Indian Wells Masters final: इंडियन वेल्स मास्टर्स: आर्यना सबालेंका और एलेना रिबाकिना के बीच होगा फाइनल

Indian Wells Masters final: नई दिल्ली। इंडियन वेल्स मास्टर्स के महिला एकल का फाइनल मुकाबला रविवार को आर्यना सबालेंका और एलेना रिबाकिना के बीच होना सुनिश्चित हो चुका है। ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलेना रिबाकिना दुनिया की 9वें नंबर की खिलाड़ी एलिना स्वितोलिना को 1 घंटे 46 मिनट तक चले सेमीफाइनल मुकाबले में 7-5, 6-4 से हराकर अपने दूसरे इंडियन वेल्स फाइनल में जगह बनाई। जीत के बाद रिबाकिना ने कहा, “मैं आज अपने प्रदर्शन से खुश हूं। फाइनल से पहले मुझे निश्चित रूप से बेहतर होना होगा।” फाइनल में एलेना रिबाकिना का मुकाबला रविवार को दुनिया की नंबर 1 आर्यना सबालेंका से होगा। आर्यना सबालेंका ने सेमीफाइनल में लिंडा नोस्कोवा को 6-3, 6-4 से हराकर तीसरी बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। 1 घंटे 28 मिनट तक चले इस मैच में सबालेंका ने पहली बार इंडियन वेल्स का सेमीफाइनल खेल रही 21 साल की लिंडा नोस्कोवा के खिलाफ मैच की शुरुआत से ही अपनी पकड़ बना ली थी। सबालेंका ने डबल-ब्रेक में 5-1 की बढ़त बना ली और बेहद कम समय में सेट जीत लिया। चेक खिलाड़ी ने दूसरे सेट के आखिर में मैच में अपनी पकड़ बना ली। उन्होंने अपनी सर्विंग की काबिलियत दिखाई, जब उन्होंने दो ब्रेक पॉइंट बचाकर स्कोर 3-2 कर दिया, और स्कोर सिर्फ एक ब्रेक तक ही सीमित रखा। नोस्कोवा ने दूसरे सेट में सबालेंका की सर्विंग के समय 4-3, 30-40 पर एक ब्रेक पॉइंट भी हासिल किया, लेकिन लगातार तीन बड़ी सर्व ने दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी को 6-3, 5-3 से जीत की कगार पर पहुंचा दिया। जीत के बाद सबालेंका ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन मैं अपने पिछले कुछ फाइनल यहीं हार गई थी। मैं पक्का करूंगी कि रविवार को पूरी तरह तैयार रहूं। मैं अपना श्रेष्ठ टेनिस खेलूंगी ताकि यह साल मेरे लिए अच्छा रहे।”
RAIPUR VIRAL VIDEO: रायपुर-लखनऊ ट्रेन में AC कोच में रील बनाने के लिए तीन युवकों ने चादर ओढ़कर किया डांस, रास्ता तीन मिनट तक रुका, यात्रियों ने दर्ज कराई शिकायत

RAIPUR VIRAL VIDEO:रायपुर। रायपुर से लखनऊ जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (12536) के एसी कोच में गुरुवार रात एक अनोखी घटना ने यात्रियों को परेशान कर दिया। ट्रेन के सतना स्टेशन पहुंचने से कुछ ही देर पहले जी-1 एसी कोच के बर्थ नंबर 16 के पास तीन युवकों ने रील बनाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया कि कोच का बीच वाला रास्ता लगभग तीन मिनट तक ब्लॉक हो गया। जानकारी के अनुसार, एक युवक ने रेलवे की चादर सिर पर ओढ़कर कोच के बीचो-बीच डांस करना शुरू कर दिया। उसके साथ मौजूद महिलाएं मोबाइल से उसका वीडियो बनाने लगीं। थोड़ी ही देर में दो अन्य युवक भी उसी चादर को ओढ़कर डांस में शामिल हो गए। इस दौरान कोच का मध्य मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे अन्य यात्रियों को पैदल चलने और बैठने में कठिनाई हुई। कोच में लगभग आठ-दस लोगों का एक परिवार भी यात्रा कर रहा था, जिन्हें इस डांस की वजह से असुविधा का सामना करना पड़ा। यात्रियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और शुक्रवार 13 मार्च को रेलवे अधिकारियों को भेजकर शिकायत दर्ज कराई। वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रहा था कि युवकों की हरकत से कोच का मार्ग रुक गया और यात्रियों को भारी परेशानी हुई। आरपीएफ पोस्ट सतना के प्रभारी वीके यादव ने बताया कि वीडियो प्राप्त होने के बाद जांच