आरसीबी बनाम एसआरएच : सर्वाधिक रन बनाने वाले 3 बल्लेबाज, टॉप पर विराट कोहली

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के बीच 28 मार्च को एम. चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। आरसीबी ने पिछले साल 18 साल का सूखा खत्म करते हुए पहली बार खिताब को अपने नाम किया था। आइए आपको उन तीन बल्लेबाजों के नाम बताते हैं जिन्होंने आरसीबी-हैदराबाद के बीच खेले गए मुकाबलों में सर्वाधिक रन बनाए हैं। विराट कोहली: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की तरफ से खेलते हुए सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम दर्ज है। कोहली ने एसआरएच के खिलाफ खेली 24 पारियों में 142 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए 805 रन बनाए हैं। इस दौरान विराट ने एक शतक और 5 अर्धशतक लगाए हैं। यानी कोहली को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलना काफी रास आता है। आईपीएल 2025 में एसआरएच के खिलाफ खेले गए मैच में कोहली ने 25 गेंदों में 43 रनों की दमदार पारी खेली थी। विराट इस लीग के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। विराट ने 267 मुकाबलों में अब तक 8,661 रन बनाए हैं। डेविड वॉर्नर: सनराइजर्स हैदराबाद और आरसीबी के बीच हुए मुकाबलों में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में डेविड वॉर्नर दूसरे नंबर पर काबिज हैं। वॉर्नर ने आरसीबी के गेंदबाजी अटैक का 13 मुकाबलों में सामना किया है। इस दौरान वॉर्नर ने 163 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 647 रन बनाए हैं। हालांकि, वॉर्नर इस सीजन टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं हैं। पूर्व कंगारू बल्लेबाज ने अपनी कप्तानी में सनराइजर्स हैदराबाद को साल 2016 में चैंपियन बनाया था। वॉर्नर ने 184 मुकाबलों के अपने आईपीएल करियर में 6,565 रन बनाए। वॉर्नर आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विदेशी बल्लेबाज हैं। एबी डिविलियर्स: आरसीबी की जर्सी में खेलते हुए एबी डिविलियर्स का प्रदर्शन सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ लाजवाब रहा। एबी ने एसआरएच के गेंदबाजी अटैक का कुल 17 मुकाबलों में सामना किया और इस दौरान उन्होंने 155 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 540 रन बनाए। डिविलियर्स ने 5 अर्धशतक लगाए हैं। उल्लेखनीय है कि डिविलियर्स ने साल 2021 में आईपीएल से संन्यास ले लिया था।
46 साल बाद खुला रहस्यमयी खजाना जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की गिनती ने रचा इतिहास

नई दिल्ली । पुरी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर का रत्न भंडार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है जहां 46 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद खजाने की आधिकारिक गिनती और मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है यह दिन मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है क्योंकि इससे पहले वर्ष 1978 में इस प्रकार की विस्तृत जांच की गई थी पहले दिन की कार्यवाही बेहद व्यवस्थित और सफल रही लगभग छह घंटे तक चली इस प्रक्रिया में चलती रत्न भंडार के करीब 80 प्रतिशत आभूषणों की गणना और सूची तैयार कर ली गई है यह वे आभूषण हैं जो भगवान के दैनिक अनुष्ठानों और विशेष अवसरों पर उपयोग में लाए जाते हैं प्रशासन के अनुसार यह केवल शुरुआत है और शेष वस्तुओं का मूल्यांकन आने वाले दिनों में जारी रहेगा इस बार की सबसे खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ा गया है पारंपरिक तरीके से हटकर अब 3D मैपिंग के जरिए हर वस्तु का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि भविष्य के लिए एक सटीक और स्थायी दस्तावेज भी तैयार होगा इसके साथ ही हाई डेफिनिशन फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के जरिए हर आभूषण और कीमती वस्तु को रिकॉर्ड किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या विवाद की संभावना समाप्त हो सके मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक डॉ अरविंद कुमार पाढी ने जानकारी दी कि पहले दिन का काम बिना किसी बाधा के पूरा हुआ और टीम ने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार तेजी से प्रगति की उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक खजाने में मौजूद सोने चांदी या रत्नों की कुल मात्रा या वजन का खुलासा नहीं किया गया है क्योंकि पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी रत्न भंडार को दो हिस्सों में बांटा जाता है जिसमें चलती रत्न भंडार और भीतर रत्न भंडार शामिल हैं फिलहाल पहले हिस्से पर काम चल रहा है जबकि भीतर रत्न भंडार की गणना और मूल्यांकन आगामी चरणों में किया जाएगा यही वह हिस्सा है जिसे लेकर लोगों में सबसे ज्यादा उत्सुकता बनी हुई है क्योंकि माना जाता है कि इसमें अत्यंत दुर्लभ और ऐतिहासिक आभूषण सुरक्षित हैं इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया मंदिर में दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह बंद नहीं किया गया बल्कि बाहर कथा के माध्यम से भक्तों को दर्शन की अनुमति दी गई जिससे धार्मिक गतिविधियां भी जारी रहीं और प्रशासनिक कार्य भी सुचारु रूप से चलते रहे कुल मिलाकर यह पहल न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि प्रशासनिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है आने वाले दिनों में जैसे जैसे रत्न भंडार के बाकी हिस्सों की गिनती पूरी होगी वैसे वैसे इस प्राचीन खजाने से जुड़े कई रहस्य सामने आने की उम्मीद है
GWALIOR PETROL CRISES :पेट्रोल संकट की अफवाह या हकीकत; ग्वालियर में पेट्रोल पंपों पर उमड़ी भीड़, क्या सच में खत्म हो रहा है तेल?

