Israel-Iran: ‘दुश्मनों को ढूंढकर खत्म करेंगे’, ईरान के नए सुप्रीम लीडर को लेकर इस्राइल का सख्त संदेश

तेल अवीव। इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने स्पष्ट किया है कि वह हर उस व्यक्ति को निशाना बनाएगा जो उसके लिए खतरा है। इसमें ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई भी शामिल हैं। हालांकि, आईडीएफ ने यह भी माना है कि फिलहाल उन्हें खामेनेई के ठिकाने की जानकारी नहीं है।ठिकाने की जानकारी नहीं, लेकिन कार्रवाई तय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आईडीएफ के सैन्य प्रवक्ता एफि डेफ्रिन ने कहा कि खामेनेई की लोकेशन को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस्राइल अपने दुश्मनों को छोड़ेगा नहीं। उनका कहना था कि जो भी इस्राइल के खिलाफ कदम उठाएगा, उसे ढूंढकर खत्म किया जाएगा। बासिज बलों पर भी इस्राइल की नजर आईडीएफ ने यह भी संकेत दिए हैं कि ईरान के अर्धसैनिक बासिज बल भी उसके निशाने पर हैं। डेफ्रिन ने दोहराया कि इस्राइल हर उस व्यक्ति तक पहुंचेगा, जो उसके खिलाफ काम कर रहा है। पहले आईडीएफ यह दावा कर चुका है कि उसने बासिज कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी को मार गिराया था। लंबे सैन्य अभियान की तैयारी इस्राइल ने साफ कर दिया है कि वह लंबे समय तक चलने वाले अभियान के लिए तैयार है। इसमें यहूदी पर्व फसह के दौरान भी सैन्य गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस बीच, ईरान की ओर से दागी जा रही मिसाइलों को रोकने के लिए भी इस्राइल लगातार अपने रक्षा तंत्र को सक्रिय रखे हुए है। तेल अवीव और यरुशलम में गूंजे सायरन रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल अवीव और यरुशलम में एयर रेड सायरन सुनाई दिए। रात के समय आसमान में तेज चमक देखी गई, जिसमें तेल अवीव के ऊपर क्लस्टर म्यूनिशन मिसाइल भी शामिल थी। इसके बाद बचाव दलों को ग्रेटर तेल अवीव के कई इलाकों में भेजा गया। बहरीन ने भी रोकीं मिसाइलें और ड्रोन इस बीच बहरीन रक्षा बल ने दावा किया है कि उसने ईरान से दागी गई 129 मिसाइलों और 233 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया है। यह घटनाक्रम अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच सामने आया है, जो पिछले दो हफ्तों से अधिक समय से जारी है।
नेतन्याहू जिंदा है या नहीं, पता करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने भेजा अपना दूत; नए वीडियो में क्या?
नई दिल्ली। मौत की अटकलों के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का एक और वीडियो सामने आया है। इस बार नेतन्याहू ने अपने जीवित होने का सबूत पेश करते हुए दिलचस्प वीडियो शेयर किया। मंगलवार को पोस्ट किए गए इस वीडियो में वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत के साथ नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी दूत को यह सुनिश्चित करने के लिए ही भेजा गया था कि नेतन्याहू जिंदा हैं। इजरायली प्रधानमंत्री ने खुद इसकी जानकारी दी। इस वीडियो में नेतन्याहू और अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी साथ साथ नजर आ रहे हैं। सबसे पहले नेतन्याहू मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मैं जिंदा हूं।” और फिर मौत की अटकलों पर तंज कसते हुए कहते हैं, “हम हर हाथ की पांच उंगलियों से हाथ मिलाते हैं।” इससे वह उन खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिनमें यह दावा किया गया था कि नेतन्याहू का AI जनरेटेड वीडियो शेयर किया जा रहा है और उनके हाथों पर छह उंगलियां दिखाई देने की बात कही गई थी। नए वीडियो पर भी उठे थे सवालइसके बाद नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई वीडियो साझा कर इस बात को साबित करने की कोशिश की है वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बीते दिनों एक कॉफी हाउस का वीडियो भी पोस्ट किया जिसमें वे अपने जिंदा होने की पुष्टि करने की कोशिश करते दिखे। हालांकि इंटरनेट पर लोगों ने इस वीडियो की प्रामाणिकता पर भी सवाल उठा दिए। