बुंदेलखंड के लोक-हृदय में रचे-बसे प्रभु श्रीराम, कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी

सागर। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य अग्रणी महाविद्यालय, सागर में ‘बुंदेलखंड के लोक-हृदय में श्रीराम’ विषय पर सोमवार को आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का गरिमामय शुभारंभ हुआ। रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. विनोद मिश्र की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-दुनिया के प्रख्यात विद्वानों ने श्रीराम के लोक-व्यापी स्वरूप और बुंदेलखंड की संस्कृति में उनके गहरे प्रभाव पर गहन मंथन किया। प्राचार्य का संबोधन और वैचारिक आधारसंगोष्ठी की संरक्षक एवं प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि श्रीराम केवल एक नाम मात्र नहीं, बल्कि नर और नारायण के साक्षात् रूप हैं। उन्होंने भारत को ऋषि-मुनियों की धरा बताते हुए कहा कि श्रीराम का जीवन एक विशाल वटवृक्ष की भांति है, जिसकी छाया में संपूर्ण मानवता पल्लवित होती है। डॉ. गुप्ता ने रेखांकित किया कि बुंदेलखंड में रामलीलाओं के मंचन के माध्यम से रामकथा हर वर्ष जीवंत होती है और यहाँ की लोक-कथाओं व गीतों में राम पूरी तरह रचे-बसे हैं। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. विनोद मिश्र ने कहा कि पिछले 500 वर्षों से भले ही कई लोगों ने राम की सत्यता को विवादास्पद बनाने की कोशिश की, लेकिन लोक मानस में उनकी जड़ें अत्यंत गहरी हैं। उन्होंने हिंदी और बुंदेली कवियों के योगदान को सराहते हुए कहा कि इन साहित्यकारों ने राम के आदर्शों और सौंदर्य को आधार बनाकर कालजयी साहित्य की रचना की है। सत्र में आशीर्वचन देते हुए महंत केशव गिरि जी महाराज ने श्रीराम को अखंड ब्रह्मांड के कण-कण का प्राण बताया। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि माता-पिता की सेवा ही सच्ची भक्ति है और अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे नई पीढ़ी को कुसंग और नशे से बचाकर सन्मार्ग पर ले जाएं। कार्यक्रम में डॉ. नीरज दुबे ने महाविद्यालय के शोधपरक वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा से अधिक संस्कार की आवश्यकता है। वहीं डॉ. शक्ति जैन ने जैन पद्मपुराण में वर्णित श्रीराम की कथा का उल्लेख करते हुए उनके आदर्शों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता के रूप में प्रख्यात विद्वान पं. श्यामसुंदर दुबे ने अपने बीज वक्तव्य में ‘लोक स्मृति’ और ‘लोक उपाख्यान’ पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोक स्मृति इतिहास निर्माण में सहायक होती है। जहाँ वाल्मीकि ने रामायण में लोक स्मृतियों के माध्यम से रामचरित का संकेंद्रण किया, वहीं तुलसीदास ने लोक कथाओं और गीतों के माध्यम से राम को जन-जन में स्थापित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राम बुंदेलखंड के हास-परिहास, करुणा, स्नेह और संपत्ति-विपत्ति, हर परिस्थिति में विद्यमान हैं। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. अमर कुमार जैन ने किया और आभार डॉ. आशीष द्विवेदी ने व्यक्त किया। संगोष्ठी में रिपोर्टिंग और मीडिया समन्वय का महत्वपूर्ण दायित्व डॉ. रेणु सोलंकी, डॉ. संदीप सबलोक एवं रश्मि दुबे ने संभाली। अगस्त्य संस्थान भोपाल के अध्यक्ष श्री प्रभु दयाल मिश्र की अध्यक्षता में संगोष्ठी के द्वितीय सत्र में ‘बुंदेलखंड के ऐतिहासिक पटल पर श्रीराम की भूमिका’ विषय पर चर्चा करते हुए नॉर्वे से पधारे मुख्य वक्ता एवं प्रवासी साहित्यकार डॉ. सुरेश चंद्र शुक्ला ने कहा कि भगवान श्रीराम का व्यक्तित्व भौगोलिक सीमाओं से परे है। उन्होंने कहा, “सिर्फ बुंदेलखंड या भारत ही नहीं, बल्कि नॉर्वे समेत दुनिया के कई देशों में श्रीराम के व्यक्तित्व को आत्मसात किया गया है। उनके आदर्श आज भी वैश्विक शांति और मानवीय मूल्यों के लिए पथ-प्रदर्शक हैं। इस सत्र में डॉ नागेश दुबे डॉ. किरण आर्य तथा डॉ आशीष द्विवेदी ने भी अपने विचार रखते हुए बुंदेलखंड के जनमानस में भगवान श्री राम