विजय देवरकोंडा संग काम करने के लिए माता-पिता से भिड़ गई थीं रश्मिका मंदाना; 'राणाबल्ली' एक्ट्रेस ने खुद बयां किया अपना दर्द!

नई दिल्ली: साउथ और बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना और सुपरस्टार विजय देवरकोंडा इन दिनों अपनी हालिया शादी को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं। 26 फरवरी को गुपचुप तरीके से शादी के बंधन में बंधने के बाद अब यह जोड़ी अपनी आगामी फिल्म “राणाबल्ली” की तैयारियों में जुटी है। इसी बीच रश्मिका मंदाना का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने खुलासा किया है कि विजय देवरकोंडा के साथ दूसरी फिल्म करने के लिए उन्हें अपने माता-पिता और परिवार से काफी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। यह वीडियो साल 2019 में रिलीज हुई उनकी सुपरहिट फिल्म “डियर कॉम्रेड” के प्री-रिलीज इवेंट का है, जहाँ रश्मिका काफी भावुक नजर आई थीं। वीडियो में रश्मिका बताती हैं कि फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना उनके लिए कतई आसान नहीं था। उन्होंने कहा, “मैं अपने परिवार, माता-पिता और दोस्तों से लड़कर इस इंडस्ट्री में आई हूँ। अक्सर यह कहा जाता है कि यह दुनिया लड़कियों के लिए सुरक्षित नहीं है, लेकिन बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के मैंने अपनी पहचान बनाई।” रश्मिका ने आगे बताया कि जब फिल्म “डियर कॉम्रेड” की स्क्रिप्ट उनके पास आई, तो वह इसे तुरंत करना चाहती थीं। हालांकि, उनके घर में इस बात को लेकर काफी “विवाद” हुआ। उनके माता-पिता नहीं चाहते थे कि रश्मिका दोबारा विजय देवरकोंडा के साथ काम करें। रश्मिका ने परिवार को समझाते हुए स्पष्ट किया था कि फिल्म की कहानी और किरदार महत्वपूर्ण हैं, न कि सह-कलाकार। इस संघर्ष पर विजय देवरकोंडा ने भी रश्मिका का समर्थन करते हुए उनकी सराहना की थी। विजय ने कहा था कि रश्मिका का किरदार फिल्म में हर महिला का प्रतिनिधित्व करता था और उन्होंने अपनी निजी जिंदगी के दबाव के बावजूद इस रोल को पूरी शिद्दत से निभाया। विजय ने रश्मिका को इसके लिए “धन्यवाद” भी दिया था। वर्तमान में, यह पावर कपल सितंबर में रिलीज होने वाली फिल्म “राणाबल्ली” के लिए तैयार है। शादी के बाद फिल्म का पहला रोमांटिक गाना रिलीज हो चुका है, जिसे फैंस का भरपूर प्यार मिल रहा है। फिलहाल दोनों सितारे शादी की थकान मिटाने के लिए एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिता रहे हैं।
तमिलनाडु राजनीति: विजय की टीवीके ने NDA से गठबंधन की अटकलें खारिज कीं, कहा भाजपा हमारी वैचारिक प्रतिद्वंद्वी

नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में हाल के दिनों में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कझगम और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों पर शनिवार को पार्टी ने साफ तौर पर विराम लगा दिया। टीवीके के नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी का एनडीए के साथ किसी भी प्रकार का चुनावी गठबंधन करने का कोई इरादा नहीं है और इस तरह की खबरें पूरी तरह से अफवाह हैं। पार्टी के संयुक्त महासचिव सी. टी. आर. निर्मल कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एनडीए के साथ गठबंधन की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनकी पार्टी की वैचारिक प्रतिद्वंद्वी है और टीवीके पहले भी यह विषय पर अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मीडिया और सोशल मीडिया पर टीवीके को लेकर कई तरह की अटकलें और खबरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। निर्मल कुमार ने बताया कि 13 मार्च को पार्टी के जिला सचिवों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक का उद्देश्य आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी की संगठनात्मक ताकत का आकलन करना और संभावित चुनावी रणनीतियों पर चर्चा करना