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दिमाग तेज और नींद बेहतर, ब्राह्मी दूध के फायदे और सेवन का सही तरीका

नई दिल्ली आयुर्वेद में ब्राह्मी को मस्तिष्क के लिए संजीवनी माना गया है। यह एक ऐसी स्वास्थ्यवर्धक औषधि है, जो मानसिक स्वास्थ्य, नींद और याददाश्त को बेहतर बनाने में बेहद प्रभावशाली है। अगर दूध इसके साथ लिया जाए तो इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं। ब्राह्मी दूध कैसे बनायेएक दूध के थैले को अच्छी तरह से गर्म करें और इसमें आधे हिस्से में ब्राह्मी केक शामिल हों। स्वाद और अतिरिक्त लाभ के लिए इसमें कालीमिर्च दाल भी बनाई जा सकती है। यह रात में सोने से लगभग एक घंटा पहले घटित होता है। नींद में सुधार और तनाव से राहतब्राह्मी दूध का नियमित सेवन दिमाग को शांत करता है और तनाव को कम करता है। इससे (इन्सानानंद न आने की समस्या) राहत मिलती है और गहराई में, सार्वभौम भरी नींद आती है। याददाश्त और फोकस बढ़ाने में मददब्राह्मी मस्तिष्क की साबिरा का प्रदर्शन सबसे अच्छा है। यह याददाश्त तेज करने, ध्यान केंद्रित करने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है–विशेषकर छात्रों और मानसिक काम करने वालों के लिए। तंत्रिका तंत्र और थकान पर असरयह तंत्रिका तंत्र को आराम देता है, जिससे चिंता कम होती है और शरीर की थकान दूर होती है। लगातार कमजोरी या मानसिक थकावट में भी यह उपयोगी है। त्वचा और शरीर पर भी पड़ता है असरब्राह्मी रक्त को शुद्ध करने में मदद करता है, जिससे त्वचा में निखार आता है और शरीर अंदर से स्वस्थ रहता है। सावधानी भी जरूरीहालाँकि ब्राह्मी दूध फायदेमंद है, लेकिन गर्भवती महिलाओं या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को इसका सेवन पहले डॉक्टर की सलाह से जरूर करना चाहिए। साथ ही, अधिक मात्रा में सेवन से परहेज।

फाइबर का पावरहाउस कटहल, गर्मियों में सेहत और दिल दोनों का रखे ख्याल

नई दिल्ली  गर्मियों के मौसम में आसानी से मिलने वाला कटहल सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का भी खजाना है। इसे ‘सब्जियों का सुपरफूड’ कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में वनस्पति, विटामिन और मसाले पाए जाते हैं। सही तरीके से बनाया जाए तो यह शरीर को पोषण देने के साथ कई आश्रय से मुक्ति में भी मदद करता है। कार्बोहाइड्रेट का सबसे अच्छा स्रोत, पाचन तंत्रकटहल में मौजूद उच्च कार्बोहाइड्रेट पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह शौचालय की सफाई में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्या से राहत दिलाता है। नियमित सेवन से पेट साफ रहता है और स्वास्थ्य बेहतर रहता है। दिल के लिएउपयोगी कटहल में असिस्ट की अच्छी मात्रा होती है, जो ब्लड यूनिट को नियंत्रित करने में मदद करती है। इससे जुड़े दिल से जुड़े खतरे कम होते हैं और लेवल स्तर भी स्थिर रहते हैं। आवेदकों के लिए भी उपयोगीकम गैलेक्टेमिक वैज्ञानिकों के कारण कटहल ब्लड शुगर को तेजी से नहीं मिला। इसलिए सीमित मात्रा में इसका सेवन जहर के रूप में भी हानिकारक माना जाता है। त्वचा और बालों को सुंदर बनाया जाता हैइसमें मौजूद विटामिन ए और सी त्वचा को निखारने और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह शरीर को पोषण से लेकर चमक बढ़ाने में सहायक होता है। सेवन में सावधानी बरतेंहालाँकि कटहल मछली है, लेकिन यह भारी और पतली होती है। जिन लोगों को गैस, पेट या पाचन संबंधी समस्या होती है, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। यह आसानी से पचता है।

International Energy Agency की बड़ी सलाह, ऊर्जा संकट से निपटने के लिए वर्क फ्रॉम होम से आधुनिक कुकिंग तक सुझाव