के विराट स्वरूप पर चर्चा की। इस अवसर पर महाविद्यालय के शोधपरक वातावरण को दर्शाती पांच से अधिक पुस्तकों और पत्रिकाओं का विमोचन किया गया, जिनमें मुख्य रूप से ‘बुंदेलखंड एक दृष्टि – बुंदेली विश्वकोश’, ‘पर्यावरणीय चुनौतियां’, ‘उत्कर्ष’ (ई-जर्नल), और ‘अन्त्योदय न्यूज बुलेटिन’ शामिल रहे। सत्र के द्वितीय सत्र में डॉ हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय से चंदा बैन ने कहा रामचरितमानस के प्रत्येक पात्र में राम समाए हुए हैं। वरिष्ठ पत्रकार एवं हिन्दुस्थान समाचार के ब्यूरो प्रमुख डॉ. मयंक चतुर्वेदी ने भगवान श्री राम के नाम की वैज्ञानिक व्याख्या करते हुए उनकी सार्थकता को सिद्ध किया। डॉ हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय के प्राध्यापक शशि किरण सिंह ने कहा कि लोक के लिए श्री राम ने अपना संपूर्ण जीवन के सुख वैभव का त्याग किया। टीकाराम त्रिपाठी ने कहा बुंदेलखंड में शपथ के रूप में भी रामदई कहा जाता है जो इस बात का प्रमाण है की राम का जीवन बुंदेलखंड में व्याप्त है। पूर्व अतिरिक्त संचालक डॉ राधास बल्लभ शर्मा ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अपनी बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ रेणु सोलंकी तथा आभार डॉ शुचिता अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम की अंतिम सत्र में श्री राम के ऊपर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें अशोक मिजाज, डॉ श्याम मनोहर सिरोठिया, पूरन सिंह राजपूत, की विशिष्ट उपस्थिति में आयोजित किया गया। काव्य गोष्ठी का संचालन डॉ शैलेंद्र राजपूत ने किया। यह संगोष्ठी कुल छह सत्रों में आयोजित की जा रही है, जिसमें दूसरे दिन मंगलवार को भी कई महत्वपूर्ण शोध पत्र पढ़े जाएंगे।
अफगानिस्तान में पाकिस्तान का एयरस्ट्राइक हमला, हॉस्पिटल पर वार में 400 नागरिकों की मौत; 1,15,000 लोग बेघर

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। हाल ही में पाकिस्तान के पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में किए गए एयरस्ट्राइक में 400 आम नागरिकों की मौत हुई है। यह हमला स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे एक ड्रग ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर हुआ जिसमें करीब 2,000 मरीज उपचाराधीन थे। वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला फरवरी से शुरू हुए पाकिस्तान अफगानिस्तान संघर्ष का हिस्सा है। सीमा क्षेत्रों में दोनों पक्षों के बीच लगातार झड़पें हो रही हैं। पाकिस्तान का दावा है कि उसने केवल आतंकवाद समर्थित ठिकानों और अफगान तालिबान के तकनीकी व एम्युनिशन स्टोरेज को निशाना बनाया जबकि अफगान पक्ष इसे आम नागरिकों के खिलाफ जानबूझकर हमला बता रहा है। अफगानिस्तान के उप सरकारी प्रवक्ता मंदुल्लाह फितरत के अनुसार 2,000 बेड वाले अस्पताल का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया है। मरने वालों की संख्या 400 पहुंच गई है जबकि 250 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और आग को नियंत्रित करने तथा शवों को निकालने का काम चल रहा है। यह हमला 2021 में तालिबान के कब्जे और अमेरिकी सैनिकों की वापसी के दौरान हुए हमले के बाद सबसे खतरनाक हमला माना जा रहा है। फरवरी के बाद पाकिस्तान अफगानिस्तान में शासन बदलने और तालिबान को दबाने की कोशिश में है लेकिन इसके परिणामस्वरूप आम नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है। अब तक कम से कम 475 नागरिक मारे गए हैं और 1,15,000 लोग बेघर हो गए हैं। अफगान अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान का यह कदम देश में आतंक फैलाने और आम लोगों को डराने की कोशिश है। इसके उलट अफगान नागरिक बॉर्डर पर जाकर पाकिस्तानी सेना के खिलाफ मुकाबले के लिए तैयार हैं। हालांकि पाकिस्तान ने हमले में शामिल होने से इनकार किया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मुशर्रफ जैदी ने कहा कि अस्पताल को कोई निशाना नहीं बनाया गया और सभी हमले केवल सैन्य ठिकानों पर हुए। यह हमला न केवल अफगान नागरिकों के लिए खतरनाक साबित हुआ है बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चेतावनी है।
