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ट्रंप से बातचीत के बाद नेतन्याहू की चेतावनी, बोले- हमले जारी रहेंगे; दो वैज्ञानिक मारने का दावा

तेल अवीव। । इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के बाद कहा कि इजरायल अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान और लेबनान में हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक इजरायल के सुरक्षा हित पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए नेतन्याहू ने लिखा: आज मैंने अपने मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात की। राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिकी सेना के साथ मिलकर हमने जो शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं, उनका लाभ उठाकर एक समझौते के माध्यम से युद्ध के लक्ष्यों को पूरा करने का अवसर है। इसी बीच, हम ईरान और लेबनान दोनों जगह हमले जारी रखे हुए हैं। हम उनके मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों को नष्ट कर रहे हैं और हिजबुल्लाह को लगातार करारे झटके दे रहे हैं। कुछ ही दिन पहले, हमने दो और परमाणु वैज्ञानिकों को ढेर किया है और हमारे अभियान अभी भी सक्रिय हैं। हम हर परिस्थिति में अपने महत्वपूर्ण हितों की रक्षा करेंगे। ट्रंप का बड़ा फैसला: ईरान पर सैन्य हमले 5 दिन के लिए टले एक बेहद महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि उन्होंने ‘युद्ध विभाग’ को ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह स्थगन वर्तमान में चल रही चर्चाओं की सफलता पर निर्भर करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि मध्य पूर्व में शत्रुता को पूरी तरह से समाप्त करने के मुद्दे पर संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बहुत अच्छी और उत्पादक बातचीत हुई है। युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष में 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं, वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के कुछ सबसे व्यस्त हवाई मार्गों को खतरा पैदा हो गया है। ईरान ने कहा था कि वह पूरे पश्चिम एशिया में बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा। वहीं ट्रंप ने कहा था कि महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले जाने पर अमेरिका, ईरान में ऊर्जा संयंत्रों पर हमले करेगा। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में बहरीन का नया मसौदा प्रस्ताव अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहरीन द्वारा पेश किए गए एक नए मसौदा प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है। यह प्रस्ताव सदस्य देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए “सभी आवश्यक कदम” उठाने का अधिकार देने की वकालत करता है। मसौदे में मांग की गई है कि ईरान तुरंत वाणिज्यिक जहाजों पर अपने सभी हमले बंद करे और जलडमरूमध्य के आसपास कानूनी मार्ग या नेविगेशन की स्वतंत्रता में बाधा डालने के किसी भी प्रयास को रोके। सैन्य कार्रवाई की अनुमति प्रस्ताव के तहत सदस्य देशों को अंतरराष्ट्रीय नेविगेशन को बाधित करने के प्रयासों को विफल करने और रोकने के लिए सीमावर्ती देशों के ‘क्षेत्रीय जल’ के भीतर भी कार्रवाई करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। जो कोई भी नौवहन अधिकारों और स्वतंत्रता को कमजोर करेगा, उसके खिलाफ लक्षित प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है।

टेक्सास की वालेरो रिफाइनरी में जोरदार धमाका, आग से मचा हड़कंप; ईरान कनेक्शन की अटकलों पर सस्पेंस

वाशिंगटन। अमेरिका की टेक्सास स्थित वालेरो रिफाइनरी (Valero Energy) में जोरदार धमाके से हड़कंप मच गया। टेक्सास में स्थित इस रिफाइनरी में हुआ विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की जमीन तक हिल गई और कई घरों की खिड़कियां टूटने की खबर है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें धमाके के बाद रिफाइनरी से घना काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक यह विस्फोट 23 मार्च को स्थानीय समयानुसार शाम 7 बजकर 22 मिनट पर हुआ। धमाके के बाद परिसर में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए दमकल की टीमें मौके पर जुटी हुई हैं। Port Arthur फायर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका इतना तेज था कि उनके घर हिल गए। विस्फोट के बाद क्षेत्र में काला धुआं फैल गया, जिससे प्रशासन ने एहतियातन आसपास के इलाकों को खाली कराया और लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। अधिकारियों की टीम यह भी जांच कर रही है कि आग के कारण हवा में कोई जहरीला पदार्थ तो नहीं फैला। बड़ी रिफाइनरियों में शामिल वालेरो की पोर्ट आर्थर रिफाइनरी अमेरिकी गल्फ कोस्ट से करीब 90 मील दूर स्थित है और यहां लगभग 770 कर्मचारी काम करते हैं। रोजाना करीब 4.35 लाख बैरल गैसोलीन, डीजल और जेट ईंधन का उत्पादन यहां किया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आग के कारण संचालन प्रभावित हो सकता है, जिससे क्षेत्रीय फ्यूल सप्लाई पर असर पड़ने की संभावना है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक हीटिंग यूनिट में विस्फोट आग की वजह हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच सोशल मीडिया पर यह अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि घटना का संबंध Iran से हो सकता है, लेकिन अब तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही कारण स्पष्ट होगा।

