शाहरुख और एटली के लिए हां, विजय सेतुपति का ‘जवान’ विलेन बनने का सच..

नई दिल्ली:साल 2023 के अंत में रिलीज हुई एटली निर्देशित फिल्म ‘जवान’ ने बॉक्स ऑफिस पर धमाका कर दिया और 1100 करोड़ से अधिक का कलेक्शन हासिल किया। इसी फिल्म में विजय सेतुपति ने विलेन काली गायकवाड़ का किरदार निभाया, जो दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों के बीच काफी सराहा गया। हाल ही में एक इंटरव्यू में विजय ने खुलासा किया कि आखिर उन्होंने ‘जवान’ के लिए हां क्यों की थी और किस वजह से इस चुनौतीपूर्ण रोल को अपनाया। वैराइटी इंडिया के साथ बातचीत में विजय सेतुपति ने कहा कि इस फिल्म में उनकी एंट्री केवल दो खास शख्सियतों की वजह से हुई। पहला नाम था फिल्म के निर्देशक एटली, जिनके काम करने का तरीका उन्हें बेहद पसंद है। विजय बताते हैं कि एटली को पता होता है कि किसी सीन या शॉट को कैसे ऊंचाई देनी है और उसे दर्शकों के लिए रोचक बनाना है। उनके सीन्स पर उन्हें पूरा भरोसा रहता है, और यही उनकी कार्यशैली विजय को बहुत आकर्षित करती है। दूसरी वजह थी खुद शाहरुख खान के साथ स्क्रीन शेयर करने का मौका। विजय सेतुपति ने कहा कि शाहरुख सर के साथ काम करना उनके लिए एक बड़ी प्रेरणा थी। उन्होंने खुलकर बताया, ‘फिर जाहिर है, बात शाहरुख सर की भी थी, तो बस उन्हीं के लिए मैंने यह फिल्म की।’ इस प्रकार, केवल इन दो अहम कारणों ने उन्हें बिना देर किए फिल्म साइन करने के लिए प्रेरित किया। फिल्म में विजय का किरदार खतरनाक और दमदार था। उन्होंने काली गायकवाड़ के रोल को बखूबी निभाया और नयनतारा व दीपिका पादुकोण जैसे स्टार्स के साथ अहम दृश्य साझा किए। उनके विलेन अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस ने फिल्म में टेंशन और थ्रिल को बढ़ा दिया। इस भूमिका के लिए विजय को काफी प्रशंसा मिली और दर्शकों ने उन्हें शानदार विलेन के रूप में स्वीकार किया। ‘जवान’ में शाहरुख खान का प्रदर्शन भी यादगार रहा। लंबे ब्रेक के बाद शाहरुख की वापसी ने बॉक्स ऑफिस पर चार चांद लगाए और उन्हें इस फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिला, जो उनके दशकों लंबे करियर का पहला अवॉर्ड था। फिल्म में साउथ और नॉर्थ का अनोखा कॉम्बिनेशन देखने को मिला, जिससे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में इस प्रोजेक्ट की अलग पहचान बनी। विजय सेतुपति के अनुसार, एटली और शाहरुख के साथ काम करना उनके करियर के लिए एक यादगार अनुभव रहा। उन्होंने इस रोल को चुनकर साबित किया कि सही निर्देशक और सही को-स्टार मिलने पर अभिनेता किसी भी चुनौतीपूर्ण भूमिका को बखूबी निभा सकता है। इस फिल्म ने न केवल विजय के करियर को एक नई ऊंचाई दी, बल्कि दर्शकों को एक दमदार विलेन का अनुभव भी दिया।
भक्ति और सात्विकता बनाए रखें, नवरात्रि में इन वस्तुओं से रहें दूर….

