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उज्जैन में चेट्रीचंड की धूम: CM मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, झूलेलाल के संदेश से दिया एकता का आह्वान

उज्जैन । मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंधी समाज ने भगवान झूलेलाल के जन्मोत्सव चेट्रीचंड का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया। इस अवसर पर टॉवर चौक पर भव्य आयोजन किया गया जहां से आकर्षक चल समारोह निकाला गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहुंचकर समारोह को भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया और समाजजनों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान झूलेलाल जैसे महान संत और गुरुजन सदैव समाज को सही दिशा दिखाते हैं। उनका आशीर्वाद सभी के जीवन में सुख समृद्धि और शांति बनाए रखता है। उन्होंने प्रार्थना की कि किसी के जीवन में कोई कष्ट न आए और यह नववर्ष सभी के लिए नई ऊर्जा आशा और खुशियां लेकर आए। उन्होंने समाज में आपसी प्रेम भाईचारे और एकता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कहा कि सुख दुख में एक दूसरे का साथ देना ही समाज को मजबूत बनाता है। विकास के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज का हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है और सभी के सामूहिक प्रयासों से ही शहर प्रदेश और देश को आगे बढ़ाया जा सकता है। इस भव्य आयोजन में बॉलीवुड और टीवी जगत की कई जानी मानी हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की रौनक और बढ़ा दी। प्रसिद्ध अभिनेत्री जयाप्रदा अभिनेता आफताब शिवदासानी और लोकप्रिय टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में ‘गोली’ का किरदार निभाने वाले कुश शाह भी विशेष रूप से शामिल हुए। इसके अलावा कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया विधायक सतीश मालवीय भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी उपस्थित रहे।चेट्रीचंड का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा बल्कि समाज में एकता प्रेम और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश भी देता नजर आया। रंग बिरंगे झांकियों भजन कीर्तन और उत्साह से भरे इस चल समारोह ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।

भोपाल के कटारा हिल्स में भीषण आग: 20 फीट तक उठीं लपटें, दमकल देरी से पहुंचने पर नाराजगी

भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में देर रात एक भीषण आगजनी की घटना सामने आई जिसने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। स्प्रिंग वैली क्षेत्र में स्थित रजाई गद्दे की एक दुकान में लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें करीब 20 फीट तक ऊपर उठ रही थीं जिससे आसपास के इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। जिस दुकान में आग लगी वह श्री वृंदावन फास्ट फूड एंड रेस्टोरेंट के पास स्थित है। आग लगते ही आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी लेकिन आरोप है कि दमकल की गाड़ियां करीब 45 मिनट की देरी से मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो आग को जल्दी काबू में किया जा सकता था और नुकसान कम होता। देरी के कारण आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते सारा सामान जलकर राख हो गया। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगने के बाद लोग लगातार मदद के लिए फोन करते रहे लेकिन काफी देर तक कोई राहत नहीं मिली। एक महिला ने बताया कि जब दमकल की गाड़ी पहुंची तो उसमें तकनीकी खराबी बताई गई। इसके बाद कर्मचारियों को मौके पर ही संसाधन जुटाकर गाड़ी को दुरुस्त करना पड़ा जिससे आग बुझाने में और देरी हुई। इस पूरी घटना का वीडियो भी स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया जो अब सामने आ रहा है। वीडियो में आग की भयावहता साफ दिखाई दे रही है जहां तेज लपटें आसमान की ओर उठती नजर आ रही हैं। हालांकि काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया लेकिन तब तक दुकान पूरी तरह जल चुकी थी। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में दमकल विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में इस तरह की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

गुजरात का आर्थिक लक्ष्य बड़ा, 2030 तक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का सपना: CM भूपेंद्र पटेल

