साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला: ब्रेंट क्रूड पहुंचा 112 डॉलर पर, भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा होने की संभावना

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच ग्लोबल क्रूड मार्केट में बड़ी तेजी देखने को मिल रही है। इजरायल ने दुनिया की सबसे बड़ी ऑयल और नेचुरल गैस फील्ड साउथ पार्स पर हमला किया है। इसके बाद ब्रेंट क्रूड के दाम 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। अमेरिकी क्रूड (WTI) भी 99 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है। साउथ पार्स पर हमला और उसके असरइजरायल के हमले के जवाब में ईरान ने कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल दागी। एक मिसाइल सीधे लक्ष्य पर लगी जबकि चार को बीच में ही रोका गया। रास लाफान दुनिया की सबसे बड़ी LNG प्रोडक्शन साइट है जो इस महीने की शुरुआत से बंद पड़ी थी। हमले से काफी नुकसान हुआ है। साउथ पार्स गैस फील्ड ईरान की घरेलू गैस सप्लाई के साथ पड़ोसी देशों इराक और टर्की को भी गैस भेजता है। हमले में असलुयेह के ऑयल और पेट्रोकेमिकल प्लांट्स को भी नुकसान पहुंचा है। यह फील्ड ईरान और कतर के बीच बंटा हुआ है और दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस भंडार का करीब एक-तिहाई हिस्सा है। ब्रेंट क्रूड और गैस में उछाल एशियाई ट्रेडिंग में गुरुवार सुबह क्रूड ऑयल 112 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी नेचुरल गैस में भी 5% की तेजी आई है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि हमले जारी रहे तो क्रूड की कीमतें और बढ़ सकती हैं। भारत पर असर भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मिडिल ईस्ट पर काफी निर्भर है। देश का लगभग 85-90% क्रूड आयात इसी क्षेत्र से आता है जिसमें 45-50% सीधे मिडिल ईस्ट से है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और सप्लाई बाधित होने से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की संभावना है। महंगाई पर असर क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पेट्रोल-डीजल ट्रांसपोर्ट लॉजिस्टिक्स और घरेलू LPG सिलेंडर के दाम पर पड़ेगा। स्टोरेज सीमित होने और सप्लाई बाधित होने से शॉर्टेज का खतरा भी है जिससे आम परिवारों की जेब पर दबाव बढ़ सकता है।
कॉल स्कैम का किंग! FBI की लिस्ट में शामिल केनी पटेल, करोड़ों की ठगी का आरोप

नई दिल्ली। अमेरिका में एक भारतीय युवक पर लोगों से ठगी का आरोप लगा है, जिसकी तलाश एफबीआई कर रही है। जानकारी क मुताबिक, वो एक ऐसे गिरोह का सदस्य है जो लोगों को फोन कर यह कहते थे कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध से जुड़ी हुई है। डर और भ्रम पैदा करके लोगों को मजबूर किया जाता था कि वे बड़ी रकम भेजें। अमेरिका की जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने एक भारतीय नागरिक कल्पेशकुमार रसिकभाई पटेल की तलाश तेज कर दी है। कल्पेशकुमार पटेल पर आरोप है कि उसने 2017 से 2021 के बीच अमेरिका में कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की बड़ी साजिश को अंजाम दिया। केनी पटेल के नाम से भी जाना जाता है आरोपीएफबीआई के मुताबिक, कल्पेशकुमार पटेल जिसे ‘केनी पटेल’ के नाम से भी जाना जाता है, करीब 35 साल का है और फिलहाल अमेरिका के इलिनॉय और पेंसिल्वेनिया के बीच कहीं रह रहा हो सकता है या वहां आ-जा रहा हो सकता है। वह पहले एक फ्यूल स्टेशन पर काम करता था, लेकिन उस पर आरोप है कि वह एक ऐसे नेटवर्क का हिस्सा था, जो लोगों को फोन करके ठगता था। फोन कॉल से करोड़ों की ठगी का आरोपइस गिरोह का तरीका काफी चालाक था। वे लोगों को फोन कर यह कहते थे कि उनकी पहचान या निजी जानकारी किसी अपराध से जुड़ी हुई है। डर और भ्रम पैदा करके लोगों को मजबूर किया जाता था कि वे बड़ी रकम भेजें। ज्यादातर मामलों में पीड़ितों से नकद पैसा या प्रीपेड