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महंगे पेट्रोल में देश में चौथे नंबर पर एमपी, पड़ोसी राज्यों से 11 रुपए तक ज्यादा कीमत

भोपाल। मध्य प्रदेश में पेट्रोल की बढ़ती कीमतें आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रही हैं। ताजा आंकड़ों (11 मार्च 2026) के अनुसार, प्रदेश देश का चौथा सबसे महंगा पेट्रोल बेचने वाला राज्य बन गया है। राजधानी भोपाल में पेट्रोल की कीमत ₹106.52 प्रति लीटर पहुंच गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एमपी के पड़ोसी राज्यों में पेट्रोल काफी सस्ता मिल रहा है। उत्तर प्रदेश (लखनऊ) में पेट्रोल ₹94.69 और गुजरात (गांधीनगर) में ₹94.70 प्रति लीटर है। यानी एमपी के लोगों को करीब 11 रुपए ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। वहीं अन्य पड़ोसी राज्यों की बात करें तो छत्तीसगढ़ (रायपुर) में ₹99.44, महाराष्ट्र (मुंबई) में ₹103.54 और राजस्थान में ₹104.72 प्रति लीटर पेट्रोल मिल रहा है। क्यों महंगा है एमपी में पेट्रोल?राज्यसभा में पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अंतर का मुख्य कारण अलग-अलग राज्यों में लगने वाला VAT (वैट), सेस और स्थानीय टैक्स है। मध्य प्रदेश में टैक्स ढांचा काफी भारी है:पेट्रोल पर: 29% VAT + ₹2.5/लीटर अतिरिक्त VAT + 1% सेस डीजल पर: 23% VAT + ₹3/लीटर अतिरिक्त VAT + 1% सेस इसके अलावा केंद्र सरकार पेट्रोल पर ₹19.90 और डीजल पर ₹15.80 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी वसूलती है। जीएसटी पर अभी फैसला टलापेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने की मांग लंबे समय से हो रही है, लेकिन फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। जीएसटी परिषद की 45वीं बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी, लेकिन फैसला टाल दिया गया। डीजल में भी महंगा एमपीकेवल पेट्रोल ही नहीं, डीजल के मामले में भी मध्य प्रदेश महंगे राज्यों में शामिल है। देश में डीजल की ऊंची कीमतों के मामले में एमपी टॉप-10 में 7वें स्थान पर है।

BARAITHA TOLL PROTESET: ‘नो रोड-नो टोल’ जनआंदोलन के दौरान टोल प्लाजा पर हुई तोड़फोड़; CCTV कैमरा-बूथ क्षतिग्रस्त, पुलिस ने संभाली स्थिति