नई दिल्ली: चैत्र नवरात्रि 2026 का पर्व न केवल भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि यह आध्यात्मिक अनुशासन और सात्विक जीवनशैली को अपनाने का अवसर भी है। इन नौ दिनों के दौरान देवी मां दुर्गा की पूजा और आराधना के साथ-साथ जीवन में पवित्रता बनाए रखना अनिवार्य माना गया है। धार्मिक शास्त्रों और प्राचीन मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान कुछ विशेष वस्तुओं की खरीदारी वर्जित होती है, क्योंकि इन्हें अशुभता या नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। सबसे पहले चमड़े के सामान की बात करें तो नवरात्रि के दौरान बेल्ट, वॉलेट, बैग या जूते जैसी चीज़ें खरीदना अशुभ माना जाता है। चूंकि ये उत्पाद जानवरों की खाल से बनते हैं, इसलिए यह त्योहार उनके उपयोग या खरीदारी के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। यह पर्व भक्ति, करुणा और आत्म-शुद्धि पर केंद्रित है, और चमड़े की वस्तुएं इस पवित्रता के सिद्धांत के विपरीत मानी जाती हैं। इसके अलावा शराब का सेवन या खरीदारी पूरी तरह वर्जित है। नवरात्रि का त्योहार आत्म-अनुशासन, भक्ति और आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है, इसलिए शराब जैसी चीज़ें घर के पवित्र माहौल को बिगाड़ सकती हैं। मांसाहारी भोजन, मछली या अंडे जैसी वस्तुओं से भी परहेज़ किया जाता है। इसके बजाय सात्विक और हल्का भोजन प्राथमिकता में रहता है, जो उपवास और प्रार्थना के दौरान शरीर को विषमुक्त करता है। काले रंग के कपड़े खरीदने से भी बचा जाता है, क्योंकि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान लाल, पीला, सफेद जैसे चमकीले और शुभ रंग पहनने की परंपरा है। इसी तरह, धारदार वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची या अन्य तेज़ सामान खरीदने से भी बचा जाता है। शास्त्रों के अनुसार ये संघर्ष और नकारात्मकता का प्रतीक होती हैं, जो त्योहार के शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। लोहे की वस्तुएं भी नवरात्रि के दौरान खरीदने योग्य नहीं मानी जातीं। कुछ सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुसार लोहे की चीज़ों में भारी और कठोर ऊर्जा होती है, जो भक्ति और शुद्धि के माहौल के विपरीत होती हैं। प्याज और लहसुन से भी परहेज़ किया जाता है, क्योंकि इन्हें तामसिक भोजन की श्रेणी में रखा गया है। सात्विक सामग्री का सेवन न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है, बल्कि यह पूजा और प्रार्थना के दौरान मानसिक और आध्यात्मिक शांति भी प्रदान करता है। आख़िर में, तंबाकू, सिगरेट, गुटखा या तंबाकू युक्त पान जैसी चीज़ें भी नवरात्रि में वर्जित मानी जाती हैं। यह त्योहार शरीर और मन की शुद्धि, आत्म-अनुशासन और भक्ति की भावना को बढ़ावा देता है, और इन चीज़ों की खरीदारी इसे प्रभावित कर सकती है। इसलिए, चैत्र नवरात्रि के नौ पवित्र दिनों में इन वस्तुओं से दूर रहकर आप न केवल मां दुर्गा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने जीवन में सात्विकता और आध्यात्मिक शांति भी बनाए रख सकते हैं।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान आज, चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस थोड़ी देर में

नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान आज किया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए भारत निर्वाचन आयोग थोड़ी देर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। इसके साथ ही इन सभी राज्यों में आचार संहिता भी लागू हो जाएगी। चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस **विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इस दौरान ज्ञानेश कुमार (मुख्य चुनाव आयुक्त), सुखबीर सिंह संधू और राजीव कुमार चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में चुनाव दो-दो चरणों में कराए जा सकते हैं, जबकि केरल और पुडुचेरी में एक चरण में मतदान हो सकता है। पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई 2026 तक समाप्त हो रहा है, इसलिए उससे पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पिछली बार कैसे हुए थे चुनावसाल 2021 के विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग ने 26 फरवरी को चुनाव कार्यक्रम घोषित किया था। उस समय पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में मतदान कराया गया था, जबकि असम में 3 चरण और तमिलनाडु, केरल तथा पुडुचेरी में एक ही चरण में मतदान हुआ था। मतदाता सूची में बदलावइस बार चुनाव से पहले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया है। इसमें तमिलनाडु