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डीपफेक के खिलाफ सख्त कदम, Gautam Gambhir ने Delhi High Court में लगाई गुहार

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच Gautam Gambhir ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के गलत इस्तेमाल के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए Delhi High Court का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी पहचान, आवाज और चेहरे के दुरुपयोग को रोकने के लिए सिविल केस दायर किया है। यह मामला खासतौर पर एआई से बनाए जा रहे डीपफेक वीडियो और फर्जी डिजिटल कंटेंट से जुड़ा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं। सोशल मीडिया पर बढ़ा फर्जी कंटेंट का खतरागंभीर की लीगल टीम के मुताबिक, 2025 के आखिर से Instagram, X (ट्विटर), YouTube और Facebook पर उनके नाम और चेहरे का इस्तेमाल कर बड़ी संख्या में फर्जी वीडियो और पोस्ट बनाए गए। इन वीडियो में फेस-स्वैपिंग और वॉइस-क्लोनिंग जैसी तकनीकों का उपयोग कर उन्हें ऐसे बयान देते दिखाया गया, जो उन्होंने कभी दिए ही नहीं। एक फर्जी वीडियो में उनके इस्तीफे की घोषणा दिखाई गई, जिसे 29 लाख से ज्यादा बार देखा गया, जबकि एक अन्य क्लिप को 17 लाख से ज्यादा व्यूज मिले। इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी दुरुपयोग मामला सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं है। कुछ ई-कॉमर्स साइट्स पर भी बिना अनुमति के गंभीर के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर प्रोडक्ट बेचे जा रहे थे। इस मामले में Amazon और Flipkart जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स को भी पक्षकार बनाया गया है। इसके अलावा टेक कंपनियों में Meta Platforms, Google और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी केस में शामिल किया गया है, ताकि कोर्ट के आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके। 16 पक्षकारों के खिलाफ केस, 2.5 करोड़ हर्जाने की मांग गंभीर ने इस मामले में कुल 16 प्रतिवादियों (डिफेंडेंट्स) के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। उन्होंने कोर्ट से मांग की है कि सभी फर्जी अकाउंट्स और कंटेंट को तुरंत हटाया जाए, साथ ही भविष्य में उनके नाम, चेहरे और आवाज के इस्तेमाल पर स्थायी रोक लगाई जाए। उन्होंने 2.5 करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है। यह केस Copyright Act 1957, Trade Marks Act 1999 और Commercial Courts Act 2015 के तहत दायर किया गया है। पहले भी आए हैं ऐसे बड़े फैसलेदिल्ली हाईकोर्ट पहले भी पर्सनैलिटी राइट्स को लेकर कई अहम फैसले दे चुका है। इनमें Amitabh Bachchan, Anil Kapoor और Sunil Gavaskar से जुड़े मामलों में कोर्ट ने साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान का दुरुपयोग कानूनन अपराध है-खासतौर पर एआई के दौर में। गंभीर का बयान: “यह सिर्फ मेरा नहीं, सभी का मामला” गौतम गंभीर ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी पहचान को गलत जानकारी फैलाने और कमाई का जरिया बनाया जा रहा है। उन्होंने साफ कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत नुकसान का मामला नहीं, बल्कि कानून, सम्मान और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। क्यों अहम है यह मामला?आज के डिजिटल दौर में एआई डीपफेक तकनीक तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यह केस एक मिसाल बन सकता है, जो यह तय करेगा कि भविष्य में किसी भी सार्वजनिक हस्ती की पहचान का दुरुपयोग करने वालों पर कितनी सख्ती होगी।