नई दिल्ली।  गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) के राज्य वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर उद्योग है। उन्होंने उद्योग जगत को इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा सभी के समर्थन और अनुमोदित प्रस्ताव की आवश्यकता बताई। प्रधानमंत्री की परिकल्पना और गुजरात का विकाससीएम पटेल ने कहा कि गुजरात के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास पथ की परिकल्पना कर रहे हैं। उन्होंने बताया, “इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार उद्योग उद्यमियों के साथ मिलकर सभी को सहयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है।” उन्होंने गुजरात के औद्योगिक विकास के प्रारंभिक चरण का भी ज़िक्र किया। एक समय था जब विकास केवल वापी और वडोदरा तक ही सीमित था। लेकिन समग्र विकास की दृष्टि से पानी, बिजली और सौंदर्य प्रसाधनों को मजबूत किया गया और पूरे राज्य में निवेश आकर्षित किया गया। वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन और वैश्विक निवेशसीएम ने 2003 में शुरू हुए वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा था कि अन्य कलाकारों का विश्वास हासिल करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने माइक्रोन टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित बौद्ध निवेशों को गुजरात में उन्नत उद्यमों के प्रवेश का उदाहरण बताया। पटेल ने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर विश्वास मजबूत हुआ है, जिससे सेमीकंडक्टर और अन्य हाई-टेक उद्योग गुजरात में आ रहे हैं। कभी-कभी जो प्रभावशाली लगता था, वह अब राज्य में वास्तविकता बना रहा है।” गुजरात के आर्थिक नामांकनमुख्यमंत्री ने प्रमुख आर्थिक आँकड़ों का मूल्यांकन करते हुए बताया कि राज्य की जनसंख्या भारत की कुल जनसंख्या लगभग 5 प्रतिशत है, जबकि सांख्यिकी में योगदान लगभग 8 प्रतिशत है। इस सहायक को 10 प्रतिशत से अधिक करना लक्ष्य है। देश के उत्पादन उत्पादन में 17 प्रतिशत, कुल मिलाकर 33 प्रतिशत, और देश के 40 प्रतिशत माल का प्रबंधन राज्य है। उन्होंने अलग-अलग भूमिका के योगदान का भी उल्लेख किया: रसायन उद्योग में 33 प्रतिशतदवा में 19.2 प्रतिशत किसानों के बाज़ार में 80 प्रतिशत एमएसएमई और नीति-संचालन राज्यपटेल ने कहा कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की संख्या 2001-02 में 1.85 लाख से बढ़कर अब 27.9 लाख हो गई है। उन्होंने गुजरात को नीति-संचालन राज्य के बारे में बताया और कहा कि उद्योग उद्यमियों के लिए हर स्तर पर पुष्टि की जा रही है। भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि राज्य में ‘2047 तक विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है, जिसे लागू करना शुरू कर दिया गया है।

बैतूल में सड़क पर बनी बाइक आग का गोला, पेट्रोल टंकी ब्लास्ट से मचा हड़कंप

बैतूल । मध्य प्रदेश के बैतूल में शुक्रवार दोपहर एक खौफनाक हादसा सामने आया जब एक बाइक अचानक आग का गोला बन गई। चंद मिनटों में ही आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बाइक जलकर राख हो गई। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। जानकारी के अनुसार एक युवक अपनी खराब हो चुकी बाइक को धक्का देकर कॉलेज चौक की ओर ले जा रहा था। तभी अचानक बाइक से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। शुरुआत में आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन आग इतनी तेजी से फैल गई कि कोई कुछ कर नहीं सका। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बाइक की पेट्रोल टंकी में जोरदार विस्फोट हुआ। धमाके के साथ आग की लपटें और तेज हो गईं जिससे बाइक पूरी तरह आग की चपेट में आ गई। कुछ ही पलों में वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। घटना के कारण सड़क पर यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन तब तक बाइक पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई वरना पेट्रोल टंकी के विस्फोट से बड़ा हादसा हो सकता था। यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि गर्मी के मौसम में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना कितना जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि तापमान बढ़ने के साथ वाहनों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में नियमित सर्विसिंग फ्यूल लीकेज की जांच और इंजन की स्थिति पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।यह घटना न केवल एक हादसा है बल्कि एक चेतावनी भी है कि छोटी सी लापरवाही बड़े खतरे में बदल सकती है। सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे हादसों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

