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विंध्य क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अधोसंरचना परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश, उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल । भोपाल में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में विंध्य क्षेत्र में चल रही सड़क फ्लाइओवर और पुल-पुलिया निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सुदृढ़ और प्रभावी अधोसंरचना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की मॉनिटरिंग नियमित और प्रभावी रूप से की जाए ताकि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण हो सके। बैठक में रीवा फ्लाइओवर संस्कृत विश्वविद्यालय लक्ष्मण बाग के समीप प्रस्तावित एप्रोच रोड मऊगंज बायपास और मऊगंज–पटेरा औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क सहित अन्य प्रमुख अधोसंरचना परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति प्रगति और शेष कार्य पर विस्तृत चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जिन कार्यों में अंतर्विभागीय समन्वय की आवश्यकता है उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र हल किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक स्तर की स्वीकृतियों भूमि संबंधी मुद्दों तकनीकी अड़चनों और मैदानी समस्याओं की पहचान कर त्वरित और यथोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने क्षेत्र के औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। बेहतर सड़क संपर्क और परिवहन सुविधाएं निवेश आकर्षित करने में सहायक होंगी जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों में संतुलित और समग्र विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उप मुख्यमंत्री ने अधोसंरचनात्मक विकास को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल बताया और कहा कि सभी परियोजनाओं का समयबद्ध पूर्ण होना विंध्य क्षेत्र के दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की प्रगति नियमित रूप से रिपोर्ट की जाए और किसी भी बाधा को तुरंत दूर किया जाए। बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुखवीर सिंह सहित संबंधित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने अधिकारियों से कहा कि अधोसंरचना विकास केवल सड़क और पुल निर्माण तक सीमित नहीं है बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की रीढ़ है। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता से न केवल जनता को लाभ मिलेगा बल्कि क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने बैठक का समापन करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार विंध्य क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। अधोसंरचना परियोजनाओं को समय पर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करना इस प्रयास का अहम हिस्सा है और यह क्षेत्र की दीर्घकालीन प्रगति सुनिश्चित करेगा।

Vivo X300s के फीचर्स लीक दमदार कैमरा और बड़ी बैटरी के साथ आएगा नया फोन

नई दिल्ली:  स्मार्टफोन मार्केट में लगातार नए और एडवांस फीचर्स के साथ कंपनियां अपने डिवाइसेज पेश कर रही हैं और इसी कड़ी में Vivo अपना नया स्मार्टफोन Vivo X300s लॉन्च करने की तैयारी में है। यह फोन कंपनी की X सीरीज का हिस्सा होगा और इसमें कई हाई-एंड स्पेसिफिकेशंस देखने को मिल सकते हैं, जो इसे प्रीमियम कैटेगरी में मजबूती से खड़ा करते हैं लीक्स और रिपोर्ट्स के अनुसार इस फोन में 200 मेगापिक्सल का दमदार रियर कैमरा दिया जा सकता है, जो फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगा। इसके अलावा 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा भी मिलने की संभावना है, जिससे सेल्फी और वीडियो कॉलिंग का अनुभव और बेहतर हो जाएगा। कैमरा सेगमेंट में यह फोन काफी पावरफुल साबित हो सकता है और यह हाई-क्वालिटी इमेज और वीडियो कैप्चर करने में सक्षम हो सकता है Vivo X300s की एक और बड़ी खासियत इसकी 7,100mAh की विशाल बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने का दावा करती है। इसके साथ 90W फास्ट चार्जिंग और 40W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल सकता है, जिससे फोन को जल्दी चार्ज किया जा सकेगा। यह फीचर खासकर उन यूजर्स के लिए उपयोगी होगा जो दिनभर फोन का अधिक उपयोग करते हैं डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.78 इंच की बड़ी स्क्रीन मिलने की उम्मीद है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगी। इसका मतलब है कि यूजर्स को बेहद स्मूद स्क्रॉलिंग और बेहतर गेमिंग एक्सपीरियंस मिलेगा। साथ ही 1.5K रेजोल्यूशन वाली BOE Q10+ फ्लैट स्क्रीन इसे और भी प्रीमियम बनाती है सुरक्षा के लिहाज से भी यह फोन काफी एडवांस होगा, जिसमें 3D अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट 2.0 तकनीक दी जा सकती है। इसके अलावा फोन को IP68 और IP69 रेटिंग मिल सकती है, जिससे यह धूल और पानी से सुरक्षित रहेगा परफॉर्मेंस और अन्य फीचर्स की बात करें तो इसमें USB 3.2 पोर्ट, 1511 सिमेट्रिकल ड्यूल स्पीकर और 751440 X-एक्सिस मोटर जैसे फीचर्स भी शामिल हो सकते हैं, जो यूजर्स को एक प्रीमियम और इमर्सिव अनुभव देंगे फोन के लॉन्च की बात करें तो इसे चीन में 30 मार्च को पेश किए जाने की उम्मीद है, जहां यह Vivo X300 Ultra और Vivo Pad 6 Pro के साथ लॉन्च हो सकता है। यह फोन कई स्टोरेज और RAM वेरिएंट्स में उपलब्ध हो सकता है, जिससे यूजर्स अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे  Vivo X300s एक पावरफुल और फीचर-रिच स्मार्टफोन साबित हो सकता है, जो कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस के मामले में यूजर्स को बेहतरीन अनुभव देने का वादा करता है