की गई। जांच में यह पाया गया कि डांस अश्लील नहीं था, लेकिन यात्रियों को हुई असुविधा और कोच में अव्यवस्था के कारण रेलवे एक्ट की धारा 145 के तहत तीनों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। रेलवे अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ट्रेन में इस प्रकार की हरकतें गंभीर सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा को प्रभावित करती हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि अगर ऐसे मामले सामने आए तो तुरंत आरपीएफ को सूचित करें। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि सोशल मीडिया और रील बनाने की होड़ ट्रेन जैसे सार्वजनिक स्थान पर कभी-कभी यात्रियों और सुरक्षा दोनों के लिए समस्या बन सकती है। Keywords: रायपुर लखनऊ ट्रेन, गरीब रथ एक्सप्रेस, AC कोच डांस, चादर ओढ़कर रील, रेलवे एक्ट धारा 145, आरपीएफ सतना, ट्रेन में असुविधा, यात्रियों की शिकायत, सोशल मीडिया वीडियो, ब्लॉक हुआ रास्ता
Horror-Comedy Film: असरानी को समर्पित है भूत बंगला, राजपाल यादव ने कहा प्रियदर्शन कॉमेडी के जादूगर

Horror-Comedy Film: नई दिल्ली । अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों अपनी आगामी हॉरर-कॉमेडी फिल्म भूत बंगला के प्रमोशन में व्यस्त हैं। हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने फिल्म में अपने साथ काम करने वाले दिग्गज अभिनेता असरानी को याद करते हुए भावुक अंदाज में श्रद्धांजलि दी। राजपाल यादव ने कहा कि असरानी जैसे महान कलाकार के साथ स्क्रीन साझा करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने बताया कि असरानी न सिर्फ बेहतरीन अभिनेता थे, बल्कि एक ऐसे एंटरटेनर भी थे जो अपनी अदाकारी से बड़े से बड़े दर्शक समूह को लगातार हंसा और बांधे रख सकते थे। राजपाल यादव ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में कई कलाकारों के साथ काम किया है, लेकिन असरानी जैसा एंटरटेनर उन्होंने बहुत कम देखा है। उनके मुताबिक असरानी में ऐसी अद्भुत ऊर्जा थी कि वह 200-250 लोगों के सामने बैठकर सिर्फ अपनी परफॉर्मेंस के दम पर एक घंटे तक सभी का मनोरंजन कर सकते थे। उन्होंने कहा कि भूत बंगला में असरानी के साथ काम करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। राजपाल ने यह भी बताया कि फिल्म की यादें उनके दिल के बेहद करीब हैं, क्योंकि यह उनके लिए उस दिग्गज कलाकार के साथ बिताया गया अनमोल समय है। राजपाल यादव ने आगे कहा कि आज असरानी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन भूत बंगला में उनका किरदार और उनकी मौजूदगी हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेगी। उन्होंने कहा कि यह फिल्म और उसका किरदार कहीं न कहीं असरानी की यादों को समर्पित है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जब दर्शक इस फिल्म को देखेंगे तो उन्हें असरानी की शानदार कॉमिक टाइमिंग और अभिनय की झलक जरूर देखने को मिलेगी। गौरतलब है कि दिग्गज अभिनेता असरानी का निधन पिछले साल 20 अक्तूबर को 84 वर्ष की उम्र में हुआ था। हिंदी सिनेमा में उनकी पहचान एक बेहतरीन कॉमेडियन और चरित्र अभिनेता के रूप में रही है। उनकी अदाकारी ने कई पीढ़ियों के दर्शकों को हंसाया और मनोरंजन किया। फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन के बारे में बात करते हुए राजपाल यादव ने उन्हें कॉमेडी का जादूगर बताया। उन्होंने कहा कि प्रियदर्शन की फिल्मों में मनोरंजन का खास अंदाज होता है। भूत बंगला भी उसी शैली की फिल्म है जिसमें कॉमेडी और डर दोनों का दिलचस्प मिश्रण देखने को मिलेगा। राजपाल ने कहा कि फिल्म दर्शकों को एक साथ हंसाने