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भोपाल: प्रोस्टेट बीमारी में इमामत नहीं कर सकते, फतवे में कहा – पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो तो खुद पढ़े, लोगों को पढ़ाएं नहीं

भोपाल। राजधानी भोपाल में जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता द्वारा जारी फतवा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद का विषय बन गया है। फतवा प्रोस्टेट की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति की इमामत (नमाज पढ़ाने) क्षमता पर केंद्रित है।दस्तावेज में कहा गया है कि जिस व्यक्ति को लगातार पेशाब टपकने जैसी बीमारी हो, उसे शरियत में ‘माजूर’ माना जाता है। ऐसी स्थिति में वह व्यक्ति खुद नमाज पढ़ सकता है, लेकिन इमाम बनकर लोगों को नमाज नहीं पढ़ा सकता।यदि कोई व्यक्ति ऐसे इमाम के पीछे फर्ज़ नमाज पढ़ ले, तो उसे दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं। जरूरी जानकारी फतवा 9 मार्च 2026 को नायब मुफ़्ती सैयद अहमद खान कासमी की ओर से जारी किया गया।मुफ़्ती-ए-शहर भोपाल की मुहर भी लगी है।सवाल भोपाल के पीरगेट निवासी सहेल अली ने पूछा था।पूरे दस्तावेज में भोपाल के वर्तमान शहर काज़ी का नाम नहीं है।बावजूद इसके, सोशल मीडिया पर इसे सीधे शहर काजी से जोड़कर वायरल किया गया, जिससे भ्रम फैल गया। धार्मिक जानकारों की राय:इस तरह के फतवे आमतौर पर शरई नियम स्पष्ट करने के लिए दिए जाते हैं।यह जरूरी नहीं कि फतवा किसी खास व्यक्ति के खिलाफ हो। आगामी कदम:ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने फतवे को लेकर अहम बैठक बुलाई है।बैठक में मुस्लिम धर्म गुरु और संगठनों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।समिति के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि बैठक में शहर काजी की बीमारी और नमाज को लेकर फतवा पर चर्चा होगी। विशेष टिप्पणी:यह फतवा केवल धार्मिक नियम स्पष्ट करने के लिए जारी किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले दावे भ्रम पैदा कर सकते हैं, इसलिए सटीक दस्तावेज देखें।

1 अप्रैल से बदलेगी मध्यप्रदेश में पेंशन व्यवस्था: SBI बनेगा एकमात्र एग्रीगेटर बैंक, जिला पेंशन कार्यालय होंगे बंद

भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार राज्य के करीब साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को राहत देने के लिए पेंशन भुगतान की पूरी व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी जिसके तहत अब किसी भी बैंक में खाता रखने वाले सरकारी कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के बाद उसी खाते में सीधे पेंशन मिल सकेगी। राज्य शासन ने इस प्रक्रिया को अधिक सरल पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के उद्देश्य से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को एकमात्र ‘एग्रीगेटर बैंक’ नियुक्त किया है। नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार पेंशन की पूरी राशि सीधे SBI को हस्तांतरित करेगी। इसके बाद SBI नोडल एजेंसी के रूप में काम करते हुए सभी पेंशनभोगियों के खातों में पेंशन की राशि जमा करेगा चाहे उनका बैंक खाता किसी भी बैंक में क्यों न हो। अभी तक पेंशन वितरण की प्रक्रिया में करीब 11 अलग-अलग बैंक शामिल थे लेकिन अब पूरा प्रबंधन और क्लेम प्रक्रिया सिर्फ SBI के माध्यम से होगी। दरअसल मौजूदा पेंशन प्रणाली में कई तकनीकी और प्रशासनिक समस्याएं सामने आ रही थीं जिनकी वजह से पेंशनर्स को काफी परेशानी होती थी। कई मामलों में पेंशनभोगियों को उसी बैंक में खाता बनाए रखना पड़ता था जहां उनका वेतन खाता था। इसके अलावा महंगाई भत्ता बढ़ने या वेतनमान में संशोधन होने पर पेंशन अपडेट करने की प्रक्रिया भी काफी जटिल थी। यह काम सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेल (CPPC) के माध्यम से होता था और यह सुविधा केवल चार बड़े बैंकों में ही उपलब्ध थी। जिन बैंकों में यह सुविधा नहीं थी वहां पेंशन अपडेट होने में काफी समय लग जाता था और पेंशनभोगियों को एरियर के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। पेंशन भुगतान में देरी की एक बड़ी वजह पेंशन अदायगी आदेश यानी PPO के हस्तांतरण में लगने वाला समय भी था। सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारी का PPO संबंधित बैंक को भेजा जाता था लेकिन समन्वय की कमी के कारण कई बार रिटायरमेंट के बाद भी पेंशन शुरू होने में देरी हो जाती थी। इसके अलावा वेतनमान फिक्सेशन में मामूली त्रुटियां भी पेंशन प्रक्रिया को महीनों तक रोक देती थीं। पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेशदत्त जोशी ने मौजूदा व्यवस्था में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया है। उनके अनुसार जिला और संभागीय पेंशन कार्यालयों में कई बार कर्मचारियों द्वारा पेंशन प्रकरणों में बार-बार आपत्तियां लगाई जाती हैं जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ता है और कई मामलों में रिश्वत की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसी समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में संचालित पेंशन कार्यालयों को बंद किया जाएगा जबकि संभागीय मुख्यालयों के कार्यालय पहले की तरह काम करते रहेंगे। अब पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित होगी। नई व्यवस्था में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी कर्मचारी को यह पता नहीं चलेगा कि उसकी पेंशन फाइल किस अधिकारी के पास है जिससे स्थानीय स्तर पर दबाव और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए SBI ने भी तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में राज्य में करीब 4 लाख 46 हजार पेंशनर्स हैं और इस वर्ष लगभग 22 हजार कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। बैंक ने अन्य 10 बैंकों से दो लाख से अधिक PPO वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है जिसे पूरा होने में तीन से चार महीने लग सकते हैं। वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश के करीब 22.5 लाख बुजुर्ग विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए केंद्र से निराशाजनक खबर आई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में फिलहाल किसी प्रकार की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं है।

देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की जयंती, गडकरी, योगी और अन्य नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली : भारत अपने पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत को उनकी जयंती पर याद कर रहा है। देशभर के नेता और अधिकारी इस अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, देश के प्रथम रक्षा प्रमुख पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें विनम्र अभिवादन। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, “जनरल बिपिन रावत ने अपना पूरा जीवन देश की रक्षा को मजबूत करने और सशस्त्र बलों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए समर्पित कर दिया। उनका दूरदर्शी नेतृत्व और देशभक्ति पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।” केंद्रीय राज्य मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने लिखा, देश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद्म विभूषण जनरल बिपिन रावत की जयंती पर सादर नमन। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की आन-बान-शान और सेनाओं को मजबूत करने में लगाया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,मां भारती के वीर सपूत, देश के प्रथम सीडीएस और ‘पद्म विभूषण’ जनरल बिपिन रावत की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र की सुरक्षा और सैन्य सुदृढ़ता में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी उन्हें याद करते हुए कहा, “अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक जनरल बिपिन रावत की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन। राष्ट्र की रक्षा के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, जनरल बिपिन रावत जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। अदम्य साहस और अद्वितीय सैन्य कौशल के प्रतीक के रूप में उन्होंने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में अतुलनीय योगदान दिया। दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति आपका समर्पण, साहस और अदम्य नेतृत्व सदैव हम सभी को प्रेरित करता रहेगा। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी लिखा, राष्ट्र की रक्षा के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, अद्भुत नेतृत्व क्षमता और साहसिक व्यक्तित्व हर भारतवासी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। देश सेवा में उनके अमूल्य योगदान और बलिदान को देश सदैव गर्व के साथ याद रखेगा। देशभर के नेताओं की यह श्रद्धांजलि न केवल जनरल बिपिन रावत के साहस और नेतृत्व को याद करती है बल्कि भारतीय सेना और राष्ट्र सेवा में उनके योगदान को भी सम्मानित करती है।

जबलपुर में नदी में डूबे दो छात्रों में से एक का शव मिला, दोस्त को बचाने में बहा इंजीनियरिंग छात्र

जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर में रविवार को हुई नदी में डूबने की घटना में बड़ा अपडेट सामने आया है। नहाने के दौरान नदी में बह गए दो छात्रों में से एक का शव बरामद कर लिया गया है जबकि दूसरे युवक की तलाश अभी भी जारी है। घटना के बाद एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। जानकारी के मुताबिक यह हादसा गौर पुलिस चौकी क्षेत्र के जामतारा घाटपर रविवार को हुआ था। बताया जा रहा है कि सात दोस्त एक साथ नदी में नहाने के लिए घाट पर पहुंचे थे। नहाते नहाते तीन युवक गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में फंस गए। इस दौरान एक इंजीनियरिंग छात्र ने साहस दिखाते हुए अपने दो दोस्तों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन जब वह तीसरे साथी को बचाने की कोशिश कर रहा था तभी दोनों तेज बहाव में बह गए और नदी में डूब गए। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने एक छात्र का शव बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि छात्र का शव बहते हुए ग्वारीघाटतक पहुंच गया था जहां से उसे बाहर निकाला गया। हालांकि दूसरे युवक की तलाश अभी भी जारी है। एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। प्रशासन का कहना है कि दूसरे छात्र का पता लगाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। इस घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। दोस्तों के साथ घूमने और नहाने गए छात्रों के साथ हुई इस दुर्घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नदी या जलाशयों में नहाते समय सावधानी बरतें और गहरे पानी में जाने से बचें।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दूसरे युवक की तलाश जारी है।

देवास के जंगल में चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, पुलिस की दबिश में सुतली बम और बारूद जब्त

देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यहां घने जंगल के बीच अवैध रूप से संचालित हो रही पटाखा फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर भारी मात्रा में सुतली बम, बारूद और पटाखा बनाने की सामग्री जब्त की है। हालांकि अभी तक इस अवैध फैक्ट्री के संचालक का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। यह मामला उदयनगर थाना क्षेत्र के पोलखाल जंगल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार आदिवासी क्षेत्र के घने जंगल में टीन शेड के नीचे दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित की जा रही थीं। इसकी सूचना पुलिस को मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा। पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन में एडिशनल एसपी एच.एन. बाथम, उदयनगर थाना प्रभारी सी.एल. रायकवार और अधिकारी बी.डी. वीरा सहित पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। जब पुलिस टीम जंगल में पहुंची तो वहां टीन शेड के नीचे पटाखे बनाने का काम चल रहा था और कई मजदूर भी मौके पर मौजूद मिले। छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में सुतली बम और बारूद से भरे पैकेट बरामद हुए। इसके अलावा पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कागज, धागे, केमिकल और अन्य उपकरण भी मौके से जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक मौके से हजारों की संख्या में सुतली बम और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। फिलहाल बरामद सामग्री की गिनती और जांच की प्रक्रिया जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि घने जंगल में फैक्ट्री संचालित करने के पीछे मकसद प्रशासन और पुलिस की नजरों से बचना हो सकता है। फिलहाल पुलिस मजदूरों से पूछताछ कर रही है और फैक्ट्री संचालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रूसी तेल को लेकर अमेरिका पर ईरान का तंज, कहा- 'भारत समेत दुनिया के सामने भीख मांग रहा अमेरिका'

तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री अब्‍बास अराघची (Abbas Araghchi) ने रूसी तेल के मुद्दे पर अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जो अमेरिका (United States) पहले भारत समेत कई देशों पर रूस (Russia) से तेल आयात रोकने के लिए दबाव बना रहा था, वही अब दुनिया के देशों से रूसी कच्चा तेल खरीदने की गुहार लगा रहा है। अराघची ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर की। उन्होंने अपनी पोस्ट में Financial Times की एक रिपोर्ट भी साझा की, जिसमें कहा गया है कि ईरान से जुड़े युद्ध ने रूस की तेल इंडस्ट्री को बड़ा फायदा पहुंचाया है। अमेरिका पर साधा निशाना अराघची ने पोस्ट में लिखा कि अमेरिका ने महीनों तक India को रूस से तेल आयात बंद करने के लिए धमकाया। लेकिन ईरान के साथ दो हफ्ते के युद्ध के बाद अब White House दुनिया के देशों—जिनमें भारत भी शामिल है—से रूसी कच्चा तेल खरीदने की अपील कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोप को लगा था कि ईरान के खिलाफ कथित अवैध युद्ध का समर्थन करने से उसे रूस के खिलाफ अमेरिका का साथ मिलेगा। रूसी तेल खरीदने पर अस्थायी राहत अराघची की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने हाल ही में कहा कि अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर लगे प्रतिबंध में अस्थायी ढील देने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि वित्त विभाग ने 30 दिनों के लिए उस रूसी तेल को खरीदने की अनुमति दी है जो पहले से समुद्र में मौजूद है। कुछ दिन पहले भारत को भी इसी तरह की राहत दी गई थी। बेसेंट के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य वैश्विक तेल आपूर्ति को बनाए रखना और ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाना है। उन्होंने कहा कि इससे रूस को कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि जिस तेल को मंजूरी दी गई है वह पहले से ही समुद्र में है। ईरान युद्ध से रूस को बड़ा फायदा वहीं Financial Times की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से जुड़े युद्ध और तेल संकट के कारण रूस को रोजाना लगभग 150 मिलियन डॉलर (करीब 1389 करोड़ रुपये) की अतिरिक्त कमाई हो रही है। इसकी एक वजह यह भी बताई जा रही है कि ईरान ने Strait of Hormuz को बंद कर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि संघर्ष के शुरुआती 12 दिनों में ही रूस ने तेल निर्यात से लगभग 1.3 से 1.9 अरब डॉलर की अतिरिक्त आय अर्जित की। यदि मौजूदा कीमतें इसी तरह बनी रहती हैं तो महीने के अंत तक Moscow को 3.3 अरब से 5 अरब डॉलर तक की अतिरिक्त कमाई हो सकती है।

