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Middle East crisis: ट्रंप का दावा: ईरान पर हमले में बड़ी सफलता, सैन्य क्षमताएं गंभीर रूप से प्रभावित

  Middle East crisis: वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान की बड़ी सफलता का दावा किया। जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए और बहुत बड़ी कामयाबियां हासिल की हैं। उनका कहना था कि इस अभियान से ईरान की सैन्य क्षमताओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने कहा ईरान की स्थिति अब बहुत कमजोर है। उनकी नौसेना वायुसेना और ज्यादातर सेना को हमने भारी क्षति पहुंचाई है। उनके बड़े खतरे हर तरह से खत्म हो गए हैं। उनके रडार और एंटी एयरक्राफ्ट हथियार बड़े पैमाने पर निष्क्रिय कर दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी बल इस संघर्ष में अब पहले कभी न देखी गई प्रभुत्व वाली स्थिति में हैं। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यह अभियान ईरान से उत्पन्न परमाणु खतरे को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है। हमें मध्य पूर्व और पूरी दुनिया में मौजूद परमाणु खतरे को समाप्त करना था और हम इसे समाप्त कर रहे हैं उन्होंने कहा। हालांकि उन्होंने अभियान की समयसीमा नहीं बताई लेकिन जोर देकर कहा कि यह उम्मीद से कहीं तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। ट्रंप ने इस संघर्ष के संभावित वैश्विक प्रभाव पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई का असर ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है लेकिन हालात सामान्य होने पर पेट्रोल और ऊर्जा से जुड़ी वस्तुओं की कीमतों में तेजी से कमी आएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और इजरायल के नेतृत्व से भी बातचीत हुई है। हालांकि उन्होंने इजरायल के दृष्टिकोण और अमेरिकी रणनीतिक लक्ष्यों में कुछ अंतर होने का संकेत दिया। उन्होंने कहा वह एक अलग देश हैं उनका नजरिया थोड़ा अलग हो सकता है। ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य बल की प्रशंसा करते हुए कहा संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी ताकत दुनिया में कभी नहीं रही। उनके बयान ऐसे समय आए हैं जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इस मार्ग से दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है जिससे किसी भी अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर तुरंत दिखाई देगा। ट्रंप के दावों और चेतावनियों ने पश्चिम एशिया की भू राजनीति को फिर से अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र बना दिया है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।

Iran-Iraq War: खार्ग द्वीप: ईरान की आर्थिक धड़कन, ट्रंप की चेतावनी ने बढ़ाई वैश्विक चिंता

 Iran-Iraq War: नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान का खर्ग द्वीप एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में है। फारस की खाड़ी में स्थित यह छोटा सा द्वीप लंबे समय से ईरान की तेल अर्थव्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में इस द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। उनका यह बयान वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में नई बहस पैदा कर गया है। खार्ग द्वीप ईरान के दक्षिण में बुशेहर तट से लगभग 55 किलोमीटर दूर स्थित है। यह एक कोरल द्वीप है जिसकी समुद्री गहराई इतनी अधिक है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल टैंकर भी यहां आसानी से लंगर डाल सकते हैं। 20वीं सदी के मध्य में ईरान ने इसे विशाल तेल निर्यात टर्मिनल के रूप में विकसित किया। पाइपलाइनों के माध्यम से देश के कई बड़े तेल क्षेत्रों से कच्चा तेल यहां लाया जाता है और फिर टैंकरों के जरिए दुनिया भर में भेजा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का लगभग 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा इसी द्वीप से होकर गुजरता है। इतिहास में भी खार्ग द्वीप का महत्व कम नहीं रहा। प्राचीन फारसी साम्राज्यों के समय से यह समुद्री व्यापार का अहम केंद्र रहा। द्वीप पर चट्टानों में बने मकबरों और प्रारंभिक ईसाई मठों के अवशेष मिले हैं। मध्यकाल में यह फारस, भारत और बसरा के बीच व्यापारिक मार्ग का हिस्सा था। 18वीं सदी में डच ईस्ट इंडिया कंपनी और बाद में ब्रिटिश सेना ने भी यहां व्यापारिक चौकियां स्थापित की थीं। आधुनिक दौर में इस द्वीप का सबसे बड़ा परीक्षण ईरान इराक युद्ध 1980–1988 के दौरान हुआ, जब इराक ने कई बार यहां मौजूद तेल टर्मिनलों पर हमला किया। ऊर्जा इतिहासकार डैनियल येरगिन के अनुसार, “खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का ‘नर्व सिस्टम’ था; इस पर हमला करना सीधे उसकी आर्थिक जीवनरेखा पर वार करने जैसा था। हाल ही में ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने मध्य पूर्व के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक अंजाम दिया और खार्ग द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने द्वीप के तेल ढांचे को नष्ट नहीं किया, लेकिन चेतावनी दी कि यदि कोई पक्ष स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही में बाधा डालता है, तो अमेरिकी प्रतिक्रिया हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि खार्ग द्वीप पर किसी भी बड़े हमले का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। यह द्वीप वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला का अहम हिस्सा है। यहां की तेल सुविधाओं को नुकसान पहुंचने पर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उथल पुथल मच सकती है। यही कारण है कि यह छोटा सा द्वीप लंबे समय से पश्चिम एशिया की भू राजनीति में रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील बना हुआ है।

