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बेंगलुरु कैफे में ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ का सनसनीखेज बिल, लेमनेड पर भी 5% अतिरिक्त शुल्क, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

नई दिल्ली। बेंगलुरु के थियो कैफे का एक बिल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने लोगों का ध्यान रेस्टोरेंट बिलिंग प्रैक्टिस और बढ़ती लागत की तरफ खींचा है। इस बिल में दो मिंट लेमनेड पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज जोड़ा गया, जो ग्राहकों के लिए चौंकाने वाला रहा। ग्राहक ने दो मिंट लेमनेड ऑर्डर किए, जिनकी कीमत 179 रुपये प्रत्येक थी। कुल सबटोटल 358 रुपये बनी, जिसमें पहले 5% डिस्काउंट (17.90 रुपये) लागू किया गया। इसके बाद स्टैंडर्ड GST (CGST 2.5% + SGST 2.5%) जोड़ा गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बिल में अतिरिक्त 5% गैस क्राइसिस चार्ज (17.01 रुपये) भी शामिल किया गया, जिससे अंतिम बिल 374 रुपये तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँसोशल मीडिया यूजर्स ने इस बिल पर जमकर मज़ाक उड़ाया। कई ने टिप्पणी की कि “लेमनेड बनाने में कौन सी गैस लगी?” और “शायद लेमनेड को फिज़्जी बनाया गया होगा।” कुछ ने इसे कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत अनुचित व्यापारिक प्रथा बताते हुए चेताया कि यदि ऐसे चार्ज अनिवार्य हैं, तो 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। अन्य यूजर्स ने कहा कि यदि यह वैकल्पिक होता, तो ग्राहक इसे समझ सकते थे, लेकिन अनिवार्य चार्ज अधिकारहीन और अनुचित माना जा रहा है। पृष्ठभूमि: LPG संकट और बढ़ती लागतदेश के कई हिस्सों में LPG सिलेंडर की कमी ने रेस्टोरेंट्स और कैफे की लागत बढ़ा दी है। बेंगलुरु में भी कई स्थानों पर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे होटल और कैफे ग्राहकों से अलग से गैस चार्ज वसूल रहे हैं। हालांकि लेमनेड जैसी ड्रिंक आमतौर पर गैस पर नहीं बनाई जाती, लेकिन बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण कुछ कैफे ने गैस क्राइसिस चार्ज लागू किया। मिश्रित प्रतिक्रिया और बहसकुछ लोगों ने कैफे का समर्थन किया, कहा कि गैस की कमी में यह समझदारी भरा कदम हो सकता है। वहीं, अधिकांश यूजर्स ने इसे ग्राहक हित और पारदर्शिता के खिलाफ बताया। सोशल मीडिया पर यह घटना कंज्यूमर राइट्स, बिलिंग पारदर्शिता, महंगाई और व्यवसाय की चुनौतियों पर बहस छेड़ने का कारण बनी है। बेंगलुरु के थियो कैफे ने दो मिंट लेमनेड पर 5% गैस क्राइसिस चार्ज लगाया। बिल की कुल राशि 374 रुपये तक पहुंची, जिसमें डिस्काउंट और GST शामिल हैं। सोशल मीडिया पर इसे अनुचित व्यापारिक प्रथा और मज़ाक बताया गया। बढ़ती LPG कमी और लागत ने रेस्टोरेंट्स को नए चार्ज लगाने पर मजबूर किया। घटना ने कंज्यूमर राइट्स और बिलिंग पारदर्शिता पर बहस को जन्म दिया। इस तरह, बेंगलुरु की यह घटना दिखाती है कि महंगाई, गैस संकट और सप्लाई चेन की चुनौतियाँ आम ग्राहकों तक कैसे सीधे असर डाल रही हैं, और व्यवसायों को अपने बिलिंग मॉडल में बदलाव करने पर मजबूर कर रही हैं।