था। हालांकि, इस बैठक को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि टीवीके एनडीए के साथ गठबंधन पर विचार कर रही है। उन्होंने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बैठक का गठबंधन से कोई संबंध नहीं था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक घोषणाओं पर ही भरोसा करें। निर्मल कुमार ने कहा कि टीवीके के बारे में अटकलों पर आधारित कई खबरें रोजाना प्रसारित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना है। इधर, तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने भी इस मुद्दे पर सीधे तौर पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। पत्रकारों द्वारा टीवीके के साथ संभावित गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि मीडिया गठबंधन को लेकर ज्यादा चिंतित है, जबकि उनका ध्यान राज्य के वास्तविक मुद्दों पर है। नागेंद्रन ने कहा कि तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति और महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे अधिक महत्वपूर्ण हैं और इन्हीं विषयों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के सक्रिय राजनीति में आने के बाद तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर में नई हलचल देखने को मिल रही है। ऐसे में विभिन्न दलों के साथ संभावित गठबंधनों को लेकर समय-समय पर अटकलें लगना स्वाभाविक है। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि फिलहाल एनडीए के साथ किसी भी तरह की चुनावी साझेदारी का सवाल ही नहीं उठता। इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में चल रही अटकलों पर काफी हद तक विराम लग गया है और टीवीके ने यह संकेत दे दिया है कि वह अपनी राजनीतिक रणनीति स्वतंत्र रूप से तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सरहद पार भी बाबा का जलवा! पाकिस्तानी टिक-टॉकर ने संजू बाबा को गिफ्ट किया सोने से मढ़ा iPhone, पत्नी मान्यता के लिए भी भेजे खास तोहफे।

नई दिल्ली :बॉलीवुड केदिग्गज अभिनेता संजय दत्त इन दिनों अपनी हालिया फिल्मधुरंधर की शानदार सफलता का आनंद ले रहे हैं। इस फिल्म में उन्होंने पाकिस्तान के मशहूरएसपी चौधरी असलम का दमदार किरदार निभाया है, जिसे दर्शकों द्वारा खूब सराहा जा रहा है। संजय दत्त की अदाकारी और उनकेदबंग अंदाज के दीवाने केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं। हाल ही में दुबई से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। संजय दत्त की मुलाकात दुबई में पाकिस्तान के मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और टिक-टॉक स्टारकाशिफ जमीर से हुई, जो खुद को अभिनेता काजबरा फैन बताते हैं। काशिफ जमीर अपनीलग्जरी लाइफस्टाइल और बड़ी हस्तियों के साथ महंगे वीडियो बनाने के लिए जाने जाते हैं। इस मुलाकात के दौरान काशिफ ने संजय दत्त के प्रति अपनी दीवानगी जाहिर करते हुए उन्हें एक ऐसाअनोखा और कीमती तोहफा दिया, जिसकी कीमत जानकर हर कोई हैरान है। काशिफ ने संजय दत्त को एक विशेष रूप से तैयार किया गया गोल्ड-प्लेटेड iPhone 17और एक बेहदबेशकीमती घड़ी भेंट की। इस विशेष आईफोन की खासियत यह है कि इसके बैक पैनल पर संजय दत्त के साथ उनके माता-पिता, दिवंगत अभिनेतासुनील दत्त औरनरगिस की तस्वीर प्रिंट कराई गई है, जो इस उपहार को और भी भावुक और खास बनाती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि काशिफ जमीर ने संजय दत्त का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अभिनेता को गले लगाया और उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट किया। इतना ही नहीं, काशिफ ने केवल संजय दत्त ही नहीं बल्कि उनकी पत्नी के लिए भीमहंगे ज्वेलरी सेट का एक विशेष उपहार दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, एककस्टमाइज्ड गोल्ड-प्लेटेड आईफोन की कीमत ₹1,82,900 से शुरू होकर ₹1,43,00,000 से