Iran-US War: ईरान का बड़ा बयान- वॉरशिप पर हमले का बदला लेंगे: हिंद महासागर में अमेरिकी अटैक में 104 नौसैनिक मारे गए

Iran-US War: नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। Iran और United States के बीच टकराव के 15वें दिन ईरान ने अपने युद्धपोत पर हुए हमले का बदला लेने की चेतावनी दी है। ईरान की सेना के प्रमुख Amir Hatami ने कहा कि हिंद महासागर में ईरानी वॉरशिप पर हुआ हमला भुलाया नहीं जाएगा और इसका जवाब जरूर दिया जाएगा। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी Islamic Republic News Agency के मुताबिक ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर 4 मार्च 2026 को हमला किया गया था। यह हमला हिंद महासागर में Galle के समुद्री क्षेत्र के पास हुआ। हमले में जहाज पर सवार 104 ईरानी नौसैनिकों की मौत हो गई थी। रिपोर्ट के अनुसार यह युद्धपोत भारत में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास MILAN 2026 में हिस्सा लेने के बाद वापस ईरान लौट रहा था। उस समय जहाज किसी युद्ध अभियान में शामिल नहीं था। ईरान ने इसे “अनुचित और आक्रामक हमला” बताया है। ईरानी सेना प्रमुख ने कहा कि IRIS डेना और उसके जवानों की कुर्बानी ईरानी नौसेना के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए नौसेना को और मजबूत करेगा और हमले के जिम्मेदारों को जवाब दिया जाएगा। उधर युद्ध का असर खाड़ी देशों में भी दिखाई देने लगा है। सुरक्षा कारणों से Global Village Dubai में ईद के मौके पर होने वाली आतिशबाजी रद्द कर दी गई है और परिसर को अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है। इसके अलावा Dubai Parks and Resorts और Ain Dubai को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया है। ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि Israel और अमेरिका के हमलों में उसके 56 ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है। ईरान के संस्कृति मंत्रालय के अनुसार राजधानी Tehran में सबसे ज्यादा 19 ऐतिहासिक इमारतें प्रभावित हुई हैं, जबकि कुर्दिस्तान प्रांत में भी कई पुराने स्मारकों को नुकसान हुआ है। इस बीच ईरान ने तेल व्यापार को लेकर भी नई शर्त सामने रखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान कुछ तेल टैंकरों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे सकता है, लेकिन इसके लिए तेल का भुगतान अमेरिकी डॉलर की जगह चीनी मुद्रा Chinese Yuan में करने की शर्त रखी जा सकती है। वहीं क्षेत्र में सुरक्षा खतरे अभी भी बने हुए हैं। Dubai में एक हवाई हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया गया, जबकि Saudi Arabia में सेना ने 19 ड्रोन और एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है। Bahrain में एहतियातन सायरन बजाए गए और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। मध्य पूर्व में बढ़ते इस सैन्य तनाव के चलते वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।

SHIVPURI TEACHER VIRAL VIDEO : पीएम मोदी की मिमिक्री करना पड़ा महंगा, शिक्षक को शिक्षा विभाग ने किया सस्पेंड