में सबसे अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के समय राज्य में 6,41,14,587 मतदाता पंजीकृत थे। लगभग चार महीने चली इस प्रक्रिया के बाद 74,07,207 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जिसके बाद राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता रह गए हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में लगभग 58 लाख, केरल में करीब 8 लाख, असम में करीब 2 लाख और पुडुचेरी में लगभग 77 हजार मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। चुनाव से पहले सियासी हलचलचुनाव तारीखों की घोषणा से कुछ घंटे पहले ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में दो अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया। इसके साथ ही राज्य सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) बकाया चुकाने की भी घोषणा की। राज्यों में राजनीतिक चुनौतीपांचों राज्यों में चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल काफी सक्रिय है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के सामने भारतीय जनता पार्टी मुख्य चुनौती मानी जा रही है। अगर इस बार भी उनकी पार्टी जीतती है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने वाली पहली महिला नेता बन सकती हैं। भाषा, केंद्र की योजनाएं, विचारधारा और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई जैसे मुद्दे इन चुनावों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
चित्तौड़गढ़ में योगी का अभिभूत संबोधन, मातृभूमि और नारी शक्ति का संदेश..

नई दिल्ली /चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक किले पर आयोजित जौहर श्रद्धांजलि समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मातृभूमि की वीरता और नारी शक्ति को नमन किया। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने मेवाड़ की पावन मिट्टी को शीश नवाते हुए कहा कि वे केवल इतिहास का स्मरण करने नहीं आए हैं, बल्कि उस महान भूमि से साक्षात्कार करने आए हैं जिसने अपने खून से देश के लिए बलिदान किया। सीएम ने कहा कि चित्तौड़गढ़ की जौहर भूमि देश की आत्मा है और यह युगों-युगों तक राष्ट्रभक्ति और समर्पण की प्रेरणा देती रहेगी। योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से नारी शक्ति और मातृ शक्ति के अदम्य साहस पर बल दिया। उन्होंने जौहर की ज्वाला को याद करते हुए झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान का उल्लेख किया और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। सीएम ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश महिलाओं के दृष्टिकोण से पूरी तरह सुरक्षित राज्य बन चुका है और यह आयोजन यह दर्शाता है कि देश की हर नारी और बेटी को सुरक्षा और सम्मान की गारंटी मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि मातृ शक्ति का साहस अतीत में अजय था और भविष्य में भी अजय बना रहेगा। चुनौतियों का डटकर सामना करना ही सनातन की मर्यादा है। देश की वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद की राजनीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जातिवाद की राजनीति देश की नींव को कमजोर कर रही है और राष्ट्र की प्रगति के लिए काम न करने वाले लोग समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे इस प्रकार के मतभेदों से ऊपर उठें और देश की एकता और सुरक्षा के लिए एकजुट हों। संबोधन के दौरान योगी आदित्यनाथ ने सनातन संस्कृति और उसकी मर्यादा को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सनातन की परंपराएं अमर हैं और दुनिया की कोई भी शक्ति इन्हें मिटा नहीं सकती। मेवाड़ के वीर और वीरांगनाओं के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने बताया कि यह इतिहास हमें सिखाता है कि आत्मसम्मान के लिए कैसी भी कुर्बानी दी जा सकती है। सीएम ने कालिका माता मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है और इस पावन भूमि से उन्हें नई ऊर्जा मिली। अपने उद्बोधन के अंत में योगी आदित्यनाथ ने चित्तौड़गढ़ के हर वीर और वीरांगना को नमन किया जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि जौहर मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने का माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान हजारों लोग ‘जय जौहर’ और ‘जय श्री राम’ के नारों के साथ सीएम का स्वागत करते दिखे। यह समारोह एक बार फिर मेवाड़ की धरती पर राष्ट्रीय गौरव और वीरता की भावना को प्रज्वलित करने वाला रहा।
गौरी, किरण राव और बच्चे मौजूद, इरफान पठान ने शेयर किया खास वीडियो..

