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अपना पैसा और समय बर्बाद न करें: एक्ट्रेस राम्या ने 'धुरंधर 2' को बताया बोरिंग और प्रोपेगेंडा, आदित्य धर के निर्देशन पर उठाए गंभीर सवाल!

नई दिल्ली: बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 जहाँ एक ओर दर्शकों की वाहवाही बटोर रही है, वहीं दूसरी ओर आलोचनाओं के घेरे में भी आ गई है। 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सनसनी मचा दी थी, लेकिन अब पूर्व लोकसभा सांसद और मशहूर एक्ट्रेस राम्या (दिव्या स्पंदना) ने फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राम्या ने न केवल फिल्म को सिरे से खारिज किया है, बल्कि प्रशंसकों को अपना कीमती समय और पैसा बचाते हुए इसे थिएटर में न देखने की नसीहत तक दे डाली है। राम्या ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट साझा करते हुए फिल्म के प्रति अपनी घोर निराशा व्यक्त की। उन्होंने “धुरंधर 2” को एक ‘बोरिंग सब्जेक्ट’ बताते हुए कहा कि यह किसी ऐसे उबाऊ विषय की टेक्स्टबुक पढ़ने जैसा है जिसके चैप्टर कभी खत्म ही नहीं होते। राम्या के मुताबिक, फिल्म देखते समय एक वक्त ऐसा आता है जब दर्शक का दिमाग हार मान लेता है और स्क्रीन पर घट रही ‘भयावहता’ को देखकर निराशा के कारण हंसी आने लगती है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह कंटेंट सिनेमाघरों के लिए नहीं, बल्कि स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए है, जहाँ एक क्लिक में इसे बंद किया जा सके। फिल्म के तकनीकी पहलुओं पर हमला बोलते हुए राम्या ने निर्देशन, डायलॉग्स, एडिटिंग और बैकग्राउंड स्कोर को बेहद घटिया करार दिया। उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि फिल्म को देखकर ऐसा लगता है मानो टीम को रिलीज की डेडलाइन का अंदाजा ही नहीं था और आनन-फानन में जो मिला, वही दर्शकों के सामने परोस दिया गया। पहले भाग से तुलना करते हुए उन्होंने लिखा कि जहाँ ‘धुरंधर पार्ट 1’ में सिनेमा हॉल तालियों और सीटियों से गूँज रहे थे, वहीं इस पार्ट में दर्शकों की निराशा हॉल की हवा में साफ महसूस की जा सकती है। रणवीर सिंह के अभिनय पर तंज कसते हुए राम्या ने कहा कि लोग कह रहे हैं कि रणवीर ने फिल्म को अपने कंधों पर उठाया है, जबकि उन्हें फिल्म में रणवीर से ज्यादा उनके ‘बाल’ नजर आए। उनके अनुसार, पहले पार्ट में रणवीर के लुक और किरदार में एक जान थी, लेकिन इस बार वह पूरी तरह प्रभावहीन दिखे। सबसे अधिक नाराजगी उन्होंने फिल्म में दिखाई गई ‘क्रिएटिव हिंसा’ पर जताई। राम्या ने इसे हिंसा की एक ऐसी हैंडबुक बताया जिसकी समाज में कोई जरूरत नहीं है। फिल्म के अंत में उन्होंने निर्देशक आदित्य धर पर सीधा निशाना साधते हुए कहा, रणवीर तुम इससे कहीं बेहतर हो और आदित्य धर, अब प्रोपेगेंडा का दौर चला गया है, उससे बाहर निकलिए।

एलपीजी संकट: गुजरात के सूरत में प्रवासी मजदूर गांव लौटे, पलायन से कामगारों की बढ़ी कमी