TEACHER VIRAL VIDEO

HIGHLIGHTS: शिवपुरी के शिक्षक सस्पेंड, पीएम मोदी की मिमिक्री वीडियो पर विवाद। वीडियो में गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर कटाक्ष। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला अधिकारियों तक पहुंचा। शिक्षक ने कहा, पक्ष सुने बिना हुई एकपक्षीय कार्रवाई। भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने शिकायत दर्ज करवाई। SHIVPURI TEACHER VIRAL VIDEO : शिवपुरी जिले के पोहरी विकासखंड के सरकारी प्राथमिक विद्यालय आदिवासी मोहल्ला सेमरखेड़ी के शिक्षक साकेत पुरोहित को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करते हुए गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों पर वीडियो बनाने के कारण सस्पेंड कर दिया गया है। CYLINDER BLACK MARKETING: गुना में गैस कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई: 13 घरेलू सिलेंडर जब्त वीडियो वायरल, मामला अधिकारियों तक पहुंचा साकेत पुरोहित ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपने वीडियो में प्रधानमंत्री की आवाज़ और शैली में कटाक्ष किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि गैस के दाम बढ़ने से आम आदमी और अमीर आदमी के बीच की खाई कम हो जाएगी। मोनालिसा की शादी पर बोले देवकीनंदन ठाकुर, कहा— कहीं सनातन को बदनाम करने की साजिश तो नहीं टीचर का पक्ष सुना नहीं गया सस्पेंड किए गए शिक्षक का कहना है कि उन्हें कोई नोटिस जारी नहीं किया गया और उनका पक्ष भी नहीं लिया गया। जिसके बाद उन्होंने इसे “एकपक्षीय कार्रवाई” बताया। अचानक टूट पड़ा मधुमक्खियों का झुंड, गांव में मची भगदड़; कई लोग घायल भाजपा विधायक ने की थी शिकायत भाजपा विधायक प्रीतम लोधी की शिकायत के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की। नींद नहीं आती? नासा के बताए 7 तरीके बदल सकते हैं आपकी लाइफस्टाइल कानूनी और प्रशासनिक पहल अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और उसके प्रभाव के आधार पर शिक्षक के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।

LPG CRISES: फर्रुखाबाद में गैस सिलेंडर की लाइन बनी काल, इंतजार करते-करते बुजुर्ग की मौत

LPG CRISES:  फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गैस सिलेंडर लेने के लिए लगी लंबी कतार एक बुजुर्ग के लिए जानलेवा साबित हो गई। घंटों से लाइन में खड़े एक बुजुर्ग की अचानक तबीयत बिगड़ गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।लाल सराय इलाके में हुई दर्दनाक घटना यह घटना कोतवाली क्षेत्र के लाल सराय स्थित पानी की टंकी के पास सामने आई। जानकारी के मुताबिक यहां स्थित भारत गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही लोगों की लंबी कतार लगी हुई थी। इसी लाइन में एक बुजुर्ग भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। अचानक बिगड़ी तबीयत, गिर पड़े बुजुर्ग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लंबे समय तक धूप में खड़े रहने, भूख-प्यास और थकान के कारण बुजुर्ग की अचानक तबीयत खराब हो गई। वह अचानक जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें संभालने की कोशिश की और सीपीआर देकर होश में लाने का प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषितघटना के बाद परिजन उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिलेंडर लेने के लिए लगी यह कतार आखिरकार एक परिवार के लिए दुखद खबर बन गई। रिश्तेदार ने बताया क्या हुआ मृतक के रिश्तेदार मोहम्मद बसी ने बताया कि घर में एक दिन पहले गैस खत्म हो गई थी। इसी वजह से उनके चाचा सिलेंडर लेने भारत गैस एजेंसी पहुंचे थे। वहां लंबी लाइन होने के कारण उन्हें एक पर्ची देकर अगले दिन आने को कहा गया था। इसके बाद वह सुबह करीब 9 बजे फिर लाइन में लगने पहुंचे, लेकिन घंटों इंतजार के दौरान अचानक गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। अव्यवस्था पर उठे सवालघटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का कहना है कि घर का सहारा गैस लेने गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि गैस एजेंसी पर भारी अव्यवस्था थी और लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा था। इस दर्दनाक घटना ने गैस आपूर्ति व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

CYLINDER BLACK MARKETING: गुना में गैस कालाबाजारी पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई: 13 घरेलू सिलेंडर जब्त

