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इंदौर की सनातन प्रीमियर लीग में पहुंचे BCCI उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, बोले गांव के बच्चों से ही निकलेगा भारत का भविष्य

इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित सनातन प्रीमियर लीग इन दिनों खेल और सियासी हलकों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस लीग में शामिल होने पहुंचे राजीव शुक्ला ने मंच से इस आयोजन की खुलकर सराहना की और कहा कि जो भी क्रिकेट को बढ़ावा देता है वह देश के भविष्य को मजबूत करने का काम करता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से गांव और छोटे कस्बों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के दौरान राजीव शुक्ला ने कहा कि सनातन प्रीमियर लीग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें गांवों के बच्चे बड़ी संख्या में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सही मंच और अवसर मिलते हैं तो वही खिलाड़ी आगे चलकर राज्य टीम रणजी ट्रॉफी और राष्ट्रीय टीम तक पहुंच सकते हैं। उनके मुताबिक क्रिकेट का असली टैलेंट अक्सर बड़े शहरों के बाहर छोटे कस्बों और गांवों में छिपा होता है जिसे पहचानने और आगे बढ़ाने के लिए इस तरह की लीग बेहद जरूरी हैं। राजीव शुक्ला ने कहा कि देश में क्रिकेट को और मजबूत बनाने के लिए जमीनी स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ाना बेहद जरूरी है। यदि गांव गांव में खेल प्रतियोगिताएं और लीग आयोजित होंगी तो युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और देश को नए खिलाड़ी मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी ऐसे हैं जो संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाते लेकिन स्थानीय स्तर की लीग उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देती हैं। इस मौके पर उन्होंने आयोजनकर्ता संत देवकीनंदन ठाकुर की भी सराहना की और कहा कि उनके प्रयास से युवाओं को खेल से जुड़ने का बड़ा अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गर्व की बात है कि साधु संत भी अब युवाओं को खेल और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित कर रहे हैं। उनके मुताबिक जब संत समाज युवाओं को खेल के लिए प्रेरित करता है तो इसका सीधा असर समाज पर पड़ता है और युवा गलत रास्तों से दूर रहते हैं। राजीव शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन कोई विवाद का विषय नहीं बल्कि एक परंपरा और विचारधारा है। उन्होंने कहा कि यदि सनातन के नाम पर युवा खेल रहे हैं आगे बढ़ रहे हैं और नशे जैसी बुराइयों से दूर रह रहे हैं तो यह समाज के लिए बेहद अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन टीमवर्क और सकारात्मक सोच विकसित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में क्रिकेट की लोकप्रियता बहुत अधिक है और यदि इसे गांव गांव तक ले जाया जाए तो भारत को भविष्य में और भी बेहतरीन खिलाड़ी मिल सकते हैं। उनके अनुसार भारत की कई बड़ी क्रिकेट प्रतिभाएं छोटे शहरों और कस्बों से ही निकलकर सामने आई हैं। इंदौर में आयोजित सनातन प्रीमियर लीग को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में दर्शक मैच देखने के लिए पहुंच रहे हैं और युवा खिलाड़ी इस मंच को अपने करियर के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं।

तवानगर जंगल में लुटेरों का एक घंटे का आतंक: आदिवासी दंपति और ग्रामीण से छीने मोबाइल व नकदी, पुलिस ने 6 घंटे में पकड़ा

नर्मदापुरमर। नर्मदापुरम के तवानगर के जंगल में शुक्रवार शाम घोघरी और बटकुई के पास तीन लुटेरों ने एक घंटे में दो अलग-अलग लूट की घटनाओं को अंजाम देकर क्षेत्र में दहशत फैला दी। आदिवासी दंपति और एक अन्य ग्रामीण से कुल 6 हजार रुपए और दो मोबाइल छीने गए। जानकारी के अनुसार, फरियादी साहब लाल भूसारे अपनी पत्नी फूलवती के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। घोघरी के छिपीखापा रोड पर जंगल में तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और उनका मोबाइल व नगदी छीनकर भाग गए। कुछ देर बाद शाम 7 बजे, रामेश्वर निवासी घोघरी को भी रोककर उसके पास से 500 रुपए और मोबाइल छीना गया। जैसे ही घटना की सूचना ग्रामीणों और तवानगर थाने तक पहुंची, थाना प्रभारी संजय पांडे और उनकी टीम ने इलाके में घेराबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू की। तत्परता और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने 6 घंटे के भीतर संदिग्ध दो युवकों को पकड़ लिया, जिनसे पूछताछ जारी है। एसपी सांई कृष्णा थोटा ने बताया कि दोनों लूट की वारदात तवानगर थाना क्षेत्र में हुई है और जल्द ही मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा। ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की और बताया कि जंगल में सुरक्षा के इंतजामों को और कड़ा करने की आवश्यकता है।

