Chambalkichugli.com

IPL 2026 में RCB की खास कहानी, कप्तान पाटीदार के साथ खेल चुका है टीम का नया चेहरा

नई दिल्ली आईपीएल 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। टीम का स्वामित्व बदल गया और अब इसे आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने खरीद लिया है। इस कंसोर्टियम में द टाइम्स ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की कंपनी प्राइवेट लिमिटेड स्ट्रेटेजी भी शामिल हैं। इसकी कीमत करीब 1.78 करोड़ डॉलर यानि करीब 16,700 करोड़ रुपये हो गई है। नए वफादार और कप्तान का अनोखा रिश्ताइस बेटे के बाद आरसीबी के नए किशोर रूप में आर्यमन बिड़ला का नाम सामने आया, जो कुमार मंगलम बिड़ला के बेटे हैं। ख़ास बात यह है कि आर्यमन बिड़ला और टीम के कप्तान रजत पाटीदार पुराने क्रिकेट कनेक्शन में हैं। दोनों खिलाड़ी मध्य प्रदेश की टीम के साथ खेलने के लिए उतरे हैं और एक के साथ खिलाड़ी भी बने हैं। क्रिकेट से बिजनेस तक का सफरआर्यमन बिड़ला खुद एक क्रिकेटर रह चुके हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास और लिस्ट-ए क्रिकेट खेला है। 2018 में राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल नीलामी में खरीदारी की थी। हालाँकि, 2019 में मानसिक स्वास्थ्य आक्षेप से उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली। अब वह अपने बिजनेस बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप पर ध्यान दे रही हैं। यूएसएल के स्वामित्व वाली इकाईइससे पहले आरसीबी का मालिकाना हक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के पास था। कंपनी ने आधिकारिक बयान में कहा कि उसने अपनी सहायक कंपनी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में 100 फीसदी हिस्सेदारी के साथ इस कंसोर्टियम को टक्कर देने का समझौता किया है। इस डेड में आरसीबी के पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं और यह पूरी तरह से कैश ट्रांजेक्शन है। नई शुरुआत, नई आकृतिस्वामित्व के बाद अब आरसीबी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। दोस्तों को उम्मीद है कि नए इंजीनियर और कैप्टन सिल्वर पाटीदार के नेतृत्व वाली टीम अगले सीज़न में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया पर विवाद तेज बैतूल में जयस ने दर्ज कराई आपत्ति

बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में राजस्व भूमि को आरक्षित वन घोषित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है यह मामला अब प्रशासन और आदिवासी संगठनों के बीच टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है जय आदिवासी युवा शक्ति जिसे आमतौर पर जयस के नाम से जाना जाता है ने इस पूरे मामले में गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए राजस्व और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं जयस का आरोप है कि जिले में बड़े पैमाने पर राजस्व भूमि को आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया में वैधानिक नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है संगठन का कहना है कि जिन जमीनों को आरक्षित वन में शामिल किया जा रहा है वे सार्वजनिक उपयोग की भूमि हैं और इन पर स्थानीय समुदायों विशेष रूप से आदिवासी समाज का पारंपरिक अधिकार रहा है ऐसे में बिना उचित प्रक्रिया और स्थानीय लोगों की सहमति के इन जमीनों को वन क्षेत्र में शामिल करना न्यायसंगत नहीं है संगठन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर बैतूल को ज्ञापन सौंपा है जिसमें 456 वनखण्डों पर विधिक आपत्ति दर्ज कराई गई है ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि इस प्रक्रिया को तत्काल नहीं रोका गया तो इससे व्यापक स्तर पर सामाजिक और प्रशासनिक विवाद उत्पन्न हो सकता है जयस के प्रतिनिधियों का कहना है कि वन अधिकार कानून और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना अनिवार्य है लेकिन वर्तमान प्रक्रिया में इन अधिकारों की अनदेखी की जा रही है जिससे आदिवासी समाज में असंतोष बढ़ रहा है उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और प्रभावित लोगों को पर्याप्त जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है इस मुद्दे के सामने आने के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है हालांकि अभी तक संबंधित विभागों की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन माना जा रहा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच या पुनर्विचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाना बेहद जरूरी होता है क्योंकि यह सीधे तौर पर स्थानीय समुदायों के अधिकारों और आजीविका से जुड़ा होता है यदि प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित नहीं की जाती है तो इससे विवाद और अधिक गहरा सकता है कुल मिलाकर बैतूल में 456 वनखण्डों को लेकर उठा यह विवाद आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है यदि प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा समय रहते संतुलित और संवेदनशील समाधान नहीं निकाला गया तो यह मुद्दा व्यापक आंदोलन का रूप भी ले सकता है ऐसे में सभी पक्षों के बीच संवाद और कानूनी प्रक्रिया का पालन ही इस विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है