सूरत। गुजरात के सूरत में पश्चिम एशिया तनाव के असर से रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। इसके चलते बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांव लौटने को मजबूर हैं। उधना रेलवे स्टेशन से घर जाने की तैयारी कर रहे मजदूरों ने बताया कि काम होने के बावजूद गैस की कमी ने जीवन बेहद मुश्किल बना दिया है। कई दिनों से खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें भूखे रहने तक की स्थिति का सामना करना पड़ा। गैस की कीमत 500 रुपये प्रति किलो तकमजदूरों का आरोप है कि गैस की कीमत अब लगभग 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो उनकी पहुंच से बाहर है। एक मजदूर सचिन ने कहा कि पैसों की कमी और गैस न मिलने के कारण वे गांव लौटने को मजबूर हैं। वहीं, एक महिला मजदूर ने बताया कि गैस खत्म हुए एक सप्ताह हो गया है और लगातार प्रयास करने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहा। आर्थिक तंगी के चलते वह अपनी बेटी के साथ गांव जा रही हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य सूरत में ही रहेंगे। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति सामान्य होने पर वे काम पर लौटेंगे, लेकिन फिलहाल हालात ने उन्हें पलायन के लिए मजबूर कर दिया है। उद्योगों में श्रमिकों की कमीसूरत के टेक्सटाइल उद्योगों में मजदूरों के पलायन से कामगारों की कमी बढ़ गई है। मजदूर कमल पाल ने बताया कि मकान मालिकों ने लकड़ी से खाना बनाने पर भी रोक लगा दी है, जिससे हालात और कठिन हो गए हैं। मजदूरों का कहना है कि जैसे ही एलपीजी की आपूर्ति सामान्य होगी, वे वापस लौटेंगे। फिलहाल यह संकट उद्योगों और मजदूरों दोनों के लिए चुनौती बन चुका है।

ग्लोबल टेंशन बढ़ा, ईरान ने 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर मिसाइल दागी

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनाव अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल रहा है। शुरूआत में यह झड़पें मिडिल ईस्ट तक ही सीमित थीं, लेकिन हाल ही में ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिका और ब्रिटेन के मिलिट्री बेस डिएगो गार्सिया को बनाया। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ईरान ने डिएगो गार्सिया पर कम से कम दो मिड-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागी। इस बेस पर अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त मिलिट्री केंद्र मौजूद है। रिपोर्ट के अनुसार, एक मिसाइल उड़ान के दौरान फेल हो गई, जबकि दूसरी मिसाइल अमेरिकी इंटरसेप्टर वॉरशिप से टकरा गई। डिगो गार्सिया मध्य हिंद महासागर में इक्वेटर के दक्षिण में स्थित है और ईरान से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है। इस हमले से साफ हुआ कि ईरान की मिसाइल रेंज पहले बताई गई सीमा से कहीं ज्यादा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले कहा था कि ईरानी मिसाइलों की रेंज 2,000 किलोमीटर तक सीमित है। लेकिन डिएगो गार्सिया पर हमले इस दावे को चुनौती देता है। अभी तक ईरानी अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि यह हमला किस प्रकार की मिसाइल से किया गया। भारत से डिएगो गार्सिया की दूरी लगभग 1,800 किलोमीटर है। यह एयरबेस अमेरिका और ब्रिटेन के लिए एशिया और पश्चिम एशिया में इजरायल केंद्र का काम करता है। यहां से अमेरिका अपने बमवर्षक विमान, परमाणु पनडुब्बियां और गाइडेड मिसाइल जहाज तैनात करता है। इसके अलावा बेस में विशाल ईंधन भंडारण, रडार सिस्टम और कंट्रोल टावर मौजूद हैं, जो लंबी दूरी के सैन्य अभियानों को संभव बनाते हैं। इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए चिंता बढ़ा दी है। डिएगो गार्सिया अमेरिका और ब्रिटेन के लिए हिंद महासागर में ऑपरेशन का मुख्य केंद्र है, और किसी भी हमले का प्रभाव सीधे तौर पर इजरायल संतुलन और तेल-गैस आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है। अगर, अमेरिका और ब्रिटेन की ओर से इस हमले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि इस हमले ने ईरानी मिसाइल क्षमता और इजरायल पहुंच को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है। इससे साफ है कि ईरान अब सिर्फ अपने पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं रहा बल्कि दूर-दराज के इजरायली ताकत तक हमला करने में सक्षम हो गया है। विश्लेषकों का कहना है कि डिएगो गार्सिया पर हमला वैश्विक सुरक्षा और सैन्य संतुलन के एलएस से गंभीर संकेत है। अमेरिका और ब्रिटेन के लिए यह चुनौती है कि वे अपने मध्य और दक्षिण एशिया में स्थित ठिकानों की सुरक्षा को और मजबूत करें। वहीं, ईरान ने यह भी संकेत दिया कि उसकी मिसाइल ताकतें अब केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लंबी दूरी के निशानों तक पहुंच सकती हैं। इस घटना के बाद वैश्विक बाजार में तेल और ऊर्जा की पंक्तियों में उछाल देखा गया है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट और हिंद महासागर में तनाव से गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। ईरानी मिसाइल हमले ने स्पष्ट किया है कि अब संघर्ष सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैल सकता है। इसका असर न केवल सैन्य रणनीतियों पर होगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापार पर भी दीर्घकालिक दबाव डाल सकता है।