EC ने चुनाव की घोषणा के तत्काल बाद पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव बदले

कोलकाता। विधानसभा चुनाव (Assembly Elections.) की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए चुनाव आयोग (Election Commission) ने पश्चिम बंगाल (West Bengal ) के मुख्य सचिव (Bengal Chief Secretary) और गृह सचिव (Home Secretary) को बदलने का फैसला किया है। चुनाव की तारीखों के एलान के बाद रविवार रात आयोग ने यह आदेश जारी किया। आयोग के निर्देश के अनुसार राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अब दुष्यंत नारियावाला को नया मुख्य सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा को भी उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह संघमित्रा घोष को नया गृह सचिव नियुक्त किया गया है। हटाए जा सकते हैं डीपीपी और सीपी भीइस बीच, सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है कि पुलिस महानिदेशक और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर भी हटाए जा सकते हैं। चुनाव की घोषणा होते ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है। इस दौरान चुनाव आयोग को प्रशासनिक स्तर पर कई विशेष अधिकार मिल जाते हैं। आयोग जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक पदों पर तैनात अफसरों के तबादले या बदलाव का आदेश दे सकता है। पिछले चुनावों में भी आयोग ने कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों और अन्य अधिकारियों को बदला था। कोलकाता पुलिस आयुक्त सहित कई वरिष्ठ पदों पर भी चुनाव से पहले तबादले के उदाहरण मिलते रहे हैं। हालांकि इस स्तर के शीर्ष पदों पर बदलाव हाल के वर्षों में बहुत कम देखने को मिला है। दुश्यंत नरियाला बने नए मुख्य सचिवनए मुख्य सचिव बनाए गए दुश्यंत नारियावाला वर्ष 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इससे पहले वह राज्य सरकार के उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे। इसके अलावा उन्होंने आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी संभाली है। अतिरिक्त प्रभार के रूप में वह पहले सिंचाई विभाग का कामकाज भी देख चुके हैं। अब नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटाकर आयोग ने दुष्यंत नारियावाला को ही राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। चुनाव आयोग ने उन्हें सोमवार दोपहर तीन बजे तक अपना पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। संघमित्रा घोष को मिली गृह सचिव की जिम्मेदारीवहीं राज्य के नए गृह सचिव के रूप में संघमित्रा घोष को नियुक्त किया गया है। गृह विभाग चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए यह पद काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा मतदानगौरतलब है कि पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव की तारीखों का एलान रविवार (15 मार्च) को चुनाव आयोग ने कर दिया। निर्वाचन आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य में चरणबद्ध तरीके से अधिसूचना जारी होने से लेकर नामांकन दाखिल करने और मतदान की तारीख से लेकर मतगणना की तारीख जारी कर दी। इसके मुताबिक, बंगाल में इस बार सिर्फ दो चरणों में ही चुनाव कराया जाएगा। 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को राज्य में मतदान होगा। वहीं, चार मई को मतगणना तय की गई है। चुनाव कार्यक्रम के तहत पहले चरण की अधिसूचना 30 मार्च को जारी की जाएगी, जबकि दूसरे चरण की अधिसूचना 2 अप्रैल को जारी होगी। पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अप्रैल तय की गई है, वहीं दूसरे चरण के लिए 9 अप्रैल तक नामांकन किया जा सकेगा। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच क्रमशः 7 अप्रैल और 10 अप्रैल को होगी। वहीं उम्मीदवार पहले चरण के लिए 9 अप्रैल और दूसरे चरण के लिए 13 अप्रैल तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। आदर्श आचार संहिता क्या है?आदर्श आचार संहिता राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के मार्गदर्शन के लिए निर्धारित किए गए मानकों का एक ऐसा समूह है जिसे राजनैतिक दलों की सहमति से तैयार किया गया है। आदर्श आचार संहिता में चुनाव आयोग की भूमिका अहम होती है। संविधान के अनुच्छेद 324 के अधीन संसद और राज्य विधानमंडलों के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनावों का आयोजन चुनाव आयोग का सांविधानिक कर्तव्य है। आदर्श आचार संहिता कितने दिनों तक लागू रहती है?चुनाव आयोग द्वारा चुनाव तारीखों की घोषणा की तारीख से इसे लागू किया जाता है और यह चुनाव प्रक्रिया के पूर्ण होने तक लागू रहती है। लोकसभा चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता पूरे देश में, जबकि विधानसभा चुनावों के दौरान पूरे राज्य में लागू होती है।