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़े असर के बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने दुनिया को संभावित ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई बड़े सुझाव दिए हैं। एजेंसी के अनुसार, मौजूदा हालात वैश्विक तेल बाजार के इतिहास के सबसे बड़े सप्लाई संकटों में से एक बन सकते हैं, जिसका असर आने वाले समय में अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर भी साफ दिखाई देगा। IEA के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फतिह बिरोल ने कहा कि अगर इस संकट का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो ऊर्जा की सप्लाई में भारी उछाल और सप्लाई में कमी जैसे हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में ज़िलों, कंपनियों और आम लोगों को मिलकर ईंधन की खपत कम करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। वर्क फ्रॉम होम और ट्रांसपोर्ट में कटौती पर जोरIEA ने सुझाव दिया है कि जहां संभव हो, लोगों को वर्क फ्रॉम होम अपनाना चाहिए। इससे रोजाना ऑफिस आने-जाने में खर्च होने वाले ईंधन की बचत होगी। साथ ही अनावश्यक हवाई लेवल को कम करने की भी सलाह दी गई है, क्योंकि इससे जेट ईंधन की मांग में कमी आएगी और ऊर्जा संकट का दबाव घटेगा। आधुनिक कुकिंग और एलपीजी पर निर्भरता कम करने की सलाहरिपोर्ट में कहा गया है कि एलपीजी की बढ़ती मांग को देखते हुए लोगों को इलेक्ट्रिक कुकिंग जैसे विकल्प अपनाने चाहिए। इससे गैस की खपत कम होगी और जरूरी सेवाओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता बनी रहेगी। उद्योगों को भी एलपीजी के विकल्प जैसे नेफ्था का उपयोग करने की सलाह दी गई है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बदलाव जरूरीआईईए ने सड़क परिवहन में ईंधन बचाने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। इसमें निजी गाड़ियों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाना, कार शेयरिंग को बढ़ावा देना और हाईवे पर गाड़ियों की स्पीड कम करना शामिल है। साथ ही माल गाड़ियों में दक्षता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। ग्रामीणों को निभानी होगी बड़ी भूमिकारिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रामीणों को लक्षित सहायता योजनाएं लागू करनी चाहिए, ताकि जागरूकता लोगों को ही मदद मिले और संसाधनों का सही उपयोग हो सके। साथ ही जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को ऊर्जा बचाने के लिए प्रेरित करना भी जरूरी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर असर से बढ़ती चिंताआईईए के अनुसार, वैश्विक तेल संसाधनों का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है, लेकिन मौजूदा तनाव के चलते इस अहम मार्ग पर बिगड़ी हुई प्रभावित हुई है। आमतौर पर यहां से रोजाना करीब 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता है, लेकिन परिस्थितियां बिगड़ने से संसाधनों में बड़ी बाधाएं देखी जा रही है।