भी अधिक हो सकती है। यह कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि फोन में कितने कैरेट सोने का उपयोग हुआ है और उसमें हीरे या अन्य रत्न जड़े गए हैं या नहीं। संजय दत्त हमेशा से अपनीपर्सनल लाइफ और अपने व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन एक प्रशंसक द्वारा दिया गया यहशाही उपहार चर्चा का नया विषय बन गया है। काशिफ जमीर, जो अक्सर अपनीलग्जरी कारों और महंगी जीवनशैली के वीडियो साझा करते हैं, उन्होंने इस मुलाकात को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दुबई में हुई यह मुलाकात यह साबित करती है कि कला और कलाकारों की लोकप्रियतासरहदों की मोहताज नहीं होती और संजय दत्त काक्रेज आज भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बरकरार है।
FASTag: वार्षिक पास की कीमत बढ़ी….एक अप्रैल से चुकाने होंगे ज्यादा पैसे…

नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Authority of India- NHAI) (एनएचएआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए FASTag Annual Pass (फास्टैग वार्षिक पास) की कीमत में बदलाव किया है। नए आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से गैर-व्यावसायिक वाहनों (कार, जीप और वैन) के लिए वार्षिक पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दी गई है। फास्टैग वार्षिक पास पिछले साल 15 अगस्त को शुरू किया गया था। ताकि टोल शुल्क के बोझ को कम किया जा सके और हाईवे पर यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सके। FASTag वार्षिक पास क्या है और कौन ले सकता है?फास्टैग वार्षिक पास उन वाहन मालिकों के लिए है जिनके पास गैर-व्यावसायिक वाहन और सक्रिय फास्टैग है। इस पास के तहत:– यह 1 साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक मान्य रहता है– किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के टोल प्लाजा पर लागू होता है– 200 बार टोल पार करने या 1 साल पूरा होने के बाद पास स्वतः समाप्त हो जाता है– इस पास को Rajmargyatra (राजमार्गयात्रा) मोबाइल एप या एनएचएआई की वेबसाइट के जरिए खरीदा जा सकता है। पास की कीमत हर साल क्यों बढ़ती है?सरकार ने नेशनल हाईवे फीस (डिटरमिनेशन ऑफ रेट्स एंड कलेक्शन) संशोधन नियम 2025 के तहत यह प्रावधान किया है कि फास्टैग वार्षिक पास की कीमत हर साल संशोधित की जाएगी। इसी नियम के अनुसार 2026-27 के लिए पास की कीमत में यह मामूली बढ़ोतरी की गई है। अभी कितने लोग FASTag वार्षिक पास का इस्तेमाल कर रहे हैं?सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार: देश में 50 लाख से अधिक लोग फास्टैग वार्षिक पास का उपयोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाले कुल कार टोल लेन-देन का लगभग 28 प्रतिशत अब इसी पास के जरिए होता है। इसके अलावा 2016 से अब तक 11.86 करोड़ फास्टैग जारी किए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 5.9 करोड़ फास्टैग सक्रिय हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर 98 प्रतिशत से अधिक टोल वसूली फास्टैग के माध्यम से होती है। किन टोल प्लाजा पर वार्षिक पास का उपयोग सबसे ज्यादा है?कुछ टोल प्लाजा पर फास्टैग वार्षिक पास का उपयोग काफी अधिक है। दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर बिजवासन टोल प्लाजा – लगभग 57 प्रतिशत कारें फास्टैग वार्षिक पास से गुजरती हैं। दिल्ली के मुंडका टोल प्लाजा (UER-II) – लगभग 53 प्रतिशत उपयोग। झिंझोली टोल प्लाजा (NH-334P) – करीब 53 प्रतिशत गैर-व्यावसायिक वाहन फास्टैग वार्षिक पास का इस्तेमाल करते हैं। क्षेत्रीय स्तर पर:– चंडीगढ़ – 14 प्रतिशत– तमिलनाडु – 12.3 प्रतिशत– दिल्ली – 11.5 प्रतिशत– 15 अगस्त 2025 से जनवरी 2026 तक फास्टैग वार्षिक पास से 26.55 करोड़ से अधिक टोल लेन-देन दर्ज किए जा चुके हैं। क्या यह पास सभी टोल प्लाजा पर मान्य है?