सीक्रेट’ ईरानी नेता से कर रहे बातचीत? अमेरिका की नजर इस बड़े नाम पर

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिन के लिए टालते हुए बड़ा संकेत दिया है कि अमेरिका पर्दे के पीछे बातचीत की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि वार्ता किसी “शीर्ष और सम्मानित” ईरानी नेता से हो रही है, लेकिन उन्होंने नाम उजागर नहीं किया। इस बयान के बाद यह अटकलें तेज हो गईं कि आखिर वह नेता कौन है जिससे अमेरिका संपर्क में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी रणनीतिक हलकों में Mohammad Bagher Ghalibaf का नाम चर्चा में है। माना जा रहा है कि वॉशिंगटन उन्हें संभावित साझेदार के रूप में देख रहा है, जो भविष्य में ईरान की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी अधिकारी उन्हें ऐसे व्यक्ति के तौर पर देख रहे हैं जो संघर्ष के अगले चरण को आकार देने में मदद कर सकते हैं और संवाद की राह खोल सकते हैं। ट्रंप के बयान से बढ़ा सस्पेंस ट्रंप ने Palm Beach International Airport पर पत्रकारों से बातचीत में यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी “दूसरे सर्वोच्च नेता” से बात नहीं कर रहा। इसे Mojtaba Khamenei की ओर इशारा माना गया, जो Ali Khamenei के बेटे हैं। ट्रंप ने कहा, “हम एक ऐसे व्यक्ति से बात कर रहे हैं जो बहुत सम्मानित हैं।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी नेतृत्व की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका की रणनीति क्या? Politico की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के अधिकारी यह परख रहे हैं कि क्या कालीबफ भविष्य के संभावित पार्टनर बन सकते हैं। अमेरिकी रणनीति सिर्फ सैन्य दबाव तक सीमित न रहकर राजनीतिक संवाद के जरिए लाभ हासिल करने की बताई जा रही है। हालांकि प्रशासन अभी कई विकल्पों पर विचार कर रहा है और कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। विशेषज्ञों की राय International Crisis Group के विश्लेषक Ali Vaez का कहना है कि कालीबफ ईरान के सत्ता ढांचे से गहराई से जुड़े हैं और उनसे बड़ी रियायत मिलने की संभावना कम है। उनका मानना है कि वे मौजूदा इस्लामी व्यवस्था को बनाए रखने के पक्षधर हैं। कालीबफ ने किया इनकार इस बीच कालीबफ ने अमेरिका से किसी भी बातचीत से इनकार किया है। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई वार्ता नहीं हुई है और यह “फेक न्यूज” है। साथ ही ईरान की ओर से भी अमेरिका के साथ बातचीत की खबरों को खारिज कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने संकेत दिया है कि सैन्य तनाव के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक हलचल तेज है, लेकिन बातचीत को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

