मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में भूचाल, ब्रेंट क्रूड 60% से ज्यादा उछला

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक तेल बाजार में तीव्र हलचल पैदा कर दी है। ईरान से संबद्ध युद्ध जैसे हालातों के बाद अंतरराष्ट्रीय पैनल ब्रेंट क्रूड के द्वीप में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। करीब 70 डॉलर प्रति डॉलर का कारोबार ब्रेंट अब 112 डॉलर प्रति डॉलर के करीब पहुंच गया है। वहीं, भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चे तेल के लिए 3 फीसदी से ज्यादा उछाल 9,310 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया। पिछले एक महीने में ही जिले में 56 प्रतिशत की तेजी ने बाजार की चमक को साफ तौर पर शामिल कर दिया है। अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी करीब 98.75 डॉलर प्रति शेयर पर पहुंच गया, जिसमें कोडो सत्र में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखी गई। होर्मुज पर खतरा, अल्ट्रासाउंड बाधित होने का डरपश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया का सबसे अहम तेल मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस समुद्री मार्ग से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा शामिल है, लेकिन स्थिर बंदरगाहों में यहां से बाधा उत्पन्न हो रही है। कई तेल उत्पादक संयंत्रों में उत्पादन की नौबत आ गई है, जिससे बाजार में ऑक्सफोर्ड को लेकर चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मार्ग से तेल की आपूर्ति सामान्य स्तर के केवल 5 प्रतिशत तक सीमित रह सकती है और स्थिति सामान्य होने में कम से कम एक महीने का समय लग सकता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है। अमेरिका-ईरान माजी से बड़ी चिंतायह संकट और गंभीर बना हुआ है अमेरिका और ईरान के बीच भारी संकट। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में 48 घंटे के भीतर पूरी तरह से चेतावनी दी थी। उन्होंने साफ कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान के पावर प्लांट्स को बंद कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी देशों के ऊर्जा पर्यावरण पर हमले को खतरनाक बना दिया है। हालाँकि ईरान का दावा है कि होर्मुज़ पूरी तरह से बंद नहीं है और साथियों की छुट्टी जारी है, लेकिन सुरक्षा के दावे से सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे स्थिति बेहद खराब हो गई है। आगे और बढ़ोतरी संभावित है, उत्पादन में भारी गिरावट का अनुमान हैवैश्विक वित्तीय संस्था गोल्डमैन सैक्स ने भी इस संकट को देखते हुए अपने अनुमान में बदलाव किया है। संस्था ने 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड का औसत अनुमान 77 डॉलर से 85 डॉलर प्रति आँकड़ा कर दिया है, जबकि मार्च-अप्रैल के दौरान लगभग 110 डॉलर प्रति आँकड़े के आसपास रहने की संभावना है। रिपोर्ट के अनुसार, मध्य पूर्व में कच्चे तेल के उत्पादन में नुकसान 1.1 करोड़ कोटा प्रति दिन से लेकर 1.7 करोड़ कोटा प्रति दिन तक पहुंच सकता है। हालाँकि, एक राहत की बात यह है कि अमेरिका और यूरोप में अभी भी कच्चे तेल का भंडार है, जिससे संकेत मिलता है कि संघर्ष पहले ही शुरू हो चुका है, जो कि विश्वव्यापी राक्षस माँग से अधिक है।
IPL 2026 और महिला क्रिकेट में MP की उपलब्धियां, MPCA ने खिलाड़ी मंच तैयार किया

ग्वालियर । ग्वालियर में महाआर्यमन राव सिंधिया ने मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन MPCA की उपलब्धियों और आईपीएल 2026 में MP के खिलाड़ियों के चयन पर खुशी जताई। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस बार IPL में मध्यप्रदेश के 10 से ज्यादा खिलाड़ी खेल रहे हैं। महाआर्यमन राव सिंधिया ने कहा कि यह सफलता MPCA और MPL की टीमवर्क का परिणाम है जिन्होंने क्रिकेट को लेकर मिलकर मेहनत की। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पुरुष ही नहीं बल्कि महिला क्रिकेट में भी MP का नाम चमक रहा है। MPCA से तीन महिलाएं इंडिया क्रिकेट टीम के लिए सिलेक्ट हुई हैं। इस अवसर पर महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर में जनता से मिलने पहुंचे और उन्होंने अशोकनगर में लगाए गए स्वास्थ्य कैंप में शामिल होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों से स्वास्थ्य कैंप में कई ऑपरेशन और जांच कार्य हो रहे हैं। MPCA अध्यक्ष ने आगे कहा कि MPL और MPCA ने सभी खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया है जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल दिखाने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और टीमवर्क की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरी टीम के प्रयासों का परिणाम है। महाआर्यमन सिंधिया के अनुसार IPL 2026 और महिला क्रिकेट में MP की उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। उन्होंने कहा कि MPCA के प्रयासों से क्रिकेट के सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिल रहे हैं जिससे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊँचा हो रहा है। यह बयान MP क्रिकेट के लिए उत्साह और गर्व का क्षण है जो खिलाड़ियों अधिकारियों और समर्थकों के लिए बड़ी खुशी लेकर आया है।
Vastu Tips: इस प्रकार खुलेगा आपकी किस्मत का ताला, करना होगा बस ये खास उपाय

नई दिल्ली। हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर में सुख समृद्धि बनी रहे कोई भी दिक्कत ना आए। लेकिन कई बार देखा जाता है कि कुछ ना कुछ समस्या आपको घेरे रहती है। आपको कोई भी काम नहीं बनता है चारों तरफ से बरकत रुकी रहती है। इसे ठीक करने के लिए आपको कुछ ना कुछ उपाय करना चाहिए। वास्तु शास्त्र में भी इसको लेकर काफी उपाय बताए गए हैं जिन्हें आप अपने घर पर ही बड़े आराम से कर सकते हैं। जरूर अपनाएं ये वास्तु नियमवास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर में सुख समृद्धि पाने के लिए आपको माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करनी चाहिए घर में माता लक्ष्मी यंत्र लाना चाहिए। इसके अलावा अगर आपके घर में चारों तरफ सामान हमेशा फैला रहता है तो वैसा बिलकुल न करें हर सामान को एक जगह पर रखें। क्योंकि मां लक्ष्मी घर में सुख समृद्धि लेकर आती हैं इसलिए उनकी पूजा करना अनिवार्य है। इसके अलावा भी आप सभी देवी देवता की अच्छे से पूजा करें रोजाना दीपक जलाएं उनके समक्ष। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर में मकड़ी का जला नहीं होना चाहिए। मकड़ी का जला घर में जैसे-जैसे जाल बनता है वैसे-वैसे आपके घर में कंगाली छाती जाती है। इसलिए आपको समय रहते ही मकड़ी को घर से भगा देना चाहिए। वहीं घर की साफ सफाई पर पूरा ध्यान रखना चाहिए इससे घर में देवी देवता आते हैं और आपके आशीर्वाद प्रदान करते हैं। आपको अपने घर में बरकत बनाए रखने के लिए घर की शुद्धता बनानी चाहिए इसके लिए सुबह शाम का पूजा लाकर पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए। घर में हम कई सारे फूल पौधे लगा लेते हैं लेकिन उन पर ध्यान नहीं देते हैं वो धीरे-धीरे सूखने लगते हैं अगर आपके भी घर के बालकनी या फिर गार्डन में ऐसे ही पेड़ पौधे लगे हुए हैं जो सुख रहे हैं तो आप उन्हें जल्द से जल्द घर से बाहर निकाल दे यह नकारात्मकता का कारण बनते हैं इसके साथ आपको अपने घर में कोई टूटी-फूटी चीज भी नहीं रखना चाहिए। इससे भी आप की बरकत में बाधा पहुंचती है।
पड़ोसी देश में गैस सप्लाई कैसे होती है? पाकिस्तान की टॉप LPG कंपनियों का सच

नई दिल्ली। भारत में Indane, Bharat Gas और HP Gas जैसे बड़े ब्रांड LPG सप्लाई करते हैं। लेकिन पाकिस्तान का सिस्टम इससे काफी अलग है। वहां LPG सेक्टर किसी एक कंपनी के हाथ में नहीं है, बल्कि सरकारी और निजी कंपनियों में बंटा हुआ है। पाकिस्तान में कौन सी कंपनी है सबसे बड़ी?पाकिस्तान में Pakistan State Oil को सबसे बड़ा और प्रमुख LPG प्लेयर माना जाता है। यह Pak Gas ब्रांड के तहत पूरे देश में गैस सप्लाई करती है। इसके 250 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर हैं, जो शहरों से लेकर दूरदराज इलाकों तक गैस पहुंचाते हैं। Pakistan State Oil खासकर उन इलाकों में LPG पहुंचाती है जहां पाइपलाइन की सुविधा नहीं है, जैसे गिलगित, स्कार्दू, चित्राल इन क्षेत्रों में LPG ही लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों का मुख्य साधन है। निजी कंपनियां भी हैं मजबूतपाकिस्तान का LPG बाजार पूरी तरह सरकारी कंपनी पर निर्भर नहीं है। कई निजी कंपनियां भी इसमें अहम भूमिका निभाती हैं, जैसे Parko Pearl Gas, Burshane LPG ये कंपनियां बड़े स्तर पर काम करती हैं और बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखती हैं। गैस सप्लाई का तरीकापाकिस्तान में गैस दो तरीकों से सप्लाई होती है रिफाइनरी में गैस तैयार होती है उसे तरल रूप में बदलकर सिलेंडर में भरा जाता है फिर डिस्ट्रीब्यूटर्स के जरिए घरों तक पहुंचाया जाता है पाइप गैस की सप्लाई Sui Northern Gas Pipelines Limited जैसी कंपनियां करती हैं, जो मुख्य रूप से शहरों में सक्रिय हैं। कैसे काम करती है पाइप गैस?