नई दिल्ली:बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान ने 14 मार्च को अपना 61वां जन्मदिन बेहद खास अंदाज में मनाया। इस मौके पर घर की शांति और परिवार की गर्मजोशी ने माहौल को और खास बना दिया। आमिर के जन्मदिन पर परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे, जिसमें उनकी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट, पूर्व पत्नी किरण राव और बच्चे जुनैद, इरा और आजाद शामिल थे। इस खास मौके पर कुछ करीबी दोस्त और पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान भी आमिर के साथ जश्न में शामिल हुए। इरफान पठान ने इस सेलिब्रेशन का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया। वीडियो में आमिर खान केक काटते हुए नजर आए और उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। वीडियो के कैप्शन में इरफान ने लिखा, आमिर भाई को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। इरा खान को अगत्सु फाउंडेशन के जरिए मेंटल हेल्थ के लिए अवेयरनेस और सपोर्ट पर काम करते देखना अच्छा लगा। इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर फैंस का दिल जीत लिया और बधाइयों की लड़ी लग गई। इस अवसर ने यह भी दिखाया कि आमिर खान अपने निजी जीवन में कितने मिलनसार और पारिवारिक मूल्यवान हैं। जहां उनके प्रोफेशनल लाइफ में वे लगातार अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध रहते हैं, वहीं अपने परिवार के साथ बिताया गया समय भी उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गौरी स्प्रैट और किरण राव दोनों ही बच्चों के साथ मौजूद रहकर आमिर के जन्मदिन को और यादगार बनाते दिखे। वर्क फ्रंट की बात करें तो आमिर खान आखिरी बार फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ में नजर आए थे। यह फिल्म 20 जून 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी और बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था। आमिर की फिल्मों का हमेशा से ही दर्शकों पर गहरा प्रभाव पड़ा है और उनकी अदाकारी की तारीफ होती रही है। फिलहाल, आमिर खान प्रोडक्शंस की नई फिल्म ‘एक दिन’ का ट्रेलर हाल ही में रिलीज़ हुआ है। इस फिल्म में आमिर के बेटे जुनैद खान और साई पल्लवी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 1 मई को सिनेमाघरों में आने वाली है और इसे लेकर दर्शकों में उत्साह काफी बढ़ा हुआ है। इस फिल्म के माध्यम से आमिर खान ने अपने बेटे जुनैद को बड़े पर्दे पर लाकर नया अध्याय शुरू किया है। आमिर खान का जन्मदिन न केवल परिवार और करीबी दोस्तों के लिए खास रहा, बल्कि फैंस के लिए भी खुशी का अवसर बना। सोशल मीडिया पर जन्मदिन की बधाइयों का सिलसिला लगातार जारी रहा। उनके फैंस ने हर जगह जन्मदिन की शुभकामनाएं भेजकर इस दिन को और भी खास बना दिया। इस तरह आमिर खान ने 61वें जन्मदिन को अपने परिवार और मित्रों के बीच खुशियों और प्यार के साथ सेलिब्रेट किया, जो उनके जीवन के प्रेरणादायक और सकारात्मक पक्ष को दर्शाता है।
SRU Steels सहित टॉप 5 पेनी स्टॉक्स ने निवेशकों को लगाया झटका..

