CONGRESS LEADER: ‘कांग्रेस गरीबों की पार्टी, नेता अमीर’ -लखनऊ में राहुल गांधी का बड़ा बयान, BJP पर भी साधा निशाना

CONGRESS LEADER: लखनऊ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लखनऊ में आयोजित संविधान सम्मेलन में अपनी ही पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक गरीबों की पार्टी है, लेकिन उसके कई बड़े नेता अमीर हैं।राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस गरीब पार्टी है, लेकिन उसके जो बड़े-बड़े नेता हैं वे बहुत अमीर हैं। हम अमीर पार्टी बनना भी नहीं चाहते, क्योंकि जिस दिन कांग्रेस अमीर पार्टी बन जाएगी, वह Bharatiya Janata Party बन जाएगी।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह ढांचा Mahatma Gandhi के समय से ही तय किया गया था और पार्टी का उद्देश्य हमेशा गरीबों और वंचितों की आवाज बनना रहा है। कांशीराम की जयंती पर सम्मेलन लखनऊ में Kanshi Ram की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कांग्रेस की कमियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी की कुछ कमजोरियों के कारण ही बहुजन आंदोलन को ताकत मिली और कांशीराम राजनीति में बड़ी सफलता हासिल कर पाए। उनका कहना था कि अगर कांग्रेस ने सामाजिक बदलाव की दिशा में तेज़ी से काम किया होता, तो शायद कांशीराम को इतनी बड़ी राजनीतिक सफलता नहीं मिलती।केवल इच्छा से नहीं होता बदलाव कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राजनीति में केवल चाहने से कुछ नहीं होता। बदलाव के लिए विचारों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब तक लोग यह तय नहीं करेंगे कि अन्याय को स्वीकार नहीं करना है और उसके खिलाफ खड़ा होना है, तब तक समाज में बदलाव संभव नहीं है। संविधान और मौजूदा सरकार पर टिप्पणी संविधान पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत के संविधान में हजारों साल पुरानी सभ्यता की आवाज़ है और इसकी मूल भावना सामाजिक न्याय और बराबरी की है। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की सत्ता इस मूल भावना को स्वीकार नहीं करती। अंबेडकर और कांशीराम के संघर्ष का जिक्र अपने संबोधन में राहुल गांधी ने B. R. Ambedkar और कांशीराम के संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने शिक्षा और संगठन के जरिए समाज को नई दिशा दी, जबकि कांशीराम ने बिना समझौता किए अपने सिद्धांतों पर संघर्ष किया। ऊर्जा नीति और सरकार पर आरोप राहुल गांधी ने देश की ऊर्जा नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण भारत की ऊर्जा नीतियों पर असर पड़ रहा है। समाज में असमानता का मुद्दा राहुल गांधी ने कहा कि देश का समाज आज 15 प्रतिशत और 85 प्रतिशत में बंट गया है, जहां संसाधनों और अवसरों का लाभ सीमित वर्ग तक ही पहुंच रहा है। 2027 चुनाव की तैयारी कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि राजनीति को बदलने का समय आ गया है और सबकी हिस्सेदारी वाली राजनीति ही देश को आगे ले जा सकती है। गौरतलब है कि हालिया लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन किया था। अब यही गठबंधन 2027 के विधानसभा चुनाव में भी उसी सफलता को दोहराने की रणनीति पर काम कर रहा है।
BAIJU BAWRA FESTIVAL: चंदेरी में तीन दिवसीय बैजू बावरा महोत्सव शुरू, अनूप जलोटा देंगे भजन-सूफी की प्रस्तुति; केंद्रीय मंत्री सिंधिया होंगे मुख्य अतिथि

HIGHLIGHTS: तीन दिवसीय बैजू बावरा महोत्सव 15 से 17 मार्च तक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया महोत्सव के मुख्य अतिथि अनूप जलोटा की सूफी और भजन संध्या ध्रुपद गायन, कथक नृत्य और सारंगी वादन की प्रस्तुति महोत्सव के अंत में पुरस्कार वितरण और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियां BAIJU BAWRA FESTIVAL: अशोकनगर। चंदेरी में रविवार, 15 मार्च से तीन दिवसीय बाइजू बावरा महोत्सव शुरू होने जा रहा है। बता दें कि यह कार्यक्रम महान संगीतज्ञ बैजू बावरा की याद में आयोजित किया जा रहा है, जिन्होंने इतिहास में संगीत सम्राट तानसेन को