एमपी में मौसम ने ली करवट, उत्तर में छाए बादल, तापमान में गिरावट, 26-29 मार्च को सक्रिय होंगे दो नए सिस्टम

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। सोमवार को प्रदेश के उत्तरी हिस्सों उज्जैन, सागर और ग्वालियर-चंबल संभाग में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बादल छाए रहे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में दिन का पारा 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जबकि बाकी क्षेत्रों में गर्मी का असर बना रहा। 26-29 मार्च के बीच फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को गर्मी का असर रहेगा, लेकिन 26 और 27 मार्च को प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। 26 मार्च को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो रहा है, जिसका असर ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में दो दिन तक दिखाई देगा। इसके बाद 29 मार्च को एक और सिस्टम एक्टिव होने की संभावना है, जिससे अप्रैल की शुरुआत भी आंधी-बारिश के साथ हो सकती है।बारिश थमी, अब बढ़ने लगी गर्मी पिछले दिनों प्रदेश में लगातार चार दिन तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि हुई। इसके थमते ही तापमान में तेजी आने लगी है। सोमवार को रायसेन सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इन जिलों में दर्ज हुआ ज्यादा तापमान नर्मदापुरम में 37.4 डिग्री, रतलाम में 36.4 डिग्री, गुना और खरगोन में 36.2 डिग्री, खजुराहो में 36 डिग्री, नरसिंहपुर में 35.4 डिग्री, धार में 35.3 डिग्री, खंडवा में 35.1 डिग्री और उमरिया में 35 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों का हाल पांच प्रमुख शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 35 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 34.9 डिग्री, जबलपुर में 34.2 डिग्री और ग्वालियर में 29.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बता दें कि हाल ही में सक्रिय मजबूत सिस्टम के कारण प्रदेश के 45 जिलों में आंधी-बारिश हुई, जिनमें 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी से केला, पपीता और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंचा है। धार और खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर देखने को मिला।
तरबूज खरीदने का सीक्रेट फॉर्मूला हर बार मिलेगा लाल मीठा और पानी से भरपूर फल

नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में तरबूज की भरमार दिखाई देने लगती है और यह फल हर घर की पहली पसंद बन जाता है क्योंकि इसमें भरपूर पानी होता है जो शरीर को ठंडक और ताजगी देता है लेकिन अक्सर लोगों के साथ एक बड़ी समस्या होती है कि बाहर से हरा और अच्छा दिखने वाला तरबूज अंदर से फीका या कच्चा निकल जाता है जिससे पैसे और उम्मीद दोनों खराब हो जाते हैं अक्सर लोग दुकान पर तरबूज को कटवाकर चेक करते हैं लेकिन यह तरीका सही नहीं माना जाता क्योंकि इससे फल जल्दी खराब हो सकता है और साफ सफाई की दृष्टि से भी यह सुरक्षित नहीं होता ऐसे में जरूरी है कि आप बिना काटे ही अच्छे तरबूज की पहचान करना सीखें ताकि हर बार मीठा और लाल फल ही घर लाएं तरबूज खरीदते समय सबसे पहले उसके नीचे बने पीले धब्बे पर ध्यान देना चाहिए जिसे फील्ड स्पॉट कहा जाता है यह धब्बा इस बात का संकेत होता है कि फल कितने समय तक जमीन पर पड़ा रहा और कितनी अच्छी तरह पका अगर यह धब्बा गहरा पीला या नारंगी रंग का है तो समझ लीजिए कि तरबूज पूरी तरह पका हुआ है और स्वाद में मीठा होगा वहीं अगर यह धब्बा हल्का हरा या सफेद है तो इसका मतलब है कि फल समय से पहले तोड़ा गया है और अंदर से कच्चा निकल सकता है इसके अलावा तरबूज को हल्के हाथ से थपथपाकर उसकी आवाज जरूर सुनें अगर उसमें से गूंजदार और खोखली आवाज आती है तो यह संकेत है कि फल अंदर से रसीला और पका हुआ है लेकिन अगर आवाज भारी या दबाव वाली लगे तो वह तरबूज कच्चा हो सकता है यह एक बहुत ही आसान और असरदार तरीका है जिसे अनुभवी लोग हमेशा अपनाते हैं वजन भी तरबूज की गुणवत्ता पहचानने का एक अहम तरीका है अगर आप एक जैसे आकार के दो तरबूज उठाते हैं और उनमें से एक ज्यादा भारी लगता है तो वही बेहतर होता है क्योंकि ज्यादा वजन का मतलब है उसमें पानी और रस की मात्रा अधिक है जो उसे मीठा और ताजा बनाता है तरबूज के बाहरी रंग और बनावट पर भी ध्यान देना चाहिए हमेशा गहरे हरे रंग और हल्के मैट फिनिश वाले तरबूज ही चुनें बहुत ज्यादा चमकदार तरबूज अक्सर कच्चे होते हैं इसके अलावा अगर तरबूज की सतह पर हल्की भूरी जाली जैसी रेखाएं दिखती हैं तो यह संकेत है कि परागण अच्छे से हुआ है और फल का स्वाद ज्यादा मीठा होगा अंत में तरबूज के डंठल को जरूर देखें अगर डंठल सूखा और भूरा है तो इसका मतलब है कि फल बेल पर पूरी तरह पक चुका है लेकिन अगर डंठल हरा है तो समझ लें कि उसे जल्दी तोड़ लिया गया है और उसका स्वाद उतना अच्छा नहीं होगा इन आसान लेकिन बेहद कारगर तरीकों को अपनाकर आप हर बार बाजार से सही तरबूज चुन सकते हैं और गर्मियों में ठंडक और मिठास का पूरा आनंद ले सकते हैं