BARAITHA TOLL PLAZA

HIGHLIGHTS: • NH-719 चौड़ीकरण मांग पर ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन भड़का • बरेठा टोल प्लाजा पर CCTV और बूथ तोड़फोड़ की घटना • फास्टैग से टोल कटने पर आंदोलनकारियों का आक्रोश • पुलिस की समझाइश से स्थिति काबू में आई • संत समाज ने टेंट-अखाड़ा जमाकर धरना जारी रखा BARAITHA TOLL PROTESET: ग्वालियर। भिंड जिले के मालनपुर स्थित बरेठा टोल प्लाजा पर सोमवार को ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ जनआंदोलन के दौरान भारी हंगामा मचा। बता दें कि संत समाज के आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन में पूर्व सैनिक, किसान, व्यापारी, नौजवान और स्थानीय लोग शामिल हुए। NH-719 (ग्वालियर-भिंड-इटावा) को चौड़ा फोरलेन/सिक्स लेन बनाने की लंबित मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने टोल वसूली का विरोध किया। दीपिका पादुकोण ने अपने जन्मदिन पर शुरू किया टैलेंट सपोर्ट प्रोग्राम, रणवीर सिंह ने किया प्रेरक कमेंट फास्टैग से टोल कटने पर भड़के आंदोलनकारी आंदोलन के दौरान बूम बैरियर डाउन होने के बावजूद एक आंदोलनकारी की कार से ऑनलाइन फास्टैग के जरिए टोल कट गया। इससे नाराज प्रदर्शनकारी पहले टोल प्लाजा ऑफिस पहुंचे और शिकायत की। इसके बाद वे बूथ पर आए और हंगामा शुरू कर दिया। MORENA PADYATRA : माता के चरणों में भक्ति की पदयात्रा; चैत्र नवरात्रि पर शुरू हुई कैलादेवी धाम की 85 किमी पैदल यात्रा तोड़फोड़ और पुलिस हस्तक्षेप आक्रोश में कुछ लोगों ने टोल प्लाजा के CCTV कैमरों को तोड़ा और बूथ पर लगे पोल को गिराने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला, भारी पुलिस बल ने समझाइश दी और आंदोलनकारियों को शांत कराया। इसके बाद मामला नियंत्रण में आ गया, लेकिन टोल प्लाजा के आसपास बैरिकेडिंग और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संत समाज का धरना, प्रशासन सतर्क संत समाज ने बरेठा टोल पर टेंट लगाकर अखाड़ा जमाया और सुंदरकांड पाठ से आंदोलन की शुरुआत हुई। प्रशासन की अनुमति न मिलने के बावजूद हजारों लोग जुटे। भिंड-ग्वालियर प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। प्रदर्शनकारी का कहना है कि संकरी सड़क पर रोज हादसे हो रहे हैं, मौतें हो रही हैं, इसलिए टोल वसूली उचित नहीं।

फतवा वायरल होने पर बढ़ा विवाद, मुस्लिम त्योहार कमेटी पहुंची थाने; शहर काजी को बदनाम करने की साजिश का आरोप

नई दिल्ली। राजधानी में सोशल मीडिया पर वायरल हुए फतवे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंगलवार को ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के पदाधिकारी शाहजहांनाबाद थाने पहुंचे और थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कमेटी ने आरोप लगाया कि यह फतवा सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल कर शहर काजी की छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।कमेटी ने आरोप लगाया कि यह फतवा सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल कर शहर काजी की छवि धूमिल करने और शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, पीरगेट निवासी सैयद सोहेल अली ने 6 मार्च 2026 को दारुल इफ्ता, मसाजिद कमेटी भोपाल से एक बीमारी के आधार पर फतवा मांगा था। इसके जवाब में 10 मार्च को फतवा जारी किया गया, जिस पर मुफ्ती-ए-शहर अब्दुल कलाम, मुफ्ती रईस और मुफ्ती जसीम दाद के हस्ताक्षर हैं। कमेटी का कहना है कि यह फतवा मूल रूप से एक व्यक्तिगत दस्तावेज था, लेकिन पिछले एक-दो दिनों से इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद दानिश ने कहा कि “फतवा किसी व्यक्ति विशेष के लिए होता है, लेकिन उसे सार्वजनिक कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश हो सकती है, जिसका उद्देश्य शहर काजी को पद से हटाना है।” वहीं, संरक्षक शमशुल हसन ने मांग की कि फतवा लेने वाले, जारी करने वाले और उसे वायरल करने वाले—तीनों की जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि ईद से ठीक पहले इस तरह की घटना समाज में आक्रोश पैदा कर सकती है। कमेटी ने यह भी कहा कि परंपरा के अनुसार ईद पर शहर काजी ही ईदगाह में नमाज अदा कराते हैं, ऐसे में इस समय फतवा वायरल होना कई सवाल खड़े करता है और माहौल बिगड़ने की आशंका बढ़ा रहा है। उधर, शाहजहांनाबाद थाना प्रभारी यूपीएस चौहान ने बताया कि कमेटी की शिकायत मिल गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि फतवा सोशल मीडिया पर किसने वायरल किया। साथ ही पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि ईद को देखते हुए शहर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो।

दीपिका पादुकोण ने अपने जन्मदिन पर शुरू किया टैलेंट सपोर्ट प्रोग्राम, रणवीर सिंह ने किया प्रेरक कमेंट