परास्त किया था। नींद नहीं आती? नासा के बताए 7 तरीके बदल सकते हैं आपकी लाइफस्टाइल मुख्य अतिथि और प्रस्तुति कार्यक्रम केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया महोत्सव के मुख्य अतिथि होंगे। साथ ही संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक इस महोत्सव का आयोजन उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत कला एवं प्रशासन द्वारा चंदेरी मेला परिसर में किया जा रहा है। BHIND MLA HEMANT KATARE: भिंड के अटेर पुल पर विधायक नाराज: हेमंत कटारे ने कहा – “पुल जल्द चालू करें, सिंचाई परियोजना की समय-सीमा बताएं” पहले दिन: भजन और सूफी संध्या 15 मार्च को दीपिका पुरोहित पारंपरिक बुंदेली भजनों की प्रस्तुति देंगी। इसके बाद पद्मश्री अनूप जलोटा अपनी सूफी और भजन गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। महोत्सव स्थल पर करीब 30 प्रदर्शनी स्टॉल और टेंट की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ऊर्जा आपूर्ति को राहत: होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया एलपीजी लेकर आ रहा ‘नंदा देवी’ जहाज दूसरे दिन: ध्रुपद गायन और कथक नृत्य 16 मार्च को शाम 7 बजे अफजल हुसैन ध्रुपद गायन प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद डॉ. निखिल बड़ोदिया का सितार वादन होगा। शाम में संघमित्रा तायवाड़े द्वारा कथक समूह नृत्य और बलवंत पुराणिक द्वारा कांच वाद्य की प्रस्तुति दी जाएगी। 3 बार ‘तलाक’ बोलकर पत्नी को छोड़ा, दूसरी शादी कर लाया पति: खंडवा में ट्रिपल तलाक केस, पति समेत सास-ससुर पर FIR तीसरे दिन: सारंगी वादन और पुरस्कार वितरण 17 मार्च को भोपाल के उल्हास तैलंग की गायन सभा होगी। इसके बाद मुंबई के फारुख लतीफ खां द्वारा सारंगी वादन प्रस्तुत किया जाएगा। समापन समारोह में शिप्रा सुल्लेकरे का शास्त्रीय गायन और आरती श्रीवास्तव का नृत्य रहेगा। महोत्सव के अंत में प्रतिभागियों को पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे।
नींद नहीं आती? नासा के बताए 7 तरीके बदल सकते हैं आपकी लाइफस्टाइल

नई दिल्ली। अंतरिक्ष में काम करने वाले अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अच्छी और पूरी नींद लेना आसान नहीं होता। International Space Station पर अंतरिक्ष यात्रियों को हर 90 मिनट में सूर्योदय और सूर्यास्त दिखाई देता है। इससे शरीर की प्राकृतिक जैविक घड़ी यानी Circadian Rhythm प्रभावित हो जाती है। जब यह प्राकृतिक चक्र बिगड़ता है तो नींद की कमी, थकान, ध्यान में कमी और गंभीर गलतियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने कुछ खास तरीके विकसित किए हैं, जो न केवल अंतरिक्ष यात्रियों के लिए बल्कि पृथ्वी पर रहने वाले आम लोगों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये तरीके शिफ्ट में काम करने वाले लोगों, लगातार यात्रा करने वालों और नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए खास तौर पर मददगार हो सकते हैं। 1. सोने और जागने का समय तय करेंनियमित नींद का सबसे बड़ा नियम है कि रोज एक ही समय पर सोना और जागना। इससे शरीर को पहले से पता होता है कि कब आराम करना है और कब सक्रिय रहना है। अगर समय तय हो तो शरीर धीरे-धीरे उसी लय में ढल जाता है और अनिद्रा या थकान की समस्या कम होने लगती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अपनी दिनचर्या में रोशनी, व्यायाम और भोजन का समय भी व्यवस्थित रखें। 2. नींद के बारे में जागरूकता बढ़ाएंअच्छी नींद के लिए यह समझना जरूरी है कि कौन-सी आदतें नींद को प्रभावित करती हैं। शाम के समय मोबाइल, लैपटॉप या टीवी से निकलने वाली ब्लू लाइट कम करनी चाहिए। साथ ही देर रात भारी भोजन से बचें और नियमित व्यायाम करें। ये आदतें शरीर की प्राकृतिक लय को संतुलित रखती हैं और नींद की गुणवत्ता बेहतर बनाती हैं। 