भारत ने अमेरिका समेत कई देशों से बढ़ाया LPG आयात, सप्लाई पूरी तरह सामान्य

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को कहा गया कि भारत ने अमेरिका सहित कई देशों से एलपीजी को आयात करना शुरू कर दिया है। साथ ही बताया कि देश में आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर से गैस खत्म होने की रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की विपणन एवं तेल रिफाइनरी संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि अधिकांश एलपीजी खाड़ी देशों से आ रही है। शर्मा ने कहा, “हमारी तेल कंपनियों ने अमेरिका से एलपीजी लेना शुरू कर दिया है। सरकार एलपीजी के स्रोतों में विविधता लाने के लिए भी हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने आगे कहा, “विविधीकरण बढ़ने के कारण आज हमें अधिक कच्चा तेल मिल रहा है। राज्यों द्वारा वितरण कार्य फिर से शुरू करने के साथ ही वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति भी आंशिक रूप से बहाल हो गई है। घरेलू एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग भी शुरू कर दिया गया है। शर्मा ने बताया कि घबराहट के कारण बढ़ी मांग में कमी आ रही है और बुकिंग में गिरावट देखी जा रही है। 13 मार्च को 89 लाख बुकिंग दर्ज की गई थीं, जो आज घटकर 70 लाख रह गई हैं। उन्होंने कहा कि एलपीजी रिफिल वितरण दर संघर्ष से पहले जैसी ही है और उन्होंने उपभोक्ताओं से जमाखोरी और कालाबाजारी से खरीददारी से बचने का आग्रह किया।मंत्रालय के अनुसार, ईंधन की उपलब्धता स्थिर बनी हुई है, रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चल रही हैं और पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार है। शर्मा ने कहा, “किसी भी एलपीजी वितरक के पास ईंधन की कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। साथ ही, डिजिटल प्लेटफॉर्मों की ओर बढ़ते रुझान से बुकिंग में सुधार हुआ है। इस बीच, भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘नंदा देवी’ मंगलवार को गुजरात के वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा, जो इस सप्ताह पश्चिमी तट पर पहुंचने वाला दूसरा एलपीजी वाहक बन गया। इससे एक दिन पहले ‘शिवालिक’ मुंद्रा बंदरगाह पर पहुंचा था। दोनों जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर बेहद जोखिम भरे मार्ग से गुजरने के बाद भारत को महत्वपूर्ण एलपीजी आपूर्ति पहुंचा रहे थे। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान- अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण समुद्री यातायात बाधित है।
West Bengal Election 2026: क्या चौथी बार सत्ता में लौटेंगी ममता बनर्जी या BJP बदलेगी 15 साल का खेल?

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल तेज हो गया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं और इस बार उनकी नजर लगातार चौथी जीत पर है। अगर वह इस चुनाव में जीत हासिल करती हैं, तो वह राज्य की पहली ऐसी नेता बन जाएंगी जो लगातार चार बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाएंगी। 15 साल की सत्ता और नया चुनावी इम्तिहानममता बनर्जी ने साल 2011 में 34 साल पुराने वामपंथी शासन को खत्म कर सत्ता संभाली थी। इसके बाद 2016 और 2021 में भी उनकी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने जीत दर्ज की। अब 2026 का चुनाव उनके लिए एक बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है, क्योंकि इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बाद जनता के बीच असंतोष भी एक बड़ा फैक्टर बन सकता है। चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार मतदान दो चरणों में होगा: 23 अप्रैल 29 अप्रैल जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पिछली बार की तुलना में इस बार कम चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं। लगातार 15 साल से सत्ता में रहने के कारण एंटी-इनकम्बेंसी एक बड़ी चुनौती बन सकती है। लोगों के बीच कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वोटर लिस्ट विवादइस चुनाव में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। करीब 63 लाख वोटरों के नाम हटाए गए लाखों नाम अभी भी जांच में यह मुद्दा चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है। बीते कुछ सालों में TMC सरकार पर कई घोटालों के आरोप लगे हैं, जैसे शिक्षक भर्ती घोटाला, राशन (PDS) घोटाला, तस्करी से जुड़े मामले इन मुद्दों पर विपक्ष लगातार हमलावर है। राज्य में वक्फ कानून और अन्य मुद्दों को लेकर भी विवाद बढ़ा है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक माहौल प्रभावित हुआ है। BJP की बढ़ती चुनौतीइस बार BJP ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर देने की तैयारी में हैृ। 2021 के मुकाबले पार्टी इस बार ज्यादा आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरी है। चुनाव से पहले ममता सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं लक्ष्मी भंडार योजना की राशि बढ़ाई बेरोजगार युवाओं के लिए आर्थिक मदद सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) पुजारियों और मुअज्जिनों के मानदेय में बढ़ोतरी इन योजनाओं के जरिए ममता बनर्जी अलग-अलग वर्गों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही हैं। क्या फिर बनेगी सरकार?राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी अब भी राज्य की सबसे मजबूत नेता हैं, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा कठिन है। शहरी इलाकों में नाराजगी और भ्रष्टाचार के आरोप चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। बंगाल चुनाव 2026 सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक भविष्य की बड़ी परीक्षा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह चौथी बार जीतकर इतिहास रचती हैं या इस बार बंगाल की सत्ता में बदलाव आता है।
एनपीसीआई ने श्रीलंका में यूपीआई की स्वीकार्यता का विस्तार किया, अर्थव्यवस्था के साथ पर्यटकों को होगा फायदा