और डराने का काम करेगी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह उन्हें पूरी तरह मनोरंजन से जोड़े रखेगी। प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ तब्बू, वामिका गब्बी, परेश रावल, राजपाल यादव और असरानी सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। फिल्म का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है, जिसे दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। यह हॉरर-कॉमेडी फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है और दर्शकों को इससे भरपूर मनोरंजन की उम्मीद है।
Pakistan vs Bangladesh: बांग्लादेशी कप्तान ने गलत किया, ‘रन आउट’ विवाद में सलमान आगा के पक्ष में बोले मोहम्मद कैफ

Pakistan vs Bangladesh: नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने शुक्रवार को बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच में पाकिस्तान के बल्लेबाज सलमान अली आग को दिए गए रन आउट के फैसले को खेल भावना के विपरीत माना है। कैफ ने इस मामले में बांग्लादेशी कप्तान मिराज की हरकत को गलत बताया है। मोहम्मद कैफ ने एक्स पर लिखा, “यह बिल्कुल सही नहीं था। विकेट लेने का यह तरीका किसी भी तरह से सही नहीं है। वो भी कप्तान ने ऐसा किया। युवाओं ध्यान रखो, अगर वर्ल्ड कप फाइनल भी दांव पर लगा हो तब भी वो नहीं करना जो बांग्लादेशी कप्तान ने किया। खेल बिना खेल भावना के खेल नहीं है। कैफ ने कहा कि बांग्लादेशी कप्तान ने जो किया, वो यह नहीं करना चाहिए था। घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर घटी। मेहदी हसन मिराज की गेंद को मोहम्मद रिजवान ने गेंदबाज की दिशा में खेला। गेंद पकड़ने की कोशिश में मिराज नॉन स्ट्राइक वाली क्रीज से बाहर खड़े सलमान अली आगा से लड़ गए। गेंद रुक गई थी इसलिए आगा ने सिंगल लेने का इरादा छोड़ दिया और गेंद खुद उठाकर मिराज को देने लगे। इतने में मिराज ने गेंद लेकर विकेट पर दे मारा। आगा क्रीज के बाहर थे और अपील के बाद उन्हें तीसरे अंपायर ने रन आउट करार दिया। आगा गेंद गेंदबाज को देने की कोशिश कर रहे थे और उन्हें रन आउट दे दिया गया। मेहदी हसन का यह बर्ताव सलमान आगा को बिल्कुल पसंद नहीं आया। वह उनसे मैदान पर ही भिड़ गए। थर्ड अंपायर द्वारा रन आउट करार दिए जाने के बाद सलमान नाखुश दिखे और पेवेलियन जाते हुए गुस्से में अपना ग्लव्स और हेलमेट फेंकते हुए दिखे। मैच के बाद आगा ने कहा, “मुझे लगता है कि खेल भावना होनी चाहिए। वह मेहदी को गेंद वापस देने की कोशिश कर रहे थे। ऐसी स्थिति में इसे डेड करार दिया जा सकता था।” उन्होंने कहा, “गेंद मेरे पैड पर और फिर मेरे बैट पर लगी। इसलिए मुझे लगा कि वह अब मुझे रन-आउट नहीं कर सकते, क्योंकि बॉल पहले ही मेरे पैड और मेरे बैट पर लग चुकी थी। मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। मैं रन नहीं ढूंढ रहा था, लेकिन उसने पहले ही रन-आउट करने का फैसला कर लिया। मैं इसे अलग तरह से करता। मैं खेल भावना के लिए जाता। हमने पहले ऐसा कुछ नहीं किया है, और भविष्य में भी ऐसा कभी नहीं करेंगे।” मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने माज सदाकत (75), आगा (64), और रिजवान (44) की मदद से 274 रन बनाए थे। बारिश की वजह से बांग्लादेश को डीएलएस नियम के तहत 32 ओवर में 243 का लक्ष्य दिया गया था। बांग्लादेश 114 रन पर सिमट गई और 128 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई।
JABALPUR TATA SUMO FIRE: जबलपुर में टाटा सूमो में लगी आग, सोता व्यक्ति जिंदा जल गया; पास की दुकान भी राख

