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ADR Report: केरल में 70% विधायकों पर आपराधिक केस, आधे से ज्यादा करोड़पति

नई दिल्ली । केरल के विधायकों की चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के लगभग 70 प्रतिशत मौजूदा विधायकों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। इतना ही नहीं, आधे से ज्यादा विधायक करोड़पति भी हैं। आपराधिक मामलों का बढ़ता ग्राफ एडीआर और केरल इलेक्शन वॉच द्वारा किए गए विश्लेषण में 132 मौजूदा विधायकों के हलफनामों की जांच की गई। इस जांच में पाया गया कि 92 विधायकों पर आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें से 33 विधायकों, यानी 25 प्रतिशत पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दो विधायकों ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या से संबंधित मामले घोषित किए हैं, जबकि तीन विधायक धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, तीन विधायकों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित मामले घोषित किए हैं, जिनमें बलात्कार का एक मामला भी शामिल है। सभी प्रमुख दलों में आपराधिक छवि वाले विधायक यह प्रवृत्ति किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। विभिन्न राजनीतिक दलों में आपराधिक मामले घोषित करने वाले विधायकों का अनुपात काफी अधिक है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी): 58 में से 43 विधायक (74%) आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस: 21 में से 19 विधायक (90%) आपराधिक मामलों में फंसे हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी: 44% विधायक। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग: 86% विधायकों ने ऐसे मामले घोषित किए हैं। आर्थिक स्थिति: करोड़पतियों की भरमार वित्तीय मोर्चे पर भी विधायकों की स्थिति काफी मजबूत है। 132 में से 72 विधायकों (55%) ने 1 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। सभी 132 विधायकों की कुल संपत्ति 363.78 करोड़ रुपये है, जिसका औसत 2.75 करोड़ रुपये प्रति विधायक है। पार्टीवार संपत्ति का विवरण: पार्टी 1 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले विधायकों का प्रतिशत केरल कांग्रेस (एम) 100% जद(एस) 100% राकांपा 100% केरल कांग्रेस 100% आईयूएमएल 86% कांग्रेस 62% सीपीआई (एम) 40% सबसे अमीर और सबसे गरीब विधायक कांग्रेस के विधायक मैथ्यू कुझलनंदन सबसे अमीर विधायक पाए गए हैं, जिनकी कुल संपत्ति 34 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके बाद निर्दलीय विधायक मणि सी कप्पन हैं, जिनकी संपत्ति 27 करोड़ रुपये से अधिक है। केरल कांग्रेस (बी) के के बी गणेश कुमार की संपत्ति 19 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं, दूसरी ओर, सीपीआई (एम) के विधायक पी पी सुमोद ने लगभग 9.9 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है, जो विश्लेषण किए गए विधायकों में सबसे कम है। शैक्षणिक योग्यता और जनसांख्यिकी शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 61% विधायकों ने स्नातक या उससे ऊपर की शिक्षा प्राप्त की है, जबकि 36% विधायकों ने कक्षा 5 से 12 तक की पढ़ाई की है। महिला विधायकों की संख्या काफी कम है, केवल 11 विधायक (8%) महिला हैं। आयु वर्ग के अनुसार, 70% विधायक 51 से 80 वर्ष के बीच हैं, जबकि 30% विधायक 25-50 वर्ष की आयु समूह में आते हैं।