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के चैट बॉट Grok ने इसे डीपफेक वीडियो बता दिया। अमेरिकी दूत से क्या बोले नेतन्याहू?अब नेतन्याहू ने अमेरिकी दूत के साथ वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में वह हकाबी के साथ बातचीत करते हुए देखे जा सकते हैं। इस बीच हकाबी मजाक मजाक में कहते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इजरायली नेता का हालचाल जानने के लिए भेजा था। हकाबी ने कहा, “मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, मैं चाहता हूं कि आप यह जानें कि राष्ट्रपति ने मुझे यहाँ आकर यह पक्का करने के लिए कहा था कि आप ठीक हैं।” इस पर नेतन्याहू जवाब देते हैं “हां, माइक। हां मैं ज़िंदा हूं।” वीडियो में नेतन्याहू ने ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी आहे बासिज प्रमुख गुलाम रजा सुलेमानी की मौत को लेकर भी ईरान पर तंज कसा। नेतन्याहू ने कहा, “आज, मैंने पंच कार्ड से दो नाम मिटा दिए।” बता दें कि मंगलवार को इजरायल ने इन दोनों नेताओं के मारे जाने का दावा किया था। बुधवार को ईरान ने भी इसकी पुष्टि की है और बदला लेने की कसम खाई है।
MP Weather : मध्य प्रदेश में 4 दिन बदला रहेगा मौसम, 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में बुधवार से आंधी और बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिससे अगले चार दिनों तक मौसम में बदलाव बना रहेगा। तेज गर्मी से राहत मिलेगी और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं आंधी तो कहीं बारिश देखने को मिल सकती है। गरज-चमक के साथ बादल छाने की भी संभावना है। बुधवार को ग्वालियर सहित 13 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 21 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी मौसम के बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। इसके चलते 19 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को प्रदेश के पश्चिम-उत्तरी हिस्से में पांच साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय रहे, जबकि दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में भी एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का प्रभाव देखा गया। इसी वजह से ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के कुछ जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। तापमान की बात करें तो खरगोन में सबसे ज्यादा 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो में 38.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 38 डिग्री, रायसेन में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री और खंडवा में 37.1 डिग्री तापमान रहा। प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 36.1 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 35.2 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री और उज्जैन व ग्वालियर में 35.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। मार्च के साथ ही गर्मी के मौसम की शुरुआत हो चुकी है और पहले पखवाड़े में तेज गर्मी का असर देखने को मिला। हालांकि अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सीजन में पहली बार इतना मजबूत सिस्टम सक्रिय हुआ है, जिसका असर 4 से 5 दिनों तक पूरे प्रदेश में बना रहेगा। इस दौरान कहीं बारिश, कहीं आंधी और कहीं बादल छाए रहने की स्थिति रहेगी। इस सिस्टम के गुजरने के बाद 22 मार्च से फिर से तेज गर्मी लौटने की संभावना है। मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले 10 वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, मार्च में दिन गर्म और रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहती हैं, साथ ही बारिश का भी ट्रेंड बना रहता है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि रात का तापमान 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में पहले ही लगातार तीन दिनों से तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया जा चुका है। वहीं, अप्रैल और मई में 15 से 20 दिनों तक हीट वेव यानी लू चलने की संभावना जताई गई है।