HIGHLIGHTS: पेट्रोल खत्म होने की अफवाहों से बढ़ी चिंता ग्वालियर में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें कई लोग जरूरत से ज्यादा भरवा रहे पेट्रोल प्रशासन ने अफवाहों से बचने की दी सलाह सप्लाई सामान्य, लेकिन मांग में अचानक उछाल GWALIOR PETROL CRISES : ग्वालियर। देशभर में पहले गैस सिलेंडर की कमी की खबरों ने लोगों को परेशान किया था, और अब पेट्रोल को लेकर फैल रही अफवाहों ने आम जनता की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। जिसके बाद अब ग्वालियर में भी इसका असर साफ देखने को मिल रहा है। शहर के कई पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई हैं, जहां लोग अपनी गाड़ियों में जरूरत से ज्यादा पेट्रोल भरवाते नजर आ रहे हैं। धुरंधर 2 में ACP ओमर का रोल निभाने वाले एक्टर का दावा; पाकिस्तान से आए धमकी भरे मैसेज अफवाहों ने बढ़ाई बेचैनी सोशल मीडिया और मुंहज़बानी फैली खबरों के चलते लोगों में डर का माहौल बन गया है। हालांकि प्रशासन या तेल कंपनियों की ओर से किसी भी तरह की कमी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, फिर भी लोग एहतियात के तौर पर ज्यादा पेट्रोल भरवा रहे हैं। LPG संकट में भारत के लिए इस पुराने दोस्त ने खोले भंडार, 20000 KM दूर से बढ़ाए मदद के हाथ कहीं पैनिक, कहीं समझदारी ग्वालियर के कई इलाकों में लोग घबराहट में पेट्रोल पंपों पर उमड़ रहे हैं, वहीं कुछ नागरिक ऐसे भी हैं जो अफवाहों से दूर रहकर सामान्य तरीके से ईंधन ले रहे हैं। उनका कहना है कि बिना पुष्टि के ऐसी खबरों पर भरोसा करना गलत है। LPG संकट में भारत का ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा….जानें नौसेना होर्मुज से कैसे निकाल रही जहाज! प्रशासन की अपील स्थानीय प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही उनका कहना है कि जरूरत से ज्यादा पेट्रोल भरवाने से कृत्रिम संकट पैदा हो सकता है। ALL INDIA RDIO CHANGES: आकाशवाणी में बड़ा बदलाव अब बजेगा ‘वंदे मातरम’ का पूरा संस्करण All India Radio स्थिति पर नजर फिलहाल ग्वालियर में पेट्रोल की सप्लाई सामान्य बताई जा रही है, लेकिन अफवाहों के कारण मांग अचानक बढ़ गई है, जिससे अस्थायी दबाव जरूर बना है।
राहुल गांधी का खुलासा: मां के कमरे में पूरी रात जागकर बिताया समय