नई दिल्ली:बॉलीवुड की चमक-दमक और समाज में सकारात्मक योगदान देने वाली एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनका प्रभाव सिर्फ अभिनय तक ही सीमित नहीं है। हाल ही में दीपिका ने अपने प्लेटफॉर्म “क्रिएट विद मी” के तहत शुरू किए गए द ऑनसेट प्रोग्राम की अपडेट साझा की, जिसने इंडस्ट्री में नए टैलेंट को आगे बढ़ाने के उनके संकल्प को और मजबूत किया है। यह पहल फिल्म, टेलीविजन और विज्ञापन के क्षेत्र में उभरते क्रिएटिव लोगों को अवसर देने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है। इस प्रोग्राम को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया के बीच, देश-विदेश से 5000 से ज्यादा आवेदन आए हैं। दीपिका ने हाल ही में एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि वह और उनकी टीम पिछले तीन महीनों से इन सभी आवेदनकर्ताओं की ध्यानपूर्वक समीक्षा कर रही हैं। खास बात यह है कि दीपिका खुद इस प्रक्रिया में व्यक्तिगत रूप से शामिल हैं। वह न केवल आवेदन देख रही हैं बल्कि कई आवेदकों को सीधे कॉल करके उनसे बातचीत भी कर रही हैं और उनके रचनात्मक सपनों और सफर को समझ रही हैं। दीपिका की इस पहल पर उनके पति और अभिनेता रणवीर सिंह ने सोशल मीडिया पर दिल से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा कि यह देखकर बहुत अच्छा लग रहा है कि दीपिका दूसरों की मदद कर रही हैं और इंडस्ट्री को वापस कुछ दे रही हैं। रणवीर का यह कमेंट उनके प्यार और समर्थन की मिसाल भी बन गया। द ऑनसेट प्रोग्राम की घोषणा दीपिका ने अपने जन्मदिन पर की थी और यह उनके उस विज़न का हिस्सा है, जिसके तहत वह इंडस्ट्री में सार्थक योगदान देना चाहती हैं, जिसने उनके करियर को आकार दिया। इस पहल का उद्देश्य केवल प्रतिभा को पहचानना नहीं, बल्कि उन्हें एक्सपीरियंस आधारित लर्निंग प्रदान करना है। प्रोग्राम के पहले चरण में प्रतिभागियों को फिल्ममेकिंग के अलग-अलग विभागों में काम करने का अवसर मिलेगा। इसमें राइटिंग, डायरेक्शन, कैमरा, लाइटिंग, एडिटिंग, साउंड डिजाइन, आर्ट डायरेक्शन, कॉस्ट्यूम डिजाइन, हेयर स्टाइलिंग, मेक-अप आर्टिस्ट्री और प्रोडक्शन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुभव मिलेगा। प्रतिभागी सेट पर काम करके इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स से सीधे सीखेंगे और अपने करियर के लिए जरूरी स्किल्स विकसित करेंगे। इस पहल के जरिए दीपिका न केवल अपने अभिनय से बल्कि इंडस्ट्री के भविष्य को आकार देने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वह नई पीढ़ी के स्टोरीटेलर्स और क्रिएटर्स के लिए रास्ते खोल रही हैं और उन्हें अपने सपनों को साकार करने का अवसर दे रही हैं। दीपिका पादुकोण की यह पहल यह संदेश देती है कि बॉलीवुड केवल ग्लैमर की दुनिया नहीं है, बल्कि यह नए टैलेंट को पहचानने, उन्हें आगे बढ़ाने और इंडस्ट्री के विकास में योगदान देने का भी मंच है। रणवीर सिंह का समर्थन और प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि उनके प्रयास सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समाज और इंडस्ट्री के लिए प्रेरणादायक हैं। द ऑनसेट प्रोग्राम की सफलता से साफ है कि दीपिका पादुकोण न केवल पर्दे पर बल्कि पर्दे के पीछे भी बदलाव लाने की दिशा में सक्रिय हैं। उनकी यह पहल नए क्रिएटिव्स को अवसर और मार्गदर्शन देगी, जिससे भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का भविष्य और मजबूत होगा।