Dabra MLA Suresh Raje car fine : हूटर लगा तो नहीं मिली छूट, डबरा विधायक की कार पर 10 हजार का चालान

MLA CAR FINE

HIGHLIGHTS: विधायक की कार पर अवैध हूटर मिलने पर 10 हजार का चालान मौके पर हूटर हटाकर जब्त किया गया बेटे को बुलाकर विधायक ने भरवाया जुर्माना सिविल मजिस्ट्रेट की निगरानी में चला अभियान सैकड़ों वाहनों पर भी की गई कार्रवाई Dabra MLA Suresh Raje car fine : ग्वालियर। जिले के डबरा में चल रहे मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान के दौरान नियम तोड़ने पर कांग्रेस विधायक सुरेश राजे की कार पर भी कार्रवाई की गई। बता दें कि कार पर अवैध रूप से हूटर लगाए जाने पर प्रशासन ने 10 हजार रुपये का चालान लगाया था। मोहम्मद कैफ का बड़ा बयान-आंद्रे रसेल की कमी नहीं भर सकते कैमरून ग्रीन पुलिस ने की वाहनों की सघन जांच चेकिंग अभियान सिविल न्यायालय मजिस्ट्रेट की निगरानी में चलाया जा रहा था, जिसमें पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान डबरा विधायक की गाड़ी को रोका गया, जहां वाहन पर लगे हूटर को नियमों के खिलाफ पाया गया। आयुष्मान योजना बनी वरदान देवास में मरीजों को मिल रहा मुफ्त डायलिसिस.. वाहन से हूटर को हटाया नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए मौके पर ही हूटर को हटाया गया और जब्त कर लिया गया। इसके साथ ही विधायक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। बताया जा रहा है कि विधायक ने मौके पर ही अपने बेटे को बुलाकर चालान की राशि जमा करवाई। पेट्रोल डीजल की किल्लत की अफवाह फेल तेल कंपनियों ने कहा देश में भरपूर स्टॉक और अन्य कारों के भी काटे चालान इस अभियान के दौरान सिर्फ एक ही वाहन पर कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सैकड़ों लोडिंग वाहनों और अन्य कारों के भी चालान काटे। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए लगातार जारी रहेगा। हरीश की 13 साल के संघर्ष की जंग खत्म… दिल्ली के ग्रीन पार्क में हुआ अंतिम संस्कार, नम आंखों से दी गई अतिम विदाई नियमों का उललंफन करने पर नहीं मिलेगी छूट प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे आम नागरिक हो या जनप्रतिनिधि। नियमों का उल्लंघन करने पर किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।

विधानसभा चुनाव बाद पास होगा महिला आरक्षण पर संशोधन बिल? क्यों सरकार ने बदली रणनीति

