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Sensex boost: शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल: सेंसेक्स 1,205 अंकों की छलांग!

   Sensex boost: नई दिल्ली । रविवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरा शेयर बाजार तेजी से बंद हो गया। वनप्लस 1,205 एनके या 1.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,273.45 पर बंद हुआ, जबकि एन कंसल्टेंसी 394.05 एनके या 1.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,306.45 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफ़ा तेजी से देखने को मिली और लगभग सभी व्यापारी हरे निशान में बंद हो गए। विशेष रूप से मैकेनिकल कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 3.51 प्रतिशत, मैक्सिकन रियल्टी 2.69 प्रतिशत, मेडीक लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप टुकड़ियों में भी जगह रही। मैडम मिडकैप 100 टुकड़े 1,244.05 अंक या 2.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 55,331.05 पर और प्रतिभावान मिडकैप 100 टुकड़े 401.35 अंक या 2.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,896.55 पर बंद हुए। इलेक्ट्रॉनिक्स में अल्ट्राटेक वैलिडीज, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, टाइटन, इंडिगो, ट्रेंट, एमएंडएम, टाटा स्टील, एलसीडी, सन मेडिसिन, बजाज फिनसर्व, अदानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और रैम्स बैंक प्रमुख गेनर रह रहे हैं। वहीं, टेक महिंद्रा, पावर इलेक्ट्रानिक्स, टीसीएस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लूजर्स शामिल हैं। तेजी के शेयरों की सूची में सभी बैंकों का बाजार पूंजीकरण लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का उछाल 4.31 लाख करोड़ रुपये हो गया। मिथाइल कैथोलिक और डेरिवेटिव्स के प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि मिस्टिक ने लगातार दूसरे दिन रेजीडेंसी के साथ कारोबार शुरू किया और दिन के दौरान बढ़त के साथ बंद हो गया। उन्होंने कहा कि जादूगर 23,460-23,465 के बीच प्रतिद्वंद्वियों का सामना कर रहा है। अगर इस जोन को पार करता है तो यह 23,600 और फिर 23,800 तक जा सकता है। गिरावट की स्थिति में 23,150-23,100 लेवल सपोर्ट का काम करेंगे। विशेषज्ञ के अनुसार, बाजार में तेजी का मुख्य कारण कच्चे तेल की उपज में गिरावट, वैश्विक बाजारों और ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव में कमी मानी जा रही है। इन ऑब्जेक्ट्स से सुपरमार्केट में खरीदारी का रूझान बढ़ा और भारतीय शेयर बाजार में स्टॉक मार्केट देखने को मिला।

IMEC strategic strengthening : भारत-इजरायल साझेदारी से IMEC मजबूत, चीन की पकड़ को संतुलित करने की रणनीति

   IMEC strategic strengthening : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायली यात्रा ने भारत और इजरायल के नागरिकों और आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया है। ‘द जेरूसलम स्ट्रेटेजिक ट्रिब्यून’ में प्रकाशित लेख के अनुसार, यह कदम भारत की व्यापक नागरिक सोच का हिस्सा है, जिसमें चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करना और पश्चिमी देशों के साथ समन्वय बढ़ाना शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने कनेसेट में अपने भाषण में संकेत दिया कि भारत स्थिर और भरोसेमंद सहयोगियों के साथ सहयोग बढ़ाकर अपनी नागरिकता स्वतंत्रता मजबूत करना चाहता है। इस योजना का केंद्र भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) है। आईएमईसी केवल व्यापारिक मार्ग नहीं है, बल्कि इसे चीन की बेल्ट एंड रोड पहल (बीआरआई) का संतुलित विकल्प माना जा रहा है। इसका उद्देश्य एशिया और यूरोप के बीच व्यापार और ऊर्जा पर चीन के प्रभाव को कम करना है। लेख में बताया गया है कि चीन ने परिवहन, ऊर्जा और टेलीकॉम सेक्टर में बड़े निवेश से कई देशों में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। इसके जवाब में आईएमईसी इंटर्नशिप, साझेदारी और साझा हितों को प्राथमिकता देता है। भारत के लिए इस कॉरिडोर में इजरायल और ग्रीस जैसे देश अहम हैं, जो स्थिर व्यवस्था और तकनीकी क्षमता प्रदान करते हैं। हालांकि, चीन के पास पहले से ही कई बड़े प्रोजेक्ट जैसे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा और ग्वादर पोर्ट हैं, साथ ही ईरान और खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंध भी उसकी ताकत बढ़ाते हैं। आईएमईसी के सामने चुनौती सिर्फ चीन का विकल्प प्रस्तुत करने की नहीं, बल्कि खुद को भरोसेमंद और टिकाऊ मॉडल साबित करने की है। लेख के अनुसार, इस कॉरिडोर की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह सुरक्षित, निष्पक्ष और सभी देशों के हितों को संतुलित करने वाला सिस्टम बन सके। इस पहल से भारत अपने दुश्मनों और आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करते हुए वैश्विक परिदृश्य में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है।