CSK के लिए बुरी खबर, स्टार गेंदबाज नाथन एलिस हुए आईपीएल 2026 से बाहर

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 की शुरुआत से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) को बड़ा झटका लगा है। टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज नाथन ऐलिस हैमस्ट्रिंग इंजिनियरी पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं। इस खबर की जानकारी चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर शेयर की है। ऐलिस की चोट का असरचेन्नई सुपर किंग्स ने लिखा, “नैथन ऐलिस हैमस्ट्रिंग की इंजरी पूरे सीज़न से बाहर हो गई है। हम उनके शीघ्र ठीक होने की कामना करते हैं। नाथन एलिस ने चेन्नई में आईपीएल ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। इससे पहले वह चार सीज़न तक पंजाब किंग्स के लिए खेल चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया की ओर से उनका प्रदर्शन पिछले एक साल से शानदार रहा है, जिससे उन्हें इस सीजन में तेजी से आक्रमण का अहम हिस्सा माना जा रहा है। टीम का तेज़-तर्रार शॉट अटैकऐलिस के आउट होने से चेन्नई के विदेशी तेज गेंदबाज़ों का समूह अब केवल मैट हेनरी, जेमी ओवरटन और जैक फोल्क्स तक सीमित रह गया है। भारतीय रिज़ल्ट में खलील अहमद, अशुल कंबोज, गुरजपनीत सिंह और मुकेश चौधरी शामिल हैं। ऋतुराज गायकवाड़ की पॉडकास्ट टीम में टी20 विश्व विजेता कप शिवम जॉय और अमन खान भी स्टॉकहोम में शामिल होने वाले हैं। ऐलिस का सीएसके के लिए प्रदर्शन में प्रतिभावान खिलाड़ी की स्थिति का जन्म हुआ। आईपीएल 2026 में चेन्नई का प्रारंभिक कार्यक्रमचेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल 2026 में 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे। इसके बाद टीम का अगला मुकाबला 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स के साथ होगा, जबकि 5 अप्रैल को आरसीबी का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में मुकाबला होगा। 11 अप्रैल को चेन्नई अपने घरेलू मैदान एमए माउंटेन व्यू में दिल्ली कैपिटल्स की मेजबानी करेगा। पिछला सीज़न अंतिम रहाआईपीएल 2025 में सीएसके का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। ऋतुराज गायकवाड की इलेक्ट्रानिक में टीम प्वाइंट्स टेबल में सबसे कीमती सामान पर रही थी। टीम ने 14 मुकाबलों में से सिर्फ 4 में जीत दर्ज की, जबकि 10 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। भविष्य की चुनौतीनाथन एलिस के आउट होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स तेजी से नई रणनीति अपनानी होगी। टीम के लिए यह एक चुनौती है कि टीम के पास मौजूद सीमित विदेशी और घरेलू शेयरों के साथ मजबूत प्रदर्शन सुनिश्चित किया जाए।

बड़वानी जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, इलाके में हड़कंप; बम स्क्वॉड की सघन जांच जारी

बड़वानी । मध्य प्रदेश के बड़वानी में उस समय अफरा तफरी मच गई, जब जिला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की खबर सामने आई। एक अज्ञात ईमेल के जरिए मिली इस धमकी ने पुलिस और प्रशासन को तुरंत अलर्ट कर दिया। शुक्रवार को एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर को खाली कराकर पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। धमकी की जानकारी मिलते ही कोर्ट में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों के बीच हड़कंप मच गया। प्रशासन ने बिना देर किए पूरी बिल्डिंग को खाली कराया और वकीलों के चैंबर के साथ साथ आसपास की दुकानों को भी बंद करा दिया। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर दी गई। गौरतलब है कि यह कोर्ट परिसर स्थानीय थाने से महज कुछ ही दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए खरगोन से बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। पुलिस अधीक्षक, एडीएम और एडिशनल एसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। कोतवाली थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ कोर्ट परिसर को चारों ओर से घेर लिया है और सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है। बम स्क्वॉड और स्वाट टीमों द्वारा कोर्ट परिसर के अंदर चप्पे चप्पे की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी मौके पर तैनात रखा गया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने पूरी सावधानी के साथ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी अदालतों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। सतना और मैहर में भी इसी तरह के मामले सामने आए थे। ऐसे में जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या इन घटनाओं के पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ है या फिर यह महज किसी शरारती तत्व की हरकत है। फिलहाल पुलिस कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह सिर्फ अफवाह थी या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा। तब तक पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