पाइपलाइन के जरिए गैस शहरों तक लाई जाती है। इसके बाद दबाव कम करके घरों तक सप्लाई की जाती है हर घर में मीटर लगा होता है इस्तेमाल के हिसाब से बिल बनाया जाता है पाकिस्तान का LPG सिस्टम भारत के मुकाबले ज्यादा बिखरा हुआ है। यहां Pakistan State Oil सबसे बड़ा खिलाड़ी जरूर है, लेकिन निजी कंपनियों की भी बड़ी भूमिका है। यही वजह है कि पाकिस्तान में गैस सप्लाई एक मल्टी-कंपनी सिस्टम के तहत चलती है, जबकि भारत में यह ज्यादा संगठित और केंद्रीकृत है।
वीआईपी कल्चर पर जया बच्चन की सख्त टिप्पणी लोकतंत्र और जनता की गरिमा पर उठाए सवाल

नई दिल्ली:राज्यसभा में वीआईपी संस्कृति को लेकर एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए Jaya Bachchan ने अपनी तीखी आपत्ति दर्ज कराई उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे महानगरों में वीआईपी मूवमेंट के कारण आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है और यह स्थिति लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है जया बच्चन ने बताया कि जब भी किसी वीआईपी का आवागमन होता है तो सड़कों को बंद कर दिया जाता है ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाता है और आम लोगों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है उन्होंने इस व्यवस्था को जनता के अधिकारों का उल्लंघन बताया अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में संसद के बाहर उन्हें भी वीआईपी मूवमेंट के कारण रोका गया जो उनके लिए बेहद अपमानजनक अनुभव था उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें इस तरह की असुविधा का सामना करना पड़ा जो स्वीकार्य नहीं है उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में कई इलाकों में जहां बड़े राजनीतिक नेता रहते हैं वहां अक्सर सड़कों को बंद कर दिया जाता है जिससे सांसदों को भी संसद पहुंचने में देरी होती है कई बार उन्हें आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ता है और अपनी यात्रा पहले से योजना बनानी पड़ती है ताकि वे समय पर सदन में पहुंच सकें जया बच्चन ने एक और उदाहरण देते हुए कहा कि एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्हें एक घंटे तक ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा जिसका कारण वीआईपी मूवमेंट था उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति से आम जनता में नाराजगी बढ़ती है और यह असंतोष पैदा करती है उन्होंने विशेष रूप से चिंता जताई कि वीआईपी संस्कृति के कारण आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं कई बार एम्बुलेंस को भी रास्ते में रोक दिया जाता है जो बेहद गंभीर और खतरनाक स्थिति है यदि समय पर इलाज नहीं मिलता तो लोगों की जान तक जा सकती है अंतरराष्ट्रीय तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कई देशों में वीआईपी मूवमेंट देखा है लेकिन वहां आम लोगों को इस तरह परेशान नहीं किया जाता भारत में यह समस्या अधिक गंभीर है और इसे तत्काल सुधारने की आवश्यकता है अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सभापति से आग्रह किया कि इस मुद्दे को सरकार के सामने उठाया जाए और वीआईपी संस्कृति को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सभी नागरिक समान हैं और किसी को भी विशेषाधिकार के नाम पर दूसरों को परेशान करने का अधिकार नहीं होना चाहिए जया बच्चन की यह टिप्पणी एक बार फिर इस बहस को सामने लाती है कि क्या वीआईपी संस्कृति आज के लोकतांत्रिक भारत में उचित है या नहीं और क्या इसे बदलने की जरूरत है
योगी सरकार की किसानों को सौगात, गेहूं पर MSP बढ़ी, कैबिनेट ने 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को दी मंजूरी

लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 35 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में किसानों, ऊर्जा, नगर विकास और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। गेहूं पर MSP और अतिरिक्त भत्ताखाद्य एवं रसद विभाग से जुड़े फैसलों के अनुसार, इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष से 160 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है। साथ ही किसानों को गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान भी मिलेगा। इसका मतलब है कि किसानों के खातों में प्रति क्विंटल अतिरिक्त राशि भेजी जाएगी। खरीद लक्ष्य और प्रक्रिया इस सीजन में गेहूं की खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य 30 लाख टन रखा गया है, जबकि अधिकारी अनुमान लगा रहे हैं कि यह 50 लाख टन तक पहुंच सकता है। राज्य में खरीद 30 मार्च 2026 से 15 जून 2026 तक होगी। पूरे प्रदेश के 75 जिलों में लगभग 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। भुगतान DBT के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा। खरीद व्यवस्था आठ एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी, जिनमें भारतीय खाद्य निगम, उत्तर प्रदेश मंडी परिषद, प्रांतीय और प्रादेशिक सहकारी संघ, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम, राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ शामिल हैं। ऊर्जा क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्टघाटमपुर पावर प्लांट में 660 मेगावॉट की तीन यूनिटों में से दो यूनिट चालू हैं और तीसरी जल्द शुरू होगी। झारखंड के दुमका में आवंटित पछवारा कोल माइन के विकास के लिए 2242.90 करोड़ रुपये की मंजूरी कैबिनेट ने दी। यह प्लांट केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है। गोरखपुर सोलर सिटी में विकसित होगाअयोध्या के बाद गोरखपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। चिलुआताल में 20 मेगावॉट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में पहले से ही औरैया (20 मेगावॉट, NTPC) और खुर्जा (11 मेगावॉट, THDC) में फ्लोटिंग सोलर प्लांट मौजूद हैं। नगर विकास और स्मार्ट शहरनवयुग पालिका योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 75 जिलों में से 17 नगर निगम को छोड़कर बाकी 58 जिला मुख्यालयों के नगर पालिकाओं को स्मार्ट बनाने का काम किया जाएगा। औद्योगिक और अवस्थापना विकासउत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना 2025 को मंजूरी दी गई। इसके तहत सरकार भूमि निशुल्क उपलब्ध कराएगी और निजी निवेशक आमंत्रित किए जाएंगे। निवेश पर 45 साल में भूमि की कीमत वसूली जाएगी। संभल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर की स्थापना के लिए 242.42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। यह परियोजना गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे संभल पॉकेट में विकसित होगी।
बैतूल में शहीद दिवस पर तीन किमी पदयात्रा: युवाओं ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को दी श्रद्धांजलि

बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल में शहीद दिवस के अवसर पर मेरा युवा भारत अभियान के तहत तीन किलोमीटर लंबी पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन थी जिसमें बड़ी संख्या में युवा सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और मेरा भारत के स्वयंसेवक शामिल हुए पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने देशभक्ति के नारे लगाए और शहर भ्रमण करते हुए एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। युवाओं का उत्साह और जोश पूरे आयोजन में साफ झलक रहा था। इस अवसर पर शहीदों भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने उनके बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इसके अलावा अभियान के तहत 21 मार्च को “एक योद्धा ऐसा भी” विषय पर रील प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें युवाओं ने वीर सपूतों पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं और बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। 22 मार्च को स्वच्छता सम्मान कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। इसमें स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों के साथ शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम आयोजन का भावनात्मक महत्व बढ़ाने वाला साबित हुआ। आयोजकों ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति सामाजिक जिम्मेदारी और जागरूकता को बढ़ावा देना था। ऐसे आयोजन युवाओं को प्रेरित करते हैं और उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करते हैं। बैतूल में इस प्रकार की पदयात्रा और कार्यक्रम युवाओं को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत करने और सामाजिक योगदान के महत्व को समझाने का एक प्रभावशाली प्रयास साबित हुआ।
मोबाइल डेटा पर संसद में बहस में राघव चड्ढा ने उपभोक्ता अधिकारों का मुद्दा उठाया..