नई दिल्ली। महिला आरक्षण अधिनियम पर संशोधन बिल लाने पर विराम लगता दिख रहा है। अब खबरें आ रही हैं कि केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने के लिए तत्काल विधेयक लाने की संभावना नहीं है, क्योंकि संसद का मौजूदा सत्र निर्धारित अवधि से पहले ही स्थगित हो सकता है, लेकिन सत्रावसान नहीं किया जाएगा ताकि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद इसे फिर से बुलाये जाने का विकल्प खुला रहे। सूत्रों ने यह जानकारी दी। बता दें कि लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करना है। सूत्रों ने संकेत दिया है कि सरकार द्वारा अगले कुछ दिनों में संसद में संविधान संशोधन विधेयक पेश करने की संभावना बहुत कम है, जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून के रूप में जाना जाता है, में बदलाव करेगा। ऐसी जानकारी मिली है कि मंगलवार शाम तक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष विधेयक का मसौदा पेश करने का कोई प्रस्ताव नहीं था। मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को होनी है। सभी दलों से विचार-विमर्श जरूरीघटनाक्रम से अवगत एक सूत्र ने बताया, ”महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए कार्यक्रम तय करने से पहले सभी राजनीतिक दलों के साथ और विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राजग के कुछ घटक दलों तथा कुछ विपक्षी दलों के नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। लेकिन प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस और एक अन्य प्रमुख दल तृणमूल कांग्रेस के साथ परामर्श किया जाना बाकी है। निर्धारित समय सीमा से पहले संसद सत्र स्थगित होने की संभावनाबजट सत्र को संक्षिप्त करने की चर्चा के बीच, सूत्रों ने संकेत दिया है कि 2 अप्रैल की निर्धारित समय सीमा से पहले संसद सत्र स्थगित किये जाने की संभावना है, लेकिन सत्रावसान नहीं किया जाएगा, ताकि उसी सत्र को पुनः बुलाया जा सके। यह भी जानकारी मिली है कि सरकार अगले महीने पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के बाद सत्र को पुनः बुलाने के विकल्प पर विचार कर रही है। चुनावों के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

जनगणना 2027 को डिजिटल बनाने की दिशा में बैतूल आगे जिला स्तर पर ट्रेनिंग अभियान शुरू

बैतूल । बैतूल जिले में भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में संपन्न कराने की दिशा में तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसके तहत फील्ड ट्रेनर्स को तकनीकी और प्रक्रियात्मक रूप से सक्षम बनाया जा रहा है इसी क्रम में जिले में 64 फील्ड ट्रेनर्स का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है यह प्रशिक्षण न केवल जनगणना कार्य की मूलभूत समझ विकसित करने के लिए है बल्कि इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक ट्रेनर आगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को सटीक और स्पष्ट मार्गदर्शन दे सके प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है पहले चरण का आयोजन 24 मार्च से 26 मार्च तक किया जा रहा है जबकि दूसरा चरण 1 अप्रैल से 3 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगा यह प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9 30 बजे से शाम 6 बजे तक पीएम श्री एम एल बी विद्यालय बैतूल में संचालित किया जा रहा है जहां प्रतिभागियों को गहन अभ्यास और व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है यह पूरा कार्यक्रम जनगणना कार्य निदेशालय मध्यप्रदेश भोपाल से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार संचालित किया जा रहा है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूरे राज्य में एक समान गुणवत्ता और प्रक्रिया का पालन हो प्रशासन इस प्रशिक्षण को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है क्योंकि यह आने वाली जनगणना की सफलता का आधार तैयार करेगा प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है वहीं अपर कलेक्टर और जिला जनगणना अधिकारी वंदना जाट भी इस पूरे अभियान की निगरानी कर रही हैं उनके निर्देशन में प्रशिक्षण को सुव्यवस्थित और परिणाममुखी बनाया गया है राज्य स्तर से मास्टर ट्रेनर अनामिका जैन और जिले के मास्टर ट्रेनर विनोद कुमार अडलक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं वे ट्रेनर्स को डिजिटल उपकरणों के उपयोग डेटा संग्रहण की आधुनिक तकनीकों कानूनी प्रावधानों और जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से जनगणना 2027 की रूपरेखा पर जोर दिया जा रहा है जिसमें डिजिटल डेटा एंट्री मोबाइल आधारित एप्लीकेशन का उपयोग और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे विषय शामिल हैं इसके साथ ही प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट रूप से समझाया जा रहा है ताकि जमीनी स्तर पर कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि न हो यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगी बल्कि जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तेज और सटीक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी बैतूल में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में डिजिटल इंडिया के विजन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा

मोहम्मद कैफ का बड़ा बयान-आंद्रे रसेल की कमी नहीं भर सकते कैमरून ग्रीन

नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनकी गिनती है कि टीम के दिग्गज ऑलराउंडर आंद्रे रसेल की कमी को कैमरून ग्रीन पूरा नहीं कर पाएंगे। कैफ के अनुसार, रसेल जैसा प्रभाव डालना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं है। रसेल जैसा प्रभाव डालना मुश्किलकैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि भले ही कैमरून ग्रीन एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन रसेल की तुलना में वह अभी काफी पीछे हैं। उन्होंने कहा कि रसेल सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी में भी मैच जिताने की क्षमता रखते थे। जब भी उन्हें गेंद दी जाती थी, वह विकेट निकालने में सफल रहते थे। यही वजह है कि केकेआर में उनका योगदान बेहद अहम रहा है। ग्रीन के बचे हुए प्रदर्शन पर सवालकैफ ने ग्रीन के बचे हुए प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एशेज और टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में ग्रीन का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। ऐसे में आईपीएल 2026 में उनकी भूमिका और प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी। केकेआर को उनसे बड़ी उम्मीदें जरूर होंगी, लेकिन क्या वह उन पर खरे उतर पाएंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। पॉवेल भी नहीं भर पाएंगे जगहकैफ ने वेस्टइंडीज के रोवमैन पॉवेल को भी रसेल का विकल्प मिलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि टीम शायद क्रिस गेल जैसी गलती दोहराना नहीं चाहती थी, इसलिए बाद में रणनीति बदली गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम मैनेजमेंट और खासकर शाहरुख खान की भूमिका में अहम रही, जो रसेल को टीम से जोड़े रखने में दिलचस्पी दिखाई। कोच की नई भूमिका में रसेलगौरतलब है कि आंद्रे रसेल ने आईपीएल 2026 से पहले संन्यास ले लिया है और अब वह केकेआर के साथ ‘पावर कोच’ के रूप में जुड़े हुए हैं। टीम अपना पहला मुकाबला 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलेगी, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि रसेल की गैरमौजूदगी में टीम कैसा प्रदर्शन करती है।

सीरीज पर न्यूजीलैंड का कब्जा! New Zealand national cricket team ने 4-1 से जीती T20 सीरीज

नई दिल्ली।न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को आखिरी टी20 में 92 रन से हराकर सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। इस जीत में सबसे बड़े हीरो कैप्टन अमेलिया केर, मोट फिगर और बॉल दोनों को शानदार दिखाया गया है। क्राइस्टचर्च ने इस स्कॉटलैंड में खेलते हुए पहले बल्लेबाजी करते हुए 194 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया और फिर दक्षिण अफ्रीका को 102 रन पर रोक दिया। अमेलिया केर का तूफानी शतकटोस्ट हारकर ने पहले फ्लॉप करने के लिए न्यूजीलैंड की शुरुआत संभली हुई रही, लेकिन रियल धमाका कैप्टन एमेलिया केर ने किया। उन्होंने 55 गेंदों पर 105 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 19 बल्लेबाज और 1 छक्का शामिल रहे। उनके अलावा जॉर्जिया प्लिमर ने 27 और ब्रुक हॉलिडे ने 26 रन का योगदान दिया। दक्षिण अफ्रीका की ओर से अयाबोंगा खाका और तुमी सेखुखुने ने 3-3 विकेट लेकर टीम में वापसी की कोशिश की, लेकिन बड़ी टीम स्कोर में सफल नहीं हो सकी। लक्ष्य का पीछा करते हुए ही बखरी दक्षिण अफ्रीका195 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम की शुरुआत ही दबाव में नजर आई। टीम ने अपने अंदर चार विकेट पर 40 रन बनाए, जिससे वह कभी एक भी रन नहीं बना पाई। पूरी टीम 20 ओवर में 102 रन ही बना सकी और 92 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। न्यूजीलैंड की ओर से बेहद भरोसेमंद रही, जिसमें ली ताहुहु ने 3 विकेट, सोफी डिवाइन और एमेलिया केर ने 2-2 विकेट लेकर जीत सुनिश्चित की। ऑलराउंड से चमकदार कैप्टनएमेलिया केर ने इस गोदाम में सिर्फ फ़्लोटिंग ही नहीं, बल्कि योगदान भी दिया। उन्होंने 3 ओवर में सिर्फ 6 रन देकर 2 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच रहे। पूरी सीरीज में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। उन्होंने पांच मैचों में 276 रन के साथ 5 विकेट भी हासिल किये, जो उनकी ऑलराउंड क्षमता में शामिल है।

