ब्लॉकबस्टर बन सकती थी ये फिल्म, फिर भी राजकुमार हिरानी ने क्यों नहीं बनाई?

नई दिल्ली। बॉलीवुड के स्टार डायरेक्टर प्रिंस हिरानी ने आमिर खान के साथ मिलकर अभी तक कुल 2 फिल्में बनाई हैं। पहली ‘3 इडियट्स’ थी और दूसरी ‘पीके’ थी। ये दोनों ही फिल्में ब्लॉकबस्टर हिट रही थीं, लेकिन क्या आपको पता है कि इन दोनों फिल्मों में प्रिंस हिरानी के अलावा सुपरस्टार आमिर खान के साथ मिलकर एक फिल्म बनाई गई थी, जो फाइनली एक और फिल्म में ट्रांसफॉर्म कर दी और आमिर खान के साथ की स्क्रिप्ट ये निकल गई। लेकिन अगर यह जोड़ी इस फिल्म को तैयार करती तो दोनों मिलकर सिनेमा जगत को एक और ब्लॉकबस्टर हिट फिल्म दे सकते थे। तो जानिए क्या थी यह फिल्म और क्या थी इसकी कहानी? असली भाई 2 की असली कहानी अलग थीआमिर खान ने एक इवेंट के दौरान बताया- स्पेशल भाई 2 के लिए जो ऑरिजनल स्क्रिप्ट स्टूडियो (राजकुमार हिरानी) ने लिखी थी, वो मुझे पिच की थी। वह चाहती थी कि मैं उस फिल्म में लीड रोल प्ले की खरीदारी करूं। लेकिन जिस दिन वो मुझे वो स्क्रिप्ट सुनाने आया, उसने कहा- आमिर असल में जो स्क्रिप्ट मैं सुनने वाला था वो अब बदल गया है। वो फिल्म अब पक्की भाई 2 बन गई है। मैंने पूछा कि वो कौन सी स्क्रिप्ट है जो तुम मुझे सुनने वाले थे, लेकिन अब वो कुछ और फिल्म बनाने वाली है? तो इस पर प्रिंस हिरानी ने कहा कि अब मैं उस स्क्रिप्ट से दोस्ती भाई 2 बना रहा हूं। कौन सी फिल्म की ऑरिजनल कहानी थी?लेकिन आमिर खान की जिज्ञासा इस खोज में थी कि आखिर ऑरिजनल स्क्रिप्ट क्या थी? जवाब में राजकुमार हिरानी ने जो कहानी कही, वो आमिर खान को बहुत प्रभावित किया। यह भी एक कहानी है जिसे सुनकर ऐसा लगा कि अगर प्रिंस हिरानी ने यह फिल्म आमिर खान के साथ मिलकर बनाई होती तो यह ब्लॉकबस्टर हिट हो जाती। प्रिंस हिरानी ने आमिर खान से सुनी फिल्म की कहानी, कहा- एक लड़का है जो आजादी से पहले फ्रीडम फाइटर आ रहा है। तब वो एक बहुत जवान लड़का था. वह एक लाठीचार्ज का हिस्सा रही थीं और इसी दौरान उनके सिर पर चोट लगी थी। मजबूत थी असल कहानी लेकिन फिर..प्रिंस हिरानी ने आमिर खान को बताया था कि यह स्पेशल कोमा में चला गया है। उसकी आंख करीब 40 या 45 साल बाद खुलती है और तब तक भारत को आजादी मिल चुकी है। हम 90 के दशक में चले गए, दुनिया बहुत आगे बढ़ गई लेकिन ऐसा लगता है कि हम अभी भी वहीं हैं। इसी वजह से वो गांधी जी से जुड़ी बातें करती हैं और वो सारी चीजें रखती हैं। क्योंकि उन्हें यह नहीं पता था कि गांधी जी गुजर गये थे और उनकी हत्या कर दी गयी थी। तो यह ऑरिजनल कॉन्सेप्ट था जिस पर आमिर खान के साथ प्रिंस हिरानी फिल्म बनाने वाले थे, लेकिन फिर वही कहानी मोल्ड द्वारा उन्होंने नायब भाई 2 बनाई, जिसमें संजय दत्त ने लीड रोल प्ले किया था।
ग्लोबल मार्केट में भूचाल: एशिया में भारी गिरावट, क्या भारतीय शेयर बाजार पर पड़ेगा असर?