AI डेवलपमेंट पर रोक की मांग Stop the AI Raceप्रोटेस्ट ने छेड़ी बड़ी बहस

नई दिल्ली:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच अब इसके खिलाफ विरोध की आवाजें भी तेज होती जा रही हैं। हाल ही में अमेरिका के San Francisco में Stop the AI Raceनाम के एक समूह ने बड़ा प्रदर्शन किया, जहां दर्जनों लोगों ने प्रमुख AI कंपनियों के दफ्तरों के बाहर अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। इस प्रदर्शन में Anthropic, OpenAI और xAI जैसी कंपनियों के खिलाफ आवाज उठाई गई और इनके मुख्यालयों के बाहर मार्च भी किया गया प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग यह थी कि एडवांस्ड या फ्रंटियर AI सिस्टम्स के विकास पर अस्थायी रूप से रोक लगाई जाए। उनका मानना है कि इस तरह की तकनीक तेजी से विकसित हो रही है और इसके संभावित खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। समूह के लीडर Michael Trazzi के अनुसार उनका उद्देश्य कंपनियों को एक कंडीशनल पॉजपर सहमत कराना है, जिससे AI के विकास को कुछ समय के लिए रोका जा सके और इसके प्रभावों का बेहतर आकलन किया जा सके प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अत्याधुनिक AI सिस्टम्स भविष्य में ऐसे स्तर तक पहुंच सकते हैं जहां वे खुद को सुधारने और AI रिसर्च को ऑटोमेट करने में सक्षम होंगे। यह स्थिति इंसानों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। उनका दावा है कि यह चिंता केवल एक्टिविस्ट्स तक सीमित नहीं है, बल्कि कई AI विशेषज्ञ और इंडस्ट्री के लीडर्स भी इन जोखिमों को लेकर चेतावनी दे चुके हैं यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका में AI के लिए पॉलिसी और रेगुलेशन पर व्यापक चर्चा चल रही है। हाल ही में व्हाइट हाउस ने AI को लेकर एक नया फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर एक समान नीति तैयार करना है। इस फ्रेमवर्क में बच्चों की सुरक्षा और कंपनियों की जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है टेक एक्सपर्ट Ahmed Banafa ने इस मुद्दे की तुलना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के पुराने रेगुलेशन से की, जहां पहले कंपनियों को काफी छूट दी गई थी और अब उसके परिणाम सामने आ रहे हैं। उनका कहना है कि अगर AI के मामले में समय रहते सही कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं वहीं California के स्टेट सीनेटर Scott Wiener ने इस तरह के दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि AI जैसे संवेदनशील क्षेत्र में संतुलित नीति की जरूरत है। उनका मानना है कि इनोवेशन को रोकना समाधान नहीं है, बल्कि मजबूत और जिम्मेदार रेगुलेशन के जरिए इसे सुरक्षित बनाया जा सकता है इससे पहले अमेरिकी प्रशासन ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया था, जिसमें राज्यों को अपने अलग-अलग AI कानून बनाने से रोका गया और राष्ट्रीय स्तर पर एक समान नियम बनाने पर जोर दिया गया था। इससे यह स्पष्ट होता है कि AI को लेकर सरकार और समाज दोनों स्तरों पर गंभीर चर्चा चल रही हैStop the AI Raceप्रोटेस्ट यह संकेत देता है कि AI अब केवल टेक्नोलॉजी का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह एक सामाजिक, नैतिक और पॉलिसी से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिस पर दुनिया भर में बहस तेज होती जा रही है