हरभजन सिंह का बयान: हार्दिक के लिए रोहित की सलाह से बदल सकती है मुंबई की किस्मत

नई दिल्ली। हरभजन सिंह का मानना ​​है कि मुंबई इंडियंस को आईपीएल 2026 में रोहित शर्मा का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए। उनके अनुसार रोहित को सिर्फ बल्लेबाजी के लिए इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं बल्कि पूरे मैच के दौरान मैदान पर रखना टीम के लिए ज्यादा फायदेमंद होगा। हरभजन सिंह ने जियोहॉटस्टार पर बातचीत के दौरान कहा कि रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी मैदान पर टीम के लिए बेहद अहम होती है। खासकर जब मैच कठिन स्थिति में हो और कप्तान को रणनीतिक फैसले लेने हों, तब रोहित जैसे अनुभवी खिलाड़ी का साथ बहुत काम आता है। उन्होंने कहा, “रोहित शर्मा को 12वें खिलाड़ी के तौर पर इस्तेमाल किया गया है जो सिर्फ बल्लेबाजी करता है, लेकिन मुझे लगता है कि जिस तरह के नेतृत्वकर्ता वह रहे हैं, उन्हें मैदान पर होना चाहिए। मुश्किल मैचों में, जब आपको कुछ खास फैसले लेने होते हैं, तब वह कप्तान के लिए बहुत मददगार हो सकते हैं।” हार्दिक पांड्या को मिल सकता है अनुभव का फायदाहरभजन सिंह का मानना है कि Hardik Pandya के लिए भी रोहित शर्मा की मौजूदगी मैदान पर काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। रोहित लंबे समय तक मुंबई इंडियंस के कप्तान रहे हैं और उनकी रणनीतिक समझ काफी मजबूत है। ऐसे में जब मैच के दौरान मुश्किल फैसले लेने हों या रणनीति बदलने की जरूरत पड़े, तब रोहित शर्मा का अनुभव टीम और कप्तान दोनों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आकाश चोपड़ा ने भी किया समर्थनपूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज Aakash Chopra ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि रोहित शर्मा को पूरा मैच खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोहित इस समय फिट हैं और अच्छी फॉर्म में भी नजर आ रहे हैं, इसलिए टीम को इसका फायदा उठाना चाहिए। आकाश चोपड़ा के अनुसार ओपनिंग बल्लेबाज के लिए मैच से पहले मैदान पर रहना और खेल की परिस्थितियों को समझना बेहद जरूरी होता है। अगर कोई ओपनर लंबे समय तक डगआउट में बैठा रहे और फिर सीधे बल्लेबाजी करने आए, तो यह उसके लिए स्वाभाविक स्थिति नहीं होती। उन्होंने कहा, “अगर आप फिट हैं, तो आपको पूरा मैच खेलना चाहिए। खासकर जब आप दूसरी पारी में बल्लेबाजी कर रहे हों तो आपको इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में नहीं आना चाहिए। एक ओपनर को डगआउट से 20 ओवर देखने की आदत नहीं होती।” पिछले दो सीजन में इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिकादरअसल पिछले दो आईपीएल सीजन में Rohit Sharma को कई मुकाबलों में इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। वह ज्यादातर समय डगआउट में बैठे रहते थे और सिर्फ बल्लेबाजी के लिए मैदान पर आते थे। उस समय इसकी मुख्य वजह उनकी फिटनेस बताई जा रही थी। हालांकि पिछले 6 से 8 महीनों में रोहित शर्मा ने अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है और अब वह टीम के सबसे फिट खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं। मुंबई इंडियंस के लिए बड़ा फैसलागौरतलब है कि Rohit Sharma की कप्तानी में Mumbai Indians ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीता है। उनकी कप्तानी में टीम ने कई यादगार सफलताएं हासिल की थीं। हालांकि 2024 सीजन में टीम मैनेजमेंट ने बड़ा फैसला लेते हुए रोहित शर्मा की जगह Hardik Pandya को कप्तान नियुक्त कर दिया था। इसके बाद से टीम की रणनीति में कई बदलाव देखने को मिले हैं। अब आईपीएल 2026 की शुरुआत के बाद ही यह साफ होगा कि मुंबई इंडियंस रोहित शर्मा को पूरे मैच के लिए मैदान पर उतारती है या फिर उन्हें पहले की तरह इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर ही इस्तेमाल किया जाता है। हरभजन सिंह और आकाश चोपड़ा जैसे क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि रोहित शर्मा का अनुभव और नेतृत्व क्षमता मुंबई इंडियंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में अगर उन्हें पूरे मैच के दौरान मैदान पर रखा जाए तो यह टीम और कप्तान हार्दिक पांड्या दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही पर 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा, एसपी ने दर्ज कराया सर्विस रिकॉर्ड में दंड

जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। यहां पुलिस अधीक्षक ने काम में लापरवाही बरतने वाले 26 थाना प्रभारियों टीआई के खिलाफ एक साथ सख्त कदम उठाते हुए उन्हें निंदा की सजा सुनाई है। इस कार्रवाई में शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के थाना प्रभारी शामिल हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में टीआई पर की गई कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और इसे अनुशासनात्मक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक पुलिस अधीक्षक ने जिले में कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पाया कि कई थाना क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में इस वर्ष प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों में कमी आई है। विशेष रूप से अपराध रोकथाम के लिए की जाने वाली कार्रवाई जैसे शांति भंग की आशंका पर गिरफ्तारी बाउंड ओवर की कार्रवाई और अन्य एहतियाती कदम अपेक्षाकृत कम किए गए। इसे पुलिस अधीक्षक ने गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित थाना प्रभारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया। इसी के तहत 26 थाना प्रभारियों को निंदा की सजा दी गई है। यह सजा भले ही सेवा नियमों के अनुसार लघु दंड की श्रेणी में आती है लेकिन इसका प्रभाव अधिकारी के पूरे करियर पर पड़ सकता है। सरकारी सेवा में निंदा का अर्थ है कि कर्मचारी के खिलाफ औपचारिक रूप से लिखित चेतावनी जारी की जाती है और इसे उसके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है। यह प्रविष्टि भविष्य में पदोन्नति और अन्य प्रशासनिक निर्णयों के दौरान महत्वपूर्ण मानी जाती है। पुलिस विभाग के जानकारों के अनुसार निंदा की कार्रवाई भले ही निलंबन या वेतन कटौती जैसी कठोर सजा नहीं होती लेकिन यह अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। कई मामलों में इस तरह की प्रविष्टि होने से पदोन्नति की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और अधिकारी को आगे की सेवा में सावधानी बरतने की चेतावनी के रूप में भी देखा जाता है। बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि थाना स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर गंभीरता बनी रहे और अधिकारी अपराध नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई समय पर करें। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई अपराध रोकने का एक अहम माध्यम होती है और इसमें कमी आने से कानून व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में चर्चा का माहौल है। कई थाना प्रभारियों को उम्मीद नहीं थी कि समीक्षा के बाद इतनी बड़ी संख्या में एक साथ कार्रवाई होगी। हालांकि विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह कदम अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। इससे स्पष्ट संकेत दिया गया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध रोकने के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सोनम वांगचुक पर NSA हटाया गया, 170 दिन बाद जोधपुर जेल से रिहाई; लेह हिंसा के बाद हुई थी गिरफ्तारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शनिवार को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगी नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) को तुरंत प्रभाव से हटा दिया। गृह मंत्रालय के अनुसार, वांगचुक ने हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा किया है। अब वे जोधपुर जेल से रिहा होंगे। लद्दाख प्रशासन ने 24 सितंबर 2025 को हुए लेह हिंसा के बाद वांगचुक को 26 सितंबर को NSA के तहत हिरासत में लिया था। हिंसा में चार लोगों की मौत हुई और 150 से अधिक घायल हुए थे। सरकार का आरोप था कि वांगचुक ने इन प्रदर्शनों को भड़काया। NSA के तहत ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में रखा जा सकता है, जो देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा माने जाएँ। अधिकतम हिरासत अवधि 12 महीने तक होती है। सोनम वांगचुक उस समय लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे और इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे थे। उनके नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के दो दिन बाद ही उन्हें हिरासत में लिया गया था। जोधपुर जेल में 170 दिन तक बंद रहने के बाद अब वांगचुक की रिहाई से उनके समर्थकों में राहत का माहौल है। अधिकारियों ने बताया कि रिहाई के बाद उनके लद्दाख लौटने और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर निगरानी रखी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि NSA हटाए जाने से वांगचुक के राजनीतिक और सामाजिक कार्यों पर कानूनी प्रतिबंध कम होंगे, और यह लद्दाख में केंद्र और स्थानीय प्रशासन के बीच संतुलन बनाए रखने का भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