3. सोने के लिए सही वातावरण बनाएंअच्छी नींद के लिए शांत, अंधेरा और ठंडा कमरा सबसे बेहतर माना जाता है। अंतरिक्ष में भी अंतरिक्ष यात्रियों को अलग-अलग सोने के छोटे कमरे दिए जाते हैं, जहां आंखों पर मास्क और कान में प्लग का उपयोग किया जाता है। पृथ्वी पर भी शोर कम रखें, कमरे का तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें और आरामदायक बिस्तर का इस्तेमाल करें। इससे शरीर जल्दी आराम की स्थिति में पहुंचता है। 4. रोशनी का सही उपयोग करेंनासा के वैज्ञानिक बताते हैं कि रोशनी का हमारी नींद पर सीधा असर पड़ता है। अंतरिक्ष स्टेशन पर खास लाइटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता है जिससे दिन और रात का एहसास कराया जा सके। घर पर भी सुबह प्राकृतिक धूप लेना और शाम को तेज रोशनी व स्क्रीन टाइम कम करना फायदेमंद होता है। इससे शरीर को संकेत मिलता है कि अब आराम का समय है। 5. जरूरत पड़ने पर मेलाटोनिन या कैफीन का उपयोगकुछ स्थितियों में डॉक्टर की सलाह से मेलाटोनिन या सीमित मात्रा में कैफीन का उपयोग भी मददगार हो सकता है। Melatonin एक प्राकृतिक हार्मोन है जो शरीर को नींद के लिए तैयार करता है। जेट लैग या अनियमित दिनचर्या की स्थिति में इसका उपयोग सर्कैडियन रिदम को संतुलित करने में मदद कर सकता है। 6. कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी अपनाएंनींद की समस्या का एक बड़ा कारण मानसिक तनाव भी होता है। ऐसे में स्लीप कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) काफी प्रभावी मानी जाती है। इस तकनीक के जरिए व्यक्ति सोने से पहले मन को शांत करना, नकारात्मक विचारों को नियंत्रित करना और अच्छी आदतें विकसित करना सीखता है। 7. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेंअगर अन्य उपायों से राहत न मिले तो डॉक्टर की सलाह से कुछ दवाइयों का उपयोग किया जा सकता है। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बिना सलाह के कोई भी दवा लेना सुरक्षित नहीं होता।उचित मार्गदर्शन के साथ दवाइयों का उपयोग किया जाए तो वे नींद की समस्या को नियंत्रित करने में सहायक हो सकती हैं। अच्छी नींद क्यों है जरूरीविशेषज्ञों के अनुसार लगातार नींद की कमी से मेटाबॉलिज्म गड़बड़ी, हृदय रोग, पाचन समस्याएं और मानसिक तनाव जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसीलिए वैज्ञानिक सलाह देते हैं कि नियमित दिनचर्या, सही खान-पान और बेहतर नींद की आदतों को अपनाकर न केवल नींद सुधारी जा सकती है बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन भी पाया जा सकता है।
BHIND MLA HEMANT KATARE: भिंड के अटेर पुल पर विधायक नाराज: हेमंत कटारे ने कहा – “पुल जल्द चालू करें, सिंचाई परियोजना की समय-सीमा बताएं”

HIGHLIGHTS: अटेर विधायक हेमंत कटारे ने पुल निर्माण में देरी पर नाराजगी जताई लोक निर्माण विभाग को पुल जल्द चालू करने के निर्देश कनेरा उद्वहन सिंचाई योजना की प्रगति पर समय-सीमा तय करने को कहा बैठक में कई विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा अधिकारियों को जनता से जुड़े कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश BHIND MLA HEMANT KATARE: ग्वालियर। भिंड जिले के अटेर विधायक हेमंत सत्यदेव कटारे ने चंबल नदी पर बन रहे अटेर पुल के निर्माण में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। बता दें कि अटेर के आईटीआई परिसर में आयोजित विधानसभा स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने सेतु निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुल का कार्य शीघ्र पूरा किया जाये और आम जनता के लिए उसे चालू किया जाए। ऊर्जा आपूर्ति को राहत: होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया एलपीजी लेकर आ रहा ‘नंदा देवी’ जहाज सिंचाई योजना पर समय-सीमा तय करने के निर्देश विधायक ने कनेरा उद्वहन सिंचाई परियोजना की प्रगति पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से स्पष्ट समय-सीमा तय करने को कहा। उन्होंने कहा कि समय पर परियोजना पूरी होने से क्षेत्र के किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। उज्जैन में गैस संकट: रेस्टोरेंट संचालकों ने डीजल लकड़ी भट्टियों का सहारा लिया, 10 दिन की वेटिंग सभी विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में विधायक ने राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, ऊर्जा, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, कृषि, खाद्य नागरिक आपूर्ति, सहकारिता और नगर परिषद सहित अन्य विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा की। 