आंगनवाड़ी के माध्यम से शाला पूर्व शिक्षा को सशक्त बनाने की नई पहल

भोपाल । भोपाल में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती निर्मला भूरिया ने प्रदेश के आंगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित विद्यारंभ समारोह में बच्चों को प्रमाणपत्र प्रदान कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केन्द्र बच्चों के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक पाठशाला हैं जहाँ पोषण और शिक्षा दोनों का समग्र ध्यान रखा जाता है। प्रदेश के 97 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों में एक साथ आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 10 लाख बच्चे आंगनवाड़ी से आगे बढ़कर औपचारिक स्कूल शिक्षा की ओर कदम रख रहे हैं। नेहरू नगर आंगनवाड़ी क्रं. 1061 में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं और बताया कि आंगनवाड़ी केन्द्र केवल बच्चों की देखभाल का स्थान नहीं बल्कि मातृ शिशु स्वास्थ्य पोषण और प्रारंभिक शिक्षा का समन्वित केन्द्र हैं। उन्होंने कहा कि यहां गर्भवती महिलाओं के पंजीयन से लेकर बच्चों के जन्म और छह वर्ष की आयु तक पोषण स्वास्थ्य और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में “पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है जिससे बच्चों को खेल खेल में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान की जाती है। मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि 3 से 6 वर्ष की आयु में बच्चों का शारीरिक बौद्धिक सामाजिक और भावनात्मक विकास आंगनवाड़ी केन्द्रों में विशेष ध्यान का विषय होता है। इसके आधार पर बच्चे आगे विद्यालयी शिक्षा के लिए तैयार होते हैं। भारत सरकार के निर्देशानुसार अब आंगनवाड़ी में 3 वर्ष की प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने वाले बच्चों को विद्यारंभ प्रमाणपत्र प्रदान किया जा रहा है जिससे उनकी शाला पूर्व शिक्षा को औपचारिक मान्यता मिल सके। उपलब्धि के इस अवसर पर मंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे मातृ शिशु स्वास्थ्य पोषण और शिक्षा जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन समर्पण और लगन के साथ कर रही हैं। उनके प्रयासों के परिणामस्वरूप हर वर्ष लाखों बच्चे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार हो रहे हैं। सचिव महिला बाल विकास श्रीमती जी. वी. रश्मि ने इस अवसर पर कहा कि विद्यारंभ प्रमाणपत्र केवल एक दस्तावेज़ नहीं है बल्कि बच्चों की शिक्षा यात्रा का पहला महत्वपूर्ण पड़ाव है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी की अनौपचारिक शिक्षा से प्राथमिक विद्यालय की औपचारिक शिक्षा में बच्चों का सहज और आनंदपूर्वक प्रवेश सुनिश्चित करना है। उन्होंने माता पिता विशेषकर पिता की भूमिका को बच्चों के समग्र विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। सचिव श्रीमती रश्मि ने यह भी कहा कि यह पहल राष्ट्रीय ECCE नीति 2013 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल परिवार और समुदाय में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ेगी बल्कि बच्चों के स्कूल में प्रवेश और उनकी शैक्षणिक निरंतरता को भी बल मिलेगा। कार्यक्रम में मंत्री सुश्री भूरिया ने बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर बच्चों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए जबकि उनके अभिभावकों ने आंगनवाड़ी में शिक्षा और पोषण से हुए बदलावों के अनुभव साझा किए। इस प्रकार विद्यारंभ उत्सव ने बच्चों परिवार और समाज में शाला पूर्व शिक्षा के महत्व को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया।