ईरान जंग के बीच शियाओं पर आसिम मुनीर का बयान, पाकिस्तान में बढ़ा विवाद

तेहरान। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर Asim Munir के एक बयान को लेकर पाकिस्तान में नया विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने कथित तौर पर कहा कि जिन शिया धर्मगुरुओं को Iran से “ज्यादा लगाव” है, वे वहां चले जाएं। उनका यह बयान रावलपिंडी में आयोजित एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान सामने आया, जिसके बाद शिया समुदाय के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। शिया धर्मगुरुओं ने इसे अपमानजनक और भड़काऊ बताते हुए आरोप लगाया कि सैन्य नेतृत्व देश के भीतर सांप्रदायिक तनाव बढ़ा रहा है। कुछ नेताओं ने यहां तक कहा कि सेना प्रमुख बाहरी शक्तियों के प्रभाव में काम कर रहे हैं, जो पाकिस्तान के हितों के खिलाफ है। सरकारों को गिराने तक के आरोप शिया उलेमा काउंसिल पाकिस्तान के केंद्रीय उपाध्यक्ष आलम सैयद सिब्तैन हाइडर सब्ज़वारी ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि सेना प्रमुख को अमेरिका और इजरायल से इतना लगाव है तो उन्हें खुद पाकिस्तान छोड़ देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार सरकारों को गिराकर देश को नुकसान पहुंचाया गया है। विरोध प्रदर्शनों के बाद बढ़ा तनाव इससे पहले, कराची, स्कार्डू और इस्लामाबादसमेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। ये प्रदर्शन शिया अयातुल्लाह खामेनेई से जुड़े घटनाक्रमों के विरोध में बताए गए। इन प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत होने की खबरें सामने आई थीं, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। मुनीर की चेतावनी विरोध प्रदर्शनों के बाद मुनीर ने कहा था कि किसी दूसरे देश की घटनाओं को लेकर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाद में “ईरान चले जाएं” वाली टिप्पणी सामने आने के बाद शिया समुदाय के एक हिस्से में नाराजगी और बढ़ गई। Inter-Services Public Relations ने अपने बयान में कहा कि सेना प्रमुख ने उलेमाओं से मुलाकात कर राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में उनकी भूमिका पर चर्चा की। हालांकि विवादित टिप्पणी पर आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

लंदन में यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर एम्बुलेंस में आग, पुलिस ने माना घृणा अपराध

लंदन। लंदन में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर कथित तौर पर बड़ा हमला हुआ है। उत्तरी लंदन के इलाके गोल्डर्स ग्रीन में एक यहूदी प्रार्थना स्थल के बाहर खड़ी कई एम्बुलेंस में आग लगा दी गई। घटना के बाद रात के आसमान में लपटें और काला धुआं दिखाई दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। लंदन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और मामले को यहूदी-विरोधी घृणा अपराध के तौर पर जांचा जा रहा है। एहतियातन आसपास के कुछ निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चार एम्बुलेंस जलकर खाक जानकारी के मुताबिक यह एम्बुलेंस यहूदी स्वयंसेवी बचाव समूह Hatzola North West से जुड़ी थीं। संगठन के अध्यक्ष Shloimy Richman ने बताया कि छह में से चार एम्बुलेंस पूरी तरह नष्ट हो गईं। उन्होंने इसे जानबूझकर की गई आगजनी बताते हुए कहा कि यह यहूदी समुदाय पर सीधा हमला है। सीसीटीवी में दिखे नकाबपोश संदिग्ध सुरक्षा फुटेज में तीन नकाबपोश व्यक्ति एक एम्बुलेंस के पास जाते और उसमें आग लगाते दिखाई दिए। वीडियो में तड़के करीब 1:36 बजे का समय दर्ज है और स्थान Machzikei Hadath के पास बताया गया है, जो पास के आराधनालय से मेल खाता है। पुलिस ने कहा है कि तीन संदिग्धों की तलाश जारी है, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। धमाकों से जागे लोग स्थानीय निवासी Charlie Richards ने बताया कि उन्होंने देर रात कई धमाकों की आवाज सुनी। उनके द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में एक बड़ा नारंगी विस्फोट और आसमान में उठता घना धुआं दिखाई दे रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस संभावित घृणा अपराध के एंगल से जांच कर रही है। समुदाय के लोग इस हमले से सदमे में हैं और जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सोनाक्षी सिन्हा के बाद अब मोहनलाल भी पहुंचे अदालत; डिजिटल युग में सितारों की साख बचाने के लिए हाईकोर्ट ने कसी कमर!