पश्चिम बंगाल चुनाव: ममता का चौका या कमल का कमाल? घुसपैठ और एसआईआर के मुद्दों के बीच दिलचस्प जंग

कोलकाता। West Bengal में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी माहौल गर्म हो गया है। पिछली बार आठ चरणों में हुए मतदान के विपरीत इस बार केवल दो चरणों में चुनाव होने की संभावना ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की पार्टी All India Trinamool Congress लगातार चौथी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचेगी या Bharatiya Janata Party पहली बार सत्ता का दरवाजा खोल पाएगी। मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर पहले से ही सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। भाजपा कानून-व्यवस्था, घुसपैठ और 15 साल की कथित एंटी-इन्कम्बेंसी को बड़ा मुद्दा बनाकर मैदान में उतरी है, जबकि ममता बनर्जी मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन को मजबूत बनाए रखने की कोशिश में जुटी हैं। राज्य में मुस्लिम आबादी करीब 28 प्रतिशत मानी जाती है, जो चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभाती है। भाजपा की नजर सत्ता पर तीन देशों—Bhutan, Nepal और Bangladesh—से घिरे इस राज्य में भाजपा पिछले ढाई दशक से सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। पिछले चुनाव में पार्टी ने Communist Party of India (Marxist) सहित वाम दलों और Indian National Congress को पीछे छोड़ते हुए मुख्य विपक्षी दल का दर्जा हासिल किया था, लेकिन सरकार बनाने का सपना अधूरा रह गया। इस बार भाजपा ने घुसपैठ, जनसांख्यिकीय बदलाव और भ्रष्टाचार को प्रमुख मुद्दा बनाया है। साथ ही पिछले चुनाव से सबक लेते हुए पार्टी ने दलबदल कर आए नेताओं की जगह पुराने कार्यकर्ताओं को टिकट देने की रणनीति अपनाई है। 36 सीटों पर कांटे की टक्कर राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार पिछले चुनाव में करीब 36 सीटों पर जीत का अंतर 5,000 वोट से भी कम था। कई सीटों पर तो हार-जीत कुछ सौ वोटों से तय हुई थी। ऐसे में माना जा रहा है कि इन सीटों पर थोड़ा सा भी वोटों का झुकाव बदला तो सत्ता का गणित पूरी तरह बदल सकता है। उत्तर बंगाल और जंगलमहल पर फोकस भाजपा खासतौर पर उत्तर बंगाल और जंगलमहल क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। Cooch Behar, Alipurduar, Jalpaiguri और Darjeeling जैसे जिलों में पिछले चुनाव में उसे अच्छी सफलता मिली थी। वहीं ममता बनर्जी की सरकार महिलाओं, किसानों और गरीब वर्ग के लिए चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं को चुनावी मैदान में अपनी सबसे बड़ी ताकत बता रही है। मुस्लिम वोट बैंक पर नजर मुस्लिम वोट बैंक बंगाल की राजनीति में निर्णायक माना जाता है। इसे साधे रखने के लिए ममता बनर्जी लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। एसआईआर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट से लेकर सड़क और संसद तक विरोध जताना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा आदिवासी, मतुआ और महिला मतदाताओं को एकजुट कर पिछली बार के लगभग सात प्रतिशत वोट अंतर को कम करने की कोशिश में है। राज्य में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari भी घुसपैठ के मुद्दे पर लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। नए समीकरण भी बना सकते हैं असर इस बार मुस्लिम वोटों के नए समीकरण पर भी सबकी नजर है। मुर्शिदाबाद क्षेत्र में Humayun Kabir की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी, Asaduddin Owaisi की All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (एआईएमआईएम) और Abbas Siddiqui की Indian Secular Front (आईएसएफ) के बीच संभावित गठबंधन की चर्चाएं हैं। माना जा रहा है कि यह समीकरण तृणमूल के लिए कुछ इलाकों में चुनौती बन सकता है। राष्ट्रीय राजनीति पर भी नजर विश्लेषकों का मानना है कि यह चुनाव केवल राज्य की सत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या तृणमूल अपना किला बचा पाएगी या भाजपा पहली बार बंगाल की सत्ता तक पहुंचने में कामयाब होगी।