दबाव के आगे नहीं झुका श्रीलंका अमेरिका को लैंडिंग से इनकार ईरानी जहाज को दी मानवीय मदद

नई दिल्ली:ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच श्रीलंका ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने हिंद महासागर क्षेत्र की कूटनीति को नया मोड़ दे दिया है। श्रीलंका ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी सैन्य टकराव का हिस्सा नहीं बनेगा और अपनी तटस्थ नीति पर कायम रहेगा। इसी नीति के तहत उसने अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को अपने यहां उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने संसद में खुलकर बताया कि अमेरिका ने 4 और 8 मार्च को दो बार अनुरोध किया था कि जिबूती स्थित अपने सैन्य अड्डे से उड़ान भरने वाले फाइटर जेट्स को दक्षिणपूर्व स्थित मट्टाला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरने दिया जाए। इन विमानों में एंटी शिप मिसाइलें लगी हुई थीं जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई थी। राष्ट्रपति ने कहा कि भारी अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद श्रीलंका ने इस मांग को खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि वह किसी भी सैन्य कार्रवाई का मंच नहीं बनेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। 4 मार्च को अमेरिका की एक पनडुब्बी ने अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत IRIS Dena पर टॉरपीडो हमला किया था। यह हमला श्रीलंका के दक्षिणी तट से करीब 80 किलोमीटर दूर हुआ जिसमें बड़ी संख्या में ईरानी नौसैनिक मारे गए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। हमले के तुरंत बाद श्रीलंका ने मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। श्रीलंकाई नौसेना और वायुसेना ने मौके पर पहुंचकर शवों को बरामद किया और घायलों को बचाया। उन्हें गाले में इलाज के लिए ले जाया गया। बाद में मृतकों के शव पूरे सम्मान के साथ ईरान भेजे गए। इसी बीच एक अन्य ईरानी जहाज IRIS Bushehr ने तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए श्रीलंका से मदद मांगी। श्रीलंका ने इसे भी पूरी तरह मानवीय आधार पर सहायता दी लेकिन सुरक्षा कारणों से उसे सीधे कोलंबो में प्रवेश नहीं दिया गया। पहले उसे समुद्र में रोका गया और बाद में त्रिंकोमाली की ओर निर्देशित किया गया। इस दौरान कई ईरानी नौसैनिकों को अस्थायी रूप से श्रीलंका में शरण भी दी गई। राष्ट्रपति दिसानायके ने संसद में दो टूक कहा कि मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध पूरी दुनिया के लिए चुनौती है लेकिन श्रीलंका किसी पक्ष में खड़ा होकर अपने हितों को खतरे में नहीं डालेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका देश स्वतंत्र विदेश नीति पर चलता रहेगा और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। यह घटनाक्रम हिंद महासागर क्षेत्र में बदलते शक्ति संतुलन को दर्शाता है जहां छोटे देश भी अब अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूती से स्थापित कर रहे हैं। श्रीलंका का यह कदम न सिर्फ उसकी तटस्थता का संकेत है बल्कि यह भी दिखाता है कि वह मानवीय मूल्यों और राष्ट्रीय हितों के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