नई दिल्ली। हफ्ते की शुरुआत के साथ ही वैश्विक शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भी गिरावट देखने को मिलेगी? बीते शुक्रवार को जहां सेंसेक्स और निफ्टी मजबूती के साथ बंद हुए थे वहीं आज विदेशी बाजारों से बेहद कमजोर संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में सोमवार को भारी बिकवाली का माहौल है। जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 4.10 फीसदी गिरकर 50 800 के स्तर पर आ गया जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी लगभग 3 फीसदी की गिरावट के साथ 24 532 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का असर दिख रहा है। DAX 2.01 फीसदी CAC 1.90 फीसदी और FTSE-100 करीब 1.50 फीसदी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।गिफ्ट निफ्टी से मिल रहे कमजोर संकेतभारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत देने वाला गिफ्ट निफ्टी भी गिरावट के साथ रेड जोन में ट्रेड करता दिखा। खबर लिखे जाने तक यह करीब 50 अंक फिसलकर 23 737 के स्तर पर था। इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली थी जहां डाउ जोंस और उसके फ्यूचर्स लगभग 1 फीसदी गिरकर बंद हुए थे। इन नकारात्मक वैश्विक संकेतों का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है जो पिछले सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव से गुजरा है। शुक्रवार को दिखी थी मजबूतीअगर पिछले कारोबारी दिन की बात करें तो गुरुवार की गिरावट के बाद शुक्रवार को बाजार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली थी। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 325.72 अंक चढ़कर 74 532.96 पर बंद हुआ था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 112.35 अंकों की बढ़त के साथ 23 114.50 के स्तर पर पहुंच गया था। नोट: शेयर बाजार में निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
एमपी में 26 मार्च से फिर करवट बदलेगा मौसम, बारिश-आंधी का अलर्ट, पहले बढ़ेगी तेज गर्मी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च के अंतिम सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग भोपाल के अनुसार, 26 मार्च से प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा। इस सिस्टम का असर खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में देखने को मिलेगा। हालांकि, इससे पहले प्रदेशवासियों को अगले तीन दिनों तक तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। फिलहाल दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान क्षेत्र में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बना हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव प्रदेश में नहीं दिखेगा। बारिश थमी तो बढ़ी गर्मी 18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहा, जो सप्ताहांत में थम गया। इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को अधिकांश शहरों में पारा 32 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। प्रमुख शहरों में उज्जैन में 34 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, भोपाल में 33 डिग्री, ग्वालियर में 31.8 डिग्री और जबलपुर में 31.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6 डिग्री, रतलाम में 37.2 डिग्री, खरगोन और नरसिंहपुर में 36 डिग्री तथा गुना में 33 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लगभग सभी शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। 4 दिन में 45 जिलों में असर, फसलों को नुकसान पिछले चार दिनों में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के चलते प्रदेश के 45 जिलों में आंधी और बारिश हुई, जबकि 17 जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। तेज हवाओं और ओलों के कारण केला, पपीता और गेहूं जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है। धार और खरगोन समेत कई जिलों में इसका प्रभाव अधिक रहा। अप्रैल-मई में पड़ेगी भीषण गर्मी मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस साल अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर होगी। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने की संभावना है।