रिपोर्ट का दावा, अपस्ट्रीम ऑयल और सर्विस कंपनियों को मिल सकता है बड़ा बूस्ट

नई दिल्ली .खाड़ी देश में एनर्जी इंफ्रा कंपनी पर उठे दावे के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल और गैस की कमी में तेजी से अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियों को फायदा हो सकता है, जबकि डाउनस्ट्रीम कंपनियों और अंतिम कंपनियों की मुश्किलें बढ़ने का खतरा है। फायदे में कौन, नुकसान में कौन?एपमस्ट्री निर्माता वे होते हैं जो कच्चे तेल का उत्पादन करते हैं, इसलिए कीमत बढ़ने पर उनकी आय सीधे तौर पर बहुत कम हो जाती है। वहीं, डाउनस्ट्रीम बिल्डर-जो रिफाइनिंग और वितरण का काम करता है-उच्च लागत के कारण दबाव में है। ऊर्जा क्षेत्र में तेजी का असरसिस्टेमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ऊर्जा क्षेत्र में वृद्धि और विक्रय में, विशेष रूप से भारत जैसे महत्वपूर्ण देशों में, उग्रवाद का प्रभाव वैश्विक स्तर पर है। रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में उत्पादित और सैटलाइट को पूरी तरह से बहाल होने में लंबा समय लग सकता है, जिससे लंबे समय तक बाजार में मिश्रण बना रह सकता है। तेल मिश्रण और आय में बड़ी गिरावटरिपोर्ट में बताया गया है कि मार्च के आरंभ में भारत के कच्चे तेल का आंकड़ा 1.9 मिलियन प्रति सप्ताह था, जबकि फरवरी में यह करीब 25 मिलियन प्रति सप्ताह था। वैश्विक स्तर पर भी वैश्विक स्तर पर गिरावट आई है – मार्च के दूसरे सप्ताह में यह आंकड़ा 184 मिलियन प्रति सप्ताह रहा, जो फरवरी में लगभग 268 मिलियन प्रतिशत था। सऊदी अरब, इराक़ और संयुक्त अरब अमीरात से कब्रिस्तान सऊदी अरब, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख तेल उत्पादक देशों में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। इसके विपरीत, युनाइटेड स्टेट्स से तेल कंबाइंड में प्लांटेशन देखने को मिला है, जो ग्लोबल सप्लाई बैलेंस बनाने की कोशिश का संकेत है। एलएनजी की फैक्ट्री, व्यवसायियों पर दबाव रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और भारत जैसे देशों में एल इजाज़त की कमी है। इसकी कंपनी एलएलसी की प्रॉपर्टी तेजी से बढ़कर 10 डॉलर प्रति माह बीटीयू से करीब 20 डॉलर प्रति बीटीयू तक पहुंच गई है। भारत जैसा राष्ट्र पर प्रभावशालीअंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संरक्षण के लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। कच्चे तेल और गैस का सीधा असर पेट्रोल-डीजल, बिजली और अन्य उद्योगों की लागत पर पड़ता है, जिससे संतुलन बढ़ सकता है। स्थिर उद्यमों में जहां अपस्ट्रीम कंपनी के लिए यह अवसर बन सकता है, वहीं डाउनस्ट्रीम सेक्टर और सामान्य उद्यमों के लिए नौकरियां बढ़ने वाली हैं।

ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत का कदम, अमेरिका से LPG आयात शुरू

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने गैस स्टार्टअप को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ किया है कि अब भारत मध्य पूर्व के साथ-साथ संयुक्त राज्य अमेरिका से भी तेल (एलपीजी) का आयात किया जा रहा है, ताकि रसायन शास्त्र चेन सुचारु बने रहे और बौद्ध धर्म को किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार का भरोसा: देश में गैस की कोई कमी नहींपेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि स्थायी दरें तो जरूर हैं, लेकिन देश में किसी भी गैस वितरक पर गैस खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और चिंता की कोई जरूरत नहीं है। ऑफ़लाइन फ़्रेम और प्लेटफ़ॉर्म मजबूत सिस्टमसरकार के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट का ऑफलाइन स्टॉक 94% तक पहुंच चुका है, जबकि करीब 83% स्टूडियो ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए जा रहा है। यह वितरण प्रणाली अधिक बंधन और तेज बनी हुई है। विचारधारा में दस्तावेज़ी काम, डेमोक्रेट सामान्यसुझाव शर्मा ने बताया कि लोगों में तनाव कम हो रहा है और सामान्य स्तर का समर्थन किया जा रहा है। रविवार को करीब 57 लाख रिफिल शॉकर का स्टॉक बंद हो गया, जो सामान्य मांग के मुताबिक है। पीएनजी और सीएनजी की किताब 100% जारीसरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है। लोगों की ओर से अपील की गई है कि जहां संभव हो, वहां की जगह बारूद का इस्तेमाल किया जाए। पिछले तीन दिनों में 5,600 से अधिक उपभोक्ता विक्रय में बदलाव हुए हैं। तेल का ढांचा तैयार किया गयासरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए संसाधनों में विविधता लाई है। अब भारत का करीब 70% कच्चा तेल मध्य पूर्व से बाहर हो रहा है, जिसमें रूस और नाइजीरिया जैसे देश शामिल हैं। ब्लैक मार्केटिंग पर हजारों इंट्रेस्टसरकार ने राज्य को जामखोरी और कालाबाजारी पर रोक के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। संस्थागत में लगभग 6,000 आक्रमणकारी मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या में गैस में ज़ब्तियाँ शामिल थीं। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा एक्शन देखने को मिला। पोर्टेबल और इंजीनियर सुरक्षितबंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय जहाज और नाविक सुरक्षित हैं। वर्तमान में 22 भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास मौजूद हैं और दरवाजों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि स्थिर वैश्विक तनाव के बावजूद देशों में गैस और ऊर्जा के उत्सर्जन पर पूरी तरह से नियंत्रण है और किसी भी संकट से मुक्ति के लिए ठोस तैयारी की गई है।

चैत्र नवरात्र: पालकी पर आगमन और हाथी पर प्रस्थान के संकेत..

