20 मार्च का राशिफल : जानिए कैसा रहेगा आज आपका दिन? पढ़ें राशिफल

नई दिल्ली । आज 20 मार्च, शुक्रवार को नवरात्रि का दूसरा दिन है। इस दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आंकलन किया जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 20 मार्च का दिन कुछ राशि वालों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है, तो कुछ राशि वालों को जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं, 20 मार्च को किन राशि वालों को होगा लाभ और किन को बरतनी होगी सावधानी। मेष20 मार्च के दिन को क्लियरिटी के साथ देखें। करीबियों के साथ अपने कनेक्शन को मजबूत करने के आपको अच्छे से उनके साथ बॉन्डिंग बनानी है। आपके लिए चैलेंज भी है और मैके भी, तो आप अपने हिसाब से फैसले लेकर आगे बढ़ें। वृषभ20 मार्च के दिन खुली बातचीत से आपका कनेक्शन मजबूत होगा। फालतू तनाव से बचने के लिए फाइनेंशियल स्थिति पर ध्यान दें, बजट को रिव्यू करें और सेहत के लिहाज से, हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखने से आपका एनर्जी लेवल अच्छा रहेगा। मिथुन20 मार्च के दिन बैलेंस और आगे बढ़ने पर फोकस करने का समय है। करियर और पर्सनल लाइफ में तरक्की के मौके खुद ही सामने आते हैं, लेकिन सोच-समझकर आपको आज फैसले लेने हैं। व्यक्तिगत संबंधों की बात करें तो खुद को सुनें। कर्क20 मार्च के दिन आराम करने के लिए प्राथमिकता दें। अपने पार्टनर के साथ भी समय बिताएं और उनको समझने की कोशिश करें। नई संभावनाओं के लिए खुले रहें, लेकिन डीसीजन लेने में जल्दबाजी न करें। सिंह20 मार्च के दिन हेल्दी रहने के लिए लाइफ स्टाइल अच्छा करें और खुद की केयर करें। आज का दिन आपको नए मौकों को तलाशने के लिए आमंत्रित करता है। आपका ध्यान वर्क लाइफ बैलेंस बनाए रखने पर होना चाहिए। तुला20 मार्च के दिन तनाव के लेवल के प्रति सचेत रहकर अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें। आज का दिन नए अवसर और विकास लेकर आएगा। पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को संतुलित करने पर ध्यान दें। धनु20 मार्च के दिन प्रोफेशनल रूप से, बदलावों के लिए तैयार रहें। नई स्किल्स सीखने के लिए तैयार रहें। वित्तीय रूप से, यह आपके खर्च और बचत की आदतों पर गौर करने का अच्छा समय है। अपनी आदतों को बदलाव करके हेल्दी रहें। मकर20 मार्च के दिन सेहत दुरुस्त रहने वाली है। आपको अपने पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में चीजों को अच्छे से रिव्यू करें। आप अपने करीबियों के साथ अपने कनेक्शन को मजबूत होते हुए पा सकते हैं। कुम्भ20 मार्च के दिन लव लाइफ में चल रही उथल पुथल को सुलझाना बेहतर रहेगा। ऑफिस में आपको ऐसे मौके मिलेगे, जहां आप समस्याओं के सटीक सोल्यूशन देने में कामयाब रहेंगे। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं आ सकती हैं, जिनका के लिए बजट को रिव्यू करें। कन्या20 मार्च के दिन कुछ लोगों के रिश्तों में थोड़ी-बहुत नोक-झोक हो सकती हैं, लेकिन चीजों को तुरंत कंट्रोल करने की कोशिश करें। आपकी सेहत और आर्थिक स्थिति दोनों पहले से बहतर होंगी और आपके फेवर में होंगी। लाइफ में बैलेंस जरूरी है। वृश्चिक20 मार्च के दिन रिश्तों में छोटी-मोटी समस्याएं आ सकती हैं लेकिन बातचीत कर इन दिक्कतों को सुलझाना बेहतर रहेगा। ऑफिस में ईगो को छोड़ दें और ऑफिस रोमांस से भी तौबा करें। चुनौतियों का बखूबी सामना करें। आपको मेंटली स्ट्रांग रहना है। मीन20 मार्च के दिन आपकी लव लाइफ में हंसी-खुशी का माहौल रहेगा, पर्सनल लाइफ में खुशिायां मिलेगी। आपका पार्टनर आपके लिए कोई सरप्राइज प्लान कर सकता है। आपके लिए सावधान रहने की सलाह है।
बढ़ा हुआ पित्त बिगाड़ सकता है सेहत, संतुलन के लिए डाइट में शामिल करें ये 5 ठंडी तासीर वाली चीजें

नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और अत्यधिक मसालेदार भोजन ने शरीर में पित्त बढ़ने की समस्या को आम बना दिया है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर तीन दोषों वात, पित्त और कफ पर आधारित होता है, जिनमें पित्त अग्नि और जल का मिश्रण है। जब यह असंतुलित हो जाता है, तो पाचन खराब होना, एसिडिटी, त्वचा संबंधी समस्याएं और चिड़चिड़ापन जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में समय रहते खानपान और जीवनशैली में बदलाव करना बेहद जरूरी हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पित्त को नियंत्रित करने के लिए सबसे पहले शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले आहार को अपनाना चाहिए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण हैं हल्के और सुपाच्य अनाज जैसे जौ, चावल और गेहूं। ये न केवल पाचन को बेहतर बनाते हैं बल्कि शरीर की आंतरिक गर्मी को भी कम करने में मदद करते हैं। इसके विपरीत उड़द दाल और कुलथी जैसी गरम तासीर वाली चीजों से दूरी बनाना ही बेहतर होता है, क्योंकि ये पित्त को और बढ़ा सकती हैं। फलों में मीठे और रसीले विकल्प पित्त संतुलन के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। सेब, नाशपाती, अंजीर और किशमिश जैसे फल शरीर को ठंडक देते हैं और पाचन को सुधारते हैं। हालांकि आमतौर पर खट्टे फलों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन आंवला और अनार सीमित मात्रा में लिए जा सकते हैं क्योंकि ये शरीर को पोषण देने के साथ पित्त को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं। सब्जियों की बात करें तो खीरा, करेला, मटर और परवल जैसी ठंडी या कड़वी तासीर वाली सब्जियां पित्त को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं बैंगन, कच्चा प्याज, लहसुन और पालक जैसी गरम प्रकृति वाली सब्जियों का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर की गर्मी को बढ़ा सकती हैं। किचन में मौजूद कुछ मसाले भी पित्त नियंत्रण में सहायक होते हैं। सौंफ, धनिया, इलायची और केसर जैसे मसाले शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। इसके उलट हींग और काली मिर्च का अधिक सेवन जलन और एसिडिटी को बढ़ा सकता है, इसलिए इनका उपयोग सीमित मात्रा में करना ही बेहतर है। डेयरी उत्पादों में ठंडा दूध, शुद्ध देसी घी और ताजी छाछ पित्त प्रकृति वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। ये न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि पाचन को भी मजबूत बनाते हैं। हालांकि केवल डाइट ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव भी उतना ही जरूरी है। पित्त बढ़ने पर तेज धूप से बचना चाहिए और ठंडे वातावरण में समय बिताना लाभकारी होता है। मानसिक शांति बनाए रखने के लिए हल्का संगीत सुनना और पानी के पास समय बिताना भी फायदेमंद होता है। कुल मिलाकर, अगर आप अपने शरीर के पित्त को संतुलित रखना चाहते हैं, तो सही खानपान और संतुलित दिनचर्या अपनाना बेहद जरूरी है। इससे न केवल आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा, बल्कि आप शारीरिक और मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे।
अब आप घर पर ही बना सकते हैं हेयर कलर, अपनाएं ये ट्रिक

नई दिल्ली। आज के समय में लोगों के बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं। यह बाहरी खान-पान और पॉल्युशन के कारण से हो सकता है। हालांकि इसे ठीक करने के लिए लोग बाहर से बालों को कलर करवा लेते हैं। लेकिन कई बार यह कलर आपके बालों को भी डैमेज कर सकते हैं बार-बार अगर अधिकतर मात्रा में से उगाया जाए तो। इसके साथ ही आपको इन कलर में कई ज़्यादा पैसे भी खर्च करने पड़ते हैं। अगर आप यह सोच रहे हैं कि कुछ ऐसा हाथ लग जाए जो नेचरली हो और बाल भी कलर हो जाए। तो हम आपके लिए ऐसा ही कुछ लेकर आए हैं। घर पर बना सकते हैं हेयर कलरअब आप घर पर ही हेयर कलर बन सकते हैं और उसका इस्तेमाल घर पर ही कर सकते हैं। आप इस रंग को घर पर बनाकर बालों में अप्लाई कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके बाल भी घुंघराले रहेंगे। इसके साथ ही आपके बाल अमोनिया और ब्लीच के इस्तेमाल से बच जाएंगे। आइए आपको बताते हैं कि कैसे घर पर ही अपने बालों का कलर करें। रंग बनाने के लिए सामग्रीचुकंदर का रस- 3 से 4 चम्मचमेहंदी- 4 चम्मचकॉफी पाउडर – 1 चम्मच इस प्रकार बनाए हेयर कलरसबसे पहले आप फ्रेश चुकंदर लें। अब इसका रस निकालना है और इसे एक कटोरी में रख दें। इसके बाद एक कटोरी में मेहंदी को डालें। इसमें चुकंदर का रस और कॉफी पाउडर को पानी में घोलकर डालें। फिर इस मिश्रण अच्छे से घोल लें। जरूरतों के हिसाब से इसमें पानी को मिक्स करें। जब घोल तैयार हो जाए, तो इसे 10 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। लगाने का सही तरीकासबसे पहले बालों में कंघी कर लें। इस बात का ध्यान रखें कि आपके बाल उलझे नहीं। अब इसे ब्रश की मदद से सिर पर लगाएं। पूरे बालों के कवर करने के बाद वाले कैप पहन लें। इसको आप कम से कम 3 से 4 घंटे तक लगा रहने दें। इसके बाद बालों को सिर्फ उपजाऊ पानी से लगाएं, उस दिन कोमल का इस्तेमाल करें। इसलिए कलर को सेट होने के लिए 24 से 48 घंटे का समय दें, उसके बाद ही हल्के कोमल से बाल लगाएं।