चयन समिति में स्थिरता की चाह, Ajit Agarkar 2027 तक पद पर बने रहने के इच्छुक

नई दिल्ली। यूरोप की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिता यूईएफए चैंपियंस लीग में स्पेनिश दिग्गज एफसी बार्सिलोना ने अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया। बार्सिलोना ने इंग्लिश क्लब न्यूकैसल यूनाइटेड को 7-2 के बड़े अंतर से हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह बना ली। दो मैचों के कुल स्कोर में बार्सिलोना ने 8-3 से जीत दर्ज कर अपनी ताकत का लोहा मनवाया। पहले लेग में मुकाबला 1-1 से बराबरी पर खत्म हुआ था, लेकिन दूसरे लेग में कैंप नोउ पर बार्सिलोना ने जिस अंदाज में खेल दिखाया, उसने मैच को एकतरफा बना दिया। पहले हाफ में गोलों की बारिश, रोमांच चरम परमुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। छठे मिनट में ही रफीन्हा ने शानदार गोल कर बार्सिलोना को बढ़त दिलाई। हालांकि न्यूकैसल ने भी तुरंत जवाब दिया और एंथनी एलंगा ने बेहतरीन गोल दागकर स्कोर बराबर कर दिया। इसके बाद बार्सिलोना ने अपनी लय पकड़ी और फर्मिन लोपेज़ तथा मार्क बर्नाल के गोलों की मदद से बढ़त बना ली। लेकिन एलंगा ने एक और गोल कर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में युवा स्टार लैमिन यमल ने पेनल्टी को गोल में बदलकर बार्सिलोना को 3-2 की बढ़त दिलाई। इस तरह पहले हाफ में ही पांच गोल देखने को मिले, जिसने दर्शकों का पूरा पैसा वसूल कर दिया। दूसरे हाफ में बार्सिलोना का दबदबा, न्यूकैसल बेबसदूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही बार्सिलोना ने मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया। अनुभवी स्ट्राइकर रॉबर्ट लेवांडोव्स्की ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल दागे और टीम की बढ़त को मजबूत कर दिया। वहीं फर्मिन लोपेज ने भी एक और गोल कर अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। न्यूकैसल की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब सैंड्रो टोनाली चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए। टीम की मिडफील्ड कमजोर पड़ गई और इसका फायदा बार्सिलोना ने बखूबी उठाया। अंत में राफिन्हा का डबल, जीत पर लगी मुहरमुकाबले के अंतिम डेस्क में राफिन्हा ने अपना दूसरा गोल कर स्कोर 7-2 कर दिया और बार्सिलोना की शानदार जीत पर मुहर लगा दी। इस जीत के साथ टीम का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है और अब वह क्वार्टरफाइनल में भी इसी लय को जारी रखने के इरादे से उतरेगी। कोच हंसी फ्लिक ने भी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया और अंत में अपने प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देने का मौका मिला, जो आगे के मुकाबलों के लिए अहम साबित हो सकता है। आत्मविश्वास से लबरेज बार्सिलोना, अब नजर अगले मुकाबले परइस बड़ी जीत के बाद बार्सिलोना ने न सिर्फ क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई, बल्कि अपने प्रतिद्वंद्वियों को भी साफ संदेश दे दिया है कि वह इस बार खिताब के बड़े दावेदार हैं। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बेहतरीन संतुलन के साथ टीम शानदार फॉर्म में नजर आ रही है।

क्रिकेट जगत में उत्सव का माहौल, दिग्गज खिलाड़ियों ने दी Gudi Padwa की शुभकामनाएं

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट जगत के दिग्गज खिलाड़ियों ने गुड़ी पड़वा और उगादी के शुभ अवसर पर देशवासियों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पर क्रिकेट सितारों के पीएम ने इस पर्व के उत्साह को और बढ़ाया। सचिन से लेकर सूर्यकुमार तक, सभी ने दी शुभकामनाएंक्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने संदेश में सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने लिखा कि यह नया साल सभी के लिए आनंद और सफलता लेकर आए। वहीं, टी20 विश्व कप विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव ने नए सपने और नई शुरुआत के साथ इस पर्व का स्वागत करने की बात कही। हरभजन का खास संदेश, परंपरा और स्वास्थ्य पर जोरपूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने अपने संदेश में नई ऊर्जा और परंपराओं से जुड़े रहने का महत्व बताया। उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य और संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देते हुए त्योहार की शुभकामनाएं दीं। लक्ष्मण ने भारत की विविधता की झलक दिखाईवीवीएस लक्ष्मण ने अपने संदेश में भारत की सांस्कृतिक विविधता को उजागर किया। उन्होंने चेटी चंद, नवरेह और सजीबू नोंग्मा पनबा जैसे अलग-अलग क्षेत्रीय नववर्ष त्योहारों का जिक्र करते हुए “एकता में विविधता” का संदेश दिया। रहाणे और कुंबले ने भी दी शुभकामनाएंपूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने सभी के जीवन में सफलता और खुशियों की कामना की। वहीं दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने उगादी के मौके पर लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। क्या है गुड़ी पड़वा और उगादी का महत्वगुड़ी पड़वा महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला प्रमुख त्योहार है, जो हिंदू लूनिसोलर कैलेंडर के नए साल की शुरुआत का प्रतीक होता है। इस दिन लोग अपने घरों में ‘गुड़ी’ स्थापित करते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव मनाते हैं। वहीं उगादी दक्षिण भारत में नए साल के रूप में मनाया जाता है। ये सभी त्योहार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन आते हैं और देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाए जाते हैं। देशभर में उत्सव का माहौलमार्च-अप्रैल के इस समय में पूरे भारत में नववर्ष के इन त्योहारों की धूम रहती है। रंग-बिरंगे जुलूस, पारंपरिक पकवान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोग नए साल का स्वागत करते हैं।