'बाहुबली' का बॉक्स ऑफिस ही नहीं, लोकप्रियता पर भी राज: ऑरमैक्स लिस्ट में प्रभास नंबर-1, शाहरुख-सलमान को पछाड़ साउथ स्टार्स ने जमाया कब्जा!

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा में इन दिनों दक्षिण भारतीय सितारों का जादू कुछ इस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है कि बॉलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गज भी उनके सामने फीके नजर आ रहे हैं। मनोरंजन जगत की प्रतिष्ठित ट्रैकिंग एजेंसी ‘ऑरमैक्स मीडिया’ ने फरवरी 2026 की मोस्ट पॉपुलर मेल एक्टर्स की सूची जारी कर दी है, जिसने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के पावर बैलेंस को स्पष्ट कर दिया है। इस लिस्ट में न केवल साउथ के सितारों का वर्चस्व दिखा है, बल्कि उन्होंने टॉप 3 पायदानों से बॉलीवुड को पूरी तरह बाहर कर दिया है। प्रशंसकों के लंबे इंतजार के बाद सामने आई इस रिपोर्ट में ‘बाहुबली’ फेम सुपरस्टार प्रभास ने एक बार फिर अपनी बादशाहत साबित की है। बीते कई महीनों की तरह इस बार भी प्रभास नंबर वन के सिंहासन पर मजबूती से काबिज हैं। उनके पीछे दूसरे स्थान पर तमिल सिनेमा के दिग्गज थलापति विजय का नाम आता है, जो अपनी कंसिस्टेंसी बरकरार रखते हुए लगातार दूसरे नंबर पर बने हुए हैं। वहीं, ‘पुष्पा 2’ की वैश्विक सफलता और अपने स्वैग के दम पर अल्लू अर्जुन ने इस बार तीसरे स्थान पर कब्जा जमाया है। बॉलीवुड के लिए यह सूची थोड़ी चौंकाने वाली है, क्योंकि ‘किंग खान’ कहे जाने वाले शाहरुख खान शीर्ष तीन से बाहर होकर चौथे पायदान पर खिसक गए हैं। हालांकि वे बॉलीवुड अभिनेताओं में सबसे ऊपर हैं, लेकिन साउथ की त्रिमूर्ति (प्रभास, विजय, अर्जुन) को पछाड़ने में नाकाम रहे। लिस्ट में पांचवें स्थान पर ‘आरआरआर’ फेम राम चरण और छठे पर तेलुगु सुपरस्टार महेश बाबू ने अपनी जगह बनाई है। वहीं, तमिल अभिनेता अजित कुमार सातवें और ‘मैन ऑफ मासेस’ जूनियर एनटीआर आठवें पायदान पर मौजूद हैं। बॉलीवुड के ‘दबंग’ यानी सलमान खान की लोकप्रियता में इस बार गिरावट दर्ज की गई है और वे खिसककर नौवें नंबर पर पहुँच गए हैं। यह देखना दिलचस्प है कि टॉप 10 की इस प्रतिष्ठित सूची में 80 प्रतिशत कब्जा दक्षिण भारतीय सितारों का है, जबकि बॉलीवुड से केवल दो ही नाम अपनी जगह बना पाए हैं। यह आंकड़े साफ तौर पर इशारा कर रहे हैं कि भारतीय दर्शकों की पसंद अब भाषाई सीमाओं को तोड़कर पैन-इंडिया स्टारडम की ओर पूरी तरह झुक चुकी है।