Yoga Tips: रोज सिर्फ 5 मिनट करें वृक्षासन, हड्डियां होंगी मजबूत और दिमाग रहेगा शांत

नई दिल्ली । आज की तेज रफ्तार और तनाव से भरी जिंदगी में शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे में योग एक ऐसा प्रभावी उपाय है, जो न केवल शरीर को मजबूत बनाता है बल्कि मन को भी शांत और स्थिर करता है। खासतौर पर वृक्षासन एक ऐसा आसान लेकिन बेहद असरदार योगासन है, जिसे रोजाना सिर्फ 5 मिनट करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। वृक्षासन का अर्थ ही है पेड़ की तरह स्थिर और मजबूत खड़े रहना। यह आसन हमें सिखाता है कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी कैसे संतुलन बनाए रखा जाए। जब आप एक पैर पर खड़े होकर शरीर को संतुलित करते हैं, तो यह न केवल आपकी शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है बल्कि मानसिक एकाग्रता को भी मजबूत करता है। नियमित अभ्यास से दिमाग और मांसपेशियों के बीच तालमेल बेहतर होता है, जिससे शरीर की कार्यक्षमता बढ़ती है। इस योगासन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह रीढ़ की हड्डी को सीधा और मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही पैरों की मांसपेशियां टोन होती हैं और शरीर का संतुलन सुधरता है। जो लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह आसन विशेष रूप से फायदेमंद है। एक पैर पर संतुलन बनाने की प्रक्रिया फोकस और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देती है, जिससे काम में एकाग्रता भी बेहतर होती है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी वृक्षासन बेहद लाभकारी माना जाता है। यह शरीर के वात दोष को संतुलित करता है, जिससे तनाव, घबराहट और मानसिक अस्थिरता में कमी आती है। नियमित अभ्यास से मन शांत रहता है और सकारात्मक सोच विकसित होती है। इस आसन को करने का सबसे सही समय सुबह का होता है, जब पेट खाली हो। अगर आप इसे शाम के समय करना चाहते हैं, तो भोजन और योग के बीच कम से कम 4 से 6 घंटे का अंतर रखना जरूरी है। अभ्यास शुरू करने से पहले शरीर को तैयार करने के लिए हल्के वार्म-अप जैसे स्ट्रेचिंग या अन्य योगासन करना फायदेमंद रहता है। हालांकि, इस आसन को करते समय कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। जिन लोगों को घुटनों में दर्द, किसी प्रकार की गंभीर चोट या माइग्रेन की समस्या है, उन्हें इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए। बिना मार्गदर्शन के अभ्यास करने से बचना बेहतर होता है। कुल मिलाकर, वृक्षासन केवल एक योगासन नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित करने का एक सरल विज्ञान है। अगर आप अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बेहतर फोकस, मजबूत हड्डियां और मानसिक शांति चाहते हैं, तो इस आसान आसन को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें।
ब्रिटेन, फ्रांस समेत छह देश होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में मदद को तैयार, कतर ने ईरान से की युद्ध रोकने की अपील

लंदन/मस्कट। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स और जापान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए मदद की पेशकश की है। इन देशों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही में शामिल होने को तैयार हैं। साथ ही बयान में इन देशों ने ईरान के हालिया हमलों की निंदा की और उसे तुरंत रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने वाले देशों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि जरूरत पड़ने पर अन्य कदम भी उठाए जाएंगे, ताकि तेल सप्लाई पर असर कम किया जा सके। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते खतरे के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो रही है और तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने भी युद्ध तुरंत खत्म करने की अपील की। उन्होंने ईरान से अनुरोध किया कि वह अपने हमले रोके और संघर्ष को और न बढ़ाए। अल थानी ने विशेष रूप से रास लफ्फान गैस प्लांट पर हुए हमले का जिक्र किया और कहा कि इससे स्पष्ट है कि ईरान अब ऊर्जा ठिकानों को निशाना बना रहा है, जो न केवल कतर बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों का असर दुनियाभर के लाखों लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि इससे ऊर्जा सप्लाई प्रभावित होगी। उल्लेखनीय है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा की कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। संयुक्त बयान और कतर की चेतावनी इस बात का संकेत हैं कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत बढ़ गई है। इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि बड़े देशों की मदद और कतर की चेतावनी मिलकर क्षेत्रीय तनाव को कम कर सकती है और वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने में योगदान दे सकती है।
राष्ट्रपति द्रौपदी तीन दिवसीय प्रवास पर पहुंचीं श्रीकृष्ण की नगरी, इस्कॉन-प्रेम मंदिर में किए दर्शन

मथुरा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार की शाम तीन दिवसीय प्रवास पर श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा पहुंचीं। यहां से सीधे वृंदावन गई, जहां उन्होंने इस्कॉन मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए ठाकुरजी के भव्य दर्शन किए तथा प्रेममंदिर के दर्शन किए। शुक्रवार की सुबह वह बांकेबिहारी जी महाराज के दर्शन पूजा-अर्चना के साथ अन्य कई कार्यक्रमों में भाग लेंगी। राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर मथुरा पुलिस प्रशासन ने कड़े प्रबंध किए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी का गुरुवार शाम को मथुरा में सेना के छावनी परिसर में बने हेलीपैड पर उनका हेलीकॉप्टर उतरा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी मिलें लक्ष्मी नारायण चौधरी, प्रभारी मंत्री/राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बेसिक शिक्षा विभाग संदीप सिंह, राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह ने बुके देकर उनकी अगवानी की। इस मौके पर मथुरा वृन्दावन नगर निगम के महापौर विनोद अग्रवाल, लेफ्टिनेंट जनरल वी हरिहरन, अपर पुलिस महानिदेशक आगरा अनुपम कुलश्रेष्ठ, मंडलायुक्त आगरा नगेन्द्र प्रताप, ग्रुप कैप्टन शिवम मनचंदा, जिलाधिकारी मथुरा चन्द्र प्रकाश सिंह तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा श्लोक कुमार भी मौजूद थे। इसके बाद राष्ट्रपति का काफिला वृंदावन के लिए रवाना हो गया। राष्ट्रपति ने किए इस्कॉन मंदिर दर्शनः राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने वृंदावन स्थित इस्कॉन मंदिर (श्रीश्री कृष्ण बलराम मंदिर) के दर्शन किए। इस्कॉन मंदिर (श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर) में पंचगौड़ा दास, जनार्दन दास, विष्णुनाम दास, शुतकीर्ति दास, रवि लोचन दास एवं देवदत्त स्वामी ने भव्य स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति एवं राज्यपाल ने श्री अभयचरणारविंद भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जी की समाधि स्थल के दर्शन किए तथा समाधि स्थल की परिक्रमा लगाई। परिक्रमा के बाद राष्ट्रपति मुर्मु एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने श्रीश्री कृष्ण बलराम मंदिर/मुख्य मंदिर के दर्शन किए तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रों के बीच राष्ट्रपति ने पूजन की सामग्री भगवान को अर्पण किया। पूरा मंदिर प्रांगण शुभ मंत्रों से गूंज उठा। यह नजारा देखने में बहुत ही अद्भुत रहा। उन्होंने मंदिर में हाथ जोड़कर प्रभु का स्मरण किया। राष्ट्रपति द्रौपदी एवं राज्यपाल आनंदीबेन ने मंदिर परिसर में बालिकाओं द्वारा किए जा रहे नृत्य(सांस्कृतिक कार्यक्रम) का अवलोकन किया तथा मंदिर में आयोजित कीर्तन को सुना। दर्शन कार्यक्रम में पंचगौड़ा दास, जनार्दन दास, विष्णुनाम दास, शुतकीर्ति दास, रवि लोचन दास, देवदत्त स्वामी, राधागोलोकानंद स्वामी, मुकुंदा दास, जादूनंदन दास, धर्मात्मा दास, पार्थ कृष्णा दास (गौ-सेवक) एवं गणपति दास उपस्थित रहे। तय कार्यक्रम के अनुसार 21 मार्च तक राष्ट्रपति तक ब्रज में प्रवास करेंगी। दो दिन वृंदावन में मंदिरों के दर्शन करेंगी। वह संत प्रेमानंद से आध्यात्मिक चर्चा करेंगी। 20 मार्च को वह वृंदावन के उड़िया बाबा आश्रम, नीव करौरी बाबा आश्रम, रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, वात्सल्य ग्राम जाएंगी। रामकृष्ण मिशन चेरिटेबिल अस्पताल में कैंसर यूनिट का उद्घाटन करेंगी। 