नई दिल्ली। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय इकाई एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट लिमिटेड (एनआईपीएल) ने मंगलवार को कहा कि वह श्रीलंका में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की स्वीकार्यता में विस्तार कर रहा है। एनपीसीआई ने आगे कहा कि इससे भारतीय यात्रियों के लिए श्रीलंका में भुगतान का अनुभव अच्छा होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। भारत में 700 मिलियन से अधिक क्यूआर टचपॉइंट्स के साथ, प्लेटफॉर्म की इंटरऑपरेबल आर्किटेक्चर वैश्विक प्रणालियों के साथ एकीकरण को सक्षम बनाती है, जिसमें श्रीलंका का लंकापे-संचालित लंकाक्यूआर इंफ्रास्ट्रक्चर भी शामिल है। पर्यटन क्षेत्र के लिए भारत श्रीलंका का सबसे बड़ा स्रोत बाजार बना हुआ है। 2024 में 4.16 लाख से अधिक भारतीय पर्यटकों श्रीलंका गए थे, यह आंकड़ा 2025 में बढ़कर 5.31 लाख हो गया। इस स्थिर वृद्धि ने घूमने, खरीदारी, शादियों और आध्यात्मिक पर्यटन के लिए द्वीप पर आने वाले भारतीय यात्रियों के लिए सुविधाजनक और विश्वसनीय भुगतान समाधानों की मांग को बढ़ा दिया है। एनपीसीआई ने कहा, “एनआईपीएल और लंकापे के बीच सहयोग के माध्यम से, भारतीय पर्यटक अब यूपीआई-सक्षम ऐप का उपयोग करके लंकाक्यूआर कोड को स्कैन करके पूरे श्रीलंका में डिजिटल भुगतान कर सकते हैं, जिससे नकदी पर निर्भरता कम हो जाएगी।” यह सेवा प्रमुख प्रतिष्ठानों, जिनमें होटल चेन, खुदरा दुकानें और सुपरमार्केट शामिल हैं, में उपलब्ध है। इस सेवा की व्यापक स्वीकृति के लिए, एनआईपीएल श्रीलंका के घरेलू भुगतान ढांचे के अनुरूप, श्रीलंका के केंद्रीय बैंक, अधिग्रहण करने वाले बैंकों और व्यापारियों जैसे प्रमुख हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। एनपीसीआई के अनुसार, इस पहल से यात्रियों और व्यापारियों दोनों को लाभ होने की उम्मीद है। पर्यटकों को वास्तविक समय में भुगतान, पारदर्शी विनिमय दरें और एक परिचित भुगतान इंटरफेस की सुविधा मिलेगी, वहीं श्रीलंकाई व्यवसाय एक बड़े डिजिटल ग्राहक आधार का लाभ उठा सकेंगे, नकदी प्रबंधन में सुधार कर सकेंगे और भौतिक मुद्रा पर निर्भरता कम कर सकेंगे। एनपीसीआई इंटरनेशनल के एमडी और सीईओ रितेश शुक्ला ने कहा कि कंपनी सीमा पार लेनदेन को सरल बनाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए अंतर-संचालनीय भुगतान गलियारों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा, “यूपीआई के बढ़ते उपयोग के साथ, हमारा लक्ष्य आतिथ्य, खुदरा और पर्यटन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भुगतान स्वीकृति को बढ़ाना है, जिससे व्यवसायों के लिए मूल्य सृजित हो और समग्र यात्रा अनुभव बेहतर हो।
ईरान संघर्ष के बीच ट्रंप ने टाली चीन यात्रा, बोले युद्ध ज्यादा लंबा नहीं चलेगा

वॉशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव के बीच अपनी चीन यात्रा फिलहाल टाल दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए उनका व्हाइट हाउस में रहना जरूरी है और यही कारण है कि उन्होंने बीजिंग दौरे को करीब एक महीने के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया है। ट्रंप की यह यात्रा 28 मार्च से 1 अप्रैल के बीच प्रस्तावित थी लेकिन अब नई तारीखों की घोषणा नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि वे चीन जाने के इच्छुक हैं और दोनों देशों के रिश्ते अच्छे हैं लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका में रहना प्राथमिकता है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है और यह ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं कि युद्ध इसी सप्ताह समाप्त हो जाए। ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम वैश्विक सुरक्षा के हित में उठाया गया है। उनके अनुसार यदि यह कार्रवाई नहीं की जाती तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते थे। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है जिसमें उसकी नौसेना वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से युद्ध से बचना चाहते थे लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें यह फैसला लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम केवल अमेरिका के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। शेयर बाजार पर संभावित असर को लेकर ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बाजार में ज्यादा गिरावट देखने को मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके मुताबिक अगर थोड़े समय के लिए असर पड़ता भी है तो यह बहुत छोटी कीमत है। जब उनसे भविष्य की सैन्य रणनीति या जमीनी सेना भेजने की संभावना पर सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। कुल मिलाकर ईरान के साथ जारी तनाव के बीच ट्रंप का यह फैसला वैश्विक कूटनीति और सुरक्षा पर गहरा असर डाल सकता है जबकि दुनिया की नजर अब इस संघर्ष के संभावित अंत पर टिकी हुई है।
टीवी के फेवरेट कपल Divyanka Tripathi-Vivek Dahiya के घर आएगी खुशखबरी, 10 साल बाद गूंजेंगी किलकारियां

नई दिल्ली: टीवी इंडस्ट्री के सबसे लोकप्रिय और चहेते कपल्स में गिने जाने वाले Divyanka Tripathi और Vivek Dahiya को लेकर इन दिनों एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। खबरों की मानें तो शादी के लगभग 10 साल बाद यह कपल अपने पहले बच्चे का स्वागत करने जा रहा है। हालांकि अभी तक दोनों में से किसी ने भी इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस खबर ने फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपल के करीबी सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि दिव्यांका और विवेक जल्द ही माता-पिता बनने वाले हैं और उनके परिवारों ने इस खास मौके की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में एक प्राइवेट बेबी शॉवर सेरेमनी भी आयोजित की जा सकती है, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस ने खुशी जाहिर करनी शुरू कर दी है। हर कोई बस उस पल का इंतजार कर रहा है जब यह प्यारा कपल खुद इस खुशखबरी को अपने अंदाज में साझा करेगा। हाल ही में Divyanka Tripathi ने होली के मौके पर सोशल मीडिया पर कुछ खूबसूरत तस्वीरें साझा की थीं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने एक भावुक कैप्शन भी लिखा, जिसमें उन्होंने अपने बचपन की होली की यादों को ताजा किया। उन्होंने लिखा कि हर होली अपने साथ बीते दिनों की यादों का सैलाब लेकर आती है और उन्हें अपने पुराने दोस्तों के साथ बिताए गए वे पागलपन भरे पल आज भी याद आते हैं। दिव्यांका की प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने टीवी इंडस्ट्री में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता Banoo Main Teri Dulhann में निभाए गए विद्या और दिव्या के डबल रोल से मिली। इसके बाद Yeh Hai Mohabbatein में डॉ. इशिता भल्ला के किरदार ने उन्हें हर घर का पसंदीदा चेहरा बना दिया। वहीं Vivek Dahiya भी टीवी इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं और दोनों की जोड़ी को फैंस ने हमेशा खूब प्यार दिया है। दोनों की केमिस्ट्री रियलिटी शो Nach Baliye 8 में भी देखने को मिली, जहां इस कपल ने शानदार परफॉर्मेंस देते हुए ट्रॉफी अपने नाम की थी। दिव्यांका और विवेक की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दोनों की मुलाकात Yeh Hai Mohabbatein के सेट पर हुई थी, जहां से उनकी दोस्ती प्यार में बदली। 16 जनवरी 2016 को दोनों ने सगाई की और उसी साल 8 जुलाई को शादी के बंधन में बंध गए। आज यह जोड़ी टीवी की दुनिया की सबसे क्यूट और प्रेरणादायक जोड़ियों में से एक मानी जाती है। अगर यह खबर सच साबित होती है, तो यह उनके जीवन का एक नया और बेहद खूबसूरत अध्याय होगा। इस खबर की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन इतना तय है कि इस कपल के घर आने वाली खुशियां उनके चाहने वालों के लिए भी किसी जश्न से कम नहीं होंगी।
West Asia crisis: फिनलैंड के राष्ट्रपति की अपील पश्चिम एशिया में सीजफायर के लिए भारत निभाए अहम भूमिका