क्रिकेट से कैश तक: IPL में कैसे छपते हैं पैसे, ₹1000 करोड़ स्पॉन्सरशिप का राज

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम की अंतर्राष्ट्रीय सफलताओं-चैंपियन ट्रॉफी, एशिया कप और टी20 विश्व कप-ने देश में खेल उद्योग को नया स्थान दिया गया है। इसका असर दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग पर भी नजर आ रहा है, जो अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक विशाल बिजनेस प्लेटफॉर्म बन चुका है। स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ऐतिहासिक उछालWPP मीडिया की ‘स्पोर्टिंग नेशन 2025’ रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय खेल उद्योग का आकार 13.4% 18,864 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले चार वर्षों में इसका लगभग दोगुना भुगतान किया गया है। मीडिया में कलाकारी का योगदान सबसे ज्यादा रहा, जो अब तक 9,571 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। खास बात यह है कि डिजिटल विज्ञापन ने पहली बार टीवी सुपरस्टार को पीछे छोड़ दिया। क्रिकेट का सुपरमार्केट: 89% स्टॉकरिपोर्ट के अनुसार, भारत की कुल खेल उद्योग में क्रिकेट की दुकान 89% है। यह चित्र बताता है कि किस देश में अन्य खेलों के अलावा क्रिकेट पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है और क्यों आईपीएल के लिए सबसे बड़ा मंच बन गया है। स्पॉन्सरशिप बाजार में भी तेजी से बढ़ रही हैरियल मनी गेमिंग सेक्टर पर मजबूत प्रभाव के बावजूद स्पॉन्सरशिप बाजार में 8% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 7,949 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पहले जहां ड्रीम11 और माय11सर्कल जैसे ब्रांड्स की मार्केटिंग होती थी, अब उनकी जगह गूगल और अपोलो टायर्स जैसे बड़े और पारंपरिक ब्रांड्स ने ले ली है। गूगल ने एआई इवेंट के दौर में क्रिकेट में भारी निवेश किया है और आईपीएल सहित महिला विश्व कप और टी20 विश्व कप जैसे टूर्नामेंटों में प्रमुख भागीदारी निभाई है। आईपीएल में ₹1000 करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा पारइंडियन प्रीमियर लीग ने इस बार एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पहली बार आईपीएल चैंपियनशिप की स्पॉन्सरशिप 1000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 1,033 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप मिली है। इन आंकड़ों की सबसे बड़ी कमाईइस रेस में मुंबई इंडियंस, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और चेन्नई सुपर किंग्स के बड़े स्कोर सबसे आगे हैं। ये सूची अकेले लगभग 150 करोड़ रुपये तक की स्पॉन्सरशिप से कमा रही हैं। आईपीएल: खेल से आगे, बिजनेस का सुपरमॉडलआज आईपीएल केवल क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं रह गया है, बल्कि इसकी ब्रांडिंग, विज्ञापन और निवेश का सबसे बड़ा मंच बन गया है। ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप लेकर प्लेयर्स की नीलामी तक—हर स्तर पर करोड़ों रुपये का गेम है। यही कारण है कि आईपीएल को अब ‘नोट छापने की मशीन’ कहा जाने लगा है।
CSK ने बनाया इतिहास, हॉल ऑफ फेम में शामिल हुए सुरेश रैना और मैथ्यू हेडन

नई दिल्ली। चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने इतिहास में पहली बार ‘हॉल ऑफ फेम’ की शुरुआत करते हुए दो दिग्गज खिलाड़ियों को खिताब दिलाया है। इस प्रतिष्ठित सूची में भारत के पूर्व स्टार स्टॉकहोम सुरेश रैना और ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज मैथ्यू हेडन शामिल हैं। इस दौरान चेन्नई के एम. ए. चिदम्बरम स्टेडियम में ‘रोअर 26’ कार्यक्रम के आयोजन की घोषणा की गई, जहां हजारों प्रशंसकों के समर्थकों में जश्न का माहौल देखने को मिला। रानी: ‘चिन्ना थाला’ का स्वर्णिम सफरसुरेश रैना 2008 से 2021 तक चेन्नई सुपर किंग्स का अहम हिस्सा रहे और टीम की सफलता में उनका योगदान अतुलनीय रहा। ‘चिन्ना थाला’ के नाम से मशहूर रेसलर चार बार आईपीएल टाइटल वाली टीम (2010, 2011, 2018 और 2021) के सदस्य रह रहे हैं। उन्होंने सीएसके के लिए 5529 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 38 शतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने 2010 और 2014 में चैंपियंस लीग टी20 में भी अहम भूमिका निभाई थी। 