नई दिल्ली: राज्यसभा में मोबाइल डेटा प्लान्स को लेकर एक अहम बहस देखने को मिली जब Raghav Chadha ने देश में करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे को उठाया उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में टेलीकॉम कंपनियां उपभोक्ताओं से पूरे डेटा का पैसा लेती हैं लेकिन उपयोग न होने वाले डेटा को समाप्त कर देती हैं जिससे ग्राहकों को आर्थिक नुकसान होता है सांसद ने कहा कि जब कोई यूजर अपने मोबाइल प्लान के लिए भुगतान करता है तो उसे पूरे डेटा का उपयोग करने का अधिकार होना चाहिए लेकिन मौजूदा सिस्टम में डेटा को प्रतिदिन एक निश्चित सीमा में बांट दिया जाता है जैसे 1.5 जीबी या 2 जीबी और यदि उपयोग नहीं किया गया तो वह डेटा रात 12 बजे खत्म हो जाता है यह व्यवस्था उपभोक्ता के साथ अन्याय है उन्होंने इस स्थिति को समझाने के लिए एक उदाहरण दिया जिसमें पेट्रोल की तुलना मोबाइल डेटा से की गई उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति 20 लीटर पेट्रोल खरीदता है और केवल 15 लीटर ही उपयोग करता है तो क्या बचा हुआ पेट्रोल पंप वाला वापस ले लेगा नहीं इसी तरह मोबाइल डेटा भी उपभोक्ता का अधिकार होना चाहिए राघव चड्ढा ने आगे कहा कि टेलीकॉम कंपनियां जानबूझकर ऐसे प्लान को बढ़ावा देती हैं जिनमें दैनिक डेटा लिमिट होती है जबकि मासिक डेटा प्लान कम उपलब्ध कराए जाते हैं क्योंकि मासिक प्लान में उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार डेटा का उपयोग कर सकता है जिससे कंपनियों का लाभ कम होता है उन्होंने इंटरनेट को आज के समय में डिजिटल ऑक्सीजन’ बताते हुए कहा कि यह केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि शिक्षा कामकाज बैंकिंग और संचार जैसे सभी क्षेत्रों में आवश्यक हो चुका है ऐसे में डेटा का यूं ही समाप्त हो जाना गंभीर चिंता का विषय है इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने तीन प्रमुख सुझाव दिए पहला यह कि डेटा कैरी फॉरवर्ड की सुविधा दी जाए ताकि बचा हुआ डेटा अगले दिन में जुड़ सके दूसरा यह कि महीने के अंत में बचे हुए डेटा की वैल्यू को अगले रिचार्ज में समायोजित किया जाए जिससे उपभोक्ता को आर्थिक लाभ मिल सके और तीसरा यह कि अनयूज्ड डेटा को एक डिजिटल एसेट के रूप में माना जाए जिसे जरूरत पड़ने पर किसी अन्य व्यक्ति को ट्रांसफर किया जा सके उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इस दिशा में ठोस नीतिगत कदम उठाए ताकि डिजिटल युग में उपभोक्ताओं को उनका पूरा अधिकार मिल सके उनका कहना था कि यह मुद्दा केवल डेटा का नहीं बल्कि उपभोक्ता अधिकार और डिजिटल न्याय से जुड़ा हुआ है यह मामला अब एक व्यापक बहस का विषय बन गया है जहां एक ओर उपभोक्ताओं के हितों की बात हो रही है वहीं दूसरी ओर टेलीकॉम इंडस्ट्री के व्यापार मॉडल पर भी सवाल उठ रहे हैं आने वाले समय में इस पर नीतिगत निर्णय इस पूरे सिस्टम को बदल सकते हैं English Tags Mobile data issue India, Raghav Chadha speech, Telecom consumer rights, Data rollover India, Digital rights India
पश्चिम एशिया युद्ध का बड़ा असर! 40+ तेल-गैस ठिकाने तबाह, IEA अधिकारी का खुलासा

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने अब पूरी दुनिया के ऊर्जा संतुलन को झकझोर कर रख दिया है। International Energy Agency के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Fatih Birol ने ऑस्ट्रेलिया के Canberra में बताया कि इस संघर्ष के चलते नौ देशों में फैले 40 से अधिक तेल और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को गंभीर या अत्यंत गंभीर नुकसान हुआ है। इसका सीधा असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ा है और हालात ऐसे बन गए हैं कि कोई भी देश इस संकट से अछूता नहीं रह पाएगा। सप्लाई में आई इस बड़ी बाधा ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है और कीमतों में तेज उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 1970 के दशक से भी बड़ा खतरा, रिकॉर्ड सप्लाई प्रभावितआईईए प्रमुख ने इस संकट को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इसकी तुलना 1970 के दशक के तेल संकट और Russia-Ukraine War के बाद आए गैस संकट को मिलाकर की जा सकती है। उन्होंने बताया कि 1970 के दशक में करीब 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन की सप्लाई प्रभावित हुई थी, जबकि मौजूदा हालात में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 1.1 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यह स्थिति वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए खतरे की घंटी है। बढ़ती मांग और घटती सप्लाई