“कोई जरूरत हो तो बताना” – Rishabh Pant और Arjun Tendulkar की दोस्ती ने जीता दिल

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 से पहले Lucknow Super Giants के कैंप से एक दिलचस्प और सकारात्मक खबर सामने आई है। टीम के कप्तान Rishabh Pant और युवा ऑलराउंडर Arjun Tendulkar के बीच शानदार बॉन्डिंग देखने को मिल रही है, जिसने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नई टीम, नई शुरुआत का मौकामहान क्रिकेटर Sachin Tendulkar के बेटे अर्जुन तेंदुलकर अब इस सीजन में Mumbai Indians की जगह एलएसजी के लिए खेलते नजर आएंगे। अब तक उनका करियर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन इस बार वह खुद को साबित करने के लिए पूरी मेहनत कर रहे हैं। प्रैक्टिस सेशन में दिखी शानदार केमिस्ट्रीएलएसजी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में पंत और अर्जुन के बीच मजेदार बातचीत देखने को मिली। पंत ने जब अर्जुन के बल्ले का वजन पूछा और जवाब मिला 1220 ग्राम, तो वह हैरान रह गए। अर्जुन ने बताया कि भारी बल्ले से खेलने का फायदा यह है कि “हल्का सा टच भी गेंद को दूर तक भेज देता है।” उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता 1300 ग्राम से ज्यादा वजन का बल्ला इस्तेमाल करते थे। “कोई जरूरत हो तो बताना” -पंत का भरोसावीडियो में सबसे खास पल तब आया जब ऋषभ पंत ने अर्जुन से कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह की मदद की जरूरत हो, तो वह हमेशा उनके लिए मौजूद रहेंगे। यह बात दिखाती है कि टीम में सिर्फ प्रोफेशनल रिश्ता ही नहीं, बल्कि एक मजबूत दोस्ती भी बन रही है। कम उम्र, मजबूत कनेक्शनऋषभ पंत और अर्जुन तेंदुलकर की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है, जिसकी वजह से दोनों जल्दी ही अच्छे दोस्त बन गए। टीम माहौल में इस तरह की बॉन्डिंग खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती है। अर्जुन की मेहनत ने किया प्रभावितपंत ने अर्जुन की डेडिकेशन की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि अर्जुन अपनी शादी के तुरंत बाद ही ट्रेनिंग के लिए जुट गए और Yuvraj Singh के साथ अभ्यास करने लगे। यह उनके प्रोफेशनल एटीट्यूड को दर्शाता है। करियर के लिए अहम मौकाअर्जुन तेंदुलकर के लिए आईपीएल 2026 बेहद अहम सीजन हो सकता है। अब तक उन्होंने आईपीएल में सीमित मौके पाए हैं-5 मैचों में 3 विकेट और 13 रन। लेकिन एलएसजी में उन्हें खुद को साबित करने का बेहतर प्लेटफॉर्म मिल सकता है। फैंस को उम्मीद, क्या चमकेगा अर्जुन का सितारा?अब देखने वाली बात होगी कि क्या अर्जुन इस मौके का फायदा उठाकर अपनी पहचान बना पाते हैं। वहीं, पंत जैसे कप्तान का समर्थन उनके आत्मविश्वास को जरूर बढ़ाएगा।

GUDI PADWA: आज तीन पर्वों का संगम: गुड़ी पड़वा, नवरात्रि और उगादी से शुभारंभ होगा हिंदू नववर्ष