नई दिल्ली: देशभर में मनाए जाने वाले पावन पर्व चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से माना जाता है। यह पर्व न केवल शक्ति की उपासना का प्रतीक है, बल्कि नए हिंदू वर्ष की शुरुआत और जीवन में आने वाले बदलावों के संकेत भी देता है। इस वर्ष 19 मार्च से नवरात्र की शुरुआत हुई है और श्रद्धालु मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना में लीन हैं। मान्यता है कि नवरात्र में माता दुर्गा के आगमन और प्रस्थान की सवारी आने वाले समय के संकेत देती है। इस बार मां जगदम्बा का आगमन गुरुवार के दिन पालकी पर हुआ है। शास्त्रों के अनुसार, पालकी पर आगमन को सामान्यतः शुभ संकेत नहीं माना जाता। इसे प्राकृतिक आपदाओं, सामाजिक अस्थिरता या आर्थिक चुनौतियों का संकेत माना जाता है। गुरुवार के दिन आगमन को लेकर यह भी माना जाता है कि यह समय कुछ सावधानियों और सतर्कता की मांग करता है। हालांकि, इस वर्ष मां का प्रस्थान शुक्रवार को हाथी पर होगा, जो अत्यंत शुभ माना जाता है। हाथी स्थिरता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। शास्त्रों के अनुसार, जब मां हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं, तो यह संकेत देता है कि आने वाला समय सुख, शांति और आर्थिक स्थिरता लेकर आएगा। यह स्थिति जीवन में संतुलन और प्रगति का संकेत भी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान की सवारी सप्ताह के दिन के अनुसार बदलती रहती है और हर सवारी का अलग महत्व होता है। उदाहरण के लिए, रविवार और सोमवार को प्रस्थान होने पर मां की सवारी भैंसा मानी जाती है, जिसे अशुभ माना जाता है क्योंकि यह रोग और शोक का प्रतीक है। वहीं, मंगलवार और शनिवार को प्रस्थान होने पर सवारी मुर्गा होती है, जो कुछ स्थानों पर महामारी या जनहानि का संकेत माना जाता है। इसके विपरीत, बुधवार और शुक्रवार को मां की सवारी हाथी मानी जाती है, जो बेहद शुभ संकेत देता है और जीवन में सुख-समृद्धि, स्थिरता और उन्नति का प्रतीक होता है। गुरुवार को प्रस्थान होने पर मां मनुष्य के कंधे पर सवार होकर जाती हैं, जिसे भक्त और देवी के बीच विशेष आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है। विगत वर्ष 2025 की शारदीय नवरात्रि में भी मां का आगमन हाथी पर हुआ था, जो शुभ संकेत था, लेकिन प्रस्थान गुरुवार को भक्तों के कंधे पर हुआ था, जो संतुलन और मिश्रित परिणामों का संकेत माना गया।  नवरात्रि में मां के आगमन और प्रस्थान की सवारी को भविष्य के संकेत के रूप में देखा जाता है। इस वर्ष जहां पालकी पर आगमन कुछ सावधानी बरतने का संदेश देता है, वहीं हाथी पर प्रस्थान आने वाले समय में स्थिरता और सकारात्मकता की उम्मीद जगाता है। यह पर्व न केवल आस्था और भक्ति का प्रतीक है, बल्कि जीवन में संतुलन और चेतना का संदेश भी देता है।

मध्यप्रदेश के अरबों के महाडिफॉल्टर: टॉप-10 विलफुल डिफॉल्टर लिस्ट में इंदौर, खरगोन, धार की कंपनियां शामिल