भिंड जिला पंचायत में 18 कर्मचारी गैरहाजिर, सीईओ ने वेतन काटने के दिए निर्देश

नई दिल्ली। मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय में की गई सर्प्राइज चेकिंग में 18 कर्मचारियों की गैरहाजिरी सामने आई। सुबह करीब 10:35 बजे सीईओ वीरसिंह चौहान ने अचानक कार्यालय का निरीक्षण किया और विभिन्न शाखाओं में कर्मचारियों की उपस्थिति चेक की। इस दौरान अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। अनुपस्थित कर्मचारीअनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में लेखा अधिकारी दिनेश कुमार ओझा, परियोजना अधिकारी नितिन दुबे, लेखपाल देवेंद्र सिंह यादव, सहायक ग्रेड-2 चयन सिंह दोहरे, प्रभारी एसवीएम विनोद सिंह भदौरिया, सहायक ग्रेड-3 सर्वेश वैद्य, डाटा एंट्री ऑपरेटर हर्षित शर्मा, सुरेन्द्र सिंह कुशवाह और भृत्य रुस्तम सिंह शामिल हैं। इसके अलावा आजीविका मिशन (एनआरएलएम) कार्यालय में जिला प्रबंधक गब्बर सिंह तोमर, पंकज कुमार सिंह, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा में नीरज सिंह भदौरिया, कुलदीप सिंह, जगदीश प्रसाद शाक्य, डाटा एंट्री ऑपरेटर मेघा श्रीवास्तव तथा श्रम विभाग में श्रम निरीक्षक मनीष झा, उप श्रम निरीक्षक प्रमोद मिश्रा और सहायक ग्रेड-3 राघवेन्द्र सिंह तोमर भी अनुपस्थित पाए गए। सीईओ ने कड़ी चेतावनी दीसीईओ ने कहा कि कार्यालय समय का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को साप्ताहिक उपस्थिति रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की अनियमितता मिलने पर और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संकेत और संदेशइस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि जिला प्रशासन कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यदक्षता पर सख्ती से निगरानी कर रहा है। कार्यालय समय और जिम्मेदारी की अनदेखी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुरैना व्यवसायिक सहकारी बैंक में इनकम टैक्स टीम की अचानक एंट्री, डाटा वेरिफिकेशन जारी

मुरैना। जीवाजी गंज राम जानकी मंदिर के पास स्थित व्यवसायिक एवं औद्योगिक सहकारी बैंक लिमिटेड में मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे ग्वालियर से आई इनकम टैक्स टीम ने अचानक प्रवेश कर बैंक के वित्तीय वर्ष में भेजे गए डाटा की क्रॉस वेरिफिकेशन शुरू कर दी। टीम की इस कार्रवाई से बैंक के अधिकारियों और खाताधारकों में हड़कंप मच गया। बैंक में पहुंची इनकम टैक्स टीमटीम में कुल 7 सदस्य शामिल थे। बैंक मैनेजर अर्जुन परिहार ने बताया कि टीम बैंक द्वारा वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स विभाग को भेजे गए डाटा को सत्यापित और क्रॉस चेक कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई उनके कार्यकाल में पहली बार देखी गई है। पहली बार हुई इतनी सघन जांचअर्जुन परिहार ने कहा, बैंक हमेशा से इनकम टैक्स विभाग को सभी जरूरी डाटा समय पर भेजता रहा है, लेकिन शाखा में टीम के सीधे आने और डेटा का विस्तार से निरीक्षण करना हमारे अनुभव में पहली घटना है। टीम ने बताया कि यह प्रक्रिया पिछले तीन वर्षों से जारी है, लेकिन शाखा में इस तरह की सघन जांच पहली बार हो रही है। कार्रवाई का उद्देश्यइनकम टैक्स विभाग की टीम का मकसद बैंक द्वारा भेजे गए डाटा की सही रिकॉर्डिंग और सत्यता की पुष्टि करना है। बैंक अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह टीम के सहयोग में लगे हुए हैं। फिलहाल कोई कानूनी नोटिस या प्रतिबंध सामने नहीं आया है, लेकिन टीम की जांच जारी है। खाताधारकों को सतर्क किया गयाइस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि बैंक और उसके खाताधारक इस तरह की आकस्मिक निरीक्षण प्रक्रिया के लिए तैयार रहें। नायब अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि बैंक शाखा में सभी दस्तावेज़ और रिकॉर्ड तैयार रखें, ताकि जांच में कोई बाधा न आए। मुरैना व्यवसायिक सहकारी बैंक में इस प्रकार की पहली बार इतनी व्यापक जांच हुई है, और यह कार्रवाई बैंक और खाताधारकों के लिए गंभीर संदेश है कि वित्तीय रिकॉर्ड का पारदर्शी और सटीक होना अनिवार्य है।