LPG BLACK MARKETING

HIGHLIGHTS: गुना में 13 घरेलू और 1 कमर्शियल सिलेंडर जब्त। अग्रवाल स्वीट्स और रोहित स्टोर पर विशेष कार्रवाई। लाइसेंस रहित गैस रिफिलिंग उपकरण जब्त। दो व्यक्तियों पर शासकीय कार्य में बाधा का केस। सभी संचालकों के खिलाफ  मामला दर्ज। CYLINDER BLACK MARKETING: ग्वालियर। गुना में प्रशासन ने गैस कालाबाजारी पर सख्ती शुरू कर दी है। बता दें कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण गैस आपूर्ति को लेकर असमंजस की स्थिति के बीच खाद्य विभाग ने लगातार जांच अभियान चलाकर आम जनता के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का कदम उठाया। कार्रवाई के दौरान कुल 13 घरेलू और 1 कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए। लाइव इंटरव्यू के बीच मंत्री को अचानक अंदर से खींच ले गए आए अफसर बोले-राष्ट्रपति इंतजार कर रहे हैं अग्रवाल स्वीट्स और रोहित स्टोर पर बड़ी कार्रवाई कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आशीष चतुर्वेदी, वर्षा बडोनिया और शिवराम सिंह कुशवाह की टीम ने अग्रवाल स्वीट्स, जगदीश कॉलोनी से 2 घरेलू सिलेंडर जब्त किए। वहीं आरोन स्थित रोहित स्टोर से 8 घरेलू, 1 कमर्शियल सिलेंडर, गैस रिफिलिंग पंप और 6 रिफिलर नोजल जब्त किए गए। संचालक रोहित जैन के पास लाइसेंस नहीं होने के कारण ये सामग्री जब्त की गई। अचानक टूट पड़ा मधुमक्खियों का झुंड, गांव में मची भगदड़; कई लोग घायल अन्य क्षेत्रों में भी चली तलाशी चांचौड़ा क्षेत्र में मुस्कान एम मर्चेंट (1 सिलेंडर), बीनागंज के बालाजी किराना स्टोर (1 सिलेंडर) और बाबा महाकाल चाय-कॉफी हाउस (1 सिलेंडर) से सिलेंडर जब्त कर संबंधित संचालकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। ‘कांग्रेस गरीबों की पार्टी, नेता अमीर’ -लखनऊ में राहुल गांधी का बड़ा बयान, BJP पर भी साधा निशाना शासकीय कार्य में बाधा डालने पर एफआईआर जांच के दौरान आशिक खान और आसिफ खान ने टीम के काम में बाधा डाली। इसके बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी शिवराम सिंह कुशवाह की शिकायत पर थाना चांचौड़ा में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। BHIND MLA HEMANT KATARE: भिंड के अटेर पुल पर विधायक नाराज: हेमंत कटारे ने कहा – “पुल जल्द चालू करें, सिंचाई परियोजना की समय-सीमा बताएं” कानूनी कार्रवाई सभी मामलों में संचालकों के खिलाफ द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय कार्रवाई की गई।  

लाइव इंटरव्यू के बीच मंत्री को अचानक अंदर से खींच ले गए आए अफसर बोले-राष्ट्रपति इंतजार कर रहे हैं

तेहरान। ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच पूरी दुनिया का निगाहें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले कदम पर टिकी हैं। इस बीच, अमेरिका में एक नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है, जिसमें टीवी पर लाइव इंटरव्यू दे रहे एक मंत्री को बीच इंटरव्यू से खींचकर निकाल लिया गया। दरअसल, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट स्काई न्यूज को एक इंटरव्यू दे रहे थे। एंकर उनसे सवार पूछ रहे थे, तभी अंदर एक अफसर आया और कहा कि राष्ट्रपति आपको बुला रहे हैं। इसके बाद मंत्री बेसेंट ने वहीं इंटरव्यू छोड़ दिया और वाइट हाउस के सिचुएशन रूम पहुंच गए। इंटरव्यू के बीच आया अचानक संदेश 63 वर्षीय बेसेंट उस समय Sky News के पत्रकार विल्फर्ड फोर्स्ट के साथ “The Master Investor Podcast” के लिए इंटरव्यू दे रहे थे। यह बातचीत वाशिंगटन स्थित ट्रेजरी विभाग के ऐतिहासिक कैश रूम में चल रही थी। इंटरव्यू के अभी करीब 13 मिनट ही हुए थे कि अचानक एक सहयोगी कमरे में आया और बेसेंट से कहा, “राष्ट्रपति आपको तुरंत बुला रहे हैं।” इसके बाद बेसेंट ने इंटरव्यू बीच में ही छोड़ दिया। उनका माइक्रोफोन हटाया गया और वे सुबह लगभग 10:22 बजे व्हाइट हाउस के लिए रवाना हो गए। दो घंटे बाद लौटे मंत्री रिपोर्ट के अनुसार बेसेंट करीब दो घंटे बाद वापस लौटे। बाद में उन्होंने बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति बेहद सकारात्मक मूड में हैं और ईरान मिशन तय समय से पहले आगे बढ़ रहा है।” बता दें कि ईरान के साथ यह संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका ने Operation Epic Fury के तहत इज़रायल के साथ संयुक्त सैन्य अभियान चलाया। इस अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी और खाड़ी क्षेत्र में कई सैन्य व ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर युद्ध के चलते वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी डॉलर हाल के दिनों में मजबूत हुआ है, जबकि अन्य कई आर्थिक संकेतकों पर दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति और जटिल हो सकती है क्योंकि ईरान ने रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। विश्लेषकों के अनुसार यदि यह संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर ऊर्जा बाजार, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर व्यापक रूप से पड़ सकता है। इसी कारण वॉशिंगटन में उच्चस्तरीय बैठकों का दौर लगातार जारी है।