मध्यप्रदेश । देशभर में इरादतन ऋण न चुकाने वाले की टॉप 10 लिस्ट में मध्य प्रदेश की कई कंपनियों का नाम शामिल है जिन पर अरबों रुपए का बकाया दबा है। संसद में 2014 से 2025 तक के डिफॉल्टर्स की जानकारी दी गई जिसमें एमपी की टॉप 2 कंपनियों पर ही करीब ₹8 349 करोड़ ₹8 34 919 लाख का कर्ज बकाया है। इस सूची में शामिल प्रमुख कंपनियों में बीटा नेफ्थोल गिल्ट पैक लिमिटेड एस कुमार्स नेशनवाइड और रूची सोया इंडस्ट्रीज हैं। बीटा नेफ्थोल का रजिस्टर्ड ऑफिस इंदौर में है जबकि मुख्य फैक्ट्री खरगोन जिले के बड़वाह में थी। कंपनी ने बैंक लोन लेकर व्यवसाय में निवेश करने की बजाय फंड डाइवर्ट करने के आरोपों का सामना किया और इसे 2014 से विलफुल डिफॉल्टर की श्रेणी में रखा गया। वर्तमान में कंपनी परिसमापन (Liquidation) प्रक्रिया में है और प्रमोटरों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिल्ट पैक लिमिटेड धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है। कंपनी पर जानबूझकर लोन न चुकाने और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप हैं। सेबी ने इसके निदेशकों को पूंजी बाजार में प्रतिबंधित किया और बैंकों ने क्रेडिट सुविधा रोक दी। एस कुमार्स नेशनवाइड का मुख्यालय मुंबई में था लेकिन उत्पादन इकाइयां देवास और खंडवा में थीं। भारी कर्ज न चुकाने और फंड हेराफेरी के कारण 2015 में यह टॉप 10 लिस्ट में पांचवें स्थान पर थी। SFIO ने इसके खिलाफ जांच की और बैंकों ने मिलों को कुर्क कर नीलामी की। रूची सोया इंडस्ट्रीज का जन्म और मुख्यालय इंदौर में था। 2019 की रिपोर्ट में कंपनी ₹1 62 398 लाख के बकाया के साथ टॉप 10 में थी। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद यह IBC दिवाला संहिता के तहत गई और बैंकों का बकाया पतंजलि आयुर्वेद द्वारा अधिग्रहित किया गया। सबसे बड़ा मामला है जूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड का जिसे एमपी का सबसे पुराना और बड़ा महाडिफॉल्टर माना जाता है। इसका पंजीकृत कार्यालय इंदौर में है और प्रमोटर विजय चौधरी का मुख्य कार्यक्षेत्र भी इंदौर रहा। यह कंपनी 2014 2015 और 2016 में टॉप 10 विलफुल डिफॉल्टर्स की सूची में पहले स्थान पर रही। बकाया राशि 2014 में ₹1 89 030 लाख 2018 में ₹1 65 657 लाख और 2022 में ₹2 16 617 लाख थी। जूम डेवलपर्स के खिलाफ भारत की प्रमुख जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की है। प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया और विदेशों में फर्जी कंपनियों के जरिए फंड डाइवर्ट करने के आरोप लगाए। सीबीआई ने बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी में FIR दर्ज की। इंटरपोल ने प्रमोटर विजय चौधरी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। बैंकों ने कंपनी को विलफुल डिफॉल्टर घोषित कर परिसमापन प्रक्रिया शुरू की है। मध्य प्रदेश की ये कंपनियां न केवल टॉप 10 लिस्ट में शामिल हैं बल्कि अरबों रुपए का बकाया दबाकर देश में वित्तीय सुशासन पर सवाल खड़े कर रही हैं।