ट्रंप सरकार ने कथित यहूदी-विरोधी भेदभाव के मामले में Harvard University के खिलाफ शिकायत दर्ज की

नई दिल्ली अमेरिका में प्रशासन ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के खिलाफ कथित यहूदी-विरोधी भेदभाव के मामलों को लेकर शिकायत दर्ज की है। यह कदम महीनों से रुकी बातचीत के बाद उठाया गया है। मैसाचुसेट्स जिले के लिए संयुक्त राज्य जिला न्यायालय में याचिका दर्ज की गई है। सरकार ने आरोप लगाया कि हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने यहूदियों और इजरायली छात्रों के नागरिक अधिकारों का उल्लंघन किया और उन्हें उनकी जाति या राष्ट्रीय मूल के आधार पर गंभीर आलोचना का सामना करना पड़ा। शिकायत में कहा गया है कि इससे छात्रों को शिक्षा में भाग लेने और शिक्षा से मिलने वाले लाभ से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। सरकार का कहना है कि हार्वर्ड को यहूदी और इजरायली छात्रों के साथ संरक्षण की जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि विश्वविद्यालय ने अपने नीतिगत विचारधारा और व्यवहार के माध्यम से यहूदियों और इजराइलियों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दिया। जानकारी के अनुसार, जनवरी 2025 से अमेरिकी सरकार ने कई पत्रिकाओं को चेतावनी दी थी कि यदि वे अपनी कंपनियों में बदलाव नहीं करते हैं, तो उनकी फंडिंग में कटौती की जाएगी। मुख्य संप्रदाय में यहूदी-विरोधी कहानियों को शामिल किया गया और कुछ अल्पसंख्यक अल्पसंख्यकों के लिए विशेष विविधता इनिशिएटिव्स को समाप्त किया गया। हालाँकि, अप्रैल 2025 में हार्वर्ड ने इन अल्पाइन को खारिज कर दिया, जिसके बाद किआल प्रशासन ने घोषणा की कि विश्वविद्यालय के लिए 2.2 मिलियन डॉलर के बहुवर्षीय अनुदान और 60 मिलियन डॉलर के बहुवर्षीय फ़ैक्ट्रीज़ को रेफ़्रिजरेटर कर दिया जाएगा। साथ ही, फरवरी 2025 में विक्की ने कहा कि उनकी सरकार हार्वर्ड से 1 डॉलर का हर्जाना मांग रही है, तथाकथित यहूदी-विरोधी और भेदभावपूर्ण समुदायों के लिए वित्तीय जिम्मेदारी तय की जा सके। यह मामला अमेरिका में शिक्षा की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर विवाद का केंद्र बन गया है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस कदम का प्रभाव न केवल हार्वर्ड बल्कि अन्य आईवी लीग और प्रमुख वैज्ञानिकों पर भी पड़ सकता है। अल्पसंख्यक प्रशासन का रुख यह बताता है कि वह अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और अधिकारों को सुरक्षित करने के नाम पर व्यवसायों पर दबाव बना रही है। वहीं, विश्वविद्यालय की ओर से अनुपूरक को खारिज कर दिया गया है और उन्होंने कानूनी लड़ाई के संकेत दिए हैं। इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि अकादमी के स्टूडियो, सरकारी फंडिंग और नागरिक अधिकार की सुरक्षा के एक कॉम्प्लेक्स और संवेदनशील तत्व बन गए हैं। अमेरिकी अदालतों में यह केस आने वाले महीनों में व्यापक बहस का कारण बन सकता है।