21 मार्च की सुबह आठ बजे गोवर्धन प्रस्थान करेंगी। सुबह 9 बजे दानघाटी मंदिर में पूजा अर्चरा करेंगी। इसके बाद गोल्फ कार्ट से परिक्रमा लगाएंगी। ब्रज की पावन धरती पर आध्यात्मिकता और गरिमा का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु श्रीकृष्ण की मनोमयी लीला से प्रकट मानसी गंगा में श्रद्धा अर्पित करेंगी। महज 10 मिनट का यह कार्यक्रम भले ही समय में सीमित हो, लेकिन इसकी धार्मिक महत्ता और सांस्कृतिक संदेश दूर तक गूंजेंगे। मुकुट मुखारविंद मंदिर के रिसीवर कपिल चतुर्वेदी के अनुसार, राष्ट्रपति के आगमन पर श्रीजी पीठाचार्य मनीष बाबा उन्हें सबसे पहले मानसी गंगा की पूजा अर्चना कराएंगे। इसके बाद वह मुकुट मुखारविंद मंदिर में विराजमान गिरिराजजी का दूध व रबड़ी से अभिषेक कर विधिवत पूजन करेंगी। पूरे कार्यक्रम को अत्यंत व्यवस्थित ढंग से 10 मिनट में संपन्न कराने की योजना बनाई गई है। भागवत किंकर गोपाल प्रसाद उपाध्याय बताते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण ने गंगा को अपने मन से ब्रज में प्रकट किया, जिससे इसका नाम ‘मानसी गंगा’ पड़ा। राष्ट्रपति की सुरक्षा में आठ जिलों की फोर्स तैनात : एसएसपीइससे पहले बुधवार को वृंदावन से गोवर्धन तक प्रस्तावित राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरे रूट पर फुल ड्रेस रिहर्सल किया गया। इसमें सुरक्षा, यातायात और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा गया। रिहर्सल के दौरान काफिले में शामिल वाहनों ने निर्धारित मार्ग पर चलकर हर संभावित स्थिति का अभ्यास किया। सुबह से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी रूट पर तैनात हो गए थे। काफिला वृंदावन से शुरू होकर गोवर्धन तक पहुंचा और इस दौरान मार्ग में आने वाले प्रमुख चौराहों, संकरे रास्तों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। राष्ट्रपति के काफिले के लिए ‘जीरो ट्रैफिक’ व्यवस्था लागू करने की तैयारियां भी रिहर्सल के दौरान देखी गईं। इसके तहत काफिले के गुजरने के समय पूरे रूट को आम यातायात के लिए पूरी तरह खाली रखा जाएगा। इसके लिए वैकल्पिक मार्गों और डायवर्जन की योजना पर भी अभ्यास किया गया। रिहर्सल के चलते कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए गए। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर आठ जिलों की फोर्स तैनात की गयी है। कई स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा।
मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में किया नैवेद्य लोक का लोकार्पण

– इंदौर की 56 दुकान की तर्ज पर 18 करोड़ की लागत से बने नैवेद्य लोक में स्वाद और सेहत” का मिलेगा अनुपम अनुभव भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महाकाल की नगरी उज्जैन के निवासियों को एक नयी सौगात मिली है। शहर के नानाखेड़ा बस स्टैंड के समीप स्थित नैवेद्य लोक का भव्य शुभारंभ गुरुवार देर शाम चैत्र नव वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा वैदिक मंत्रों उचार और शंख ध्वनि के बीच फीता काटकर इंदौर की 56 दुकान की तर्ज पर 18 करोड़ रुपये की लागत से बनाये गये नैवेद्य लोक का शुभारंभ किया गया। उन्होंने प्रत्येक स्टॉल का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री दुकानदारों से भी मिले और यहां के कुछ व्यजंनों का स्वाद भी लिया। नैवेद्य लोक में शहर के प्रमुख और प्रसिद्ध रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों के द्वारा स्टॉल्स लगाई गई। इनमें “स्वाद और सेहत” का अनुपम समन्वय सुनिश्चित किया गया है। यहां उज्जैन के पारंपरिक एवं लोकप्रिय व्यंजनों के साथ-साथ मोटे अनाज (श्री अन्न) से निर्मित अत्यंत पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थों को विशेष महत्व प्रदान किया गया है। नैवेद्य लोक में विभिन्न प्रकार के आकर्षक स्टॉल स्थापितनैवेद्य लोक में विभिन्न प्रकार के आकर्षक स्टॉल स्थापित है जिनमें प्रमुख रूप से हरे कृष्ण ऑर्गेनिक फार्मिंग द्वारा ऑर्गेनिक श्री अन्न एवं ताजा जैविक उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यहां स्वाद के साथ स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखते हुए निम्नलिखित व्यंजन आमजन के लिए उपलब्ध हैं: कोदो श्री अन्न की खिचड़ी, कोदो श्री अन्न की खीर, कोदो श्री अन्न की इडली, ज्वार का पोहा, रागी की सेव। फ्रेश बॉक्स आर्गेनिक द्वारा विशेष रूप से तैयार श्री अन्न आधारित व्यंजन एवं सेवाएं उपलब्ध रहेगी। इनमें हेल्दी सलाद, डाइट प्लान, आर्गेनिक ग्रॉसरी, आर्गेनिक ऑयल एवं घी शामिल है । प्रसिद्ध कचरू भैया की कचौड़ी भी मिलेगीइसके अतिरिक्त गोपाल मंदिर स्थित मावा बाजार की प्रसिद्ध कचरू भैया की कचौड़ी (जो वर्ष 1968 से अपने अनुपम स्वाद के लिए विख्यात है) भी कुछ दिनों के लिए नैवेद्य लोक में उपलब्ध रहेगी, जिससे उज्जैनवासियों एवं आगंतुकों को पुरानी यादों का स्वाद भी प्राप्त होगा। ये सभी व्यंजन न केवल स्वादिष्ट हैं, अपितु उच्च पोषण मूल्य से युक्त होने के कारण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे।नैवेद्य लोक का यह शुभारंभ उज्जैनवासियों के साथ ही महाकाल के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए एक आकर्षक, सुलभ एवं स्वास्थ्यकर भोजन विकल्प प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कचरू भैया से मिलकर कहा कि अच्छा हुआ आपने यहां पर भी स्टाल प्रारंभ की है । अब नानाखेड़ा के लोगों को कचौड़ी के लिए पुराने शहर नहीं जाना पड़ेगा। कार्यक्रम में रागीनी मखड़ और डॉ. मखड़ और हरीहरेश्वर पोदार के संस्थान द्वारा सास्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। उल्लेखनीय है कि नैवेद्य लोक को उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा शहर की एक आधुनिक एवं आकर्षक चौपाटी के रूप में विकसित किया गया है। कुल 28000 स्क्वेयर फीट के क्षेत्रफल में सर्वसुविधायुक्त नैवेद्य लोक परिसर का विकास किया गया है। नैवेद्य लोक में चौपाटी के लिये 34 दुकानें है, जिनका साईज क्रमशः 180 वर्गफीट, 120 वर्गफीट, 100 वर्गफीट, 92 वर्गफीट, 90 वर्गफीट एवं 62 वर्गफीट है। साथ ही यहां विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए सुसज्जित ओपन थियेटर, साउण्ड सिस्टम, महिला, पुरुष, दिव्यांग जनों के उपयोगार्थ नवीन सेंसर उपकरण के साथ प्रसाधन कक्ष, सीसीटीवी कैमरा-सर्वर रूम, आपातकालीन विद्युत व्यवस्था के लिए डीजी सेट, पार्किग, अण्डरग्राउण्ड विद्युत व्यवस्था, अण्डरग्राउण्ड सीवरेज, लैण्ड स्केपिंग आदि सुविधायें विकसित की गई है। इस अवसर पर सांसद अनिल फिरोजिया, राज्य सभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निमग अध्यक्ष कलावती यादव, संजय अग्रवाल, जगदीश अग्रवाल, रूप पमनानी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मप्रः हिन्दू नव वर्ष के पहले दिन उज्जैन को मिली अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पुल की सौगात

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार देर शाम उज्जैन में नगर निगम द्वारा नवनिर्मित तरणताल का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विक्रम संवत 2083 हिन्दू नव वर्ष पहले दिन शहरवासियों को तरणताल की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आमजन को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निगम के स्विमिंग पुल से शहरवासियों की कई यादें जुड़ी हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्विमिंग पुल की सौगात मिली है तो इसका मेंटेनेंस बनाये रखना होगा। मुख्यमंत्री ने शुभारंभ अवसर पर आयोजित तैराकी स्पर्धा के विजेता बालक-बालिका वर्ग की टीम को 51-51 हजार रुपये पुरस्कार स्वरूप देने की घोषणा की। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़ मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नगर निगम द्वारा 8.30 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित तरणताल (स्विमिंग पुल) का करीब 2 साल पहले भूमि-पूजन किया गया था। आज अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्विमिंग पूल का लोकार्पण करते हुए अत्यधिक प्रसन्नता हुई है। इसके निर्माण से अब उज्जैन की प्रतिभाओं को नये पंख लगेंगे और भविष्य के लिये मजबूत नींव रखी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि भगवान महाकाल की नगरी में क्षिप्रा में तैराकी करने का भी अपना अलग आंनद है। कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण महापौर मुकेश टटवाल ने दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत महापौर टटवाल और नगर निगम अध्यक्ष कलावती यादव, उज्जैन स्मार्ट सिटी के सीईओ संदीप शिवा, तैराकी संघ के अध्यक्ष राकेश तिवारी ने किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूजन-अर्चन के बाद फीता काटकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर आयोजित तैराकी स्पर्धा में प्रथम शिवोहम् तिवारी, द्वितिय आर्यन राजपूत, तृतीय समर्थ गेहलोत रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालक वर्ग एवं बालिका वर्ग के खिलाडियों को 51-51 हजार रुपये देने की घोषणा की। उल्लेखनीय है की नगर निगम द्वारा उक्त तरणताल पुराने तरणताल के स्थान पर नया बनाया गया है। इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। तरणताल का कुल क्षेत्रफल 25×50 मीटर है तथा इसकी गहराई 4.5 फीट से 6.15 फीट तक रखी गई है। इसके साथ ही बच्चों के लिए वार्मअप पुल भी निर्मित किया गया है जिसकी गहराई 2.5 फीट से 3 फीट रखी गई है। तरणताल में विजिटर गैलेरी बनाई गई है। जिसमें 200 से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। इसी के साथ पार्किंग, फूड कोर्ट, सिटिंग चेयर, पार्क, आधुनिक फिल्टर प्लांट, शावर की सुविधा और वेटिंग रूम की भी सुविधा भी रहेगी। तरणताल का संचालन नगर पालिका निगम द्वारा किया जाएगा।
आस्था, आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत समागम होगा सिंहस्थ-2028 का आयोजन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन आस्था, आध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत समागम होगा। सिंहस्थ 2028 के मुख्य राजसी स्नान और अन्य स्नान शिप्रा के जल से ही हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सिलारखेड़ी सेवरखेड़ी परियोजना प्रगतिरत है। मुख्यंत्री डॉ. यादव गुरुवार को उज्जैन में मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा सिंहस्थ-2028 के कार्यों की जानकारी प्रदान करने के लिए आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में सोशल मीडिया बहुत महत्वपूर्ण है, जो सुशासन और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का सशक्त मार्ग है। कार्यशाला में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने सिंहस्थ-2028 के लिए कान्ह क्लोज डक्ट, सेवरखेड़ी सिलारखेड़ी परियोजना, शहर के आंतरिक मार्गों का चौड़ीकरण, सीवरेज कार्य, मेला क्षेत्र विकास, जिले की कनेक्टविटी को देश से जोड़ने के लिए बनाए जा रहे 6 लेन और 4 लेन मार्गों, रेलवे लाइन, एयरपोर्ट आदि विकास कार्यों की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे भीड़ प्रबंधन के उपाय, सुरक्षा व्यवस्था ,एआई टेक्नोलॉजी का क्रॉउड मैनेजमेंट, श्रद्धालुओं को जानकारी प्रदान करने, पार्किंग आदि में उपयोग संबंधी जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर सेंसिटव जानकारी पोस्ट करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने के बारे में चर्चा की।
पानी की बूंद-बूंद बचाने के लिए सनातन संस्कृति की पवित्र धारा का अभियान है जल गंगा संवर्धन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान हमारी सनातन संस्कृति की सबसे पवित्र धारा का अभियान है। जल की महत्ता ऐसी है कि इसके बिना कोई जीवित नहीं रह सकता है। शरीर 5 तत्वों से मिलकर बना है। ये सभी तत्व कभी अकेले नहीं रह सकते हैं। पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को इंदौर के इस्कॉन मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय जल गंगा संवर्धन अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गुड़ी पड़वा, विक्रम संवत्, चेटीचंड, चैत्र नवरात्रि की बधाई देते हुए प्रदेश में तीसरे चरण के जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश नदियों का मायका है, जहां से 250 से अधिक नदियां निकलती हैं। मां नर्मदा के पवित्र जल से मध्य प्रदेश के साथ गुजरात में भी आनंद की धारा बह रही है। हमारी नदी जोड़ो परियोजनाओं का लाभ पड़ौसी राज्य राजस्थान और उत्तर प्रदेश को भी मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जल संचय के अभियान में देशभर के जल स्त्रोतों के विकास कार्य करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश के तीसरे जल गंगा संवर्धन अभियान में 3 महीने तक लगातार जल संचय की गतिविधियां संचालित होंगी, जिसमें 2500 करोड़ की राशि से सभी विधानसभा, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचय के कार्य किए जाएंगे। हमारी सरकार ने पहले वर्ष में 30 दिन, दूसरे वर्ष में 120 दिन चलाया और मौजूदा तीसरे वर्ष में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक 139 दिनों तक प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अमृत 2.0 परियोजना में सिंगल क्लिक से 12.72 करोड़ लागत से बिलावली तालाब, 4.89 करोड़ लागत से लिम्बोदी तालाब, 3.82 