West Asia crisis: नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने भारत से अहम कूटनीतिक भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने अमेरिका ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के बीच तुरंत सीजफायर की जरूरत बताई है। ब्लूमबर्ग को दिए एक इंटरव्यू में स्टब ने कहा कि वैश्विक समुदाय को दुश्मनी रोकने और संवाद के रास्ते खोलने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि भारत अपनी संतुलित विदेश नीति के चलते इस संकट को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। स्टब ने कहा हमें तत्काल सीजफायर की जरूरत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। उन्होंने एस. जयशंकर द्वारा पहले की गई शांति अपील का भी उल्लेख किया। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के बीच सक्रिय कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। हाल ही में विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से बातचीत कर स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान ईरान ने मौजूदा संघर्ष को अमेरिका और इजरायल के हमलों का परिणाम बताया और आत्मरक्षा के अपने अधिकार पर जोर दिया। भारत इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। खासतौर पर क्षेत्रीय स्थिरता ऊर्जा आपूर्ति और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी बातचीत की। बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने आम नागरिकों की बढ़ती मौतों पर चिंता जताते हुए शांति और स्थिरता बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता भारत की प्राथमिकता है।मौजूदा हालात को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि भारत मध्यस्थता की भूमिका निभाता है तो यह क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
मंडला में जनपद CEO के खिलाफ सरपंचों का प्रदर्शन, 42 जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर से की शिकायत; 7 दिन में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में बीजाडांडी जनपद पंचायत क्षेत्र के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायत CEO के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनपद सीईओ बसंती दुबे को पद से हटाने की मांग को लेकर 42 सरपंचों जनपद अध्यक्ष और सदस्यों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन कर रहे जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं की गई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। सरपंचों ने सीईओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हर कार्य में कमीशन की मांग की जाती है और काम समय पर नहीं किए जाते जिससे पंचायतों का कामकाज प्रभावित हो रहा है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जनपद स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा की जा रही है और अधिकारियों द्वारा मनमानी तरीके से कार्य किया जा रहा है। सरपंचों का कहना है कि प्रशासनिक सहयोग के बजाय उन्हें अनावश्यक दबाव का सामना करना पड़ रहा है जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायतों में कोई भी काम सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है और स्थानीय स्तर पर समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इससे पहले भी निवास जनपद क्षेत्र में इसी तरह के आरोपों को लेकर एक अन्य सीईओ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जा चुका है जिससे यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। इस मामले में जनपद सीईओ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं शिकायतकर्ताओं में राजेंद्र पुटा मदन सिंह और पुष्पा मरकाम शामिल हैं जिन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि तय समय सीमा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो जिले में बड़ा जनआंदोलन देखने को मिल सकता है।
दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने पर जोर, भोपाल में हुई क्षेत्रीय बैठक में जागरूकता अभियान की जरूरत बताई गई