नई दिल्ली।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर भावुक बयान दिया है। सोनिया गांधी को अस्वस्थ होने के कारण सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां राहुल गांधी पूरी रात उनके साथ अस्पताल के कमरे में मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां के कमरे में एक छोटे से सोफे पर सोए और एक बेटे की तरह उनकी सेहत को लेकर बेहद चिंतित थे। केरल रैली छोड़ मां के पास रहेराहुल गांधी ने केरल में आयोजित एक रैली को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि वह वहां आना चाहते थे, लेकिन मां की तबीयत को देखते हुए उन्हें दिल्ली में ही रुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक बेटे के तौर पर उनका फर्ज था कि वह अपनी मां के साथ रहें। उन्होंने भरोसा जताया कि केरल के लोग उनकी स्थिति को समझेंगे। नर्स की सेवा से मिली तसल्लीराहुल गांधी ने अस्पताल में बिताई रात का जिक्र करते हुए एक खास अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि केरल की एक नर्स हर घंटे आकर सोनिया गांधी की जांच करती थी, उनका हाथ थामती थी और मुस्कुराकर उनका हौसला बढ़ाती थी। राहुल ने कहा कि पूरी रात उन्हें उसी नर्स की सेवा भावना से तसल्ली मिलती रही। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि ऐसी नर्सें न सिर्फ मरीजों की देखभाल करती हैं, बल्कि उनके परिवार को भी मानसिक सहारा देती हैं। नर्सों की सेवा भावना की सराहनाराहुल गांधी ने कहा कि जब पूरी दुनिया सो रही होती है, तब केरल की नर्सें और स्वास्थ्यकर्मी पूरी रात जागकर लोगों की सेवा करते हैं। उन्होंने सुबह नर्स से पूछा कि क्या वह सोती है, तो उसने जवाब दिया कि वह पूरी रात काम करती है। राहुल ने इसे समर्पण और सेवा का बेहतरीन उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे लोग समाज की असली ताकत हैं। भाजपा-एलडीएफ पर भी साधा निशानाअपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने राजनीतिक मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में भाजपा और एलडीएफ के बीच मिलीभगत है। उनका कहना था कि राज्य में असल मुकाबला यूडीएफ और भाजपा-एलडीएफ गठजोड़ के बीच है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों दलों की नीतियों में ज्यादा अंतर नहीं है और वे जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।
राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस

नई दिल्ली।बुधवार को राज्यसभा में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े एक विधेयक पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन और डिप्टी कमिश्नर पैनल के सदस्य दिनेश शर्मा के बीच माहौल नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान जया बच्चन ने असंतोष जताते हुए यहां तक कह दिया कि जितना समय देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, जिससे सदन में कुछ देर के लिए हलचल मच गई। बोलने के दौरान भटका ध्यान, बताते असंतोषदरअसल, जया बच्चन जब विधेयक पर अपनी बात रखने के लिए खड़ी हुईं, उसी दौरान तनावपूर्ण बेंच के कुछ सदस्य आपसी बातचीत करने लगे। इससे उनका ध्यान भटक गया और उन्होंने बीच में ही बोलना रोक दिया। उन्होंने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि जब कोई बोल रहा हो तो बाकी लोगों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई और बात करेगा तो ध्यान वहीं होगा और स्पीकर की बात अनसुनी रह जाएगी। स्पीकर से माहौल बहस, विवाद बढ़ाएँस्थिति तब और माहौल हो गई जब जया बच्चन ने स्पीकर से कहा कि उन्हें टोकने के बजाय उन सदस्यों पर कार्रवाई की जाए जो बाधाएं पैदा कर रहे हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। लेकिन जया बच्चन इससे कार्यकर्ता नहीं दिखीं और उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि समय आपके हाथ में है, जितना देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, कमजोर लोगों को तो वैसे भी आश्रित जा रहा है। इस दौरान दोनों के बीच कई बार तीखे संवाद हुए। विपक्ष ने विधेयक पर उठाए सवालइस बहस के बीच विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े इस विधेयक को अन्यायपूर्ण समझाए हुए इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। जया बच्चन ने भी सवाल उठाया कि बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को लाने की क्या जरूरत थी और कहा कि इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि यह समुदाय सामाजिक रूप से पहले ही कमजोर है और उसके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। सरकार पर लगे आरोप, पक्ष-विपक्ष आमने-सामनेवहीं टीकाकरण कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दबाव में फैसला ले रही है और इस मुद्दे पर पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विरोध पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने इस समुदाय के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच टकराव बहस देखने को मिली।
जब सलमान खान के कोरियोग्राफर बने उनके ड्राइवर-कुक, बोनफायर पार्टी की देन था ये फनी डांस मूव

