शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव में संयम जरूरी, रिटेल निवेशकों को सेबी प्रमुख की सलाह

नई दिल्ली। भारतीय पूंजी बाजार वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार मजबूत और व्यापक होते जा रहे हैं। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया के अधिकारियों तुहिन कांता पांडे ने रिटेल इंजीनियरों से अपील की है कि वे बाजार की स्थानीय गिरावट या तेजी से घबराकर जल्दबाजी में फैसला न लें। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत के पूंजी बाजार आकार, विविधता और बढ़ोतरी के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि जैसे-जैसे बाजार का विस्तार और संकुचन बढ़ता है, वैसे-वैसे वैश्विक घटनाओं का प्रभाव भी अधिक देखने को मिलता है। पांडे ने मवेशियों को सलाह दी कि बाजार के छोटे समय के उतार-चढ़ाव पर प्रतिक्रिया देने के बजाय दीर्घकालिक नजरिया अपनाना अधिक फायदेमंद साबित होता है। धैर्य ही रिटेल इंजीनियरों की सबसे बड़ी रणनीतिसेबी प्रमुख ने कहा कि रिटेल इंजीनियरों के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीति धैर्य बनाए रखना है। उन्होंने बताया कि इतिहास गवाह है कि बड़े वैश्विक संकटों के बाद भी शेयर बाजारों ने समय के साथ वापसी की है और भारतीयों को अच्छा रिटर्न दिया है। उनका कहना था कि बाजार में अस्थिरता के दौर अक्सर अस्थायी होते हैं और लंबे समय में मजबूत आर्थिक आधार वाले देशों के बाजार फिर से स्थिर हो जाते हैं। इसलिए भारतीयों को घबराकर अपने निवेश से बाहर निकलने के बजाय समझदारी और संयम के साथ फैसला लेना चाहिए। भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट का असरपांडे ने स्वीकार किया कि मौजूदा समय में वैश्विक बाजार कई तरह की जबड़े का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी बदलाव और ऊर्जा संकट जैसे कारक वैश्विक आर्थिक अस्थिरताओं को बढ़ा रहे हैं। विशेष रूप से मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिसका प्रभाव अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज के वित्तीय बाजारों की एक प्रमुख विशेषता यह है कि उनमें अस्थिरता पहले की तुलना में अधिक देखने को मिलती है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर सूचना और खबरें बेहद तेजी से फैलती हैं। तकनीक से तेजी से बदल रहा बाजारसेबी प्रमुख के अनुसार आधुनिक वित्तीय बाजार तकनीक के कारण पहले से कहीं ज्यादा तेज और जटिल हो गए हैं। उन्होंने बताया कि संस्थागत ट्रेडिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत डेटा विश्लेषण जैसी तकनीकों के कारण बाजार की गतिविधियां बहुत तेजी से होती हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज के दौर में खबरें बहुत तेजी से फैलती हैं और बेटियों की राय उससे भी तेज बनती है। यही कारण है कि कई बार बाजार वास्तविक आर्थिक आयामों के बजाय खबरों या धारणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं। स्थिरता बनाए रखना नीति निर्माताओं की जिम्मेदारीसेबी प्रमुख ने कहा कि बाजार की तेजी के साथ उनकी स्थिरता बनाए रखना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि नियामक संस्थाओं और नीति निर्माताओं का दायित्व है कि वे बेटियों के हितों की रक्षा करते हुए बाजार में भरोसा और भरोसा बनाए रखें। उन्होंने बताया कि भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण के लिए मजबूत बॉन्ड बाजार, बेटियों की बढ़ती भागीदारी और तकनीकी नवाचार बहुत अहम होंगे। बेटियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदमनिवेशकों की सुरक्षा को लेकर सेबी कई महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इसमें सोशल मीडिया पर फैलाने वाली बातचीत या फर्जी निवेश सलाह की निगरानी को मजबूत करना भी शामिल है। इसके अलावा नियामक संस्था अपनी निगरानी तंत्र को भी लगातार उन्नत कर रही है, ताकि बाजार में संभावित हेरफेर, अंदरूनी ट्रेडिंग या गलत जानकारी के प्रसार को समय पर रोका जा सके। विशेष रूप से सेबी अपनी उन्नत निगरानी प्रणाली PARRVA निगरानी प्रणाली को मजबूत कर रहा है, जिससे बाजार में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों का जल्दी पता लगाया जा सके। विश्लेषकों का कहना है कि ऐसे पैदल चलने वालों से इंजीनियरों का भरोसा बढ़ेगा और भारतीय पूंजी बाजार भविष्य में और अधिक मजबूत बन सकेगा।