3 बार ‘तलाक’ बोलकर पत्नी को छोड़ा, दूसरी शादी कर लाया पति: खंडवा में ट्रिपल तलाक केस, पति समेत सास-ससुर पर FIR अधिकारियों को जनता सेवा में निर्देश हेमंत कटारे ने अधिकारियों को जनता से जुड़े सभी कार्य समय-सीमा में पूरा करने और लंबित राजस्व मामलों का शीघ्र निपटारा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतें मिलती हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। GWALIOR LAND DISPUTE: ग्वालियर में 200 करोड़ की जमीन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक: गुप्तेश्वर सोसायटी के पक्ष में फैसले पर फिलहाल ब्रेक सामाजिक कल्याण और राशन वितरण पर ध्यान महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को टीएचआर वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में पीडीएस राशन वितरण में किसी भी गड़बड़ी से बचने की चेतावनी दी गई।
ऊर्जा आपूर्ति को राहत: होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गया एलपीजी लेकर आ रहा ‘नंदा देवी’ जहाज

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई हैभारत आने वाला जहाज ‘नंदा देवी’ भी दुनिया का सबसे पवित्र समुद्री जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित बाहर निकल गया है। इससे पहले क्रूज़ लेकर आने वाला जहाज ‘शिवालिक’ भी इसी जलडमरूमध्य को मजबूती से पार कर चुका है। सरकारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, क्षेत्र में जारी संघर्ष और सुरक्षा के बावजूद दोनों पार्टिसिपेंट्स के सीक्वल पर नजर रखी जा रही थी। ईरान की ओर से प्रामाणिक बैठक के बाद इन साथियों को सुरक्षित मार्ग दिया गया, ताकि वे इस नामित समुद्री मार्ग को पार कर सकें। 46 हजार टन से अधिक वजन लेकर आ रही हैं ‘नंदा देवी’आधिकारिक तौर पर जहाज ‘नंदा देवी’ भारत के लिए 46,000 मक्के टन से अधिक कोयला लेकर आ रहा है। यह घरेलू गैस और औद्योगिक इंजीनियरों के लिए बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे समय में जब मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है, इस जहाज का सुरक्षित नेतृत्व भारत की ऊर्जा सुरक्षा के महत्व से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर भारतीय नौसेना की सुरक्षा में जहाज ‘शिवालिक’ को भारत लाया जा रहा है। फर्जी का कहना है कि अगले दो दिन में आप किसी भी भारतीय पोर्ट पर पहुंच सकते हैं। संभावना है कि यह जहाज मुंबई या कांडला पोर्ट पर स्थित होगा। समुद्री जहाज खुले समुद्र में पहुंच चुका है और नौसेना की दिशा में सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ रहा है। मोदी और ईरानी राष्ट्रपति के बीच हुई अहम बातचीतइन खिलाड़ियों की सुरक्षित छुट्टियों के पीछे उच्च सरकारी छात्रवृत्ति का प्रयास भी अहम रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के बीच माल और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अहम बातचीत हुई। इसके बाद बच्चों को सुरक्षित मार्ग मिलने का रास्ता साफ हो गया। ईरान ने भारतीय खिलाड़ियों को संकेत के संकेत दिए थे सुरक्षित मार्गइस बीच भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भी संकेत दिया कि बढ़ते तनाव के बावजूद भारतीय छात्रों को जल्द ही होर्मुज जल्दरूमध्य से सुरक्षित मार्ग मिल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के इस क्षेत्र में साझा हित हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग जारी है। राजदूत ने यह भी कहा कि भारत ने युद्ध के बाद की स्थिति में विभिन्न क्षेत्रों में ईरान की मदद की है, इसलिए दोनों देशों के संबंध मजबूत बने हैं। इससे एक दिन पहले ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रावंची ने भी कहा