छुट्टियों का असर, Ajmer बना पर्यटकों की पहली पसंद, हर जगह दिखा उत्साह..

नई दिल्ली:ईद के बाद वीकेंड आते ही Ajmer एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार नजर आने लगा है, शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर न केवल स्थानीय लोग बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग परिवार और दोस्तों के साथ घूमने पहुंच रहे हैं, छुट्टियों के इस अनुकूल माहौल ने लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए प्रेरित किया है जिससे पूरे शहर में एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है सुबह से ही शहर के पर्यटन स्थलों पर लोगों की आवाजाही शुरू हो जाती है जो देर शाम तक बनी रहती है, खासतौर पर Ana Sagar Lake और Subhash Udyan इन दिनों पर्यटकों की पहली पसंद बने हुए हैं, झील के किनारे बैठकर लोग सुकून के पल बिता रहे हैं तो वहीं बच्चे खेलकूद और मस्ती में व्यस्त नजर आते हैं, शाम के समय इन स्थानों का दृश्य और भी आकर्षक हो जाता है जो हर किसी को अपनी ओर खींच लेता है पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सकारात्मक असर स्थानीय कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है, झील और उद्यान के आसपास लगे खाने-पीने के स्टॉल, खिलौनों की दुकानें और छोटे व्यापारियों के यहां अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है, व्यापारियों का कहना है कि ईद के बाद आई इस भीड़ ने उनके कारोबार को नई गति दी है, जिससे लंबे समय बाद बाजारों में रौनक लौटती नजर आ रही है इसके साथ ही शहर के होटल और अन्य पर्यटन सेवाओं में भी हलचल बढ़ी है, बाहर से आने वाले पर्यटक यहां रुककर शहर की खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व का आनंद ले रहे हैं, इससे पूरे पर्यटन तंत्र को मजबूती मिल रही है और रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के बीच स्थित ये पर्यटन स्थल हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहे हैं, लेकिन त्योहारों और छुट्टियों के बाद यहां की रौनक कुछ अलग ही होती है, खास बात यह भी है कि Ajmer Sharif Dargah पर जियारत के लिए आने वाले जायरीन भी इन स्थलों का रुख करते हैं, जिससे पर्यटकों की संख्या और बढ़ जाती है रमजान के दौरान जहां पर्यटकों की आवाजाही में थोड़ी कमी आई थी, वहीं अब ईद के बाद यह सिलसिला फिर से तेज हो गया है, शहर में हर ओर खुशहाल और जीवंत माहौल नजर आ रहा है, लोग अपने परिवार के साथ समय बिताने के साथ-साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद ले रहे हैं अजमेर में पर्यटन गतिविधियों की यह वापसी न केवल शहर की रौनक को बढ़ा रही है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है, आने वाले दिनों में भी यदि ऐसा ही माहौल बना रहा तो पर्यटन क्षेत्र और अधिक गति पकड़ सकता है
लेटेंट टीबी को न करें नजरअंदाज वरना बन सकती है एक्टिव टीबी का बड़ा खतरा

नई दिल्ली:टीबी यानी ट्यूबरकुलोसिस एक संक्रामक बीमारी है, जो Mycobacterium tuberculosis नामक बैक्टीरिया के कारण होती है और मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। हालांकि यह दिमाग, हड्डियों, किडनी और शरीर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। यह बीमारी हवा के जरिए फैलती है और समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकती है लेकिन टीबी की एक स्थिति ऐसी भी होती है, जिसे लेटेंट टीबी कहा जाता है। इस स्थिति में टीबी के बैक्टीरिया शरीर में मौजूद तो रहते हैं, लेकिन निष्क्रिय अवस्था में होते हैं। इसका मतलब यह है कि संक्रमित व्यक्ति को कोई लक्षण महसूस नहीं होते और न ही वह दूसरों में संक्रमण फैलाता है हर साल विश्व टीबी दिवस 24 मार्च को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना है। विशेषज्ञों के अनुसार लेटेंट टीबी को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह छुपी हुई स्थिति कभी भी सक्रिय टीबी में बदल सकती हैजब लेटेंट टीबी सक्रिय हो जाती है, तब इसके लक्षण सामने आने लगते हैं। इनमें लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना और थकान जैसे संकेत शामिल हैं। इसलिए अगर इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है लेटेंट टीबी का खतरा उन लोगों में ज्यादा होता है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसमें एचआईवी संक्रमित, डायबिटीज के मरीज, कैंसर से पीड़ित लोग या लंबे समय से स्टेरॉयड दवाएं लेने वाले लोग शामिल हैं। इसके अलावा छोटे बच्चों और बुजुर्गों में भी इसका जोखिम अधिक होता हैविश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया की बड़ी आबादी लेटेंट टीबी से प्रभावित है और भारत जैसे देशों में इसका खतरा और अधिक है। इसलिए समय रहते इसकी जांच और इलाज बेहद जरूरी है लेटेंट टीबी की पहचान के लिए ब्लड टेस्ट या ट्यूबरकुलिन स्किन टेस्ट किया जाता है। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो डॉक्टर आमतौर पर 3 से 9 महीने तक दवाएं देते हैं, जिससे यह संक्रमण सक्रिय टीबी में बदलने से रोका जा सके बचाव के लिए जरूरी है कि अगर परिवार में किसी को लंबे समय तक खांसी, बुखार या अचानक वजन कम होने जैसी समस्या हो, तो तुरंत जांच कराई जाए। सही समय पर पहचान और इलाज से इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता हैलेटेंट टीबी एक छिपा हुआ खतरा है, जिसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। समय पर जांच और उपचार ही इससे बचने का सबसे प्रभावी तरीका है TagsTuberculosis, LatentTB, HealthAwareness, WHO, DiseasePrevention
चैत्र नवरात्रि 2026 दुर्गाष्टमी पर ऐसे करें मां महागौरी की पूजा हर मनोकामना होगी पूर्ण

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है और इसके आठवें दिन आने वाली दुर्गाष्टमी या महाष्टमी का विशेष महत्व होता है यह दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी को समर्पित माना जाता है जो शुद्धता शांति और सौभाग्य की प्रतीक हैं इस दिन विधि विधान से पूजा करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है दृक पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल अष्टमी तिथि 25 मार्च 2026 को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट से प्रारंभ होगी और 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 48 मिनट तक रहेगी उदय तिथि के अनुसार दुर्गाष्टमी 26 मार्च को मनाई जाएगी इसलिए इस दिन पूजा और कन्या पूजन का विशेष महत्व रहेगा दुर्गाष्टमी के दिन प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ सफेद या हल्के रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए इसके बाद पूजा स्थल को साफ कर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर मां महागौरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें पूजा के दौरान कुमकुम रोली अक्षत चंदन और पुष्प अर्पित करें तथा घी या कपूर का दीपक जलाएं इसके बाद पूरे श्रद्धा भाव से मां का ध्यान करते हुए उनके मूल मंत्र ॐ देवी महागौर्यै नमः का कम से कम 108 बार जाप करें साथ ही दुर्गा सप्तशती या महागौरी स्तोत्र का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है मां महागौरी का स्वरूप अत्यंत शांत और दिव्य माना जाता है वे सफेद वस्त्र धारण करती हैं और वृषभ पर विराजमान रहती हैं उनके चार हाथों में त्रिशूल और डमरू शोभा देते हैं उनकी पूजा करने से जीवन के पापों का नाश होता है मन की शुद्धि होती है और भय तथा नकारात्मकता दूर होती है इस दिन मां को सफेद वस्तुएं अर्पित करना विशेष फलदायी माना जाता है जैसे खीर नारियल केले पंचामृत और अन्य सात्विक मिठाइयां भोग लगाते समय मंत्र जाप करना चाहिए और बाद में प्रसाद सभी में बांटना चाहिए इससे मां की कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है दुर्गाष्टमी के दिन कन्या पूजन का भी अत्यधिक महत्व है इस दिन छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है उनके पैर धोकर तिलक लगाया जाता है और उन्हें चुनरी फूल मिठाई और दक्षिणा भेंट की जाती है ऐसा करने से मां दुर्गा अत्यंत प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी इच्छाएं पूर्ण करती हैं इसके