UJJAIN TATTACK: उज्जैन में निगम कर्मचारियों पर हंगामा, तलवार और लाठी लेकर किया हमला; महिला हिरासत में

UJJAIN TATTACK: उज्जैन। नगरकोट मोहल्ले में शनिवार सुबह नगर निगम कर्मचारियों से विवाद इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति ने तलवार और लाठी निकालकर हमला कर दिया। मारपीट के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, नगर निगम की कचरा संग्रहण गाड़ी रोज की तरह सुबह करीब 7:30 बजे मोहल्ले में पहुंची। गाड़ी के ड्राइवर का नाम कलीम और कचरा कर्मचारी का नाम जावेद बताया गया है। इस दौरान गीला और सूखा कचरा अलग न करने को लेकर विवाद शुरू हुआ। कर्मचारी ने समझाया, लेकिन आरोपी की बहस जल्द हिंसक रूप ले गई। मौके पर मौजूद दरोगा ने समझाइश देने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने हंगामा और धमकी बढ़ा दी। नगर निगम के कर्मचारी, अधिकारी और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी पहले ही फरार हो चुका था। पुलिस ने आरोपी के घर से एक महिला को हिरासत में लिया और उसे 112 की गाड़ी से चिमनगंज थाना ले जाया गया। महिला से पूछताछ जारी है। नगर निगम के नोडल अधिकारी ताराचंद मालवीय ने कहा कि कर्मचारियों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है और मामले की जांच की जा रही है। यह घटना उज्जैन में सार्वजनिक सुरक्षा और निगम कर्मचारियों की सुरक्षा के सवाल खड़े करती है। अधिकारी चेतावनी दे रहे हैं कि निगम कार्यकर्ताओं के साथ इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। Keywords: उज्जैन, नगर निगम कर्मचारी, कचरा संग्रहण विवाद, तलवार और लाठी, हंगामा, महिला हिरासत में, चिमनगंज थाना, गीला-सूखा कचरा, पुलिस कार्रवाई, मारपीट

Byawari dispute: वन अमले से भिड़े भाजपा नेता राजन गुप्ता: मुनारा निर्माण रुकवाया, मौके पर हुआ हंगामा

 Byawari dispute: शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब भाजपा नेता और ब्यौहारी नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता का वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से तीखा विवाद हो गया। यह पूरा घटनाक्रम उस समय हुआ जब वन विभाग की टीम वन सीमा को चिन्हित करने के लिए मुनारा निर्माण का काम कर रही थी। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष कर्मचारियों से बहस करते और काम रुकवाते हुए नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक वन विभाग द्वारा ब्यौहारी वन परिक्षेत्र के बीट बेढरा में पीसीडी कार्य के तहत मुनारा निर्माण कराया जा रहा था। इस निर्माण कार्य का उद्देश्य वन क्षेत्र की सीमा को स्पष्ट रूप से चिन्हित करना और भविष्य में होने वाले अतिक्रमण को रोकना बताया गया। इसके लिए विभागीय टीम मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढे खुदवा रही थी ताकि वहां मुनारे लगाए जा सकें। इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता मौके पर पहुंच गए और निर्माण कार्य पर आपत्ति जताने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उन्होंने मौके पर मौजूद वन विभाग के कर्मचारियों से तीखी बहस शुरू कर दी और तत्काल काम बंद करने को कहा। बताया जा रहा है कि उन्होंने जेसीबी मशीन को भी वहां से हटाने और उसे नगर परिषद ले जाने की बात कही। इस दौरान मौके पर मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ उनकी बहस काफी देर तक चलती रही जिससे वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थिति को संभालने की कोशिश करते हुए अध्यक्ष से कहा कि रेंजर के आने तक इंतजार कर लिया जाए और उनके सामने ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। कुछ देर बाद रेंजर भी मौके पर पहुंच गए लेकिन विवाद शांत होने के बजाय और बढ़ गया। नगर पालिका अध्यक्ष ने रेंजर से भी सख्त लहजे में सवाल करते हुए खुदाई की अनुमति से जुड़े दस्तावेज दिखाने की मांग कर दी। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। मौके पर बढ़ते तनाव को देखते हुए वन विभाग की टीम ने फिलहाल काम रोक देना ही उचित समझा। इसके बाद विभागीय अधिकारी पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को देने की बात कह रहे हैं। वहीं इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसके बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता पहले भी विवादों को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं। इससे पहले भी टोल नाके पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच और धमकी देने का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसने काफी विवाद खड़ा किया था। हालांकि इस मामले में राजन गुप्ता का कहना है कि उन्होंने जनप्रतिनिधि होने के नाते आम लोगों के हित में आवाज उठाई है। उनका आरोप है कि वन विभाग द्वारा एक गरीब चाय-पान की दुकान के सामने जबरदस्ती निर्माण कराया जा रहा था जबकि वह जमीन राजस्व और नगर पालिका की बताई जा रही है। उनका कहना है कि जब तक जमीन और अनुमति से जुड़े दस्तावेज स्पष्ट नहीं होंगे तब तक वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।