आयुष्मान योजना बनी वरदान देवास में मरीजों को मिल रहा मुफ्त डायलिसिस..

मध्य प्रदेश के देवास जिले में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना Ayushman Bharat Yojana जरूरतमंद मरीजों के लिए किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हो रही है। इस योजना के तहत हजारों लोगों को मुफ्त इलाज का लाभ मिल रहा है जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत मिली है देवास के केलोद गांव निवासी कांतिलाल ने बताया कि उनका आयुष्मान कार्ड लगभग तीन साल पहले बना था और तब से उन्हें लगातार इसका लाभ मिल रहा है। 2022 से उनका डायलिसिस जिला अस्पताल में पूरी तरह निशुल्क हो रहा है। पहले उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे और भारी खर्च उठाना पड़ता था लेकिन अब वे बिना किसी आर्थिक बोझ के अपना इलाज करा पा रहे हैं इसी तरह राजाराम नगर निवासी सुनील चौहान ने भी बताया कि उन्हें गंभीर बीमारी के कारण नियमित डायलिसिस की जरूरत पड़ती है। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद 2022 से उनका इलाज मुफ्त में हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर यह योजना नहीं होती तो हर बार डायलिसिस के लिए उन्हें बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती जिससे परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ जाता जिले में ऐसे कई मरीज हैं जो पहले इलाज के भारी खर्च से परेशान रहते थे लेकिन अब आयुष्मान योजना के जरिए उन्हें बेहतर और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए एक बड़ी मदद साबित हो रही है जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी Sarojini James ने बताया कि जिला अस्पताल सहित अन्य संबद्ध अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड के कारण मरीजों को बिना किसी आर्थिक बोझ के बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं सरकार का उद्देश्य है कि देश के हर जरूरतमंद नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सके और आयुष्मान योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। देवास में इस योजना का सफल क्रियान्वयन यह दिखाता है कि कैसे एक सरकारी पहल लोगों की जिंदगी बदल सकती है और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर ले जा सकती है

पैन कार्ड बनवाने और अपडेट करने के नियम बदले 1 अप्रैल से लागू होंगे नए कड़े प्रावधान

