ईरान पर अमेरिकी हमले तेज: 7000 से ज्यादा ठिकाने तबाह, 100 जहाज नष्ट होने का ट्रंप का दावा

वाशिंगटन। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान को लेकर बड़े दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक 7000 से अधिक लक्ष्यों पर हमले किए जा चुके हैं, जिनमें ज्यादातर सैन्य और व्यावसायिक ठिकाने शामिल हैं। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी खतरे को खत्म करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उनके मुताबिक, इन हमलों से ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मिसाइल और ड्रोन हमलों में भारी गिरावट का दावा ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों में 90% और ड्रोन हमलों में 95% तक की कमी आई है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने मिसाइल और ड्रोन निर्माण से जुड़े कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें हाल ही में तीन प्रमुख संयंत्रों पर हमले शामिल हैं। 100 से ज्यादा नौसैनिक जहाज नष्ट अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, बीते हफ्तों में ईरान के 100 से अधिक नौसैनिक जहाजों को डुबोया या नष्ट किया जा चुका है। उन्होंने खास तौर पर खार्ग द्वीप पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि वहां के सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया, हालांकि तेल ढांचे को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया। होर्मुज को लेकर कड़ी चेतावनी ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को लेकर भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान या कोई अन्य पक्ष यहां वाणिज्यिक जहाजों के रास्ते में बाधा डालता है, तो अमेरिका तेल ढांचे पर भी हमला करने का फैसला ले सकता है। उनका कहना था कि यह कार्रवाई कुछ ही मिनटों में की जा सकती है, लेकिन उसके असर लंबे समय तक रहेंगे। समुद्री क्षमता को भी झटका ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना ने 30 से अधिक माइन बिछाने वाले जहाजों और उनसे जुड़ी सैन्य सुविधाओं को नष्ट कर दिया है, जिससे ईरान की समुद्री क्षेत्र में धमकी देने की क्षमता काफी कमजोर हुई है। दुनिया से सहयोग की अपील अंत में ट्रंप ने अन्य देशों से अपील करते हुए कहा कि जिन देशों की अर्थव्यवस्था होर्मुज जलडमरूमध्य पर ज्यादा निर्भर है, उन्हें इस संकट में अमेरिका का साथ देना चाहिए। इस बयान के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में आई तकनीकी खराबी…

नई दिल्ली। न्यूयॉर्क से दिल्ली (New York to Delhi) की तरफ आ रही एयर इंडिया (Air India flight) की फ्लाइट संख्या ए350 को तकनीकी खराबी (Technical fault) की वजह से आयरलैंड की तरफ मोड़ दिया गया है। यहां शैनन शहर में विमान की इमरजैंसी लैंडिग (Emergency Landing) की जाएगी। तकनीकि जांच के बाद फ्लाइट फिर से उड़ान भर पाने में सक्षम होगी। सूत्रों के अनुसार विमान में करीब 300 लोग सवार हैं। शैनन शहर की ओर मोड़े जाने से पहले यह 6 घंटे की यात्रा पूरी कर चुका था। एअरलाइन ने शाम को जारी एक बयान में इस घटना की जानकारी दी। एयरलाइन की तरफ से कहा गया, “15 मार्च को न्यूयॉर्क (जेएफके) से दिल्ली जा रहे विमान एआई102 को तकनीकी खराबी की आशंका के चलते एहतियाती तौर पर आयरलैंड के शैनन की ओर मोड़ दिया गया। एयर इंडिया के उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप विमान का वर्तमान में व्यापक तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसमें अतिरिक्त समय लगेगा।”सूत्रों ने बताया कि विमान में कंपन और शोर उत्पन्न हुआ, जिसके बाद उसे शैनन की ओर मोड़ दिया गया। इस विमान को अप्रैल 2024 में एअर इंडिया के बेड़े में शामिल किया गया था। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए एअर इंडिया ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है कि यात्री जल्द से जल्द अपनी दिल्ली की यात्रा जारी रख सकें। इससे पहले दिन में एअरलाइन ने कहा कि विमान स्थानीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे शैनन हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतर गया और सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं। प्रवक्ता ने कहा, “तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार विमान की विस्तृत तकनीकी जांच की जा रही है।” फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विमान शैनन की ओर मोड़े जाने से पहले लगभग छह घंटे तक हवा में रहा।