ऑस्कर 2026: माइकल बी जॉर्डन और जेसी बकले बने बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस

वाशिंगटन। वॉशिंगटन। अमेरिकी फिल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित समारोह 98वें ऑस्कर अवॉर्ड का आयोजन लॉस एंजिल्स स्थित Dolby Theatre में किया गया। 98वें ऑस्कर समारोह में फिल्म One Battle After Another का दबदबा देखने को मिला। इस फिल्म ने बेस्ट पिक्चर सहित कुल छह पुरस्कार अपने नाम किए। 98वें ऑस्कर अवॉर्ड में लियोनार्डो डिकैप्रियो की ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ का दबदबा देखने को मिला। ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत कुल 6 अवॉर्ड अपने नाम किए। जबकि रियान कूगलर की ‘सिनर्स’ को 4 ऑस्कर अवॉर्ड मिले। माइकल बी जॉर्डन को ‘सिनर्स’ के लिए बेस्ट एक्टर और जेसी बकले को ‘हैमनेट’ के बेस्ट अभिनेत्री का अवॉर्ड मिला। यहां जानते हैं 98वें ऑस्कर्स में किस-किसने मारी बाजी? विजेताओं की पूरी लिस्ट बेस्ट फिल्म – वन बैटल आफ्टर अनदर बेस्ट एक्टर – माइकल बी जॉर्डन (सिनर्स) बेस्ट एक्ट्रेस – जेसी बकले (हैमनेट) बेस्ट डायरेक्टर – पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर अनदर) बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर – शॉन पेन (वन बैटल आफ्टर अनदर) बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस – एमी मैडिगन (वेपन्स) बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म – सेंटीमेंटल वैल्यू बेस्ट एडिटिंग – वन बैटल आफ्टर अनदर बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले – सिनर्स (रयान कूगलर) बेस्ट एडॉप्टेड स्क्रीनप्ले – वन बैटल आफ्टर अनदर (पॉल थॉमस एंडरसन) बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग – गोल्डन (के-पॉप डेमन हंटर्स) (ईजेएई, मार्क सोननब्लिक, जूंग ग्यू क्वाक, यू द्वारा)

‘रामायण’ में ‘पंचायत’ के प्रह्लाद चा की एंट्री? कुंभकर्ण के रोल में नजर आ सकते हैं फैसल मलिक