डेबिट कार्ड के जरिए पैसे अलग-अलग पते पर भिजवाए जाते थे। FBI ने घोषित किया न्याय से भागा हुआ आरोपीइस मामले में 22 जून 2023 को अमेरिका की एक अदालत (केंटकी के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट) ने केनी पटेल के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। उस पर ‘मेल और वायर फ्रॉड साजिश’ जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फिलहाल वह फरार है और एफबीआई ने उसे ‘न्याय से भागा हुआ आरोपी’ घोषित किया है। आरोपी के बारे में आम लोगों से FBI की अपीलएफबीआई ने आम लोगों से अपील की है कि अगर किसी को केनी पटेल के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो वह तुरंत एफबीआई के नजदीकी दफ्तर या अमेरिकी दूतावास/कॉन्सुलेट को सूचित करें। जांच एजेंसी का कहना है कि ऐसी कोई भी जानकारी जांच के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।
KBC में 50 लाख जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सुप्रीम कोर्ट से झटका, हो सकती है गिरफ्तारी

श्योपुर। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले की विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को बाढ़ राहत राशि घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दी है। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है, और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। 2.57 करोड़ के बाढ़ राहत घोटाले का मामला साल 2021 में श्योपुर जिले में आई बाढ़ के बाद पीड़ितों के लिए राहत राशि वितरित की गई थी। आरोप है कि उस समय बड़ौदा तहसील में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने करीब 25 पटवारियों और 100 से अधिक दलालों के साथ मिलकर 127 फर्जी खातों में लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांटी। यह गड़बड़ी डिप्टी कलेक्टर की ऑडिट में पकड़ी गई, जिसके बाद बड़ौदा थाने में FIR दर्ज कराई गई। जांच में आरोप लगा कि राहत राशि वितरण के दौरान रिश्तेदारों और परिचितों को बाढ़ पीड़ित दिखाकर रकम उनके खातों में डलवाई गई। पुलिस ने इस मामले में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत खारिज की गिरफ्तारी से बचने के लिए अमिता सिंह तोमर ने पहले हाई कोर्ट ग्वालियर खंडपीठ में अग्रिम जमानत याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में SLP के साथ अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई, जिसे 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया। अब या तो उन्हें स्वयं सरेंडर करना होगा या पुलिस उनकी गिरफ्तारी कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद राजस्व अमले और प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है। बड़ौदा थाने की पुलिस कभी भी अमिता सिंह तोमर की गिरफ्तारी कर सकती है। कानूनी जानकारों का कहना है कि अब उनके पास केवल सरेंडर या कस्टोडियल इंटरोगेशन की तैयारी करने के विकल्प हैं। KBC से विवादित पोस्ट तक का सफर महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट किए, जिनमें प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाना और संविधान से जुड़ी पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट शामिल था। इसके चलते उन्हें निलंबित भी किया गया। इतना ही नहीं, अमिता सिंह ने बार-बार तबादलों के खिलाफ पीएम मोदी को पत्र लिखा और साल 2023 में तहसील का प्रभार नहीं मिलने पर इस्तीफे का पत्र भी लिखा था।
एनओसी के लिए किसान का अनोखा प्रदर्शन: बैंक में ढोल बजाकर किया डांस, अधिकारियों के उड़े होश