क्रिकेट में दिखा पावर का धमाका: साउथ अफ्रीकी खिलाड़ी का सिक्स पहुंचा स्टेडियम के बाहर

नई दिल्ली। न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच खेले जा रहे टी20 मुकाबले में एक ऐसा लम्हा देखने को मिला, जिसने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया। साउथ अफ्रीका के बैट्समैन वियान मुल्डर ने हैमिल्टन में ऐसा गगनचुंबी छक्का जड़ा कि गेंद स्टेडियम की सीमा पार करते हुए सीधे सड़क पर जा गिरी। इस धमाकेदार शॉट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जैमीसन की गेंद पर दिखा दमसाउथ अफ्रीका की टीम 176 रन के गोल का पीछा कर रही थी, लेकिन शुरुआत बहुत धीमी रही। पहले दो ओवर में सिर्फ 5 रन बने थे। ऐसे में तीसरे ओवर में वियान मुल्डर ने आक्रामक अंदाज अपनाया और काइल जैमीसन की गेंद पर मिड-विकेट के ऊपर से जोरदार शॉट खेल दिया। गेंद करीब 100 मीटर दूर जाकर स्टेडियम के बाहर सड़क पर गिरी। यह शॉट इतना लंबा था कि मैदान पर मौजूद खिलाड़ी और दर्शक भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए। हैमिल्टन का मैदान आमतौर पर बड़ा माना जाता है और यहां इतने लंबे मौके कम ही देखने को मिलते हैं। खास बात यह रही कि जिस दिशा में मुल्दर ने शॉट खेला, वहां कोई बड़ा स्टैंड नहीं था, जिससे गेंद सीधे मैदान के बाहर चली गई। ऐसे मौके क्रिकेट में बहुत कम देखने को मिलते हैं। शानदार शॉट, लेकिन टीम को नहीं मिली जीतहालांकि वियान मुल्दर का यह शानदार शॉट टीम को जीत नहीं दिला सका। साउथ अफ्रीका नेशनल क्रिकेट टीम 176 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 107 रन पर ही सिमट गई। दूसरी ओर न्यूजीलैंड नेशनल क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 68 सूरज से मैच जीत लिया। सीरीज में बराबरी, मुकाबला और रोमांचकइस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने पांच मैचों की सीरीज को 1-1 से बराबर कर लिया है। पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका ने जीता था, लेकिन दूसरे मैच में मेजबान टीम ने जोरदार वापसी की। अब बचे हुए तीन मुकाबले सीरीज के लिए दावेदार होंगे और हर मैच ‘फाइनल’ जैसा होगा। पुरानी हार का हिसाब बराबर करने का मौकादोनों टीमों के बीच हाल ही में ICC Men’s T20 World Cup 2026 के सेमीफाइनल में भी टक्कर हुई थी, जहां न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को हराया था। ऐसे में यह सीरीज साउथ अफ्रीका के लिए बदला लेने का मौका भी मानी जा रही है।
आईपीएल शुरू होने से पहले RCB की बढ़ी टेंशन, हेजलवुड पहले दो मुकाबलों में नहीं खेल पाएंगे

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले मौजूदा चैंपियन Royal Challengers Bengaluru को बड़ा झटका लग सकता है। टीम के स्टार ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज Josh Hazlewood शुरुआती मुकाबलों में नहीं खेल पाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और पहले दो मैच मिस कर सकते हैं, जिससे टीम की गेंदबाजी पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। शुरुआती मुकाबलों से बाहर रहने की आशंकाजानकारी के अनुसार, Josh Hazlewood आईपीएल 2026 के पहले सप्ताह तक उपलब्ध नहीं रहेंगे। ऐसे में वे 28 मार्च को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ और इसके बाद