फ्लिपकार्ट के वित्तीय नेतृत्व में हड़कंप, सीएफओ श्रीराम वेंकटरमन का इस्तीफा

नई दिल्ली दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स ने शुक्रवार को घोषणा की कि उनके मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) श्रीराम वेंकटरमैन कंपनी छोड़ देंगे। वेंकटरमैन ने कंपनी में एक दशक से अधिक समय तक सेवा दी है। हालाँकि, उन्होंने अगले कुछ महीनों तक अपनी भूमिका नहीं छोड़ी, ताकि बदलाव की प्रक्रिया क्रमिक रूप से पूरी तरह से हो सके। वित्त विभाग में अंतरिम व्यवस्थाकंपनी ने बताया कि यह कदम फाइनेंशियल ऑपरेशन की स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इस दौरान रवि अभिनव अंतरिम रूप से कंपनी के वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे, जब तक नए सीएफओ की नियुक्ति नहीं हो जाती। आई मंडल की तैयारी के बीच बदलावयह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब भारत में अपनी आई.आई.वी. की तैयारी कर रही है। लीडरशिप में बदलावों की नज़रों में महत्वपूर्ण घटनाएँ होती हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसकी डिजाइन योजना तय समय पर आगे बढ़ रही है। साथ ही, बेकर ने अपनी लीडरशिप टीम को मजबूत करते हुए निशांत वर्मा को सचिवालय और मैड्रिडशिप के लिए सीनियर वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। यह संकेत बताता है कि कंपनी अपने अगले पैमाने के चरणों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स का नवीनीकरण कर रही है। वित्तीय प्रदर्शन: राजस्व में वृद्धि, घाटा बढ़ामार्च 2025 में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का समेकित घाटा 5,189 करोड़ रुपये तक बढ़ गया। पिछले वित्तीय वर्ष 2024 में यह घाटा 4,248.3 करोड़ रुपये था। हालाँकि, कुल राजस्व 17.3 प्रतिशत प्रतिशत 82,787.3 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 70,541.9 करोड़ रुपये था। कंपनी का कुल खर्च भी इसी तरह बढ़ा, 17.4 प्रतिशत उछाल 88,121.4 करोड़ रुपये हो गया। स्टॉक-इन-ट्रेड और फाइनेंस कॉस्ट पर खर्चसबसे बड़ा खर्च स्टॉक-इन-ट्रेड की खरीद पर हुआ, जो 87,737.8 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 74,271.2 करोड़ रुपये था। इसके अलावा, फाइनेंस कॉस्ट में 57 फीसदी की तेजी आई और यह 454 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। भविष्य की दिशाइन बदलावों और वित्तीय प्रदर्शनों के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि जल्द ही आई फिल्में और सार्वजनिक बाजार में विस्तार की तैयारी की जा रही है। कंपनी का लक्ष्य मजबूत सुदृढ़ीकरण और सुव्यवस्थित वित्तीय संरचना के साथ वृद्धि और उद्यमियों का विश्वास सुनिश्चित करना है।
एक तस्वीर ने बदली जिंदगी परवीन बाबी से मिलने आया शख्स बना 80s का खतरनाक विलेन

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के 80 और 90 के दशक को याद किया जाए तो जहां एक तरफ दमदार हीरो का दौर था, वहीं दूसरी तरफ खतरनाक विलेन भी फिल्मों की जान हुआ करते थे. इसी दौर में एक ऐसा विदेशी चेहरा बार-बार बड़े पर्दे पर दिखाई देता था, जिसने अपनी मजबूत कद-काठी और डरावने अंदाज से दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली. यह अभिनेता थे बॉब क्रिस्टो, जिनकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. 