लग्जरी कारों पर महंगाई, BMW Group India 1 अप्रैल से बढ़ाएगा कीमतें

नई दिल्ली भारत में वीजा कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। जर्मन अप्रैल कंपनी बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया ने घोषणा की है कि वह 1 2026 से अपने ऑटोमोबाइल के शोरूम में 2% तक की पार्टनरशिप करेगी। यह पैकेज बीएमडब्ल्यू और मिनी दोनों रेंज पर लागू होगा। फसल और लागत बढ़ने का असरकंपनी के अनुसार, यह निर्णय बोल्ड लॉजिस्टिक्स लागत, कच्चे माल की रेंज और रुपये के गिरावट के कारण लिया गया है। इन सभी ऑर्केस्ट्रा द्वारा निर्मित उत्पादों और क्रिस्टोफर चेन की लागत प्रभावित हुई है, जिससे कीमत में कमी जरूरी हो गई है। सीईओ का बयान: गुणवत्ता से कोई सहमति नहींकंपनी के अध्यक्ष और सीईओ हरदीप सिंह बराड़ ने कहा कि टोक्यो में इस तरह के बदलावों को बेहतर विचारधारा, नई तकनीक और विश्वस्तरीय सेवा देना जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी भारतीय वाणिज्यिक कार बाजार में लगातार नए मानक स्थापित कर रही है और बाजार में मजबूत बनी हुई है। बिज़नेस के लिए फाइनेंस प्लान की शर्तेकीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद उद्यमों को राहत देने के लिए कंपनी की फाइनेंस शाखा में निवेश पेश किया जा रहा है। इसमें आसान ईएमआई, कम ब्याज दर, बाय-बैक प्लेसमेंट और इन्वेंट्री फाइनेंस प्लान शामिल हैं, जिससे ऑनलाइन शॉपिंग करना आसान हो जाता है।भारत में बने हैं कई मशहूर मॉडलभारत में कंपनी कई मशहूर मॉडलों का लोकल प्रोडक्शन करती है, जिनमें बीएमडब्ल्यू 3 सीरीज लॉन्ग व्हीलबेस, बीएमडब्ल्यू एक्स1, बीएमडब्ल्यू एक्स5 और बीएमडब्ल्यू एक्स7 जैसे मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक और टेक्नोलॉजी कंपनी के अलावा भी कई प्रीमियम कंपनियां बेचती हैं। रिकॉर्ड बिक्री के बाद आया निर्णयकंपनी ने 2025 में अब तक सबसे ज्यादा 18,001 कारों की बिक्री दर्ज की है, जो कि प्रारंभिक आधार पर 14% की वृद्धि है। बीएमडब्ल्यू iX1 भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार रही, जबकि लॉन्ग व्हीलबेस मॉडल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। कुल मिलाकर, घनत्व के दबाव के बीच कंपनी ने मूल्य वृद्धि का निर्णय लिया है, लेकिन मजबूत वित्तीय और बेहतर वित्तीय विकल्पों के उत्साह को बनाए रखा जा सकता है।

पावर सेक्टर में बड़ी साझेदारी, Bharat Heavy Electricals Limited लगाएगा 3,064 करोड़ का निवेश

नई दिल्ली देश की प्रमुख इंजीनियरिंग कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने कोल इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उद्यम (जेवी) में करीब 3,064.46 करोड़ रुपये तक निवेश करने की घोषणा की है। यह निवेश आने वाले चार वर्षों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिससे कंपनी के बिजनेस पोर्टफोलियो में बड़ा विस्तार देखने को मिल सकता है। क्लास से केमिकल बनाने की दिशा में बड़ा कदमइस ज्वाइंट वेंचर के तहत ‘भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (बीसीजीसीएल)’ का निर्माण किया गया, जिसमें बीएचईएल की 49% और कोल इंडिया की 51% हिस्सेदारी वाली कंपनी शामिल है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य अमोनियम नाइट्रेट बनाने का प्लांट स्थापित करना है, जिसकी उत्पादन क्षमता 2,000 टन प्रतिदिन होगी। यह कदम देश में कोल गैसीकरण को बढ़ावा देने और केमिकल सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम माना जा रहा है। रेल सेक्टर में भी विस्तार, वंदे भारत पर फोकसबीएचएल ने टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड के साथ मिलकर एक और बड़े पैमाने पर संयुक्त उद्यम बनाने को मंजूरी दे दी है। यह संयुक्त उद्यम वंदे भारत स्लीपर नोटबुक के मेंटेनेंस पर काम करना चाहता है, जिससे रेलवे सेक्टर कंपनी की पहचान और मजबूती होगी। सरकारी मंजूरी के बाद आगे का कामकंपनी के अनुसार, ज्वाइंट वेंचर एग्रीमेंट को अंतिम रूप से निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपी एम्स) को मंजूरी दे दी जाएगी। इसमें परिवर्तन की आवश्यकता भी संभव है। स्टॉक में गिरावट, दूसरे की संख्याइन बड़ी घोषणाओं के बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया धीमी रही। बीएचएल के शेयर एन पोर्टफोलियो पर 2.75% 253 रुपये प्रति शेयर। पिछले एक सप्ताह में स्टॉक 4.60% नीचे आया है और साल 2026 में अब तक करीब 13% की गिरावट दर्ज की गई है। सरकार की सुपरमार्केट बिक्री योजना भी जारीसरकार ने फरवरी में बीएचईएल में 5% स्टॉक स्टॉक सेल (ओएफएस) की पेशकश शुरू की थी। इसमें शुरुआती 3% प्लास्टिक प्लास्टर की आवश्यकता होती है, जबकि अतिरिक्त 2% स्टॉक की आवश्यकता बाजार में भी जारी की जा सकती है। वित्तीय प्रदर्शन में जबरदस्त सुधारवित्तीय संस्थान पर कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है। 2025-26 की तीसरी तिमाही में बीएचईएल का शुद्ध दावा करीब तीन गुना बढ़कर 382.49 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 124.77 करोड़ रुपये था। साथ ही, कंपनी की आय 16.4% बढ़कर 8,473.10 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे पावर और औद्योगिक क्षेत्र का प्रदर्शन बेहतर रहा। कुल मिलाकर, बीएचईएल का यह भविष्य के निवेश की वृद्धि और नए क्षेत्रों में विस्तार की मजबूत रणनीति को शामिल करता है, भले ही अल्पकाल में शेयर बाजार की प्रतिक्रिया धीमी नकारात्मक रही हो।

