इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड होते ही रिंकू सिंह की मंगेतर सांसद प्रिया सरोज ने Meta से लगाई मदद की गुहार, पूछा- क्या कोई मदद कर सकता है? जानिए क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह की मंगेतर और सांसद प्रिया सरोज इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने एक सस्पेंड हुए इंस्टाग्राम अकाउंट को लेकर मदद की गुहार लगाई है। प्रिया सरोज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर Meta Platforms की टीम से मदद मांगी। उन्होंने पूछा कि क्या इंस्टाग्राम सपोर्ट टीम का कोई सदस्य इस मामले को देख सकता है। किस अकाउंट को लेकर है परेशानी?प्रिया सरोज ने साफ किया कि यह उनका निजी इंस्टाग्राम अकाउंट नहीं है। उनका खुद का अकाउंट सुरक्षित है। उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति के अकाउंट के सस्पेंड होने पर मदद की अपील की है। अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे Instagram पर अकाउंट सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, कई रिपोर्ट्स या तकनीकी गड़बड़ी के कारण अस्थायी रूप से सस्पेंड हो जाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ पोस्टप्रिया सरोज का यह पोस्ट सामने आते ही तेजी से वायरल हो गया। कई यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उम्मीद जताई कि संबंधित अकाउंट जल्द ही बहाल हो जाएगा। प्रिया सरोज उत्तर प्रदेश की मछलीशहर सीट से सांसद हैं और कम उम्र में राजनीति में अपनी पहचान बना चुकी हैं। वह पेशे से वकील भी हैं और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहती हैं। हाल ही में प्रिया सरोज और रिंकू सिंह को भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव की शादी में साथ देखा गया था। दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आईपीएल 2026 के बाद दोनों शादी कर सकते हैं।
Oscar 2026 में धर्मेंद्र को भुला देने पर हेमा मालिनी का फूटा गुस्सा, रॉब मिल्स ने दी सफाई

नई दिल्ली। 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स में जहां दुनिया भर की फिल्मों को कलाकारों को इस समारोह में सम्मानित किया गया, वहीं श्रद्धांजलि सेगमेंट में धर्मेंद्र को याद नहीं किया गया। इसके बाद भारतीय फैंस काफी हैरान और नाराज हो गए। इसके साथ ही अब हेमा मालिनी और ईशा देओल का रिएक्शन सामने आया है। जहां हेमा मालिनी ने इस बात पर नाराजगी जाहिर की और इसे शर्मनाक कहा वहीं बेटी ईशा ने कुछ और ही रिएक्शन दिया तो चलिए जानते हैं। ऑस्कर को लेकर हेमा मालिनी का रिएक्शनऑस्कर 2026 में धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि ना देने पर कई सारे रिएक्शन सामने आ रहे थे तो वहीं बीच अब हेमा मालिनी ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी एक्ट्रेस ने ,बॉलीवुड हंगामा’ से हुई बीतचीत में कहा, ‘ये वाकई शर्मनाक है। एक ऐसे एक्टर को नजरअंदाज करना शर्मनाक है, जिनका दुनिया के कई हिस्सों में इतने सारे लोगों के लिए इतनी अहमियत है। धरम जी हर जगह जाने-माने एक्टर थे। उन्हें अपने जीवन में ज्यादा अवॉर्ड नहीं मिले। उन्हें ऑस्कर की परवाह क्यों करनी चाहिए? हम दोनों अपने देश में प्यार पाकर खुश थे। लेकिन अवॉर्ड्स हमेशा उनसे दूर रहे। यहां तक कि मुझे भी लाल पत्थर और मीरा में अपने बेहतरीन अभिनय के लिए कोई पुरस्कार नहीं मिला।’ ईशा देओल का रिएक्शनइस पूरे मामले पर अब ईशा देओल ने भी अपनी राय रखी।वैरायटी इंडिया’ से बातचीत में ईशा ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इससे पापा को कोई फर्क पड़ता। ईशा ने पिता के लिए कहा कि उनका दिल हमेशा से इतना बड़ा रहा है कि उन्हें ऐसी बातों की चिंता ही नहीं होती। ईशा ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि पापा को इससे कभी कोई फर्क पड़ता। उनका दिल हमेशा से इतना बड़ा रहा है कि उन्हें ऐसी बातों की परवाह ही नहीं होती। ऑस्कर ने दी सफाईधर्मेंद्र को अक्षर में शामिल न करने पर काफी बवाल मच गया अब इसके बाद वैराइटी से बात करते हुए रॉब मिल्स ने स्पष्ट किया कि टीवी पर किसे दिखाया जाएगा, इसका अंतिम फैसला ‘एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज’ (AMPAS) का होता है। उन्होंने कहा, ‘बदकिस्मती से, हम हर साल बहुत सारी महान हस्तियों को खो रहे हैं इसलिए शायद कुछ हस्तियों का नाम छूट जाता है।’
इंदौर में फिर सुर्खियों में शिलोम जेम्स, मारपीट मकी का नया केस दर्ज; टी-20 जीत के जश्न में हुआ विवाद