24 साल पहले क्राइस्टचर्च में आया था तूफान, 217 मिनट में बना ऐसा रिकॉर्ड जो आज भी नहीं टूटा, बैट से बहा रनों का जलजला

नई दिल्ली। क्रिकेट के इतिहास में कुछ पारियां ऐसी होती हैं, जो स्कोरकार्ड से कहीं आगे जाकर दास्तान बन जाती हैं जुनून, जज्बे और असंभव को संभव बनाने की कहानी.नॉथन एस्टल की वह विस्फोटक पारी भी कुछ ऐसी ही थी, जब हार के मुहाने पर खड़ी टीम के बीच उन्होंने अकेले दम पर तूफान खड़ा कर दिया. क्राइस्टचर्च के मैदान पर ऐसा करिश्मा हुआ जिसको देखकर दुनिया की आंखे खुली की खुली रह गई थी. इंग्लैंड ने न्यूज़ीलैंड के सामने चौथी पारी में जीत के लिए 550 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था. लक्ष्य इतना बड़ा था कि मुकाबला औपचारिकता सा लगने लगा था. न्यूज़ीलैंड की टीम 333 रन पर 9 विकेट खो चुकी थी और हार लगभग तय थी लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने टेस्ट क्रिकेट की परिभाषा ही बदल दी. 16 मार्च 2002 को एक ऐसा रिकॉर्ड बना जो आज तक कोई भी बल्लेबाज उसको नहीं तोड़ पाया.जेड स्टेडियम में एस्टल का जलवा नंबर 5 पर बल्लेबाजी करने उतर एस्टल ने शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए. उन्होंने अपना शतक मात्र 114 गेंदों में पूरा किया, जो उस समय के टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से बेहद तेज था लेकिन असली विस्फोट इसके बाद हुआ शतक पूरा करने के बाद उन्होंने गियर बदला और अगली 100 रन सिर्फ 39 गेंदों में ठोक दिए यह किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए दुःस्वप्न जैसा था. इस दौरान उनका साथ देने आए घायल क्रिस क्रेयन्स जो 10वें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे दोनों ने मिलकर सिर्फ 65 गेंदों में 118 रनों की साझेदारी कर डाली. यह साझेदारी न सिर्फ रिकॉर्ड बुक में दर्ज हुई, बल्कि यह दिखाती है कि क्रिकेट में आखिरी विकेट तक उम्मीद जिंदा रहती है. गेंदबाजों की धुलाई और बना वर्ल्ड रिकॉर्डएस्टल ने इंग्लैंड के प्रमुख गेंदबाजों एंडी कैडिक, मैथ्यू होगॉर्ड और फि्लंटाफ की जमकर धुनाई की. खासकर कैडिक के एक ओवर में लगातार तीन छक्के जड़कर उन्होंने यह साफ कर दिया कि वह सिर्फ टिकने नहीं, बल्कि इतिहास रचने आए हैं. एस्टल ने अपनी रिकॉर्डतोड़ पारी के दौरान 28 चौके और 11 छक्के लगाए. इस पारी का सबसे बड़ा आकर्षण सिर्फ रन नहीं, बल्कि उसकी रफ्तार थी. एस्टल ने 153 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया, जो आज भी टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज दोहरा शतक है. उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड तोड़ा, और बाद में बेन स्टोक्स और वीरंद्र सहवाग जैसे विस्फोटक बल्लेबाज भी इस आंकड़े को पार नहीं कर सके. आखिरकार एस्टल 222 रन बनाकर हॉगार्ड की गेंद पर आउट हुए और न्यूज़ीलैंड की पारी 451 रन पर सिमट गई. टीम मैच जरूर हार गई, लेकिन एस्टल की यह पारी जीत से कहीं बड़ी साबित हुई. यह सिर्फ एक दोहरा शतक नहीं था, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में आक्रामकता की नई परिभाषा थी जहां हालात चाहे कितने भी मुश्किल हों, एक खिलाड़ी अपने दम पर कहानी बदल सकता है .