पाकिस्तान में गहराता ऊर्जा संकट: इस तारीख के बाद गैस आपूर्ति ठप होने की चेतावनी

इस्लामाबाद। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण कतर से LNG की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। इसका सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ा है। पाकिस्तान में गैस सप्लाई को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है, जिसके मुताबिक आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। सरकारी सूत्रों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा भंडार और आपूर्ति व्यवस्था को देखते हुए निर्धारित तारीख के बाद गैस की उपलब्धता लगभग खत्म होने जैसी स्थिति बन सकती है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर उद्योगों तक पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। पाकिस्तान में 14 अप्रैल के बाद लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) उपलब्ध नहीं रहेगी। सीनेट की पेट्रोलियम कमिटी को अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि कतर से पाकिस्तान का LNG आयात 2 मार्च से पूरी तरह निलंबित है। कतर अमेरिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LNG निर्यातक है। मार्च महीने के लिए निर्धारित 8 LNG कार्गो में से केवल 2 ही पाकिस्तान पहुंचे हैं। वहीं, अप्रैल में आने वाले 6 कार्गो के भी देश में पहुंचने की कोई संभावना नहीं है। युद्ध के कारण प्रमुख संकरे समुद्री जलमार्गों से शिपिंग लगभग रुक गई है, जिससे दुनिया भर की लगभग 20% तेल और LNG आपूर्ति बाधित हुई है। इसके चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 2022 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। महंगी बिजली और गैस की किल्लत इस कमी को पूरा करने के लिए पाकिस्तान अजरबैजान से स्पॉट मार्केट से LNG खरीदने पर विचार कर रहा है। लेकिन यह सौदा 24 डॉलर प्रति यूनिट पड़ेगा, जबकि कतर के साथ कॉन्ट्रैक्ट के तहत यह केवल 9 डॉलर प्रति यूनिट था। इससे बिजली उत्पादन काफी महंगा हो जाएगा। बिजली क्षेत्र को गैस की आपूर्ति 300 mmcfd से घटाकर 130 mmcfd कर दी गई है। इसके अलावा, सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) ने एक उर्वरक संयंत्र की गैस आपूर्ति में 50% की कटौती की है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के बढ़ने के कारण पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में 55 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) के अनुसार, 7 मार्च से अब तक डीजल की कीमतों में लगभग 100% और पेट्रोल की कीमतों में लगभग 70% की वृद्धि हुई है। वैश्विक स्तर पर हाई-स्पीड डीजल 88 डॉलर से बढ़कर 187 डॉलर प्रति बैरल और पेट्रोल 74 डॉलर से बढ़कर 130 डॉलर प्रति बैरल हो गया है। पाकिस्तान के पास मौजूदा ईंधन भंडार पेट्रोलियम सचिव मिर्जा नसीर-उद-दीन अहमद ने समिति को देश के मौजूदा स्टॉक की जानकारी दी: पेट्रोल: 27 दिनों का भंडार डीजल: 21 दिनों का भंडार कच्चा तेल: 11 दिनों का भंडार LPG: 9 दिनों का भंडार JP-1 (विमानन ईंधन): 14 दिनों का भंडार पाकिस्तानी सीनेटर मंजूर अहमद और सादिया अब्बासी ने सवाल उठाया कि जब देश के पास 28 दिनों तक का रिजर्व स्टॉक था, तो सरकार ने कीमतें क्यों बढ़ाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुराने स्टॉक पर दाम बढ़ाकर मुनाफा कमा रही है। पेट्रोलियम सचिव ने स्पष्ट किया कि कीमतों में यह बढ़ोतरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को फायदा पहुँचाने के लिए नहीं, बल्कि जमाखोरी को हतोत्साहित करने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए की गई है। सरकार के आगामी कदम और भारत की स्थिति मोटरसाइकिल और रिक्शा चालकों के लिए पाक सरकार एक राहत पैकेज पर काम कर रही है। आपूर्ति के दबाव को कम करने के लिए शहबाज सरकार ने अस्थायी रूप से यूरो-5 (Euro-5) मानक से कम गुणवत्ता वाले तेल के आयात की अनुमति दे दी है। अधिकारियों ने समिति को यह भी बताया कि इस क्षेत्रीय संकट से भारत भी अछूता नहीं है; वहां भी पेट्रोल के लगभग 60% आयात पर असर पड़ा है।
होर्मुज खुलवाने पर अलग-थलग पड़े अमेरिकी राष्ट्रपति…. फ्रांस-ब्रिटेन के रूख पर जताया असंतोष