  GUDI PADWA: नई दिल्ली । आज हिंदू धर्म के लिए बेहद खास दिन है क्योंकि तीन महत्वपूर्ण पर्व गुड़ी पड़वा नवरात्रि और उगादी एक साथ मनाए जा रहे हैं। उत्तर भारत में यह दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के रूप में नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है जबकि दक्षिण भारत में आंध्र प्रदेश तेलंगाना और कर्नाटक में इसे उगादी के रूप में मनाया जाता है। महाराष्ट्र में यह दिन गुड़ी पड़वा के रूप में नववर्ष की शुरुआत का पर्व है। उगादी का महत्व उगादी का अर्थ है युग की शुरुआत और इसे प्रकृति के श्रृंगार और नए जीवन का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी और समय की गणना भी इसी दिन से शुरू हुई थी। यह पर्व नए अवसर समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक है। शुभ मुहूर्त चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि आज यानी 19 मार्च को सुबह 6:52 से शुरू होकर कल 20 मार्च को शाम 5:52 तक रहेगी। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना का विशेष महत्व है। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:52 से 8:08 बजे तक है जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:22 से 1:11 बजे तक रहेगा। गुड़ी बांधने का समय महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा के अवसर पर गुड़ी बांधने और ध्वज फहराने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:15 से 7:57 बजे तक है। इस दिन लोग अपने घरों को सजाते हैं रंगोली बनाते हैं और विशेष पकवान तैयार करते हैं। गुड़ी पड़वा नई शुरुआत समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। आज का दिन तीनों पर्वों के संगम और नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है जो पूरे देश में उल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।

Babar Azam fitness issue : टी20 विश्व कप में फिटनेस विवाद, Babar Azam और Fakhar Zaman को लेकर फिजियो पर उठे सवाल

  Babar Azam fitness issue : नई दिल्ली।  पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार मामला टीम के दो बड़े सितारे बाबर आजम और फखर जमान की फिटनेस से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी T20 विश्व कप के दौरान पूरी तरह फिट नहीं थे, इसके बावजूद उन्हें टीम में शामिल किया गया। इस खुलासे के बाद क्रिकेट गलियारों में हलचल मच गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठा मुद्दा, जांच की मांग तेज इस विवाद ने तब जोर पकड़ा जब पूर्व क्रिकेटर आकिब जावेद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर इस मुद्दे को उठाया और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से जांच की मांग की। वहीं, मेडिकल पैनल से जुड़े विशेषज्ञ डॉ. जावेद मुगल ने भी इस मामले में गंभीर सवाल उठाए हैं। चोट की गंभीरता के बाद मैं सामने सूत्रों के अनुसार, T20 विश्व कप के बाद जब बाबर आजम की विस्तृत जांच हुई, तो उनकी चोट पहले बताई गई तुलना में ज्यादा गंभीर निकले। इसी वजह से उन्होंने नेशनल T20 कप से दूरी बनाई। दूसरी ओर, फखर जमान भी लंबे समय से फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में जगह मिली। फिजियो की भूमिका पर उठने वाला सवाल इस पूरे मामले में टीम के फिजियो क्लिफ डीकन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। चयन समिति का कहना है कि उन्होंने केवल उन खिलाड़ियों को चुना जिन्हें फिजियो से फिटनेस क्लीयरेंस मिली थी। हालांकि, क्लिफ डीकन पर आरोप है कि वह पहले भी देर चोट से जूझ रहे खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति देते रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या फिटनेस क्लीयरेंस देने में सेहतमंद रही? पीसीबी जांच करेगा, हो सकती है कार्रवाई अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस पूरे मामले की जांच करने का फैसला किया है। जांच के बाद ही यह साफ हो जाएगा कि क्या वास्तव में अनफिट खिलाड़ियों को विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में उतारा गया था। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो बोर्ड से संबंधित अधिकारियों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ सख्त कदम उठा सकता है। आगे का कार्यक्रम और नजरें पीएसएल पर फिलहाल बाबर आजम नेशनल क्रिकेट अकादमी में रिहा कर रहे हैं और जल्द ही मैदान पर वापसी की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि वह पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में पेशावर जाल्मी की कप्तानी करते नजर आएंगे। अब सबकी नजर PCB की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जो पाकिस्तान क्रिकेट के इंडिपेंडेंट वर्क और फिटनेस मैनेजमेंट की सच्चाई सामने ला सकती है।

INDIAN SWIMMER GOLD MEDAL: पानी से डरने वाली लड़की बनी गोल्ड मेडलिस्ट, Nisha Millet की प्रेरणादायक कहानी