Xiaomi का नया Air Fryer Pro 6.5L कैपेसिटी और स्मार्ट फीचर्स के साथ आया बाजार में

नई दिल्ली:टेक्नोलॉजी और स्मार्ट होम अप्लायंसेज के क्षेत्र में लगातार इनोवेशन कर रही Xiaomi ने एक और नया प्रोडक्ट पेश किया है Mijia Smart Air Fryer Pro Steam & Bake Edition 6.5L, जिसे कंपनी ने अपने Youpin प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया है। यह नया एयर फ्रायर आधुनिक कुकिंग को और भी आसान और हेल्दी बनाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है, जिससे घर पर बिना गैस और कम तेल में स्वादिष्ट भोजन तैयार किया जा सकता है इस स्मार्ट एयर फ्रायर की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6.5 लीटर की बड़ी कैपेसिटी है, जिससे एक बार में पूरे परिवार के लिए खाना तैयार किया जा सकता है। Xiaomi ने इसे इस तरह डिजाइन किया है कि इसमें एक साथ कई डिश तैयार की जा सकती हैं। इसके ड्यूल लेयर रैक के जरिए यूजर्स एक साथ अलग-अलग चीजें कुक कर सकते हैं, जिससे समय की बचत होती है और कुकिंग प्रक्रिया ज्यादा सुविधाजनक बन जाती है डिवाइस में 900W का स्टीम जनरेटर दिया गया है जो 130°C तक तापमान पर काम कर सकता है, जिससे खाना जल्दी और समान रूप से पकता है। इसमें स्टीम, स्टीम-फ्राई और लो टेम्परेचर कुकिंग जैसे 11 अलग-अलग मोड दिए गए हैं, जो यूजर्स को कई तरह की रेसिपी आजमाने की सुविधा देते हैं। इसके अलावा 31 प्रीसेट रेसिपी और Mi Home ऐप के जरिए 100 से ज्यादा क्लाउड बेस्ड रेसिपी का सपोर्ट भी मिलता है, जिससे नए-नए व्यंजन बनाना बेहद आसान हो जाता है Xiaomi ने इस एयर फ्रायर को मजबूत और सुरक्षित बनाने के लिए 304 स्टेनलेस स्टील की इनर कैविटी का इस्तेमाल किया है, जो ड्यूरेबिलिटी के साथ-साथ हाइजीन को भी सुनिश्चित करता है। इसमें फ्लोरीन-फ्री नॉन-स्टिक कोटिंग दी गई है, जिससे खाना चिपकता नहीं है और सफाई करना भी आसान हो जाता है। साथ ही इसमें 1.5 लीटर का वाटर टैंक है, जिससे लंबे समय तक स्टीम कुकिंग की जा सकती है और बिना बार-बार पानी डाले कई डिश तैयार की जा सकती हैं इस एयर फ्रायर में 360-डिग्री हॉट एयर सर्कुलेशन सिस्टम और डायनामिक स्टीम इंजेक्शन तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे खाना बाहर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट और जूसी बनता है। इसका टेम्परेचर 30°C से 230°C तक कंट्रोल किया जा सकता है, जिससे हर तरह के फूड को सही तरीके से पकाया जा सकता है यूजर्स इसे रोटरी नॉब या Mi Home ऐप के जरिए आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं। यह डिवाइस HyperOS Connect और XiaoAI वॉयस असिस्टेंट के साथ भी काम करता है, जिससे इसे वॉयस कमांड से भी ऑपरेट किया जा सकता है। इसके अलावा इसमें विजिबल कुकिंग विंडो, ऑटोमैटिक पावर ऑफ, ड्राइंग मोड, डिओडोराइजेशन और 30 मिनट तक फूड को गर्म रखने जैसी कई स्मार्ट सुविधाएं भी शामिल हैं कीमत की बात करें तो Xiaomi Mijia Smart Air Fryer Pro की कीमत 559 युआन है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 7,500 रुपये के आसपास बैठती है। इस कीमत पर यह एक किफायती और फीचर से भरपूर स्मार्ट किचन डिवाइस साबित हो सकता हैXiaomi का यह नया एयर फ्रायर आधुनिक तकनीक और हेल्दी कुकिंग का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है, जो आज के समय में स्मार्ट किचन की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है