मिडिल ईस्ट तनाव के चलते रुपये में भारी गिरावट… पहली बार ₹93 प्रति डॉलर के पार

नई दिल्ली। भारतीय रुपया (Indian Rupee.) शुक्रवार, 20 मार्च को पहली बार 93 प्रति अमेरिकी डॉलर (93 Per US Dollar) के स्तर को पार गया। शुरुआती कारोबार (Initial business) में रुपया 3 पैसे गिरकर 92.92 पर खुला और बाद में 93.08 तक फिसल गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले 18 मार्च को रुपया 92.63 के स्तर तक गिरा था, जिसे अब पार कर लिया गया है। क्यों टूट रहा है रुपया?1. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड करीब $120 प्रति बैरल तक पहुंच गया। हालांकि शुक्रवार को यह घटकर $107 के आसपास आ गया, लेकिन अभी भी ऊंचे स्तर पर है। तेल महंगा होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है। 2. डॉलर की बढ़ती मांग: ऊंचे इंपोर्ट बिल के कारण कंपनियां ज्यादा डॉलर खरीद रही हैं, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ रहा है। 3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली: मार्च में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से $8 अरब से ज्यादा निकाल लिए हैं। यह जनवरी 2025 के बाद सबसे बड़ा आउटफ्लो है। 4. मजबूत होता अमेरिकी डॉलर: वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर डॉलर की ओर जा रहे हैं, जिससे डॉलर मजबूत हो रहा है और अन्य मुद्राएं कमजोर। डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट: आपकी जेब पर कैसे पड़ता है असर?डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा देती है। जब रुपया कमजोर होता है, तो इसका सीधा असर महंगाई और आपके महीने के बजट पर पड़ता है। आइए समझते हैं कि रुपये में गिरावट क्यों होती है और इसका असर आप पर कैसे पड़ता है। महंगाई बढ़ती हैभारत अपनी जरूरत का 75% से 80% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। जब रुपया कमजोर होता है, तो तेल आयात महंगा हो जाता है। अनुमान के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले रुपये में 1 रुपये की गिरावट से तेल कंपनियों पर करीब 8,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इस वजह से पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ जाते हैं, जिससे महंगाई बढ़ती है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में 10% बढ़ोतरी से महंगाई लगभग 0.8% तक बढ़ सकती है। इसका असर खाने-पीने की चीजों और ट्रांसपोर्ट खर्च पर साफ दिखता है। दवाएं और पढ़ाई महंगीकई जरूरी दवाएं भारत में विदेशों से आती हैं। रुपये के कमजोर होने से इन दवाओं की कीमत बढ़ जाती है। इसके अलावा विदेश में पढ़ाई महंगी हो जाती है। विदेश यात्रा का खर्च बढ़ जाता है। होटल और खाने-पीने पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है। विकास योजनाओं पर असरसरकार तेल कंपनियों को सब्सिडी देती है ताकि जनता को राहत मिल सके, लेकिन जब डॉलर महंगा होता है, तो सरकार का खर्च बढ़ जाता है। ऐसे में सरकार को विकास योजनाओं (जैसे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा) पर खर्च कम करना पड़ सकता है। इसका असर आम लोगों को मिलने वाली सुविधाओं पर पड़ता है। सरकारी खजाने पर दबावदेश में आने और जाने वाली विदेशी मुद्रा के अंतर को चालू खाता घाटा (CAD) कहते हैं। जब आयात ज्यादा होता है, तो देश से ज्यादा डॉलर बाहर जाता है और CAD बढ़ जाता है। भारत में सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा तेल और सोने के आयात पर खर्च होती है। गिरावट थामने के लिए RBI क्या कर रहा है?रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मार्च में अब तक 15 अरब डॉलर से ज्यादा बेचकर रुपये को संभालने की कोशिश की है। वित्तीय वर्ष के अंत (मार्च) में RBI का हस्तक्षेप आमतौर पर बढ़ जाता है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। आगे क्या?विश्लेषकों के अनुसार जब तक तेल कीमतें ऊंची रहेंगी, रुपये पर दबाव बना रहेगा, विदेशी निवेश का आउटफ्लो जारी रह सकता है। RBI का हस्तक्षेप ही फिलहाल बड़ा सपोर्ट है। शॉर्ट टर्म में रुपया कमजोर रह सकता है।