भोपाल में गोमांस तस्करी आरोपी असलम कुरैशी की जमानत याचिका खारिज

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में गोमांस तस्करी के गंभीर मामले में आरोपी असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी जयदीप मौर्य ने इस निर्णय के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी को अभी जमानत देना न्याय के हित में नहीं होगा। इस मामले की सुनवाई में आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष यह दलील दी कि असलम कुरैशी निर्दोष हैं और उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि आरोपी अपनी सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति सजग हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैं। इसके विपरीत शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इस प्रकार का अपराध समाज और कानून के लिए अत्यंत गंभीर है और आरोपी को जमानत देने से न्याय प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जमानत याचिका खारिज करने का निर्णय लिया। न्यायिक दंडाधिकारी जयदीप मौर्य ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कानूनी कार्रवाई निर्बाध रूप से जारी रहेगी और जांच एजेंसियों को सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार प्राप्त है। इस फैसले के बाद पुलिस ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा और आगामी सुनवाई में उसकी भूमिका और अपराध की जाँच पूरी की जाएगी। पुलिस अधिकारीयों का कहना है कि इस प्रकार के अपराधों पर सख्त कार्रवाई समाज में कानूनी संदेश भेजने के लिए आवश्यक है। भोपाल के स्थानीय लोग इस मामले पर गहरी नजर बनाए हुए हैं क्योंकि यह न केवल कानून के उल्लंघन का मामला है बल्कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भी प्रभावित करता है। नागरिकों ने कहा कि सरकार और न्यायपालिका द्वारा ऐसे मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने में मदद करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमानत याचिका खारिज होने का निर्णय यह संदेश देता है कि गोमांस तस्करी जैसे अपराधों में अपराधियों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी और कानून को सर्वोच्च माना जाएगा। इसके साथ ही यह फैसला कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्यायपालिका की गंभीरता को भी दर्शाता है। इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि मध्यप्रदेश में कानून के प्रति सख्त रुख अपनाया गया है और समाज के हित में गंभीर अपराधों पर किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। आरोपी असलम कुरैशी की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत यह सुनिश्चित करती है कि आगे की जांच पूरी निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत, घरेलू निवेशकों से शेयर बाजार को मजबूती

नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितताओं के बावजूद भारत लगातार मजबूत आर्थिक प्रदर्शन कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की रिपोर्ट के अनुसार भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। International Monetary Fund के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रही। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो वैश्विक स्तर पर एक मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है। जब कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं नीतिगत अनिश्चितताओं और वैश्विक चुनौतियों के कारण अपने विकास अनुमान घटा रही हैं, तब भारत की आर्थिक रफ्तार अपेक्षाकृत अधिक मजबूत बनी हुई है। आईएमएफ के अनुमान के अनुसार पूरे वर्ष के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रह सकती है, भले ही वैश्विक व्यापार में चुनौतियां बनी रहें। वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का सबसे बड़ा योगदानआईएमएफ का अनुमान है कि वर्ष 2026 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का योगदान लगभग 17 प्रतिशत हो सकता है। यह आंकड़ा भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शीर्ष पर बनाए रखता है। रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक वृद्धि में योगदान के मामले में अमेरिका दूसरे स्थान पर रह सकता है, जहां से लगभग 9.9 प्रतिशत योगदान की उम्मीद जताई गई है। इसके अलावा अन्य देशों में Indonesia से 3.8 प्रतिशत Turkey से 2.2 प्रतिशत Saudi Arabia से 1.7 प्रतिशत Vietnam से 1.6 प्रतिशत योगदान का अनुमान लगाया गया है। वहीं Nigeria और Brazil से करीब 1.5 प्रतिशत योगदान की संभावना जताई गई है। तुलनात्मक रूप से देखें तो China की विकास दर लगभग 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो भारत की तुलना में कम है। घरेलू निवेशकों से शेयर बाजार को मिल रही मजबूतीभारत की मजबूत आर्थिक स्थिति का असर देश के पूंजी बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले कुछ वर्षों में घरेलू निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जिससे शेयर बाजार को स्थिरता और मजबूती मिल रही है। घरेलू म्यूचुअल फंड उद्योग ने वर्ष 2025 में अपने एसेट बेस में लगभग 14 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की। इसके साथ कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर करीब 81 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय निवेशक अब लंबे समय के लिए पूंजी बाजार में निवेश करने के प्रति अधिक भरोसा दिखा रहे हैं। एसआईपी निवेश में रिकॉर्ड वृद्धिसाल 2025 में सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी Systematic Investment Plan के जरिए निवेश भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान एसआईपी के माध्यम से कुल 3.34 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ। तुलना करें तो 2024 में यह आंकड़ा 2.68 लाख करोड़ रुपये था जबकि 2023 में यह 1.84 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस तेजी से बढ़ते निवेश से साफ है कि छोटे और मध्यम निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड योजनाओं में लगातार बढ़ रहा है। विदेशी निवेश पर निर्भरता कम हो रहीपहले भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव काफी हद तक विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर रहता था। लेकिन अब घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी के कारण बाजार की संरचना धीरे-धीरे बदल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू निवेशकों की बढ़ती संख्या बाजार को स्थिरता प्रदान कर रही है और लंबे समय में यह भारतीय पूंजी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है। निवेश के क्षेत्र में अभी भी बड़ी संभावनाएंहालांकि भारत में निवेश की संभावनाएं अभी भी काफी व्यापक हैं। आंकड़ों के अनुसार देश में अभी केवल 15 से 20 प्रतिशत परिवार ही शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। इसके मुकाबले United States में लगभग 50 से 60 प्रतिशत परिवार पूंजी बाजार से जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय साक्षरता और डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म के विस्तार के साथ आने वाले वर्षों में भारत में घरेलू निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है, जिससे अर्थव्यवस्था और पूंजी बाजार दोनों को मजबूती मिलेगी।
भोपाल में नेशनल लोक अदालत का आयोजन: 60 खंडपीठों में 1.62 लाख लंबित मामलों पर सुनवाई जारी