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (French President Emmanuel Macron) के होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए प्रस्तावित गठबंधन में शामिल न होने के रुख पर असंतोष जताया है। ट्रंप ने कहा कि वे इस मुद्दे पर मैक्रों से बात कर चुके हैं और उन्हें 0 से 10 के पैमाने पर 8 अंक देते हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस पूरी तरह सही नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि वे मदद करेंगे। ट्रंप ने ट्रंप कैनेडी सेंटर बोर्ड सदस्यों के साथ दोपहर के भोजन के दौरान अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे मजबूत सेना करार देते हुए कहा कि अमेरिका को किसी की जरूरत नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र हैं और हमारी सेना सबसे मजबूत है। इस दौरान ट्रंप ने ब्रिटेन पर भी नाराजगी जाहिर की और कहा कि वे ब्रिटेन से खुश नहीं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ब्रिटेन पूरे उत्साह से गठबंधन में शामिल होगा। ट्रंप ने कहा कि हम वर्षों से नाटो के जरिए इन देशों की रक्षा कर रहे हैं। पुतिन हमसे डरते हैं, यूरोप से नहीं। ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के संदर्भ में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित स्थिति में रखा है। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा इस जलडमरूमध्य को आर्थिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है, लेकिन अब यह लंबे समय तक नहीं चलेगा। ट्रंप ने खार्ग द्वीप पर अमेरिकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि सैन्य ठिकानों को नष्ट किया गया है, लेकिन तेल ढांचे को बरकरार रखा गया है। उन्होंने ईरान के रक्षा आधार, मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को लगभग समाप्त करने का दावा किया। ट्रंप के अनुसार, 30 से अधिक बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया गया है और ईरान भर में 7000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं, जिससे बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपणों में 90 प्रतिशत और ड्रोन हमलों में 95 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने से अभी तक 00 से अधिक ईरानी नौसैनिक पोत डुबोए या नष्ट किए गए हैं। ट्रंप ने ईरानी वायुसेना, नौसेना और नेतृत्व को लगभग पूरी तरह नष्ट होने का दावा किया। वहीं, वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने पत्रकारों से कहा कि ट्रंप इस महीने के अंत में चीनी नेता शी जिनपिंग से मुलाकात के लिए उत्सुक हैं, लेकिन तारीखों में बदलाव संभव है। उनकी प्राथमिकता ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की सफलता है। लीविट ने ब्रिटेन से होर्मुज में मदद के लिए पहले और तेज कदम उठाने की अपेक्षा जताई और कहा कि ट्रंप यूरोपीय सहयोगियों से समर्थन मांगना जारी रखेंगे।
छात्राओं के गर्भवती होने के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट; सरकार पर आरोपों की बौछार

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में सोमवार को बीजापुर जिले के एक पोर्टा केबिन स्कूल हॉस्टल से जुड़ा मामला सियासी तूफान बन गया। तीन छात्राओं के गर्भवती होने के आरोपों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जो अंततः हंगामे और वॉकआउट में बदल गई। विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल कांग्रेस विधायकों ने सदन में आरोप लगाया कि बीजापुर के हॉस्टल में रहने वाली तीन छात्राएं गर्भवती पाई गई हैं। इस मुद्दे पर जवाब की मांग करते हुए विक्रम मंडावी, चरण दास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को घेरा। शिक्षा मंत्री का जवाब, लेकिन विवाद बरकरार राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जिन तीन छात्राओं की बात की जा रही है, उनमें से दो हॉस्टल में रहती ही नहीं हैं, जबकि एक छात्रा दिवाली की छुट्टियों के बाद से वापस नहीं लौटी है। हालांकि मंत्री के इस जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। ‘मामला दबाने की कोशिश’ का आरोप ‘शून्य काल’ के दौरान विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार इस गंभीर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि जैसे ही छात्राओं के गर्भवती होने की बात सामने आई, उन्हें घर भेज दिया गया और अब प्रशासन यह कहकर मामले को कमजोर करने में जुटा है कि वे हॉस्टल में रह ही नहीं रही थीं। विपक्ष ने यह भी कहा कि मामला आदिवासी क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए इसकी गंभीरता और बढ़ जाती है। आरोपियों को बचाने का आरोप विपक्षी विधायकों का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाया जा रहा है। इसी कारण सदन में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की अनुमति भी नहीं दी जा रही। पूर्व मुख्यमंत्री ने जताई चिंता पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि आवासीय स्कूल से जुड़ी ऐसी खबर बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि तीन में से दो छात्राएं नाबालिग हैं और मामले की पूरी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ईरान से भारतीयों की सुरक्षित वापसी जारी: आर्मेनिया-अजरबैजान के रास्ते निकाले गए सैकड़ों नागरिक, सरकार ने दी जानकारी

तेहरान/नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान तेजी से जारी है। भारत सरकार ने बताया कि अब तक सैकड़ों नागरिक पड़ोसी देशों के जरिए ईरान से बाहर निकल चुके हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इंटर-मिनिस्ट्री ब्रीफिंग में जानकारी देते हुए कहा कि करीब 550 भारतीय जमीनी रास्ते से आर्मेनिया पहुंचे हैं, जबकि लगभग 90 नागरिक अजरबैजान में प्रवेश कर चुके हैं। तीर्थयात्री और छात्र भी सुरक्षित निकाले गए सरकार के मुताबिक, 284 भारतीय तीर्थयात्रा के लिए ईरान गए थे, जिनमें से कुछ पहले ही भारत लौट चुके हैं, जबकि बाकी को जल्द वापस लाने की तैयारी है। इसके अलावा तेहरान में मौजूद भारतीय छात्रों को भी एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दूतावास कर रहा लगातार समन्वय तेहरान स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों का समन्वय कर रहा है। केंद्र सरकार राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के संपर्क में है, जबकि हेल्पलाइन के जरिए नागरिकों की सहायता जारी है। खाड़ी देशों से बढ़ाई गई उड़ानें अधिकारियों ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, ओमान और कतर से सोमवार को ही 45 उड़ानें भारत पहुंचने वाली हैं। 28 फरवरी से अब तक करीब 2.2 लाख भारतीय इन क्षेत्रों से वापस लौट चुके हैं। कतर का हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद वहां से उड़ानें फिर शुरू हो गई हैं, जबकि कुवैत का एयरस्पेस अभी भी बंद है। आने वाले दिनों में और विशेष उड़ानें शुरू होने की उम्मीद जताई गई है। अन्य देशों से भी निकासी जारी बहरीन और इराक में फंसे भारतीयों को सऊदी अरब के रास्ते निकाला जा रहा है। इस बीच सोहर में दो भारतीय नागरिकों की मौत की भी पुष्टि हुई है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास पीड़ित परिवारों के संपर्क में है और जल्द ही शव भारत लाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि विदेश में फंसे हर भारतीय की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
आपूर्ति संकट की आशंका से कच्चे तेल में उछाल, Brent Crude करीब 3% चढ़ा
नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड करीब 2.81% की तेजी के साथ 103.03 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 2.80% बढ़कर 95.03 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। यह तेजी से ऐसे समय आया है जब वैश्विक बाजार पहले से ही अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है और निवेशक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंतित हैं। होर्मुज जलदमरूमध्य बना संकट की जड़ कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना है। यह फारस की खाड़ी में स्थित एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया के कुल कच्चे तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा चढ़ता है। ऐसे में इस मार्ग में किसी भी तरह की मौजूदगी वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ा खतरा बन जाती है। मौजूदा हालात में ईरान और यूनाइटेड स्टेट्स और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग पर असर पड़ा है, जिससे सप्लाई बाधित हुई है। एक महीने में 50% से ज्यादा बढ़ने का दाविशेषज्ञों के अनुसार, बीते एक महीने में कच्चे तेल की सप्लाई में 50% से ज्यादा की तेजी से दर्ज की जा चुकी है। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और सप्लाई बढ़ने पर खतरा है। इस तेजी का सीधा असर वैश्विक महंगाई और ट्रांसपोर्टेशन लागत पर पड़ सकता है, जिससे कई देशों की इकोनॉमी प्रभावित होने की आशंका है। भारत ने तेज की कूटनीतिक कोशिशेंभारत ने स्थिति को संभालने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। भारत लगातार ईरान से बातचीत कर रहा है ताकि होर्मुज मार्ग से भारतीय जहाजों की आवाजाही बहाल हो सके। इसी कोशिश के तहत ईरान ने दो भारतीय एलपीजी जहाजों—शिवालिक और नंदा देवी-को लौटने की अनुमति दे दी है। शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर डॉक कर चुका है नंदा देवी कांडला पोर्ट पर पहुंचने वाला है इससे देश में एलपीजी सप्लाई को राहत मिलने की उम्मीद है। से भी आ रहा बड़ा बहाव इसके अलावा यूनाइटेड अरब अमीरात से भारतीय जहाज ‘जग लाडकी’ 80,000 टन से ज़्यादा कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हो चुका है। यह खेप इस हफ़्ते भारत पहुंचने की उम्मीद है, जिससे घरेलू सप्लाई में और बढ़ोतरी होगी। एशियाई अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव बढ़विश्लेषकों का दबाव है कि खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल के आयात पर ज़्यादा निर्भरता के कारण भारत समेत एशियाई देश इस संकट से सबसे ज़्यादा प्रभावित हो सकते हैं। ऊर्जा दरों में तेज़ी से महंगाई, ट्रांसपोर्टेशन लागत और इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन पर दबाव बढ़ सकता है। आगे क्याअगर होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो कच्चे तेल की दरों में और उछाल देखने को मिल सकता है। अगर बाज़ार की नज़र पश्चिम एशिया के हालात और वैश्विक सप्लाई पर बनी हुई है। इस बीच, सरकारें और कंपनियां वैकल्पिक सेवाओं चेन और रणनीतियों पर काम कर रही हैं ताकि ऊर्जा संकट के प्रभाव को कम किया जा सके।
अक्षय कुमार का खुलासा बचपन में पापा उतारते थे अखाड़े में आज वही बना ताकत..

नई दिल्ल: बॉलीवुड के खिलाड़ी के नाम से मशहूर अक्षय कुमार इन दिनों क्विज रियलिटी शो व्हील ऑफ फॉर्च्यून की मेजबानी करते हुए अक्सर अपनी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से साझा करते नजर आते हैं हाल ही में शो के दौरान वह अपने बचपन की यादों में खो गए और एक ऐसा अनुभव साझा किया जिसने उनके व्यक्तित्व और करियर दोनों को गहराई से प्रभावित किया अक्षय कुमार ने बताया कि उनका बचपन सामान्य बच्चों से काफी अलग था उनके पिता खुद एक पहलवान थे और घर का माहौल पूरी तरह से खेल और मार्शल आर्ट्स से जुड़ा हुआ था उन्होंने खुलासा किया कि उनके पिता उन्हें बचपन में ही पेशेवर पहलवानों के साथ अखाड़े में उतार देते थे यह अनुभव उनके लिए आसान नहीं था लेकिन इसी ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाया उन्होंने कहा कि उस समय यह सब कठिन जरूर लगता था लेकिन आज जब वह अपने फिल्मी करियर को देखते हैं तो महसूस होता है कि वही ट्रेनिंग उनके बहुत काम आई खासकर एक्शन फिल्मों में उनके स्टंट्स और फिटनेस के पीछे यही मजबूत नींव है शो में मौजूद प्रतियोगियों के साथ बातचीत के दौरान अक्षय ने माता पिता और बच्चों के रिश्ते पर भी खुलकर बात की उन्होंने कहा कि हर बच्चे की रुचि अलग होती है और माता पिता को इसे समझने की जरूरत है उन्होंने सलाह दी कि अगर बच्चा पढ़ाई में कमजोर है लेकिन किसी खेल या कला में अच्छा है तो उसे उस दिशा में आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए अक्षय ने यह भी कहा कि बच्चों पर अपनी इच्छाएं थोपने के बजाय उनकी प्रतिभा को पहचानना ज्यादा जरूरी है उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि किसी को तैराकी पसंद हो सकती है तो किसी को बॉक्सिंग या मार्शल आर्ट्स ऐसे में माता पिता का समर्थन ही बच्चे को आगे बढ़ने की ताकत देता है उन्होंने यह भी जोर दिया कि शिक्षा जरूरी है लेकिन इसके साथ साथ बच्चों के सपनों को भी महत्व देना चाहिए अगर माता पिता सही मार्गदर्शन और समर्थन दें तो बच्चा किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है दो बच्चों के पिता अक्षय कुमार ने अपने निजी अनुभव के आधार पर यह संदेश दिया कि माता पिता का विश्वास और साथ बच्चों के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है और यही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है
लोकसभा में टकराव खत्म करने पर सहमति: 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हो सकता है रद्द