2014 में उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। एमएस धोनी की गैरमौजूदगी में कई बार टीम के वैज्ञानिक सपोटते हुए रैना ने अपनी नेतृत्व क्षमता भी साबित की। हेडन: शुरुआती सफलता का हीरोमैथ्यू हेडन 2008 से 2010 के बीच सीएसके का हिस्सा रहे और टीम की शुरुआती सफलता में उनका योगदान बेहद अहम रहा। 2010 में आईपीएल खिताब जीतने वाली टीम के सदस्य रहे हेडन ने 2009 सीजन में 572 रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। वह सीएसके के लिए यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी बने थे। उनके डॉकुलेट ड्रामा ने सीएसके को एक मजबूत टीम के रूप में स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभाई। वयोवृद्ध खिलाड़ियों के अध्ययन ने हाल ही में शानइस खास मौके पर सीएसके के कई पूर्व खिलाड़ी भी मौजूद रहे, जिनमें मुथैया मुरलीधरन, अंबाती रायडू, लक्ष्मीपति बालाजी, सुब्रमण्यम बद्रीनाथ और माइकल हसी शामिल थे। इन दिग्गजों के सहयोगियों ने इस ऐतिहासिक महल को और भी यादगार बना दिया। नए सीज़न की तैयारी पूरीअब सीएसके की नजर आईपीएल 2026 के नए सीजन पर है। टीम अपना पहला मुकाबला 30 मार्च को ग्वालियर में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलेगी।
MP: भिंड जिले में अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए BJP MLA, जानें क्यां है मामला?

भिंड। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड जिले (Bhind District) के लहार विधायक अम्बरीश शर्मा (MLA Ambrish Sharma) ने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन (Demonstration) शुरू किया। उन्होंने कहा कि वे पिछले 35 साल से जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं और अब भी तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर जनता के साथ मैदान में उतरे हैं। विधायक ने पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह (Dr. Govind Singh) के परिवार के नाम से बनी कोठी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कथित रूप से सरकारी रास्ते पर बनी है, जो दलित और पिछड़ी बस्ती का रास्ता है। उन्होंने बताया कि इस रास्ते को लेकर अनुसूचित जाति के लोग पिछले 595 दिनों से आंदोलनरत हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। विधायक ने प्रशासन से मांग की कि यदि नापतौल सही है तो लिखित में जानकारी दी जाए, नहीं रास्ता तत्काल खुलवाया जाए। दूसरे मुद्दे पर विधायक ने बिजली कंपनी की उप महाप्रबंधक के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के साथ अभद्र व्यवहार कर रही हैं और लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी की मुलाकातउन्होंन बताया कि इस मामले को लेकर वे ऊर्जा मंत्री और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मुलाकात कर चुके हैं। तीसरे मुद्दे के रूप में विधायक ने लहार क्षेत्र में रेत खदानों के बंद होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर खदानों को तीन हिस्सों में बांटा गया, लेकिन लहार क्षेत्र की खदानें अब तक शुरू नहीं हो सकीं। इसका असर यह है कि पास के मेहगांव क्षेत्र में 5 हजार रुपए में मिलने वाली रेत लहार में 11 हजार रुपए में बिक रही है। समाजसेवी बाबूलाल टैंगोर ने बताया कि दलित बस्ती मझतौरा मोहल्ले के सरकारी रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है।उनका कहना है कि सरकारी नापतौल में यह स्पष्ट हो चुका है कि रास्ता अवरुद्ध है। इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा।उन्होंने बताया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और एसडीएम कोर्ट तक से निर्णय हो चुके हैं, लेकिन जमीन पर अमल नहीं हो रहा।उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक रास्ता नहीं खुलता, आंदोलन जारी रहेगा।