नेपाल में पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दामों में भारी वृद्धि, जानें कितनी बढ़ी कीमतें

काठमांडू। ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध (Iran and US-Israeli War) के साथ खाड़ी देशों की वर्तमान स्थिति का हवाला देते हुए नेपाल (Nepal) में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में भारी वृद्धि (Increase Petroleum Products Prices) की घोषणा की गई है. नेपाल ऑयल निगम की रविवार देर रात तक चली बैठक में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया गया. निगम द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों और आपूर्ति प्रबंधन में आ रही चुनौतियों के कारण यह निर्णय लिया गया है. नई दरें आज रात 12 बजे से लागू कर दी गई हैं। नए मूल्य समायोजन के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 31 रुपये प्रति लीटर, डीजल में 54 रुपये प्रति लीटर तथा एलपीजी गैस में 296 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। मूल्य वृद्धि के बाद अब पेट्रोल की कीमत 188 रुपये प्रति लीटर, डीजल की कीमत 196 रुपये प्रति लीटर और एलपीजी गैस का मूल्य 2,126 रुपये प्रति सिलेंडर तय किया गया है। निगम ने कहा है कि हाल के समय में मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि नेपाल जैसे पेट्रोलियम उत्पादन न करने वाले देश के लिए अंतरराष्ट्रीय मूल्य वृद्धि का सीधा असर पड़ता है. इससे पहले भी वैश्विक परिस्थितियों के कारण आपूर्ति प्रणाली प्रभावित हुई थी और निगम को इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन को भुगतान करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था. निगम ने मौजूदा समय में भी नेपाल को निरंतर पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति जारी रखने के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन का आभार व्यक्त किया है। नेपाल ऑयल निगम ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में यह समायोजन किया गया है, ताकि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रखा जा सके।