मिडिल ईस्ट जंग और भड़केगी? ट्रंप के बड़े सैन्य कदम के संकेत

वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं। Iran, United States और Israel के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच अब संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका बड़ा कदम उठा सकता है, जिससे जंग और फैलने की आशंका बढ़ गई है। 19 दिन से जारी भीषण टकराव पिछले करीब तीन हफ्तों से जारी संघर्ष में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए हैं। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के शीर्ष ठिकानों और नेतृत्व को निशाना बनाया, वहीं ईरान ने जवाब में इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं। हाल ही में ईरान ने Saudi Arabia, Qatar और United Arab Emirates के तेल-गैस ठिकानों को भी निशाना बनाया, जिससे युद्ध का दायरा और बढ़ गया है। हजारों अमेरिकी सैनिक भेजने की तैयारी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने पर विचार कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि हजारों अमेरिकी सैनिकों की तैनाती का प्लान तैयार किया जा रहा है, ताकि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन को और मजबूत किया जा सके। क्या है अमेरिका की रणनीति? सूत्रों के अनुसार, सैनिकों की तैनाती से अमेरिका को कई सैन्य विकल्प मिल सकते हैं। इनमें सबसे अहम है Strait of Hormuz में तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना। यह मिशन मुख्य रूप से एयरफोर्स और नेवी के जरिए चलाया जा सकता है। हालांकि कुछ विकल्प ऐसे भी हैं, जिनमें ईरान के तटीय इलाकों के पास सैनिकों की तैनाती की बात सामने आई है। खतरनाक योजना: खर्ग द्वीप पर नजर अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि Kharg Island पर जमीनी सेना भेजने के विकल्प पर चर्चा हुई है। यह द्वीप ईरान के लगभग 90% तेल निर्यात का केंद्र है, इसलिए यहां कोई भी सैन्य कार्रवाई बेहद संवेदनशील और जोखिम भरी मानी जा रही है। ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता इसे और खतरनाक बना देती है। राजनीतिक जोखिम भी कम नहीं विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सैनिकों की सीधी तैनाती Donald Trump के लिए राजनीतिक रूप से भारी पड़ सकती है। अमेरिकी जनता में इस युद्ध को लेकर समर्थन सीमित है ट्रंप पहले ही मिडिल ईस्ट में नए युद्ध से दूर रहने का वादा कर चुके हैं हाल में एक अमेरिकी अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए इस्तीफा भी दिया है इसके अलावा, इस संघर्ष में अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की मौत और करीब 200 के घायल होने की खबर है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के संभावित सैन्य कदम हालात को और विस्फोटक बना सकते हैं। यदि सैनिकों की तैनाती होती है, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।

एमपी में मौसम ने ली करवट, 36 जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, ओले गिरने का भी अलर्ट

भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में दो ट्रफ लाइन और एक साइक्लोनिक सिस्टम के एक्टिव होने से मजबूत वेदर सिस्टम बन गया है, जिसका असर अगले 72 घंटे तक देखने को मिलेगा। बुधवार को राज्य के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों के करीब 10 जिलों में कहीं आंधी-बारिश हुई तो कहीं बादल छाए रहे। बालाघाट में करीब 1 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। 36 जिलों में आंधी-बारिश, 3 जिलों में ओलावृष्टि का खतरा मौसम विभाग ने गुरुवार को भोपाल, इंदौर और ग्वालियर समेत 36 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य इलाकों में भी हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। तेज हवाओं के साथ 3 दिन तक रहेगा असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले तीन दिनों तक 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। यह सिस्टम धीरे-धीरे पूरे मध्यप्रदेश को कवर करेगा। 19 और 20 मार्च को इसका असर सबसे ज्यादा रहेगा, जबकि 22 मार्च से मौसम साफ होने लगेगा। तापमान में गिरावट के चलते कई जिलों में हल्की ठंडक भी महसूस की जा रही है। मार्च में पहली बार ओले, किसानों की चिंता बढ़ी इस सीजन में मार्च महीने में पहली बार ओलावृष्टि का अनुमान है। खासकर सिवनी, मंडला और बालाघाट में दो दिन तक ओले गिर सकते हैं। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि फसलों को नुकसान होने की आशंका है। पहले गर्मी, अब बदला मौसम का रुख मार्च के पहले पखवाड़े में तेज गर्मी का असर देखने को मिला था, लेकिन दूसरे पखवाड़े में मौसम का मिजाज बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस महीने पहली बार इतना स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिसका असर लगातार तीन दिन तक बना रहेगा। पूरे प्रदेश में कहीं बारिश, कहीं आंधी-तूफान और कहीं बादल छाए रहने की स्थिति रहेगी। अप्रैल-मई में लू के तेवर रहेंगे तेज मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस साल अप्रैल और मई में 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के आखिरी सप्ताह से ही गर्म हवाओं का असर शुरू होने के संकेत हैं।

5 वर्ल्ड क्लास बल्लेबाज जो IPL में सबसे ज्यादा रन बनाने के बावजूद कभी नहीं जीत पाए ऑरैंज कैप