होर्मुज संकट से न्यूजीलैंड में तनाव, पीएम लक्सन बोले- ईरान ने स्ट्रेट बंद करने पर मजबूर किया

नई दिल्ली हाल ही में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद कर दिया है, जिसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। इस फैसले के बाद तेल की झील में उछाल देखा जा रहा है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका, यूरोप और एशियाई देशों ने ईरान की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। कुल 20 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इस कदम पर प्लायबोल्लाम को शामिल किया है, जिसमें न्यूजीलैंड भी शामिल है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मध्य पूर्व में ढलानों और ईरान की कार्रवाई को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ईरान ने फूल पेट्रोल और जरूरी सामान ले जाने वाले साथियों के स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद करने पर मजबूर कर दिया है, जिससे न्यूजीलैंड और अन्य देशों में तेल और जरूरी सामान ले जाने लगे हैं। पीट लक्सन ने कहा, “न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड हमेशा से खुला स्टॉक शेयरहोल्डिंग और बहुप्रतिक्षित साझेदारी के माध्यम से ग्लोबल ट्रेड को सुरक्षित बनाए रखने का है। होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी हमारी इंडस्ट्री इसी दिशा में काम करती है।” संयुक्त बयान में देशों की सूची में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनिश, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फ़िनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन और लिथुआनिया शामिल हैं। इन ईस्ट ने मिलकर कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को लाभ पहुंचाता है और आतंकवादियों पर हमले करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। बयान में यह स्पष्ट किया गया कि इस तरह के कदम वैश्विक ऊर्जा परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय शांति के लिए खतरा हैं। इसमें मांग की गई कि ईरान सागर, मिसाइल हमले और माइन प्लांट जैज़ को तुरंत बंद करें। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालन किया जाये। होर्मुज स्ट्रीट दुनिया के लिए साम्राज्य के रूप में महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय एस्ट्राडोल लाइन का मुख्य मार्ग है। किसी भी तरह की रोक या बाधा से वैश्विक बाजार और आर्थिक स्थिरता पर असर पड़ सकता है। न्यूजीलैंड और अन्य देशों ने यह भी कहा कि स्ट्रेट से सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए बहुप्रतीक्षित प्रयास का समर्थन जारी रखें। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि सभी देशों को समुद्री कानून का सम्मान दिया जाए और अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा परमाणु ऊर्जा की आजादी बरकरार रखी जाए। यह घटना केवल मध्य पूर्व का नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार का महत्वपूर्ण मार्ग है। ईरान की कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

मोदी जी कह देंगे तो पापा खा लेंगे दवा…. बेटे की भावुक अपील से इमोशनल हुए लोग….

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की एक इंस्टाग्राम स्टोरी (Instagram story) सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। इस स्टोरी में एक युवक अपने पिता को लेकर ऐसी अपील करता नजर आता है, जिसने लोगों को मुस्कुराने के साथ-साथ भावुक भी कर दिया। वीडियो में युवक हल्के-फुल्के अंदाज में कहता है कि उसके पिता प्रधानमंत्री मोदी के ‘जबरदस्त फैन’ हैं और उनकी हर बात मानते हैं। इसी भरोसे के साथ वह पीएम मोदी से अनुरोध करता है कि वे अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में उसके पिता को खास तौर पर संदेश दें कि पापा, डायबिटीज की दवा समय पर लिया करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें। युवक की इस अनोखी गुहार को पीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और उस पर लिखा कि युवराज के निवेदन पर मैं उनके पिता से कम चीनी खाने और सेहत का ध्यान रखने की अपील करूंगा। लोग इसे एक बेटे की चिंता और प्रधानमंत्री के प्रति आम लोगों के गहरे जुड़ाव के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। इस स्टोरी से पीएम मोदी का एक अलग, मानवीय पक्ष भी सामने आता है, जहां वे आम नागरिकों की छोटी-छोटी लेकिन दिल से जुड़ी बातों को भी मंच देते हैं। पीएम ने दिया मीठा कम योग ज्यादा का संदेशपीएम मोदी ने अगली स्टोरी में मीठा कम और योग ज्यादा का भी संदेश दिया। इस स्टोरी में पीएम ने लिखा, अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें, अच्छा खाएं, स्वस्थ भोजन करें। साथ ही ज्यादा चीनी के नुकसान, मोटापे के खतरे और योग को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह भी दी गई।

