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7 महीने से फरार AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा गिरफ्तार, रेप और धोखाधड़ी का आरोप

नई दिल्ली पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए पटियाला पुलिस ने Harmeet Singh Pathanmajra को गिरफ्तार कर लिया है। वह पिछले 7 महीनों से फरार चल रहे थे और उनके खिलाफ रेप, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोप दर्ज थे। सितंबर 2025 से थे फरारसनौर से विधायक Harmeet Singh Pathanmajra 2 सितंबर 2025 से ही फरार थे। बार-बार समन के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं होने पर अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया था और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था। क्या हैं आरोप?विधायक पर एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें शामिल हैं, रेप (बलात्कार) धोखाधड़ी आपराधिक धमकी इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई थी।तकनीकी निगरानी और लगातार छापेमारी के बाद आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेशी और आगे की कार्रवाईपुलिस अब Harmeet Singh Pathanmajra को अदालत में पेश करेगी और रिमांड की मांग करेगी, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके। दो दिन में दो विधायकों की गिरफ्तारीपंजाब में 48 घंटे के भीतर यह दूसरे विधायक की गिरफ्तारी है। इससे पहले Laljit Singh Bhullar को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इन लगातार गिरफ्तारियों के बाद Aam Aadmi Party सरकार पर दबाव बढ़ गया है। विपक्ष कानून-व्यवस्था और नेताओं के आचरण को लेकर सवाल उठा रहा है। AAP विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा की गिरफ्तारी से पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब इस मामले में आगे की जांच और अदालत की कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Vastu Tips: तरक्की पाने के लिए रखें इन वास्तु उपायों का ध्यान, तरक्की हो जाएगी डबल

नई दिल्ली वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) घर परिवार के लिए काफी जरूरी होता है। इसमें बताए गए नियम का पालन करने से आपके भाग्य में परिवर्तन भी होते हैं। घर परिवार में सुख समृद्धि पाने के लिए छोटे-मोटे उपायों को जरूर करना चाहिए। हर कोई चाहता है कि उसके घर में सुख समृद्धि बनी रहे और चारों तरफ से उसे तरक्की हो इसके लिए आपको सबसे पहले अपने घर में लगे हुए वास्तु दोष को दूर करना चाहिए। अगर आपके घर में नकारात्मकता और वास्तु दोष का संचार है तब तरक्की दूर-दूर तक आपके घर में नहीं आएगी। इस दूर करने के लिए नीचे वास्तु शास्त्र के कुछ उपाय दिए गए हैं जिन्हें आपको अपनाना चाहिए। जरूर करें वास्तु उपायघर से वास्तु दोष दूर करने के लिए आपको घर की साफ सफाई का बिल्कुल भी ध्यान रखना चाहिए। कभी भी मुख्य द्वार पर अंधेरा नहीं रहना चाहिए अगर ऐसा होता है तो देवी देवता आपके घर में प्रवेश नहीं करते हैं जिसके कारण आपका कोई भी कार्य सफल नहीं होता है और घर में बरकत रुक जाती है। इसके साथ ही मुख्य द्वार की अगल-बगल आपको कूड़ा या फिर टूट- फूटा सामान नहीं रखना चाहिए। घर में सुख समृद्धि बनी रहे और नकारात्मकता दूर हो इसके कारण आपके घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए। कपूर जलाकर पूरे घर में दिखना चाहिए ताकि आपके घर में शुद्धता बनी रहे इसके साथ ही अगर आपके घर में मंदिर है तो रोजाना पूजा पाठ करें। जिस घर में मंदिर रहने के बाद भी लोग पूजा अर्चना नहीं करते हैं वहां पर देवी देवता का भी आगमन नहीं होता है और कई समस्या खड़ी हो जाती है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि अगर आपके घर के साथ-साथ किचन और बाथरूम में भी साफ सफाई नहीं होती है तब भी वास्तु दोष आपको घेरे रहता है। इसके साथ ही कई लोग अपने बालकनी में भी फूल पौधे लगा देते हैं लेकिन उन पर ध्यान नहीं रखते हैं उनकी पट्टियां टूट कर ऐसे ही टूटी हुई रहती हैं फूल पौधे सूखे पड़े रहते हैं सबसे घर की आर्थिक स्थिति में प्रभाव पड़ता है।