नई दिल्ली। Bhopal जिला न्यायालय में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश Sunit Agarwal ने बताया कि प्रकरणों के निराकरण के लिए पूरे जिले में कुल 60 खंडपीठों का गठन किया गया है। वर्तमान में जिला भोपाल के न्यायालयों में विभिन्न प्रकार के कुल 1,62,077 लंबित मामले हैं। राजीनामा योग्य प्रकरणनेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित आपराधिक शमनीय प्रकरण, धारा 138 पर अकाउंटिंग अधिनियम, क्लेम प्रकरण, विद्युत अधिनियम, वैवाहिक विवाद और अन्य सिविल मामले सहित कुल 12,189 राजीनामा योग्य प्रकरण रखे गए हैं। प्री-लिटिगेशन प्रकरणविद्युत अधिनियम, बैंक रिकवरी, जलकर, बीएसएनएल विभाग और यातायात ई-चालान से जुड़े 80,127 प्री-लिटिगेशन प्रकरण भी अदालत में प्रस्तुत किए गए। विशेष छूटजिला न्यायालय भोपाल, तहसील न्यायालय बैरसिया, कुटुंब न्यायालय और श्रम न्यायालय सहित विभिन्न स्थानों पर खंडपीठें बनाई गई हैं। इस दौरान विद्युत विभाग और नगर निगम शासन के निर्देशानुसार अपने मामलों में छूट प्रदान कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का समाधान किया जा सके। नेशनल लोक अदालत का यह आयोजन जिले में लंबित मामलों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सामूहिक विवाह से बढ़ा सामाजिक सद्भाव, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति का मूल सामाजिकता और सद्भाव है और इसे मजबूत करने में सामूहिक विवाह सम्मेलन एक प्रभावी माध्यम है। बेटियों के पाणिग्रहण संस्कार से बड़ा पुण्य और कोई काम नहीं हो सकता। पहले बेटी के जन्म के साथ ही परिवार को उसकी शादी की चिंता सताती थी लेकिन अब मुख्यमंत्री कन्या विवाह निकाह योजना के माध्यम से सरकार जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का कन्यादान कर उनके घर को बसाने में मदद कर रही है। शनिवार को शुजालपुर जिला शाजापुर में हुए सर्व धर्म सामूहिक विवाह सम्मेलन को मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरकार जन्म से लेकर पढ़ाई नौकरी मातृत्व और विवाह तक बेटियों के साथ हर कदम पर खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि शादी-ब्याह में फिजूलखर्ची से बचें और अपने बच्चों का विवाह सामूहिक विवाह समारोह में कर धन को उनके बेहतर जीवन के लिए बचाएं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने पुत्र का विवाह भी सामूहिक विवाह सम्मेलन में कराया है। सम्मेलन में 200 बेटियों का सामूहिक विवाह निकाह संपन्न हुआ जिसमें 162 बेटियों का विधि-विधान से विवाह और 38 बेटियों का कबूलियत निकाह कराया गया। नवविवाहित जोड़ों को मंगलाशीष के रूप में सरकार की ओर से 49-49 हजार रुपये गृहस्थी के लिए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह जन्म-जन्मांतर तक साथ देने की अमरता की बेला का उत्सव है और भविष्य में यह और भी बड़ा होकर जरूरतमंद परिवारों के लिए मददगार बनेगा। उच्च शिक्षा आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि सामूहिक विवाह और मुख्यमंत्री कन्या विवाह निकाह योजना ने सामाजिक सुरक्षा और सद्भाव के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई है। उन्होंने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि उनका जीवन प्रेम विश्वास सम्मान और संस्कारों से परिपूर्ण रहे। सम्मेलन में जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराज सिंह सिसोदिया जनपद पंचायत शुजालपुर की अध्यक्षा सीताबाई रामचन्दर पाटोदिया उपाध्यक्ष मंजूबाई गोविन्दसिंह मेवाड़ा नगर पालिकाध्यक्ष बबीता परमार और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक सद्भाव परस्पर सहयोग और गरीब परिवारों के लिए मदद का प्रतीक है। इस पहल से मध्यप्रदेश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम और मजबूत उदाहरण स्थापित हुआ है।
कोलकाता में मोदी की रैली से पहले बवाल: BJP-TMC कार्यकर्ताओं में पत्थरबाजी, पुलिस ने किया लाठीचार्ज; मंत्री शशि पंजा बोलीं-मुझे ईंट मारी गई