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित क्षेत्रीय परामर्श बैठक में दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण और पुनर्वास को लेकर गंभीर मंथन हुआ। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को संस्थाओं से निकालकर परिवार का स्नेह दिलाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है। मंत्री भूरिया ने कहा कि समाज की सकारात्मक सोच और संवेदनशीलता से ही इन बच्चों को सुरक्षित और बेहतर भविष्य मिल सकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिव्यांग शब्द के उपयोग से समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में गैर संस्थागत पुनर्वास को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के माध्यम से स्पॉन्सरशिप और आफ्टर केयर जैसी सुविधाएं देकर बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव जी. वी. रश्मि ने कहा कि भारतीय समाज में संस्कारों का महत्व होने के बावजूद दिव्यांग बच्चों को गोद लेने में सामाजिक रूढ़ियां बाधा बनती हैं। उन्होंने जोर दिया कि समाज की संवेदनशीलता ही इन बच्चों का भविष्य बदल सकती है। वहीं केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण की उप निदेशक ऋचा ओझा ने बताया कि देशभर में ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से दत्तक ग्रहण को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में दत्तक ग्रहण का प्रतिशत अभी भी काफी कम है और इसे बढ़ाने के लिए नीति सुधार और जागरूकता जरूरी है। मंत्री भूरिया ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2024 25 में देश में 4 155 बच्चों को गोद लिया गया जिनमें केवल 7 प्रतिशत दिव्यांग बच्चे थे। इनमें से अधिकांश को विदेशी दंपत्तियों ने अपनाया जो देश में जागरूकता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सफल दिव्यांग व्यक्तियों को ब्रांड एम्बेसडर बनाकर समाज में सकारात्मक संदेश फैलाया जा सकता है। साथ ही ऐसे बच्चों को गोद लेने वाले परिवारों के लिए चिकित्सा फिजियोथेरेपी शिक्षा सहायता और बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जाना चाहिए। बैठक में उत्तर प्रदेश उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। इस दौरान दत्तक ग्रहण की वर्तमान स्थिति कानूनी प्रक्रियाओं की चुनौतियों और बेहतर समन्वय के उपायों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में बालिका गृह भोपाल और जवाहर बाल भवन के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दत्तक ग्रहण के महत्व का संदेश भी दिया।
क्रिकेटर कुलदीप यादव का लखनऊ में भव्य रिसेप्शन, शिखर धवन-सोफी समेत पहुंचे सितारे

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव का आज लखनऊ में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया गया है। कुलदीप के परिवार के लोग और करीबी होटल ‘द सेंट्रम’ पहुंच चुके हैं, जहां पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन अपनी पत्नी सोफी के साथ शामिल हुए। आगमन पर दोनों पर फूलों की बारिश की गई। इसके अलावा रविंद्र जडेजा और यशस्वी जायसवाल भी लखनऊ आ चुके हैं। रिसेप्शन में शामिल होने वाले VVIP और क्रिकेट सितारेरिसेप्शन शाम 7 बजे से शुरू होगा। इसमें ICC चेयरमैन जय शाह, टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली समेत 900 से अधिक मेहमान शामिल होने की संभावना है। VVIP मेहमानों के लिए 4 चार्टर्ड प्लेन का इंतजाम किया गया है। राजनीति, उद्योग और मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियां भी इस भव्य समारोह में शामिल हो सकती हैं। क्रिकेट जगत और परिवार की मौजूदगीरिसेप्शन में कुलदीप की IPL टीम दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी, BCCI और ICC अधिकारी भी उपस्थित रह सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई VVIP मेहमानों को भी निमंत्रण दिया गया है।
मध्यप्रदेश ने HPV टीकाकरण में देश में पहला स्थान हासिल किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य टीम को दी बधाई

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग की टीम एएनएम आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को एचपीवी HPV टीकाकरण अभियान में शानदार प्रदर्शन करने पर बधाई दी है। अभियान के तहत मात्र 15 दिनों में प्रदेश की 1 लाख से अधिक बेटियों को वैक्सीन दी गई जिससे मध्यप्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह अभियान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू किया गया था ताकि बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित किया जा सके। डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के सफल क्रियान्वयन में स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्थानीय कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। इस पहल से न केवल बेटियों को गंभीर बीमारी से बचाने में मदद मिलेगी बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता और टीकाकरण के प्रति समुदाय में भी सकारात्मक संदेश जाएगा।