Blessing Muzarabani: ब्लेसिंग मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा पीसीबी: रिपोर्ट

   Blessing Muzarabani: नई दिल्ली। जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी ने आईपीएल में केकेआर का कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के बाद पीएसएल में नहीं खेलने का फैसला किया है। इसके बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) मुजरबानी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी मुजरबानी के फैसले को कॉन्ट्रैक्ट के उल्लंघन के रूप में देख रही है और कानूनी कार्रवाई के लिए विकल्पों पर विचार कर रही है। ब्लेसिंग मुजरबानी को पीएसएल की इस्लामाबाद यूनाईटेड ने 11 मिलियन पाकिस्तानी रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। उन्हें टीम ने शमार जोसेफ की जगह शामिल किया था। आईपीएल की फ्रेंचाइजी केकेआर ने शुक्रवार को मुजरबानी को अपने स्कवॉड में जगह दी। इसके बाद मुजराबानी ने पीएसएल की जगह आईपीएल को प्राथमिकता देने का फैसला किया। अब वह आगामी आईपीएल सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स की ओर से खेलते हुए दिखाई देंगे। MORENA EYE CAMP: मुरैना में पुलिस परेड ग्राउंड पर 3 दिवसीय नेत्र शिविर का आयोजन, 14-16 मार्च तक चलेंगे ऑपरेशन यह लगातार दूसरा साल है जब किसी खिलाड़ी ने पीएसएल कॉन्ट्रैक्ट पहले से होने के बावजूद आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट मिलने के बाद आईपीएल को प्राथमिकता दी है। पिछले सीजन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कॉर्बिन बॉश ने भी ऐसा ही कदम उठाया था। उन्हें पेशावर जाल्मी ने चुना था। बाद में वह आईपीएल की मुंबई इंडियंस से जुड़ गए थे। ब्लेसिंग मुजरबानी ने हाल में संपन्न टी20 विश्व कप 2026 में शानदार गेंदबाजी की थी और जिम्बाब्वे को सुपर-8 में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। मुजरबानी ने 13 विकेट लिए थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुजरबानी के 4 विकेट ने ही जिम्बाब्वे को ग्रुप स्टेज में जीत दिलायी थी। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) और पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) का शेड्यूल एक बार फिर टकरा रहा है। आईपीएल 28 मार्च से शुरू हो रहा है। फाइनल मुकाबला 31 मार्च को खेला जाएगा, जबकि पीएसएल 26 मार्च से 3 मई तक प्रस्तावित है।

MORENA EYE CAMP: मुरैना में पुलिस परेड ग्राउंड पर 3 दिवसीय नेत्र शिविर का आयोजन, 14-16 मार्च तक चलेंगे ऑपरेशन