S. S. Rajamouli की वाराणसी बनी ग्लोबल चर्चा का केंद्र प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू का मेगा प्रोजेक्ट

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के मशहूर निर्देशक S. S. Rajamouli का अगला मेगा प्रोजेक्ट वाराणसी इन दिनों जबरदस्त चर्चा में बना हुआ है फिल्म की शूटिंग अभी जारी है लेकिन इसके पहले ही इसके भव्य सेट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है हाल ही में इस फिल्म के सेट की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जो इतनी वास्तविक लग रही हैं कि दर्शक असली और नकली के बीच फर्क ही नहीं कर पा रहे हैं इस फिल्म में सुपरस्टार Mahesh Babu और ग्लोबल आइकन Priyanka Chopra मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं वहीं Prithviraj Sukumaran भी इस बड़े प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा हैं इंटरनेशनल लेवल पर बन रही इस फिल्म को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है खास बात यह है कि फिल्म के लिए उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर Varanasi को हूबहू हैदराबाद के स्टूडियो में तैयार किया गया है यहां गंगा के घाट मंदिरों की वास्तुकला और संकरी गलियों को इतनी बारीकी से रिक्रिएट किया गया है कि पहली नजर में यह पहचान पाना मुश्किल हो जाता है कि यह असली लोकेशन नहीं है बल्कि एक सेट है बताया जा रहा है कि फिल्म के टीजर लॉन्च से पहले दुनियाभर के कई इंटरनेशनल मीडिया हाउस को भारत बुलाया गया था जहां उन्हें इस विशाल सेट का दौरा कराया गया इस दौरान कलाकारों और मेकर्स ने फिल्म के विजन और स्केल की झलक भी दिखाई सेट पर मौजूद छोटे छोटे मॉडल्स और मिनिएचर्स से लेकर बड़े घाटों की संरचना तक हर चीज में अद्भुत डिटेलिंग देखने को मिली सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में नदी किनारे बने मंदिरों की खूबसूरती और शहर की जीवंतता साफ झलक रही है कई फैंस ने इन तस्वीरों को देखकर हैरानी जताई और कहा कि यह सेट किसी हॉलीवुड प्रोडक्शन से कम नहीं लग रहा है फिल्म की खास बात यह भी है कि इसकी शूटिंग सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है बल्कि इसे कई अंतरराष्ट्रीय लोकेशन्स पर भी फिल्माया जा रहा है खबरों के मुताबिक अगला शेड्यूल अंटार्कटिका में शूट किया जाएगा जो इसे और भी भव्य और अनोखा बना देगा राजामौली अपने बड़े विजन और शानदार फिल्ममेकिंग के लिए जाने जाते हैं और इस फिल्म से भी दर्शकों को कुछ अलग और भव्य देखने की उम्मीद है वाराणसी सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता को ग्लोबल मंच पर पेश करने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है

लोकभवन के नए प्रवेश द्वार से सुदृढ़ हुई प्रशासनिक गरिमा, राज्यपाल ने उद्घाटन किया

भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बुधवार को लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-2 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने भारत माता के जयघोष के साथ फीता काटकर नए द्वार का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोकभवन प्रदेश की प्रशासनिक गरिमा का प्रतीक है और इसके प्रवेश द्वारों का सुव्यवस्थित तथा सुदृढ़ होना न केवल सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि राज्य की सांस्कृतिक स्थापत्य पहचान को भी सशक्त करता है। राज्यपाल पटेल ने संबंधित विभागों की इस परियोजना के लिए सराहना की और कहा कि राज्य की सांस्कृतिक विशिष्टताओं को ध्यान में रखते हुए द्वारों का निर्माण किया गया है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सुदृढ़ और आकर्षक प्रवेश द्वार लोकभवन परिसर की प्रतिष्ठा में इजाफा करते हैं और आम जनता तथा अधिकारियों के लिए परिसर को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। लोकभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 और 2 के जीर्णोद्धार और सुदृढ़ीकरण कार्य की कुल लागत लगभग 98 लाख 65 हजार रुपये रही। इन कार्यों में संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखा गया है। इसके परिणामस्वरूप परिसर का स्वरूप और अधिक आकर्षक, व्यवस्थित और सुरक्षित हो गया है। राज्यपाल पटेल ने अप्रैल 2025 में लोकभवन के दोनों प्रवेश द्वारों के जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन किया था और पूजा-अर्चना के साथ निर्माण कार्य की आधारशिला रखी थी। प्रवेश द्वार क्रमांक-1 का लोकार्पण पिछले वर्ष गांधी जयंती के अवसर पर किया गया था। उसके बाद क्रमांक-2 का सुदृढ़ीकरण कार्य प्रारंभ हुआ और अब उसका लोकार्पण किया गया है। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे, विशेष कर्तव्य अधिकारी अरविंद पुरोहित, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता संजय मस्के, वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूर्ण होने से लोकभवन परिसर का स्वरूप न केवल प्रशासनिक दृष्टि से सुरक्षित हुआ है बल्कि सौंदर्य और सुविधाओं के दृष्टिकोण से भी इसे नया रूप मिला है। राज्यपाल ने सभी अधिकारियों और कर्मियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि लोकभवन जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्रों में संरचनात्मक और सुरक्षा संबंधी सुधार प्रदेश की प्रशासनिक छवि को मजबूत करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी ऐसे विकास कार्यों के माध्यम से लोकभवन और अन्य सरकारी परिसरों का स्वरूप और अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनेगा।

सहकारी लाभ का फायदा, अब डिविडेंड इनकम पर नहीं लगेगा टैक्स-सरकार का नया नियम टैक्स में राहत! केंद्र ने को-ऑपरेटिव डिविडेंड पर तीन साल की छूट की घोषणा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को को-ऑपरेटिव डिविडेंड इनकम पर बड़ा कदम सही हुए तीन साल की टैक्स छूट देने की घोषणा की। अब नेशनल को-ऑपरेटिव फेडरेशन से मिलने वाली डिविडेंड आय पर इस अवधि के दौरान कर नहीं लगेगा। यह पहले देश के छोटे और मध्यम को-ऑपरेटिव को सशक्त बनाने और अधिक लोगों को इनसे जोड़ने के उद्देश्य से की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि टैक्स छूट का मकसद कम इच्छुक वाले सदस्यों को प्रोत्साहित करना है, ताकि को-ऑपरेटिव से जुड़े लोग रुकें। उन्होंने बताया कि को-ऑपरेटिव, एमएसएमई और किसान मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और रोजगार के अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और समावेशी विकास के लिए जरूरी कदम बताया। वाय ने फाइनेंस बिल पर चर्चा में डेटा सेंटर सेवाओं से जुड़े नए प्रावधान का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, सेफ हार्बर नियम के तहत विदेशी उधार को सेवाएं देने वाली भारतीय कंपनियों को लागत पर 15 प्रतिशत मार्जिन मिलेगा। इसका उद्देश्य भारत में वास्तविक और लाभदायक संचालन सुनिश्चित करना और फर्जी उधार के निर्माण को रोकना है। उन्होंने सरकारी खर्च की शिफ्टिंग पर भी जोर दिया और बताया कि केंद्र ने उपकर और शिफ्टिंग से लागू की गई राशि का उपयोग जन कल्याण के लिए किया है। फाइनेंस बिल के अन्य उपायों में तकनीकी चूक पर लगने वाले जुर्माने को निश्चित शुल्क में बदलना शामिल है, जिससे व्यवसायों के लिए अनुपालन आसान होगा। इसके अलावा, हवाई अड्डे पर विवाद कम करने और यात्रियों के लिए प्रक्रिया सुलभ बनाने के लिए यात्री भट्टों को युक्तिसंगत बनाया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन पैदल का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करना, व्यापार में आसानी बढ़ाना और आर्थिक विकास से समाज के व्यापक वर्ग को लाभ पहुंचाना है।