अलावा इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से भी जीवन की बाधाएं दूर होती हैं पितृ दोष या कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए चांदी के नाग नागिन की पूजा कर उन्हें नदी में प्रवाहित करना शुभ माना जाता है साथ ही पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाकर सरसों के तेल का दीपक जलाने से घर में सुख शांति और समृद्धि का वास होता है दुर्गाष्टमी का यह पावन दिन भक्तों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और आस्था का प्रतीक है यदि इस दिन पूरी श्रद्धा और नियम के साथ मां महागौरी की पूजा की जाए तो जीवन में शांति सफलता और खुशहाली का मार्ग स्वतः प्रशस्त हो जाता है
मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

भोपाल। केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार देर शाम मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान भोपाल में मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट और विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी उपस्थित थे। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने सोशल मीडिया एक्स पर उक्त जानकारी साझा करते हुए आज मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ आत्मीय एवं सार्थक भेंट हुई। उनके नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर राज्य के समावेशी विकास, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा प्रदेश की प्रगति को और गति देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई। सिंधिया ने कहा कि मध्य प्रदेश में ‘स्टेट एआई मिशन’ की शुरुआत, सुशासन को अधिक सशक्त, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की एक दूरदर्शी पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विज़न को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में यह मिशन कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बेहतर निर्णय क्षमता और जनकल्याण को नई गति देगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवार के निवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदनाइससे पहले केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निवास पहुंचे और उनकी सुपुत्री सुरभि खंडेलवाल के असामयिक निधन होने अपनी गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने खंडेलवाल से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
मध्य प्रदेश बहुत जल्द लॉन्च करेगा अपना स्टेट एआई मिशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात् आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज के दौर का सर्वाधिक संभावनाशील सेक्टर है। शासन-प्रशासन व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए सरकार भी आगे बढ़ रही है। अब इस दिशा में एआई की मदद ली जाएगी। हम बहुत जल्द मध्य प्रदेश का अपना ‘स्टेट एआई मिशन’ लॉन्च करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह एक लक्ष्य केंद्रित मिशन होगा। इस मिशन से शासन प्रणाली में कसावट और सुप्रबंधन लाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुशासन के जरिए नागरिक सेवाओं और सुविधाओं को और भी सिविक-फ्रेंडली बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए नई-नई तकनीकों से जुड़कर प्रदेश में नवाचारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से इस मिशन को प्रारंभ किया जा रहा है। स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वित्त वर्ष 2026-27 में एआई तकनीक के लिए ढांचागत विकास किया जाएगा। वर्तमान एआई पहलों को एकीकृत कर आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वित्त वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा तथा वित्त वर्ष 2028-29 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा। जयपुर में मिले 5,055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावमुख्यमंत्री डॉ. यादव बताया कि बीते शनिवार को जयपुर प्रवास के दौरान वहां निवेशकों से वन-टू-वन मीटिंग की। इस दौरान निवेशकों ने मध्य प्रदेश के प्रति अगाध स्नेह और अपनत्व जताया। विभिन्न औद्योगिक समूहों, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल, फूड-प्रोसेसिंग, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी रही। सीआईआई राजस्थान के अध्यक्ष एवं न्यूरोइक्विलिब्रियम के एमडी रजनीश