फूलों की दुनिया के लिए अब कश्मीर ही नहीं ये 7 जगहें बना देंगी आपका दिल दीवाना

नई दिल्ली: जब भी फूलों की खूबसूरती की बात होती है तो सबसे पहले कश्मीर का नाम सामने आता है लेकिन भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां प्रकृति अपने सबसे रंगीन और आकर्षक रूप में नजर आती है ये जगहें न सिर्फ खूबसूरत हैं बल्कि अपने अनोखे अनुभव के लिए भी जानी जाती हैं और कई बार तो उनकी तुलना यूरोप के मशहूर फ्लेवर डेस्टिनेशन से भी की जाती है उत्तराखंड में बसी फूलों की घाटी ऐसी ही एक जगह है जो जून से सितंबर के बीच रंगों की चादर ओढ़ लेती है यहां पहुंचें अपने आप में एक अनुभव है क्योंकि ट्रेकिंग के बाद जब यह घाटी सामने आती है तो हर कोई इसकी खूबसूरती में खो जाता है मेघालय की राजधानी शिलांग में अक्टूबर और नवंबर के दौरान चेरी ब्लॉसम का नजारा देखने लायक होता है यहां का चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल फूलों के साथ-साथ संगीत और खाने का शानदार मेल प्रस्तुत करता है जो इसे और खास बना देता है केरल का मुन्नार अपने चाय बागानों के लिए मशहूर है लेकिन यहां खिलने वाला नीलकुरिंजी फूल इसे और खास बना देता है यह फूल हर 12 साल में एक बार खिलता है और पूरी ऊंचाई को नीले रंग में बदल देता है है अगर आप शहर के अंदर ही फूलों की खूबसूरती देखना चाहते हैं तो लालबाग बॉटनिकल गार्डन एक बेहतरीन ऑप्शन है यहां होने वाले फ्लेवर शो में फूलों को इतनी खूबसूरती से परोसा जाता है कि यह किसी कला प्रदर्शनी जैसा लगता है सिक्किम की युमथांग वैली को पूर्व के फूलों का स्वर्ग कहा जाता है यहां अप्रैल से जून के बीच रोडोडेंड्रोन और कई दुर्लभ फूल खिलते हैं ठंडी हवा और शांत माहौल इसे और भी खास बना देता है महाराष्ट्र का कास पठार मानसून के दौरान रंग बिरंगे फूलों से भर जाता है इसे महाराष्ट्र की वैली ऑफ फ्लेवर्स भी कहा जाता है यहां की जैव विविधता इसे बेहद खास बनाती है वहीं नागालैंड और मणिपुर के बीच स्थित ज़ुकोउ वैली उन लोगों के लिए है जो भीड़ से दूर प्रकृति के बीच सुकून ढूंढते हैं मानसून में यहां छोटे छोटे फूलों से भरे हरे मैदान एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं इन सभी जगहों की खास बात यह है कि यहां की खूबसूरती हर मौसम के साथ बदलती है और हर बार एक नया अनुभव देती है अगर आप सच में प्रकृति और फूलों के शौकीन हैं तो अपनी अगली यात्रा के लिए इन जगहों को जरूर शामिल करें
युद्ध के लिए फंडिंग…. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक जहाज निकालने के 20 लाख डॉलर वसूल रहा ईरान

तेहरान। अमेरिका और इजरायल (America and Israel) से युद्ध लड़ रहा ईरान (Iran) स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर जहाजों से वसूली (Recovery Ships) कर रहा है। खबर है कि कुछ जहाजों को गुजरने देने के लिए लाखों डॉलर लिए जा रहे हैं। ईरान के एक सांसद ने ही ऐसा दावा किया है। इससे पहले ईरान ने धमकी दी थी कि अगर अमेरिका की तरफ से हमले किए जाते हैं, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य, अलादीन ब्रूजेर्दी ने कहा कि यह कदम पहले ही लागू किया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘अब, चूंकि युद्ध की अपनी लागत होती है, इसलिए स्वाभाविक रूप से हमें यह करना चाहिए और Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट शुल्क लेना चाहिए।’ ब्रूजेर्दी ने डोनाल्ड ट्रंप की उस चेतावनी का भी जिक्र किया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि यदि 48 घंटों के भीतर स्ट्रेट को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। इसके जवाब में ब्रूजेर्दी ने कहा कि इजरायल का ऊर्जा ढांचा भी ईरान की पहुंच में है और उसे ‘एक दिन के भीतर’ पूरी तरह तबाह किया जा सकता है। अमेरिका अलर्टसंयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने रविवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ अपनी ‘रेड लाइन्स’ पर अडिग हैं। उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की लगभग नाकेबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान को दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को बंधक नहीं बनाने देंगे। ट्रंप ने कहा था 48 घंटे में होर्मुज खोले ईरानअमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि अगर ईरान ने 48 घंटों के अंदर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से फिर नहीं खोला तो ईरान के बिजली संयंत्रों को पूरी तरह तबाह कर देंगे। ट्रंप का यह बयान शनिवार को दिए उनके बयान से उलट था। उन्होंने कहा था कि वह युद्ध को खत्म करने पर विचार कर रहे हैं। लेकिन रविवार तड़के उन्होंने ईरान को नई धमकी दे डाली। ट्रंप की यह धमकी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी नौसैनिक और भारी लैंडिंग क्राफ्ट क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। आईजी मार्केट विश्लेषक टोनी साइकैमोर ने कहा, राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी ने अब बाजारों पर 48 घंटे की अनिश्चितता का टिक टिक करता हुआ टाइम बम रख दिया है। यदि इस अल्टीमेटम को वापस नहीं लिया गया, तो हम सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों को ‘ब्लैक मंडे’ के रूप में गिरते हुए और तेल की कीमतों को काफी ऊंचे स्तर पर जाते हुए देखेंगे। बंद कर सकता है ईरानईरान की सेना ने चेतावनी दी कि यदि ट्रंप देश के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाते हैं, तो वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर देंगे। सेना की ऑपरेशनल कमांड ‘खातम अल-अंबिया’ ने सरकारी टीवी द्वारा प्रसारित बयान में कहा, यदि ईरान के बिजली संयंत्रों के संबंध में अमेरिका की धमकियों पर अमल किया गया, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा, और इसे तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक कि हमारे नष्ट किए गए बिजली संयंत्रों का पुनर्निर्माण नहीं हो जाता।
PAN, पेट्रोल से लेकर HRA तक….. एक अप्रैल से बदलेंगे ये नियम, आम आदमी पर होगा सीधा असर

नई दिल्ली। नया वित्त वर्ष 2026-27 (New Financial Year 2026-27) शुरू होते ही 1 अप्रैल से कई बड़े नियम लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों, खासकर सैलरीड कर्मचारियों (Salaried Employees) और टैक्सपेयर्स (Taxpayers) पर पड़ेगा। पैन कार्ड, HRA, क्रेडिट कार्ड (Credit Card) और पेट्रोल से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए जा रहे हैं, जो आपकी जेब और टैक्स प्लानिंग दोनों को प्रभावित करेंगे। PAN कार्ड के नियम सख्त, अब सिर्फ आधार से काम नहीं चलेगाअब तक पैन कार्ड बनवाने के लिए सिर्फ आधार पर्याप्त था, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से यह सुविधा खत्म हो जाएगी। नए नियमों के तहत पैन बनवाने या उसमें सुधार करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। इससे पैन प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त और सुरक्षित हो जाएगी। HRA क्लेम में बड़ा बदलाव, बताना होगा मकान मालिक से रिश्तासैलरीड कर्मचारियों के लिए HRA से जुड़ा नियम और सख्त किया गया है। अब अगर आप सालाना 1 लाख रुपये से ज्यादा किराया देते हैं, तो आपको मकान मालिक का PAN देना होगा और साथ ही यह भी बताना होगा कि वह आपके परिवार का सदस्य है या नहीं। यह जानकारी नए फॉर्म 124 में देनी होगी। इसका उद्देश्य फर्जी HRA क्लेम पर रोक लगाना है। क्रेडिट कार्ड पर सख्ती, बड़े ट्रांजैक्शन सीधे आयकर विभाग की नजर में1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। अब बड़े ट्रांजैक्शन और भुगतान की जानकारी इनकम टैक्स डिपॉर्टमेंट को दी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा का क्रेडिट कार्ड बिल डिजिटल माध्यम से चुकाता है या 1 लाख रुपये से ज्यादा का भुगतान कैश में करता है, तो इसकी रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी। इससे हर बड़ा