अलर्ट…. LPG गैस बुकिंग में जल्दबाजी कहीं पड़ न जाए भारी… एक्टिव हुए साइबर ठग..

नई दिल्ली। देश (Country) के कई हिस्सों में LPG गैस को लेकर संकट की खबरें सामने आ रही हैं। कहीं सप्लाई में देरी हो रही है तो कहीं लोगों को सिलेंडर (Cylinder) पाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे माहौल में लोग जल्दी-जल्दी गैस बुकिंग (Gas booking) करने की कोशिश कर रहे हैं, और यही जल्दबाजी अब उनके लिए खतरा बनती जा रही है। LPG इस कमी का फायदा उठाकर साइबर ठग एक्टिव (Cyber ​​Thugs Active) हो गए हैं और गैस सिलेंडर बुकिंग के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में “Gas Bill Update APK” नाम का एक नया स्कैम सामने आया है, जिसमें ठग WhatsApp या SMS के जरिए फर्जी मैसेज भेजते हैं और लोगों से एक ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं। सरकार ने इसको लेकर हाई अलर्ट जारी किया है और साफ कहा है कि ऐसी किसी भी फाइल को डाउनलोड करना बेहद खतरनाक हो सकता है। एक छोटी सी गलती आपके मोबाइल को हैक कर सकती है और बैंक अकाउंट तक खाली हो सकता है। ऐसे में LPG संकट के इस समय में सतर्क रहना बेहद जरूरी है, ताकि आप ठगी का शिकार बनने से बच सकें। ऐसे में अगर आप भी LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। क्या है पूरा मामला?यह नया साइबर फ्रॉड बेहद चालाकी से डिजाइन किया गया है। इसमें ठग खुद को गैस एजेंसी या किसी सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करते हैं और लोगों को मैसेज भेजते हैं। मैसेज में लिखा होता है कि आपका गैस बिल अपडेट नहीं हुआ है या KYC अधूरा है, और इसे तुरंत पूरा करना जरूरी है। इसके साथ एक APK फाइल या लिंक दिया जाता है, जिसे डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। यही सबसे बड़ा जाल होता है। जैसे ही यूजर उस फाइल को डाउनलोड करता है, उसका फोन खतरे में आ जाता है। ऐसे काम करता है यह APK स्कैमइस फ्रॉड का तरीका बहुत ही स्मार्ट है। ठग पहले यूजर को डराते हैं कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो गैस सेवा बंद हो सकती है। फिर वे एक लिंक या APK फाइल भेजते हैं। जैसे ही यह ऐप इंस्टॉल होता है, यह फोन की कई जरूरी परमिशन ले लेता है। इसके बाद यह ऐप आपके फोन से OTP, मैसेज, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी तक एक्सेस कर सकता है। कई मामलों में यह स्क्रीन रिकॉर्डिंग और रिमोट एक्सेस भी हासिल कर लेता है। इस तरह के फ्रॉड में नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है। एक बार फोन हैक हो जाने के बाद ठग आपके बैंक अकाउंट, UPI और वॉलेट तक पहुंच बना सकते हैं। कई मामलों में लोगों के हजारों से लेकर लाखों रुपये तक गायब हो चुके हैं। इसलिए इसे हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है। सरकार की क्या है चेतावनीसरकार ने साफ तौर पर लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड न करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि LPG से जुड़ी कोई भी जानकारी या अपडेट केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही लें। अगर आपको कोई संदिग्ध मैसेज या कॉल आता है, तो उस पर तुरंत भरोसा न करें। ऐसे रखें खुद को सुरक्षितइस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले, किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल पर क्लिक या डाउनलोड न करें। दूसरा, गैस बुकिंग हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही करें। तीसरा, OTP, बैंक डिटेल या UPI PIN किसी के साथ भी शेयर न करें, चाहे वह खुद को अधिकारी ही क्यों न बताए।