नई दिल्ली। IPL 2026 का आगाज होने को है, डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद के बीच 28 मार्च को इस रंगारंग लीग के 19वें सीजन का पहला मुकाबला एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। ‘क्रिकेट के इस त्योहार’ के शुरू होने से पहले हम आपके लिए रोजाना कुछ ना कुछ रोचक आंकड़े लाते रहते हैं, इस कड़ी में आज हम कुछ ऐसा 5 वर्ल्ड क्लास खिलाड़ियों की लिस्ट लेकर आए हैं, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन तो बनाए, मगर कभी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए। इस लिस्ट में एक से बढ़कर एक खिलाड़ियों के नाम शामिल है। टॉप पर जो खिलाड़ी है उसका नाम जानकर तो आप विश्वास नहीं कर पाएंगे। एबी डी विलियर्सदिल्ली कैपिटल्स (दिल्ली डेयरडेविल्स पुराना नाम) से आईपीएल में डेब्यू करने वाले एबी डी विलियर्स इस लिस्ट में पांचवें पायदान पर हैं। डी वीलियर्स पहले तीन साल दिल्ली के लिए खेलने के बाद पूरी तरह से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के हो गए, जब 2011 में उन्हें आरसीबी ने अपने स्क्वॉड में शामिल किया। इस रंगारंग लीग में 14 सीजन धूम मचाने के बाद डी विलियर्स के खाते में 5000 से अधिक रन रहे, मगर वह कभी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए। एबी डी विलियर्स ने अपने आईपीएल करियर में कुल 5162 रन बनाए थे। एमएस धोनीचेन्नई सुपर किंग्स को 1-2 नहीं बल्कि 5-5 खिताब जिताने वाले पूर्व कप्तान एमएस धोनी का नाम भी इस लिस्ट में मौजूद हैं। धोनी सीएसके लिए काफी नीचे बल्लेबाजी करने आते हैं, मगर इसके बावजूद उनके नाम आईपीएल में 5439 रन दर्ज है। उन्होंने कई मौकों पर सीएसके को हारी हुई बाजी जिताई है, मगर वह कभी भी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए। सुरेश रैनामिस्टर आईपीएल के नाम से मशहूर चेन्नई सुपर किंग्स के सुरेश रैना भी इस लिस्ट में मौजूद हैं। जी हां, रैना ने अपने आईपीएल करियर में 200 से अधिक मैच खेले, मगर कभी एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरैंज कैप नहीं जीत पाए। चिन्ना थाला ने आईपीएल के इतिहास के उन टॉप-10 खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने इस रंगारंग लीग में 200 से अधिक मैच खेले हैं। रैना ने 205 आईपीएल मैचों मं 5528 रन बनाए मगर कभी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए। शिखर धवनगब्बर के नाम से मशहूर शिखर धवन का भी आईपीएल करियर काफी एक्साइटिंग रहा। वह विराट कोहली और रोहित शर्मा को टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की रेस में टक्कर देते आए थे, मगर कभी वह ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए। शिखर धवन ने अपने आईपीएल करियर में मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और पंजाब जैसी टीमों के लिए खेला। वह 2016 में सनराइजर्स हैदराबाद में रहते हुए ट्रॉफी उठाने में भी सफल रहे। धवन ने 222 आईपीएल मैच खेलकर 6769 रन बनाए मगर कभी ऑरेंज कैप नहीं जीत पाए। रोहित शर्मा‘मुंबई चा राजा’ रोहित शर्मा का नाम इस लिस्ट में काफी हैरान कर देने वाला है। अपने आईपीएल करियर में 7000 से अधिक रन और मुंबई इंडियंस को 5-5 खिताब जिताने वाले हिटमैन शर्मा के सिर भी आज तक ऑरैंज कैप नहीं सजी है। जी हां। वह आईपीएल के इतिहास में विराट कोहली (8661) के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं, उन्होंने अपने आईपीएल करियर में 272 मैच खेलकर 7046 रन बनाए हैं, मगर फिर भी कभी ऑरेंज कैप नहीं जीती। रोहित शर्मा अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं, उम्मीद है कि उनका बल्ला इस सीजन खूब धमाल मचाएगा और वह करियर खत्म करने से पहले अपने इस सपने को पूरा कर पाएंगे।