20 मार्च 1938 को सिडनी में जन्मे बॉब क्रिस्टो का असली नाम रॉबर्ट जॉन क्रिस्टो था. वह पेशे से सिविल इंजीनियर थे और पढ़ाई के साथ-साथ थिएटर में भी रुचि रखते थे. उनकी जिंदगी सामान्य ढंग से चल रही थी, लेकिन एक दुखद घटना ने सबकुछ बदल दिया. उनकी पत्नी का एक सड़क हादसे में निधन हो गया, जिससे वह पूरी तरह टूट गए और उनकी जिंदगी एक नए मोड़ की ओर मुड़ गई. उनकी जिंदगी का सबसे दिलचस्प अध्याय तब शुरू हुआ जब उन्होंने एक मैगजीन के कवर पर मशहूर अभिनेत्री परवीन बाबी की तस्वीर देखी. इस एक तस्वीर ने उन पर ऐसा असर डाला कि वह उनसे मिलने भारत चले आए. मुंबई पहुंचकर उन्होंने परवीन बाबी को ढूंढ निकाला और उनसे मुलाकात की. यही मुलाकात उनकी किस्मत बदलने वाली साबित हुई. परवीन बाबी की मदद से उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री मिली और फिल्म अब्दुल्ला के जरिए उन्हें पहला बड़ा मौका मिला. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 80 और 90 के दशक में वह बॉलीवुड के सबसे चर्चित विदेशी विलेन बन गए. उनकी दमदार पर्सनैलिटी और एक्शन सीन ने उन्हें बाकी कलाकारों से अलग पहचान दिलाई. उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया, जिनमें कालिया, नमक हलाल, मर्द और मिस्टर इंडिया शामिल हैं. खास बात यह रही कि उनकी भिड़ंत अक्सर महानायक अमिताभ बच्चन और सुपरस्टार धर्मेंद्र जैसे सितारों के साथ होती थी. जब भी वह स्क्रीन पर इन बड़े सितारों के सामने आते, तो थिएटर में सीटियां और तालियां गूंज उठती थीं. बॉब क्रिस्टो की लंबी-चौड़ी काया और रौबदार व्यक्तित्व उन्हें परफेक्ट विलेन बनाता था. उन्होंने अपने करियर में करीब 200 फिल्मों में काम किया और हिंदी के साथ-साथ साउथ सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई. उनकी मौजूदगी ही किसी भी फिल्म में खतरे का एहसास पैदा कर देती थी. हालांकि समय के साथ उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और बेंगलुरु में बस गए. वहां उन्होंने योगा इंस्ट्रक्टर के रूप में एक नई जिंदगी शुरू की. ग्लैमर की दुनिया से दूर वह एक साधारण जीवन जीने लगे. 20 मार्च 2011 को 72 साल की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी यादें आज भी फिल्मों के जरिए जिंदा हैं. बॉब क्रिस्टो की कहानी यह साबित करती है कि कभी-कभी एक छोटा सा पल या एक तस्वीर भी किसी इंसान की पूरी जिंदगी बदल सकती है.
प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति प्रीमियम पेट्रोल 2 रुपए प्रति लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं लीटर हुआ महंगा, सामान्य ईंधन की कीमतों में कोई बदलाव नहीं

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच तेल विपणन कंपनियों ने शुक्रवार को प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। यह नई कीमत 20 मार्च से ही लागू हो गई है। सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ाई प्रीमियम पेट्रोल की कीमतहिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड सहित सभी सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने अपने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में लगभग 2.09 से 2.35 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बदलाव के साथ पावर पेट्रोल और एक्सपी95 जैसे किफायती ईंधन की कीमत 111.68 रुपये से बढ़कर लगभग 113.