बॉलीवुड पर भारी पड़ीं दक्षिण भारतीय सुंदरियां: ऑरमैक्स रैंकिंग में सामंथा टॉप पर, दीपिका-आलिया को पछाड़ रश्मिका और नयनतारा ने मारी बाजी!

नई दिल्ली: मनोरंजन जगत की लोकप्रियता को मापने वाली मशहूर संस्था ‘ऑरमैक्स मीडिया’ ने अक्टूबर 2025 की अपनी मोस्ट पॉपुलर फीमेल स्टार्स की लिस्ट जारी कर दी है। इस बार की रैंकिंग ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भारतीय दर्शकों के दिलों पर दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों South Actresses का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। हर बार की तरह इस बार भी साउथ की हसीनाओं ने बॉलीवुड की बड़ी स्टार्स को कड़ी टक्कर देते हुए टॉप 10 की सूची में अपना दबदबा कायम रखा है। हैरानी की बात नहीं है कि इस लिस्ट में पहले पायदान पर एक बार फिर दक्षिण भारतीय सिनेमा की ‘क्वीन’ सामंथा रुथ प्रभु ने कब्जा जमाया है। अपनी बेहतरीन अदाकारी और जबरदस्त फैन फॉलोइंग के दम पर सामंथा ने नंबर वन की पोजीशन बरकरार रखी है। वहीं, बॉलीवुड की तरफ से एकमात्र आलिया भट्ट ही हैं जो सामंथा को कड़ी टक्कर देते हुए दूसरे नंबर पर बनी हुई हैं। हालांकि, तीसरे नंबर पर फिर से साउथ सुपरस्टार नयनतारा का नाम आता है, जो दिखाती हैं कि ‘लेडी सुपरस्टार’ का जलवा आज भी बरकरार है। इस बार की लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला फेरबदल चौथे स्थान पर देखने को मिला है। ‘नेशनल क्रश’ रश्मिका मंदाना ने लंबी छलांग लगाते हुए साई पल्लवी और दीपिका पादुकोण जैसी दिग्गज अभिनेत्रियों को पीछे छोड़ दिया है और चौथे नंबर पर अपनी जगह पक्की कर ली है। इनके बाद पांचवें स्थान पर काजल अग्रवाल और छठे पर तृषा कृष्णन का नाम शामिल है। बॉलीवुड की सबसे बड़ी स्टार्स में शुमार दीपिका पादुकोण इस बार खिसककर सातवें पायदान पर आ गई हैं, जो उनके प्रशंसकों के लिए थोड़ा निराशाजनक हो सकता है। आने वाली फिल्म ‘रामायण’ में माता सीता का किरदार निभाने वाली साई पल्लवी इस बार आठवें नंबर पर हैं। वहीं, काफी समय के अंतराल के बाद तमन्ना भाटिया ने फिर से टॉप 10 में वापसी की है और वे नौवें स्थान पर काबिज हैं। लिस्ट का समापन श्रीलीला के साथ होता है, जिन्होंने हाल ही में फिल्म ‘पुष्पा 2’ के गाने ‘थप्पड़ मारूंगी’ से अपनी लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा किया है और दसवें नंबर पर जगह बनाने में कामयाब रही हैं। कुल मिलाकर, यह लिस्ट साफ संकेत दे रही है कि अब भारतीय सिनेमा में ‘बॉलीवुड बनाम साउथ’ की जंग और भी दिलचस्प होती जा रही है।