव चौधरी ने 29.49 सेकंड के साथ रजत पदक हासिल किया। हांगकांग के चुई यिउ बाओ ने कांस्य पदक जीता। पुरुष 200 मीटर टी37–टी44 स्पर्धा में भी भारत ने क्लीन स्वीप किया। राकेशभाई भट्ट ने 25.20 सेकंड में स्वर्ण, सिद्धार्थ मंजू बेल्लारी ने 28.23 सेकंड में रजत और रविकिरण आसारेली ने 31.50 सेकंड में कांस्य पदक हासिल किया। पुरुष 800 मीटर टी53–टी54 में भी भारत ने तीनों पदक जीते। मनोजकुमार सबापति ने 1:57.41 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। मणिकंदन जोथि ने 2:11.14 में रजत और कमलकांत नायक ने 2:20.83 में कांस्य पदक अपने नाम किया। फील्ड स्पर्धाओं में भी भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। पुरुष शॉट पुट एफ11–एफ12–एफ20 में प्रवीण शर्मा ने 13.31 मीटर के साथ स्वर्ण, मोनू घंगास ने 11.40 मीटर के साथ रजत और जनक सिंह हरसाना ने 11.22 मीटर के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुष शॉट पुट एफ37 में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर कब्जा जमाया। अंकित ने 12.37 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि मयंक (11.68 मीटर) ने रजत और अक्षय (11.05 मीटर) ने कांस्य पदक हासिल किया। इसके अलावा भारत ने पुरुष शॉट पुट एफ53–एफ54, महिला डिस्कस थ्रो एफ57, पुरुष लॉन्ग जंप टी11–टी12, पुरुष 5000 मीटर टी54 और पुरुष 200 मीटर टी64 जैसी कई स्पर्धाओं में भी क्लीन स्वीप करते हुए अपनी मजबूत दावेदारी साबित की। भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा,“नई दिल्ली पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री 2026 ने एक बार फिर दुनिया भर के पैरा खिलाड़ियों की प्रतिभा और जज्बे को दिखाया है। भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर मुझे बेहद गर्व है। इस स्तर के आयोजन भारत में होने से पैरा खेलों के विकास को मजबूती मिलेगी और खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलेगा।”

एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026: भारत ने सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराया, फाइनल में इंग्लैंड से भिड़ंत

हैदराबाद। भारतीय महिला हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफआईएच हॉकी विश्व कप क्वालीफायर 2026 के सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराकर फाइनल में जगह बना ली। हैदराबाद के जी. एम. सी. बालयोगी हॉकी ग्राउंड (गाचीबौली हॉकी कॉम्प्लेक्स) में खेले गए मुकाबले में मनीषा चौहान ने 40वें मिनट में निर्णायक गोल दागकर भारत को जीत दिलाई। अब फाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा। मुकाबले के पहले क्वार्टर में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और गेंद का नियंत्रण लगातार बदलता रहा। भारत ने शुरुआती मिनटों में कुछ अच्छे सर्किल एंट्री बनाए, लेकिन इटली ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए गोल पर कुछ अच्छे मौके तैयार किए। दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने खेल पर पकड़ बनानी शुरू की। मेजबान टीम ने फ्लैंकों का उपयोग करते हुए लगातार हमले किए और महत्वपूर्ण सर्किल एंट्री बनाई। 18वें मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन नवनीत कौर का शॉट इटली की गोलकीपर लूसिया इनेस कारुसो ने बेहतरीन तरीके से रोक दिया। 27वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसमें टीम ने दिलचस्प वेरिएशन खेला। गेंद वापस इंजेक्टर और कप्तान सलीमा टेटे के पास पहुंची, लेकिन उनका शॉट इटली के अंतिम डिफेंडर ने गोल लाइन पर ही रोक दिया। 29वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार नवनीत कौर का शॉट निशाने से चूक गया। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में इटली ने तेज हमला बोला। एमिलिया मुनिटिस गोल के करीब पहुंच गई थीं, लेकिन भारतीय गोलकीपर बिचु देवी खारीबाम ने आगे बढ़कर शानदार बचाव किया। 40वें मिनट में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार टीम ने मौका भुनाया। मनीषा चौहान ने दमदार ड्रैगफ्लिक लगाते हुए गेंद को सीधे गोल में पहुंचाकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। अंतिम क्वार्टर में भारत ने बढ़त बढ़ाने के लिए लगातार दबाव बनाया और दो शुरुआती पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन इटली की रक्षापंक्ति मजबूती से डटी रही। मैच के 59वें मिनट में इटली को अहम पेनल्टी कॉर्नर मिला, मगर भारतीय टीम ने उसे गोल में तब्दील नहीं होने दिया और 1-0 से जीत दर्ज की। अब भारतीय टीम 14 मार्च को शाम 7:30 बजे होने वाले फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड का सामना करेगी।

आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है भारत : ज्योतिरादित्य सिंधिया