फ्यूल संकट के बीच सरकार दे रही PNG को बढ़ावा, अब 24 घंटे में मिलेगा नया कनेक्शन

नई दिल्ली। ईंधन संकट (Fuel Crisis) के बीच भारत सरकार (Indian Government) PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) को बढ़ावा देती नजर आ रही है। खबर है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को कहा है कि नए PNG कनेक्शन को 24 घंटों के अंदर ही मंजूरी दे दी जाए। अधिकारी ने बताया है कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी ग्राहकों को 100 प्रतिशत सप्लाई की जा रही है। जबकि, कमर्शियल एलपीजी बिक्री को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का सीधा असर दुनिया के ईंधन सप्लाई पर पड़ा है। दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान ने रोक लगा दी थी, जिसके चलते दोनों ओर गैस के कई जहाज अटक गए हैं। हालांकि, हाल में ही भारत के तीन जहाज जलमार्ग को पार करने में सफल रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने ईंधन आपूर्ति और पीएनजी तक पहुंच बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘क्रूड की उपलब्धता मुद्दा नहीं है।’ उन्होंने जानकारी दी है रिफाइनरीज अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रहीं हैं और रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन की कोई भी कमी नहीं है। PNG को बढ़ावा दे रही केंद्र सरकारजनता को PNG की तरफ प्रोत्साहित करने को लेकर केंद्र ने राज्य सरकारों को और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भी लिखा है। इसमें कहा गया है कि पाइपलाइन गैस से जुड़े आवेदनों पर तुरंत काम किया जाए। मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने राज्यों से पीएनजी (PNG) से संबंधित नई अनुमतियों को 24 घंटे के भीतर मंजूरी देने और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी में तेजी लाने के लिए कहा है। खबर है कि बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों और शहरी इलाकों के उपभोक्ताओं से पीएनजी का इस्तेमाल करने के लिए कहा है। कई CGD कंपनियां नए कनेक्शन पर इन्सेंटिव भी दे रहीं हैं। कैसे कर सकते हैं आवेदनखास बात है कि सरकार कंपनियों को ही ग्राहकों तक पहुंचने के लिए कह रही है। शर्मा ने कहा कि CGD कंपनियों को सलाह दी गई है कि संभावित ग्राहकों तक पहुंचें और नए कनेक्शन्स में तेजी लाएं। इसके अलावा ग्राहक ईमेल, कस्टमर पोर्टल, लैटर या कॉल सेंटर समेत कई माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। एलपीजी सप्लाई को लेकर जारी चिंताओं पर भी उन्होंने बात की। शर्मा ने कहा कि कुछ स्थानों पर यह मुद्दा है, लेकिन अब तक संसाधन पूरी तरह खत्म होने की खबर नहीं है। व्यावसायिक मांग संभालने के लिए, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मणिपुर, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार गैर-घरेलू एलपीजी आवंटित करने के आदेश जारी किए हैं।

आईपीएल में कैप्टन की कुर्सी के लिए कितना तैयार ईशान किशन? हैरान कर देने वाले हैं ये आंकड़े