था कि तेहरान ने कुछ देशों के सहयोगियों को इस समुद्री मार्ग से यात्रा की अनुमति दे दी है। दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा समुद्री मार्गहोर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन परिवहन में से एक माना जाता है। वैश्विक स्तर पर करीब 20 फीसदी तेल और गैस के सहयोगियों का इसी रास्ते से दबदबा है। यही कारण है कि यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और व्यापार को प्रभावित कर सकता है। फारस की खाड़ी में 28 भारतीय खिलाड़ियों की निगरानीइस बीच बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में इस समय भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज मौजूद हैं। इन कर्मचारियों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। जानकारी के अनुसार इन खिलाड़ियों में से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में मौजूद हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं। वहीं 4 जहाज जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्सों में हैं, जिनमें 101 भारतीय नाविक इंजीनियर शामिल हैं। विशेषज्ञ का मानना है कि भारत की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिर स्थिति में भारत की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति शामिल है। ऐसे में ‘नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ का सुरक्षित बाहर जाना भारत के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
उज्जैन में गैस संकट: रेस्टोरेंट संचालकों ने डीजल लकड़ी भट्टियों का सहारा लिया, 10 दिन की वेटिंग

उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में रेस्टोरेंट संचालकों और व्यवसायियों के लिए गैस संकट एक बड़ी चुनौती बन गया है। इजराइल और ईरान के बीच युद्ध की स्थिति के चलते पूरे देश में एलपीजी गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। उज्जैन सहित प्रदेश के कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। इससे रेस्टोरेंट संचालकों को सबसे ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि शहर के लगभग 700 रेस्टोरेंट प्रतिदिन सिलेंडर पर ही निर्भर रहते हैं। गैस संकट के कारण रेस्टोरेंट संचालक अब डीजल और लकड़ी की भट्टियों का विकल्प तलाशने लगे हैं। हालांकि फैक्ट्री संचालकों के पास अचानक इतनी डिमांड बढ़ गई कि डिलीवरी में 10 से 15 दिन का समय लग रहा है। ढांचा भवन अवंतीपूरा कोयला फाटक और ढाबा रोड पर स्थित कई फैक्ट्री में डीजल भट्टियां 20–22 हजार रुपये में बन रही हैं जबकि लकड़ी की भट्टियां 60 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक में मिल रही हैं। राजेश शर्मा जो ढांचा भवन स्थित डायमंड फैक्ट्री के संचालक हैं ने बताया कि गैस की दिक्कत आने के बाद दो दिन में बड़ी संख्या में लोग डीजल भट्टियों के लिए पूछताछ करने आ रहे हैं। पहले महीने में एक या दो लोग ही आते थे अब रोजाना 10–15 लोग भट्टियों की जानकारी लेने आते हैं। हमारी क्षमता सीमित है इसलिए डिलीवरी में 10 दिन तक का समय लग रहा है उन्होंने कहा। रेस्टोरेंट संचालक महावीर जैन ने बताया कि उनके अस्पताल की कैंटीन में प्रतिदिन 6 सिलेंडर लगते हैं। सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने दो ड्रम की भट्टियां और 1.40 हजार रुपये कीमत वाली ब्लोवर वाली भट्टियों की बुकिंग करवाई है। आर्डर के तीन दिन बाद भी हमें भट्टी सप्लाई नहीं हो पा रही है। लेकिन खाना बनाना जरूरी है इसलिए विकल्प अपनाना पड़ रहा है उन्होंने कहा। इसी तरह लकड़ी भट्टियों का विकल्प चुनने वालों में लोकेश भाकचंदानी शामिल हैं। उन्होंने कहा एलपीजी मिल नहीं रही लेकिन रेस्टोरेंट बंद नहीं कर सकते। इसलिए जो विकल्प मिलेगा वही करेंगे। इसके अलावा शहर में इंडेक्शन कुकर की बिक्री भी बढ़ गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में पहले रोजाना 3–5 इंडेक्शन बिकते थे लेकिन अब 20–25 इंडेक्शन रोजाना बिक रहे हैं। उज्जैन में प्रतिदिन करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आते हैं और उनमें से लगभग एक लाख बाहर से आए लोग विभिन्न रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं। इस वजह से गैस की किल्लत का असर पूरे शहर के रेस्टोरेंट व्यवसाय पर पड़ा है। प्रदेश में एलपीजी गैस की ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी सही ढंग से काम नहीं कर रही है। कई जगह वेटिंग 7–8 दिन तक पहुंच गई है और कई बार बुकिंग के बावजूद सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इससे उपभोक्ता और व्यवसाय दोनों ही परेशान हैं।