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है। सामान्य पेट्रोल और डीजल पर कोई असर नहींहालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रह रही हैं, जिससे आम वाहन चालकों को तुरंत राहत मिली है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर उन फायदों पर पड़ेगा जो हाई-ऑक्टेन या प्रीमियम पेट्रोल का इस्तेमाल करते हैं। प्रीमियम पेट्रोल की लोकप्रियता और असरप्रीमियम पेट्रोल आमतौर पर बेहतर इंजन चलाने, लोडिंग ड्राइविंग और हाई माइलेज के लिए जाना जाता है। कीमत बढ़ने से कार और बाइक मालिक की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। खासकर मेट्रो शहरों और हाई-परफॉर्मेंस वालों का इस्तेमाल करने वाले लोग इसका ज्यादा असर महसूस करेंगे। अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और कीमतों में उछालसरकार या तेल कंपनियों ने अभी तक इस बढ़ोतरी की आधिकारिक वजह नहीं बताई है। बेंचमार्क का रुख है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और लॉजिस्टिक्स लागत इसके मुख्य कारण हैं। 19 मार्च को वैश्विक तेल बाजार में 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी से दर्ज की गई थी। ब्रेंट क्रूड का भाव 111.78 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड लगभग 99.57 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। पश्चिम एशिया में तनाव और ऊर्जा सुरक्षाविशेषज्ञों के अनुसार, यह उछाल इजरायल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले और इसके जवाब में ईरान द्वारा कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर पर हमले के बाद आया। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे पूरी दुनिया में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। भारत जैसे देश, जो अपनी करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल की ज़रूरत आयात से पूरी करते हैं, ऐसे वैश्विक घटनाओं से सीधे प्रभावित होते हैं। बची हुई कंपनियों ने आम पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखी हैं, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार के दबाव को दर्शाती है। भविष्य में संभावित बदलावउद्योग विश्लेषक का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव जारी रहता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में घरेलू ईंधन कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस पर रेखांकित किया: आनंद धन से नहीं, अंतस से आता है

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जीवन का सच्चा आनंद भौतिक सुख सुविधाओं में नहीं बल्कि मन और अंतस में जागे भावों की संतुष्टि में निहित है। वे शुक्रवार को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में अंतर्राष्ट्रीय खुशहाली दिवस और आनंद के आयाम राष्ट्रीय संगोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं और सहभागी जनों को संबोधित कर रहे थे।आनंद का सन्देश मुख्यमंत्री ने कहा कि आनंद केवल स्वार्थ या व्यक्तिगत सुख में नहीं बल्कि दूसरों के सुख में भी अपनी खुशी महसूस करना भारतीय संस्कृति का आधार है। जीवन में आनंद के आयाम को समझने से हमारे सुख दुःख के अंतर का भी ज्ञान होता है। आदिकाल से भारतीय संस्कृति वसुधैव कुटुम्बकम की मान्यता पर आधारित रही है जिसमें परिवार और सामूहिक आनंद को विशेष महत्व दिया गया है। संगोष्ठी और पुरस्कार वितरण मुख्यमंत्री ने 14 से 28 जनवरी तक आयोजित आनंदोत्सव के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। फोटोग्राफी में प्रथम पुरस्कार मिलिंद कुमार ₹25,000 द्वितीय शैलेंद्र बिहार ₹15,000 तृतीय सीमा अग्निहोत्री ₹10,000 वीडियोग्राफी में प्रथम पुरस्कार सैयद अफजान ₹25,000 द्वितीय राजा खान ₹15,000 तृतीय जीवन रजक ₹10,000 सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टांत डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण माता देवकी और यशोदा मैया के जीवन से प्रेरणा देते हुए बताया कि कठिनाइयों के बावजूद आनंद की अनुभूति भीतर से होती है। सिंहस्थ मेले में साधु