नई दिल्ली।  सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले एक बड़ा फैसला लिया है। एसआरएच सीजन की शुरुआत में नए कैप्टन पैट कमिंस के निधन की वजह से खेलेगी। जब तक पैट कमिंस अपनी इंजरी से रिकवर वापस नहीं आ गए, तब तक हैदराबाद ने ईशान किशन को अपना नया कैप्टन चुना, वहीं अभिषेक शर्मा इस दौरान उप-कैप्टन की जिम्मेदारी निभाएंगे। एक तरफ जहां भारतीय खिलाड़ी ईशान किशन ने यह उपलब्धि हासिल की है, वहीं दूसरी तरफ उनके जहान में सवाल है कि क्या वह आईपीएल जैसे बड़े मंच पर प्लैटफॉर्म बनाने के लिए कितनी तैयार हैं? ऑर्डिज़ियन का प्रेसिडेंट ने अपनी बैटिंग परंपरा पर तो नहीं कहा? तो अपनी जानकारी के लिए बताएं, ईशान किशन आईपीएल में ‍विज्ञापन के लिए बिल्कुल तैयार हैं। उनके इस प्रमोशन के लिए चयन सिर्फ टी20 वर्ल्ड कप में उनकी सफलता को देखने के लिए नहीं किया गया है, बल्कि इसके पीछे उनके डोमेस्टिक क्रिकेट की कड़ी मेहनत है। जी हां, ईशान किशन की टीम इंडिया में कमबैक भी इसी डोमेस्टिक क्रिकेट की विचारधारा के दम पर हुआ था। 2026 की शुरुआत में ही जब न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और टी20 वर्ल्ड कप के लिए ईशान किशन का सेलेक्शन हुआ तो हर कोई हैरान रह गया कि अचानक उनकी टीम इंडिया में एंट्री कैसे हो गई। इनका नाम तो टी20 क्रिकेट में दूर-दूर तक नहीं था। मगर बता दें, जब सभी शुभमन गिल और संजू सैमसन खिलाड़ी पर ध्यान दिया गया था तब ईशान किशन डोमेस्टिक क्रिकेट में धमाल मचा रहे थे। ईशान किशन की अगुआई में ही मिर्जा शेख मुश्ताक अली ट्रॉफी का खिताब जीतने में कामयाब रहे थे। उन्होंने इस टूर्नामेंट में सैथ्थ कैप्टन ही नहीं बल्कि सैथ्थ सैक्टर से भी प्रेरणा ली थी। अगर टी20 के आंकड़े की बात करें तो, बेस्ट कैप्टन ईशान किशन ने 2019 से अब तक 29 टी20 मैचों में खिलाड़ी की है, जिसमें से उन्होंने 24 मैच जीते और केवल पांच हारे। वहीं, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके मैकेनिक ने झारखंड में 11 से फाइनल में 10 मैच जीते थे। कैप्टन बने हुए हैं और ख़ूंखार हो जाते हैं ईशान किशनऑर्थोडॉक्स के थोक व्यापारी, मगर ईशान किशन के मामले में ऐसा नहीं है। कैप्टन वह बॅट से और खुंखार हो जाते हैं। किशन ने वैश्वीकरण की अतिरिक्त जिम्मेदारी बैठक में शानदार प्रदर्शन किया। कैप्टन के मुताबिक 29 टी20 मैचों में इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने 43.12 के शानदार औसत से 1,078 रन बनाए हैं। ख़ास बात यह है कि उनके सात टी20 शतकों में से चार शतक की बात तब आई थी, जब वे टीम की टीमें कर रहे थे।

देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट

नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में मौसम (Weather) में अचानक बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR.) समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जहां बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश (Rain) के साथ बर्फबारी (Snowfall) भी दर्ज की गई है। इससे बढ़ते तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्से में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। अगले दो दिन मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और मैदानी राज्यों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बौछारें पड़ने लगीं। कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं और भारी बारिश दर्ज की गई। इससे बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 20 मार्च तक गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने और 50 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद पारा 4-6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। खराब मौसम से 22 उड़ानों का मार्ग बदलादिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम का असर यातायात पर पड़ा। शाम के वक्त बारिश होने से कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानें प्रभावित हुईं। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई 22 उड़ानों की लैंडिंग नहीं हो सकी और उन्हें दूसरे शहरों में भेजना पड़ा। अरुणाचल से तमिलनाडु तक भारी बारिश…अरुणाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि हुई। असम और मेघालय, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, मराठवाड़ा और अरुणाचल में छिटपुट स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हुई।विदर्भ, गुजरात, कोंकण, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हिमाचल-कश्मीर में चोटियों पर हिमपातहिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंडाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल में कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। हिमपात के चलते अटल टनल के लिए यातायात बंद कर दिया गया। जम्मू संभाग में हिमपात के चलते किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई। गुलमर्ग समेत कश्मीर घाटी के अन्य ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई। खराब मौसम के कारण मां वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही। लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं। पंजाब-हरियाणा में भी बारिशपंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे गिर गया। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, लुधियाना और हरियाणा के हिसार, नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश हुई। अमृतसर में अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री कम है। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल और नारनौल में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। मौसम का पूर्वानुमानमौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 मार्च को, पश्चिमी राजस्थान में 20 मार्च को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में 20 मार्च तक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 20 और 21 मार्च को छिटपुट बारिश होने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

RCB लगातार 2-3 ट्रॉफी जीत सकती है, एबी डी विलियर्स ने विराट कोहली की तारीफ में कह दी ये बात