मुंबई। निर्देशक नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की मेगा बजट फिल्म रामायण (Ramayana) को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसके बजट, तकनीक और स्टार कास्ट को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभाते नजर आएंगे, जबकि Sai Pallavi माता सीता का किरदार निभाएंगी। वहीं Yash रावण और Sunny Deol हनुमान की भूमिका में दिखाई देंगे। कुंभकर्ण के रोल में फैसल मलिक! रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकप्रिय वेब सीरीज Panchayat में ‘प्रह्लाद चा’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता Faisal Malik को फिल्म में रावण के भाई कुंभकर्ण की भूमिका के लिए चुना गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस किरदार के लिए फिल्म का पहला शेड्यूल भी पूरा कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के प्राइम फोकस स्टूडियो में कुंभकर्ण के इंट्रोडक्शन सीन की शूटिंग की गई, जिसमें रावण की भूमिका निभा रहे यश भी मौजूद थे। सूत्रों का कहना है कि फैसल मलिक की लंबाई और व्यक्तित्व इस किरदार के लिए बिल्कुल फिट बैठते हैं। इंटरनेशनल टीम के साथ शूटिंग बताया जा रहा है कि फिल्म के कई हिस्सों की शूटिंग एक इंटरनेशनल तकनीकी टीम के साथ की जा रही है। हाई-एंड वीएफएक्स और ग्राफिक्स के जरिए इसे बड़े पैमाने पर तैयार किया जा रहा है, जिसकी तुलना James Cameron की फिल्म Avatar जैसी भव्य फिल्मों से की जा रही है। हालांकि दूसरे भाग के बड़े युद्ध दृश्यों की शूटिंग अभी बाकी है। दिवाली 2026 पर रिलीज की तैयारी रिपोर्ट्स के अनुसार ‘रामायण’ का पहला भाग Diwali 2026 के आसपास रिलीज किया जा सकता है, जिसे लेकर फैंस के बीच काफी उत्सुकता है। हालांकि अब तक फैसल मलिक की कास्टिंग को लेकर फिल्म की टीम की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में Raghav Juyal के रावण के बेटे मेघनाद की भूमिका निभाने की भी चर्चा है, लेकिन इसकी भी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिल्म में Ravi Dubey, Kajal Aggarwal, Arun Govil, Rakul Preet Singh और Lara Dutta जैसे कलाकारों के भी शामिल होने की खबरें सामने आ चुकी हैं।

ऑस्कर 2026: व्हाइट गाउन में छाईं प्रियंका चोपड़ा, निक जोनस संग रेड कारपेट पर दिखी शानदार केमिस्ट्री

वाशिंगटन। हॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह ऑस्कर 2026 (Academy Awards) में भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने अपने स्टाइल और ग्लैमर से सबका ध्यान खींच लिया। ऑस्कर 2026 के रेड कारपेट पर वह अपने पति और सिंगर Nick Jonas के साथ पहुंचीं, जहां दोनों की शानदार केमिस्ट्री चर्चा का विषय बन गई। व्हाइट गाउन में स्टनिंग अंदाज प्रियंका चोपड़ा ने इस खास मौके के लिए Dior का कस्टम व्हाइट गाउन चुना। फेदर डिटेलिंग वाले इस आउटफिट ने उनके लुक को ड्रामेटिक और एलिगेंट बना दिया। एक्ट्रेस ने मोनोटोन स्टाइल में फिटेड कोर्सेट टॉप, थाई-हाई स्लिट स्कर्ट और फेदर ट्रिम्स के साथ अपना ग्लैमरस अंदाज पेश किया। उन्होंने अपने लुक को Bvlgari के शानदार डायमंड नेकलेस से पूरा किया। हल्के मेकअप और ओपन स्लीक हेयरस्टाइल के साथ प्रियंका बेहद खूबसूरत नजर आईं। वहीं निक जोनस वेलवेट ब्लैक सूट में उनके साथ परफेक्ट मैच करते दिखाई दिए। रेड कारपेट पर दोनों ने फोटोग्राफर्स को कई पोज दिए। बतौर प्रेजेंटर हुईं शामिल इस साल प्रियंका ऑस्कर समारोह में बतौर प्रेजेंटर शामिल हुईं। उनके साथ हॉलीवुड के कई बड़े सितारे जैसे Anne Hathaway, Robert Downey Jr. और Gwyneth Paltrow भी मंच पर नजर आए। निक के हाथ का कलावा बना चर्चा का विषय ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले निक जोनस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह पानी पीते नजर आए। इस वीडियो में उनके हाथ पर बंधा कलावा लोगों का ध्यान खींचता दिखा। सोशल मीडिया पर फैंस ने मजाक में उन्हें “परफेक्ट इंडियन जीजू” तक कह दिया। वर्क फ्रंट वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा की पिछली रिलीज हॉलीवुड फिल्म The Bluff थी, जिसमें उनके अभिनय को सराहा गया। वहीं उनकी आने वाली हिंदी फिल्म निर्देशक S. S. Rajamouli के निर्देशन में बन रही वाराणसी है। इस फिल्म में उनके साथ Mahesh Babu और Prithviraj Sukumaran भी नजर आएंगे।