नई दिल्ली । देश में वित्तीय लेनदेन और पहचान से जुड़े सबसे अहम दस्तावेजों में से एक पैन कार्ड अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। 1 अप्रैल 2026 से पैन कार्ड बनवाने और उसे अपडेट कराने के नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन लागू होने जा रहे हैं जिनका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। अब तक जहां पैन कार्ड बनवाना काफी आसान प्रक्रिया मानी जाती थी वहीं आने वाले समय में यह प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त और दस्तावेज आधारित हो जाएगी। मौजूदा व्यवस्था के तहत आधार कार्ड के जरिए पैन कार्ड बनवाना बेहद सरल था। कई लोग सिर्फ आधार नंबर के आधार पर ही अपना पैन कार्ड बनवा लेते थे लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह सुविधा सीमित हो जाएगी। अब केवल आधार कार्ड के भरोसे पैन कार्ड बनवाना संभव नहीं होगा और आवेदकों को अपनी पहचान और जन्म से जुड़े अतिरिक्त प्रमाण देने होंगे। नए नियमों के अनुसार 1 अप्रैल 2026 के बाद अगर कोई व्यक्ति पैन कार्ड के लिए आवेदन करता है तो उसे आधार कार्ड के अलावा अन्य जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे। इनमें वोटर आईडी कार्ड जन्म प्रमाण पत्र ड्राइविंग लाइसेंस पासपोर्ट और हाई स्कूल यानी 10वीं कक्षा की मार्कशीट या सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। इसका उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है ताकि किसी भी तरह की गलत जानकारी या फर्जीवाड़े की संभावना को कम किया जा सके। इतना ही नहीं नाम से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। नए प्रावधान के अनुसार पैन कार्ड पर वही नाम प्रिंट होगा जो आधार कार्ड में दर्ज होगा। यानी अगर आपके आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत है या नाम में कोई त्रुटि है तो उसे पहले ठीक करवाना जरूरी होगा। अन्यथा वही गलती आपके पैन कार्ड में भी दिखाई देगी जिससे भविष्य में वित्तीय लेनदेन या दस्तावेज सत्यापन के दौरान परेशानी हो सकती है। फॉर्म से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है। अभी तक जिन फॉर्म्स के जरिए पैन कार्ड बनवाया या अपडेट किया जाता है वे 1 अप्रैल 2026 से अमान्य हो जाएंगे। उनकी जगह नए फॉर्म जारी किए जाएंगे जिनके जरिए ही आवेदन या अपडेट की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इसका मतलब यह है कि अगर आप पुराने फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं तो आपका आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में यदि आप पैन कार्ड बनवाने की सोच रहे हैं या उसमें किसी तरह का सुधार करवाना चाहते हैं तो यह सही समय है कि आप 1 अप्रैल से पहले अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें। इससे आप नई सख्त नियमावली से बच सकते हैं और बिना अतिरिक्त जटिलताओं के अपना काम आसानी से पूरा कर सकते हैं। कुल मिलाकर सरकार का यह कदम पैन कार्ड प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि इससे प्रक्रिया थोड़ी जटिल जरूर होगी लेकिन लंबे समय में यह बदलाव पारदर्शिता और सुरक्षा के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकता है।

मियामी ओपन में Coco Gauff की शानदार जीत, सेमीफाइनल में मुचोवा से भिड़ंत

नई दिल्ली अमेरिकी टेनिस स्टार कोको गॉफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मियामी ओपन में पहली बार ली जगह बनाई है। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने गठबंधन की बेलिंडा बेनकिक को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-3, 1-6, 6-3 से हराया। दो घंटे 15 मिनट तक चले इस क्लॉक में गॉफ ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पहले सेट में पूरी तरह से नियंत्रण बनाए रखा। सबसे मजबूत और बेहतरीन शॉट सेलेक्शन के दम पर उन्होंने पहला सेट आसानी से अपने नाम कर लिया। बेनकिक की वापसी, लेकिन गॉफ़ ने दम दिखायादूसरे सेट में बेनकिक ने शानदार वापसी करते हुए अपना प्रदर्शन कम किया और आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने तेजी से दूसरे सेट लैपटॉप यूनिट को अंतिम रूप दिया। हालांकि गॉफ ने प्रेशर में पुराने सेट में शानदार प्रदर्शन किया। एक अहम ब्रेक प्वाइंट के बाद उन्होंने मैच का रुख अपने पक्ष में मोड़ लिया। 3-3 के आधार पर गॉफ ने लगातार बेहतर खेल दिखाया और अपने नाम से मैच के जरिए मजबूत सर्व व ड्रॉप शॉट लिए। बेस्ट इन मुचोवा से होगी पार्टइस जीत के साथ गॉफ का सामना अब चेक रिपब्लिक की करोलिना मुचोवा से होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच हेड टू हेड्स रिकॉर्ड गोफ के पक्ष में है, दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक सभी 5 गुटों के समूह खेले हैं। ऐसे में एक गॉफ का पलड़ा भारी माना जा रहा है। मुचोवा भी शानदार फॉर्म मेंदूसरी ओर, मुचोवा ने भी अपने क्वार्टर फाइनल में दमदार प्रदर्शन करते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 7-5, 7-6(5) से हराया और इस सीजन में अपना शानदार रिकॉर्ड 18-3 से अपने नाम किया। उनका सामान भी काफी ऊंचा है, बाकी सभी मुकाबले बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।