लंबित भर्तियों की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश, स्वास्थ्य सेवाओं में मानव संसाधन को बढ़ावा

भोपाल । भोपाल में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि लंबित भर्तियों की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संस्थानों में मानव संसाधन की कमी को जल्द से जल्द दूर करना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विभागीय भर्ती प्रक्रियाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की और भर्ती में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी को रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों से समन्वय बनाए रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कर्मचारी चयन बोर्ड ईएसबी और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग पीएससी के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताओं को समय पर पूरा किया जाना चाहिए ताकि भर्ती प्रक्रिया में रुकावट न आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भर्ती की प्रक्रिया में किसी प्रकार की ढील या विलंब स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। बैठक में विशेष रूप से अस्पताल सहायक के रिक्त पदों की भर्ती पर ध्यान केंद्रित किया गया। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल सहायक के पदों के प्रस्ताव को शीघ्र ही कर्मचारी चयन बोर्ड को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल सहायक स्वास्थ्य संस्थानों के सुचारू संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन पदों की पूर्ति में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं है। इसके साथ ही, उप मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग टीचरों की नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। श्री शुक्ल ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षित और योग्य नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण योगदान देता है और इसकी भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकती है। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए योजनाबद्ध और चरणबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता और मरीजों की सुविधा में सुधार लाने में सहायक होंगे। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री धनराजू एस और अपर संचालक श्री मनोज कुमार सरियाम उपस्थित रहे। उप मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जाएं और भर्ती प्रक्रिया में बाधा डालने वाले किसी भी अड़चन को शीघ्र हल किया जाए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के निर्देशों के बाद यह स्पष्ट हो गया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी और सुधार लाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। लंबित भर्तियों को शीघ्र पूर्ण करने और स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की कमी को दूर करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इस समीक्षा बैठक ने प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बनाने और मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में एक नया संदेश दिया है।

Apple WWDC 2026 डेट फाइनल iOS 27 और नए AI फीचर्स पर रहेगा फोकस..