खर्च सीधे आपके PAN रिकॉर्ड से जुड़ जाएगा। अब क्रेडिट कार्ड से भी भर सकेंगे टैक्ससरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए अब टैक्स भुगतान के लिए क्रेडिट कार्ड को भी मान्य कर दिया है। पहले यह सुविधा केवल नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड तक सीमित थी। हालांकि, भुगतान करते समय अतिरिक्त चार्ज या प्रोसेसिंग फीस का ध्यान रखना जरूरी होगा। कंपनी के क्रेडिट कार्ड पर खर्च पर टैक्स नियम स्पष्टअगर किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड दिया जाता है और उसका पेमेंट कंपनी करती है, तो यह एक प्रकार का लाभ माना जाएगा और उस पर टैक्स लग सकता है। हालांकि, यदि खर्च पूरी तरह आधिकारिक काम के लिए है और उसका सही रिकॉर्ड मौजूद है, तो उस पर टैक्स नहीं लगेगा। नया आयकर अधिनियम 2025 लागू1 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू किया जाएगा, जो पुराने 1961 कानून की जगह लेगा। यह टैक्स सिस्टम को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सख्त नियमपेट्रोल में 20% एथेनॉल अनिवार्य, गुणवत्ता भी बदलेगीअब पूरे देश में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर भी नए मानक लागू होंगे, जिससे प्रदूषण कम करने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलेगी। क्या है इसका सीधा असर?इन सभी बदलावों का सीधा असर आपकी टैक्स प्लानिंग, खर्च और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। खासतौर पर सैलरीड लोगों और ज्यादा खर्च करने वालों को अब ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी, क्योंकि हर बड़ा ट्रांजैक्शन अब टैक्स सिस्टम की नजर में होगा।
नवरात्रि व्रत में हेल्दी रहना है आसान, जानें नींबू पानी पीने का सही तरीका

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि 2026 में श्रद्धालु मां दुर्गा की भक्ति के साथ कठिन उपवास भी रखते हैं। व्रत के दौरान शरीर में ऊर्जा की कमी और पोषण का असंतुलन देखना आम है। भारी भोजन से परहेज होने की वजह से शरीर हल्का रहता है लेकिन ऐसे में ऊर्जा बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में नींबू पानी एक प्राकृतिक और सुलभ विकल्प है जो न केवल प्यास बुझाता है बल्कि व्रत के दौरान होने वाली शारीरिक समस्याओं को दूर करने में भी मदद करता है। नींबू पानी को सेहत का पावरहाउस कहा जाता है। इसमें भरपूर विटामिन-सी एंटीऑक्सीडेंट और साइट्रिक एसिड होता है। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में ताजा नींबू निचोड़कर पीने से शरीर में सुरक्षा कवच बनता है। यह न सिर्फ संक्रमण से बचाता है बल्कि थकान और कमजोरी को भी दूर रखता है। व्रत के दौरान खान-पान में बदलाव के कारण पेट फूलना गैस अपच और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गुनगुना नींबू पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय रहता है पेट की अम्लता कम होती है और आंतों की सफाई होती है। नियमित सेवन से लिवर डिटॉक्स होता है जिससे हानिकारक टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और आप हल्का व ऊर्जावान महसूस करते हैं। नींबू पानी वजन घटाने और त्वचा की चमक के लिए भी लाभकारी है। व्रत में कुट्टू के आटे या तले हुए फलाहार के कारण वजन बढ़ने की शिकायत रहती है। नींबू पानी मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है फैट बर्न करने में मदद करता है और भूख नियंत्रित करता है। साथ ही विटामिन-सी त्वचा को निखारता है मुहांसों और दाग-धब्बों को कम करता है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाता है। नींबू पानी बनाने का सही तरीका बेहद आसान है। सबसे पहले एक गिलास पानी हल्का गुनगुना करें। इसमें आधा ताजा नींबू निचोड़ें। बेहतर स्वाद और पोषण के लिए आप थोड़ा सा शहद मिला सकते हैं। सफेद चीनी का प्रयोग न करें क्योंकि यह नींबू के डिटॉक्स गुणों को कम कर सकती है। व्रत के दौरान इसे सुबह खाली पेट या दिन में 2-3 बार फलाहार के साथ पी सकते हैं। यह छोटा सा बदलाव आपकी नवरात्रि साधना को सेहतमंद और सुखद बना देगा।