नई दिल्ली:  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के बढ़ते दुरुपयोग और डीपफेक तकनीक के खतरों के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की गरिमा और उनके व्यक्तित्व अधिकारों Personality Rights की सुरक्षा के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि सोनाक्षी सिन्हा की अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, चेहरे या उनके व्यक्तित्व से जुड़े किसी भी गुण का व्यावसायिक या किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यह फैसला उन एआई प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन वेबसाइटों के लिए एक कड़ी चेतावनी है, जो बिना सहमति के मशहूर हस्तियों की छवि का इस्तेमाल कर रहे थे। जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए पाया कि कुछ अराजक तत्व एआई टूल्स का दुरुपयोग कर अभिनेत्री की अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। अदालत ने कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह के कंटेंट से न केवल अभिनेत्री की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है, बल्कि यह उनकी निजता का भी गंभीर उल्लंघन है। इसी के मद्देनजर, कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि अभिनेत्री से जुड़े ऐसे सभी पहचाने गए आपत्तिजनक यूआरएल URLs को आदेश मिलने के मात्र 36 घंटों के भीतर इंटरनेट से पूरी तरह हटा दिया जाए। सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी याचिका में कई प्रतिवादियों को नामित किया था, जिनमें अमेरिका स्थित एआई चैटबॉट प्लेटफॉर्म और विभिन्न ई-कॉमर्स वेबसाइटें शामिल हैं। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ये संस्थाएं ‘जॉन डो’ अज्ञात संस्थाओं के साथ मिलकर अभिनेत्री की आवाज और रूप का गलत तरीके से शोषण कर अनुचित व्यावसायिक लाभ कमा रही हैं। कोर्ट ने माना कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा है और उसकी सहमति के बिना इसका उपयोग करना गैर-कानूनी है। दिलचस्प बात यह है कि सोनाक्षी सिन्हा का यह मामला फिल्म जगत में एक बड़ी मुहिम की शुरुआत माना जा रहा है। इसी कड़ी में, दिग्गज मलयालम अभिनेता मोहनलाल ने भी अपने पहचान अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने भी अपनी अर्जी में मांग की है कि उनकी फोटो और आवाज का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना कमाई के लिए न किया जाए। इस मामले पर भी जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ मंगलवार को सुनवाई कर सकती है। डिजिटल दौर में कलाकारों की सुरक्षा के लिहाज से ये कानूनी कदम मील का पत्थर साबित होंगे।

सच्ची घटनाओं पर आधारित वो 10 फिल्में, जिन्होंने जासूसी की दुनिया का असली चेहरा दिखाया; 'टिंकर टेलर सोल्जर स्पाई' ने तोड़े सारे रिकॉर्ड!