JABALPUR TATA SUMO FIRE: जबलपुर। सिहोरा में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। स्थानीय वार्ड नंबर-3 में खड़ी पुरानी टाटा सूमो में सो रहे एक व्यक्ति की मच्छर भगाने के लिए जलाई गई अगरबत्ती (Mosquito Coil) से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने सूमो को पूरी तरह घेर लिया और पास की एक दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। दुकान जलकर खाक हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक कई सालों से इस पुरानी सूमो में ही रह रहा था। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया और अक्सर गाड़ी के पास ही खाना बनाता तथा रात में उसी में सोता था।स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक कई सालों से इस पुरानी सूमो में ही रह रहा था। वह मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया गया और अक्सर गाड़ी के पास ही खाना बनाता तथा रात में उसी में सोता था। सूमो के अंदर बड़ी मात्रा में पन्नियां और ज्वलनशील कचरा भरा हुआ था, जिसने आग को तेजी से फैलाने में मदद की। जब व्यक्ति बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था, तब तक आग ने पूरी गाड़ी को घेर लिया और शख्स अंदर ही फंस गया। दम घुटने और बुरी तरह झुलसने के कारण उसकी मौत हो गई। आसपास के लोग धुआं और आग की लपटें देखकर तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी और खुद भी आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। घटना के समय सूमो पुरानी और ज्वलनशील कचरे से भरी होने के कारण आग की लपटें तेजी से फैल गईं। आसपास के लोग बताते हैं कि व्यक्ति अकेला रहता था और उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। घटना ने इलाके में खौफ और सहानुभूति दोनों पैदा कर दी है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे भड़की और क्यों व्यक्ति समय रहते बाहर नहीं निकल पाया। स्थानीय लोग भी इस घटना को मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की सुरक्षा और ज्वलनशील वस्तुओं की अनदेखी का नतीजा बता रहे हैं।
Aryna Sabalenka in Finals: इंडियन वेल्स मास्टर्स: आर्यना सबालेंका फाइनल में पहुंची, लिंडा नोस्कोवा को 6-3, 6-4 से हराया

Aryna Sabalenka in Finals: नई दिल्ली। आर्यना सबालेंका ने इंडियन वेल्स मास्टर्स के फाइनल में जगह बना ली है। सबालेंका ने लिंडा नोस्कोवा को 6-3, 6-4 से हराकर तीसरी बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। सबालेंका ने पहली बार इंडियन वेल्स का सेमीफाइनल खेल रही 21 साल की लिंडा नोस्कोवा के खिलाफ मैच की शुरुआत से ही अपनी पकड़ बना ली थी। सबालेंका ने डबल-ब्रेक में 5-1 की बढ़त बना ली और बेहद कम समय में सेट जीत लिया। चेक खिलाड़ी ने दूसरे सेट के आखिर में मैच में अपनी पकड़ बना ली। उन्होंने अपनी सर्विंग की काबिलियत दिखाई, जब उन्होंने दो ब्रेक पॉइंट बचाकर स्कोर 3-2 कर दिया, और स्कोर सिर्फ एक ब्रेक तक ही सीमित रखा। नोस्कोवा ने दूसरे सेट में सबालेंका की सर्विंग के समय 4-3, 30-40 पर एक ब्रेक पॉइंट भी हासिल किया, लेकिन लगातार तीन बड़ी सर्व ने दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी को 6-3, 5-3 से जीत की कगार पर पहुंचा दिया। दो गेम बाद सबालेंका ने ओपन कोर्ट में फोरहैंड विनर मारकर मैच एक घंटे 28 मिनट में खत्म कर दिया। जीत के बाद सबालेंका ने कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन मैं अपने पिछले कुछ फाइनल यहीं हार गई थी। मैं पक्का करूंगी कि रविवार को पूरी तरह तैयार रहूं। मैं अपना श्रेष्ठ टेनिस खेलूंगी ताकि यह साल मेरे लिए अच्छा रहे।” सबालेंका 2 बार इंडियन वेल्स का फाइनल हार चुकी हैं। रविवार को फाइनल में उनका सामना एलेना रिबाकिना से होगा। नोस्कोवा पर सबालेंका की सेमीफाइनल जीत इंडियन वेल्स में उनके करियर की 20वीं जीत है। सबालेंका पहली दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी हैं जो 1989 में टूर्नामेंट शुरू होने के बाद से लगातार सालों में फाइनल में पहुंची हैं और विक्टोरिया अजारेंका के साथ इंडियन वेल्स फाइनल में तीन अलग-अलग बार पहुंचने वाली केवल दो सक्रिय खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं।