करोड़ लागत से छोटा सिरपुर तालाब के जीर्णोद्धार कार्यों के भूमि-पूजन सहित 22 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कार्यक्रम में जल के अपव्यय को रोकने और एक-एक बूंद संग्रहण के लिए शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि ‘जल ही जीवन है, जल है तो कल है’ के मूल मंत्र के साथ जागरूकता फैलाना है। मुख्यमंत्री धार्मिक और पर्यावरणीय संदेशों से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों में भी शामिल हुए। उन्होंने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया और गौ माता की पूजा कर उन्हें गौ-ग्रास खिलाया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण बन रहा है राष्ट्रीय अभियानमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्य प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान इसी का हिस्सा है। पिछले वर्षों में प्रदेश में लाखों जल संरचनाओं पर कार्य किया गया है। इंदौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभियान के पहले वर्ष में इंदौर नगर निगम द्वारा बड़ी संख्या में पुरानी बावड़ियों और तालाबों के गहरीकरण और पुनरुद्धार का कार्य किया गया। साथ ही सैकड़ों कुओं का भी जीर्णोद्धार किया गया है। उन्होंने नागरिकों से जल संरक्षण में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि यह अभियान केवल सरकारी नहीं, बल्कि जन-जन का आंदोलन होना चाहिए। हमारी नदियां शरीर की रक्त धमनियों की तरहमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के जानापाव से निकली चंबल आगे बढ़कर यमुना में मिलकर गंगा जी की धारा को समृद्ध करती है। हमारी नदियां शरीर की रक्त धमनियों की तरह है, जो पृथ्वी माता को जीवन देती हैं। ब्रह्मांड में जल के महत्व से हम सभी परिचित हैं। उन्होंने कहा कि अगर जीवन को सफल करना है तो प्राचीन समय के उन कुएं, नदियां, तालाब, बावड़ी का जीर्णोद्धार करना होगा, जिनका सम्राट विक्रमादित्य, लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर, महाराज सिंधिया ने निर्माण कराया था। उन्होंने बताया कि इंदौर में 21 बावड़ियों का जीर्णोद्धार कराया गया है। जल है तो कल है वाक्य की गंभीरता को हर व्यक्ति को स्वीकार करना होगा। भारतीय संस्कृति पराक्रम, पुरुषार्थ, आनंद और उत्सव की संस्कृतिमुख्यमंत्री ने कहा कि आज विक्रम संवत् 2083 का शुभारंभ हो रहा है। आज का दिन सम्राट विक्रमादित्य का स्मरण करने का दिन है। सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी वीरता, गंभीरता, दानवीरता और लोकप्रियता के बल पर दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। भारतीय संस्कृति, पराक्रम, पुरुषार्थ, आनंद और उत्सव की संस्कृति है। प्रकृति में ऋतुओं का राजा बसंत है और भारतीय नववर्ष के मौके पर चारों ओर बसंत की आकर्षक छटा दिखाई देती है। सनातन संस्कृति में मौसम, ऋतुओं और मंगल तिथियों के आधार पर पर्व-त्यौहार मनाए जाते हैं। इन तिथियों पर मंगल कार्य संपन्न किए जाते हैं। इसलिए ऐसे त्योहारों की मंगलकामनाएं होनी चाहिए। जबकि शुभकामनाएं जन्मदिवस, यात्रा आरंभ, साक्षात्कार, परीक्षा जैसे अवसरों पर देनी चाहिए। नवरात्रि, रामनवमी, दशहरा जैसी मंगल तिथियां हैं, इसलिए मंगलकामनाओं का आदान-प्रदान ही उचित है। इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग में बरतें विशेष सावधानीमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक संसाधन जीवन को सुखद और आनंदमय बनाने के लिए हैं। बिजली से ए.सी. चलाते समय खिड़की-दरवाजे बंद रहने से संकट की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए घरों में बिजली के सर्किट, कॉमर्शियल लाइनें और उपभोक्ताओं की लाइनों की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। इलेक्ट्रिक व्हीकल की चार्जिंग के दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। रात में अपनी और परिवार की सुरक्षा की चिंता स्वयं करनी चाहिए। ऐसे सभी प्रयासों में सरकार हमेशा साथ खड़ी है। बुधवार को इंदौर में हुई अत्यंत दु:खद घटना में नागरिकों की असामयिक मृत्यु हुई है। राज्य सरकार विशेषज्ञों से चर्चा कर समस्या का सामाधान निकालने पर कार्य करेगी। कार्यक्रम को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, विधायक मधु वर्मा, मालिनी गौड़ और गोलू शुक्ला सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और बड़ी संख्या में स्थानीय जन उपस्थित थे।