MORENA EYE CAMP

HIGHLIGHTS: मुरैना में तीन दिवसीय नेत्र शिविर की शुरुआत पुलिस परेड ग्राउंड पर हुआ भव्य उद्घाटन हजारों मरीजों की जांच और ऑपरेशन का लक्ष्य जिले के कई क्षेत्रों में लगाए गए कैंप 14 से 16 मार्च तक चलेगा शिविर MORENA EYE CAMP: ग्वालियर। मुरैना जिले में शनिवार 14 मार्च को तीन दिवसीय विशाल नेत्र शिविर का शुभारंभ किया जा रहा है। पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित इस शिविर का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और इफको के चेयरमैन दिलीप सिंह ने किया। बता दें कि शिविर में बड़ी संख्या में नेत्र रोगियों की जांच और उपचार की व्यवस्था की गई है। बांग्लादेशी कप्तान ने गलत किया, ‘रन आउट’ विवाद में सलमान आगा के पक्ष में बोले मोहम्मद कैफ इफको के सहयोग से हर साल होता है आयोजन प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी इफको के सहयोग से इस नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 14, 15 और 16 मार्च तक आयोजित किया जायेगा। बताया जा रहा है कि पहले चरण में जिले के विभिन्न इलाकों से आए मरीजों की आंखों की जांच की जाएगी। इसके बाद जिन मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत होगी, उन्हें चिन्हित कर आगे का उपचार किया जाएगा। असरानी को समर्पित है भूत बंगला, राजपाल यादव ने कहा प्रियदर्शन कॉमेडी के जादूगर हजारों ऑपरेशन करने का लक्ष्य विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से हर साल बड़ी संख्या में नेत्र रोगियों को लाभ मिलता है। उन्होंने बताया कि इस बार भी हजारों मरीजों के ऑपरेशन करने और उपचार कर उन्हें ठीक करने का लक्ष्य रखा गया है। रन-आउट विवाद के बाद सलमान आगा का बड़ा बयान, बोले– अभी तक मेहदी से सुलह नहीं हुई जिले के कई क्षेत्रों में लगाए गए कैंप सूचना की मने तो शिविर के तहत सबलगढ़, कैलारस, पहाड़गढ़, जौरा, अंबाह, मुरैना, पोरसा और दिमनी सहित कई क्षेत्रों में अलग-अलग कैंप लगाए गए हैं। साथ ही यहां नेत्र रोगियों की जांच के आलावा भी जरूरतमंद मरीजों के ऑपरेशन किए जाएंगे।  

VIDISHA ROAD ACCIDENT: तेज रफ्तार कार पुलिया से फिसली, 15 फीट नीचे नाले में गिरी: शादी में जा रहा परिवार हादसे का शिकार, 1 की मौत, 5 गंभीर घायल

  VIDISHA ROAD ACCIDENT: विदिशा । मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों से भरी यात्रा को मातम में बदल दिया। सिरोंज-बीना हाईवे पर ग्राम रसल्ली डामा की पुलिया के पास तेज रफ्तार से जा रही एक कार अचानक अनियंत्रित हो गई और करीब 15 फीट नीचे नाले में जा गिरी। कार में सवार लोग उज्जैन से चंदेरी में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही यह भीषण हादसा हो गया। हादसे के समय कार में कुल सात लोग सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार तेज गति से पुलिया के पास पहुंची और चालक का संतुलन बिगड़ने से वाहन सीधे नीचे नाले में गिर गया। दुर्घटना इतनी अचानक हुई कि कार में बैठे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। कार के गिरते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए और बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने साहस और तत्परता दिखाते हुए पत्थरों से कार के शीशे तोड़े और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार कार में पानी भर गया था और कुछ लोग अंदर ही फंसे हुए थे। लोगों ने किसी तरह कार के अंदर फंसे घायलों को बाहर निकाला और उनके पेट में भरा पानी निकालने की भी कोशिश की। पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 20 मिनट का समय लगा। ग्रामीणों की तत्परता से कई लोगों की जान बच सकी। हादसे में एक व्यक्ति की हालत इतनी गंभीर थी कि उसे अस्पताल ले जाने के बाद उसने दम तोड़ दिया। हैरानी की बात यह रही कि कार में मौजूद सात साल का एक बच्चा इस भीषण दुर्घटना में चमत्कारिक रूप से सुरक्षित बच गया। जब ग्रामीणों ने कार से सभी लोगों को बाहर निकाला तो बच्चे को लगभग सुरक्षित देखकर हर कोई हैरान रह गया। बच्चे को मामूली खरोंचें आई हैं, लेकिन उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हादसे में घायल सभी लोगों को तुरंत सिरोंज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। इलाज के दौरान एक घायल ने दम तोड़ दिया, जबकि पांच अन्य लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने कार को नाले से बाहर निकलवाने की कार्रवाई शुरू की और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संभवतः चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही सड़क पर कितना बड़ा खतरा बन सकती है। जरा सी असावधानी कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है और खुशियों भरा सफर पल भर में त्रासदी में बदल सकता है।