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ा आरोपी एक बार फिर विवादों में आ गया है। साक्ष्य छुपाने के मामले में पहले से आरोपी शिलोम जेम्स के खिलाफ अब मारपीट और धमकाने का एक और मामला दर्ज किया गया है। लसूड़िया थाना पुलिस ने जांच के बाद शिलोम जेम्स और उसके साथी विकास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार 8 मार्च को आईसीसी टी20 विश्व कप के फाइनल मुकाबले में भारत की जीत के बाद कॉलोनी में जश्न का माहौल था। इसी दौरान पटाखे फोड़ने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। देखते ही देखते कहासुनी ने झगड़े का रूप ले लिया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। आरोप है कि शिलोम जेम्स और उसके साथी ने पड़ोसियों के साथ न केवल मारपीट की बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना ने इसलिए भी ज्यादा ध्यान खींचा है क्योंकि शिलोम जेम्स पहले से ही राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी रह चुका है। जांच के दौरान सामने आया था कि उसने मुख्य आरोपियों की मदद की थी और साक्ष्य मिटाने की कोशिश की थी। इस मामले में उसकी भूमिका को लेकर पहले ही पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। अब ताजा मामले के सामने आने के बाद पुलिस शिलोम जेम्स के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगालने में जुट गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि गंभीर अपराधों में नाम आने के बावजूद आरोपी किस तरह खुलेआम विवादों में शामिल हो रहे हैं। लसूड़िया थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और दोनों आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे। कुल मिलाकर एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने शिलोम जेम्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और पुलिस अब उसके खिलाफ हर पहलू से जांच कर रही है।
संघर्ष के दिनों में मिला प्यार सलीम खान ने धर्म से ऊपर चुना दिल का रिश्ता

नई दिल्ली :मशहूर स्क्रीनराइटर सलीम खान इन दिनों स्वास्थ्य कारणों से चर्चा में हैं लेकिन इसी बीच उनकी निजी जिंदगी की एक दिलचस्प कहानी फिर सुर्खियों में आ गई है यह कहानी है उनके और उनकी पहली पत्नी सलमा खान की प्रेम कहानी की जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है सलमा खान का असली नाम सुशीला चरक था और वह एक डोगरा राजपूत परिवार से ताल्लुक रखती थीं बताया जाता है कि जब सलीम खान अपने करियर के शुरुआती दौर में संघर्ष कर रहे थे तभी उनकी मुलाकात सलमा से हुई दोनों एक दूसरे के पड़ोस में रहते थे और अक्सर घरों की खिड़कियों से एक दूसरे को देखते थे धीरे धीरे यह नजरें मोहब्बत में बदल गईं उस समय सलीम खान मुंबई में अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे थे आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी लेकिन इन मुश्किल हालातों के बीच उन्हें सलमा का साथ मिला दोनों ने करीब पांच साल तक एक दूसरे को जाना समझा और आखिरकार 1964 में शादी करने का फैसला किया यह शादी आसान नहीं थी क्योंकि यह एक इंटरफेथ मैरिज थी सलमा के पिता को शुरुआत में इस रिश्ते से आपत्ति थी उनकी चिंता धर्म को लेकर थी हालांकि सलीम खान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनका रिश्ता आपसी समझ और सम्मान पर आधारित है और धर्म उनके बीच कभी दीवार नहीं बनेगा आखिरकार परिवार की सहमति के बाद दोनों ने शादी कर ली और समय के साथ यह रिश्ता और मजबूत होता गया सलीम खान ने खुद एक इंटरव्यू में बताया था कि उनकी शादी को अब छह दशक से ज्यादा समय हो चुका है और उनके बीच कभी धर्म को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ शादी के बाद सलमा खान ने लाइमलाइट से दूर रहकर परिवार को संभालने का फैसला किया दोनों के चार बच्चे हुए जिनमें सलमान खान अरबाज खान सोहेल खान और अलवीरा खान शामिल हैं यह प्रेम कहानी न सिर्फ बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत कहानियों में से एक है बल्कि यह भी दिखाती है कि सच्चा रिश्ता धर्म और सामाजिक बंधनों से ऊपर होता है संघर्ष के दिनों में शुरू हुई यह मोहब्बत आज भी एक मजबूत और प्रेरणादायक रिश्ते के रूप में कायम है
कुलदीप यादव का ग्रैंड रिसेप्शन आज, CM योगी समेत दिग्गजों का होगा जमावड़ा; जानिए वेज मेन्यू से लेकर स्नैक्स और ड्रिंक्स में क्या-क्या रहेगा खास