नई दिल्ली:  टेक्नोलॉजी की दुनिया में सबसे चर्चित इवेंट्स में से एक Apple का Worldwide Developers Conference यानी WWDC 2026 अब आधिकारिक रूप से घोषित हो चुका है। यह आयोजन 8 जून से 12 जून तक चलेगा और इसकी शुरुआत 8 जून को होने वाले कीनोट से होगी। हर साल की तरह इस बार भी Apple अपने नए सॉफ्टवेयर और टेक्नोलॉजी इनोवेशन को दुनिया के सामने पेश करेगा, जिससे डेवलपर्स और टेक प्रेमियों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में WWDC का फोकस हार्डवेयर से हटकर सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा केंद्रित हो गया है। इस बार भी यही ट्रेंड जारी रहने की संभावना है, जहां Apple अपने ऑपरेटिंग सिस्टम्स के नए वर्जन जैसे iOS 27, macOS 27, iPadOS 27, watchOS 27, visionOS 27 और tvOS 27 को पेश कर सकता है। इन अपडेट्स के जरिए यूजर्स को बेहतर परफॉर्मेंस, नए फीचर्स और अधिक स्मूद एक्सपीरियंस मिलने की उम्मीद है। WWDC 2026 में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय Apple का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI रहने वाला है। कंपनी अपने लंबे समय से इंतजार किए जा रहे Siri अपग्रेड को पेश कर सकती है, जिसमें स्मार्ट और ज्यादा एडवांस फीचर्स शामिल होंगे। इसके साथ ही Apple Intelligence को और मजबूत बनाने की दिशा में भी कई बड़े ऐलान हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन नए AI फीचर्स में Google के Gemini AI का भी सपोर्ट देखने को मिल सकता है, जिससे Apple का इकोसिस्टम और भी पावरफुल बन सकता है। इवेंट के तुरंत बाद डेवलपर्स को नए सॉफ्टवेयर के शुरुआती बीटा वर्जन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अपने ऐप्स को नए सिस्टम के अनुसार तैयार कर सकें। यह प्रक्रिया हर साल Apple के डेवलपर कम्युनिटी को नई टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट रहने का अवसर देती है। आम यूजर्स के लिए ये सभी अपडेट्स साल के अंत तक रिलीज किए जाने की संभावना रहती है, जिससे वे नए फीचर्स का फायदा उठा सकें। Apple की वाइस प्रेसिडेंट Susan Prescott ने कहा कि WWDC कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां दुनिया भर के डेवलपर्स एक साथ आकर इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाते हैं। यह इवेंट न केवल नए प्रोडक्ट्स का प्रदर्शन है, बल्कि एक ग्लोबल कम्युनिटी को जोड़ने का भी माध्यम है। इसके अलावा Apple अपने Swift Student Challenge के जरिए छात्रों को भी प्रोत्साहित करता है, जिसमें विजेताओं को Apple Park में खास अनुभव दिया जाता है। इस पहल का उद्देश्य युवा डेवलपर्स को प्रेरित करना और उन्हें भविष्य की टेक्नोलॉजी से जोड़ना है।