Korean rapper viral video: कोरियाई रैपर पार्क मिन जून ने शिव तांडव स्तोत्र को दिया के हिप हॉप अंदाज, श्रद्धा और रैप का अनोखा संगम हुआ वायरल

Korean rapper viral video: नई दिल्ली । संगीत की दुनिया में सीमाएं अक्सर धुंधली हो जाती हैं और अलग अलग संस्कृतियों का मेल कई बार ऐसे अद्भुत प्रयोग सामने लाता है, जो लोगों को चौंका भी देता है और प्रभावित भी करता है। हाल ही में दक्षिण कोरियाई रैपर पार्क मिन जून, जिन्हें उनके स्टेज नाम औऱा से भी जाना जाता है, ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। उन्होंने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के अत्यंत शक्तिशाली और प्रसिद्ध मंत्र शिव तांडव स्तोत्र को अपने खास के हिप हॉप अंदाज में प्रस्तुत किया और देखते ही देखते यह प्रस्तुति सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पार्क मिन जून की इस प्रस्तुति की खासियत यह रही कि उन्होंने शिव तांडव स्तोत्र की पारंपरिक लय और संस्कृत उच्चारण की गरिमा को बनाए रखते हुए उसमें अपने रैप के बोलों को बेहद संतुलित तरीके से पिरोया। एक ओर भगवान शिव की स्तुति में गूंजते संस्कृत के शक्तिशाली शब्द थे, तो दूसरी ओर तेज हिप हॉप बीट्स और रैप की ऊर्जा ने इस प्रस्तुति को आधुनिक संगीत का नया रूप दे दिया। भारतीय आध्यात्मिक संगीत और कोरियाई हिप हॉप का यह अनोखा क्रॉस ओवर श्रोताओं को इतना पसंद आया कि वीडियो तेजी से वायरल होने लगा और लोग इस पर जमकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पार्क मिन जून ने इस वीडियो को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा करते हुए भारत के प्रति अपने लगाव को भी जाहिर किया। उन्होंने लिखा कि जब वह पहली बार दिल्ली आए थे, तब उन्हें यहां की ऊर्जा और लोगों का अपनापन बहुत खास लगा था। इसके बाद उन्होंने मुंबई समेत भारत के कई अन्य शहरों की यात्रा की, जहां उन्हें कई यादगार अनुभव मिले और लोगों से भरपूर प्यार मिला। उन्होंने कहा कि वह इन सभी अनुभवों और स्नेह के लिए ईश्वर के आभारी हैं और अभी भी भारत की संस्कृति और आध्यात्म के बारे में बहुत कुछ सीखना चाहते हैं। अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि यह गीत केवल एक संगीत प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक प्रार्थना की तरह है। उन्होंने इसे उन सभी लोगों को समर्पित किया है, जो उनकी इस यात्रा का हिस्सा रहे हैं। पार्क मिन जून को उम्मीद है कि उनकी यह प्रस्तुति लोगों के दिलों तक पहुंचेगी और संगीत के जरिए संस्कृतियों के बीच एक खूबसूरत सेतु बनेगी। बता दें कि पार्क मिन जून दक्षिण कोरिया की मनोरंजन इंडस्ट्री का एक जाना पहचाना नाम हैं। पिछले करीब 13 वर्षों से वह सिंगर और रैपर के रूप में सक्रिय हैं और कई लोकप्रिय गाने दे चुके हैं। भारत के साथ उनका जुड़ाव भी खास माना जाता है। वह भारतीय दर्शकों के बीच तब और चर्चित हुए जब उन्होंने रियलिटी शो बिग बॉस 17 में हिस्सा लिया। इसके अलावा वह एक डांसिंग रियलिटी शो में भी नजर आ चुके हैं। अब शिव तांडव स्तोत्र पर उनकी यह अनोखी प्रस्तुति यह साबित करती है कि संगीत सचमुच किसी एक संस्कृति या देश की सीमा में बंधा नहीं होता।