संतों के तप और साधना के माध्यम से आनंद अनुभव करने के उदाहरण साझा किए। महर्षि मधुसूदन जी महाराज ने बताया कि वेदांत में आनंद ही ब्रह्म है और यह पूरे संसार को गति देता है। आनंद विभाग की पहल प्रदेश के सभी ब्लॉक स्तर पर सरकारी कर्मचारियों के लिए आनंद और खुशहाली गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज स्तर पर मानवीय मूल्यों और प्रसन्नता की शिक्षा दी जा रही है। आनंद विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा अगर हमारे चित्त में प्रसन्नता है तो समझिए सारा संसार खुश है।” संगोष्ठी में उपस्थित गणमान्यजन श्री अभय महाजन श्री कमलेश पटेल डॉ. जामदार आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी के महानिदेशक श्री सचिन सिन्हा राज्य आनंद संस्थान के सीईओ श्री आशीष कुमार उप निदेशक श्री प्रवीण गंगराड़े और प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए आनंदक एवं गणमान्यजन।कार्यक्रम समन्वयक श्री मनु दीक्षित ने सभी का आभार माना।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- भारत वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में बना रहा महत्वपूर्ण भूमिका

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में भारत एक अहम भूमिका निभा रहा है। देश की ऊर्जा नीति अब विद्युतीकरण, स्वच्छ ऊर्जा और घरेलू विनिर्माण पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया, विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने एक आलेख साझा किया। व्यावसायिक उद्यम और आत्मनिर्भरता पर ज़ोरप्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत के ऊर्जा परिवर्तन, व्यावहारिक नीतिगत निर्णय और आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा, “स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को बढ़ाना, विद्युतीकरण को बढ़ावा देना और घरेलू बाजार को मजबूत करने के प्रयास से भारत वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में मजबूत हो रहा है।” विद्युतीकरण और स्वच्छ ऊर्जा: भारत की देशभक्तिमोदी ने आगे कहा कि विद्युतीकरण, स्वच्छ ऊर्जा और विनिर्माण पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ भारत वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में चौथा अध्याय लिखा जा रहा है। उन्होंने इस बदलाव से देश की विकास यात्रा और आत्मनिर्भर भारत की रणनीति के बारे में बताया। लेख के माध्यम से जनता को सुझाव देनाप्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल रेखा द्वारा लिखित एक लेख भी साझा किया और पाठकों से अनुरोध किया कि वे इसे पढ़ें। इसके अलावा वैयक्तिक लोगों को भारत के ऊर्जा साझीदारों और उनके शानदार सामानों की जानकारी मिली। पीएम मोदी ने कहा, “मनोहर लाल इस बात पर विचार रख रहे हैं कि भारत किस प्रकार एक मजबूत ऊर्जा इको-सिस्टम को शक्ति प्रदान कर रहा है और भविष्य की स्थिरता के लिए एक प्रतिष्ठित पर्यावरणीय तैयारी कर रहा है।” घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को स्थानप्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा रणनीति में घरेलू उत्पादन को मजबूत करना अहम है। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा और विद्युतीकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश के आर्थिक विकास और संकट में भी मदद मिलेगी। वैश्विक ऊर्जा पर भारत की बहुसंख्यक भूमिकाप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत लगातार प्रयास कर रहा है कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में एक खिलाड़ी बने। स्वच्छ ऊर्जा और विद्युतीकरण में बढ़त के साथ, भारत वैश्विक किशोरी और प्रौद्योगिकी नवाचार में प्रमुख भूमिका निभा रही है। यह केवल देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को मजबूत करना है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में भी भारत की भागीदारी हासिल करना है।