देवास में आयुष्मान योजना मरीजों के लिए बनी संजीवनी, मुफ्त डायलिसिस की सुविधा

देवास। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत मध्य प्रदेश के देवास जिले में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा लाभ मिल रहा है। इस केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य सर्वोत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। केलोद जिले के निवासी कांतिलाल ने बताया कि उन्होंने लगभग तीन साल पहले अपना आयुष्मान कार्ड बनवाया था और अब भी उन्हें लगातार लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2022 से जिला अस्पताल में उनकी डाय सबमिशन कारगर हो रही है। पहले इनका इलाज निजी तौर पर निजी उपभोक्ताओं के लिए किया जाता था, लेकिन अब इन्हें जिला अस्पताल में मुफ्त इलाज मिल रहा है। कांतिलाल ने प्रधानमंत्री से की बातचीत और कहा कि यह योजना उनके लिए बेहद फायदेमंद है। राजाराम नगर निवासी सुनील चौहान ने भी अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड चार साल पहले बना था और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उनका नियमित डायबेसिस एंटरप्राइजेज है। 2022 से आयुष्मान योजना के तहत उनका इलाज मुफ्त हो रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि वैधानिक आयुष्मान नहीं होता है, तो हर बार डाय बस के लिए खर्च करना होगा। इस तरह के जिलों में कई मरीज ऐसे हैं जो गंभीर रूप से सक्रिय हैं और इलाज में पहले लाखों रुपये खर्च करते थे, लेकिन अब आयुष्मान योजना के माध्यम से उन्हें मुफ्त इलाज मिल रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरोजिनी जेम्स ने बताया कि जिले के अस्पतालों सहित अन्य संबंधित क्षेत्रों में आयुष्मान योजना के तहत गरीबों का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड के कारण मरीज अब बेहतर स्वास्थ्य सेवा बिना आर्थिक भार के प्राप्त कर रहे हैं। यह पहला गरीब और धार्मिक लोगों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का बड़ा कदम साबित हो रहा है। आयुष्मान योजना के माध्यम से देवास जिले में न सिर्फ डायरिया बल्कि अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में भी मरीजों को राहत मिल रही है। इस मित्र और उनके परिवार का आर्थिक दबाव कम हुआ है और उन्हें समय पर उपचार मिलने के कारण जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। योजना ने गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को आसान और सस्ता बनाने के लिए सामाजिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

टी20 सीरीज का रोमांच बढ़ा! साउथ अफ्रीका ने रखा 188 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर

नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका की नेशनल क्रिकेट टीम और न्यूजीलैंड की नेशनल क्रिकेट टीम के बीच खेली जा रही टी20 सीरीज के प्लेयर्स के मुकाबले में रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। पांचवें और आखिरी मैच में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड के सामने 188 रन का मजबूत लक्ष्य रखा है। सीरीज 2-2 की बराबरी पर है, ऐसे में यह मुकाबला ही सीरीज का विजेता तय करेगा। टॉस न्यूजीलैंड ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, लेकिन साउथ अफ्रीकी बल्लेबाजों ने अंत में तेज खेल पारी टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। मध्यम शुरुआत के बाद संभली पारीसाउथ अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती झटका जल्दी लग गया जब टोनी डे जॉर्जी 21 के कुल स्कोर पर आउट हो गए। इसके बाद वियान मुल्दर और रूबिन हरमन ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी कर पारी को संभाला। मुल्दर ने 29 गेंदों में 31 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 2 विकेट शामिल रहे। इसके बाद हरमन ने विकेटकीपर बल्लेबाज कॉनर एस्टरहुइजन के साथ तीसरे विकेट के लिए 49 रन जोड़े। हरमन 39 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। एस्टरहुइजन की विस्फोटक पारी ने बदला मैचमध्यक्रम में कॉनर एस्टरहुइजन ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने डायन फॉरेस्टर के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए मात्र 27 गेंद में 61 रन की तेज साझेदारी की। एस्टरहुइजन ने 33 गेंद में 75 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 6 विकेट और 5 चौके शामिल रहे। उनकी इस पारी ने दक्षिण अफ्रीका को 4 विकेट पर 187 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। फॉरेस्टर ने भी 13 गेंद में 21 रन बनाकर अहम योगदान दिया और अंत तक नाबाद रहे। न्यूजीलैंड के सामने कड़ी चुनौती, सीरीज दांव परगेंदबाजी में न्यूजीलैंड की ओर से बेंजामिन सियर्स ने 2 विकेट हासिल किए, जबकि जैकी फॉक्स और जोश क्लार्कसन को 1-1 सफलता मिली। अब न्यूजीलैंड के सामने सीरीज जीतने के लिए 188 रन का लक्ष्य है, जो आसान नहीं होगा। हालांकि अपने घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा टीम को मिल सकता है। आंकड़ों की बात करें तो दक्षिण अफ्रीका का टी20 में न्यूजीलैंड पर दबदबा रहा है, लेकिन वह न्यूजीलैंड की धरती पर अब तक कोई द्विपक्षीय टी20 सीरीज नहीं जीत पाया है। ऐसे में यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम बन गया है और क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक फिनिश देखने को मिल सकता है।