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे से पहले कोलकाता में शनिवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। गिरीश पार्क इलाके में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच अचानक झड़प हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान पश्चिम बंगाल सरकार में उद्योग, वाणिज्य और उद्यम मंत्री Shashi Panja ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान उन पर ईंट फेंकी गई। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि “भाजपा गुंडा नहीं, हत्यारी है।” मंत्री का घर भी गिरीश पार्क इलाके में ही स्थित है। घटना के बाद सामने आए एक वीडियो में मंत्री के घर के पास टीएमसी के कई घायल कार्यकर्ता दिखाई दिए। वीडियो में पुलिस सुरक्षा के बीच शशि पंजा सीढ़ियों से नीचे उतरती नजर आती हैं, जबकि आसपास अफरा-तफरी का माहौल दिखता है। इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में लगभग ₹18,680 करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल R. N. Ravi समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में रेलवे को तेजी से आधुनिक बनाया जा रहा है और पश्चिम बंगाल को भी इस विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि हल्दिया और वीरभूम सहित छह रेलवे स्टेशनों को “अमृत स्टेशन” के रूप में विकसित किया गया है और कई अन्य स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर काम जारी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से राज्य में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि आज पश्चिम बंगाल के विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। रैली में मौजूद भाजपा नेताओं ने भी राज्य की राजनीति को लेकर बड़ा दावा किया। भाजपा नेता Baishali Dalmiya ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी असाधारण नेता हैं और उनके नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं भाजपा विधायक Ashok Dinda ने कहा कि इस बार बंगाल की राजनीति में निर्णायक मुकाबला देखने को मिलेगा और बड़ी संख्या में लोग मोदी की रैली में पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले 23 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के नागरिकों के नाम हिंदी और बांग्ला में एक खुला पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने राज्य के विकास, कानून-व्यवस्था, घुसपैठ और नागरिकता संशोधन कानून (CAA) जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए “सोनार बंगाल” बनाने का संकल्प दोहराया था। कोलकाता में रैली से पहले हुई यह झड़प एक बार फिर दिखाती है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में भाजपा और टीएमसी के बीच टकराव लगातार तेज होता जा रहा है।
आईपीओ को बढ़ावा: सरकार ने पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों में किया बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। देश में बड़ी कंपनियों के लिए पूंजी बाजार तक पहुंच को आसान बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सरकार का मानना है कि इससे बड़ी कंपनियों के लिए आईपीओ लाना आसान होगा और पूंजी बाजार में निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। नए नियमों के तहत कंपनियां अब आईपीओ के समय पहले की तुलना में कम हिस्सेदारी जनता को ऑफर कर सकेंगी। इसके बाद तय समय सीमा के भीतर धीरे-धीरे अपनी पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक करनी होगी। यह व्यवस्था खास तौर पर बड़ी वैल्यूएशन वाली कंपनियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिन्हें पहले आईपीओ के समय बड़ी हिस्सेदारी बेचने की अनिवार्यता के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। यह संशोधन Securities Contracts (Regulation) Act, 1956 के तहत जारी Securities Contracts (Regulation) Amendment Rules, 2026 के माध्यम से किया गया है, जिसे Ministry of Finance ने अधिसूचित किया है। कंपनियों के आकार के अनुसार तय होगा पब्लिक ऑफरसरकार ने नई व्यवस्था में कंपनियों की पोस्ट-इश्यू पूंजी के आधार पर न्यूनतम पब्लिक ऑफर तय किया है। जिन कंपनियों की पोस्ट-इश्यू पूंजी 1,600 करोड़ से 4,000 करोड़ रुपये के बीच होगी, उन्हें कम से कम 400 करोड़ रुपये के शेयर जनता को ऑफर करने होंगे। 