नई दिल्ली।  साउथ अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डी विलियर्स का मानना है कि ‘जुझारू खिलाड़ियों की टीम’ विराट कोहली पर से दबाव कम करेगी जिससे मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को आईपीएल 2026 में लंबा सफर तय करने के लिए जरूरी ताकत मिलेगी। कोहली आरसीबी के एक अहम खिलाड़ी हैं और वे उस खिताब को बरकरार रखने की कोशिश करेंगे जिसे उन्होंने 18 साल के लंबे इंतजार के बाद पिछले सत्र में जीता था। आरसीबी के पूर्व बल्लेबाज डिविलियर्स ने जियोस्टार से कहा, ”विराट यह महसूस कर सकते हैं, उन्हें यह अहसास हो सकता है कि अब सारा बोझ उठाने वाले अकेले वही नहीं हैं। ” उन्होंने आगे कहा, ”उनके आस-पास जुझारू खिलाड़ियों की एक टीम है जो सभी ट्रॉफी जीतने के लिए तैयार हैं। मुझे लगता है कि वे बहुत अच्छी स्थिति में हैं। यह लगभग वही टीम है, उन्हें ज्यादा बदलाव नहीं करने पड़े और उनके पास यह मानने का अच्छा कारण है कि वे आने वाले इस सत्र में फिर से कमाल कर सकते हैं। ” भले ही कोहली जनवरी से ब्रेक पर रहे हों, लेकिन डिविलियर्स ने भरोसा जताया कि यह भारतीय सुपरस्टार आईपीएल में पूरी तैयारी के साथ उतरेगा। डिविलियर्स ने कहा, ”मैंने अपनी जिंदगी में जितनी मेहनत करने वाले लोग देखे हैं, उनमें से सबसे बेहतरीन विराट हैं। वह इस टूर्नामेंट में बिना पूरी तैयारी के नहीं उतरेंगे। ” दक्षिण अफ्रीका के इस पूर्व दिग्गज ने भरोसा जताया कि आरसीबी अब लगातार खिताब की दावेदार बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा, ”आपको याद होगा कि वह (कोहली) ड्रेसिंग रूम में अक्सर इस बारे में बात करते थे ‘अगर हम एक बार जीत सकते हैं तो हम जल्द ही दो, तीन, चार बार भी जीतेंगे।’ मुझे इस बात पर पूरा भरोसा है। मुझे लगता है कि आरसीबी अब उस स्थिति में है जहां वे लगातार जीत हासिल कर सकते हैं। शायद लगातार दो या तीन ट्रॉफी भी। ” भारत के दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले ने कहा कि अगर कोहली इस आईपीएल सत्र में कुछ नए शॉट्स के साथ नजर आते हैं तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। कुंबले ने कहा, ”अगर वह इस सत्र में एक अलग अंदाज के साथ उतरते हैं शायद ‘स्कूप शॉट’ या ‘रिवर्स स्कूप’ जैसे शॉट्स आजमाते हैं तो इस पर हैरान नहीं हों। ” उन्होंने कहा, ”हमने पिछले कई साल से एबी डिविलियर्स को लगातार ऐसा करते देखा है और विराट भी अपनी बल्लेबाजी में इस चीज को शामिल कर सकते हैं। उनके जैसे महान खिलाड़ी हमेशा खुद को बेहतर बनाने, सुधार करने और खुद को चुनौती देने की कोशिश में लगे रहते हैं। ‘’

कतर ने दिए ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को मुल्क छोड़ने के निर्देश