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव का शादी का ग्रैंड रिसेप्शन 17 मार्च को लखनऊ में आयोजित होने जा रहा है। यह कार्यक्रम गोल्फ सिटी स्थित होटल सेंट्रम में होगा, जिसमें देश की कई बड़ी हस्तियां शामिल होंगी। इस भव्य रिसेप्शन में करीब 600 से अधिक मेहमानों के आने का अनुमान है। कार्यक्रम को खास बनाने के लिए होटल में बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। ये दिग्गज होंगे शामिलक्रिकेट जगत से रोहित शर्मा, सुनील गावस्कर, गौतम गंभीर, शिखर धवन, रविन्द्र जडेजा, युजवेंद्र चहल और रिंकू सिंह समेत कई खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। राजनीतिक हस्तियों में योगी आदित्यनाथ, अखिलेश यादव और जय शाह के आने की भी संभावना है। बता दें कि कुलदीप यादव ने 14 मार्च को मसूरी में वंशिका चड्ढा के साथ शाही अंदाज में शादी की थी। यह शादी राजपूताना थीम पर हुई थी, जिसमें कई खास मेहमान शामिल हुए थे। वेज मेन्यू में सैकड़ों डिशेजरिसेप्शन में मेहमानों के लिए खास वेज मेन्यू तैयार किया गया है। इसमें सैकड़ों तरह के व्यंजन शामिल हैं। साथ ही अलग-अलग तरह के स्नैक्स और ड्रिंक्स की भी व्यवस्था की गई है, ताकि मेहमानों को शानदार अनुभव मिल सके। VIP मेहमानों को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर होटल की सुरक्षा तक हर चीज पर खास ध्यान दिया जा रहा है। यह ग्रैंड रिसेप्शन सिर्फ एक शादी का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लखनऊ के लिए भी एक बड़ा इवेंट माना जा रहा है, जिसमें क्रिकेट, राजनीति और मनोरंजन जगत की बड़ी हस्तियां एक साथ नजर आएंगी।
'सरके चुनर' गाने पर बैन लगाने की मांग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जारी किया नोटिस

नई दिल्ली। केडी: द डेविल’ में संजय दत्त और नोरा फतेही पर फिल्माए हालिया रिलीज गाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता विनीत जिंदल ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के सचिव को लिखित शिकायत भेजी है, जिसमें गाने पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से इसे हटाने की मांग की गई है। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने फिल्म के गाने ‘सरके चुनर’ में आपत्तिजनक और डबल मीनिंग वाले बोलों के इस्तेमाल को लेकर नोटिस जारी किया है। हाल ही में रिलीज गाने को अश्लील बोल की वजह से सोशल मीडिया पर भारी विरोध का सामना करना पड़ा। संजय दत्त और नोरा फतेही के गाने के गीतकार रकीब आलम हैं और कोरियोग्राफ प्रेम ने किया है, संगीत अर्जुन जन्या का है और गायन मंगली ने किया है। गाना यूट्यूब पर रिलीज गाना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विनीत जिंदल ने अपनी शिकायत में कहा कि गाने के बोल बेहद अश्लील, सेक्सुअली सजेस्टिव और डबल मीनिंग वाले हैं। उन्होंने कुछ पंक्तियों का जिक्र करते हुए इस गाने को बैन करने की मांग की। जिंदल का आरोप है कि भड़काऊ डांस और वीडियो की प्रस्तुति अश्लीलता को और बढ़ावा देती है, जो सार्वजनिक शालीनता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यह कंटेंट नाबालिगों सहित आम लोगों के लिए आसानी से उपलब्ध है, जिससे युवाओं पर बुरा असर पड़ सकता है। नई दिल्ली। विनीत जिंदल ने एमआईबी से मांग की है कि गाने पर तुरंत बैन लगाया जाए, इसे सभी प्लेटफॉर्म से हटाया जाए और नाबालिगों को ऐसी सामग्री से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 294 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के प्रावधानों का हवाला दिया गया है। जिंदल ने पहले ही दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में संजय दत्त, नोरा फतेही और अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत की है। इस बीच, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी गाने में कथित आपत्तिजनक और दोहरे अर्थ वाले बोलों को लेकर नोटिस जारी किया है। आयोग का यह कदम सोशल मीडिया पर आए भारी विरोध और शिकायतों के बाद उठाया गया है। विवाद बढ़ने के बाद गाने को लेकर कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी राय रख रहे हैं। कुछ लोग इसे अश्लील करार दे रहे हैं, जबकि अभी तक फिल्म के निर्माताओं, संजय दत्त या नोरा फतेही की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
27 मार्च को JDU राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए होगा चुनाव, जानिए किसके नाम पर लग सकती है मुहर