4,000 करोड़ से 50,000 करोड़ रुपये की पूंजी वाली कंपनियों को लिस्टिंग के समय कम से कम 10 प्रतिशत शेयर जनता को देने होंगे और तीन साल के भीतर इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत करना होगा। सरकार ने कहा है कि इस हिस्सेदारी को बढ़ाने की समयसीमा और प्रक्रिया बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India द्वारा तय की जाएगी। बड़ी कंपनियों के लिए अलग व्यवस्थानई नीति में अत्यधिक बड़ी कंपनियों के लिए भी विशेष प्रावधान बनाए गए हैं। 50,000 करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये की पूंजी वाली कंपनियों को कम से कम 1,000 करोड़ रुपये के शेयर जनता को ऑफर करने होंगे और प्रत्येक श्रेणी के शेयरों में कम से कम 8 प्रतिशत पब्लिक हिस्सेदारी होनी चाहिए। 1 लाख करोड़ से 5 लाख करोड़ रुपये की पूंजी वाली कंपनियों को कम से कम 6,250 करोड़ रुपये के शेयर जनता को ऑफर करने होंगे और लिस्टिंग के समय कम से कम 2.75 प्रतिशत पब्लिक शेयरहोल्डिंग बनाए रखना होगा। वहीं 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक पूंजी वाली कंपनियों को लिस्टिंग के समय कम से कम 15,000 करोड़ रुपये के शेयर जनता को ऑफर करने होंगे और कम से कम 1 प्रतिशत पब्लिक शेयरहोल्डिंग रखना अनिवार्य होगा। छोटी कंपनियों के लिए पुराना नियम ही लागूसरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों की पोस्ट-इश्यू पूंजी 1,600 करोड़ रुपये तक है, उनके लिए पहले से लागू नियम ही जारी रहेंगे। ऐसे मामलों में कंपनियों को आईपीओ के समय कम से कम 25 प्रतिशत शेयर जनता को देना अनिवार्य रहेगा। न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी के लिए नई शर्तनई व्यवस्था के तहत कंपनी के आकार की परवाह किए बिना किसी भी कंपनी को कम से कम 2.5 प्रतिशत इक्विटी या कन्वर्टिबल सिक्योरिटीज जनता को ऑफर करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यदि किसी कंपनी की लिस्टिंग के समय पब्लिक शेयरहोल्डिंग 15 प्रतिशत से कम होती है, तो उसे पांच वर्षों के भीतर इसे 15 प्रतिशत और दस वर्षों के भीतर 25 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा। पूंजी बाजार को मिलेगा बढ़ावाविशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों से भारत के पूंजी बाजार में बड़ी कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी। कई बड़ी कंपनियां, जो पहले बड़ी हिस्सेदारी बेचने की शर्त के कारण आईपीओ लाने से हिचकिचाती थीं, अब आसानी से बाजार में लिस्ट हो सकेंगी। सरकार को उम्मीद है कि इस कदम से न केवल निवेशकों को नए अवसर मिलेंगे, बल्कि भारतीय शेयर बाजार की गहराई और मजबूती भी बढ़ेगी।
ईरान देगा भारतीय गैस टैंकरों को सुरक्षित मार्ग, नए सुप्रीम लीडर की गंभीर चोटों की खबरें

नई दिल्ली। ईरान ने दो भारतीय गैस टैंकरों को होरमुज़ जलसंधि से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने का दावा किया गया है। न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार यह कदम भारत में घरेलू गैस आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद करेगा। सूत्रों ने बताया कि ये टैंकर जल्द ही भारत की ओर रवाना होंगे। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि एक कच्चे तेल का टैंकर पहले ही 1 मार्च के आसपास होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है और सऊदी अरब का तेल लेकर शनिवार तक भारत पहुंच सकता है। इससे भारतीय ऊर्जा बाजार में आपूर्ति सुचारु रहने की उम्मीद है। इससे पहले गुरुवार को भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा था कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से दोस्ताना रिश्ते और आपसी भरोसा रहा है इसलिए ईरान होर्मुज स्ट्रेट में भारत के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करेगा। वहीं ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर रिपोर्टें आई हैं। ब्रिटिश मीडिया सूरज की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल के हमले में घायल होने के बाद उन्हें तेहरान के सीना विश्वविद्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके एक पैर को काटना पड़ा और लिवर को गंभीर चोटें आई