UAE में भ्रामक वीडियो पोस्ट करने के आरोप में 35 लोग गिरफ्तार… 19 भारतीय भी शामिल

दुबई। संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates.- UAE) में सोशल मीडिया पर भ्रामक और फर्जी वीडियो (Misleading and Fake Videos) पोस्ट करने के आरोप में 35 लोगों की गिरफ्तारी का आदेश दिया गया है। इन आरोपियों में 19 भारतीय नागरिक (19 Indian Citizens) भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन लोगों ने क्षेत्रीय तनाव के बीच इंटरनेट पर ऐसी सामग्री साझा की जिससे लोगों में भ्रम और डर फैल सकता था। यूएई की आधिकारिक समाचार एजेंसी WAM के अनुसार, सभी आरोपियों को तेज सुनवाई (फास्ट-ट्रैक ट्रायल) के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी के बाद कार्रवाईयूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की सख्त निगरानी के दौरान यह सामने आया कि कुछ लोग झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाकर सार्वजनिक व्यवस्था और देश की स्थिरता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। जांच में पाया गया कि आरोपी तीन अलग-अलग समूहों में काम कर रहे थे और उन्होंने अलग-अलग तरीकों से भ्रामक सामग्री पोस्ट की। पहला समूह: असली वीडियो के साथ भ्रामक दावेपहले समूह के 10 लोगों ने वास्तविक वीडियो क्लिप पोस्ट किए, जिनमें देश के हवाई क्षेत्र में मिसाइलों के गुजरने या उन्हें रोकने के दृश्य दिखाए गए थे। इन वीडियो के साथ ऐसे कमेंट और साउंड इफेक्ट जोड़े गए जिससे यह लगे कि देश पर हमला हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार इससे लोगों में डर और घबराहट फैल सकती थी। इस समूह में 5 भारतीय, 1 पाकिस्तानी, 1 नेपाली, 2 फिलीपीन नागरिक और 1 मिस्र का नागरिक शामिल है। दूसरा समूह: एआई से बनाए गए फर्जी वीडियोदूसरे समूह के 7 लोगों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके विस्फोट, मिसाइल हमलों और आग लगने जैसे नकली दृश्य तैयार किए। इन वीडियो में राष्ट्रीय झंडे और तारीखें भी जोड़ी गईं ताकि लोग इन्हें असली समझ लें। कई वीडियो ऐसे थे जिन्हें दूसरे देशों की घटनाओं से जोड़कर यूएई का बताया गया। इस समूह में पांच भारतीय, एक नेपाली और एक बांग्लादेशी शामिल हैं। तीसरा समूह: दूसरे देश की सैन्य कार्रवाई का प्रचारतीसरे समूह के 6 लोगों पर एक ऐसे देश की सैन्य कार्रवाई और नेतृत्व की तारीफ करते हुए सामग्री साझा करने का आरोप है जिसे यूएई ने शत्रुतापूर्ण राज्य बताया है। इस समूह में पांच भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल है। इसके अलावा दो और भारतीयों पर भी इसी तरह के आरोप लगाए गए हैं। पहले भी 10 लोगों की गिरफ्तारी का आदेशइससे पहले शनिवार को भी 10 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जिनमें दो भारतीय शामिल थे। अभियोजन पक्ष ने सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में भेज दिया गया है। सख्त सजा का प्रावधानयूएई के कानून के अनुसार, इस तरह के अपराधों में कम से कम एक साल की जेल और एक लाख दिरहम (लगभग 22 लाख रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अटॉर्नी जनरल अल शम्सी ने कहा कि हालिया क्षेत्रीय तनाव का फायदा उठाकर झूठी जानकारी फैलाने की कोशिश की गई, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता को खतरा हो सकता था।

चैत्र अमावस्या 18 मार्च, फिर 15 दिन महोत्सवों की भरमार, नवरात्र से हनुमान जयंती तक उत्सवों का दौर

नई दिल्ली। हिंदू नववर्ष की शुरुआत करीब है। हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए विक्रम संवत की शुरुआत होती है। इस साल 18 मार्च को चैत्र अमावस्या है और इसके अगले दिन, 19 मार्च 2026 से विक्रम संवत 2083 का नया वर्ष प्रारंभ होगा, जिसे रौद्र संवत्सर के नाम से जाना जाएगा। गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्र19 मार्च से हिंदू नववर्ष का स्वागत गुड़ी पड़वा पर्व के रूप में महाराष्ट्र में किया जाएगा, जबकि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसे युगादी के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन से मां दुर्गा की आराधना का 9 दिवसीय पर्व, चैत्र नवरात्र, भी शुरू होगा। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का आयोजन किया जाएगा। मार्च में प्रमुख व्रत-त्योहार20 मार्च 2026 (शुक्रवार): सिंधी समुदाय का प्रमुख पर्व झूलेलाल जयंती। 21 मार्च 2026 (शनिवार): मत्स्य जयंती, गौरी पूजा और राजस्थान में धूमधाम से मनाया जाने वाला गणगौर पर्व। 26 मार्च 2026 (गुरुवार): चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि, हवन और कन्या पूजन का आयोजन। 27 मार्च 2026 (शुक्रवार): रामनवमी का पर्व और नवरात्र का समापन, ज्वारों का विसर्जन भी इसी दिन। 29 मार्च 2026 (रविवार): कामदा एकादशी व्रत। 31 मार्च 2026 (मंगलवार): जैन धर्मावलंबियों का महापर्व महावीर जयंती। 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार): हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा व्रत। इस दिन चैत्र मास का समापन भी होगा।