मोबाइल चोरी के शक में युवक की चाकू मारकर हत्या, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली। अशोकागार्डन थाना क्षेत्र के कैलाश नगर, सेमरा में मोबाइल चोरी के शक में हुई मारपीट में घायल 27 वर्षीय अंकित जोशी की इलाज के दौरान सोमवार रात मौत हो गई। मृतक का पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में मंगलवार को किया गया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि आरोपी मोहित राव ने अंकित पर झूठा मोबाइल चोरी का आरोप लगाया और उसी बहस के दौरान पीछे से चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी गर्दन की नस कट गई। गंभीर चोट के कारण अंकित 15 दिन तक अस्पताल में इलाज के बाद जिंदगी की जंग हार गया। मृतक के भाई शक्ति जोशी ने बताया कि अंकित केवल सच जानने के लिए आरोपी के घर गया था। वहां आरोपी की बहन ने साफ किया कि मोबाइल उसके पास है और अंकित ने चोरी नहीं की। इसके बाद आरोपी की मां से बात करने के दौरान मोहित राव ने पीछे से हमला किया। शांति रखने की कोशिश के बावजूद चाकू लगभग ढाई इंच तक गर्दन में घुस गया, जिससे अंकित का शरीर सुन्न पड़ गया। परिजन पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका दावा है कि घटना के समय मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस ने आरोपी को उसके मामा से पैसे लेने के बाद छोड़ दिया। साथ ही एफआईआर में घटना का विवरण गलत लिखा गया और अंकित पर ही चोरी का आरोप दर्शाया गया। अशोकागार्डन थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।

मनन शाह ने गाया और कंपोज किया शिव शंभो, The Kerala Story 2 में मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स

नई दिल्ली: The Kerala Story 2 की बॉक्स ऑफिस सफलता के साथ-साथ फिल्म का म्यूजिक भी दर्शकों के बीच जबरदस्त पॉपुलैरिटी हासिल कर रहा है। फिल्म के चार गानों वाले साउंडट्रैक और बैकग्राउंड स्कोर को तैयार करने वाले मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर मनन शाह ने अपने करियर में एक नया मील का पत्थर हासिल किया है। खास बात यह है कि उन्होंने भक्ति गीत शिव शंभो को अपनी आवाज भी दी और पहली बार बैकग्राउंड स्कोर कंपोज किया।  एल्बम में चार गाने हैं, जिनमें अलग-अलग इमोशनल लेयर और म्यूजिक स्टाइल देखने को मिलती है। विशाल मिश्रा ने साथी रे गाया है, जो फिल्म के डार्क अंडरटोन के साथ मेल खाता है। श्रेया घोषाल का ओ माई री गाना मां-बेटी की भावनाओं को गहराई से दर्शाता है। राजस्थानी लोक-प्रेरित भक्ति गीत थारी जोगन डेब्यूटेंट शाओनी ने गाया, और शिव शंभो गाने को मनन शाह ने कंपोज और गाया, जो फिल्म के क्लाइमेक्स में अहम भूमिका निभाता है। मनन शाह ने कहा कि प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह के साथ काम करना उनके लिए खास रहा क्योंकि पहले भी उन्होंने कमांडो फ्रैंचाइजी और नमस्ते इंग्लैंड पर काम किया है। डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह के साथ सहयोग ने उन्हें एल्बम और बैकग्राउंड स्कोर दोनों में क्रिएटिव फ्रीडम दी। थिएटर में जब दर्शकों ने गानों और बैकग्राउंड स्कोर पर नारों और सीटियों के साथ प्रतिक्रिया दी, तो मनन शाह की खुशी सातवें आसमान पर थी। उन्होंने आगे बताया कि म्यूजिक को भारतीय क्लासिकल और लोक प्रभावों से जोड़ना उनका लक्ष्य था। श्रेया घोषाल, विशाल मिश्रा और शाओनी जैसे टैलेंटेड सिंगर्स के साथ काम करना उनके लिए बेहद शानदार अनुभव रहा। लिरिसिस्ट मनोज मुंतशिर के साथ उनकी पहली कोलेबोरेशन ने गानों के इमोशनल ताने-बाने को और गहरा किया। मनन शाह ने पहले भी मराठी फिल्म रूप नगर के चीते का म्यूजिक बनाया और इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर हुआ। इसके अलावा उन्होंने शंकर महादेवन और जावेद अख्तर के साथ म्यूजिक प्लेटफॉर्म गूंगूनालो को को-फाउंड किया, जिससे म्यूजिशियंस को उनकी क्रिएटिव ओनरशिप मिलती है। The Kerala Story 2 का म्यूजिक एल्बम दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ने में सफल रहा है। चार गाने, बैकग्राउंड स्कोर और भक्ति ट्रैक की सफलता ने मनन शाह के करियर में नया मुकाम तय किया है और फिल्म के साथ उनका यह म्यूजिकल सफर यादगार बन गया है।