के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका भी तेज हो गई है, जिससे आम लोगों के साथ साथ उद्योग जगत पर भी असर पड़ सकता है। तेल ही नहीं, कई जरूरी सेक्टर भी प्रभावितइस युद्ध का असर सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े कई अहम उद्योग भी संकट में आ गए हैं। पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक, सल्फर और हीलियम जैसे जरूरी उत्पादों की सप्लाई प्रभावित होने लगी है। इन उत्पादों की कमी का असर कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी क्षेत्रों पर पड़ेगा। यदि स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो खाद्य उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों में गिरावट आ सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ने का खतरा है। होर्मुज जलडमरूमध्य बना संकट की जड़इस पूरे संकट की सबसे बड़ी वजह Strait of Hormuz का लगभग ठप हो जाना है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का निर्यात होता है। इसके बंद होने से एशिया और यूरोप के कई देशों में ईंधन आपूर्ति पर गहरा असर पड़ा है। हालात को संभालने के लिए आईईए ने अपने सदस्य देशों के आपातकालीन भंडार से रिकॉर्ड 40 करोड़ बैरल तेल जारी करने का फैसला लिया है और आगे भी जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त तेल जारी करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है और स्थायी राहत तभी मिलेगी जब इस समुद्री मार्ग को फिर से सुचारू किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी विकास पर राजनीति नहीं चलेगी ममता सरकार को फटकार
नई दिल्ली: कोलकाता मेट्रो परियोजना से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई इस सुनवाई की अध्यक्षता कर रहे Surya Kant ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों को चुनाव या त्योहारों के बहाने टालना संवैधानिक कर्तव्य की अवहेलना है और इस तरह की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं है मामला कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन परियोजना में हो रही देरी से जुड़ा था राज्य सरकार की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि चुनाव और त्योहारों के कारण प्रशासनिक दिक्कतें आ रही हैं जिससे परियोजना की गति प्रभावित हो रही है इसके साथ ही सरकार ने यह भी अनुरोध किया कि मेट्रो कार्यों के लिए ट्रैफिक ब्लॉक को मई तक टाल दिया जाए राज्य सरकार ने यह तर्क भी दिया कि संबंधित क्षेत्र से एंबुलेंस और अंग प्रत्यारोपण से जुड़े वाहनों की आवाजाही होती है इसलिए वहां काम रोकने या सीमित करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि ये केवल बहाने हैं और वास्तविकता में विकास कार्यों को टालने का प्रयास किया जा रहा है सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग जैसे संस्थान चुनाव के दौरान भी अपने काम को जारी रख सकते हैं तो राज्य सरकार को भी विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए उन्होंने कहा कि जनता के हित से जुड़े कामों को त्योहारों या अन्य कारणों से रोकना उचित नहीं है कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में पहले ही हाईकोर्ट ने राज्य को पर्याप्त छूट दी थी लेकिन इसके बावजूद परियोजना में कोई खास प्रगति नहीं हुई अदालत ने राज्य सरकार के रवैये को कर्तव्य में लापरवाही और जिद्दी व्यवहार का उदाहरण बताया सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रशासनिक देरी का मामला नहीं है बल्कि यह जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाता है अदालत ने यहां तक संकेत दिया कि इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है इसके साथ ही अदालत ने कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया कोर्ट ने कहा कि परियोजना को तय समय सीमा में पूरा किया जाना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब कोलकाता मेट्रो की ओर से याचिका वापस लेने की कोशिश की गई लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसकी अनुमति नहीं दी और मामले को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह परियोजना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी बल्कि शहर में ट्रैफिक दबाव को भी कम करेगी ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी इस परियोजना को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि न्यायपालिका अब विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई या राजनीतिक बहाने को स्वीकार करने के मूड में नहीं है और भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर और भी सख्त रुख अपनाया जा सकता है English Tags