सोनिया गांधी हेल्थ अपडेट एंटीबायोटिक पर इलाज जारी डॉक्टर बोले स्थिति नियंत्रण में

नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नई दिल्ली स्थित Sir Ganga Ram Hospital में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राहत की सांस ली है। अस्पताल के चेयरमैन डॉ अजय स्वरूप ने जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया गांधी की स्थिति नियंत्रण में है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत खराब होने के पीछे पेट और यूरिन से जुड़ा संक्रमण हो सकता है जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल उन्हें एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं और सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट भी किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी को मंगलवार देर शाम अस्पताल लाया गया था। उनकी उम्र और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते इसलिए उन्हें निगरानी में रखा गया है। गौरतलब है कि सोनिया गांधी को पहले से अस्थमा की समस्या है और वह नियमित रूप से चेकअप के लिए इसी अस्पताल में आती रही हैं। इस बीच उनके बेटे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां की तबीयत को देखते हुए केरल का दौरा रद्द कर दिया है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे केरल के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर पूरे गांधी परिवार की चिंता साफ नजर आ रही है। राजनीतिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा है। संसद में आज ईरान और अमेरिका से जुड़े मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के बड़े नेता शामिल नहीं हो सके। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी संसद में नजर नहीं आए। उनकी जगह पार्टी की ओर से लोकसभा सांसद तारिक अनवर और राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक को बैठक में भेजा गया है। गौरतलब है कि गांधी परिवार का गंगाराम अस्पताल पर काफी भरोसा रहा है। यही वजह है कि परिवार के कई महत्वपूर्ण मेडिकल मामलों का इलाज यहीं कराया गया है। प्रियंका गांधी के बच्चों का जन्म भी इसी अस्पताल में हुआ था। फिलहाल डॉक्टरों की टीम सोनिया गांधी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में उनकी सेहत को लेकर और अपडेट सामने आ सकते हैं। उनके समर्थक और कांग्रेस कार्यकर्ता जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की चेतावनी: वैश्विक झटकों के सामने कमजोर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, सुधार न हुए तो मुश्किलें बढ़ेंगी

इस्लामाबाद। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आयातित ईंधन पर अधिक निर्भरता, कमजोर विदेशी वित्तीय स्थिति और सीमित सरकारी खर्च की क्षमता के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वैश्विक झटकों के प्रति काफी संवेदनशील बनी हुई है। अगर जल्द ही बड़े आर्थिक सुधार नहीं किए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार द्वारा हाई-ऑक्टेन ईंधन पर पेट्रोलियम शुल्क बढ़ाने का कदम कुछ हद तक सही माना जा रहा है, क्योंकि यह मुख्य रूप से महंगी और लग्जरी गाड़ियों के उपयोगकर्ताओं पर लागू होता है। इस फैसले से सरकार हर महीने लगभग 9 अरब रुपए जुटा रही है, जिसका इस्तेमाल आम लोगों को बढ़ती तेल कीमतों से राहत देने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल अस्थायी राहत है और अर्थव्यवस्था की गहरी समस्याओं को हल नहीं करता। इन गहरी समस्याओं में आयातित ईंधन पर निर्भरता, विदेशी मुद्रा की कमजोर स्थिति और सीमित वित्तीय संसाधन शामिल हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनी हुई है। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने भी इस स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया और कहा कि बिना ठोस रणनीति के संकट लंबे समय तक जारी रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की मांग को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। इसमें बाजार, रेस्तरां और व्यापारिक संस्थानों को समय से पहले बंद करना जैसे उपाय शामिल हैं, जिन्हें अब तक राजनीतिक कारणों से टाला गया था। इसके अलावा, सप्लाई चेन, उत्पादन और व्यापार मार्गों पर प्रभाव के चलते तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। इससे यह स्पष्ट है कि आर्थिक सुधार और स्थायी नीतियों को तुरंत लागू करना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।