ओलंपिक 2028 की तैयारी अभी से! मनसुख मंडाविया ने लैक्रोस एथलीटों को दी सलाह

नई दिल्ली मध्य युवा एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भारतीय लैक्रोस खिलाड़ियों को बड़ा लक्ष्य देते हुए उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए अभी से तैयारी शुरू करने की सलाह दी है। रियाद में आयोजित एशियाई लैक्रोस खेलों में शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष और महिला टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह शुरुआत है और अब खिलाड़ियों को भी बड़े मंच पर देश का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान कहा कि लैक्रोस भारत में तेजी से उभरा है और पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतना बड़ी उपलब्धि है। पहला प्रयास गोल्डन, पुष्ट खिलाड़ियों का सामान मेंभारतीय टीम ने फरवरी में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में एशियाई लैक्रोस खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिक्सेज में पुरुष और महिला दोनों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पुरुष टीम ने फाइनल में इराक को हराया, जबकि महिला टीम ने पाकिस्तान को मात देकर खिताब जीता। खास बात यह है कि भारतीय महिला टीम ने 2024 में और पुरुष टीम ने 2025 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत की थी, ऐसे में यह जीत और भी ऐतिहासिक बन गई। देश के अलग-अलग राज्यों से आए खिलाड़ियों ने मिलकर बनाई ये सफलता हासिल की, जो भारत में इस खेल के तेजी से विस्तार को दर्शाता है। सरकार का समर्थन और पर्वतारोहण, भारत से सक्रिय ताकतें खेलेंमनसुख मंडाविया ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सहायता की पेशकश करती है और खेलो इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सलाह देती है। उन्होंने खिलाड़ियों से अधिक अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने, फिटनेस पर ध्यान देने और लगातार मेहनत करने पर जोर दिया। उनका मानना ​​है कि सही दिशा में प्रयास जारी रहे तो भारत लैक्रोस नए खेलों में भी विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। आगे का रास्ता मोटरसाइकल, लेकिन मोटरसाइकल से भरालैक्रोस को लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में शामिल होने के बाद एशिया में इस खेल का आयोजन और भी तेज होने वाली है। आने वाले महीनों में भारतीय टीम के सामने कई अहम टूर्नामेंट होंगे, जिनमें चीन के चेंगदू में होने वाले एशियन लैक्रोस गेम्स और ऑस्ट्रेलिया में आयोजित एशिया-पैसिफिक सिक्स लैक्रोस चैंपियनशिप शामिल हैं। ये प्रतियोगिताएं ओलम्पिक क्वाल एस्कॉर्ट के लिए बेहद अहम साबित होती हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के पास सुनहरा मौका है कि वे अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर सिर्फ क्वालिफाई न करें, बल्कि ओलंपिक में भी देश को गौरवान्वित करें।

एसोसिएट क्रिकेट के लिए आवाज! Paul van Meekeren ने दिया दिलचस्प आइडिया

नई दिल्ली। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की पिछली ऐतिहासिक डील के बाद अब क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है। फ्रेंचाइजी के मालिकाना हक में बदलाव और करीब 16,660 करोड़ रुपये की बड़ी डील ने जहां खेल व्यवसाय को ठिकाने में ला दिया है, वहीं इस पर अब एसोसिएट क्रिकेट के विकास को लेकर भी आवाज उठ रही है। नीदरलैंड के तेज गेंदबाज पॉल वैन मीकेरेन ने इस डील के एक छोटे हिस्से को उभरती क्रिकेट टीमों के विकास में लगाने का सुझाव देकर चर्चा को नई दिशा दे दी है। उनकी राय है कि इतनी बड़ी रकम का मामूली हिस्सा भी छोटे क्रिकेट देशों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। सोशल मीडिया पर रखी बड़ी बात, 0.5 प्रतिशत फंड की मांगपॉल वैन मीकेरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर इस डील का केवल 0.5 प्रतिशत हिस्सा भी नीदरलैंड क्रिकेट बोर्ड को दिया जाए, तो इससे वहां के क्रिकेट माहौल में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने साफ किया कि एसोसिएट देशों के पास जमा की कमी होती है, जिससे वे बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर समझ पाते। ऐसे में इस तरह की आर्थिक मदद उन्हें बेहतर ट्रेनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारी का मौका दे सकती है। एसोसिएट और बड़ी टीमों के बीच अंतर कम करने पर जोरडच बॉलर का रुझान है कि इस तरह की पहल से एसोसिएट और फुल मेंबर देशों के बीच का अंतर काफी हद तक कम किया जा सकता है। हाल ही में ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में नीदरलैंड की टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान और भारत जैसी मजबूत टीमों को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़, लेकिन उनके प्रदर्शन ने यह दिखा दिया कि सही रिसोर्स मिलने पर ये टीमें बड़े स्तर पर चुनौती पेश कर सकती हैं। अन्य खिलाड़ियों ने भी ती आवाज, ICC से उम्मीदेंइस मुद्दे पर पॉल वैन मीकेरेन अकेले नहीं हैं। ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह और नीदरलैंड्स के कप्तान स्कॉट एडवर्ड्स ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल से अपील की है कि एसोसिएट टीमों को बड़े टूर्नामेंट के अलावा भी रेगुलर रूप से टॉप टीमों के खिलाफ खेलने के मौके दिए जाएं। इससे न सिर्फ उनका अनुभव बढ़ेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर क्रिकेट का विस्तार भी होगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सुझाव पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है या नहीं, लेकिन अगर यह पहल क्रिकेट को ज़्यादा समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

रोज ट्रैवल के दौरान कैसे रखें स्किन का ध्यान? अपनाएं ये ट्रिक

नई दिल्ली ऑफिस के दौरान महिलाओं को अक्सर घर से बाहर जाना ही पड़ता है। ऐसे में सबसे पहले यह ख्याल आता है कि गर्मी की शुरुआत में ही वह अपनी स्क्रीन पर ध्यान कैसे देंगी।धूप, धूल और पॉल्यूशन की वजह का बुरा असर स्किन पर पड़ता है। यही वजह है कि आज के समय में कम उम्र में ही स्किन में डलनेस, ऑयल, एक्ने यहां तक कि एजिंग के साइन भी नजर आने लगते हैं। लेकिन आपको डरने की जरूरत नहीं है बस आपको इस ट्रिक को अपनाने की जरूरत है। इस प्रकार रखें स्क्रीन का ध्यानकई बार देखा जाता है कि हम अपनी स्कीम में निखार लाने के चक्कर में कई बार प्रोडक्ट भी बदलते रहते हैं ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए बार-बार अलग-अलग तरीके का प्रोडक्ट उसे करने से भी आपकी स्क्रीन डैमेज हो जाती है। क्योंकि कभी वह प्रोडक्ट आपको शूट करते हैं और कभी नहीं। इसलिए आपको घर पर ही कुछ खास पेस्ट और उबटन बनाकर स्क्रीन पर अप्लाई करना चाहिए। रूखी व बेजान स्किनजब आप ट्रैवल करते हैं तो इस दौरान एसी, हीट व पॉल्यूशन की वजह से स्किन रूखी व बेजान हो जाती है। इसलिए आपको घर आने के बाद बेसन हल्दी दही शहद मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लेना चाहिए और इसको हफ्ते में तीन-चार दिन अपने स्क्रीन पर और चेहरे पर अप्लाई करना चाहिए फिर इसे धूल देना चाहिए ऐसा करने से आपकी स्किन में रूखापन चला जाएगा और त्वचा मुलायम रहेगी और निखार भी दिखेगा। स्किन प्रोटेक्शनअगर आप रोज ट्रैवल करती हैं तो स्किन प्रोटेक्शन के लिए सनस्क्रीन जरूर लगाएं। यह यूवी किरणें और पॉल्यूशन से स्किन को प्रोटेक्ट करने में मदद करता है। इसके साथ ही आप चाहें तो रोजाना रात में एक बार अपने चेहरे पर एलोवेरा पेस्ट जरूर लगाएं। इसे आप घर पर ही बना सकती हैं। एलोवेरा को एक बॉल में निकाल कर रोजाना अप्लाई करें इससे आपके चेहरे की रंगत हमेशा बनी रहेगी।