धार। जिले में एक किसान ने बैंक की कार्यप्रणाली से परेशान होकर विरोध का ऐसा तरीका अपनाया जिसने सभी को चौंका दिया। ग्राम आहू के पास चंदवाडा के किसान विजय पाटीदार अपने परिवार और ढोल के साथ आईडीएफसी बैंक पहुंचे और बैंक के अंदर ही ढोल बजाकर जमकर डांस करने लगे। अचानक हुए इस घटनाक्रम से बैंक कर्मचारी और अधिकारी हैरान रह गए। डेढ़ महीने से एनओसी के लिए भटक रहा किसान किसान विजय पाटीदार ने बताया कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड के तहत करीब 13 लाख रुपये का लोन लिया था जिसे उन्होंने लगभग डेढ़ महीने पहले चुका दिया है। इसके बावजूद बैंक की ओर से अब तक उन्हें एनओसी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है।उनका आरोप है कि वे पिछले डेढ़ महीने से लगातार बैंक के चक्कर काट रहे हैं लेकिन हर बार अलग-अलग कारण बताकर उन्हें टाल दिया जाता है जिससे वे काफी परेशान हो चुके हैं।ढोल बजाकर सुनाई अपनी परेशानी किसान का कहना है कि जब बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने यह अनोखा तरीका अपनाया। वह ढोल लेकर बैंक पहुंचे और अंदर ही प्रदर्शन करते हुए डांस करने लगे ताकि अधिकारियों का ध्यान उनकी समस्या की ओर जाए। इस दौरान बैंक में मौजूद लोग और कर्मचारी यह नजारा देखकर हैरान रह गए। मैनेजर के आश्वासन पर शांत हुआ मामला काफी देर तक चले इस प्रदर्शन के बाद बैंक मैनेजर ने किसान को समझाइश दी और आश्वासन दिया कि उन्हें शाम तक एनओसी दे दी जाएगी। इसके बाद किसान शांत होकर बैंक से बाहर निकल गया। मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी किसान विजय पाटीदार ने साफ कहा है कि यदि शाम तक उन्हें एनओसी नहीं मिलती है तो वे बैंक के बाहर धरने पर बैठकर आंदोलन शुरू करेंगे। उनका यह अनोखा विरोध अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
2004 की सुपरहिट रोमांस मूवी, जिसे ऋतिक रोशन ने ठुकराया और लीड एक्टर बना नेशनल अवॉर्ड विजेता
नई दिल्ली। आज हम आपको साल 2004 में आई एक ऐसी रोमांटिक फिल्म के बारे में बता रहे हैं जिसे जोधा अकबर स्टार ऋतिक रोशन ने रिजेक्ट कर दिया था। उन्हें फिल्म पसंद भी आई थी, लेकिन इसके बावजूद भी उन्होंने फिल्म को मना कर दिया था। बाद में, इसी फिल्म के लिए सैफ अली खान को बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला। क्या आप पहचान पाए फिल्म का नाम? अगर नहीं, तो चलिए हम आपको बताते हैं। इस फिल्म का नाम है हम तुम। क्या आमिर ने भी रिजेक्ट की थी हम तुम?फिल्म को कुणाल कोहली ने डायरेक्ट किया था। हाल ही में कुणाल कोहली ने ही बताया कि इस फिल्म को ऋतिक रोशन ने रिजेक्ट कर दिया था। हम तुम को लेकर बात की जाती है कि सैफ अली खान के रोल को हां करने से पहले कई स्टार्स जिसमें आमिर खान का नाम भी शामिल है, ने फिल्म को रिजेक्ट कर दिया था। अब फिल्म के डायरेक्टर ने स्क्रीन के साथ खास बातचीत में बताया कि आमिर खान ने फिल्म की स्क्रिप्ट ही नहीं सुनी थी। पहले तलाक से गुजर रहे थे आमिर खानहम तुम के डायरेक्टर कुणाल कोहली ने कहा, “नहीं, दरअसल, आमिर ने फिल्म की स्क्रिप्ट ही नहीं सुनी थी। उस वक्त वो रीना दत्ता के साथ अपने पहले तलाक से गुजर रहे थे। तो वो अपने राइट फ्रेम ऑफ माइंड में नहीं थे। ऋतिक रोशन को स्क्रिप्ट बहुत पसंद आई थी। लेकिन वो इस रोल के लिए तैयार नहीं थे। क्योंकि उन्होंने कहा था- मुझे पता नहीं है कि ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’ (2003) में मेरा किरदार कैसा दिखेगा या स्वीकार किया जाएगा, जो कि हुआ भी नहीं। ऋतिक ने क्यों रिजेक्ट कर दी थी फिल्म?कुणाल ने आगे कहा कि उनकी अपनी फिल्म मुझसे दोस्ती करोगे (2002) उनके (ऋतिक) साथ काम नहीं की थी। लेकिन उन्होंने कुणाल से कहा था ये फिल्म असली सोना है। ऋतिक ने कहा था कि हम तुम करने का उनके अंदर अभी कॉन्फिडेंस नहीं है। तो उन्होंने फिल्म के लिए मना कर दिया था।सैफ अली खान ने जीता था नेशनल अवॉर्डजब सैफ को इस फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था तब उनके साथ स्वदेस के लिए शाहरुख खान और ब्लैक के लिए अमिताभ बच्चन नॉमिनेट हुए थे। सैफ ने जब नेशनल अवॉर्ड जीता तो लोगों ने कहा कि सैफ से ज्यादा अमिताभ और शाहरुख ये अवॉर्ड डिजर्व करते हैं। लोगों का कहना था कि सैफ को ये अवॉर्ड इसलिए मिला क्योंकि उनकी मां शर्मिला टैगोर उस वक्त सीबीएफसी की चेयरपर्सन थीं। हालांकि, ये पुराने इंटरव्यू में सैफ ने कहा था- मेरी मां इसे मेरे लिए लेकर नहीं आई हैं। क्योंकि अगर मेरी मां मुझे ऐसे चीजें दे सकतीं तो वो इससे कहीं ज्यादा देतीं।