सलमान खान के साथ नजर आने वाला ये हीरो आज निभाता है पिता के रोल पहचानना मुश्किल

नई दिल्ली:बॉलीवुड की दुनिया में कई ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने अपनी शुरुआत तो शानदार की लेकिन समय के साथ उनका करियर एक अलग मोड़ लेता चला गया. ऐसे ही एक अभिनेता हैं विवेक मुशरन, जिन्हें एक समय में चॉकलेट हीरो के रूप में जाना जाता था. उनकी मासूमियत और क्यूट लुक ने दर्शकों का दिल जीत लिया था लेकिन अब वही अभिनेता पूरी तरह बदल चुके हैं और उन्हें पहचान पाना भी आसान नहीं है. विवेक मुशरन ने फिल्म सौदागर से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. यह फिल्म उस दौर में काफी चर्चित रही और दर्शकों ने विवेक को खूब पसंद किया. उनके अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें एक उभरता हुआ स्टार बना दिया था. उस समय यह माना जा रहा था कि वह इंडस्ट्री के बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं. हालांकि आगे चलकर उनका करियर उस दिशा में नहीं बढ़ पाया जिसकी उम्मीद की जा रही थी. हाल ही में उनका एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वह सुपरस्टार सलमान खान के साथ नजर आ रहे हैं. इस वीडियो में उनकी मासूमियत और उस दौर की सादगी साफ झलकती है. दिलचस्प बात यह है कि इस वीडियो में सलमान खान और एंकर के बीच हल्की बहस चल रही है, जबकि विवेक शांत बैठे दिखाई दे रहे हैं. फैंस इस वीडियो को देखकर हैरान हैं और पुराने दिनों को याद कर रहे हैं. फिल्मों में कुछ शुरुआती सफलताओं के बाद विवेक मुशरन का करियर धीरे धीरे साइड रोल्स की तरफ मुड़ गया. उन्होंने कई फिल्मों में छोटे लेकिन महत्वपूर्ण किरदार निभाए. इसके बाद उन्होंने टीवी इंडस्ट्री का रुख किया जहां उन्हें एक नया मंच मिला. छोटे पर्दे पर भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई और कई लोकप्रिय शोज का हिस्सा बने. टीवी सीरियल सोनपरी में उनका किरदार काफी चर्चित रहा और यह शो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है. इसके अलावा वह कई अन्य टीवी सीरियल्स में भी नजर आए और अपने अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन करते रहे. समय के साथ उन्होंने अपने करियर को एक नई दिशा दी और खुद को लगातार एक्टिव बनाए रखा. आज की बात करें तो विवेक मुशरन का लुक पूरी तरह बदल चुका है. उनके बाल, चेहरा और पर्सनैलिटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है. एक समय में जो अभिनेता युवा और चॉकलेटी हीरो के रूप में जाने जाते थे, आज वे पिता के किरदार निभाते नजर आते हैं. उनके किरदारों में अब परिपक्वता और अनुभव साफ दिखाई देता है. विवेक सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं और अपने प्रोजेक्ट्स और निजी जीवन से जुड़ी अपडेट्स फैंस के साथ साझा करते हैं. हाल ही में उन्होंने अपनी शॉर्ट फिल्म ‘जिद’ के बारे में जानकारी दी, जो एक इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चयनित हुई है. यह उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है और उनके करियर में एक नई पहचान जोड़ती है.
नवरात्रि व्रत में मखाना: हल्का, पौष्टिक और ऊर्जा से भरपूर, व्रत का सर्वोत्तम आहार