  INDIAN SWIMMER GOLD MEDAL: नई दिल्ली। निशा मिलेट का नाम भारतीय तैराकी इतिहास में एक प्रेरणा के रूप में लिया जाता है। यह कहानी सिर्फ मेडल जीतने की नहीं, बल्कि अपने सबसे बड़े डर को हराकर उसे ताकत में बदलने की है। जिस लड़की को बचपन में पानी से डर लगता था, उसी ने आगे बढ़ते देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल दिलाया। जब पानी से था गहरा डर निशा मिलेट का जन्म 20 मार्च 1982 को बेंगलुरु में हुआ। बचपन में उनका पानी से डर इतना गहरा था कि 5 साल की उम्र में वह डूबते-डूबते नियतं। यह घटना उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गई। उनके पिता ने फैसला किया कि डर से दौड़ने के बजाय उनका सामना करना चाहिए, और दब से तैराकी की शुरुआत हुई। डर को हराकर जुनून बनाया 1991 में चेन्नई के शेनॉय नगर क्लब में उन्होंने तैराकी सीखनी शुरू की। शुरुआत में यह सिर्फ डर दूर करने का जरिया था, लेकिन धीरे-धीरे यही उनका जुनून बन गया। कड़ी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें जल्द ही एक उभरती हुई तैराकी बना दिया। छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धियां सिर्फ एक साल के अंदर ही 1992 में निशा ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल में अपना पहला स्टेट मेडल जीता। 1994 में, जब वह सब-जूनियर थीं, तब उन्होंने सीनियर नेशनल में पांचों फ्रीस्टाइल इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। इसी साल उन्होंने हांगकांग में एशियन एज ग्रुप चैंपियनशिप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहला मेडल हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन निशा मिलेट ने एशियन गेम्स 1998, वर्ल्ड चैंपियनशिप 1999 और 2004 जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सैफ गेम्स और एफ्रो-एशियन गेम्स में भी कई मेडल जीते। 1999 के नेशनल गेम्स में उन्होंने 14 गोल्ड मेडल जीते। उसी साल काठमांडू में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों में उन्होंने 6 गोल्ड मेडल जीते। ओलंपिक तक का सफर निशा के करियर का सबसे बड़ा पड़ाव सिडनी 2000 ओलंपिक रहा। यहां उन्होंने 200 मीटर फ्रीस्टाइल में हिस्सा लिया और अपनी हीट जीती। उन्होंने ओलंपिक के लिए बी क्वालिफिकेशन टाइम हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला तैराकी बनाई। रिकॉर्ड और उपलब्धियां उन्होंने 200 मीटर और 400 मीटर फ्रीस्टाइल में 15 साल तक राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम रखा। साथ ही, उन्होंने 100 मीटर फ्रीस्टाइल में एक मिनट का बैरियर तोड़ने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। यह उपलब्धि भारतीय तैराकी में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जाती है। संघर्ष और संन्यास 2002 में पीठ की सर्जरी के बाद उनका करियर प्रभावित हुआ। 2004 ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन करने से मामूली अंतर से चूकने और आर्थिक दिक्कतों के कारण उन्होंने तैराकी से संन्यास ले लिया। हालांकि, खेल से उनकी गतिविधि कभी खत्म नहीं हुई। आज भी दे रही नई पीढ़ी को दिशा संन्यास के बाद निशा मिलेट अपनी स्विमिंग अकादमी के जरिए नई पीढ़ी के तैराकीकों को ट्रेनिंग दे रही हैं। उनका लक्ष्य सिर्फ खिलाड़ी तैयार करना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास और अनुशासन विकसित करना है।

ISHAN KISHAN JOURNEY: मेहनत का फल मिला: Ishan Kishan बने प्रेरणा, बदलते वक्त की मिसाल