युवराज के 6 छक्कों से नहीं, क्रिस गेल के 175 रन के वर्ल्ड रिकॉर्ड से है वैभव सूर्यवंशी की नजर

नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में उभरते युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी बेहद कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। महज 14 साल की उम्र में क्रिकेट जगत में तेजी से पहचान बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज ने अब अपना अगला बड़ा लक्ष्य भी तय कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि वह टी20 क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने के रिकॉर्ड को नहीं बल्कि क्रिस गेल के ऐतिहासिक 175 रनों के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं। उत्साहित हाल ही में आयोजित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सालाना आयोजन के दौरान मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने वैभव सूर्यवंशी से एक दिलचस्प सवालपूछा। उनसे कहा गया कि अगर उन्हें तीन बड़े रिकॉर्ड्स में से किसी एक को तोड़ने का मौका मिले तो वह किसे चुनेंगे। इन विकल्पों में एक ओवर में छह छक्के लगाने का रिकॉर्ड आईपीएल में 175 रन की सबसे बड़ी पारी और आईपीएल में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड शामिल था। इस सवाल के जवाब में वैभव सूर्यवंशी ने बिना ज्यादा सोचे सीधे क्रिस गेल के 175 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने की इच्छा जाहिर की। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में इतनी बड़ी पारी खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। वैभव सूर्यवंशी ने पिछले आईपीएल सीजन में डेब्यू करते ही सनसनी मचा दी थी। उन्होंने अपने पहले ही मैच की पहली गेंद पर छक्का लगाकर क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अपने डेब्यू सीजन में उन्होंने शानदार शतक भी लगाया और सिर्फ 7 मैचों में 252 रन बनाकर अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी का नमूना पेश किया। इसके बाद से उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। आईपीएल के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय जूनियर स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने ICC अंडर-19 क्रिकेट विश्व कपका खिताब भी अपने नाम किया। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 175 रनों की तूफानी पारी खेलकर टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। वैभव के नाम आईपीएल में 35 गेंदों पर दूसरी सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इस सूची में पहले स्थान पर क्रिस गेल हैं जिन्होंने 30 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रचा था।टी20 क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने का कारनामा सबसे पहले भारतीय दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह ने किया था। उन्होंने 2007 में आयोजित ICC T20 विश्व कप 2007 के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। वहीं क्रिस गेल ने 2013 के आईपीएल में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 175 रनों की नाबाद पारी खेलकर टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड बनाया था। पिछले 13 सालों में टी20 क्रिकेट का स्तर काफी बदल चुका है लेकिन आज तक कोई भी बल्लेबाज इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया है। हालांकि जिस तरह की आक्रामक बल्लेबाजी वैभव सूर्यवंशी करते हैं उसे देखकर क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में वह इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।

गैस सिलेंडर न मिलने से भड़की महिला, एजेंसी पर किया हंगामा; लोगों ने कहा माता आ गई,

मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के जौरा क्षेत्र से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है जहां घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलने से परेशान एक महिला ने गैस एजेंसी के बाहर जमकर हंगामा कर दिया। कई दिनों से सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही महिला जब इस बार भी खाली हाथ रह गई तो उसने वहीं खड़े होकर जोर जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। इस दौरान वह जीभ निकालकर अजीब हरकतें करने लगी जिससे वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला एजेंसी के गेट के पास खड़ी होकर जोर जोर से चिल्ला रही है और कर्मचारियों से बार बार गैस सिलेंडर देने की मांग कर रही है। इसी दौरान वह जीभ निकालकर डरावनी आवाजें भी निकालने लगती है। उसकी हरकतों को देखकर वहां मौजूद कुछ लोगों ने इसे माता आना बता दिया और कहने लगे कि महिला पर देवी का साया आ गया है। हालांकि कई लोग उसे समझाने और शांत कराने की कोशिश करते भी दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि महिला पिछले कई दिनों से घरेलू गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रही थी। बार बार आने के बावजूद जब उसे सिलेंडर नहीं मिला तो उसका गुस्सा फूट पड़ा। गुस्से और हताशा में उसने एजेंसी के गेट को पकड़कर जोर जोर से हिलाना भी शुरू कर दिया और उसे तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर मौजूद अन्य उपभोक्ता और कर्मचारी भी उसकी स्थिति देखकर हैरान रह गए। स्थानीय लोगों के मुताबिक इलाके में पिछले कुछ दिनों से घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर दिक्कतें आ रही थीं। कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने के लिए बार बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। इसी वजह से लोगों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। इस पूरे मामले को लेकर जौरा के एसडीएम शुभम शर्मा का कहना है कि हाल ही में गैस बुकिंग के सर्वर में तकनीकी समस्या आ गई थी जिसके कारण कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिलने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि अब सर्वर की समस्या ठीक कर दी गई है और एजेंसियों में गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उपभोक्ताओं के नंबर के अनुसार सिलेंडर दिए जा रहे हैं। एसडीएम ने यह भी कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है और महिला को किस वजह से परेशानी हुई इसकी भी जांच कराई जाएगी। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि देर तक चले इस पूरे हंगामे के बाद भी महिला को उस समय गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया और उसे खाली हाथ ही लौटना पड़ा।

यूपी में LPG गैस की किल्लत का असर, 250 छोटे उद्योग बंद, 40% स्ट्रीट फूड ठेले ठप

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में लखनऊ समेत कई जिलों में एलपीजी गैस की किल्लत का असर साफ दिख रहा है। घरेलू सिलेंडरों के लिए गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं, जबकि कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति न होने से छोटे और मझोले उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। स्ट्रीट फूड दुकानों का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा बंद हो गया है और गैस आधारित उद्योगों की उत्पादन क्षमता भी प्रभावित हुई है। घरेलू गैस संकटलखनऊ में कई दिनों से लोग सिलेंडर बुक कराने के बाद भी गैस प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। मोबाइल बुकिंग से भी सिलेंडर नहीं मिल रहा। जिनके पास सिर्फ एक सिलेंडर बचा है, उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उद्योगों और स्ट्रीट फूड पर असरकरीब 250 छोटे उद्योग पूरी तरह बंद हो गए हैं। प्लास्टिक, पैकेजिंग और दवा उद्योग भी प्रभावित हुए हैं। ब्रज मंडल के स्कूलों में अब मिड-डे मील लकड़ी के चूल्हों पर बनाना पड़ रहा है। फिरोजाबाद में बंद होने वाले चूड़ी कारखानों की संख्या 90 से बढ़कर 112 हो गई। एटा और कासगंज में सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। वाराणसी और पूर्वांचल में औद्योगिक क्षेत्रों में गैस संकट के कारण लगभग 30 प्रतिशत उत्पादन ठप रहा। पैकेजिंग इकाइयों में एक सप्ताह से उत्पादन रुक चुका है। रेलवे स्टेशनों के बेस किचन, फूड प्लाजा और जन-आहार संचालन के लिए भी सिलेंडर की आपूर्ति जरूरी हो गई। प्रशासन की कार्रवाई और सुरक्षाजौनपुर में एक एजेंसी पर तोड़फोड़ की कोशिश की गई, बलिया में गैस गोदाम के मैनेजर को धमकी दी गई। मुरादाबाद में एजेंसी पर छापेमारी की गई और अमरोहा में चार दिन गैस न मिलने पर गजरौला मार्ग पर जाम लग गया। हमीरपुर में जिला पूर्ति विभाग ने सुमेरपुर ब्लॉक में छापेमारी कर चार जगहों से 18 सिलेंडर जब्त किए। होटल-रेस्टोरेंट भी प्रभावितगोरखपुर में कमर्शियल सिलेंडर की कमी से होटल और रेस्टोरेंट संचालक कोयला, लकड़ी और डीजल भट्ठी का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद 87 एजेंसियों ने 25,000 से अधिक उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराया। राजनीतिक प्रतिक्रियाएलपीजी संकट को लेकर सपा और कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोला है। सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि नोटबंदी के बाद अब सिलेंडरों के लिए भी मारामारी हो रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि सिलेंडरों की कमी से कोविड-जैसे हालात बन रहे हैं और कारोबार प्रभावित हो रहा है।