ट्रंप पर दबाव बढ़ा, सीनेट में डेमोक्रेट नेताओं ने ईरान संघर्ष की आलोचना की

वाशिंगटन । वाशिंगटन अमेरिका में ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया है। शीर्ष डेमोक्रेट नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बनाते हुए युद्ध की बढ़ती लागत, स्पष्ट रणनीति की कमी और लंबे संघर्ष के खतरे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने कहा कि इस युद्ध का कोई स्पष्ट लक्ष्य या रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, “ट्रंप का ईरान के साथ युद्ध चौथे हफ्ते में है और इसका कोई अंत नजर नहीं आ रहा।” शूमर ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति आगे की योजना को लेकर साफ जवाब देने में विफल हैं। उन्होंने व्हाइट हाउस के बयान भी विरोधाभासी बताया और कहा, “यह क्या हो रहा है? कमांडर-इन-चीफ की लीडरशिप नहीं दिख रही। या तो भ्रमित हैं, या सच नहीं बोल रहे, या दोनों एक साथ हैं।” शूमर ने युद्ध को अमेरिका में बढ़ती पेट्रोल कीमतों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि एक महीने पहले गैस की औसत कीमत लगभग 2.93 डॉलर प्रति गैलन थी, जो अब बढ़कर 3.94 डॉलर हो गई है। यह वृद्धि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद देखी गई सबसे बड़ी मासिक उछालों में से एक है। सीनेटर ग्रेग लैंड्समैन ने कहा कि अब समय आ गया है कि ईरान में अभियान समाप्त किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि और गहराई से शामिल होने पर अमेरिका बिना रणनीति वाले लंबे युद्ध में फंस सकता है। उनके अनुसार अमेरिकी बलों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च क्षमता लगभग पूरी तरह नष्ट कर दी है और हथियारों के ढांचे को निशाना बनाने का उद्देश्य पूरा हो चुका है। सीनेटर पीटर वेल्च ने सरकार के रुख की आलोचना करते हुए 200 अरब डॉलर के युद्ध फंड का विरोध किया। उन्होंने आर्थिक असर पर चिंता जताई और बताया कि पेट्रोल की कीमतें कम से कम 1 डॉलर बढ़ गई हैं, जिससे आम अमेरिकी परिवार को सालाना लगभग 2,000 डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। इसके अलावा, उर्वरक और हीटिंग ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे परिवारों पर लगभग 1,000 डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। सीनेटर सारा जैकब्स ने इसे अमेरिकी विदेश नीति की बड़ी गलती बताया। उन्होंने कहा सरकार के पास आगे की कोई स्पष्ट योजना नहीं है और आम लोगों को यह तक नहीं बताया जा रहा कि यह युद्ध है क्या, इसका लक्ष्य क्या है और इसकी लागत कितनी होगी। इस तरह, डेमोक्रेट नेताओं ने ट्रंप पर दबाव बढ़ाया है कि वह युद्ध की स्पष्ट रणनीति पेश करें, पारदर्शिता सुनिश्चित करें और अमेरिका के आर्थिक और सामाजिक नुकसान को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई करें।

जीएसटी पोर्टल गाइड टैक्स रिफंड रिटर्न और शिकायत का पूरा समाधान..

नई दिल्ली:  भारत में जीएसटी एक एकीकृत कर प्रणाली है जिसने कई प्रकार के केंद्रीय और राज्य करों को समाप्त कर एक सिंगल टैक्स सिस्टम की व्यवस्था बनाई है यह प्रणाली 2017 में लागू की गई थी और इसके बाद से टैक्स से जुड़ी प्रक्रियाएं काफी आसान और पारदर्शी हो गई हैं जीएसटी पोर्टल इस पूरे सिस्टम का डिजिटल माध्यम है जहां से टैक्स से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं जीएसटी पोर्टल का उद्देश्य टैक्सपेयर्स को एक ऐसा मंच प्रदान करना है जहां वे बिना किसी कागजी प्रक्रिया के अपने टैक्स संबंधित कार्य ऑनलाइन कर सकें इस पोर्टल के माध्यम से रिटर्न फाइल करना टैक्स का भुगतान करना रिफंड के लिए आवेदन करना और किसी भी तरह की शिकायत दर्ज करना बहुत आसान हो गया है यह पोर्टल व्यवसायियों प्रोफेशनल्स और आम टैक्सपेयर्स के लिए एक सिंगल विंडो की तरह कार्य करता है यदि आप जीएसटी पोर्टल में लॉगिन करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा इसके बाद होमपेज पर आपको लॉगिन का विकल्प दिखाई देगा जिस पर क्लिक करने के बाद आपको अपना यूजरनेम और पासवर्ड दर्ज करना होगा इसके साथ ही एक कैप्चा कोड भी भरना आवश्यक होता है सही जानकारी दर्ज करने के बाद लॉगिन पर क्लिक करते ही आप अपने जीएसटी डैशबोर्ड में पहुंच जाते हैं पहली बार उपयोग करने वाले यूजर्स को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होती है इसके लिए उन्हें पोर्टल पर रजिस्टर विकल्प का चयन करना होता है और अपनी आवश्यक जानकारी भरनी होती है रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक अस्थायी यूजरनेम और पासवर्ड प्राप्त होता है जिसे उपयोग करके आप पहली बार लॉगिन कर सकते हैं पहली बार लॉगिन करते समय सिस्टम आपसे पासवर्ड बदलने के लिए कहता है जिससे आपके अकाउंट की सुरक्षा सुनिश्चित होती है अगर किसी कारणवश आप अपना यूजरनेम या पासवर्ड भूल जाते हैं तो चिंता करने की जरूरत नहीं है पोर्टल पर फॉर्गेट यूजरनेम और फॉर्गेट पासवर्ड का विकल्प दिया गया है इसके माध्यम से आप अपने GSTIN या अन्य पहचान विवरण दर्ज करके ओटीपी वेरिफिकेशन के जरिए अपनी लॉगिन जानकारी को पुनः प्राप्त कर सकते हैं यह सुविधा उपयोगकर्ताओं को बिना किसी बाधा के अपने अकाउंट तक पहुंचने में मदद करती है जीएसटी पोर्टल केवल लॉगिन तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह टैक्स से जुड़े सभी कार्यों को एक ही जगह पर पूरा करने की सुविधा देता है आप यहां से अपने टैक्स की गणना कर सकते हैं रिटर्न फाइल कर सकते हैं और भुगतान भी कर सकते हैं इसके अलावा रिफंड के लिए आवेदन करना और उसकी स्थिति को ट्रैक करना भी आसान है अगर आपको किसी प्रकार की समस्या होती है तो जीएसटी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध है जिससे आप सीधे संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं डिजिटल प्रणाली होने के कारण यह प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होती है इस प्रकार जीएसटी पोर्टल ने टैक्स सिस्टम को सरल और सुविधाजनक बना दिया है जिससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि गलतियों की संभावना भी कम हो जाती है यह एक आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो भारत के टैक्स ढांचे को मजबूत और अधिक प्रभावी बनाता है