नई दिल्ली:  आजकल बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर-2’ को लेकर जो दीवानगी देखी जा रही है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दर्शक अब केवल हवाई एक्शन नहीं, बल्कि कहानी में सच्चाई और ऑथेन्टिसिटी तलाश रहे हैं। भारत में ‘पठान’ और ‘टाइगर’ जैसी फिल्मों ने एक माहौल जरूर बनाया, लेकिन ‘धुरंधर’ की सीरीज ने जासूसी के उस पहलू को छुआ है जिसे लोग हकीकत के करीब मान रहे हैं। इसी कड़ी में, अगर हम विश्व सिनेमा पर नजर डालें, तो कुछ ऐसी फिल्में हैं जिन्होंने जासूसी की दुनिया को इतनी बारीकी से दिखाया है कि खुद रिटायर्ड जासूसों ने भी उनकी सराहना की है। आइए जानते हैं दुनिया की उन 10 फिल्मों के बारे में जो जासूसी के रोमांच और उसकी पेचीदगियों को बेहतरीन ढंग से पेश करती हैं। इस लिस्ट की शुरुआत होती है ‘आर्गो’ से, जो 1979 के ईरान संकट के दौरान छह अमेरिकियों को बचाने की एक अविश्वसनीय लेकिन सच्ची सीआईए कहानी है। वहीं, रॉबर्ट डी नीरो की ‘द गुड शेफर्ड’ सीआईए के शुरुआती दिनों के संघर्ष को एक व्यक्ति के नजरिए से बेहद संजीदगी के साथ दिखाती है। जासूसी के मानवीय और राजनीतिक बोझ को समझना हो, तो 2006 की जर्मन फिल्म ‘द लाइव्स ऑफ अदर्स’ से बेहतर कुछ नहीं हो सकता, जहाँ एक एजेंट की निगरानी में एक लेखक की पूरी जिंदगी बदल जाती है। आज की ग्लोबल पॉलिटिक्स और तेल के खेल को समझने के लिए ‘सीरियाना’ एक अनिवार्य फिल्म है, जो दिखाती है कि कैसे खुफिया विभाग की एक छोटी सी हरकत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकती है। वहीं, ‘ब्रीच’ फिल्म एफबीआई के भीतर छिपे एक गद्दार और उसे पकड़ने के लिए चल रही साइकोलॉजिकल जंग की सच्ची दास्तां है। क्लासिक सिनेमा की बात करें, तो ‘आर्मी ऑफ शैडोज’ नाजी कब्जे के दौरान जासूसों द्वारा झेले गए टॉर्चर और उनके बलिदान की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर पेश करती है। अगर आपको ‘धुरंधर’ का यथार्थ पसंद आया है, तो ‘द स्पाई हू केम इन फ्रॉम द कोल्ड’ और टॉम हैंक्स की ‘ब्रिज ऑफ स्पाइज’ आपको जरूर देखनी चाहिए। ये फिल्में दिखाती हैं कि जासूसी केवल बंदूक चलाना नहीं, बल्कि वकीलों और एजेंटों के बीच होने वाली शतरंज की चालें भी हैं। ‘ए मोस्ट वांटेड मैन’ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और धीमी रफ्तार के सस्पेंस का बेहतरीन मेल है। लेकिन, इस सूची में सबसे ऊपर जिस फिल्म का नाम आता है, वह है ‘टिंकर टेलर सोल्जर स्पाई’। इस फिल्म में कोई फालतू का मसाला या गैर-जरूरी एक्शन नहीं है। यह पूरी तरह से खुफिया एजेंसी के भीतर छिपे एक ‘मोहरे’ सोवियत जासूस को ढूंढने की दिमागी कसरत है। इसकी बारीकियों और जासूसी के सटीक चित्रण की वजह से खुद असली जासूसों ने इसे हकीकत के सबसे करीब बताया है। यह फिल्म जासूसी के उस बोरियत भरे लेकिन बेहद तनावपूर्ण हिस्से को दिखाती है, जो आम तौर पर फिल्मों में नहीं दिखता।

बदलेगा संसद का स्वरूप…! लोकसभा में महिलाओं के लिए 273 सीटें बढ़ाने की तैयारी… 409 होगा बहुमत का आंकड़ा?

नई दिल्ली। सरकार (Government) संसद (Parliament) के मौजूदा सत्र में महिला आरक्षण (Women’s Reservation) को लागू करने के लिए कम से कम दो विधेयक (Bills) (संविधान संशोधन सहित) पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत अगले लोकसभा (Lok Sabha) और उसके बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित की जाएंगी। इस कदम से देश का राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह से बदलने की उम्मीद है। लोकसभा की सीटों में 50% का इजाफाएक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की योजना के अनुसार लोकसभा की कुल सीटें मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 की जा सकती हैं। यानी 273 नई सीटें जोड़ी जाएंगी, जिनमें से अधिकांश महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे संसद में बहुमत का आंकड़ा भी बढ़कर 409 हो जाएगा। यह वृद्धि पिछले पांच दशकों में पहली बार होगी। इससे मौजूदा पुरुष सांसदों की राजनीतिक स्थिति पर कोई खतरा नहीं मंडराएगा। राज्यसभा और राज्यों की विधान परिषदों की सदस्य संख्या पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। परिसीमन और 2011 की जनगणना का इस्तेमाल2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में महिला आरक्षण को नई जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जोड़ा गया था। अब सरकार इस प्रावधान को अलग कर रही है। नई जनगणना के आंकड़ों में समय लग सकता है, इसलिए सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर ही नया परिसीमन कराने पर विचार कर रही है ताकि 31 मार्च 2029 के बाद होने वाले चुनावों में यह कोटा लागू किया जा सके। राज्यों और SC/ST सीटों पर असरदक्षिण भारतीय राज्यों की यह चिंता थी कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण संसद में उनका प्रतिनिधित्व घट सकता है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हर राज्य की सीटों में 50% की वृद्धि होगी, जिससे उनका आनुपातिक प्रतिनिधित्व बरकरार रहेगा।उत्तर प्रदेश: सीटें 80 से बढ़कर 120 हो जाएंगी।बिहार: सीटें 40 से बढ़कर 60 हो जाएंगी।केरल: सीटें 20 से बढ़कर 30 हो जाएंगी। इसी अनुपात में अनुसूचित जाति (SC) की सीटें 84 से बढ़कर 126 और अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटें 47 से बढ़कर 70 हो जाने का अनुमान है। छोटे राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (जहां केवल 1 या 2 सीटें हैं) में हर तीसरे चुनाव में महिलाओं के लिए रोटेशन के आधार पर सीट आरक्षित की जाएगी। राजनीतिक सरगर्मी और आगे की राहसरकार 4 अप्रैल को समाप्त हो रहे बजट सत्र में ही इन विधेयकों को पारित कराने की इच्छुक है। यदि सहमति बनाने में कुछ और दिन लगते हैं, तो बजट सत्र को बढ़ाया जा सकता है या महिलाओं के कोटे के लिए एक विशेष छोटा सत्र भी बुलाया जा सकता है। अमित शाह की बैठकेंसंविधान संशोधन के लिए दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, जो NDA के पास अकेले नहीं है। इसलिए गृह मंत्री अमित शाह समर्थन जुटाने के लिए बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने NDA के सहयोगियों के साथ-साथ सपा, शिवसेना (UBT), बीजेडी और YSR कांग्रेस जैसे विपक्षी और गैर-गठबंधन दलों के साथ भी चर्चा की है। कांग्रेस और वामपंथी दलों ने इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने अमित शाह की बैठक से किनारा कर लिया। वहीं, कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियां महिला कोटे के भीतर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए अलग से आरक्षण की मांग कर रही हैं।