अचानक टूट पड़ा मधुमक्खियों का झुंड, गांव में मची भगदड़; कई लोग घायल

रंगारेड्डी । तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के एक गांव में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में कई लोग घायल हो गए और कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। वेंकटापुरम गांव में हुई घटना यह घटना संगारेड्डी जिले के वेंकटापुरम गांव की बताई जा रही है। शुक्रवार को गांव के लोग रोजमर्रा के कामों में व्यस्त थे। कोई खेतों की ओर जा रहा था तो कोई घर के बाहर काम कर रहा था। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड गांव की तरफ आ गया और लोगों पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए भागने लगे लोग स्थानीय लोगों के मुताबिक मधुमक्खियां अचानक लोगों को डंक मारने लगीं। इससे घबराकर लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई ग्रामीण घरों के अंदर छिप गए, जबकि कुछ लोग खेतों और खुले इलाकों की ओर दौड़ पड़े। हमला इतना अचानक था कि कई लोग संभल ही नहीं पाए और मधुमक्खियों के डंक से घायल हो गए। एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए गए घायल घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस सेवा को मौके पर बुलाया गया। घायलों को एंबुलेंस के जरिए Sadasivpet के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। घायलों की संख्या ज्यादा होने के कारण कुछ लोगों को निजी वाहनों से भी अस्पताल पहुंचाना पड़ा। CCTV में कैद हुआ पूरा घटनाक्रम घटना के कुछ दृश्य आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी रिकॉर्ड हो गए। फुटेज में देखा जा सकता है कि अचानक मधुमक्खियों का झुंड लोगों पर हमला करता है और लोग डरकर इधर-उधर भागने लगते हैं। कारण का अभी नहीं चला पता फिलहाल प्रशासन ने घायलों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों का मानना है कि संभवतः मधुमक्खियों का छत्ता छेड़ दिए जाने या मौसम में बदलाव के कारण वे आक्रामक हो गई होंगी, हालांकि असली वजह का अभी पता नहीं चल पाया है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

मोनालिसा की शादी पर बोले देवकीनंदन ठाकुर, कहा— कहीं सनातन को बदनाम करने की साजिश तो नहीं

इंदौर । इंदौर में आयोजित सनातन क्रिकेट प्रीमियर लीग के कार्यक्रम में पहुंचे प्रसिद्ध कथावाचक Devkinandan Thakur ने मोनालिसा भोंसले की शादी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें सोशल मीडिया के जरिए काफी प्रसिद्धि दिलाई गई और बाद में उन्होंने एक मुस्लिम युवक से शादी कर ली। ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं यह सनातन को बदनाम करने की कोई साजिश तो नहीं है। सरकार से कानून बनाने की मांग मोनालिसा भोंसले के विवाह पर प्रतिक्रिया देते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने सरकार से एक कानून बनाने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि अगर किसी दूसरे धर्म का युवक या युवती किसी हिंदू से शादी करता है तो शादी के बाद उसे हिंदू धर्म अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कानून बनता है तो उन्हें किसी भी अंतरधार्मिक विवाह से आपत्ति नहीं होगी। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए क्रिकेट इंदौर में आयोजित सनातन क्रिकेट प्रीमियर लीग में 8 राज्यों की टीमें हिस्सा ले रही हैं और टूर्नामेंट 10-10 ओवर के मैचों के साथ खेला जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देना और उन्हें सनातन की परंपराओं से जोड़ना बताया गया है। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि आज का युवा धीरे-धीरे सनातन से दूर होता जा रहा है और नशे व गलत रास्तों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में खेल के जरिए युवाओं को सकारात्मक दिशा देना जरूरी है। उनका लक्ष्य सनातन के संदेश को एक करोड़ युवाओं तक पहुंचाने का है। विजेता टीम को मिलेगा 31 लाख का इनाम सनातन प्रीमियर लीग में अलग-अलग दिनों में कई धर्मगुरु शामिल होंगे। टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को 31 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा, जबकि उपविजेता टीम को 15 लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा ‘मैन ऑफ द सीरीज’ बनने वाले खिलाड़ी को कार पुरस्कार के रूप में दी जाएगी।