Chennai Super Kings के खिलाफ होने वाले मैच में नहीं खेल पाएंगे। ये दोनों मुकाबले बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने हैं, जहां तेज गेंदबाजों की भूमिका काफी अहम होती है। चोट से जूझ रहे हैं हेजलवुडJosh Hazlewood पिछले कुछ समय से चोट से परेशान हैं। उन्हें पहले हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई थी और रिकवरी के दौरान अकिलीज (Achilles) से जुड़ी समस्या भी सामने आई। इसी वजह से वह एशेज सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट से भी बाहर रहे। अभी तक उनकी पूरी फिटनेस को लेकर स्थिति साफ नहीं है। RCB के लिए क्यों अहम हैं हेजलवुड पिछले सीजन में Josh Hazlewood ने Royal Challengers Bengaluru की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने 2025 सीजन में 17.54 की औसत से 22 विकेट लेकर टीम के सबसे सफल गेंदबाज का दर्जा हासिल किया था। उनकी सटीक लाइन-लेंथ और अनुभव RCB की गेंदबाजी आक्रमण की रीढ़ माने जाते हैं। शुरुआती मैचों में बढ़ेगी चुनौती हेजलवुड की गैरमौजूदगी में RCB के सामने शुरुआती मुकाबलों में चुनौती और बढ़ सकती है। एक ओर Sunrisers Hyderabad के आक्रामक बल्लेबाज होंगे, वहीं दूसरी तरफ MS Dhoni की टीम Chennai Super Kings जैसी अनुभवी और संतुलित टीम से मुकाबला होगा। ऐसे में टीम को अपनी गेंदबाजी संयोजन में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या होगी वापसी?फिलहाल RCB मैनेजमेंट और फैंस की नजरें Josh Hazlewood की फिटनेस पर टिकी हैं। अगर वह जल्द फिट होकर वापसी करते हैं, तो टीम को बड़ा राहत मिल सकता है। लेकिन शुरुआती मैचों में उनकी अनुपस्थिति RCB के लिए निश्चित रूप से चिंता का विषय है।
चेतावनी…. KYC सस्पेंड का मैसेज देख घबराएं नहीं BSNL यूजर्स…. फर्जी नोटिस हो रहा वायरल

नई दिल्ली। ऑनलाइन फ्रॉड (Online Fraud) के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और ठग नए-नए तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें BSNL के नाम पर एक फर्जी नोटिस (Fake Notice) सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस नोटिस में दावा किया जा रहा है कि यूजर का KYC सस्पेंड कर दिया गया है और अगर 24 घंटे के अंदर अपडेट नहीं किया गया, तो उनका SIM कार्ड बंद कर दिया जाएगा। इस तरह के मैसेज देखकर ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और बिना सोचे-समझे अपनी पर्सनल डिटेल्स शेयर कर देते हैं। लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने साफ कर दिया है कि यह नोटिस पूरी तरह फर्जी है और BSNL या TRAI की तरफ से ऐसा कोई मैसेज जारी नहीं किया गया है। ऐसे में जरूरी है कि आप सतर्क रहें और किसी भी अनजान लिंक या कॉल पर अपनी जानकारी शेयर करने से बचें। जानें क्या है पूरा मामलासोशल मीडिया पर एक नोटिस तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें BSNL का लोगो और TRAI का नाम इस्तेमाल किया गया है। इस नोटिस में लिखा है कि “आपका SIM KYC सस्पेंड कर दिया गया है और 24 घंटे के अंदर आपका SIM ब्लॉक कर दिया जाएगा, तुरंत कॉल करें।” यही लाइन लोगों को डराने के लिए इस्तेमाल की जा रही है, ताकि वे जल्दबाजी में ठगों के जाल में फंस जाएं। वहीं BSNL ने साफ कर दिया है कि वह इस तरह के KYC नोटिस नहीं भेजता। अगर कोई अपडेट करना होता है, तो यूजर को ऑफिशियल चैनल के जरिए जानकारी दी जाती है, न कि ऐसे डराने वाले मैसेज के जरिए। सरकार ने बताया फर्जीसरकार की फैक्ट चेक एजेंसी ने साफ किया है कि यह नोटिस पूरी तरह फेक है। BSNL कभी भी इस तरह के नोटिस नहीं भेजता है। TRAI किसी भी यूजर को सीधे कॉल या मैसेज नहीं करता है। यह पूरी तरह से एक फ्रॉड ट्रिक है। इसलिए अगर आपको भी ऐसा कोई मैसेज या नोटिस मिला है, तो उसे तुरंत नजरअंदाज करें। ऐसे देते हैं ठग फ्रॉड को अंजामइस तरह के फेक नोटिस का मकसद यूजर को डराकर उसकी पर्सनल जानकारी लेना होता है। जैसे ही आप दिए गए नंबर पर कॉल करते हैं या लिंक पर क्लिक करते हैं, आपसे ये जानकारी मांगी जाती है जैसे आधार नंबर, बैंक डिटेल, OTP, डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी जाती है। और यहीं से आपका डेटा गलत हाथों में चला जाता है। इसीलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी कॉल पर अपनी पर्सनल या बैंक डिटेल शेयर करने से बचें।
मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच अब तक स्वदेश लौटे 2.44 लाख भारतीय, 5 नागरिकों की हुई मौत

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते संघर्ष के बीच केंद्र सरकार (Central Government) ने मंगलवार को कहा कि 28 फरवरी से अब तक लगभग 2.44 लाख लोग क्षेत्र से भारत लौट (Return to India) चुके हैं। पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने बताया कि इस संघर्ष में अब तक पांच भारतीय नागरिकों की मौत हुई है, जबकि एक व्यक्ति लापता है। उन्होंने कहा कि हाल में ओमान के सोहार शहर में हुई एक घटना में मारे गए दो भारतीयों के पार्थिव शरीर मंगलवार को भारत लाए गए और ये जयपुर में उनके परिजनों को सौंप दिए गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कल मैंने बताया था कि छात्रों समेत लगभग 650 भारतीय नागरिक ईरान से आर्मेनिया और अजरबैजान पहुंचे थे, ताकि वहां से स्वदेश लौट सकें। अब लगभग 50 और भारतीय आर्मेनिया पहुंचे हैं तथा कुछ अन्य अजरबैजान गए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान गए 284 तीर्थयात्री भी सफलतापूर्वक आर्मेनिया पहुंच गए हैं। इनमें से 130 तीर्थयात्री आज दिल्ली पहुंचेंगे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसका नियंत्रण कक्ष पूरी तरह सक्रिय है और भारतीय नागरिकों की सहायता कर रहा है। जायसवाल ने बताया कि फोन और ईमेल की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। ‘ब्रिक्स’ के रुख पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह समूह आम सहमति के आधार पर काम करता है। ब्रिक्स दुनिया की प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया का एक प्रभावशाली समूह है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में भारत अध्यक्ष है। इस संघर्ष में ब्रिक्स के कई सदस्य देश सीधे तौर पर जुड़े हैं, इसलिए विभिन्न देशों के रुख में अंतर को पाटना चुनौतीपूर्ण रहा है। फिर भी हम सभी पक्षों के संपर्क में हैं।’ अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला शुरू किया था तथा जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले कुछ खाड़ी देशों पर हमले किए और अमेरिका व इजरायल पर दबाव बनाने के लिए रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया। यूरोपीय संघ की विदेश और सुरक्षा नीति प्रमुख काजा कालास के निमंत्रण पर विदेश मंत्री एस जयशंकर की ब्रसेल्स यात्रा के बारे में जायसवाल ने कहा कि उन्होंने यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की। जायसवाल ने कहा कि संघर्ष की शुरुआत से ही भारत का रुख रहा है कि संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाया जाए। हमने सभी देशों से संयम बरतने तथा संघर्ष को और न बढ़ाने की अपील की है। वहीं, महाजन ने कहा कि विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है तथा वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय किया जा रहा है तथा क्षेत्र में भारतीय मिशन चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। महाजन ने बताया कि 16 मार्च को संयुक्त अरब अमीरात से भारत के लिए लगभग 65 उड़ानें संचालित हुईं, जबकि मंगलवार को करीब 70 उड़ानों के संचालन की उम्मीद है। ओमान से भी भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए उड़ानें जारी हैं।