भंडारी ने स्वागत भाषण में मध्य प्रदेश की नीतियों एवं उसके क्रियान्वयन की तारीफ की। प्रमुख उद्योगपतियों मनीष गुप्ता (चेयरमैन, इनसोलेशन एनर्जी), महावीर प्रताप शर्मा (चेयरमैन, राजस्थान एंजेल्स) और केएल जैन (अध्यक्ष, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने भी अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस इन्टरैक्टिव सेशन में बेहद सकारात्मक संवाद के बाद सरकार को वहां के निवेशकों से 5,055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनसे लगभग 3,530 रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जयपुर में मिले निवेश प्रस्ताव के यह आंकड़े बताते हैं कि देश-विदेश के निवेशकों के बीच मध्य प्रदेश की साख और हमारी औद्योगिक नीतियों के प्रति विश्वास कितनी तेजी से बढ़ रहा है। 139 दिन लगातार चलेगा तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियानमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण को राष्ट्रीय अभियान के रूप में चलाया जा रहा है। मध्यप्र देश में तीसरा जल गंगा संवर्धन अभियान गत 19 मार्च से प्रारंभ हो चुका है। बीते दो अभियानों को अच्छा प्रतिसाद मिला। इस दौरान प्रदेश में नये कुंए, बावड़ियों, अमृत सरोवरों, तालाबों के साथ-साथ पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्भरण और सूखी नदियों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किये गये। बीते साल खंडवा जिले में जल संचयन के लिए अभूतपूर्व काम हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तीसरे अभियान में करीब 2500 करोड़ रुपये से प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों, नगरीय निकायों और पंचायत स्तर पर जल संवर्धन और संचयन कार्य किए जाएंगे। बीते सालों की तरह इस वर्ष भी जल संरक्षण के लिए विभिन्न कार्य किये जायेंगे। साथ-साथ नदियों, तालाबों, बावडियों और कुओं का जीर्णोद्धार भी मिशन मोड में किया जायेगा। नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिये गंगोत्री हरित योजना में कार्य किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हमारे जल गंगा संवर्धन अभियान को केंद्र सरकार से भी सराहना और समर्थन मिला है। जल बचाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों में मध्यप्रदेश का जल गंगा संवर्धन अभियान अव्वल श्रेणी में आया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले वर्ष 2024 में करीब 30 दिन, दूसरे वर्ष 2025 में 120 दिन यह अभियान चलाया। मौजूदा साल में गुड़ी पड़वा से गंगा दशहरा तक कुल 139 दिन तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। 3 से 5 अप्रैल तक बनारस में होगा सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचनमुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बताया कि आगामी 3 से 5 अप्रैल 2026 तक भगवान काशी विश्वनाथ की नगरी वाराणसी (बनारस) में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन किया जायेगा। यह वीर विक्रमादित्य के महात्म्य के दिनों-दिन बढ़ता प्रभाव है। उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पणमुख्यमंत्री ने मंत्रीगण को बताया कि उन्होंने हाल ही में उज्जैन में नैवेद्य लोक का लोकार्पण किया है। यह मालवांचल के व्यंजनों को एक प्लेटफार्म देने का प्रयोगात्मक प्रयास है। इसे इंदौर की छप्पन दुकानों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां कुल 108 दुकानें हैं, जो विभिन्न मालवी व्यंजनों का रसास्वादन कराती हैं। अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवसमुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते सप्ताह आनंद विभाग के अधीन राज्य आनंद संस्थान द्वारा भोपाल में अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस मनाया गया। वे स्वयं इस आयोजन में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे मनुष्यगत मनोभावों को अभिव्यक्त करने मनोरंजक का माध्यम बना। सरकार सबके जीवन में खुशहाली लाने के लिए ही तो काम कर रही है। इस प्रकार के आयोजनों से हमारी कार्यक्षमता और कार्यदक्षता सहित जीवन में खुशहाली भी बढ़ती है।
मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी

भोपाल। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में पिछले 13 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद पड़ी हुई है। मंगलवार से इसकी सप्लाई शुरू हो सकती है। दरअसल, सोमवार देर रात राज्य सरकार ने होटल-रेस्टोरेंट समेत ढाबों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई के आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के मुताबिक होटल, रेस्टोरेंट और कैर्ट्स को नौ प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी सप्लाई दी जाएगी, जबकि ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को सात प्रतिशत गैस मिलेगी। इसके अलावा कैटर्स और अन्य उद्योगों को भी सिलेंडर देने के निर्देश दिए गए हैं। कमर्शियल गैस की सप्लाई 13 दिन तक ठप रहने से प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित रहे। कई होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए थे, तो कई जगह मेन्यू बदलना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि डीजल भट्टी और इंडक्शन के जरिए काम चलाना पड़ा, जिसमें छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में 10 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर देने का प्रावधान है, लेकिन सप्लाई के स्पष्ट आदेश नहीं मिलने से प्रदेश में गैस की किल्लत हो गई। इसी कारण होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहरा गया। गैस संकट को लेकर एक दिन पहले यानी रविवार को होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात कर गैस की निर्बाध सप्लाई बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने आदेश जारी किए। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने कहा कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर पहुंच गया था। अब इस फैसले से राहत मिलेगी। घरेलू उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के दिये निर्देशखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने सोमवार को सिलेंडर की वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को आवश्यकता की 100 प्रतिशत गैस की आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए विशेष छूट के निर्देश भी जारी किये हैं। इसके अतिरिक्त राज्यो को 10 प्रतिशत अधिक आवंटन की पेशकश की है जो पीएनजी प्रणाली की ओर बदलाव का समर्थन करने वाले सुधारो से जुड़ा है। मंत्रालय द्वारा पीएनजी गैस के आवेदन तथा शुरूआत के बीच के समय को कम करने के निर्देश भी दिये हैं। अपर मुख्य सचिव शमी ने बताया कि ऑइल कंपनियो के प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व मे जहां 84 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करवा रहे थे, वह संख्या बढकर 90 प्रतिशत से अधिक हो गयी है। कंपनियो ने मोबाइल एप, एसएमएस, व्हाट्सएप तथा आईवीआरएस कॉल द्वारा गैस बुकिंग की सुविधा प्रदान की है। उपभोक्ता बुकिंग के लिए इन डिजिटल माध्यम का प्रयोग करें तथा अनावश्यक रूप से एजेंसी पर जाने से बचे। उन्होंने बताया कि प्रदेश मे एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश मे 1844 स्थानों पर कार्यवाही कर 2717 सिलेंडर जब्त किये गए। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है, जो प्रदेश में कामर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी। एसीएस रश्मि अरुण शमी ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओ से आग्रह किया है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजीके कनेक्शन लें। उन्होंने कहा कि पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। पेट्रोल, डीजल, घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी। ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेण्डर उपलब्ध हैं। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करायें। प्रशासन द्वारा वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह भी दी गयी है। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रदेश में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति जारी है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। सिलेण्डर बुकिंग संबंधित शिकायत/सुझाव हेतु इन टोल फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है– भारत गैस हेल्पलाइन नंबर – 1800-22-4344 (टोल फ्री)– इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)– एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)
भोपाल नगर निगम का 3938.45 करोड़ रुपये का बजट पारित…..कोई नया टैक्स नहीं