तेहरान। ईरानी हमलों (Iranian attacks) के खिलाफ अब मिडिल ईस्ट (Middle East) के देश कार्रवाई शुरू कर चुके हैं। अब कतर (Qatar) ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों को मुल्क छोड़ने के निर्देश दे दिए हैं। इसके लिए 24 घंटों का समय दिया गया है। अमेरिका और इजरायल (America and Israel) से युद्ध के बीच खाड़ी देशों में हमले करने को लेकर ईरान पहले ही कई मुल्कों के निशाने पर आ चुका है। खबर है कि सऊदी अरब की राजधानी रियाद में मुस्लिम देशों की बड़ी बैठक भी होने वाली है। कतर के विदेश मंत्रालय ने लिखा, ‘कतर के विदेश मंत्रालय ने देश में स्थित इस्लामी गणराज्य ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट सौंपा है। इसमें कहा गया है कि कतर, दूतावास के सैन्य अताशे (Military Attache) और सुरक्षा अताशे (Security Attache) के साथ-साथ इन दोनों कार्यालयों के समस्त स्टाफ को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित करता है। कतर ने मांग की है कि ये सभी अधिकारी अधिकतम 24 घंटे के भीतर देश छोड़कर चले जाएं।’ क्या होता है पर्सोना नॉन ग्राटाडिप्लोमेसी के लिहाज से जब कोई देश किसी विदेशी अधिकारी या अधिकारियों को अपने यहां रहने की अनुमति देने से मना कर देता है या उसे देश छोड़ने का आदेश देता है, तो उसे ‘persona non grata’ घोषित किया जाता है। हमले से नाराज होकर उठाया कदममंत्रालय ने कहा कि ईरान की तरफ से बार-बार कतर को निशाना बनाने और कतर राज्य के खिलाफ किए गए खुले आक्रमण के जवाब में लिया गया है, जिसने कतर की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन किया है। यह अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 और अच्छे पड़ोस के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है। चेतावनी भी दे दीकतर ने साफ किया है कि ईरान अगर इस तरह का रवैया जारी रखता है, तो आगे और भी कड़े उपाय किए जाएंगे। साथ ही कहा, ‘कतर अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रावधानों के अनुसार अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता है।’ ईरान ने दी कतर समेत कई देशों को धमकीईरान ने अपने ‘गैस फील्ड’ पर हमले के बाद धमकी दी है कि वह कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE ) में तेल और गैस के बुनियादी ढांचे पर हमला करेगा। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब ईरान ने धमकी जारी की हो। ईरान ने विशेष रूप से सऊदी अरब की ‘समरेफ रिफाइनरी’ और उसके ‘जुबैल पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स’ को निशाना बनाने की धमकी दी है। उसने संयुक्त अरब अमीरात के ‘अल हसन गैस फील्ड’ और कतर में स्थित पेट्रोकेमिकल संयंत्रों तथा एक रिफाइनरी पर भी हमले की धमकी दी है।

भारत में बाल मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी…. 30 साल में 79% तक घटी, UN ने की सराहना

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) (United Nations – UN) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत (India) ने बच्चों की मौतों को कम करने में बड़ी सफलता हासिल की है। रिपोर्ट बताती है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत के लगातार प्रयासों से नवजात (जन्म के तुरंत बाद) और 5 साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर में काफी कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 1990 में जहां हर 1000 बच्चों में से 127 बच्चों की 5 साल से पहले मौत हो जाती थी, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर सिर्फ 27 रह गई है। यानी लगभग 79% की कमी आई है। इसी तरह नवजात बच्चों की मौत भी 57 से घटकर 17 प्रति 1000 रह गई है, जो करीब 70% की गिरावट है। सरकार की योजनाओं से मिली सफलता- जेपी नड्डाकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह सफलता सरकार की योजनाओं और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से मिली है। जैसे कि जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) और टीकाकरण अभियान ने इसमें बड़ा योगदान दिया है। दक्षिण एशिया में 1990 से अब तक 76% की कमीरिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दक्षिण एशिया में बच्चों की मौतों में 1990 से अब तक 76% की कमी आई है, जिसमें भारत का सबसे बड़ा योगदान रहा है। भारत में अस्पताल में सुरक्षित डिलीवरी, बेहतर इलाज और बच्चों के लिए मुफ्त टीकाकरण जैसी सुविधाओं ने हालात को काफी सुधारा है। बदलाव लाकर दूसरों के लिए उदाहरण बना भारतयूनिसेफ ने भी भारत की तारीफ करते हुए कहा कि सरकार और राज्यों के मिलकर काम करने से यह संभव हुआ है। साथ ही, यह भी बताया गया कि बच्चों की ज्यादातर मौतें रोकी जा सकती हैं अगर समय पर इलाज और सही देखभाल मिले। हालांकि, अभी भी दक्षिण एशिया में दुनिया के करीब 25% बच्चों की मौत होती है, लेकिन तेजी से सुधार हो रहा है। भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जो बड़े स्तर पर बदलाव लाकर दूसरों के लिए उदाहरण बन रहे हैं।