MP LPG crises: रायसेन में चक्काजाम, भोपाल में डॉक्टरों को भूखे पेट ड्यूटी का खतरा

MP LPG crises: भोपाल। मध्य प्रदेश में एलपीजी संकट लगातार गहराता जा रहा है। प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल और रेस्टॉरेंट पिछले पांच दिनों से कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई न मिलने से जूझ रहे हैं। कई होटलों में केवल 24 घंटे का स्टॉक बचा है, जिससे खान-पान व्यवस्था ठप होने के कगार पर है। लोग वैकल्पिक तौर पर इंडक्शन और डीजल भट्ठियों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन घरेलू रसोई और हॉस्पिटल किचन की समस्याएं और भयावह हो गई हैं। सबसे ज्यादा उग्र स्थिति रायसेन में देखने को मिली। सागर रोड स्थित गैस एजेंसी पर सुबह 5 बजे से कतार में खड़े सैकड़ों लोगों का धैर्य जवाब दे गया। सुबह 10 बजे तक एजेंसी नहीं खुली तो लोगों ने खाली सिलेंडर सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। एक महिला ने कहा, “मैं सुबह 7 बजे ही घर का सारा काम छोड़ एजेंसी पहुंच गई थी। घर में न चाय बनी, न बच्चों के लिए खाना। खाली सिलेंडर लेकर दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।” रायसेन में चक्काजाम की सूचना पर एसडीएम और तहसीलदार भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और उपभोक्ताओं को समझाइश देकर शांत किया। प्रदर्शन के कारण सागर रोड पर लंबी वाहनों की कतारें लग गईं और आवागमन बाधित रहा। एजेंसी संचालक का कहना है कि भोपाल से आ रहा सिलेंडर ट्रक रास्ते में पंक्चर हो गया था, इसलिए डिलीवरी में देरी हुई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि ट्रक पहुंचते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा। राजधानी भोपाल में भी हालात गंभीर हैं। गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) में एलपीजी संकट के कारण हॉस्टल मेस, जेडीए कैंटीन और मरीजों के सेंट्रलाइज्ड किचन की प्रोडक्शन क्षमता 50% तक घट गई है। मेस संचालकों को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे, बुकिंग पर 25 दिन की वेटिंग दी जा रही है। वैकल्पिक उपाय के तौर पर डीजल भट्ठियों का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन उन पर चाय और रोटी बनाना संभव नहीं। संकट बढ़ता रहा तो रेजिडेंट डॉक्टरों को खाली पेट ड्यूटी करनी पड़ सकती है, जिसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। एलपीजी संकट ने राज्य में खाद्य सुरक्षा, रेस्टॉरेंट व्यवसाय और हॉस्पिटल संचालन को सीधे प्रभावित कर दिया है।
Salman agha controversy: रन-आउट विवाद के बाद सलमान आगा का बड़ा बयान, बोले– अभी तक मेहदी से सुलह नहीं हुई

Salman agha controversy: नई दिल्ली। सलमान अली आगा ने ढाका वनडे में हुए विवादित रन-आउट को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और बांग्लादेश राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के बीच खेले गए इस मुकाबले के बाद यह घटना क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गई है। मैच के बाद मीडिया से बातचीत में आगा ने कहा कि उनके हिसाब से इस तरह की स्थिति में खेल भावना को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि वह गेंद बढ़ाकर बांग्लादेश के कप्तान को वापस देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उसी दौरान उन्हें रन-आउट कर दिया गया। आगा ने कहा, “मुझे लगता है कि खेल भावना होनी चाहिए। मैं मेहंदी को गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। ऐसी स्थिति में इसे डेड बॉल भी करार दिया जा सकता था।” “मैं रन लेने की कोशिश नहीं कर रहा था” आगा