मिडिल ईस्ट में सैन्य ताकत बढ़ाने की तैयारी में ट्रंप, ईरान को लेकर क्या है अगला कदम?

नई दिल्ली। अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। हाल ही में इजरायली हमले में ईरान के सुरक्षा सचिव अली लारीजानी की मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिडिल-ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी को बड़े स्तर पर बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार ट्रंप आगामी रणनीति के तहत हजारों अमेरिकी सैनिकों की तैनाती कर सकते हैं। अमेरिकी अधिकारियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिका की स्थिति को और मजबूत करना है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि प्रशासन मिडिल-ईस्ट में चल रहे अभियानों को मजबूती देने के लिए बड़े पैमाने पर सैनिक भेजने की योजना पर विचार कर रहा है। हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप ने फिलहाल जमीनी सेना भेजने का फैसला नहीं किया है लेकिन सभी विकल्प खुले रखे गए हैं। बताया जा रहा है कि अतिरिक्त सैन्य तैनाती के जरिए अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता है। इसके लिए हवाई और नौसैनिक संसाधनों का उपयोग किया जा सकता है साथ ही ईरान की तटरेखा के पास जमीनी सैनिकों की तैनाती भी संभव है। इसके अलावा अमेरिकी अधिकारी ईरान के खार्ग द्वीप पर भी नजर बनाए हुए हैं जहां से देश के लगभग 90 प्रतिशत तेल का निर्यात होता है। हालांकि इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य कार्रवाई को बेहद जोखिम भरा माना जा रहा है क्योंकि ईरान मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए इसे आसानी से निशाना बना सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ईरान के यूरेनियम भंडार पर नियंत्रण पाने की रणनीति भी बना रहा है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा कोई भी ऑपरेशन अमेरिकी विशेष बलों के लिए काफी कठिन और खतरनाक साबित हो सकता है।
चारधाम यात्रा में नए नियम: पंजीकरण से तय होगा प्रवेश, गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर रोक

देहरादून। 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा से पहले श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (bktc) ने दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत केवल सनातन आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। पंजीकरण के आधार पर होगा प्रवेश बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा और इसी के आधार पर श्रद्धालुओं की एंट्री तय की जाएगी। रजिस्ट्रेशन के दौरान यात्रियों को अपनी पूरी जानकारी देनी होगी, जिसमें नाम, पता, धर्म और आस्था से जुड़ी जानकारी शामिल रहेगी। समिति का कहना है कि इसी प्रक्रिया से गैर-सनातन श्रद्धालुओं की पहचान की जाएगी। गैर-सनातन श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध समिति ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में गैर-सनातन श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, बौद्ध, जैन और सिख धर्म के अनुयायियों पर यह पाबंदी लागू नहीं होगी। इसके साथ ही सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी और सख्त किया जाएगा, ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित बनी रहे। सारा अली खान को लेकर अलग रुख बीकेटीसी ने अभिनेत्री सारा अली खान के मामले को सामान्य नियमों से अलग बताया है। समिति के अनुसार, वह सनातन आस्था में विश्वास रखती हैं और इस आधार पर उनके लिए विशेष व्यवस्था (हलफनामा) का प्रावधान किया गया है। सभी यात्रियों के लिए नियम अनिवार्य समिति ने साफ कर दिया है कि चारधाम यात्रा पर आने वाले हर श्रद्धालु के लिए पंजीकरण जरूरी होगा। सही जानकारी देने के बाद ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, ताकि यात्रा की व्यवस्था, सुरक्षा और धार्मिक गरिमा बनी रहे।