PAK: PM शहबाज शरीफ ने की ईरानी राष्ट्रपति से फोन पर बात… पश्चिम एशिया तनाव पर जताई चिंता

इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Prime Minister Shahbaz Sharif) ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ मसूद पेजेशकियान (Iran’s President Dr. Masoud Pezeshkian) से टेलीफोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए तत्काल सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, शहबाज शरीफ ने खाड़ी क्षेत्र में जारी खतरनाक शत्रुता को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर सभी पड़ोसी देशों को मतभेद सुलझाने, तनाव कम करने और संवाद व कूटनीति की राह अपनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। बयान में आगे कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने उम्माह (मुस्लिम समुदाय) में एकता के अत्यधिक महत्व पर बल दिया, जो इस समय पहले से कहीं अधिक जरूरी है। शरीफ ने ईरानी नेतृत्व को आश्वस्त किया कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। एक पड़ोसी और मित्र राष्ट्र के रूप में पाकिस्तान ने बहादुर ईरानी जनता के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने ईरानी राष्ट्रपति और ईरान की जनता को ईद-उल-फितर तथा नवरोज की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं। वहीं सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में शहबाज शरीफ ने दोहराया कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति को बढ़ावा देने में सक्रिय और रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बीच, ईरानी आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से तेहरान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने कहा कि कुछ मित्र देशों से संदेश मिले हैं, जो अमेरिका से युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत शुरू करने के अनुरोध का संकेत देते हैं। पाकिस्तान को मिस्र और कतर के साथ-साथ संभावित मध्यस्थ के रूप में देखा जा रहा है। शरीफ की पोस्ट के तुरंत बाद पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरगची से अलग बातचीत की और हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट किया कि दोनों पक्षों ने क्षेत्र तथा उसके बाहर शांति, सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के लिए संवाद व कूटनीति के महत्व पर जोर दिया। दोनों ने बदलती स्थिति पर निरंतर संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई। इससे पहले अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर सैन्य हमले की योजना को पांच दिनों के लिए टाल दिया है और कहा है कि वह इस शत्रुता को सुलझाने के लिए ईरान के एक शीर्ष व्यक्ति से बात कर रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में शत्रुता को सुलझाने की कोशिश करने के लिए ईरान की सरकार के एक शीर्ष व्यक्ति के साथ बातचीत कर रहा है। अमेरिका और ईरान हाल की बातचीत में समझौते के प्रमुख बिंदुओं पर पहुंच गए हैं। अगर हमलों में मौजूदा पांच-दिन का विराम ठीक से चलता है, तो इससे पश्चिम एशिया चल रहे संघर्ष का समाधान निकल सकता है।

अल्लू अर्जुन और एटली के महा-प्रोजेक्ट में अनुष्का शर्मा की एंट्री? 8 साल बाद पर्दे पर 'चकदे' फट्टे करने को तैयार एक्ट्रेस!