3 बार ‘तलाक’ बोलकर पत्नी को छोड़ा, दूसरी शादी कर लाया पति: खंडवा में ट्रिपल तलाक केस, पति समेत सास-ससुर पर FIR

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के खंडवा में ट्रिपल तलाक कानून से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। एक 31 वर्षीय महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति, सास और ससुर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महिला का आरोप है कि मामूली विवाद के बाद पति ने तीन बार “तलाक” कहकर उसे मायके छोड़ दिया और बाद में दूसरी शादी कर ली। मामला खंडवा के पदमनगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, सिंघाड़ तलाई इलाके में रहने वाली महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसका निकाह मार्च 2021 में उसी मोहल्ले में रहने वाले सलमान से हुआ था। शादी के शुरुआती कुछ महीनों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन करीब छह महीने बाद पति और ससुराल पक्ष का व्यवहार बदलने लगा। महिला का आरोप है कि पति अक्सर उसके साथ मारपीट करता था और सास-ससुर भी उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। पीड़िता के मुताबिक एक दिन मामूली कहासुनी के बाद पति ने गुस्से में तीन बार “तलाक-तलाक-तलाक” कह दिया और उसे मायके छोड़ आया। इसके बाद वह उसे लेने कभी नहीं आया। महिला का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से वह मायके में ही रह रही है और अब उसे पता चला कि पति ने दूसरी शादी कर ली है और घर में दूसरी पत्नी को ले आया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी पति जिला अस्पताल में आउटसोर्स पर कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में काम करता है। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पति सलमान, सास नसरीन और ससुर शेख रफीक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों पर दहेज प्रताड़ना, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के साथ-साथ मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार का संरक्षण) अधिनियम की धाराएं भी लगाई हैं। इस कानून के तहत ट्रिपल तलाक को अपराध माना गया है और दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। पदमनगर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पीड़िता ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि उसे ससुराल पक्ष से काफी प्रताड़ना झेलनी पड़ी और अब उसे इंसाफ चाहिए। Keywords: खंडवा ट्रिपल तलाक केस, तीन तलाक मामला, पति पर FIR, मुस्लिम महिला अधिनियम, खंडवा पुलिस, दहेज
GWALIOR LAND DISPUTE: ग्वालियर में 200 करोड़ की जमीन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक: गुप्तेश्वर सोसायटी के पक्ष में फैसले पर फिलहाल ब्रेक

HIGHLIGHTS: हाईकोर्ट ने गुप्तेश्वर सोसायटी के पक्ष में फैसले पर रोक लगाई 198 बीघा जमीन का मूल्य लगभग 200 करोड़ रुपए आंका गया जमीन ग्वालियर नगर निगम क्षेत्र के बरा गांव में स्थित है वन विभाग का दावा: भूमि आरक्षित वन क्षेत्र में आती है पुराने राजस्व रिकॉर्ड में जमीन शासकीय दर्ज, निजी मानना गलत GWALIOR LAND DISPUTE: मध्यप्रदेश। ग्वालियर में बरा गांव की 198 बीघा जमीन को लेकर विवाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। बता दें कि गुप्तेश्वर गृह निर्माण सहकारी संस्था के पक्ष में दिए गए पिछले फैसले पर शुक्रवार 13 मार्च को हाईकोर्ट ने फिलहाल अंतरिम रोक लगा दी है। वनडे इतिहास