नई दिल्ली । नवरात्रि के नौ दिवसीय व्रत में आहार का चुनाव बहुत मायने रखता है। आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञ मानते हैं कि मखाना व्रत के लिए सबसे अच्छा और सात्विक आहार है। यह हल्का आसानी से पचने वाला और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। मखाने का सेवन शरीर को ऊर्जा देता है थकान दूर करता है और व्रत के दौरान कमजोरी नहीं होने देता। उत्तर प्रदेश कल्चरल डिपार्टमेंट के अनुसार व्रत का असली सार है आस्था अनुशासन और स्वास्थ्य का संतुलन। मखाना इस संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। मखाने के स्वास्थ्य लाभ ऊर्जा और ताकत: मखाना में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट पर्याप्त मात्रा में होते हैं जिससे लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है और व्रत के दौरान भूख और कमजोरी कम लगती है। पाचन स्वास्थ्य: इसमें हाई फाइबर पाया जाता है जिससे पाचन सुधरता है कब्ज नहीं होती और पेट हल्का रहता है। ब्लड शुगर नियंत्रण: मखाने में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है इसलिए यह डायबिटीज में भी फायदेमंद है। दिल और हड्डियां: पोटैशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखते हैं जबकि कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। इम्यूनिटी और त्वचा: एंटीऑक्सीडेंट से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है सूजन कम होती है और त्वचा स्वस्थ रहती है। वजन नियंत्रण: कम कैलोरी और हाई फाइबर होने के कारण यह वजन बढ़ने नहीं देता। व्रत में मखाने का सेवन मखाना को कई तरीकों से खाया जा सकता है: घी में भूनकर: कुरकुरे और स्वादिष्ट स्नैक के रूप में। दूध में डालकर खीर: मीठा और पौष्टिक विकल्प। सादा स्नैक: हल्का और आसानी से पचने वाला।इस प्रकार मखाना न सिर्फ व्रत को सात्विक और पौष्टिक बनाता है बल्कि शरीर और मन को हल्का ऊर्जा से भरपूर और स्वस्थ रखता है।
ऑटो इंडस्ट्री पर फिलहाल कोई असर नहीं, महिंद्रा-मारुति-टाटा-किआ प्रोडक्शन जारी

नई दिल्ली खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण भारत की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के भविष्य में इतिहास से जुड़े महाकाव्य का सामना हो सकता है। हालांकि, महिंद्रा सुजुकी, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और किआ इंडिया की फैक्ट्रियों पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ा है। उद्योग के उद्यम का कहना है कि अगर स्थिति समान बनी रही तो 4 से 6 उद्यम के अंदर प्रभाव दिखाई देता है। गैस गैजेट पर चिंताऑटो सेक्टर में सबसे बड़ी चिंता गैस पेट्रोल को लेकर है। कई मैन्युफैक्चरिंग स्टोर्स में गैस का अहम उपयोग होता है, जैसे कि पेंट शॉप, एस्बेस्टस यूनिट और फोर्जिंग। यदि गैस की कमी बनी रहती है तो कच्चे माल की कीमत बढ़ सकती है और उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। एनडीटीवी प्रोफिट की रिपोर्ट के मुताबिक, कई सप्लायर्स ने सबसे पहले मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण देरी की समस्याओं की जानकारी दी है। विशेष रूप से कतर से गैस गैसोलीन लगभग बंद हो गया है, क्योंकि वहां ईरान के मिसाइलों और तूफान तूफान से उत्पादन प्रभावित हुआ है। कंपनी के पास ऑटोमोबाइल स्टॉकनोएडा के पास 4 से 6 ग्रेटर का कंपोनेंट स्टॉक मौजूद है, जिससे उन्हें कुछ समय के लिए राहत मिल गई है। इंस्टीट्यूट इंस्टीट्यूट्स का कहना है कि अगर संकट दो महीने के लिए बचा है, तो वास्तविक समस्याएं शुरू हो सकती हैं, खासकर उन कॉलेजों में जहां ज्यादा ऊर्जा की जरूरत है। फ़्रॉस्ट चेन स्थिर लेकिन ऑपरेटिंग सिस्टमबड़ी