– नहीं। यह पास केवल राष्ट्रीय राजमार्ग और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे के लगभग 1150 टोल प्लाजा पर ही मान्य है। राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित एक्सप्रेसवे या स्टेट हाईवे के टोल प्लाजा पर फास्टैग वार्षिक पास सामान्य फास्टैग की तरह काम करेगा और सामान्य टोल शुल्क लागू होगा। क्या FASTag Annual Pass लेना अनिवार्य है?– नहीं। फास्टैग वार्षिक पास पूरी तरह वैकल्पिक है।– जो उपयोगकर्ता फास्टैग वार्षिक पास नहीं लेते हैं, उनके लिए मौजूदा फास्टैग सिस्टम पहले की तरह ही चलता रहेगा और वे प्रति टोल क्रॉसिंग के हिसाब से शुल्क देते रहेंगे। पास खत्म होने पर क्या होगा?यदि: 200 ट्रिप पूरी हो जाती हैं, या 1 साल की वैधता समाप्त हो जाती है तो फास्टैग वार्षिक पास अपने आप सामान्य फास्टैग में बदल जाएगा।हालांकि, अगर 200 ट्रिप पहले ही पूरी हो जाएं तो उपयोगकर्ता चाहें तो उसी साल के भीतर फिर से नया फास्टैग वार्षिक पास खरीद सकते हैं। खर्च और समय दोनों की बचतफास्टैग वार्षिक पास की कीमत में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद यह योजना हाईवे उपयोगकर्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह व्यवस्था टोल भुगतान को आसान बनाने के साथ-साथ नियमित यात्रियों के लिए खर्च और समय दोनों की बचत में मदद कर रही है।
सोशल मीडिया पर डर फैलाने की साजिश नाकाम, फर्जी AI वीडियो मामले में यूएई में 10 गिरफ्तार

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच United Arab Emirates (यूएई) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने ईरान युद्ध और सुरक्षा हालात को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी और भ्रामक वीडियो फैलाकर आम जनता में डर और अफरातफरी पैदा करने की कोशिश की। इसके साथ ही, आरोपियों के खिलाफ त्वरित सुनवाई के आदेश भी जारी किए गए हैं। सोशल मीडिया पर फैलाए गए झूठे वीडियोयूएई के अटॉर्नी जनरल हमद सैफ अल शम्सी ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान कई वीडियो सामने आए, जिनमें लोगों को गुमराह करने वाली सामग्री साझा की गई थी। जांच में पाया गया कि कुछ वीडियो में वास्तविक फुटेज का गलत संदर्भ प्रस्तुत किया गया था, जबकि कई क्लिप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किए गए थे। इन वीडियो में विस्फोट, प्रमुख इमारतों पर हमले और यूएई के अलग-अलग इलाकों में आग लगने जैसे दृश्य दिखाए गए थे। बच्चों और विदेशी घटनाओं का इस्तेमालअटॉर्नी जनरल ने बताया कि कुछ वीडियो में बच्चों की भावनाओं का इस्तेमाल कर सुरक्षा खतरे का झूठा संकेत दिया गया, जबकि अन्य वीडियो में विदेशी घटनाओं को यूएई से जोड़कर पेश किया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य लोगों को भ्रमित करना और डर का माहौल पैदा करना था। अधिकारियों का कहना है कि यह साइबर स्पेस और नई तकनीक का गलत इस्तेमाल था, जिसे यूएई सरकार गंभीरता से ले रही है। आरोपियों की पूछताछ और सजाअभियोजन पक्ष ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अपराधों के लिए कम से कम एक वर्ष की जेल और 1 लाख दिरहम का जुर्माना निर्धारित है। अटॉर्नी जनरल ने साफ चेतावनी दी कि देश की सुरक्षा और शांति से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनता के लिए सुरक्षा संदेशअटॉर्नी जनरल ने आम लोगों से अपील की है कि वे रक्षा प्रणालियों से जुड़े वीडियो या ऐसी कोई भी जानकारी साझा न करें जिससे समाज में डर और अफरा-तफरी फैले। उन्होंने कहा कि साइबर स्पेस में गलत सूचनाओं और फर्जी एआई सामग्री का फैलाव देश की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है, और इसे रोकने के लिए कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मौसम ने फिर ने बदली करवट, दिल्ली में सुबह-सुबह झमाझम बारिश…. कई राज्यों में छाए बादल