नई दिल्ली : भारतीय सिनेमा के गलियारों में इन दिनों ‘पुष्पा’ फेम सुपरस्टार अल्लू अर्जुन और ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जवान’ के निर्देशक एटली की अपकमिंग फिल्म ‘AA22xA6’ को लेकर जबरदस्त चर्चा है। इस फिल्म से जुड़ी हर नई अपडेट फैंस के उत्साह को दोगुना कर रही है। हाल ही में आई खबरों ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है, जिसके मुताबिक बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री अनुष्का शर्मा इस बड़े बजट के साइंस-फिक्शन प्रोजेक्ट के साथ पर्दे पर वापसी कर सकती हैं। यदि ये खबरें सच साबित होती हैं, तो अनुष्का पूरे 8 साल के लंबे अंतराल के बाद एक लीड रोल में नजर आएंगी। दिलचस्प बात यह है कि यह न केवल उनका कमबैक होगा, बल्कि तेलुगू सिनेमा में उनका भव्य डेब्यू भी माना जा रहा है। डेक्कन क्रॉनिकल की एक रिपोर्ट के अनुसार, अनुष्का शर्मा और फिल्म के मेकर्स के बीच बातचीत अंतिम दौर में है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अनुष्का का नाम जुड़ते ही इस फिल्म की स्टार कास्ट और भी ज्यादा “पावर-पैक” नजर आने लगी है। आपको बता दें कि अनुष्का को आखिरी बार साल 2018 में आई फिल्म ‘जीरो’ में शाहरुख खान और कैटरीना कैफ के साथ देखा गया था। उसके बाद उन्होंने बतौर निर्माता कई सफल प्रोजेक्ट्स दिए, लेकिन एक्टिंग से उन्होंने दूरी बनाए रखी। बीच में उनकी फिल्म ‘चकदा एक्सप्रेस’ की चर्चा जरूर हुई थी, जो भारतीय क्रिकेटर झूलन गोस्वामी की बायोपिक है, लेकिन इसके रिलीज में हो रही देरी और प्रोजेक्ट के बंद होने की अफवाहों के बीच फैंस अनुष्का को बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेताब हैं। एटली की इस फिल्म ‘AA22xA6’ की खासियत केवल अनुष्का या अल्लू अर्जुन नहीं हैं, बल्कि फिल्म की बाकी स्टार कास्ट भी इसे साल की सबसे बड़ी फिल्म बनाने की ओर इशारा कर रही है। खबरों की मानें तो इस फिल्म में दीपिका पादुकोण के शामिल होने की चर्चा पहले ही जोरों पर थी। वहीं, अब मृणाल ठाकुर, जाह्नवी कपूर और रश्मिका मंदाना के नाम भी इस मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि रश्मिका मंदाना इस बार एक बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आएंगी और फिल्म में एक नकारात्मक (नेगेटिव) भूमिका निभा सकती हैं। फिल्म की कहानी को लेकर फिलहाल अधिक जानकारी तो सामने नहीं आई है, लेकिन इसे एक हाई-ऑक्टेन साइंस-फिक्शन ड्रामा बताया जा रहा है। खबरें यह भी हैं कि सुपरस्टार अल्लू अर्जुन इस फिल्म में एक नहीं, बल्कि कई अलग-अलग किरदारों को निभाते हुए नजर आ सकते हैं। वर्तमान में अनुष्का शर्मा अपने पति विराट कोहली और बच्चों के साथ लंदन में समय बिता रही हैं, ऐसे में उनका वापस शूटिंग सेट पर लौटना उनके प्रशंसकों के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं होगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कब मेकर्स इस खबर पर आधिकारिक मुहर लगाते हैं और अनुष्का-अल्लू अर्जुन की इस नई जोड़ी को बड़े पर्दे पर देखना कितना रोमांचक होगा।