भारतीय बाजार में रिकवरी के संकेत रुपया 91- तक मजबूत हो सकता है रिपोर्ट..

नई दिल्ली:भारतीय शेयर बाजार में आने वाले महीनों में मजबूत वापसी के संकेत मिल रहे हैं। हाल ही में जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और शेयरों के वैल्यूएशन में कमी के चलते बाजार में सुधार की संभावना बन रही है। रिपोर्ट के अनुसार डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी मजबूती दिखाते हुए 91 के स्तर तक पहुंच सकता है। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड मौजूदा 6.83 प्रतिशत से घटकर लगभग 6.65 प्रतिशत तक आ सकती है। यह बदलाव अगले दो से तीन महीनों में देखने को मिल सकता है, जब बाजार सामान्य स्थिति में लौटने लगेगा। हालांकि, पिछले कुछ समय में बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि निफ्टी पिछले तीन कारोबारी सत्रों में करीब 5 प्रतिशत तक गिरा, जिसकी मुख्य वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली रही। इसके बावजूद उम्मीद जताई गई है कि यह ट्रेंड जल्द बदल सकता है और भारत निवेश के लिए आकर्षक बाजार बनकर उभर सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वित्त वर्ष 2027 में अगर ब्रेंट क्रूड की कीमत औसतन 80 डॉलर प्रति बैरल रहती है, तो भारत की जीडीपी वृद्धि दर घटकर लगभग 6.6 प्रतिशत रह सकती है। इसके साथ ही मुद्रास्फीति बढ़कर 4.3 प्रतिशत और चालू खाता घाटा जीडीपी के 1.7 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। अगर वैश्विक परिस्थितियों के कारण तेल की कीमतें और बढ़ती हैं और ब्रेंट 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला जाता है, तो भारत के लिए आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में चालू खाता घाटा 2.5 प्रतिशत से अधिक हो सकता है और व्यापार घाटा 85 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि मौजूदा तेल कीमतों के स्तर पर सरकार को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में लगभग 19.5 रुपए प्रति लीटर की कटौती करनी पड़ सकती है। साथ ही एलपीजी पर करीब 1 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी का भार भी सरकार को उठाना पड़ सकता है।