rain नई दिल्ली। देश की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) और इसके आसपास के शहरों में आज सुबह बारिश (Rain) हुई है। इसके कारण लोगों को गर्मी से राहत (Heat Recovery) मिली है। एनसीआर के अलावा, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों में बादल छाए हुए हैं। इसकी वजह से गर्मी के महीने में बढ़ती गर्मी पर ब्रेक लगा है। तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। आपको बता दें कि इससे पहले आईएमडी (IMD) ने रविवार के लिए दिल्ली में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। आईएमडी ने दिल्ली में सुबह हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने और गरज के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। इससे तापमान में और अधिक गिरावट आने की संभावना है। बिहार-बंगाल में भी बारिश का अलर्टमौसम विभाग का कहना है कि पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के 18 मार्च तक अलग-अलग जगहों पर बारिश के आसार है। इस दौरान आंधी और तेज हवाओं की भी संभावना है।इस दौरान कुछ स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, ”पश्चिमी हिमालय की ओर बढ़ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्य पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब तथा हरियाणा के ऊपर चक्रवाती गतिविधि विकसित हो गई है। इसके प्रभाव से पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान बारिश होने की संभावना है। यह इस मौसम की पहली मानसून-पूर्व बारिश मानी जा रही है, जो सामान्य से लगभग 10 दिन पहले आ रही है।” पलावत ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ और पिछले कुछ दिन से शहर में अनुभव किए जा रहे अधिक तापमान के संयोजन से यह तूफान आगे बढ़ा है। राजस्थान में भी तेज गर्मी से लोगों को राहतपश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में अगले सप्ताह अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने से लोगों के लिए तेज गर्मी से राहत की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान बाड़मेर में 39.0 डिग्री सेल्सियस, चित्तौड़गढ़ में 38.8 डिग्री, फलोदी में 38.4 डिग्री, जैसलमेर में 37.6 डिग्री, बीकानेर में 36.3 डिग्री व चुरू में 35.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम केंद्र (जयपुर) के अनुसार राज्य में एक नए पश्चिम विक्षोभ का असर शनिवार को शुरू हो गया। इसके असर से शनिवार शाम कई जगह हल्के बादल छा गए और हवा चली जिससे लोगों को राहत मिली। केंद्र के अनुसार 15 मार्च को जयपुर, भरतपुर, संभाग एवं शेखावाटी क्षेत्र के जिलों के उत्तरी भागों तथा गंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों एवं आसपास के क्षेत्र में कहीं-कहीं बादल गरजने तथा बूंदाबांदी होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं अचानक 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। केंद्र का कहना है कि एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 18-20 मार्च के दौरान सक्रिय होने तथा कहीं-कहीं 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने एवं बारिश होने की संभावना है। राज्य में आगामी एक सप्ताह अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे दर्ज होने से ‘लू’ से राहत बने रहने की संभावना है।
आज से एक महीने नहीं बजेगी शहनाइयां…. खरमास शुरू,,, शुभ कार्यों से करें परहेज