हैं। अस्पताल का एक हिस्सा पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां भारी सुरक्षा तैनात है। मुजतबा खामेनेई को उनके पिता और ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की 28 फरवरी को मृत्यु के बाद 9 मार्च को नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था। उनके घायल होने की खबरों ने ईरान की राजनीतिक स्थिरता और क्षेत्रीय भू-राजनीति में नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईरान के सुप्रीम लीडर की स्थिति गंभीर बनी रहती है तो फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले वैश्विक ऊर्जा मार्गों पर अस्थिरता बढ़ सकती है। वहीं भारतीय टैंकरों को सुरक्षित मार्ग मिलने से घरेलू गैस आपूर्ति में अस्थायी राहत मिल सकती है।
बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास ड्रोन हमला, स्थिति पर अभी अस्पष्टता

बगदाद । इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास के आसपास ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। मीडिया में जारी एक वीडियो में दूतावास परिसर के पास किसी इमारत से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दे रही हैं। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हमला सीधे अमेरिकी दूतावास परिसर पर हुआ है या किसी अन्य नजदीकी इमारत पर। घटना के कारणों और संभावित हताहतों की जानकारी अभी मीडिया और अधिकारियों को नहीं मिल पाई है।इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए अमेरिकी विदेश विभाग से संपर्क किया गया है। अधिकारियों ने अभी तक इस घटना की पुष्टि या विस्तृत विवरण साझा नहीं किया है। इराक और अमेरिका के बीच सुरक्षा और तनाव का यह नया मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में सैन्य और कूटनीतिक घटनाओं को लेकर वैश्विक बाजार और राजनीतिक समीकरण प्रभावित हो रहे हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, और क्षेत्रीय सुरक्षा बल तथा अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां हमले के स्रोत और संभावित प्रभाव का अध्ययन कर रही हैं।
GWALIOR SCOOTY FIRE: शराब के पैसे नहीं मिले तो स्कूटी में लगा दी आग, CCTV में कैद हुई वारदात

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में घर के बाहर स्कूटी में आग लगाई गई। घटना शराब के पैसे न देने पर हुई। पूरी वारदात CCTV में रिकॉर्ड। पंकज कोली गिरफ्तार, चेतन राजावत फरार। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया। GWALIOR SCOOTY FIRE: ग्वालियर। हजीरा थाना क्षेत्र के बिरला नगर में शराब के लिए पैसे नहीं देने पर दो युवकों ने एक व्यक्ति की घर के बाहर खड़ी स्कूटी में आग लगा दी। बता दें कि यह घटना शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात की है और पूरी वारदात घर के बाहर लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। ईरान का बड़ा बयान- वॉरशिप पर हमले का बदला लेंगे: हिंद महासागर में अमेरिकी अटैक में 104 नौसैनिक मारे गए आरोपी ने पेट्रोल और माचिस से लगाई आग शिकायतकर्ता जंडेल सिंह यादव के अनुसार, चेतन राजावत और पंकज कोली उससे शराब पीने के लिए पैसे मांग रहे थे। पैसे देने से मना करने पर दोनों आरोपी बाद में घर के बाहर पहुंचे। इसके बाद एक आरोपी ने सड़क पर निगरानी की, जबकि दूसरे ने स्कूटी पर पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा दी। SHIVPURI TEACHER VIRAL VIDEO : पीएम मोदी की मिमिक्री करना पड़ा महंगा, शिक्षक को शिक्षा विभाग ने किया सस्पेंड 1 गिरफ्तार, दूसरा फरार पुलिस ने आरोपी पंकज कोली को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चेतन राजावत की तलाश जारी है। साथ ही पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CYLINDER BLACK MARKETING: गुना में गैस कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई: 13 घरेलू सिलेंडर जब्त प्रशासनिक बयान CSP मनीष यादव ने बताया कि शराब के लिए पैसे नहीं देने पर आरोपियों ने यह घटना की। एक आरोपी गिरफ्तार है और दूसरे की तलाश जारी है।