ग्वालियर। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है और भारत अब आजादी के अमृतकाल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया शुक्रवार को ग्वालियर जिले में घाटीगांव के समीप स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भितरवार को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है। मध्य प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि बहनों के आर्थिक सशक्तीकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाडली लक्ष्मी योजना, लाडली बहना योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश की लाडली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 रुपये तक दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत गरीब एवं जरूरतमंद परिवार की बेटियों का निशुल्क विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की 10 करोड़ बहनों के घरों में रसोई गैस सिलेंडर पहुंचाया हैं। भितरवार की जनता को शिक्षा, सड़क एवं रेललाइन की सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव हमेशा विकास कार्यों की सौगातें देकर आते हैं। उन्होंने आज लाडली बहना योजना की राशि करने के साथ-साथ इस क्षेत्र को लगभग 122 करोड़ रुपये की सौगातें दी हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 1.25 करोड़ बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किस्त के रूप में 1836 करोड़ रुपये अंतरित किए। कार्यक्रम में ग्वालियर जिले को 122 करोड़ रुपये के 54 विकास कार्यों की सौगात दी गई। मुख्यमंत्री ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया हैः सिलावटजल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा, वह करके दिखाया है। आज लाडली बहनों के खाते में 1500 रुपये भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ यादव और केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने ग्वालियर अंचल के विकास में कोई कसर नहीं रखी है। अब प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है। प्रदेश में बीते दो साल के अंदर ही लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर सिंचाई का रकबा बढ़ा है। प्रदेश में वर्ष 2029 तक 100 लाख हैक्टेयर भूमि संचित होगी। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में केन बेतवा नदी लिंक परियोजना और पार्वती कालीसिंध चंबल योजना का काम तेजी से चल रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय भितरवार विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को मिली आर्थिक सहायताग्वालियर जिले के अंतर्गत शबरी माता मंदिर परिसर में लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरण के लिए आयोजित भव्य समारोह में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर महिला सशक्तीकरण की नई इबारत लिखने जा रहीं महिलाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए गए। साथ ही सामुदायिक भवन अधिकार के लिये सहरिया जनजाति की वन अधिकार समिति को वन अधिकार पत्र सौंपा गया। यह अधिकार पत्र मिल जाने से आरोन तिराहा घाटीगांव स्थित शबरी माता देव स्थान को धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। इस अवसर पर लाड़ली बहनों द्वारा स्वयं तैयार की गई शॉल ओढ़ाकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। साथ ही स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने हस्तशिल्प उत्पादों की टोकरी भी मुख्यमंत्री को सौंपी। इन कार्यों का हुआ भूमिपूजन व लोकार्पणकार्यक्रम में शबरी माता परिसर में लाड़ली बहना योजना के तहत आयोजित हुए भव्य समारोह के माध्यम से ग्वालियर जिले के अंतर्गत लगभग 122 करोड़ लागत के 54 कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया गया। इनमें लगभग 62 करोड़ के 19 कार्यों का लोकार्पण व लगभग 60 करोड़ रुपये लागत के 35 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।

CM MOHAN YADAV: डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

CM MOHAN YADAV:  ग्वालियर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए यहां की बहनों को लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना योजना के रूप में डबल खुशियां मिल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर परिसर, घाटीगांव में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन में लाड़ली बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन के मामले में पूरे देश के लिए उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश के पांच लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़कर करीब 65 लाख बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। आज प्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदियां कार्यरत हैं। हम महिला उद्यमियों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारी बहनें अब फैक्ट्रियों और उद्योगों का नेतृत्व कर रही हैं। प्रदेश के 47 प्रतिशत नए स्टार्ट-अप का नेतृत्व अब हमारी बहनों के हाथों में है। हम सभी बहनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में कार्य करते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत प्रत्येक कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन-बेटियां भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से पहले आज बहनों को 1500 रुपये की सौगात मिल रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख 27 हजार से अधिक बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किश्त के रूप में एक हजार 836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की हर लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने 1500 रुपये भेजे जा रहे हैं। लाड़ली बहन योजना में अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों को दी जा चुकी है। उन्होंने सभी लाड़ली बहनों से अपील करते हुए कहा कि वे हर महीने मिलने वाली इस राशि से अपनी बेहतरी के लिए कोई भी रुचिकर काम-धंधा शुरु करें और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर जिले को 121 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने सिंगल क्लिक से लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत वाले 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 39 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से कुलैथ घाटीगांव में शासकीय सांदीपनि विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 महीने बाद लाड़ली बहना योजना के तीन साल पूरे हो जाएंगे। इन तीन साल में प्रदेश की बहनों की जिन्दगी जिस तरह से बदली है, वह भूतो न भविष्यति है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से फरवरी 2026 तक 42 हजार 308 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि बहनों के खाते में भेजी गई है। लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की बहनें अब आत्म-निर्भर बन गई हैं। अब वे मजबूर नहीं, मजबूत हो गई हैं। इस योजना ने बहनों को न केवल आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है, बल्कि इन्हें ‘रिस्क’ लेने और अपने जीवन को बेहतर बनाने के सपने देखने की हिम्मत भी दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर मध्य प्रदेश का गौरव है। ये धरती शक्ति के आशीर्वाद से सिंचित है और शक्ति की उपासना से ही हमारा संसार सुरक्षित है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र मध्य प्रदेश के साथ देश की इकॉनामी डेवलपमेंट में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। कभी बीहड़ों के लिए मशहूर रहा यह क्षेत्र हमारी सरकार के प्रयासों से आज औद्योगिक गतिविधियों का नया केन्द्र और प्रगति का नया उदाहरण बन रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं। MORENA EYE CAMP: मुरैना में पुलिस परेड ग्राउंड पर 3 दिवसीय नेत्र शिविर का आयोजन, 14-16 मार्च तक चलेंगे ऑपरेशन प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आरोन-पटई उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि 120 करोड़ रुपये की यह परियोजना क्षेत्र के किसानों का जीवन खुशहाल कर देगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग पर घाटीगांव सहित चिनौर और करैया में भी सांदीपनि विद्यालय खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भितरवार पीएचसी का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाया जायेगा। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। घाटीगांव में शबरी माता के भव्य मंदिर और शबरी धाम निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। भगवान देवनारायण का भी धाम बनाया जायेगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से देवनारायण मंदिर में हर साल सांस्कृतिक आयोजन कराये जाएंगे। महिला सम्मेलन को केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी, जिला पंचायत अध्यक्षा दुर्गेश कुंवर जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, किसान भाई एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।