ऑटो कंपनी ने कहा है कि उनके उत्पादन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। सरकार के अनुसार, शैतान चेन अभी स्थिर है, लेकिन शीशों पर नजर रखी जा रही है। सप्लायर्स के साथ लगातार संपर्क में हैं, विशेष रूप से उन सप्लायर्स के साथ जो महत्व या गैस पर मुख्य रूप से सहमत हैं। संस्था के अधिकारियों ने कहा कि स्थिति तेजी से बदल रही है और ऋण अधिग्रहण पर तुरंत निर्णय लेने की तैयारी है। अलग-अलग इंजीनियरों की गैस कंपनीरिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग कंपनियों में गैस पर कारोबार अलग-अलग है। मारुति सुजुकी की फैक्ट्रियों में गैस पर लगभग 74 प्रतिशत है, जबकि महिंद्रा और महिंद्रा में 38 प्रतिशत, टाटा मोटर्स में 33 प्रतिशत और हुंडई मोटर में 31 प्रतिशत है। इसका मतलब यह है कि यदि गैस स्टेशन लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो अलग-अलग कंपनियों पर अलग-अलग तरह का प्रभाव पड़ता है। भविष्य की चुनौतीभारत का ऑटो सेक्टर इस संकट से सुरक्षित नजर आ रहा है। लेकिन आने वाले हफ्ते बेहद अहम होंगे, जो तय करेंगे कि केवल रामबाण की मांग सीमित है या बड़े पैमाने पर संकट में है। औद्योगिक अधिकारियों का आरोप है कि व्यापारी डूबे हुए हैं और किसी भी स्थिति में तुरंत मैडम कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
“पंजाब किंग्स को चैंपियन बनाना मेरा लक्ष्य”: सूर्यांश शेडगे का आत्मविश्वासी बयान

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग-2026 की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है। पिछले सीज़न के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स कॉलेज (आरसीबी) से हारून वाली पंजाब किंग्स इस बार अपने पहले खिताब की तलाश में मैदान में उतरेगी। मुंबई की ओर से घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट वाले और आईपीएल में पंजाब किंग्स का हिस्सा सूर्यांश शेडगे ने सीजन की शुरुआत से पहले अपनी तैयारी, टीम के मनोबल पर आईएएनएस से खास बातचीत की। लगातार मेहनत और तैयारीसूर्यांश कर शेडगे ने कहा, “पिछले एक महीने में हमने थ्री-चार टेस्ट मैच खेला और व्हाइट-बॉल क्रिकेट पर भी लगातार काम किया। आधुनिक क्रिकेट में तीन खिलाड़ियों के बीच बैलेंस बनाना बेहद जरूरी है। यह एक प्रक्रिया है, और मैं उसी पर आश्वस्त हूं। आईपीएल की तैयारी पिछले साल खत्म होने के तुरंत बाद से शुरू हो गई थी।” प्रदर्शन और आत्म-मूल्यांकनशेडेज ने अपने प्रदर्शन में कहा कि उसके पास हमेशा के लिए बड़ी सुविधाएं हैं। “मुझे जो मशीन मिली, उन्हें मैं और बेहतर कर सकता था। अब मैं अपनी आंखों को पहचानकर उन पर काम करने में विश्वास रखता हूं। जब आपको पता चलेगा कि कहां सुधार करना है, तो वही विकास की शुरुआत है।” दबाव में मानसिक संतुलनबड़े मुकाबलों में भावनाओं पर नियंत्रण की आवश्यकता पर उन्होंने कहा, “करियर की शुरुआत में मैं काफी उदासीन हो गया था, लेकिन समय के साथ-साथ अगर अस्थिर अस्थिर तो प्रदर्शन भी प्रभावित होता। अब मैं मानसिक संतुलन बनाए रखने की स्थिति के अनुसार निर्णय लेता हूं।” फाइनल का अनुभव- हार से सीखेंपिछले सीज़न के फ़ाइनल का ज़िक्र करते हुए शेडगे ने कहा कि हार ने टीम और उन्हें व्यक्तिगत रूप से मजबूत बनाया। “मुझे हारना पसंद नहीं है, लेकिन फाइनल ने हमें सिखाया कि हारना नहीं बल्कि सीखना चाहिए। यह हमें एक टीम और इंसानियत के साथ-साथ मजबूत संस्थाएं भी हैं।” टीम ऑटोमोबाइल और कोचिंग स्टाफकोच रिकी पोटिंग और कैप्टन श्रेयस अली के साथ उनके साथी ने मिलकर जॉइनिंग में मदद की। विराट कोहली से मिलने का अनुभवआईपीएल में अपने