नई दिल्ली:पिछले दो हफ्तों में शेयर बाजार ने निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल पेश किया। इस दौरान खासकर कम कीमत वाले पेनी स्टॉक्स में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 15 ऐसे पेनी स्टॉक्स रहे जिनमें 15% से लेकर 55% तक की गिरावट दर्ज की गई। इनमें सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले टॉप 5 स्टॉक्स की पहचान की गई है, जो निवेशकों के लिए चेतावनी के रूप में काम कर सकते हैं। इन स्टॉक्स का चयन एक विशेष स्क्रीनिंग के आधार पर किया गया। इसका उद्देश्य ऐसे कम कीमत वाले और सक्रिय रूप से ट्रेड होने वाले शेयर ढूंढना था, जिन पर हाल ही में दबाव दिखा। इस स्क्रीन में मार्केट कैप 1,000 करोड़ रुपये से कम, शेयर की कीमत 20 रुपये से कम और न्यूनतम ट्रेडिंग वॉल्यूम 5 लाख शेयर जैसी शर्तें शामिल थीं। सूची में सबसे ऊपर एसआरयू स्टील्स (SRU Steels) है। कंपनी ने पिछले दो हफ्तों में 56% की भारी गिरावट दर्ज की। इसका पिछला क्लोजिंग प्राइस 1.47 रुपये था और मार्केट कैप मात्र 8.81 करोड़ रुपये। 1995 में स्थापित यह कंपनी मुख्य रूप से स्टेनलेस स्टील की ट्रेडिंग के बिजनेस में सक्रिय है। दूसरे नंबर पर सुफा फार्माकेम (Supha Pharmachem / Remedium Lifecare) है, जिसने 34% की गिरावट दिखाई। इसका पिछला क्लोजिंग प्राइस 0.45 रुपये रहा। 1988 में स्थापित यह कंपनी एडवांस्ड फार्मास्युटिकल इंटरमीडिएट्स और अन्य फार्मा उत्पादों की ट्रेडिंग करती है। तीसरे स्थान पर पारले इंडस्ट्रीज (Parle Industries) है, जिसने 33% का नुकसान झेला। इसका क्लोजिंग प्राइस 4.96 रुपये था। 1983 में स्थापित यह कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करती है। चौथे नंबर पर है ए-1 एसिड लिमिटेड (A-1 Acid), जिसने 28% की गिरावट दर्ज की। पिछला क्लोजिंग प्राइस 18.16 रुपये था और मार्केट कैप 835 करोड़ रुपये। 2004 में स्थापित यह कंपनी एसिड और केमिकल्स की होलसेल ट्रेडिंग के साथ-साथ ट्रांसपोर्टेशन बिजनेस में भी सक्रिय है। पांचवें नंबर पर है नवकार अर्बनस्ट्रक्चर (Navkar Urbanstructure), जिसने 27% की गिरावट दर्ज की। इसका क्लोजिंग प्राइस 0.95 रुपये और मार्केट कैप 107 करोड़ रुपये रहा। 1992 में स्थापित यह कंपनी RCC और RMC पाइप्स सहित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के निर्माण और विकास में सक्रिय है। पेनी स्टॉक्स निवेशकों को आकर्षित करते हैं क्योंकि इनकी कीमत कम होती है और इनमें जल्दी मुनाफा कमाने की संभावना रहती है। लेकिन इनके साथ जुड़े जोखिम भी कम नहीं हैं। कम लिक्विडिटी और अधिक अस्थिरता के कारण इन स्टॉक्स को बेचना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा इन कंपनियों के बारे में जानकारी सीमित होती है, जिससे कीमतों में हेरफेर और अचानक क्रैश का खतरा रहता है। बिना स्पष्ट रणनीति और जोखिम प्रबंधन के निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, अगर आप भी पेनी स्टॉक्स में निवेश करते हैं, तो बाजार की हालिया गतिविधियों पर नज़र रखना और समझदारी से निर्णय लेना बेहद जरूरी है।
भोपाल में मनाई गई मां कर्मा देवी की 1010वीं जयंती, निकली भव्य शोभायात्रा

नई दिल्ली। साहू समाज की आराध्य देवी मां कर्मा देवी की 1010वीं जयंती राजधानी में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। जयंती के अवसर पर लक्ष्मी नारायण मंदिर परिसर में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सुबह मां कर्मा देवी का पुष्प श्रृंगार और महाआरती संपन्न हुई। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण था और समाज के पदाधिकारी, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मध्य प्रदेश तैलिक साहू सभा के प्रदेश मीडिया प्रभारी विवेक साहू ने बताया कि महाआरती में प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश साहू, महासचिव अनिल कुमार साहू, डॉ. प्रकाश सेठ, हरिशंकर साहू, मदनलाल साहू, जिला अध्यक्ष रविंद्र साहू सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। इस दौरान महिलाएं और युवाओं ने भक्ति गीत और धार्मिक भजन प्रस्तुत किए, जिससे पूरे मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल बना। जयंती के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो मंगलवारा, जैन मंदिर रोड, इतवारा, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, सराफा चौक, लखेरापुरा, भवानी चौक, सोमवारा, चौकी इमामबाड़ा और छोटे भैया कॉर्नर होते हुए पुनः मंदिर परिसर में समाप्त हुई। मार्ग में श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। शोभायात्रा में घोड़ा-बग्गी, दुल्दुल घोड़ी, आकर्षक धार्मिक झांकियां और कलश धारण की महिलाएं शामिल थीं। इसके साथ ही महाकाल भक्त मंडल के सैकड़ों युवा मां कर्मा देवी के जयकारों के साथ यात्रा में शामिल होकर भक्ति और उत्साह का वातावरण बनाते रहे। शोभायात्रा के समापन के बाद मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। साथ ही समाज के प्रतिभाशाली व्यक्तियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई, जिससे सभी ने सामूहिक रूप से धार्मिक और सामाजिक उल्लास का अनुभव किया। इसके अतिरिक्त, छोला विश्राम घाट स्थित मां कर्मा देवी की प्रतिमा पर भी समाजजनों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित कर आरती की गई और प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर सुदामा प्रसाद साहू, हिम्मत साहू, रमेश साहू, मदनलाल साहू, भगवानदास साहू, विवेक साहू, प्रीतम साहू, विनोद साहू, राकेश साहू, जितेंद्र साहू, सुनील साहू और निक्की साहू सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम ने भोपाल में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक प्रस्तुत किया। भक्ति, उत्साह और श्रद्धा के इस संगम ने जयंती समारोह को यादगार बना दिया।
नेपाल में तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिरी, 7 की मौत, 7 घायल

नई दिल्ली । नेपाल के गंडकी प्रांत के गोरखा जिले में शनिवार रात एक दुखद सड़क हादसा हुआ जिसमें भारतीय तीर्थयात्रियों से भरी बस खाई में गिर गई। मनाकामना मंदिर से दर्शन कर लौट रही इस बस में 7 लोगों की मौत हो गई और 7 घायल हो गए। हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात तक जारी रहा। पुलिस के अनुसार श्रद्धालुओं को लेकर जा रही माइक्रोबस मनाकामना मंदिर से तनहुन जिले के अंबुखैरेनी इलाके की ओर जा रही थी तभी सड़क फिसलने के कारण लगभग 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। बस में एक दर्जन से ज्यादा यात्री सवार थे। घायल यात्रियों को भरतपुर स्थित चितवन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भेजा गया। गोरखा जिला ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रमुख सूरज अर्याल ने बताया कि मृतकों में दो महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं सभी भारतीय नागरिक हैं। जिला पुलिस प्रमुख भरत बहादुर बीके ने मृतकों की पहचान मुथु कुमार (58) अनामालिक (58) मीनाक्षी (59) शिवगामी (53) विजयल (57) मीना (58) और तमिलरसी (60) के रूप में की। हादसे में बस का ड्राइवर सुरक्षित बच गया जबकि उसका सहायक घायल हुआ। नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या और गंभीरता पिछले वर्षों में लगातार बढ़ी है। विश्व बैंक की स्टडी के अनुसार 2007 के बाद नेपाल में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाला आर्थिक नुकसान तीन गुना बढ़ चुका है और अब यह देश के सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) का लगभग 1.5% है। सड़क हादसों में मरने वालों में 70% से अधिक पैदल यात्री