बिलासपुर नसबंदी कांड: 12 महिलाओं की मौत पर डॉक्टर दोषी, 2 साल की सजा और जुर्माना

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित बिलासपुर नसबंदी कांड में करीब 11 साल बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर आर.के. गुप्ता को गैर-इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए दो साल की सजा और जुर्माना लगाया है। डॉक्टर को सजा और जुर्माना अदालत ने डॉ. आर.के. गुप्ता को दो साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 12 महिलाओं की मौत के लिए प्रत्येक मामले में 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा अन्य धाराओं में भी उन्हें छह महीने और एक महीने की अतिरिक्त सजा व जुर्माना दिया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। 2014 के नसबंदी कैंप से जुड़ा मामला यह मामला 8 नवंबर 2014 का है, जब बिलासपुर जिले के तखतपुर ब्लॉक के पेंडारी स्थित एक अस्पताल में नसबंदी शिविर लगाया गया था। इस कैंप में 83 महिलाओं की सर्जरी की गई थी। सर्जरी के बाद उसी दिन महिलाओं को घर भेज दिया गया, लेकिन कुछ ही घंटों में 50 से अधिक महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। बाद में इनमें से 12 महिलाओं की मौत हो गई। जल्दबाजी और लापरवाही बनी वजह अभियोजन पक्ष के अनुसार, डॉ. गुप्ता ने एक बंद पड़े निजी अस्पताल में महज छह घंटे के भीतर 80 से ज्यादा महिलाओं की नसबंदी कर दी थी। जांच में सामने आया कि: चिकित्सा मानकों का पालन नहीं किया गया घटिया और दूषित दवाओं का इस्तेमाल हुआ सर्जरी के बाद उचित देखभाल नहीं दी गई मौतों की वजह सेप्टीसीमिया (खून में संक्रमण) बताई गई, जो कथित लापरवाही और दूषित दवाओं के कारण हुआ। दवा कंपनियों से जुड़े आरोपी बरी इस मामले में दवा आपूर्ति से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ भी आरोप तय किए गए थे, लेकिन अदालत ने सबूतों के अभाव में सभी को बरी कर दिया। जमानत भी मिली चूंकि डॉ. गुप्ता को सुनाई गई सजा तीन साल से कम है, इसलिए अदालत ने कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें जमानत भी दे दी है। लंबे इंतजार के बाद आए इस फैसले ने एक बार फिर स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। यह मामला सिस्टम की जवाबदेही और मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई सवाल भी खड़े करता है।
ईद पर थमेगा संघर्ष: पाकिस्तान-अफगानिस्तान ने किया अस्थायी सीजफायर का ऐलान

। ईद-उल-फितर के मौके पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी तनाव को लेकर राहत भरी खबर आई है। दोनों देशों ने सऊदी अरब, तुर्किये और कतर की अपील पर सीमित अवधि के लिए संघर्ष विराम (सीजफायर) लागू करने की घोषणा की है। ईद के मद्देनजर लिया गया फैसला पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया कि उनके देश ने चल रहे सैन्य अभियान ‘गजब-लिल-हक’ के बीच अस्थायी विराम का फैसला किया है। यह निर्णय ईद-उल-फितर को ध्यान में रखते हुए और मित्र इस्लामी देशों के अनुरोध पर लिया गया है। कब तक रहेगा सीजफायर लागू यह संघर्ष विराम 18/19 मार्च की मध्यरात्रि से शुरू होकर 23/24 मार्च की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। हालांकि पाकिस्तान ने साफ किया है कि अगर इस दौरान सीमा पार से हमला, ड्रोन अटैक या आतंकी गतिविधि होती है, तो कार्रवाई तुरंत फिर शुरू कर दी जाएगी। अफगानिस्तान ने भी रोकी सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद अफगानिस्तान की ओर से भी जवाब आया। सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि ईद के अवसर पर सुरक्षा बलों को रक्षात्मक अभियानों को अस्थायी रूप से रोकने का निर्देश दिया गया है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी खतरे की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की जाएगी। हमलों के बाद बढ़ा तनाव यह सीजफायर ऐसे समय में सामने आया है जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर काबुल स्थित एक पुनर्वास केंद्र पर हमले का आरोप लगाया है। अफगान अधिकारियों का दावा है कि इस हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। वहीं पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसके हमले केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे और नागरिक हताहतों के आंकड़े भ्रामक हैं। सामूहिक अंतिम संस्कार की खबरें अफगानिस्तान में हमलों के बाद बड़ी संख्या में मृतकों का सामूहिक अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, भारी मशीनों की मदद से कब्रें खोदकर पीड़ितों को दफनाया गया। हालांकि मृतकों के आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। संयुक्त राष्ट्र की कड़ी प्रतिक्रिया संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (UNHCHR) ने इस घटना पर चिंता जताते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। संगठन ने कहा है कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और पीड़ितों को न्याय व मुआवजा मिलना चाहिए। ईद के मौके पर घोषित यह अस्थायी सीजफायर भले ही कुछ दिनों की राहत दे, लेकिन दोनों देशों के बीच गहराते अविश्वास और हालिया हमलों ने क्षेत्र में तनाव को गंभीर बना दिया है।
रूसी तेल ले जा रहे टैंकर ने अचानक लिया यू-टर्न, अब चीन नहीं भारत आएगा; क्यों बदला रास्ता?

तेहरान। दुनियाभर में ईंधन आपूर्ति को लेकर मचे हाहाकार के बीच रूसी तेल को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक एक रूसी तेल से भरा टैंकर, जो चीन की तरफ बढ़ रहा था, दक्षिण चीन सागर में अपना रास्ता बदलकर अब तेजी से भारत की ओर बढ़ रहा है। ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक ‘एक्वा टाइटन’ 21 मार्च को न्यू मैंगलोर तट पर पहुंचने वाला है। यह टैंकर अपने साथ ‘यूराल’ तेल का कार्गो ला रहा है, जिसे जनवरी के आखिर में बाल्टिक सागर के एक बंदरगाह से लोड किया गया था। जानकारी के मुताबिक यह जहाज शुरुआत में चीन के रिझाओ पोर्ट की तरफ जा रहा था। लेकिन हाल ही में इसने अपनी मंजिल बदल ली। वहीं ‘वॉर्टेक्सा लिमिटेड’ के मुताबिक रूस से तेल ले जा रहे कम से कम सात टैंकर ने सफर के बीच में ही चीन की बजाय भारत की ओर मुड़ गए हैं। इसके अलावा ट्रैकिंग डेटा से यह भी पता चला है कि ‘स्वेज़मैक्स ज़ूज़ू एन.’ जहाज ने भारत के सिक्का बंदरगाह को अपनी अगली मंजिल बताया है और यह 25 मार्च को यहां पहुंच सकता है। यह टैंकर कजाखस्तान का कच्चा तेल ले जा रहा है। होर्मुज प्रभावी रूप से बंद यह रिपोर्ट ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद सबसे अहम जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावी रूप से बंद हो गया है। अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान से इस रास्ते से जहाजों को ना गुजरने की धमकी दी है। बता दें कि इस रास्ते से वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20 से 25 फीसदी हिस्सा गुजरता है। रिफाइनर हुए सक्रिय जानकारी के मुताबिक यह मार्ग बाधित होने और अमेरिका द्वारा रूसी तेल खरीदने की ‘छूट’ मिलने के बाद भारत के सभी प्रमुख रिफाइनर रूसी कच्चे तेल को खरीदने के लिए सक्रिय हो गए हैं। भारतीय रिफाइनरियों ने बीते कुछ दिनों में रूस से करीब 30 मिलियन बैरल तेल खरीदा है। इससे पहले भारत ने स्पष्ट किया है कि वह ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अन्य स्रोतों के विकल्प भी तलाश रहा है और देश अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।