मिडिल ईस्ट संकट के बीच कई देशो ने बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम, भारत में अभी तक राहत

नई दिल्ली। दुनिया (World) के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol-Diesel Prices) बढ़ चुके हैं, लेकिन अभी तक भारत (India) के लोगों के लिए राहत है। ईरान-इजरायल युद्ध (Iran-Israel War.) की आग में जल रहे मिडिल-वेस्ट (Middle-West) के चलते कच्चे तेल में उबाल है।दुनिया (World) के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol-Diesel Prices) बढ़ चुके हैं, लेकिन अभी तक भारत (India) के लोगों के लिए राहत है। ईरान-इजरायल युद्ध (Iran-Israel War.) की आग में जल रहे मिडिल-वेस्ट (Middle-West) के चलते कच्चे तेल में उबाल है। इसका असर ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। 23 फरवरी 2026 को जहां दुनिया भर में ईंधन की कीमतें सामान्य स्तर पर थीं, वहीं ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद से हालात पूरी तरह बदल गए। ब्रेंट क्रूड ने 71 डॉलर प्रति बैरल से छलांग लगाते हुए 100 डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया। यह करीब 45 प्रतिशत की बढ़ोतरी है, जो ग्लोबल एनर्जी मार्केट में युद्ध की गंभीर आशंकाओं को साफ दर्शाता है। कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब परइंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ना शुरू हो गया है। ग्लोबल पेट्रोल प्राइस डॉट कॉम के मुताबिक ग्लोबल लेवल पर पेट्रोल की औसत कीमतें 1.20 डॉलर प्रति लीटर से बढ़कर 1.27 डॉलर पर पहुंच गई हैं। जबकि, डीजल ने तो और भी तेज रफ्तार दिखाई है। डीजल की औसत कीमत 1.20 डॉलर से 1.33 डॉलर प्रति लीटर पर जा पहुंची। ये आंकड़े बताते हैं कि डीजल पर युद्ध की मार कहीं ज्यादा भारी पड़ी है। लाओस में डीजल ने लगाई 72.4 की छलांगलाओस में डीजल ने 72.4 प्रतिशत की छलांग लगाई है। वियतनाम में पेट्रोल की कीमतों में 50 प्रतिशत और डीजल में 65.8 प्रतिशत का उछाल आया है। कंबोडिया में डीजल 37.3 प्रतिशत महंगा हुआ है। ये आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण पूर्व एशिया के इन देशों में ईंधन संकट ने विकराल रूप ले लिया है। नाइजीरिया में डीजल 62% महंगा, अमेरिका में भी भारी उछालअफ्रीकी देश नाइजीरिया में पेट्रोल 39.5 प्रतिशत और डीजल 62.5 प्रतिशत महंगा हो चुका है। वहीं अमेरिका में भी डीजल में 27.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्यूर्टो रिको में तो डीजल 25.1 प्रतिशत महंगा हुआ है। यूरोप में जर्मनी और स्पेन सबसे ज्यादा प्रभावितयूरोपीय देशों में जर्मनी सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां डीजल 25.3 प्रतिशत महंगा हुआ है। स्पेन में भी डीजल ने 25.6 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया है। बेल्जियम, डेनमार्क और फ्रांस में भी डीजल के रेट 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़े हैं। भारत, चीन, रूस और सऊदी अरब में राहतहैरानी की बात है कि भारत, चीन, रूस और सऊदी अरब जैसे बड़े देशों में अभी तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। अल्जीरिया, अर्जेंटीना, ब्राजील, मैक्सिको और वेनेजुएला सहित तमाम देश ऐसे हैं, जहां कीमतें स्थिर हैं। यह साफ दिखता है कि ये सरकारें या तो सब्सिडी दे रही हैं या फिर कीमतों को नियंत्रित कर रही हैं। क्या भारत में आगे चलकर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दामकच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव तो भारत पर भी पड़ रहा है। इधर देश के 5 राज्यों में चुनाव का भी ऐलान हो चुका है। ऐसे में कई विशेषज्ञों को लगता है कि चुनाव से पहले शायद की पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े। कच्चे तेल का भारत पर क्या होगा असरक्रूड में हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी से सालाना आयात बिल में लगभग 2 अरब डॉलर का इजाफा होता है। अभी क्रूड 100 डॉलर के पार बना हुआ है। इसका असर ये होगा कि आयात बिल बढ़ेगा, रुपये पर दबाव बढ़ेगा, सरकारी खर्च बढ़ेगा। इन चीजों से इससे अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। यही नहीं, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स, एविएशन,मैन्युफैक्चरिंग सब पर असर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध जारी रहता है इसका असर लंबे समय तक रह सकता है। इन देशों में उल्टा असर: सस्ता हो गया पेट्रोल-डीजलकुछ देशों में तो कीमतें घटी भी हैं। फिजी में पेट्रोल 4.3 प्रतिशत और डीजल 1.8 प्रतिशत सस्ता हुआ है। मेडागास्कर में दोनों में 4 प्रतिशत की गिरावट आई है। जांबिया में पेट्रोल 4.6 प्रतिशत सस्ता हुआ है। यानी इन देशों की सरकारों ने जनता को राहत देने के लिए कीमतों में कटौती का फैसला किया है। यहां पेट्रोल-डीजल के रेट में विरोधाभासी तस्वीरसीरिया में जहां पेट्रोल 5 प्रतिशत सस्ता हुआ है, वहीं डीजल 1.7 प्रतिशत महंगा हुआ है। उरुग्वे में पेट्रोल 1.2 और डीजल 3.2 प्रतिशत सस्ता हुआ है। यह अंतर बताता है कि इन देशों में सरकारें दोनों पेट्रोल और डीजल पर अलग-अलग नीति अपना रही हैं। युद्ध का लंबा साया: क्या और खराब होंगे हालातविशेषज्ञों का मानना है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। आमतौर पर रिटेल मार्केट में तेल की कीमतों का पूरा असर दिखने में दो-तीन हफ्ते लग जाते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ और भी देशों में कीमतें बढ़ सकती हैं। अगर युद्ध लंबा खिंचा तो नियंत्रित बाजार वाले देश भी तेल की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हो सकते हैं। फिलहाल यह तय है कि आम आदमी के लिए आने वाले दिनों में मुश्किलें और बढ़ा सकती है।
Report: भारत में 40% युवाओं को नहीं मिल पाती नौकरी… 1.1 करोड़ स्तानक हैं बेरोजगार

नई दिल्ली । देश (India) में 20 से 29 साल के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार (Graduate Unemployment) हैं। चिंता की बात यह है कि बेरोजगार के रूप में पंजीकरण कराने के एक वर्ष के भीतर सिर्फ सात फीसदी स्नातकों को स्थायी वेतन वाली नौकरी (Job) मिल पाती है। हाल के वर्षों में स्नातकों की बढ़ती संख्या के कारण यह समस्या और बढ़ गई है। अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय (Azim Premji University) की ओर से जारी रिपोर्ट ‘भारत में कामकाज की स्थिति-2026’ के मुताबिक, देश में युवाओं (15-29 वर्ष) की उच्च शिक्षा तक पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि, रोजगार से जुड़ी चुनौतियां अब भी कायम हैं। स्नातकों में बेरोजगारी दर उच्च बनी हुई है। 15 से 25 वर्ष के स्नातकों में बेरोजगारी दर करीब 40 फीसदी और 25 से 29 वर्ष की आयु वर्ग में 20 फीसदी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्नातक युवाओं को आय के मामले में लाभ मिलता है और उनकी शुरुआती कमाई गैर-स्नातकों के मुकाबले लगभग दोगुनी होती है। इसके बावजूद 2011 के बाद युवा पुरुष स्नातकों के वेतन में वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ी है। रिपोर्ट की मुख्य लेखिका प्रोफेसर रोजा अब्राहम ने कहा, यह अध्ययन शिक्षा से रोजगार तक युवाओं की यात्रा और उसमें आए बदलावों को दर्शाता है। पुरुषों की नामांकन दर में गिरावटपिछले चार दशक में उच्च शिक्षा में नामांकन दर 28 फीसदी तक पहुंच गई है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी खासतौर पर बढ़ी है। हालांकि, पुरुषों के नामांकन में गिरावट आई है। यह 2017 के 38 फीसदी से घटकर 2024 के अंत तक 34 फीसदी रह गई है। इसके पीछे मुख्य वजह यह है कि पुरुष परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए कमाने के मौके