नई दिल्ली। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। पार्टी के भीतर इसको लेकर हलचल तेज हो गई है और सभी की नजर इस बात पर है कि अगला अध्यक्ष कौन बनेगा। पार्टी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 22 मार्च को नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद 23 मार्च को नामांकन की जांच होगी और 24 मार्च को नाम वापसी की अंतिम तारीख तय की गई है। अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार होते हैं, तो 27 मार्च को मतदान कराया जाएगा। अगर सिर्फ एक ही नामांकन आता है, तो 24 मार्च को ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। नीतीश कुमार के नाम की सबसे ज्यादा चर्चासूत्रों के मुताबिक, मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। इससे पहले भी वह 29 दिसंबर 2023 को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए थे। हाल ही में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबरों ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि उन्होंने साफ कहा है कि वह बिहार से दूर नहीं जाएंगे और राज्य के लिए काम करते रहेंगे। कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी आई सामनेनीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली थी। कई जगहों पर विरोध की खबरें भी सामने आई थीं। इन दिनों नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। माना जा रहा है कि उन्हें पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से हटते हैं, तो उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में बनाए रखना एक रणनीतिक फैसला हो सकता है। इससे पार्टी में संतुलन बना रहेगा। फिलहाल JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर तस्वीर जल्द साफ हो जाएगी। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
भोपाल में नकली डेयरी उत्पादों का बड़ा खुलासा, मिल्क मैजिक ब्रांड से जुड़े किशन मोदी गिरफ्तार, 20 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मिलावटी डेयरी उत्पादों के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक किशन मोदी को प्रवर्तन निदेशालय ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी कंपनी मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्माण और निर्यात कर रही थी। आरोप है कि असली मिल्क फैट की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग कर नकली डेयरी प्रोडक्ट्स तैयार किए जा रहे थे। इतना ही नहीं इन उत्पादों को असली और गुणवत्तापूर्ण दिखाने के लिए फर्जी लैब परीक्षण रिपोर्ट का सहारा लिया गया। ED के अनुसार इन मिलावटी उत्पादों का निर्यात कई विदेशी देशों में किया गया जिनमें बहराइन हांगकांग सिंगापुर ओमान कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। इस अवैध कारोबार के जरिए कंपनी ने करीब 20.59 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित की जिसे एजेंसी ने अपराध की आय माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ED ने 14 मार्च 2026 को आरोपी किशन मोदी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय भोपाल के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने आगे की पूछताछ और जांच के लिए उन्हें 18 मार्च 2026 तक ED की रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क सहयोगियों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कंपनी लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के सहारे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपने उत्पाद भेज रही थी। इससे न केवल उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ हुआ बल्कि देश की खाद्य निर्यात साख पर भी सवाल खड़े हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर लगाम लगाई जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
जबलपुर में नाले से मिला बम का खोल, खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से जुड़ाव की आशंका, इलाके में सनसनी

जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब नाले की सफाई के दौरान एक घातक बम का खोल कवर बरामद हुआ। यह बम कवर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में निर्मित होने की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस बम स्क्वॉड और संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय स्तर पर चल रहे सफाई अभियान के दौरान मजदूरों को नाले में संदिग्ध धातु वस्तु दिखाई दी। करीब से देखने पर वह बम का खोल निकला जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने सतर्कता बरतते हुए बम के खोल को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर जांच प्रक्रिया शुरू की। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन ने ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया प्रबंधन को पत्र लिखकर बम के खोल के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है। प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि यह खोल भारतीय सेना के उपयोग में आने वाले गोला-बारूद का हिस्सा हो सकता है हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस घटना ने दो साल पहले हुए एक भीषण हादसे की यादें भी ताजा कर दी हैं। इसी क्षेत्र में स्थित एक स्क्रैप गोदाम में विस्फोट हुआ था जिसमें भारी नुकसान हुआ था। उस मामले में अवैध रूप से गोला-बारूद से जुड़े सामान के भंडारण और कारोबार की आशंका सामने आई थी। अब ताजा बरामदगी के बाद उसी कड़ी को फिर से जोड़ा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस बम के खोल का संबंध इलाके के हिस्ट्रीशीटर शमीम कबाड़ी से भी हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है। गौरतलब है कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया में भारतीय सेना के लिए अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक गोला-बारूद तैयार किया जाता है। ऐसे में फैक्ट्री से जुड़े किसी भी सामग्री का बाहर मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस और बम निरोधक दस्ता पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रहा है। आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया जा सकता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं और इस तरह की सामग्री तो नहीं फेंकी गई है।
BSE Sensex और Nifty 50 सपाट, सीमित दायरे में कारोबार कर रहा बाजार

नई दिल्ली। मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआत से ही हल्की उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बाजार सीमित दायरे में सिमट गया। दोपहर 12:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 24 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 75,478 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 13 अंक कमजोर होकर 23,394 के स्तर पर था। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 75,324.73 का निचला स्तर और 76,014 का ऊपरी स्तर जारी किया, वहीं निफ्टी 23,346 से 23,577 के बीच घूम रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी लिमिटेड दायराबाजार की यह सुस्ती केवल लार्जकैप तक लिमिटेड नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में भी लिमिटेड हलचल देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 92 अंक की हल्की बढ़त के साथ 54,707 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 29 अंक 15,840 पर कारोबार कर रहा था। यह संकेत देता है कि बाजार के सभी निवेश में निवेशक बचे सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और किसी बड़े ट्रेंड का इंतजार कर रहे हैं। फेड की बैठक बना सबसे बड़ा फैक्टर बाजार के सीमित दायरे में रहने की सबसे बड़ी वजह फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक है, जो मंगलवार से शुरू या बुधवार को खत्म होगी। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर जाने वाले फैसले पर वैश्विक बाजारों की नजर टिकी हुई है। मौजूदा समय में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से और वैश्विक महंगाई की खतरों के बीच फेड का रुख बेहद अहम हो गया है। निवेशक इस फैसले से पहले बड़े निवेश से बच रहे हैं, जिससे बाजार में स्थिरता की स्थिति बनी हुई है। कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंतापश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में पिछले एक महीने में 50 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी से देखी गई है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। यदि महंगाई बढ़ती है तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रख सकते हैं, जो शेयर बाजार के लिए नकारात्मक संकेत है। यही कारण है कि निवेशक सतर्क हैं और बाजार में बड़ी खरीदारी से बच रहे हैं। एक्सपायरी और FII बिकवाली का दबावमंगलवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर डेरिवेटिव्स बेंचों की एक्सपायरी भी है, जिसके चलते ट्रेडर्स अपनी व्यवस्था में बदलाव करते हैं। इससे बाजार में मुनाफा कम या एक दायरे में कारोबार होता है। दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बनाए हुए है। सोमवार को बाजार में तेजी के बावजूद एफआईआई ने 9,365.52 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है। आगे की दिशा क्या होगी?एफआईआई के अनुसार, जब तक फेडरल रिजर्व की बैठक के नतीजे सामने नहीं आते, तब तक बाजार इसी तरह सीमित दायरे में बना रह सकता है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख पर भी बाजार की दिशा निर्भर करेगी। कुल मिलाकर भारतीय शेयर बाजार इस समय इंतजार और जोखिम के दौर से गुजर रहा है। BSE Sensex और Nifty 50 में बड़ी चाल तभी देखने को मिलेगी, जब वैश्विक संकेत स्पष्ट होंगे। अगर जींस के लिए धैर्य और सतर्क रणनीति ही सबसे बेहतर विकल्प मानी जा रही है।