ने पूरी घटना को विस्तार से बताया कि गेंद पहले उनके पैड और फिर बैट पर लगी थी। इसी वजह से उन्हें लगा कि अब गेंद खेल में एक्टिव नहीं रह रही है और वे बस गेंद बढ़ाकर वापस देने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, “गेंद मेरे पैड पर और फिर मेरे बैट पर लगी। इसलिए मुझे लगा कि वह अब मुझे रन-आउट नहीं कर सकते। मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। मैं रन ढूंढ नहीं रहा था, लेकिन उन्होंने पहले ही रन-आउट करने का फैसला कर लिया। हालांकि आगा ने यह भी माना कि बांग्लादेश की टीम ने नियमों के भीतर रहते हुए ही यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें लगता है कि यह सही है तो यह उनका फैसला है, लेकिन वह खुद ऐसी स्थिति में अलग-अलग तरीकों से व्यवहार करते। गुस्से पर भी दी सफाई रन-आउट होने के बाद सलमान अली आगा काफी नाराज़ नज़र आए थे। उन्होंने गुस्से में अपने ग्लव्स और हेलमेट भी फेंक दिए थे और मैदान पर बांग्लादेशी खिलाड़ियों से भिड़ंत बहस भी हुई थी। इस पर सफाई देते हुए आगा ने कहा कि उस समय वह भावनाओं में बह गए थे। उन्होंने माना कि उस पल में उनकी प्रतिक्रिया गुस्से में आई और शायद कुछ चीज़ों को अलग-अलग तरीकों से संभाला जा सकता था। लिटन दास से भी हुई बहस इस घटना के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ी और बांग्लादेश के विकेटकीपर लिटन दास के बीच भी भिड़ंत बहस देखने को मिली थी। आगा ने इस पर कहा, “मुझे याद नहीं कि मैं क्या कह रहा था और वह क्या कह रहे थे। मुझे यकीन है कि मैं अच्छी बातें नहीं कह रहा था और वह भी नहीं कह रहे थे। लेकिन वह उस पल की गर्मी थी, इसलिए अब सब ठीक है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक उनकी मेहदी हसन मिराज से सुलह नहीं हुई है, लेकिन वह जल्द ही उनसे बात करेंगे। विवादित रन-आउट कैसे हुआ था यह घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर हुई। बॉलिंग कर रहे थे मेहदी हसन मिराज और स्ट्राइक पर थे मोहम्मद रिजवान। रिजवान ने बॉल को हल्के हाथों से बॉलर की दिशा में खेला। बॉल पकड़ने की कोशिश में मिराज और नॉन-स्ट्राइकर एंड पर खड़े होकर टक्कर मार दी। बॉल रुक गई थी, इसलिए आगा ने रन लेने का इरादा छोड़ दिया और बॉल बढ़कर मिराज को देने लगे। इस बीच मिराज ने बॉल लेकर सीधे स्टिफ्ट्स पर थ्रो कर दिया। उस समय आगा क्रीज से बाहर थे। बांग्लादेशी खिलाड़ियों की अपील के बाद मामला तीसरे अंपायर के पास गया और उन्हें रन-आउट दे दिया गया। पाकिस्तान ने मैच जीता मैच की बात करें तो पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान नेशनल क्रिकेट टीम ने 50 ओवर में 274 रन बनाए। टीम के लिए माज सदाकत ने 75 रन, सलमान अली आगा ने 64 रन और मोहम्मद रिजवान ने 44 रन की अहम पारी खेली। बारिश के कारण लक्ष्य को डीएलएस नियम के तहत अधिकृत किया गया और बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 32 ओवर में 243 रन का लक्ष्य मिला। हालांकि बांग्लादेश की टीम 114 रन पर ही सिमट गई और पाकिस्तान ने 128 रन से मुकाबला जीत लिया। ढाका वनडे में पाकिस्तान की बड़ी जीत के बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा सलमान आगा के विवादित रन-आउट को लेकर हो रही है। आगा ने साफ कहा है कि वे अभी तक मेहदी हसन मिराज से सुलह नहीं की है, लेकिन जल्द ही उनसे बातचीत कर इस विवाद को खत्म करने की कोशिश करेंगे।
Cricket Controversy: बांग्लादेश के कप्तान मेहदी हसन मिराज ने सलमान आगा के विवादित रन-आउट पर दी सफाई