सिवनी मालवा में जनसुनवाई: बुकिंग के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं, विधवा ने आर्थिक सहायता की लगाई गुहार

नई दिल्ली। मंगलवार सुबह 11 बजे जनपद सभागार में आयोजित जनसुनवाई में नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों ने अपनी समस्याओं को लेकर नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान को आवेदन सौंपे। इस अवसर पर कुल 15 शिकायतें दर्ज की गईं। आवेदन में सबसे ज्यादा 7 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित थीं। इसके अलावा विद्युत कंपनी की 3, वन विभाग और नगर पालिका की 2-2, तथा पुलिस विभाग की 1 शिकायत शामिल थी। गैस सिलेंडर न मिलने की शिकायतजनसुनवाई में जीवन सिंह यादव ने गैस एजेंसी की मनमानी के खिलाफ आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि 8 मार्च को गैस बुकिंग कराने के बावजूद रसीद मिलने के बाद भी उन्हें अब तक सिलेंडर नहीं मिला। एजेंसी संचालक ने पहले 4-5 दिन में डिलीवरी का आश्वासन दिया था, लेकिन अब वे किसी दूसरी एजेंसी से टंकी लेने की बात कह रहे हैं। यादव ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग की। आर्थिक सहायता के लिए भटकती विधवाग्राम नागझिर की अनिता धुर्वे ने भी अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि दो साल पहले मजदूरी के दौरान उनके पति की मौत हो गई थी। शासन की योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के लिए वे कई बार ग्राम पंचायत सचिव के पास आवेदन दे चुकी हैं, लेकिन आज तक उन्हें कोई राशि नहीं मिली। अनिता ने प्रशासन से गुहार लगाई कि उन्हें जल्द से जल्द सहायता राशि दिलाई जाए। अधिकारियों को सख्त निर्देशनायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सौंपा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोगों की समस्याओं को लटकाया न जाए और नियम अनुसार उनका तुरंत निराकरण किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इस जनसुनवाई में यह भी स्पष्ट हुआ कि सिवनी मालवा में नागरिकों की समस्याओं का समाधान समय पर न होना उनके जीवन को प्रभावित कर रहा है। विशेष रूप से गैस सिलेंडर और आर्थिक सहायता जैसी मामूली लेकिन आवश्यक सुविधाओं में देरी ने लोगों में असंतोष बढ़ा दिया है। नायब तहसीलदार ने कहा कि राजस्व, विद्युत, वन विभाग, नगर पालिका और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे आवेदन मिलने के 7 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करें। इसके साथ ही नागरिकों को इस प्रक्रिया के बारे में सूचना देने का भी आदेश दिया गया। जनसुनवाई के इस सत्र ने प्रशासन और नागरिकों के बीच एक संवाद का माध्यम स्थापित किया, जिससे उम्मीद है कि आने वाले दिनों में समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा।
उज्जैन में सीएम बोले- हमारे समय ऐसे बड़े कार्यक्रम नहीं होते थे, कुलगुरु की मांग पर दिए 51 लाख और 5 ड्रोन

उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके समय में इतने बड़े कार्यक्रम नहीं होते थे। न तो राज्यपाल आते थे और न ही मुख्यमंत्री। आज विद्यार्थियों को सम्मान और गोल्ड मेडल मिलने की परंपरा ने कार्यक्रम को भव्य बना दिया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल मंगुभाई पटेल कर रही थीं। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मंच पर भाषण दे रहे थे, तभी कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने उन्हें पर्ची भेजी, जिसमें विश्वविद्यालय के कार्यों के लिए 10 लाख रुपए और कृषि अध्ययन शाला के लिए एक ड्रोन मांगा गया था। मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा, “इतने से क्या होता है? मैं आपको 51 लाख रुपए और पांच ड्रोन देता हूँ।” दीक्षांत समारोह की विशेष बातेंसमारोह का शुभारंभ राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 103 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल, 74 विद्यार्थियों को पीएचडी और 1 विद्यार्थी को डी-लिट की उपाधि प्रदान की गई। मंच पर सांसद अनिल फिरोजिया, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, कुलगुरु अर्पण भारद्वाज और कुलसचिव अनिल शर्मा भी उपस्थित थे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और ग्रुप फोटो सेशन में भी भाग लिया। गीता भवन का निर्माणशिप्रा विहार वाणिज्यिक परिसर के सामने त्रिवेणी विहार योजना स्थल पर 77 करोड़ रुपए की लागत से गीता भवन बनाया जाएगा। यह भवन एक लाख वर्ग फीट में बनेगा और सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयोग होगा। इस परियोजना में आडिटोरियम 12,700 वर्ग फीट और ई-लाइब्रेरी 3,600 वर्ग फीट में तैयार की जाएगी। इसके अलावा उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी समारोह में किया गया, जिसकी कुल लागत 662.46 करोड़ रुपए है। सीएम ने घायल छात्र के परिवार से की मुलाकातदीक्षांत समारोह के बाद मुख्यमंत्री गुरकीरत सिंह मनोचा के घर पहुंचे, जो कनाडा पढ़ाई के लिए जा रहे थे, और उनके परिवार को ढांढस बंधाया। उन्होंने मीडिया से कहा कि गुरकीरत सिंह की कार से हत्या हुई थी और उनकी बॉडी लाने में सरकार सभी खर्च उठाएगी। सीएम ने बताया कि भारत सरकार के माध्यम से कनाडा सरकार से संपर्क किया गया है और परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा, ये हमारे राज्य और खासकर हमारे परिवार का मामला है। अंतिम संस्कार सहित जितना भी खर्च आएगा, सरकार वह उठाएगी।
उज्जैन-नागदा मार्ग पर कार-ट्रक टक्कर में 2 युवकों की मौत, 2 गंभीर घायल

नई दिल्ली। उज्जैन-नागदा मार्ग पर मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें तेज रफ्तार स्विफ्ट कार और ट्रक की जोरदार टक्कर में कार में सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उन्हेल टोल नाके से लगभग 5 किलोमीटर पहले हुआ। जानकारी के अनुसार, कार में आगे की सीट पर बैठे सांवरिया सेठ जा रहे दो युवक जीवन की जंग हार गए। जबकि पीछे बैठे दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ग्लोबल और अवंति अस्पताल, उज्जैन में भर्ती कराया गया। राहगीर ने किया बचावहादसे के समय मौके पर भारी भीड़ थी, लेकिन किसी ने तुरंत मदद नहीं की। वहीं राहगीर नंद कुमार मिश्रा, जो ग्रेसिम कंपनी में इंजीनियर हैं, मौके पर पहुंचे और उन्होंने घायल युवकों की मदद की। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक युवक को CPR देने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इसके बाद उन्होंने दो युवकों के शव एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाए और घायल देवेंद्र को अपनी गाड़ी से ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया। घायल युवकों की स्थितिघायलों में प्रवेश मारोठिया शामिल हैं, जिनके पैर में फ्रैक्चर आया है। वहीं देवेंद्र की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रवेश के अंकल सुनील शर्मा को उनके भाई ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायलों की जानकारी ली। हादसे की वजहप्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा कार की अधिक रफ्तार और ट्रक के साथ नियंत्रण न होने के कारण हुआ। मार्ग पर मंगलवार सुबह काफी ट्रैफिक था, लगभग 20-25 वाहन खड़े थे। प्रशासन की कार्रवाईउज्जैन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला दर्ज कर लिया है। हादसे की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज गति या किसी अन्य चालक की लापरवाही थी। इस हादसे ने उज्जैन-नागदा मार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को मार्ग पर सुरक्षा इंतजाम और दुर्घटना रोकने के उपाय तेज करने की जरूरत महसूस हो रही है।
ग्वालियर में ‘नो रोड-नो टोल’ आंदोलन में तोड़फोड़, बसपा नेता समेत 2-3 आरोपियों पर केस दर्ज