मध्य पूर्व में तनाव घटने की उम्मीद, भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुला

नई दिल्ली पश्चिम एशिया में तनाव कम की उम्मीदों ने भारतीय शेयर बाजार को नई ऊर्जा दी है। शुक्रवार को मार्केट ने शानदार शुरुआत की, जहां प्रमुख एलेस्ट्रीज के साथ खुले और बिजनेस में खरीदारी का शानदार नजारा देखने को मिला। हार्डवेयर-निफ्टी में दमदार उछालसुबह 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 801 अंक यानी 1.08% की तेजी के साथ 75,008 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 248 अंक (1.08%) की बढ़त के साथ 23,250 पर कारोबार करता है। इलेक्ट्रिकल और एनर्जी सेक्टर हीरो बाजार के बनेशुरुआती कारोबार में सरकारी बिजली और ऊर्जा क्षेत्र ने बाजार का नेतृत्व किया। एमएपीएसयू बैंक और एमएडी ग्रेजुएट स्टूडेंट टॉप गेनर में शामिल हैं। इसके अलावा मेटल, ऑटो, आईटी, मेडिसिन, इंफ्रा और डिफेंस जैसे आसपास के सभी सेक्टर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे बाजार में व्यापक तेजी का संकेत मिला। मिड कैप्चर और स्मॉल कैप्चर में भी स्थावर रैपिडकेवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शूट में भी साहिल का उत्साह देखने को मिला। मैथ्यू मिडकैप 100 स्टाल्स 1.73% 55,436 और मैथ्यूज मिडकैप 100 स्टाल्स 1.32% 15,911 पर पहुंच गए। इन दिग्गज स्टॉकिंग्स में दिखीं फोर्सप्लांट पैक में टाटा स्टील, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, एनटीपीसी और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जैसे दिग्गज स्टॉक में तेजी से देखने को मिली। वहीं एचडीएफसी बैंक की मंदी लगातार जारी है। तनाव कम होने के संकेत बाजार को सहारा सेसिद्धांतों का मानना ​​है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के साथ चल रहे तनाव में कमी की उम्मीद जगी है। इस वैश्विक कंपनी का भरोसेमंद रिटर्न है और बाजार में खरीदारी की गुंजाइश है। एशियाई सामानों का भी मिलापएशिया के प्रमुख बाज़ार-कोरिया, सिंगापुर, चीन और ऑस्ट्रेलिया-भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे भारतीय बाज़ार को सकारात्मक संकेत मिला। हालाँकि, अमेरिकी बाज़ार में पिछले सत्र में गिरावट जारी रही। एफओआई की बिकवालीरिलीज़, डीओआई का सहाराविदेशी एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ (FII) ने गुरुवार को 7,558 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ (DII) ने बाज़ार में 3,863 करोड़ रुपये का निवेश कर समर्थन दिया।कुल मिलाकर, विश्वविद्यालयों में सुधार और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद है, भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की है, जिससे विश्वविद्यालयों में उत्साह लौटता दिख रहा है।