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में महापौर मालती राय ने सोमवार को नगर निगम का बजट पेश किया। इसमें शहर के विकास कार्यों के लिए 3938 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नगर निगम ने बजट में शहरवासियों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। बजट में भोपाल ‘शहर सरकार’ ने कई नए वादे भी किए है। हालांकि, पिछले दो साल से किए जा रहे 7 हेरिटेज गेट, गीता भवन बनाने जैसे वादे अब भी अधूरे हैं। एक साल में सिर्फ दो हेरिटेज गेट के लिए भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे और होशंगाबाद रोड पर भूमिपूजन हुआ है। मंत्री-विधायकों की आपत्ति के बाद प्रॉपर्टी या जल कर बढ़ाने की संभावना कम ही है। पिछली बार कुल 3611 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इधर, बजट में इस बार टैक्स नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन वार्डों में परिसीमन शुल्क बढ़ाने की तैयारी है। ऐसे में कई उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ेगा। दोपहर 12 बजे से शाम 7.30 बजे के बीच पक्ष-विपक्ष में नोक-झोंक की स्थिति बनी। हालांकि, बहुमत के आधार पर बजट पारित कर दिया गया। इधर, भोपाल नगर निगम के बजट ने शहर की राजनीति को गरमा दिया है। नए बजट के साथ ही पुराने बजट के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने जहां अधूरे कामों और खर्च पर बड़ा हमला बोला है, वहीं महापौर ने विकास कार्यों के जारी रहने का दावा करते हुए आरोपों को खारिज किया है। पुराने बजट पर विपक्ष का बड़ा आरोप नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा कि पिछले बजट का बड़ा हिस्सा अब तक खर्च नहीं हो पाया। उनके अनुसार, कुल बजट का करीब 65% हिस्सा शेष है, जबकि केवल 45% राशि का ही उपयोग हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि खर्च हुई राशि में भी स्थिति चिंताजनक है। सिर्फ 10% काम ही जमीनी स्तर पर शुरू हो पाए हैं, जबकि 90% प्रोजेक्ट अब तक शुरू नहीं हुए। जकी ने इसे पुराने वादों का दोहराव बताते हुए कहा कि जिन योजनाओं पर पहले काम नहीं हुआ, उन्हीं को दोबारा बजट में शामिल कर दिया गया है। कागजी बजट, जनता को नहीं मिल रहा लाभनेता प्रतिपक्ष जकी ने कहा कि बजट में कई मद ऐसे हैं, जिनमें पहले भी राशि स्वीकृत हुई, लेकिन न तो काम शुरू हुए और न ही पूरे किए गए। उनके मुताबिक, योजनाओं के नाम पर सिर्फ राशि आवंटित की जा रही है, जबकि जमीनी हकीकत में काम नजर नहीं आ रहे। उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजस्व वसूली पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे निगम की आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। साथ ही पार्षद निधि की फाइलें लंबे समय से टेंडर प्रक्रिया में अटकी होने का मुद्दा भी उठाया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। महापौर ने कहा- विकास कार्य जारीवहीं महापौर मालती राय ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि नगर निगम का 3,938 करोड़ 45 लाख 28 हजार रुपये का बजट शहर के विकास और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि भोपाल की पहचान को ध्यान में रखते हुए बड़ा तालाब, छोटा तालाब और शाहपुरा लेक के सौंदर्यीकरण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही निगम कर्मचारियों के हित में दुर्घटना सहायता और पुरस्कार राशि बढ़ाने जैसे फैसले लिए गए हैं। टैक्स में राहत, योजनाओं पर फोकसमहापौर ने स्पष्ट किया कि जलकर, संपत्ति कर और सीवेज कर में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुराने वादों पर काम जारी है। विसर्जन कुंड और प्रवेश द्वार निर्माण प्रगति पर हैं, म्यूजियम के लिए जमीन की तलाश जारी है और कैंपियन ग्राउंड में छोटा स्टेडियम लगभग तैयार हो चुका है। इसके अलावा घर-घर पानी कनेक्शन योजना की प्रक्रिया जारी है और सोलर पैनल प्रोजेक्ट के जरिए निगम के खर्च को कम करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस बार मेयर, अध्यक्ष-एमआईसी मेंबर के लिए फंड नहींभोपाल नगर निगम के इस बार के बजट में मेयर, अध्यक्ष, एमआईसी मेंबर और जोन अध्यक्ष के लिए कोई फंड नहीं रखा गया है। पिछले बजट में मेयर के लिए 10 करोड़ रुपए, अध्यक्ष के लिए पांच करोड़ रुपये और एमआईसी मेंबर के लिए एक करोड़ रुपये का प्रावधान था, लेकिन विभाग के हालिया आदेश के बाद इस बार बजट में इन फंड्स की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। सदन