नई दिल्ली। ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार को हुए “नो रोड-नो टोल” आंदोलन का वीडियो मंगलवार को सामने आया, जिसमें भीड़ और कुछ नेताओं के टोल प्लाजा में उत्पात करते हुए नजर आ रहे हैं। आंदोलन में शामिल लोगों ने बरैठा टोल के कंट्रोल रूम, कंप्यूटर, CCTV कैमरे और सेंसर डिवाइस को नुकसान पहुंचाया। इस मामले में भिंड के बसपा नेता रक्षपाल सिंह राजावत और 2-3 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ महाराजपुरा थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि हंगामे के दौरान पुलिस ने नेता को रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने कहा, “क्या टोल वाले आपको पैसा देते हैं, जो मुझे रोक रहे हो?” आंदोलन का कारणग्वालियर-भिंड-इटावा हाईवे लंबे समय से सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर विवादों में रहा है। पिछले वर्षों में इस मार्ग पर सैकड़ों सड़क हादसों में लोगों की मौत हो चुकी है। साधु-संतों ने इस मुद्दे पर आंदोलन शुरू किया, जो अब बड़े पैमाने पर “नो रोड-नो टोल” आंदोलन में बदल गया है। सोमवार को आंदोलन के दौरान संत समाज और आम लोग बरैठा टोल पर यज्ञ कर रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने वाहनों को बिना शुल्क छोड़े जाने के दौरान हंगामा शुरू कर दिया और तोड़फोड़ की। तोड़फोड़ और घटना का विवरणबरैठा टोल प्लाजा के मैनेजर अमित सिंह राठौर के मुताबिक, घटना दोपहर 1:30 बजे हुई। इस दौरान रक्षपाल सिंह राजावत अपने 2-3 साथियों के साथ आए और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ियों से टोल क्यों वसूला जा रहा है। चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने कंप्यूटर, कैमरे और सेंसर में तोड़फोड़ की। आरोपी और उनका राजनीतिक परिचयरक्षपाल सिंह राजावत बहुजन समाज पार्टी से जुड़े नेता हैं। वर्ष 2023 में उन्हें भिंड विधानसभा सीट से पार्टी का टिकट मिला था, लेकिन नामांकन से पहले ही उन्हें बदल दिया गया। वह प्रॉपर्टी और रेत के कारोबार से जुड़े हैं और भिंड के वर्तमान विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के विरोधी के रूप में जाने जाते हैं। पुलिस कार्रवाईमहाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। ग्वालियर-भिंड बॉर्डर पर यह आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि हाईवे चौड़ीकरण की मांग को लेकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला आज: केरल को 554 एकड़ जमीन बेचने पर लगेगी मुहर, कई अहम प्रस्ताव भी एजेंडे में

भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज होने वाली कैबिनेट बैठक में एक बड़ा और अहम फैसला लेने जा रही है। बैठक में केरल के वायनाड में स्थित 554.05 एकड़ जमीन को केरल सरकार को सौंपने (बेचने) के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना है। यह जमीन दि प्रोविडेंट इंवेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड (PICL) के अधीन है, जो मध्य प्रदेश सरकार से जुड़ी है। यह मामला लंबे समय से विवादों में रहा है। वायनाड स्थित इस बीनाची एस्टेट के लगभग 453.96 एकड़ हिस्से को केरल प्राइवेट फॉरेस्ट एक्ट, 1971 के तहत केरल सरकार ने अपने अधीन ले लिया था, जिसके खिलाफ PICL ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 3 नवंबर 2023 को केरल हाईकोर्ट ने दोनों राज्यों को आपसी सहमति से मामला सुलझाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश और केरल के अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। अंततः 12 फरवरी 2024 की बैठक में यह तय हुआ कि उचित मुआवजे के आधार पर जमीन केरल सरकार को सौंप दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, जमीन हस्तांतरण के बाद केरल सरकार वहां रह रहे करीब 160 अतिक्रमणकारी परिवारों के पुनर्वास पर भी विचार करेगी। हालांकि मुआवजे की अंतिम राशि अभी तय नहीं हुई है और आवश्यकता पड़ने पर आर्बिट्रेटर नियुक्त किया जा सकता है। कैबिनेट में कई अहम प्रस्तावआज मंत्रालय में होने वाली कैबिनेट बैठक में सिर्फ जमीन हस्तांतरण ही नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी निर्णय लिया जाएगा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण का अनुमोदन राजधानी भोपाल में विंध्याचल, सतपुड़ा भवन और शौर्य स्मारक से जुड़े कार्यों को जारी रखने का फैसला पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति नर्मदा बेसिन परियोजनाओं के लिए अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराने पर चर्चा इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए एडीबी (ADB) से ऋण लेने का प्रस्ताव उज्जैन को मिलेगा 945 करोड़ का एलिवेटेड कॉरिडोर कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग से जुड़ा एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इसके तहत उज्जैन में 5.32 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 945.20 करोड़ रुपए है। यह कॉरिडोर चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) से इंदौर गेट और विकास चौराहा से इंदौर गेट तक विकसित किया जाएगा, जिससे शहर के ट्रैफिक दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। किसानों को भी मिलेगा फायदाकैबिनेट में रबी सीजन 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने वाले किसानों को बोनस देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।कुल मिलाकर, आज की कैबिनेट बैठक में जमीन सौदे से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई, मेट्रो और किसानों से जुड़े कई बड़े फैसले होने जा रहे हैं, जिनका असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास पर सीधे तौर पर पड़ेगा।
1 अप्रैल से एमपी में गेहूं खरीदी शुरू, रात 8 बजे तक खुलेंगे केंद्र; MSP पर बोनस से किसानों को राहत

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने रबी सीजन 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की तारीखों का ऐलान कर दिया है। सरकार के फैसले के मुताबिक इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से, जबकि प्रदेश के अन्य संभागों में 7 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होगी। इस बार सरकार ने खरीदी व्यवस्था को अधिक सुचारू और किसानों के अनुकूल बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। सबसे बड़ा फैसला खरीदी के समय को लेकर लिया गया है। अब सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीदी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक समय मिल सकेगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक अवकाश और त्योहारों के दिन खरीदी नहीं होगी। किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा भी की है। इसके साथ गेहूं की प्रभावी खरीदी दर ₹2625 प्रति क्विंटल तय की गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब किसान लागत बढ़ने को लेकर चिंतित थे। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार इस वर्ष गेहूं बेचने के लिए किसानों में जबरदस्त उत्साह देखा गया है। 15 मार्च तक कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया, जो पिछले साल के 15 लाख 44 हजार से काफी अधिक है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि किसान सरकारी खरीदी प्रणाली पर भरोसा जता रहे हैं। जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उज्जैन जिले में सबसे अधिक 1,23,281 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके बाद सीहोर (1,01,793) और राजगढ़ (98,537) का स्थान है। वहीं दूसरी ओर अलीराजपुर (476), बुरहानपुर (523), पांढुर्णा (863) और अनूपपुर (882) जैसे जिलों में सबसे कम पंजीयन हुआ है। सरकार का कहना है कि सभी खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। तौल, भुगतान और परिवहन की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। कुल मिलाकर, इस बार की गेहूं खरीदी नीति को किसानों के लिए राहत भरी और सुविधाजनक माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और किसानों को इसका कितना लाभ मिल पाता है।