साइकिल सवार और मोटरसाइकिल चालक जैसे संवेदनशील रोड यूजर शामिल होते हैं। नेपाल में पहाड़ी इलाकों में संकरी और खराब सड़कें भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाएं भूकंप और भूगर्भीय अस्थिरता परिवहन व्यवस्था की सीमाएं और वाहन ओवरलोडिंग जैसी वजहों से सड़क हादसे आम हैं। उदाहरण के तौर पर फरवरी में धादिंग जिले में एक पर्यटक बस 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी जिसमें 19 लोगों की मौत हुई थी और 25 घायल हुए थे। विशेषज्ञ बताते हैं कि नेपाल का ज्यादातर क्षेत्र पहाड़ी और दुर्गम है। सड़क किनारों पर गहरी खाइयां और ढलान होने के कारण थोड़ी सी गलती या खराब मौसम में वाहन आसानी से फिसल सकते हैं। संकरी घुमावदार सड़कें सुरक्षा दीवारों की कमी भूस्खलन और मिट्टी खिसकने जैसी घटनाएं हादसों की संभावना बढ़ाती हैं। पुराने वाहन ओवरलोडिंग और ड्राइवरों का अपर्याप्त प्रशिक्षण भी जोखिम बढ़ाता है। सरल शब्दों में कहें तो नेपाल में पहाड़ खराब सड़कें भारी बारिश और कमजोर बुनियादी ढांचा मिलकर सड़क हादसों की संख्या और गंभीरता को बढ़ाते हैं। मनाकामना मंदिर से लौटते समय हुए इस दुखद हादसे ने एक बार फिर नेपाल की सड़क सुरक्षा की चिंताओं को उजागर किया है।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ेंगे या नहीं? ओएमसी की रिफाइनरी कीमतों पर तैयारी और जनता को क्या मिलेगा फायदा

नई दिल्ली में पब्लिक सेक्टर की पेट्रोलियम मार्केटिंग कंपनियां यानी ओएमसी पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों को स्थिर रखने की रणनीति पर काम कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें पश्चिम एशिया संकट से पहले लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब 100 डॉलर से ऊपर पहुंच गई हैं। ऐसे में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहने के बावजूद ओएमसी को इस बढ़ोतरी का बोझ खुद उठाना पड़ रहा है। इस परिस्थिति से निपटने के लिए ओएमसी अब रिफाइनरियों को कम दरों पर पेट्रोल और डीजल देने पर विचार कर रही हैं। विशेष रूप से रिफाइनरी ट्रांसपोर्टेशन शुल्क यानी आरटीपी पर रोक लगाने या उस पर छूट तय करने का विकल्प इस योजना का मुख्य हिस्सा है। आरटीपी वह इंटरनल प्राइस है, जिस पर रिफाइनरियां अपने मार्केटिंग सेगमेंट को ईंधन बेचती हैं। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिफाइनरियां कच्चे तेल की बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ मार्केटिंग कंपनियों पर न डाल सकें। यदि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इस प्रस्तावित कदम से रिफाइनरियां आरटीपी के जरिये अपने बढ़े हुए खर्च का पूरा बोझ आगे नहीं बढ़ा पाएंगी और उन्हें इसका एक हिस्सा खुद वहन करना होगा। इस तरह ओएमसी को घाटा कम करने का अवसर मिलेगा और खुदरा कीमत स्थिर रखी जा सकेगी। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) जैसी एकीकृत कंपनियां इस घाटे की भरपाई अपने रिफाइनिंग और विपणन परिचालन के बीच कर सकती हैं। लेकिन मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल), चेन्नई पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीपीसीएल) और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) जैसी एकल रिफाइनरियों का खुदरा बाजार में योगदान सीमित है। ये कंपनियां अपना उत्पादन मुख्य रूप से ओएमसी को बेचती हैं, इसलिए उनके मार्जिन पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार यदि यह आरटीपी पर रोक या छूट निजी रिफाइनरियों पर भी लागू होती है, तो नायरा एनर्जी और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड जैसी बड़ी निजी कंपनियां भी प्रभावित होंगी। ये कंपनियां अपने उत्पादन का बड़ा हिस्सा ओएमसी को बेचती हैं, इसलिए उनके लाभ में कमी आने की संभावना है। इस पूरे कदम का मकसद जनता