में गोमांस को लेकर हुआ हंगामाइससे पहले, बैठक में गोमांस को लेकर हंगामा चला। प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी ने गोमांस और स्लॉटर हाउस पर पहला प्रश्न किया। इस पर एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल ने जवाब दिया। इस दौरान महापौर और नेता प्रतिपक्ष के बीच नोंक-झोंक हुई। भाजपा के सीनियर पार्षद सुरेंद्र बाडिका और विलास राव घड़गे ने भी गोमांस के मुद्दे पर विरोध जताया। सभी ने जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। इस बीच, नईं पार्किंग व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव, कंडम (बेकार) वाहनों को हटाने का प्रस्ताव पास किया गया। वहीं, लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) हटाने का प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। विपक्ष की नेता शबिस्ता जकी ने गोमांस का मुद्दा उठाया।
नवरात्रि का छठा दिन ऐसे करें मां कात्यायनी की आराधना हर बाधा होगी दूर और मनोकामना होगी पूर्ण

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का छठा दिन मां दुर्गा के शक्तिशाली स्वरूप मां कात्यायनी को समर्पित होता है और वर्ष 2026 में यह पावन दिन 24 मार्च को मनाया जाएगा धार्मिक ग्रंथों में मां कात्यायनी को आदिशक्ति का तेजस्वी और पराक्रमी रूप बताया गया है इनकी उपासना करने से भक्तों को साहस शक्ति और हर प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है साथ ही जीवन में विजय और सफलता का मार्ग भी प्रशस्त होता है मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत दिव्य और प्रभावशाली माना जाता है उनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला होता है और वे सिंह पर सवार रहती हैं उनके चार हाथों में तलवार कमल अभय मुद्रा और वर मुद्रा सुशोभित होती हैं पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि कात्यायन की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया था इसी कारण उन्हें कात्यायनी कहा जाता है यह देवी दानवों का संहार करने वाली और धर्म की रक्षा करने वाली मानी जाती हैं नवरात्रि के इस दिन पूजा करने के लिए प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ लाल या नारंगी रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए इसके बाद पूजा स्थान को साफ कर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर मां कात्यायनी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें पूजा में कुमकुम रोली अक्षत चंदन और गेंदा जैसे नारंगी फूल अर्पित करें एक पान चढ़ाकर अपनी मनोकामना मां के सामने व्यक्त करें और घी का दीपक तथा अगरबत्ती जलाकर विधिपूर्वक पूजा करें इसके बाद मां की कथा सुनना या पढ़ना और आरती करना शुभ माना जाता है मां कात्यायनी को शहद विशेष रूप से प्रिय माना जाता है इसलिए इस दिन शहद का भोग अवश्य लगाना चाहिए इसके अलावा हलवा खीर मीठा पान और मौसमी फल भी अर्पित किए जा सकते हैं भोग हमेशा सात्विक होना चाहिए और लहसुन प्याज से परहेज करना चाहिए भोग लगाने के बाद प्रसाद को सभी में बांटना चाहिए इससे घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है मंत्र जाप का इस दिन विशेष महत्व होता है मां कात्यायनी के मूल मंत्र ॐ देवी कात्यायन्यै नमः का 108 या 1008 बार जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है इसके साथ ही प्रार्थना और स्तुति मंत्रों का उच्चारण भी किया जा सकता है मंत्र जाप करते समय मन को एकाग्र रखना चाहिए और माला का उपयोग करना लाभकारी होता है इससे मानसिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा करने से भय शत्रु और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है जो जीवन में साहस और आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं विवाहित महिलाओं के लिए यह पूजा सौभाग्य और सुख समृद्धि प्रदान करने वाली मानी जाती है इस दिन कुछ विशेष उपाय भी किए जा सकते हैं जैसे मां को नारंगी फूलों की माला अर्पित करना शहद का दान करना और पूरे दिन मां के मंत्रों का जाप करना इन उपायों से माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली सभी बाधाएं धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं पूरी श्रद्धा और नियम के साथ मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को न केवल आध्यात्मिक शक्ति मिलती है बल्कि जीवन में सफलता और संतुलन भी प्राप्त होता है