नवरात्रि व्रत में नहीं होगी थकान: ये 4 सुपरफूड्स रखेंगे आपको दिनभर एनर्जेटिक

नई दिल्ली । शक्ति की उपासना का पावन पर्व चैत्र नवरात्रि पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इन नौ दिनों में कई श्रद्धालु व्रत रखते हैं कोई पहले और आखिरी दिन तो कोई पूरे नौ दिन उपवास करता है। हालांकि अक्सर गलत खान पान के कारण व्रत के दौरान कमजोरी थकान सिरदर्द और सुस्ती महसूस होने लगती है जिसका असर चेहरे पर भी साफ दिखाई देता है। दरअसल व्रत का असली लाभ तभी मिलता है जब आपका आहार संतुलित सात्विक और पोषण से भरपूर हो। अगर सही चीजों का चुनाव किया जाए तो न केवल शरीर ऊर्जावान बना रहता है बल्कि मन भी शांत और एकाग्र रहता है। ऐसे में आइए जानते हैं 4 ऐसे सुपरफूड्स के बारे में जिन्हें व्रत की थाली में शामिल कर आप पूरे दिन एनर्जी से भरपूर रह सकते हैं। सबसे पहले बात करते हैं मखाना की जिसे व्रत का सबसे हेल्दी और गिल्ट फ्री स्नैक माना जाता है। इसमें कैलोरी कम और प्रोटीन अधिक होता है। साथ ही यह फाइबर मैग्नीशियम और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। मखाना खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती और यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है। आप इसे हल्के घी में भूनकर या खीर बनाकर खा सकते हैं। दूसरा सुपरफूड है साबूदाना। जब शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है तब यह सबसे बेहतर विकल्प बन जाता है। कार्बोहाइड्रेट से भरपूर और ग्लूटेन फ्री साबूदाना जल्दी पचता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। हालांकि इसमें प्रोटीन कम होता है इसलिए इसे दही या मूंगफली के साथ खाना ज्यादा फायदेमंद होता है। साबूदाने की खिचड़ी या वड़ा स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संयोजन है। तीसरा महत्वपूर्ण आहार है कुट्टू का आटा । यह पोषण का खजाना माना जाता है जिसमें मैग्नीशियम आयरन जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। इसके कॉम्प्लेक्स कार्ब्स शरीर को धीरे धीरे ऊर्जा देते हैं जिससे दिनभर कमजोरी महसूस नहीं होती। कुट्टू से बनी पूरी चीला या कढ़ी न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जाती है। चौथा और सबसे जरूरी हिस्सा है फल। व्रत के दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है। सेब केला संतरा और अनार जैसे फल विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। केला तुरंत ऊर्जा देता है जबकि संतरा और अनार शरीर में पानी की कमी पूरी कर ठंडक प्रदान करते हैं। फलों का सेवन शरीर को डिटॉक्स करने और इम्युनिटी मजबूत बनाने में भी मदद करता है। नवरात्रि का व्रत केवल भूखा रहने का नाम नहीं बल्कि यह अनुशासन और संतुलित जीवनशैली अपनाने का अवसर है। अगर आप सही और पौष्टिक आहार लेते हैं तो न केवल आपका शरीर स्वस्थ रहेगा बल्कि आपकी पूजा और साधना में भी मन एकाग्र रहेगा। इस नवरात्रि इन 4 सुपरफूड्स को अपनी व्रत की थाली में जरूर शामिल करें और भक्ति के साथ साथ अपनी सेहत का भी पूरा ध्यान रखें।

ईंधन की कीमतें स्थिर, LPG की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकार के सभी प्रयास जारी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को साफ किया कि आम आदमी के लिए इस्तेमाल होने वाले आम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की गई है। सिर्फ प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाए गए हैं, जो कुल बिक्री का सिर्फ 3-4 परसेंट हिस्सा बनता है। सरकार की ब्रीफिंगपेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने डेली ब्रीफिंग में बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें कंट्रोल फ्री (डीरेगुलेटेड) हैं और इन्हें तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा तय किया जाता है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल के दाम 2 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा बढ़ा दिए हैं। एलपीजी सप्लाई बनी रहेगीसुश्री शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कहीं भी गैस खत्म होने की स्थिति नहीं है। उत्पादन बढ़ाया गया है ताकि सप्लाई बेकार बनी रहे। हालांकि, उन्होंने माना कि भारत पूरी तरह ऊर्जा आत्मनिर्भर नहीं है और अभी भी आयात पर निर्भर है। स्थिति संभालने के लिए 13,700 से ज़्यादा पन्नों के कनेक्शन दिए गए हैं, ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो सके। पिछले एक हफ़्ते में 11,300 टन कोयले की सप्लाई एलपीजी की सप्लाई की गई है। इसके अलावा, करीब 7,500 कंज्यूमर एलपीजी से पन्नों की ओर शिफ्ट हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि घबराहट में गैस बुकिंग में कमी आई है और एक दिन में लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग हुई हैं। सरकार लगातार सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए नए सोर्स तलाश रही है और राज्यों से सख्त निगरानी और डिस्ट्रीब्यूशन में बाधा न आने की अपील की गई है। ईरान से तेल खरीद और समुद्री सुरक्षासुश्री शर्मा ने ईरान से तेल खरीदने के सवाल पर कहा कि इस पर इंतज़ार कुछ भी कहना मुश्किल है। वहीं, पट्टन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोई समुद्री घटना नहीं हुई है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के आसपास मौजूद 22 भारतीय जहाज और सभी नाविक सुरक्षित हैं। अंतरराष्ट्रीय तनाव और घरेलू स्थितिपश्चिम एशिया में तनाव और अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच सरकार ने यह संदेश दिया है कि साधारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखीं। वहीं, प्रीमियम पेट्रोल पर हुई मामूली बढ़ोतरी केवल उच्च ऑक्टेन वाले महंगाई पर असर डाल सकती है। सरकार के प्रयास यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि ऊर्जा आपूर्ति लगातार बनी रहे और घरेलू बाजार में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी न आए।