बिहार की सियासत गरम अगले सीएम पर बीजेपी का बड़ा बयान और भविष्य की रणनीति

नई दिल्ली : बिहार की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है क्योंकि राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बना हुआ है मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावनाओं के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि उनके बाद राज्य की कमान कौन संभालेगा इसी बीच विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान भी सामने आ रहे हैं जिससे सियासी माहौल और गर्म हो गया है इसी क्रम में बिहार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है उन्होंने साफ किया कि वर्तमान में नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री हैं और आने वाले समय में उनके राज्यसभा जाने की बात सामने आ रही है इसके बाद आगे की राजनीतिक प्रक्रिया एनडीए और भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा तय की जाएगी उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस निर्णय में मुख्यमंत्री की भूमिका भी अहम रहेगी संजय सरावगी के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि फिलहाल बीजेपी ने मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई अंतिम नाम तय नहीं किया है बल्कि यह निर्णय सामूहिक रूप से लिया जाएगा एनडीए के घटक दल और पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व मिलकर यह तय करेगा कि राज्य की कमान किसे सौंपी जाए यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक और सहमति आधारित होगी जिससे गठबंधन की एकजुटता बनी रहे वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों की ओर से भी बयानबाजी जारी है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की प्रक्रिया किसी दबाव के तहत हो रही है हालांकि एनडीए की ओर से इस दावे को लगातार खारिज किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि सभी निर्णय राजनीतिक सहमति और आपसी समझ के आधार पर लिए जाएंगे संजय सरावगी ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश और राजनीति में गंभीरता की आवश्यकता होती है उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे समय में जब वैश्विक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं तब नेताओं को जिम्मेदारी के साथ बयान देने चाहिए उनका यह भी कहना था कि राजनीतिक बयानबाजी देशहित में नहीं होती इसके साथ ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि संविधान में अनुसूचित जाति के लिए कई प्रकार की सुविधाएं और आरक्षण की व्यवस्था की गई है उन्होंने यह भी कहा कि धर्मांतरण के बाद इन सुविधाओं के संदर्भ में स्थिति बदल सकती है और सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस संदर्भ में उचित है बिहार की राजनीति में यह स्पष्ट है कि अगले मुख्यमंत्री को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और सभी की निगाहें एनडीए के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं आने वाले समय में इस पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है लेकिन फिलहाल सस्पेंस बरकरार है और राजनीतिक चर्चाएं लगातार जारी हैं

Travel Tips: बिना देरी के निकल जाएं इन जगहों पर, सुंदर हरा -भरा दिखेगा नजारा

नई दिल्ली  अगर आप कई दिनों से घूमने की इच्छा रख रहे हैं तो यह समय आपके लिए बिल्कुल सही है। इस समय मार्च के महीने में ना तो ठंडी लगेगी और ना तो गर्मी। यह मौसम घूमने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। तो अगर आपको घूमने की जगह समझ नहीं आ रही है तो चलिए आपके लिए हम ऐसे कई जगहों के बारे में पूरी जानकारी लेकर आए हैं। मनालीइस समय मनाली का मौसम काफी सुनहरा है। यहां पर अभी भी काफी तेजी से बर्फबारी हो रही है तो अगर आपको मार्च और अप्रैल के महीने में भी बर्फबारी का आनंद उठाना है तो आप मनाली की तरह रख कर सकते हैं। मनाली में आपको कई ऐसी जगह मिल जाएगी जहां पर आप काफी अच्छी एक्टिविटी भी कर सकेंगे। इसके साथ ही वहां के स्ट्रीट फूड और वहां के सुंदर-सुंदर नजारे आप अपने कमरे में रिकॉर्ड कर सकते हैं और अच्छी यादें बना सकते हैं। शिमलाइस समय मौसम काफी अच्छा है हल्की-हल्की बारिश भी हो रही है तो ऐसे में आपको शिमला जरूर जाना चाहिए।अगर आपको पहाड़ों की ठंडी हवा और हरियाली से प्यार है आप ह‍िमाचल का रुख कर सकते हैं। इन हिल स्टेशन पर जाना आपके लिए स्वर्ग से कम नहीं होगा। अप्रैल में यहां का मौसम काफी रोमांट‍िक होता है। हरी-भरी वादियां आपको मंत्रमुग्‍ध कर सकती हैं। आप यहां कई तरह के एडवेंचर स्‍पोर्ट्स में भी ह‍िस्‍सा ले सकते हैं। मेघायलमेघालय घूमने का प्‍लान है तो मार्च और अप्रैल का महीना बेस्ट माना जाता है। इस दाैरान यहां न बहुत ज्यादा सर्दी होती है और न ही गर्मी। एडवेंचर और नेचर लवर्स के लिए तो ये जगह जन्नत से कम नहीं है। हर थोड़ी दूर पर यहां आपको वाटरफॉल्स देखने को म‍िल जाएंगे। हालांकि कुछ वाटरफॉल्स को देखने के लिए आपको लंबी ट्रैकिंग भी करनी पड़ सकती है। आपको वहां पहुंचकर अलग ही नजारा देखने को मिलेगा।