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष खरमास (Kharmas 2026) की शुरुआत 15 मार्च 2026 से हो रही है, जो 13 अप्रैल 2026 तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं (Religious Beliefs) के अनुसार इस अवधि को मांगलिक कार्यों (Auspicious Functions) के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, यज्ञ, नए व्यापार की शुरुआत या वाहन और घर की खरीदारी जैसे शुभ कार्य करने से परहेज किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस प्रक्रिया को संक्रांति कहा जाता है। जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तब खरमास लगता है। इसे मलमास के नाम से भी जाना जाता है। यह समय आध्यात्मिक साधना, पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है। पंचांग के अनुसार 14 मार्च 2026 की अर्द्धरात्रि में सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस राशि परिवर्तन के साथ ही खरमास की शुरुआत मानी जाएगी। उदया तिथि के अनुसार इसका प्रभाव 15 मार्च से माना जाएगा। सूर्य देव लगभग एक महीने तक मीन राशि में रहेंगे और इस दौरान ही खरमास की अवधि मानी जाती है। कब होगा खरमास का समापन?सूर्य देव जब 13 अप्रैल 2026 को मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब खरमास समाप्त हो जाएगा। इसे मेष संक्रांति भी कहा जाता है। इस दिन से फिर से मांगलिक और शुभ कार्य शुरू किए जा सकते हैं। साल में दो बार लगता है खरमासज्योतिष मान्यताओं के अनुसार वर्ष में दो बार खरमास लगता है। पहला खरमास: जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करते हैं, जो सामान्यतः मार्च से अप्रैल के बीच होता है। दूसरा खरमास: जब सूर्य धनु राशि में प्रवेश करते हैं, जो आमतौर पर दिसंबर से जनवरी के बीच आता है। इन दोनों अवधियों में शुभ और मांगलिक कार्यों को टालने की परंपरा है। क्यों नहीं किए जाते शुभ कार्य?धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों में होते हैं, तब उनकी स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है। इसी कारण इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। कुछ मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि इस समय सूर्य की ऊर्जा का प्रभाव संतुलित नहीं रहता, इसलिए नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। किन बातों का रखें ध्यानखरमास के दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, नामकरण, कर्णवेध जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए।इस दौरान नए व्यवसाय की शुरुआत और संपत्ति की खरीदारी जैसे कार्यों को भी टालना उचित माना जाता हैऐसा माना जाता है कि इस समय किए गए कार्यों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते।
यात्रियों को ट्रेनों में मिलेगी मुफ्त चाय-नाश्ता, खाना व अन्य सुविधाएं… रेलवे ला रहा नई स्कीम

Rail नई दिल्ली। रेलवे (Railway) यात्रियों (Passengers) को ट्रेनों में मुफ्त चाय-नाश्ता, खाना, नीचे की बर्थ, लग्जरी लॉउंज जैसी विशेष सुविधाएं देगा। यह कदम बजट एयरलाइंस (Budget Airlines) की ओर आकर्षित हो रहे यात्रियों को अपने साथ बनाए रखने की रणानीतिक दूरगामी सोच है। रेलवे लॉयलिटी प्रोग्राम (Railway Loyalty Programme) शुरू करने जा रहा है। इसमें अक्सर ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों को प्रति किमी. के हिसाब से रिवॉर्ड प्वाइंट्स दिए जाएंगे। इन्हें वह खानपान से लेकर किराये में कहीं भी कैश करा सकेंगे। रेलवे बोर्ड के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि आईआरसीटीसी पोर्टल को डिजिटल वॉलेट की तरह अपडेट किया जाएगा। यात्री जितनी लंबी दूरी तय करेगा, उतने अधिक रेल प्वाइंट्स उसे मिलेंगे। प्वाइंट्स यात्री के आधार-लिंक्ड आईआरसीटीसी खाते में जमा होंगे, जिससे धोखाधड़ी की गुंजाइश शून्य रहेगी। प्वाइंट्स को कैश की तरह प्रयोग किया जा सकेगा। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अप्रैल से वंदे भारत व तेजस एक्सप्रेस प्रीमियम ट्रेनों में शुरू किया जा सकता है। सफल होने के बाद सभी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में लागू किया जाएगा। रेलवे का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा लॉयल्टी प्रोग्राम होगा। इसमें 7000 से अधिक रेलवे स्टेशन, साढ़े तीन हजार किमी. दूरी की ट्रेनें और प्रतिदिन तीन करोड़ यात्रियों को शामिल किया जाएगा। रिवॉर्ड प्वाइंट्स के कई लाभयात्री को टिकट बुकिंग के समय बेस किराये में छूट मिलेगी। या प्वाइंट्स के आधार पर पूरी टिकट मुफ्त में मिलेगी। सफर के दौरान रेलवे स्टेशन के लग्जरी लाउंज में भी मुफ्त आराम कर सकेंगे। ई-कैटरिंग से ऑर्डर कर ट्रेन में पसंद का मुफ्त भोजन मंगा सकेंगे। थर्ड एसी से सेकेंड एसी और सेकेंड एसी से फर्स्ट एसी में टिकट अपग्रेड करने की सुविधा मिलेगी। बजट एयरलाइंस चुनौतीलॉयलिटी प्रोगाम बजट एयरलाइंस से मिल रही चुनौती के बीच रेलवे के लिए वरदान साबित होगा। छोटी दूरी की फ्लाइट्स और लग्जरी बसों की ओर बढ़ते यात्रियों को वापस ट्रेनों में लाया जा सकेगा। इसके अलावा ऑफ सीजन बुकिंग के दौरान रेलवे प्वाइंट्स की वैल्यू बढ़ा सकती है, ताकि सीटें खाली न रहें।
असम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस की दूसरी सूची जारी, 23 उम्मीदवारों को मिला टिकट, गठबंधन के लिए 15 सीटें छोड़ीं

नई दिल्ली । भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने आगामी असम विधान सभा चुनाव 2026 के मद्दे नजर अपनी तैयारियों को और तेज करते हुए उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। शनिवार को जारी इस सूची में पार्टी ने 23 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इससे पहले कांग्रेस तीन मार्च को 42 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर चुकी थी। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 15 सीटें गठबंधन सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं जिन पर उनके उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे। दूसरी सूची में कई अहम विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है। कांग्रेस ने गोलकगंज सीट से कार्तिक चंद्र रे को उम्मीदवार बनाया है जबकि बिलासीपारा से अमृत बादशा को टिकट दिया गया है। बिरसिंग जरूआ सीट से वाजेद अली चौधरी को मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा मनकाचर से मोहिबुर रहमान गोलपाड़ा पूर्व से अबुल कलाम रशीद आलम और दुधनई एसटी सीट से किशोर कुमार ब्रह्मा को पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित किया है। इसी तरह सृजनग्राम सीट से नुरुल इस्लाम मंडिया से अब्दुल खलीक और चमरिया से रकीबुद्दीन अहमद को टिकट दिया गया है। वहीं रंगिया सीट से प्रंजीत चौधरी डिमोरिया एससी से किशोर कुमार बरुआ न्यू गुवाहाटी से शांतनु बोरा और मंगलदै से रिजुमोनी तालुकदार को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है। इन नामों के जरिए पार्टी ने कई क्षेत्रों में स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने की कोशिश की है ताकि विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। उम्मीदवारों की घोषणा से पहले पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित की गई थी। यह बैठक लगभग चार घंटे तक चली जिसमें चुनावी रणनीति सीटों के समीकरण और संभावित सब्जियों के नामों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वरिष्ठ नेता राहुल गांधी असम कांग्रेस के प्रभारी जितेंद्र सिंह और प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सीटों की राजनीतिक स्थिति और उम्मीदवारों की संभावनाओं पर गहन मंथन किया। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन में स्थानीय समीकरण संगठन की राय और जीत की संभावना को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में मजबूत प्रदर्शन करेगी और राज्य की राजनीति में नई ऊर्जा के साथ उतरेगी। इससे पहले तीन मार्च को जारी पहली सूची में भी कई प्रमुख नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा गया था। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई खुद जोरहाट सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं असम विधानसभा में पार्टी के नेता देवव्रत सैकिया को नाजिरा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। राज्यसभा के पूर्व सांसद रिपुन बोरा को बरछल्ला से टिकट दिया गया है। इसके अलावा मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को दिसपुर और इंद्रनील पेगु को माजुली विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित किया गया है। कुल मिलाकर कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की घोषणा की प्रक्रिया तेज कर दी है और गठबंधन के साथ मिलकर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में पार्टी की ओर से और उम्मीदवारों की घोषणा भी की जा सकती है।
तुम खुद ही स्ट्रगल कर रहे हो जब बॉडीगार्ड ने ठुकरा दिया था मीका सिंह को, आज वही है उनकी सिक्योरिटी टीम का अहम हिस्सा

नई दिल्ली । बॉलीवुड के मशहूर सिंगर मीका सिंह की सफलता की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। आज उनके गाने हर पार्टी और बड़े इवेंट की शान बनते हैं और उनकी सुरक्षा के लिए कई बॉडीगार्ड तैनात रहते हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि एक समय ऐसा भी था जब एक बॉडीगार्ड ने उन्हें यह कहकर काम देने से इनकार कर दिया था कि तुम तो खुद ही स्ट्रगल कर रहे हो। आज वही शख्स उनकी सिक्योरिटी टीम का अहम हिस्सा बन चुका है। दरअसल हाल ही में फराह खान के साथ बातचीत के दौरान मीका सिंह ने यह दिलचस्प किस्सा साझा किया। मीका ने फराह खान को अपने दिल्ली स्थित फार्महाउस पर बुलाया था जहां उन्होंने अपने बॉडीगार्ड करतार से उनकी मुलाकात करवाई। इसी दौरान मीका ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि लगभग 30 साल पहले उन्होंने करतार से पहली बार मुलाकात की थी। उनकी मजबूत कद-काठी देखकर मीका ने उनसे पूछा था कि क्या वह उनके बॉडीगार्ड बनेंगे। इस पर करतार ने सीधा जवाब दिया था पहले खुद तो काम शुरू कर लो तुम तो खुद स्ट्रगल कर रहे हो। मीका सिंह ने इस पूरे वाकये को बड़े मजाकिया अंदाज में सुनाया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि लोग अक्सर लड़कियों को इंप्रेस करने के लिए मेहनत करते हैं लेकिन उन्होंने तो सफलता इसलिए हासिल की ताकि एक दिन करतार को अपना बॉडीगार्ड बना सकें। वहीं करतार ने भी इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने उस समय सचमुच मीका को यह कहकर मना कर दिया था। इस बातचीत के दौरान मीका सिंह ने अपनी सफलता के पीछे के आध्यात्मिक जुड़ाव पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उनके पिता गुरुद्वारों में कीर्तन किया करते थे जिससे बचपन से ही उन्हें और उनके बड़े भाई दलेर मेहंदी को संगीत का माहौल मिला। मीका ने कहा कि पंजाब के कई गायकों की तरह उन्होंने भी गुरुद्वारों से ही संगीत की शुरुआती शिक्षा ली। उस समय वह कीर्तन के दौरान तबला बजाया करते थे। मीका सिंह ने यह भी बताया कि उन्होंने अपने जीवन का एक खास सपना पूरा किया है। उनके दिल्ली स्थित फार्महाउस में एक गुरुद्वारा बना हुआ है जहां 24 घंटे पाठ चलता रहता है। जब फराह खान ने उनकी बैड बॉय इमेज को लेकर सवाल किया तो मीका ने साफ कहा कि वह शुरू से ही काफी धार्मिक स्वभाव के रहे हैं। अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए मीका ने बताया कि वह कभी अपने बड़े भाई दलेर मेहंदी के महाराजा बैंड में गिटार बजाते थे और बैकस्टेज का काम संभालते थे। बाद में जब उन्होंने अपना पहला सोलो एल्बम सावन में लग गई आग बनाने का फैसला किया और बैंड से अलग हुए तो दलेर मेहंदी इस फैसले से भावुक हो गए थे। एक शो में दलेर मेहंदी ने खुद बताया था कि मीका के अलग होने के बाद वह चार दिनों तक रोते रहे थे। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने अपने छोटे भाई का पूरा साथ दिया और उनका पहला स्टूडियो सेट करने में भी मदद की। यही संघर्ष पारिवारिक समर्थन और आध्यात्मिक जुड़ाव आज मीका सिंह की सफलता की असली कहानी बन चुका है।