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के बीच सियासी गतिरोध खत्म होने के संकेत मिले हैं। लोकसभा के आठ निलंबित विपक्षी सांसदों का निलंबन मंगलवार को वापस लिया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति बन गई है। सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति बताया जा रहा है कि ओम बिरला ने सोमवार को सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाई, जिसमें निलंबन खत्म करने पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में यह भी तय हुआ कि भविष्य में सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी दल जिम्मेदारी से व्यवहार करेंगे। सदन के आचरण को लेकर भी तय हुए नियम दोनों पक्षों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी कि— कोई भी सदस्य नारेबाजी करते हुए दूसरे पक्ष की सीटों तक नहीं जाएगा सदन में कागज फाड़कर नहीं फेंके जाएंगे अधिकारियों की मेजों पर चढ़ने जैसी घटनाएं नहीं होंगी कांग्रेस ने उठाया था मुद्दा सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए स्पीकर से निलंबन रद्द करने की मांग की थी। विपक्षी दल पिछले सप्ताह से ही इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे थे। क्यों हुआ था निलंबन? बजट सत्र के पहले चरण में 3 फरवरी को सदन में हंगामे के दौरान आसन की ओर कागज फेंकने और अवमानना के आरोप में आठ सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। इन सांसदों में मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन शामिल हैं। धरने पर बैठे थे सांसद निलंबन के बाद से ये सभी सांसद संसद परिसर के मकर द्वार पर धरना दे रहे थे और कार्रवाई को वापस लेने की मांग कर रहे थे। अगर मंगलवार को औपचारिक घोषणा होती है, तो इससे संसद के कामकाज में जारी गतिरोध खत्म होने और बजट सत्र के सुचारु संचालन की राह साफ हो सकती है।
मध्यप्रदेश पुलिस में बंपर भर्ती की तैयारी, 10 हजार पदों पर जल्द शुरू होगी प्रक्रिया

भोपाल। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए मध्यप्रदेश से बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की दिशा में सरकार ने तेज़ी दिखाई है। इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय की चयन एवं भर्ती शाखा ने करीब 10 हजार पदों पर भर्ती का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा। प्रस्तावित भर्ती में सबसे अधिक पद आरक्षक कांस्टेबल के होंगे। जानकारी के अनुसार कुल 10 हजार पदों में से लगभग 7500 पद आरक्षकों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा 1 हजार पद ड्राइवर के और करीब 1200 पद मिनिस्ट्रियल स्टाफ के शामिल किए गए हैं। यह भर्ती न केवल पुलिस बल को मजबूत करेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों को भी गति प्रदान करेगी। दरअसल, मध्यप्रदेश पुलिस में लंबे समय से पदों की कमी बनी हुई है। वर्तमान में केवल आरक्षक वर्ग में ही करीब 13 हजार पद खाली बताए जा रहे हैं। ऐसे में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने और पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए इन पदों को भरना बेहद जरूरी हो गया है। यही कारण है कि सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, हर साल बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी रिटायर होते हैं, जिससे विभाग में लगातार रिक्तियां बढ़ती जा रही हैं। अनुमान है कि हर वर्ष लगभग 11 से 12 हजार पुलिसकर्मी सेवा निवृत्त हो जाते हैं। इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने पहले ही 22 हजार पदों पर भर्ती का ऐलान किया था। अब उसी योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से भर्तियां की जा रही हैं। वहीं, वर्ष 2025 की पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया फिलहाल जारी है और उम्मीदवारों के फिजिकल टेस्ट लिए जा रहे हैं। इसके बाद लिखित परीक्षा और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए चयन किया जाएगा। इस बीच नई भर्ती की तैयारी से उन युवाओं में भी उत्साह बढ़ गया है जो लंबे समय से पुलिस विभाग में नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में भर्ती होने से न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था भी अधिक सुदृढ़ होगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पुलिस बल की उपस्थिति बढ़ने से अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश पुलिस में प्रस्तावित यह बंपर भर्ती युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। अब सभी की निगाहें राज्य सरकार की मंजूरी और भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।