एक नहीं दो घड़ियां क्यों पहनते हैं Abhishek Bachchan जानिए बच्चन परिवार की दिलचस्प कहानी

नई दिल्ली:  हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता Abhishek Bachchan एक हाई प्रोफाइल इवेंट में नजर आए जहां उनका ऑल ब्लैक लुक चर्चा का केंद्र बन गया लेकिन उनके स्टाइल से भी ज्यादा जिस चीज ने लोगों का ध्यान खींचा वह थी उनकी दोनों कलाईयों पर बंधी घड़ियां सोशल मीडिया पर जैसे ही उनकी तस्वीरें सामने आईं वैसे ही यह सवाल तेजी से वायरल हो गया कि आखिर वह दोनों हाथों में घड़ी क्यों पहनते हैं इवेंट में अभिषेक बेहद स्टाइलिश और कॉन्फिडेंट नजर आए एक हाथ में गोल्डन वॉच और दूसरे में ब्लैक कलर की वॉच पहने उनका लुक क्लासी और अलग दिख रहा था फैंस ने उनके इस अंदाज को लेकर कई तरह के कयास लगाने शुरू कर दिए कुछ लोगों ने इसे नया फैशन ट्रेंड बताया तो कुछ ने इसे स्टेटस सिंबल माना लेकिन इस स्टाइल के पीछे की असली कहानी कुछ और ही है दरअसल दोनों हाथों में घड़ी पहनना कोई नया फैशन नहीं बल्कि बच्चन परिवार की एक पुरानी परंपरा है यह आदत अभिषेक के पिता महानायक Amitabh Bachchan में भी देखी जाती है और इसके पीछे की जड़ें उनकी मां Jaya Bachchan से जुड़ी हुई हैं अभिषेक ने एक इंटरव्यू में इस परंपरा के बारे में खुलकर बताया था उन्होंने कहा कि उनकी मां जया बच्चन जब यूरोप में बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती थीं तब वह एक साथ दो टाइम जोन को मैनेज करने के लिए दोनों हाथों में घड़ी पहनती थीं एक घड़ी भारत का समय दिखाती थी जबकि दूसरी यूरोप का इससे उन्हें अपने परिवार खासकर भारत में मौजूद लोगों के साथ बातचीत का समय तय करने में आसानी होती थी समय के साथ यह आदत सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव बन गई बाद में Amitabh Bachchan ने भी इसे अपनाया और अब Abhishek Bachchan भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं यही वजह है कि जब भी वह दोनों हाथों में घड़ी पहने नजर आते हैं तो यह सिर्फ स्टाइल नहीं बल्कि परिवार के साथ जुड़ी एक खास भावना का प्रतीक होता है सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्वीरों के बाद अब फैंस इस स्टाइल को नए नजरिए से देख रहे हैं यह सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं बल्कि एक ऐसी परंपरा है जो समय और रिश्तों के बीच संतुलन बनाए रखने की खूबसूरत कहानी कहती है