मिजोरम की खूबसूरती और सांस्कृतिक रंग, लुंगलेई ट्रैकिंग ट्रिप के लिए परफेक्ट

नई दिल्ली।  गर्मियों की शुरुआत के साथ ही पर्यटकों में छुट्टियों की योजना बनाना आम हो जाता है। अगर आप प्रकृति, ट्रैकिंग और मिजोरम की संस्कृति का अनूठा अनुभव चाहते हैं, तो मिजोरम के लुंगलेई शहर की यात्रा आपके लिए बेस्ट विकल्प है। प्रकृति के अद्भुत नजारेलुंगलेई अपने नाम की तरह अनोखा है। इसका अर्थ है “चट्टानों का पुल”, और यह 1222 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। आइजोल से 169 किलोमीटर दूर यह शहर पहाड़ों, नदियों और हरे-भरे जंगलों के खूबसूरत संगम का प्रतीक है। यहां की नदियों का पानी इतना साफ होता है कि आप तल में बैठे कंकड़ों को आसानी से देख सकते हैं। गर्मियों में यह जगह विशेष रूप से पर्यटकों को आकर्षित करती है। खावंगलुंग वन्यजीव अभयारण्यप्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए खावंगलुंग वन्यजीव अभयारण्य सबसे पसंदीदा जगह है। यहां पर्यटक तेंदुआ, सांभर, बार्किंग डियर और हूलॉक गिब्बन जैसे वन्यजीवों को देख सकते हैं। अभयारण्य में सफारी का अनुभव भी लिया जा सकता है। मार्च से अक्टूबर का समय घूमने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। फुननाउमा की चट्टान और ट्रैकिंग का रोमांचलुंगपुई शहर से 100 किलोमीटर दूर लुंगपुई त्लांग या फुननाउमा की चट्टान स्थित है। यह लुंगपुई की सबसे पुरानी और बड़ी चट्टान है। यहां तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को कठिन ट्रैकिंग करनी पड़ती है, लेकिन ऊपर पहुंचकर शहर का दृश्य देखने का अनुभव अद्भुत होता है। फुननाउमा की चट्टान को लेकर कई लोककथाएं प्रचलित हैं। माना जाता है कि यहां परियां शिकार के लिए आती थीं और इस जगह की खोज फुननाउमा नाम के शख्स ने की थी। यही कारण है कि यह चट्टान फुननाउमा की चट्टान के नाम से जानी जाती है। मिजोरम की संस्कृति का अनुभवलुंगलेई के हरे-भरे ऊंचे पहाड़ न केवल प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं, बल्कि यहां का मौसम भी सुहावना रहता है। इसके अलावा, लुंगलेई में मिजोरम की संस्कृति और कल्चर की झलक भी देखने को मिलती है। गांव के लोग आज भी अपनी पारंपरिक पहचान बनाए हुए हैं। यहां ऑथेंटिक मिजोरम व्यंजन का स्वाद लेना भी पर्यटकों के लिए खास अनुभव होता है। ट्रैकिंग और एडवेंचर के लिए उपयुक्तलुंगलेई न केवल प्रकृति प्रेमियों, बल्कि ट्रैकिंग और एडवेंचर के शौकीनों के लिए भी बेस्ट डेस्टिनेशन है। फुननाउमा की चट्टान और खावंगलुंग अभयारण्य जैसी जगहें इसे ट्रैवल लवर्स के लिए एक परफेक्ट हाइकिंग और फोटोग्राफी स्पॉट बनाती हैं।