की सबसे सुस्त पारी, 36 रन बनाने के लिए खेल डाली 174 गेंद, मैच देखते हुए सो गए फैंस! जमीन को निजी संपत्ति मानने का विवाद 11 दिसंबर 2024 को प्रथम अपील में अदालत ने बरा गांव की इस जमीन को निजी संपत्ति मानते हुए गुप्तेश्वर सोसायटी के पक्ष में निर्णय दिया था। सूचना के मुताबिक इस जमीन का मूल्य एक करोड़ रुपये प्रति बीघा से अधिक आंका जा रहा है। सीएम डॉ. मोहन यादव के बैतूल-कटनी दौरे, भोपाल में गैस कालाबाजारी पर पुलिस कार्रवाई और TET परीक्षा को लेकर शिक्षक आंदोलन का उबाल वन विभाग का दावा राज्य शासन और वन विभाग ने अदालत में दलील दी कि यह जमीन आरक्षित वन क्षेत्र (कंपार्टमेंट नंबर 320) में आती है और यहां पौधारोपण भी किया गया है। बताया जा रहा है कि ट्रायल कोर्ट ने पहले ही दस्तावेजों और बिक्री के रिकॉर्ड पर संदेह जताते हुए सोसायटी का दावा खारिज कर दिया था। देश में गहराया LPG संकट: बिहार में बढ़ी लकड़ी-कोयले की मांग, राजस्थान के होटल लकड़ी पर बना रहे खाना; कई राज्यों में गोदामों पर छापे अपील में दस्तावेजों की जांच पर उठे सवाल सरकार ने कहा कि अपील के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों और दस्तावेजों पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया और अतिरिक्त दस्तावेजों की विधिवत जांच नहीं हुई। साथै ही पुराने रिकॉर्ड भी जमीन जंगल और शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। भारतीय कुश्ती के महान शिक्षक: गुरु हनुमान की विरासत आज भी कायम साल 2004 से लंबित मामला सूत्रों की मने तो गुप्तेश्वर सोसायटी ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद 2004 में हाईकोर्ट में प्रथम अपील दायर की थी। बाद में निचली अदालत का फैसला पलटते हुए जमीन को निजी संपत्ति माना गया था, लेकिन अब पुनर्विचार याचिका पर अंतरिम रोक लगा दी गई है।
तेल संकट का असर एयरलाइन किराए पर: ग्वालियर-बेंगलुरु फ्लाइट में एयर इंडिया ने जोड़ा 300 रुपए सरचार्ज, 20% छूट का दावा

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब हवाई यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में Air India ने ग्वालियर से Bengaluru जाने वाली अपनी फ्लाइट के टिकट पर 300 रुपए का नया सरचार्ज जोड़ दिया है। हालांकि एयरलाइन की ओर से इस अतिरिक्त शुल्क की स्पष्ट वजह सार्वजनिक नहीं की गई है। दिलचस्प बात यह है कि सरचार्ज जोड़ने के साथ ही एयरलाइन टिकटों पर 20 प्रतिशत तक छूट देने का दावा भी कर रही है। इस वजह से यात्रियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई यात्रियों का कहना है कि पहले टिकट की मूल कीमत बढ़ाई जाती है और फिर उस पर छूट का प्रचार करके वास्तविक बढ़ोतरी को कम दिखाने की कोशिश की जाती है। एयरलाइन के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक यह सरचार्ज पिछले दो दिनों से लागू किया गया है और फिलहाल 31 मार्च तक प्रभावी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और ईंधन लागत में बढ़ोतरी के कारण एयरलाइंस को अपने संचालन खर्च को संतुलित करने के लिए ऐसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। दरअसल, वैश्विक स्तर पर तेल कीमतों में अस्थिरता के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की लागत भी बढ़ रही है। विमानन उद्योग में ईंधन खर्च संचालन लागत का बड़ा हिस्सा होता है, इसलिए कीमतों में बदलाव का असर सीधे टिकट किराए पर पड़ता है। ग्वालियर से फिलहाल IndiGo की नियमित उड़ानें Delhi और Mumbai के लिए संचालित हो रही हैं, जबकि बेंगलुरु रूट पर एयर इंडिया की सेवा उपलब्ध है। ऐसे में इस रूट पर लगाए गए नए सरचार्ज ने यात्रियों का ध्यान खींचा है और टिकट कीमतों में बदलाव चर्चा का विषय बन गया है। यात्रियों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी बनी रहती है, तो आने वाले समय में अन्य रूट्स पर भी एयरलाइंस इसी तरह के अतिरिक्त शुल्क या किराया संशोधन कर सकती हैं।
वनडे इतिहास की सबसे सुस्त पारी, 36 रन बनाने के लिए खेल डाली 174 गेंद, मैच देखते हुए सो गए फैंस!