मध्यप्रदेश में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से शुरू, 19 लाख से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन; बोनस के साथ समर्थन मूल्य ₹2625 प्रति क्विंटल

भोपाल। मध्यप्रदेश के मध्य प्रदेश में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी का कार्यक्रम जल्द शुरू होने जा रहा है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूँ खरीदी 1 अप्रैल से होगी जबकि शेष संभागों में यह 7 अप्रैल से शुरू होगी। खरीदी शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि इस वर्ष गेहूँ खरीदी पर किसानों को 40 रुपये अतिरिक्त बोनस भी मिलेगा। इसके साथ प्रदेश में गेहूँ की दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है। इस रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन हेतु कुल 19,04,651 किसानों ने पंजीयन कराया है जो पिछले वर्ष 15,44,000 से अधिक है। जिलेवार पंजीयन की बात करें तो इंदौर में 71,713 उज्जैन में 1,23,281 भोपाल में 37,129 और नर्मदापुर में 71,831 किसानों ने पंजीयन कराया है। अन्य जिलों में भी हजारों किसानों ने अपना पंजीयन कराया है जिससे इस वर्ष खरीदी की तैयारी मजबूत दिखाई दे रही है। मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय और केंद्रों पर पहुंचकर अपने गेहूँ का पंजीयन और विक्रय सुनिश्चित करें। राज्य सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस का लाभ सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं। इस कार्यक्रम से मध्यप्रदेश में गेहूँ उत्पादन करने वाले किसानों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है और खरीदी के साथ ही रबी विपणन वर्ष का संचालन सुचारू रूप से होगा।

मोनालिसा की शादी बनी विवाद का केंद्र, सुप्रीम कोर्ट वकील नाजिया बोलीं- "प्रॉपर लव जिहाद", शरजील इमाम की पैरोल के बाद आतंकी संगठन एक्टिव

नई दिल्ली। कुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा की शादी अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गई है। सुप्रीम कोर्ट की वकील नाजिया इलाही खान ने इसे सामान्य विवाह मानने से इंकार करते हुए इसे “प्रॉपर अप्रोप्रिएट लव जिहाद” बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि शरजील इमाम की अपने भाई की शादी के लिए पैरोल मिलने के बाद आतंकी संगठन सक्रिय हो गए हैं और देश की सुरक्षा एजेंसियों को इस पर तत्काल कदम उठाना चाहिए। हिंदू मैरिज एक्ट का उल्लंघननाजिया खान ने कहा कि यह शादी सिर्फ व्यक्तिगत मामला नहीं है। इसमें इस्लामिक जिहादी रेडिकल और पीएफआई का हाथ है और हिंदू मैरिज एक्ट 1955 का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक मुसलमान व्यक्ति हिंदू प्रथा के तहत शादी कैसे कर सकता है, जबकि उसने अब तक हिंदुत्व स्वीकार करने का कोई प्रमाण नहीं दिखाया। शरजील इमाम की पैरोल के बाद एक्टिव हुए आतंकी संगठननाजिया ने आरोप लगाया कि शरजील इमाम की पैरोल मिलने के बाद लव जिहाद और अन्य रेडिकल गतिविधियों में सक्रियता बढ़ गई है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बस्ती में हाल ही में देखे गए लव जिहाद मामलों का हवाला दिया और कहा कि देश की सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। मदरसे और कट्टरपंथी गतिविधियांवकील ने मदरसों की भी आलोचना की और कहा कि वहाँ से कोई सभ्य नागरिक नहीं निकल रहा, बल्कि केवल लव जिहाद और कट्टरपंथी तत्व सामने आ रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की ताकि मोनालिसा सुरक्षित रहे और इस पूरे मामले में नियंत्रण स्थापित किया जा सके। Keywords (comma separated): मोनालिसा शादी, लव जिहाद, शरजील इमाम, नाजिया इलाही, आतंकी संगठन