  ISHAN KISHAN JOURNEY: नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में कई ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने उतार-चढ़ाव का सामना किया, लेकिन जो खिलाड़ी मुश्किल वक्त में खुद को साबित कर देता है, वही असली चैंपियन बनता है। ईशान किशन आज इसी का जीता-जागता उदाहरण बनकर उभरे हैं। एक समय ऐसा था जब उनकी टीम इंडिया में वापसी करना मुश्किल लग रहा था, लेकिन वे हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। टीम से बाहर, लेकिन हिम्मत नहीं हारी टी20 विश्व कप 2026 से पहले तक ईशान किशन भारतीय टीम से बाहर चल रहे थे। चयन पत्नियों की नजरों से दूर होने के बावजूद उन्होंने अपने खेल पर ध्यान देना नहीं छोड़ा। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन किया और खुद को बेहतर बना रहे। यही वह दौर था जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी। घरेलू क्रिकेट में किया दमदार प्रदर्शन ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों से कमाल दिखाया। झारखंड की कप्तानी करते हुए उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में टीम को चैंपियन बनाया। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 517 रन बनाए और फाइनल में हरियाणा के खिलाफ तूफानी शतक जड़कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। टीम इंडिया में धमाकेदार वापसी उनकी मेहनत रंग लाई और चयनकर्ताओं ने उन्हें दोबारा भारतीय टीम में मौका दिया। ईशान ने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया। टी20 विश्व कप 2026 में उन्होंने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 317 रन बनाए और टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के बाद टी20 टीम में उनकी जगह लगभग पक्की हो गई है। आईपीएल में मिली बड़ी जिम्मेदारी इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में ईशान किशन के करियर को नई उड़ान मिली। सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें टीम की कप्तानी सौंपी, क्योंकि रेगुलर कप्तान पैट कमिंस चोटिल हैं। यह उनके लिए बड़ा मौका भी है और चुनौती भी। कप्तानी के जरिए खुद को साबित करने का मौका ईशान किशन के पास अब खुद को एक लीडर के रूप में स्थापित करने का सुनहरा मौका है। अगर वह कप्तानी में सफल रहते हैं, तो भविष्य में उन्हें परमानेंट कप्तान बनाया जा सकता है। उनकी कप्तानी की पहली परीक्षा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले में होगी, जहां सभी की नजरें उन पर टिकी रहेंगी। संघर्ष से सीखें, सफलता से निखरे ईशान किशन की कहानी यह सिखाती है कि करियर में कठिन समय आना स्वभाव है, लेकिन उससे हार मान लेना सही नहीं है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर इंसान लगातार मेहनत करता रहे, तो एक दिन सफलता जरूर मिलती है। युवाओं के लिए प्रेरणा बने किशन आज ईशान किशन सिर्फ एक सफल खिलाड़ी नहीं, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उनका सफर बताता है कि चाहें कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादा मजबूत हों तो मंजिल जरूर मिलती है।

AMERCIA IRAN CONFLICT : ईरान युद्ध के बीच अमेरिका का राष्ट्रीय ऋण 39 ट्रिलियन डॉलर पार, आम नागरिकों पर बढ़ सकता है दबाव

  AMERCIA IRAN CONFLICT : नई दिल्ली । ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका पर दोहरे आर्थिक दबाव की चिंता बढ़ गई है। एक तरफ युद्ध पर लगातार बढ़ता खर्च है तो दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रीय ऋण रिकॉर्ड स्तर 39 ट्रिलियन डॉलर पार कर गया है। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका इस्राइल और ईरान के बीच टकराव जारी है। सरकारी जवाबदेही कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार बढ़ता ऋण सीधे अमेरिकी नागरिकों पर असर डाल सकता है। इसका मतलब है घर कार और अन्य जरूरतों के लिए लोन महंगे हो सकते हैं निजी व्यवसायों के पास निवेश की रकम घट सकती है जिससे मजदूरी में कमी आए और वस्तुएं व सेवाएं महंगी हो सकती हैं। संतुलित बजट के समर्थक चेतावनी देते हैं कि उच्च उधारी और बढ़ते ब्याज भुगतान की प्रवृत्ति भविष्य में आम अमेरिकियों को कठिन वित्तीय निर्णय लेने पर मजबूर करेगी। पीटर जी. पीटरसन फाउंडेशन के अध्यक्ष माइकल पीटरसन ने कहा कि इस तरह की ऋण वृद्धि से अगली पीढ़ी पर भारी वित्तीय बोझ पड़ेगा। उनके अनुसार अगर यही रफ्तार जारी रही तो इस शरद ऋतु के चुनावों से पहले राष्ट्रीय ऋण 40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। व्हाइट हाउस के आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट के मुताबिक ईरान युद्ध पर अब तक लगभग 12 अरब डॉलर खर्च हो चुके हैं और यह स्पष्ट नहीं कि संघर्ष कब समाप्त होगा। ऋण में तेजी केवल वर्तमान प्रशासन तक सीमित नहीं है। संघीय ऋण रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों के कार्यकाल में बढ़ा है और हाल के वर्षों में युद्ध महामारी राहत पैकेज और कर कटौती ने इसे और बढ़ावा दिया है। पांच महीने पहले अमेरिकी राष्ट्रीय ऋण 38 ट्रिलियन और दो महीने पहले 37 ट्रिलियन डॉलर था जिससे पता चलता है कि यह तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के साथ साथ बढ़ते राष्ट्रीय ऋण ने अमेरिका की आर्थिक स्थिरता पर गंभीर दबाव डाल दिया है। आने वाले समय में सरकार को यह संतुलन बनाना होगा कि सुरक्षा खर्च और आर्थिक स्थिरता के बीच कैसे फैसले लिए जाएं ताकि आम नागरिकों पर असर कम से कम पड़े।