Cricket Controversy: नई दिल्ली। मेहदी हसन मिराज की कप्तानी वाली बांग्लादेश नेशनल क्रिकेट टीम और पाकिस्तान नेशनल क्रिकेट टीम के बीच शुक्रवार को ढाका के शेर-ए-बांग्ला नेशनल क्रिकेट स्टेडियम में वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया। मैच में पाकिस्तान ने शानदार जीत हासिल करते हुए सीरीज 1-1 से बराबर कर ली, लेकिन मुकाबले के नतीजे से ज्यादा चर्चा एक विवादित रन-आउट को लेकर हो रही है। यह रन-आउट पाकिस्तान के ऑलराउंडर सलमान अली आगा का था, जिसे कई लोगों ने खेल भावना के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट एक्सपोर्ट्स तक इस घटना पर बहस छिड़ गई। पाकिस्तान के खिलाड़ी भी इस फैसले से खासे नाराज नजर आए और मैच के बाद भी इस पर नतीजे आते रहे। कैसे हुआ विवादित रन-आउट? यह घटना पाकिस्तान की पारी के 39वें ओवर की चौथी गेंद पर हुई। उस समय गेंदबाजी कर रहे थे मेहदी हसन मिराज और स्ट्राइक पर थे मोहम्मद रिजवान। रिजवान ने गेंद को हल्के हाथों से गेंदबाज की दिशा में खेल दिया। गेंद को पकड़ने की कोशिश में मिराज और नॉन-स्ट्राइकर एंड परस्टैंड सलमान अली आगा आये में टक्कर मारे गए। गेंद वहीं रुक गई थी और आगा ने रन लेने का इरादा छोड़ दिया। वह गेंद बढ़ने मिराज को देने लगे, लेकिन इसी बीच मिराज ने गेंद लेकर सीधे स्टंप पर थ्रो कर दिया। उस समय आगा क्रीज के बाहर खड़े थे। बांग्लादेशी खिलाड़ियों ने तुरंत अपील की और मामला तीसरे अंपायर के पास गया। रीप्ले देखने के बाद तीसरे अंपायर ने आगा को रन-आउट करार दे दिया। इस फैसले के बाद मैदान पर ही बहस शुरू हो गई और कई लोगों ने इसे खेल भावना के खिलाफ बताया। कैप्टन मिराज ने अपनी सफाई दी मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांग्लादेश के कैप्टन मेहदी हसन मिराज ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी खिलाड़ी को गलत तरीके से आउट करना नहीं था। मिराज ने कहा, “मेरा इरादा सिर्फ गेंद को रोकने और संभावित रन को बचाने का था। वह क्रीज से बाहर थे और मैं गेंद की तरफ जा रहा था। अगर मैं गेंद को मिस कर देता तो वह आसानी से रन ले सकते थे, इसलिए मैंने स्टंप पर थ्रो करने का फैसला किया।” उनके अनुसार यह पूरी तरह खेल की स्थिति के हिसाब से लिया गया फैसला था और इसमें कोई गलत भावना शामिल नहीं थी। हालांकि, क्रिकेट फैंस और एथलीटों के बीच इस पर बहस अभी भी जारी है। पाकिस्तान खिलाड़ियों की नाराजगी रन-आउट के बाद सलमान अली आगा काफी नाराज दिखे। पवेलियन लौटते समय उन्होंने गुस्से में अपने ग्लव्स और हेलमेट भी फेंक दिए। मैदान पर मौजूद पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने भी इस फैसले पर नाराजगी जताई। कमेंट्री कर रहे पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज राजा ने भी इस घटना पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में खेल भावना सबसे अहम होती है और खिलाड़ियों को ऐसे मौकों पर सावधानी बरतनी चाहिए। पाकिस्तान ने दर्ज की बड़ी जीत अगर मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने 50 ओवर में 274 रन बनाए। टीम के लिए माज सदाकत ने 75 रन, सलमान अली आगा ने 64 रन और मोहम्मद रिजवान ने 44 रन की अहम पारी खेली। बारिश के कारण लक्ष्य को डीएलएस नियम के तहत अधिकृत किया गया और बांग्लादेश राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को 32 ओवर में 243 रन का लक्ष्य मिला। हालांकि बांग्लादेश की पूरी टीम 114 रन पर ही सिमट गई और पाकिस्तान ने 128 रन के बड़े अंतर से मैच जीत लिया। ढाका वनडे में पाकिस्तान की बड़ी जीत के बावजूद सबसे ज्यादा चर्चा सलमान आगा के विवादित रन-आउट की हो रही है। कप्तान मेहदी हसन मिराज ने अपनी सफाई दे दी है, लेकिन यह घटना क्रिकेट में खेल भावना और नियमों को लेकर एक नई बहस जरूर छेड़ गई है।