व्रत में मीठा भी और हेल्दी भी, खजूर से बने साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड की आसान रेसिपी

नई दिल्ली:नवरात्रि के व्रत शुरू होते ही ज्यादातर घरों में खाने का मेन्यू लगभग एक जैसा हो जाता है। साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा या फिर साधारण फलाहार बार-बार बनने लगता है। कुछ ही दिनों में लोगों को कुछ अलग और हल्का खाने का मन होने लगता है। ऐसे समय में अगर व्रत के दौरान कुछ मीठा, ठंडा और हेल्दी मिल जाए तो स्वाद के साथ ऊर्जा भी मिलती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसी ही एक खास रेसिपी तेजी से ट्रेंड कर रही है, जिसे बिना चीनी का साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड कहा जा रहा है। इस रेसिपी को फूड कंटेंट क्रिएटर वृत्ता साहनी ने शेयर किया है और खास बात यह है कि इसमें चीनी का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता। मिठास के लिए खजूर का उपयोग किया जाता है, जो प्राकृतिक स्वीटनर की तरह काम करता है। इसके साथ मखाने, बादाम, काजू और ताजे फलों का मिश्रण इसे स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाता है। यही वजह है कि यह डिश व्रत रखने वालों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। नवरात्रि के दौरान लोग सात्विक और हल्का भोजन करना पसंद करते हैं, लेकिन विकल्प सीमित होने की वजह से अक्सर एक ही तरह का खाना बनता है। साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड इसी पारंपरिक फलाहार का एक नया और हेल्दी रूप है। इसमें साबूदाना, दूध, ड्राई फ्रूट्स और ताजे फलों का संतुलित मिश्रण होता है, जिससे शरीर को ऊर्जा भी मिलती है और स्वाद भी बरकरार रहता है। इस रेसिपी की एक और खासियत यह है कि इसमें बाजार में मिलने वाले कस्टर्ड पाउडर की जरूरत नहीं पड़ती। कस्टर्ड का बेस पूरी तरह से मखाने और मेवों से तैयार किया जाता है। इसके लिए लगभग एक कप भुने हुए मखाने, आधा कप बादाम, दस काजू, थोड़ा केसर और इलायची पाउडर लिया जाता है। मिठास के लिए लगभग बारह से पंद्रह खजूर का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी चीजें स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर को जरूरी पोषण भी देती हैं, जो व्रत के दिनों में काफी फायदेमंद होता है। कस्टर्ड बनाने के लिए सबसे पहले बादाम, काजू, मखाने, खजूर, केसर और इलायची को एक बाउल में डालकर उसमें एक कप गर्म दूध मिला दिया जाता है। इस मिश्रण को लगभग तीस मिनट तक भिगोकर रखा जाता है ताकि खजूर मुलायम हो जाएं और मेवे अच्छी तरह फूल जाएं। इसके बाद इन सभी चीजों को मिक्सर में पीसकर गाढ़ा और क्रीमी पेस्ट तैयार किया जाता है। यही पेस्ट पूरे कस्टर्ड का बेस बनता है और इसमें खजूर की हल्की मिठास और केसर की खुशबू स्वाद को खास बना देती है। इसके बाद एक बर्तन में करीब दो कप दूध हल्का गर्म किया जाता है और उसमें तैयार किया हुआ मेवों का पेस्ट डालकर धीमी आंच पर चलाया जाता है। अब इसमें पहले से उबला या स्टीम किया हुआ साबूदाना मिलाया जाता है। पकने के बाद साबूदाना पारदर्शी मोतियों जैसा दिखने लगता है, जो कस्टर्ड में अच्छा टेक्सचर देता है। कुछ देर तक मिश्रण को चलाने के बाद यह कस्टर्ड जैसा गाढ़ा हो जाता है। जब यह थोड़ा ठंडा हो जाए तो इसमें कटे हुए ताजे फल जैसे आम, केला, अनार और अंगूर मिलाए जाते हैं। फल न केवल स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी देते हैं। तैयार साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड को एक से दो घंटे के लिए फ्रिज में रख दिया जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। परोसते समय ऊपर से कटे हुए पिस्ता या गुलाब की पंखुड़ियां डालकर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है। यह डिश न केवल स्वादिष्ट है बल्कि मखाने, दूध और ड्राई फ्रूट्स की वजह से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है। इसी कारण इसे नवरात्रि व्रत के दौरान एक हेल्दी और एनर्जी देने वाला विकल्प माना जा रहा है।

चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहते हैं? रोज़ डाइट में शामिल करें ये 5 फल, 15 दिनों में दिखेगा फर्क

नई दिल्ली । स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए सिर्फ महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ फलों में मौजूद विटामिन एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और प्राकृतिक निखार लाते हैं। प्रदूषण तनाव और गलत खानपान अक्सर चेहरे पर दाग धब्बे और झुर्रियों का कारण बनते हैं। ऐसे में फलों का नियमित सेवन आपकी त्वचा को स्वस्थ जवान और ग्लोइंग बनाए रख सकता है। पपीता पपीता में पपेन नामक एंजाइम होता है जो मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है। यह त्वचा की रंगत को साफ करता है और हाइड्रेशन बनाए रखता है। विटामिन ए से भरपूर पपीता पाचन सुधारने के साथ साथ त्वचा को अंदर से पोषण भी देता है। संतरा संतरा विटामिन सी और सिट्रिक एसिड का बेहतरीन स्रोत है। यह कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है जिससे त्वचा का ढीलापन कम होता है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है। इसके नियमित सेवन से डार्क स्पॉट्स हल्के पड़ते हैं और त्वचा स्वस्थ दिखती है। अनार अनार को जवानी का फल कहा जाता है। यह शरीर में खून बढ़ाता है और चेहरे पर गुलाबी निखार लाता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा की सुरक्षा करते हैं और समय से पहले झुर्रियों को रोकते हैं।तरबूज तरबूज में लगभग 92% पानी होता है जो त्वचा की कोशिकाओं को अंदर से हाइड्रेटेड प्लंप और फ्रेश रखता है। इसमें मौजूद लाइकोपीन त्वचा को सूरज की जलन और लालिमा से बचाता है। गर्मियों में तरबूज का सेवन स्किन ग्लो के लिए बेहद फायदेमंद है। कीवी कीवी में विटामिन सी और ई की उच्च मात्रा होती है। यह त्वचा की मरम्मत में मदद करता है दाग धब्बों को कम करता है और आंखों के नीचे काले घेरे घटाता है। नियमित सेवन से त्वचा में कसावट और निखार आता है।कैसे और कब खाएं फलों का पूरा फायदा उठाने के लिए उन्हें सुबह खाली पेट या दोपहर के नाश्ते में खाना सबसे अच्छा है। जूस के बजाय साबुत फल खाएं ताकि फाइबर भी मिल सके। यदि आप लगातार 15 दिनों तक इन 5 फलों को अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो चेहरे पर साफ और प्राकृतिक ग्लो महसूस किया जा सकता है।