DHURANDHAR 2 : रणवीर सिंह का जलवा बरकरार, लेकिन पहले पार्ट की तरह धमाका नहीं

  DHURANDHAR 2 : नई दिल्ली । रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर: द रिवेंज रिलीज हो चुकी है और पहले पार्ट की सफलता के बाद इस फिल्म को लेकर हाइप तो जबरदस्त था। दर्शकों ने एडवांस बुकिंग कर अपनी वफादारी दिखाई लेकिन कुछ शहरों में प्रीव्यू शोज़ कैंसल होने से निराशा भी हुई। जो लोग फिल्म देखने पहुंचे उनके लिए अनुभव मिला लेकिन पूरी तरह संतोषजनक नहीं। कहानी फिल्म की कहानी छह चैप्टर में बंटी है। शुरुआत में जसकीरत सिंह रांगी रणवीर सिंह और उसके परिवार की पृष्ठभूमि दिखाई जाती है। पिता भी फौजी थे और जसकीरत भी फौज में भर्ती होने वाला था लेकिन परिवार की रक्षा के लिए उसे बंदूक उठानी पड़ती है। अपनी खुद की जंग लड़ते हुए जसकीरत देश के लिए एजेंट बनता है और पाकिस्तान में हमजा अली मजारी के रूप में काम करता है। GUDI PADWA: आज तीन पर्वों का संगम: गुड़ी पड़वा, नवरात्रि और उगादी से शुभारंभ होगा हिंदू नववर्ष पहले पार्ट की कहानी रहमान डकैत अक्षय खन्ना की मौत पर खत्म हुई थी। इस पार्ट में जसकीरत हमजा उसका भाई उजैर दानिश पंडोर को सत्ता में बैठाकर अपने मिशन में आगे बढ़ता है। मेजर इकबाल अर्जुन रामपाल उसे उसके बड़े साहब से मिलवाते हैं जिससे कहानी आगे बढ़ती है। अभिनय रणवीर सिंह पूरे चार घंटे स्क्रीन पर छाए रहते हैं। उनके एक्शन इमोशन और गुस्से के सीन परफेक्ट हैं। अर्जुन रामपाल को अधिक स्क्रीन स्पेस मिला है लेकिन उनके किरदार में उतनी गहराई नहीं। संजय दत्त और सारा अर्जुन के सीन सीमित हैं जबकि माधवन और राकेश बेदी बीच-बीच में फिल्म में जान डालते हैं।निर्देशन आदित्य धर का रिसर्च और डिटेल्ड वर्क काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने नोटबंदी अतीक अहमद और दाऊद इब्राहिम का कनेक्शन कहानी में जोड़ा है। लेकिन पहले पार्ट के मुकाबले इस बार कहानी में सरप्राइज एलिमेंट कम हैं और कई सीन लंबी खींची गई लगती हैं। शुरुआत और क्लाइमैक्स दमदार हैं लेकिन बीच का हिस्सा थोड़ा धीमा और अनुमानित लगता है। संगीत संगीत इस बार पहले पार्ट जितना प्रभावशाली नहीं। एक-दो गाने छोड़कर बाकी यादगार नहीं हैं और रोमांटिक सॉन्ग थोड़े जबरन ठूंसे हुए लगते हैं। देखें या नहीं अगर आपने पहला पार्ट देखा है तो यह जरूर देखें। हाइप या सेलेब्स के रिव्यू से प्रभावित न हों। फिल्म ठीक-ठाक एंटरटेनमेंट देती है लेकिन पहले पार्ट जैसी रोमांचक सरप्राइज और दमदार कहानी की उम्मीदें कम रखें।