तलाशने लगते हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों का दायरा भी बढ़ा है। प्रति लाख युवाओं पर कॉलेज की संख्या 2010 के 29 से बढ़कर 2021 में 45 पहुंच गईं, जिसमें निजी संस्थानों की बड़ी भूमिका रही है। गरीब परिवारों की उच्च शिक्षा में बढ़ी भागीदारीरिपोर्ट के मुताबिक, उच्च शिक्षा में गरीब परिवारों की भागीदारी बढ़ी है, जो 2007 के आठ फीसदी से बढ़कर 2017 में 15 फीसदी हो गई है। लेकिन, आर्थिक बाधाएं अब भी बनी हुई हैं। महंगे पेशेवर पाठ्यक्रमों मसलन इंजीनियरिंग और मेडिकल में अपेक्षाकृत संपन्न वर्ग के छात्र-छात्राओं की भागीदारी अधिक है। युवा तेजी से कृषि से हटकर सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2010 के बाद औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की संख्या में करीब 300 फीसदी की वृद्धि हुई है। साथ ही, निजी संस्थानों में गुणवत्ता को लेकर चिंताएं भी सामने आई हैं।
इंदौर में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग ब्लास्ट से मकान में लगी आग, छह लोगों की मौत, तीन गंभीर रूप से घायल

इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में बंगाली चौराहा के पास बुधवार सुबह करीब 4 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। पुगलिया परिवार के मकान में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट से आग लग गई, जिससे छह लोग जिंदा जल गए और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।कैसे हुआ हादसा? पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, पुगलिया परिवार के घर के बाहर रात में इलेक्ट्रिक कार चार्ज की जा रही थी। सुबह करीब 4 बजे चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ और कार ने आग पकड़ ली। कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया और घर के भीतर फैल गई। घर में लगभग दस से अधिक गैस सिलेंडर और ज्वलनशील सामग्री रखी हुई थी। आग की चपेट में आते ही सिलेंडरों में विस्फोट शुरू हो गए। कम से कम चार सिलेंडर एक-के-बाद-एक फटने से तेज धमाकों ने पूरे इलाके को दहला दिया और मकान का एक हिस्सा ढह गया। हादसे के समय घर में पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसके कारण कई सदस्य और रिश्तेदार मौजूद थे। अधिकांश लोग सो रहे थे, इसलिए बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। बिजली कटने के कारण घर में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक भी काम नहीं कर पाए, जिससे लोग अंदर फंस गए।राहत और बचाव अभियान सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग पूरे मकान को अपनी चपेट में ले चुकी थी। पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इंदौर के पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं।मृतक और घायल इस हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें मनोज जैन पुगलिया (65 वर्ष), सिमरन (30 वर्ष), विजय सेठिया (65 वर्ष), सुमन सेठिया (60 वर्ष), राशि (12 वर्ष) और छोटू सेठिया (22 वर्ष) शामिल हैं। घायलों में सौरभ (32 वर्ष), सुनीता (58 वर्ष) और सोमिल को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।अधिकारियों की प्रतिक्रिया पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घर के बाहर चार्जिंग के दौरान विस्फोट हुआ और आग घर में फैल गई। घर में कुछ ज्वलनशील रसायन भी रखे हुए थे। उन्होंने कहा, “इस घटना में छह लोगों की मौत हुई और तीन गंभीर रूप से घायल हैं। यह घर मनोज पुगलिया का था, जो पॉलीमर का व्यवसाय करते थे।” इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि दमकल और प्रशासन की टीमों ने बचाव अभियान चलाया। आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है, लेकिन बिल्डिंग की दो मंजिलों को खाली कर दिया गया है। तीसरी मंजिल की जांच अभी जारी है।