नई दिल्ली। मॉर्डन डे क्रिकेट में आज फैंस हर गेंद पर चौका-छक्का देखना पसंद करते हैं. अगर ऐसा न हो तो उस मैच को बोरिंग मान लिया जाता है. यही कारण है कि बदलते दौर में कुछ ऐसे रिकॉर्ड बने जो कल्पना से परे था. चाहे वो फास्टेस्ट फिफ्टी का रिकॉर्ड हो या फिर सेंचुरी का, लेकिन जब क्रिकेट फल-फुल रहा था तो मामला बिल्कुल अलग था. शुरुआती दौर में क्रिकेट में सिर्फ टेस्ट फॉर्मेट का चलन था. उसके बाद 1971 में वनडे की शुरुआत हुई. जिसके बाद लंबे समय तक इस फॉर्मेट का बोलबाला रहा. वनडे फॉर्मेट में एक से बढ़कर एक खिलाड़ी हुए. उन्हीं में से एक नाम भारत के महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर का भी है. वैसे तो गावस्कर का क्रिकेटिंग करियर उपलब्धियों से भरा हुआ है, लेकिन उनके नाम एक रिकॉर्ड ऐसा भी है जो शायद ही कभी टूट पाए. ये रिकॉर्ड है वनडे क्रिकेट में सबसे धीमी पारी खेलने का. भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज सुनील गावस्कर ने इंग्लैंड के खिलाफ साल 1975 में वनडे इतिहास की सबसे धीमी पारी खेलने का रिकॉर्ड अपने नाम किया था. विश्व कप के इस मुकाबले में सुनील गावस्कर ने 36 रन बनाने में 174 गेंद खेल डाली थी. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट महज 20 का रहा और पारी में वह सिर्फ 1 चौका ही लगा पाए. सुनील गावस्कर का ये रिकॉर्ड मॉर्डन डे क्रिकेट में अब शायद ही कभी टूट पाए. क्रिस गेल ने गेंदबाजों को जमकर तोड़ा थाक्योंकि, जिस तरह की पारी सुनील गावस्कर ने खेली थी अगर आज के दौर में कोई क्रिकेटर ऐसा करता है तो उसका करियर बर्बाद हो जाएगा. आज के दौर में खिलाड़ियों का करियर और उसकी प्रतिभा इस बात पर निर्भर करती है कि उसका स्ट्राइक रेट का ग्राफ कितना ऊंचा है. यही वजह है कि वनडे क्रिकेट में कम से कम सुनील गावस्कर के सबसे धीमी पारी के रिकॉर्ड का टूटना नामुमकिन है. भारत-इंग्लैंड के उस मैच में क्या हुआ था?सुनील गावस्कर के वनडे में सबसे धीमी पारी वाले मैच की बात करें तो इंग्लैंड ने टीम इंडिया को 202 रन से हराया था. मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए डेनिस एमिस की शतकीय पारी से 4 विकेट के नुकसान पर 334 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. इंग्लैंड के इस स्कोर के जवाब में टीम इंडिया पूरे 60 ओवर खेलकर 3 विकेट के नुकसान 132 रन ही बना पाई थी. भारत के लिए सुनील गावस्कर के अलावा मैच में गुंडप्पा विश्वनाथ ने 37 रनों का योगदान दिया था.