MORENA PADYATRA : माता के चरणों में भक्ति की पदयात्रा; चैत्र नवरात्रि पर शुरू हुई कैलादेवी धाम की 85 किमी पैदल यात्रा

MORENA PADYATRA

HIGHLIGHTS: कैलादेवी धाम की पैदल यात्राएं चैत्र मास के साथ शुरू ग्वालियर, मुरैना, सबलगढ़ समेत कई शहरों से श्रद्धालु रवाना सबलगढ़ में सातवें वर्ष विशाल भंडारा आयोजित 85 किलोमीटर का पैदल सफर, रास्ते में सेवा शिविर मार्ग में भक्ति और उत्साह का माहौल, गांवों में स्वागत MORENA PADYATRA : मुरैना । सोमवार को ग्वालियर, मुरैना, सबलगढ़, बामौर, अंबाह, जौरा और कैलारस जैसे शहरों से सैकड़ों श्रद्धालु माता कैलादेवी के दरबार के लिए पैदल निकले। बता दें कि यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। परिवारजनों ने तिलक लगाकर, माल्यार्पण कर और ‘जय माता दी’ के जयकारों के साथ भावुक विदाई दी। भजन-कीर्तन गाते हुए श्रद्धालु आगे बढ़ रहे हैं। धुरंधर 2 स्टारकास्ट की फीस लिस्ट: सबसे महंगे रणवीर, कम फीस में अर्जुन और सारा.. सबलगढ़ में सातवें वर्ष विशाल भंडारा सबलगढ़ की पुरानी सब्जी मंडी चौराहे पर सातवें वर्ष भी भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है। आयोजक गिर्राज शिवहरे ने बताया कि यहां यात्रियों के लिए चाय-नाश्ता, शुद्ध भोजन और विश्राम की पूरी व्यवस्था है। दिनभर यहां यात्रियों का तांता लगा रहा, जहां वे थकान मिटाकर आगे की यात्रा जारी रख रहे हैं। Vastu Tips: आर्थिक तंगी से हैं परेशान, तो करें ये वास्तु उपाय 85 किमी का कठिन लेकिन भक्तिमय सफर सबलगढ़ से कैलादेवी धाम तक की दूरी करीब 85 किलोमीटर है। इस मार्ग से ग्वालियर और मुरैना क्षेत्र के श्रद्धालु गुजरते हैं। सामाजिक संगठनों, भक्त मंडलों ने सुरक्षा और सुविधा के लिए जगह-जगह टेंट, लंगर और सेवा शिविर लगाए हैं, जहां पानी, चिकित्सा और आराम की व्यवस्था है। Oscar 2026 में धर्मेंद्र को भुला देने पर हेमा मालिनी का फूटा गुस्सा, रॉब मिल्स ने दी सफाई भक्ति का उत्साह छाया चैत्र नवरात्रि के आगमन के साथ क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। ढोल-नगाड़े, डीजे और चुनरी लिए जत्थे ‘जय माता दी’ के नारे लगाते आगे बढ़ रहे हैं। रास्ते के गांवों के लोग यात्रियों का स्वागत कर पुण्य कमाते हैं। यह उत्साह नवरात्रि समाप्ति तक जारी रहेगा।