5वीं और 8वीं का वार्षिक रिजल्ट घोषित, पास प्रतिशत में दिखा शानदार प्रदर्शन

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने इस साल कक्षा 5वीं और 8वीं का वार्षिक परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह वल्लभ भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर परिणाम घोषित किए। इस साल कक्षा 5वीं का कुल पास प्रतिशत 95.14 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 8वीं में 93.83 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए। आंकड़ों पर नजर डालें तो दोनों ही कक्षाओं में छात्राओं का प्रदर्शन छात्राओं के मुकाबले बेहतर रहा है। कक्षा 5वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 96.19 प्रतिशत जबकि छात्रों का 94.15 प्रतिशत रहा। वहीं कक्षा 8वीं में छात्राओं ने 94.98 प्रतिशत सफलता दर के साथ बाजी मारी जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 92.74 प्रतिशत ही रहा। इस बार रिजल्ट देखने की प्रक्रिया को बेहद आसान और आधुनिक बनाया गया है। छात्र और उनके अभिभावक सीधे राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इसके अलावा, विभाग द्वारा जारी किए गए QR कोड को स्कैन करके भी विद्यार्थी अपना रिजल्ट तत्काल देख सकते हैं। स्कूल के प्राचार्य भी पोर्टल के माध्यम से अपने पूरे स्कूल के विद्यार्थीवार प्रदर्शन की जानकारी ले सकते हैं। इस आधुनिक प्रणाली ने न केवल परिणाम देखने में सुविधा बढ़ाई है बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित की है। इस साल की परीक्षा बोर्ड पैटर्न के तहत आयोजित की गई थी। प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों के साथ ही मदरसों के लगभग 23.68 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं का मूल्यांकन व्यापक स्तर पर किया गया। कुल 322 मूल्यांकन केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की और अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित की। इस बड़े पैमाने पर मूल्यांकन ने यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक छात्र का परिणाम समय पर और सही तरीके से घोषित हो। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल का पेपर पिछले वर्षों की तुलना में कठिन था। बावजूद इसके छात्रों ने सराहनीय प्रदर्शन किया। कक्षा 5वीं और 8वीं के रिजल्ट में दिखा यह उत्कृष्ट परिणाम न केवल विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण है बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता और तैयारी की भी सफलता को दर्शाता है। बोर्ड पैटर्न के कारण अभिभावकों और शिक्षकों में रिजल्ट को लेकर सुबह से ही उत्सुकता देखी गई। इस वर्ष छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से ध्यान खींचने वाला रहा। कई जिलों में छात्राओं ने छात्रों के मुकाबले बेहतर अंक प्राप्त किए और उच्च सफलता दर दर्ज की। यह संकेत है कि मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में लिंग अंतर को कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इस प्रकार, मध्यप्रदेश के वार्षिक परीक्षा परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कठिन परीक्षा और उच्च संख्या में प्रतिभागियों के बावजूद छात्र और छात्राएं शानदार प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। राज्य शिक्षा केंद्र की आधुनिक प्रणाली, शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों की लगन ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।