बढ़ते व्यापारिक सहयोग के संकेत, भारत-ताइवान का कारोबार 12 अरब डॉलर से ऊपर

नई दिल्ली भारत और ताइवान के बीच सकल व्यापार 2025 के आधार पर 17 प्रतिशत अनुपात 12.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह जानकारी ताइपे निकोलाईक एंड कल्चरल सेंटर (टीआइसीसी) ने जारी किये आंकड़े में दी। भारत का ताइवान 3.3 अरब डॉलर का है, जिसमें ईंधन, एल्यूमीनियम, लोहा, स्टील, जैविक रसायन और प्लास्टिक शामिल हैं। ताइवान का भारत 9.2 अरब डॉलर का है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटेग्रेटेड सर्किट, प्लास्टिक, बायोलॉजिकल केमिकल, इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रानिक्स, लोहा और स्टील प्रमुख हैं। टीआईसीके के डायरेक्ट डिवीजन के डायरेक्टर एस्टेला चेन ने ‘ताइवान एक्सीलेंस’ एक्सपो के दौरान कहा कि ताइवान सेमीकंडक्टर, स्टूडियो सर्वर, प्लेसओटी टोटल सॉल्यूशन और एज लीडर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल भारत-ताइवान व्यापार ने 12.5 अरब डॉलर का रिकॉर्ड स्तर गिरा दिया और दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार सहयोग मजबूत हुआ। चेन ने आगे कहा कि ताइवानी उद्योगपति भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और ऑटोमोटिव सेक्टर में सक्रिय निवेश कर रहे हैं, जबकि भारतीय उद्योगपति ताइवान के आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्र में अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ताइवान भारत के प्रमुख पहल जैसे डिजिटल इंडिया और इंडिया मिशन में शामिल होकर योगदान दे रहे हैं। टेक्नोलॉजी और आईओटी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एडवांस हाई-टेक उत्पाद डिजाइन तक ताइवान की विशेषज्ञता भारत के डिजिटल बदलाव में मदद कर रही है। वर्तमान में भारत में 300 से अधिक ताइवानी पर्यटक सक्रिय हैं। हालाँकि, अमेरिका (246.43 अरब डॉलर), चीन (100.1 अरब डॉलर), दक्षिण कोरिया (90.2 अरब डॉलर) और जापान (84.85 अरब डॉलर) जैसे देशों के साथ ताइवान के व्यापार की तुलना में भारत के साथ व्यापार में और अधिक वृद्धि की संभावना है। यह बढ़ती आर्थिक और तकनीकी सहायता के लिए नई स्टैमिना का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।

कृषि मंत्रालय की सख्त तैयारी! जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के साथ खाद आपूर्ति पर फोकस

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच देश में खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने, कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने तथा खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा पर चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य किसानों तक समय पर खाद, बीज और अन्य जरूरी संसाधन पहुंचाना और वितरण प्रणाली को उचित बनाना बताया गया। बैठक में मंत्री ने ‘फार्मर आईडी’ प्रणाली को तेज करने के निर्देश दिए ताकि खाद और बीज का वितरण पूरे देश में समान और बिना बांट के हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बढ़ाने के लिए जल्द ही बैठक की जाएगी। इसके अलावा, मंत्री ने कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और राज्य अमेरिकियों को कड़े कदम उठाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। बैठक में कृषि निकायों और बीज सुखाने के लिए जरूरी गैसों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। दूध और अन्य कृषि उत्पादों के लिए रोपण सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता पर भी ध्यान दिया गया। मंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य पशुओं के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा न आए। कृषि क्षेत्र की निगरानी के लिए एक ‘स्पेशल सेल’ बनाया गया है, जो चौबीसों घंटे काम करेगा और हर हफ्ते खाद, बीज और किसानों की उपलब्धता की रिपोर्ट सीधे कृषि मंत्री को देगा। शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने और किसानों तक जरूरी संसाधन समय पर पहुंचाने के लिए पूरी उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10 दशकों में देश में कृषि उत्पादन लगभग 44 प्रतिशत बढ़ा है और कई किसानों की आय दोगुनी हुई है। केंद्र सरकार किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर रिकॉर्ड खरीद भी शामिल है।