ईरान युद्ध खत्म करने की घोषणा क्यों नहीं कर पा रहे ट्रंप? व्हाइट हाउस में मतभेद, फैसले पर बढ़ा दबाव

वॉशिंगटन। ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के सामने बड़ी राजनीतिक और रणनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है। व्हाइट हाउस के भीतर ही इस बात को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है कि युद्ध को कब और किस तरह खत्म घोषित किया जाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रशासन के भीतर कुछ अधिकारी मानते हैं कि संघर्ष लंबा खिंचने से वैश्विक तेल कीमतों में उछाल आ सकता है, जिसका असर अमेरिका की घरेलू राजनीति पर भी पड़ेगा। वहीं दूसरी ओर कुछ सख्त रुख वाले नेता ईरान पर सैन्य दबाव जारी रखने के पक्ष में हैं। तेल की कीमतों को लेकर चिंता अमेरिकी ट्रेजरी विभाग और नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि युद्ध के कारण पेट्रोल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो अमेरिका में इस अभियान के लिए जनसमर्थन कम हो सकता है। हालांकि कुछ रिपब्लिकन नेता और रणनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि अमेरिका को ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से हर हाल में रोकना होगा और अमेरिकी सैनिकों या जहाजों पर हमले का कड़ा जवाब देना चाहिए। लंबी जंग से बचना चाहते हैं कई रणनीतिकार ट्रंप के कुछ करीबी सलाहकार और समर्थक यह भी चाहते हैं कि अमेरिका मध्यपूर्व में लंबे समय तक चलने वाले युद्ध में न फंसे। वे चाहते हैं कि मौजूदा संघर्ष को सीमित रखा जाए और जल्द कोई रास्ता निकाला जाए। ईरान की सरकार गिरने की संभावना कम अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि फिलहाल ईरान की मौजूदा सरकार के जल्द गिरने की संभावना कम है। इसी कारण ट्रंप प्रशासन ने हाल के दिनों में तेहरान की सरकार को हटाने की बात भी कम कर दी है। युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे ट्रंप सूत्रों के अनुसार ट्रंप प्रशासन अब इस संघर्ष से निकलने का रास्ता खोज रहा है। युद्ध शुरू होने के समय इसके कई लक्ष्य बताए गए थे—जैसे ईरान के हमलों को रोकना, उसके परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना और उसकी सैन्य क्षमता को सीमित करना। युद्ध रोकना भी आसान नहीं विशेषज्ञों का कहना है कि युद्ध शुरू करने के बाद उसे खत्म करना भी उतना ही मुश्किल होता है। अगर अमेरिका अचानक जीत का ऐलान कर सैन्य कार्रवाई रोक देता है और सैनिकों की वापसी शुरू कर देता है, तो अल्पकाल में वैश्विक बाजार शांत हो सकते हैं। लेकिन यदि ईरान की धार्मिक सरकार सत्ता में बनी रहती है और उसके पास परमाणु सामग्री, मिसाइल और ड्रोन मौजूद रहते हैं, तो इससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर नए खतरे पैदा हो सकते हैं। ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर ईरान के पास अभी भी कई कम दूरी की मिसाइलें, ड्रोन और समुद्री बारूदी सुरंगें हैं। इनके जरिए वह तेल और गैस की आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है, खासकर Strait of Hormuz के रास्ते। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। होर्मुज को खोलना भी चुनौती सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित करना हो तो ईरान के तटीय इलाकों में जमीनी सैन्य कार्रवाई करनी पड़ सकती है। ऐसा कदम युद्ध को और व्यापक बना सकता है और अमेरिकी सैनिकों के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकता है। इसी वजह से विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप के लिए युद्ध शुरू करना जितना आसान था, उसे खत्म करना उतना ही कठिन साबित हो रहा है।