को सीधा फायदा पहुंचाना है, यानी पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर रह सकें। हालांकि रिफाइनरियों और निजी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। इसका मतलब यह है कि आम लोग फिलहाल कीमतों की बढ़ोतरी से बचेंगे, लेकिन कंपनियों को घाटा सहना पड़ेगा। इस योजना से यह साफ होता है कि ओएमसी सरकार और जनता की ओर से कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रही हैं, जबकि रिफाइनरियों को अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों के बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ेगा। अगर वैश्विक तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो यह कदम ओएमसी और रिफाइनरियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, लेकिन आम जनता के लिए फिलहाल राहत का संकेत है।
ईरान ने खाड़ी देशों और तेल जहाजों को भी निशाना बनाया, आईडीएफ प्रवक्ता ने जताया गंभीर खतरा

नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष से पूरे इलाके में तनाव चरम पर है। इस बीच इजरायल डिफेंस फोर्स आईडीएफ के प्रवक्ता बीजी एफी डेफ्रिन ने आईएएनएस को हालात की गंभीरता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हालिया संघर्ष का मुख्य मकसद ईरान की न्यूक्लियर और मिसाइल क्षमताओं को नियंत्रित करना है। आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा हमने दो हफ्ते पहले इजरायल पर संभावित खतरे को हटाने के लिए कार्रवाई की। ईरान ने वर्षों से अपनी न्यूक्लियर क्षमता विकसित की है और जून में किए गए हमले के बाद वे इसे फिर से शुरू कर रहे थे। उनका प्रयास यह था कि न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को जमीन के नीचे छिपाया जाए ताकि इजरायल और अमेरिका के बमों से बचा जा सके। यह हमारे लिए गंभीर खतरा है। एफी डेफ्रिन ने ईरान के मिसाइल प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार ईरान हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें और लॉन्चर बना रहा था जिनकी रेंज 2 000 से 3 000 किलोमीटर तक थी। इन मिसाइलों का उद्देश्य इजरायल पर हमला करना था। वे महीने में सैकड़ों हथियार तैयार करने की योजना बना रहे थे और यह स्तर हमारे लिए बर्दाश्त के बाहर था उन्होंने कहा। प्रवक्ता ने कहा कि अब ईरान ने खाड़ी देशों और कमर्शियल तेल जहाजों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। वे अपने पुराने मित्र देशों ओमान यूएई बहरीन और सऊदी अरब पर हमला कर रहे हैं जिन्होंने ईरान के साथ कभी बुरा नहीं किया। इनके हमले मिलिट्री टारगेट पर नहीं बल्कि सिविलियन टारगेट जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और बुर्ज खलीफा पर हो रहे हैं। यह केवल उनकी असली प्रवृत्ति दिखाता है। एफी डेफ्रिन ने जोर देकर कहा कि आईडीएफ इस स्थिति को गंभीरता से देख रहा है। पड़ोसी देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध हैं और यह इतिहास का एक मौका है। हमारा लक्ष्य पूरे इलाके में स्थायी शांति बनाना है। ईरान केवल इजरायल के लिए खतरा नहीं है बल्कि यह एक क्षेत्रीय समस्या है जिसे सुलझाना जरूरी है। आईडीएफ प्रवक्ता की यह प्रतिक्रिया यह स्पष्ट करती है कि इजरायल ईरानी न्यूक्लियर और मिसाइल कार्यक्रमों साथ ही उनके बढ़ते आक्रामक रवैये को लेकर सतर्क है। साथ ही खाड़ी देशों और वैश्विक तेल परिवहन पर ईरानी हमलों को गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है। इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि पश्चिम एशिया में तनाव और सुरक्षा खतरे केवल द्विपक्षीय नहीं हैं बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण हैं। आईडीएफ के अनुसार इलाके में शांति बनाए रखना और पड़ोसी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब उनकी प्राथमिकता बन गई है।