आदर्श विराट कोहली से मुलाकात की याद साझा करते हुए शेडगे ने कहा, “जब मैंने पहली बार हाथ मिलाया, मेरे रोंगटे हो गए। बचपन से मैंने उन्हें देखा। उनके साथ साझा करना मेरे लिए किसी सपने का सच होना जैसा था।” लक्ष्य-अंतर्निहित, नामांकित और क्षेत्ररक्षण में योगदानपिछले सीज़न का आकलन करते हुए शेडेज ने स्वीकार किया कि टीम ने अच्छा खेल दिखाया, लेकिन लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, “कभी-कभी सब कुछ सही होने के बावजूद नतीजे आपके पक्ष में नहीं आते। लेकिन इसे सीखने का अवसर माना जाता है। हमारा स्पष्ट लक्ष्य आईपीएल 2026 का खिताब जीतना है, और मैं टीम के लिए उल्लेखनीय योगदान देना चाहता हूं।
टी20 सीरीज में न्यूज़ीलैंड का दबदबा, तीसरे मैच में SA को दी 8 विकेट से मात

नई दिल्ली ईडन पार्क, ऑकलैंड से: तीसरे टी-20 में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 8 विकेट से हरा दिया और सीरीज के तीन मैचों में 2-1 से बढ़त हासिल कर ली। ईडन पार्क में खेले गए इस शॉक में कीवी टीम को 137 विकेट का लक्ष्य मिला, जिसमें उन्होंने 16.2 ओवर में केवल 2 विकेट खोकर हासिल किए। इस जीत ने न्यूजीलैंड को सीरीज़ ऑफर की और कैप्टन सेंटनर की टीम को एक साथ भर दिया। शानदार, कॉनवे-लैथम ने ठोस साझेदारी बनाई137 पोर्ट के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत शानदार रही। पहले विकेट के लिए डेवोन कॉनवे और टॉम लैथम ने 11 ओवर में 96 रन बनाए। कॉनवे ने 26 गेंदों में 2 छक्कों और 4 चौकों की मदद से 39 रन बनाए, लेकिन फिर केशव महाराज की गेंद आउट हो गई। इसके बाद लैथम ने टिम रॉबिन्सन के साथ दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की पारी खेली। लैथम का शतक सैट-सा प्रदर्शन, निक केली भी साथजीत के लिए जब सिर्फ 1 रन की जरूरत थी, तब रॉबिन्सन एल सिपामला का शिकार बने। रॉबिन्सन ने 17 गेंदों पर 17 रन बनाए। इसके बाद टॉम लैथम ने अपनी टीम को जिताया। लेफ्ट हैंड के इस बल्लेबाज ने 55 बॉल में 63 रन बनाए और शानदार बॉलिंग कर टीम को जीत तक पहुंचाया। उनके साथ निक केली ने लगातार 1 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। इस तरह न्यूजीलैंड ने 16.2 ओवर में 2 विकेट खोकर 137 रन बनाकर मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम किया। दक्षिण अफ्रीका का शीर्ष क्रम फेल, मोकोएना ने कमाल कियाइससे पहले टॉस हारकर ने पहली बार दक्षिण अफ्रीका की टीम के लिए 9 विकेट पर बल्लेबाजी करते हुए केवल 136 रन ही बनाए थे। टीम का शीर्ष क्रम पूरी तरह से फ्लॉप हो रहा है। दसवें नंबर पर नाटकीय प्रदर्शन करने वाले एन मोकोएना ने 20 गेंदों में 3 छक्कों और 1 की मदद से 26 रन बनाए और श्रेष्ठ स्कोरर बने। वहीं जॉर्ज लिंडे ने 23 रन बनाकर टीम पर कुछ हद तक कब्जा कर लिया। न्यूजीलैंड के रिपब्लिक ने भी खेला दमदार प्रदर्शनन्यूजीलैंड के लिए काइल जैमिसन, कैप्टन सेंटनर और बेंजामिन सियर्स ने 2-2 विकेट लिए, जबकि लोकी फर्ग्यूसन, कोले मोकोन्ची और जेम्स निशम ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। विशेष रूप से लॉकी फर्ग्यूसन ने 4 ओवर में सिर्फ 9 रन देकर 1 विकेट लिया और प्लेयर ऑफ द मैच घोषित हो गए। उनकी तेज और धारदार गेंदबाजी ने दक्षिण अफ्रीका की उम्मीदों को पानी फेर दिया। इस बेल्जियम में न्यूजीलैंड की टीम ने दोनों में शानदार संतुलन दिखाया। लैथम की गेमप्ले और फर्ग्यूसन की बढ़त से टीम ने आसानी से जीत हासिल की और सीरीज में बढ़त बना ली। दक्षिण अफ्रीका का शीर्ष क्रम पूरी तरह से विध्वंस जारी है, जिससे उन्हें 137 पूर्वी तट का पीछा करते हुए संघर्ष करना पड़ा।