नई दिल्ली। साल 2010 में आई सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ ने बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। फिल्म न केवल ब्लॉकबस्टर साबित हुई, बल्कि इसने सलमान खान को ‘चुलबुल पांडे’ के रूप में एक नई पहचान दी। इस फिल्म की सक्सेस में मलाइका अरोड़ा पर फिल्माए गए आइटम नंबर ‘मुन्नी बदनाम हुई’ का भी बड़ा हाथ था। यह गाना उन दिनों हर पार्टी और शादी में जरूर बजाया जाता था। गाने में सलमान खान का वो मस्तमौला अंदाज और फनी डांस स्टेप आज भी लोगों को याद है। लेकिन इस गाने के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। मेकर्स का सोलो प्लान और सलमान की एंट्रीकम ही लोगों को पता है कि सलमान खान असल में ‘मुन्नी बदनाम हुई’ गाने का हिस्सा होने ही नहीं वाले थे। फिल्म के मेकर्स का शुरुआती प्लान कुछ और ही था। वो चाहते थे कि इस गाने में केवल मलाइका अरोड़ा का सोलो परफॉर्मेंस रहे। मेकर्स को लगा था कि मलाइका का डांस ही गाने में जान फूंकने के लिए काफी है, लेकिन जब सलमान खान ने यह गाना पहली बार सुना, तो उन्हें यह इतना पसंद आ गया कि वह खुद को इसमें शामिल होने से रोक नहीं पाए। उन्होंने मेकर्स के सामने अपनी इच्छा जाहिर की, कि वह भी इस गाने में परफॉर्म करना चाहते हैं। मजे-मजे में यूं निकला आइकॉनिक डांस मूवगाने में शामिल होने की बात तो तय हो गई, लेकिन अब कोरियोग्राफी तय होनी थी। इसका जवाब सलमान ने खुद ही तलाश लिया। एक दिन वह अपनी टीम के साथ अपने पनवेल वाले फार्म हाउस पहुंचे। वहां उनके साथ उनका ड्राइवर और कुक भी मौजूद थे। सलमान ने रात में बोनफायर जलाया और स्पीकर पर ‘मुन्नी बदनाम हुई’ गाना बजाना शुरू किया। इसके बाद जो हुआ, उसकी उम्मीद शायद खुद भाईजान को भी नहीं थी। सलमान के ड्राइवर्स और कुक ने कुछ स्टेप्स किए, जिन्हें देखकर सलमान खान काफी इंप्रेस हो गए। उन्हें ये स्टेप्स काफी फनी और दिलचस्प लगे। सलमान को वो डांस स्टेप इतने नेचुरल और फन से भरे लगे कि उन्हीं मूव्स को फाइनल कर लिया गया। 231 करोड़ का बिजनेस और चुलबुल का जादूपनवेल के फार्म हाउस की उस बोनफायर पार्टी से निकला वह स्टेप न सिर्फ फिल्म देखने वालों के लिए सरप्राइज बना, बल्कि हमेशा के लिए सलमान खान का सिग्नेचर मूव बन गया। फिल्म के बजट और कमाई की बात करें तो करीब 100 करोड़ रुपये की लागत में बनी ‘दबंग’ ने उस वक्त बॉक्स ऑफिस पर कुल 231 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था।
धुरंधर 2 में ACP ओमर का रोल निभाने वाले एक्टर का दावा; पाकिस्तान से आए धमकी भरे मैसेज

नई दिल्ली। धुरंधर: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर दुनियाभर में शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म की देश-विदेश में चर्चा हो रही है। धुरंधर 2 में कलाकारों की भी जमकर तारीफ हो रही है। धुरंधर 2 की चर्चाओं के बीच फिल्म में एसीपी ओमर हैदर का किरदार निभाने वाले आदित्य उप्पल ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से भी तारीफें मिल रही हैं। इसी के साथ उन्होंने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं। धुरंधर 2 एक्टर को मिली जान से मारने की धमकीडीएनए से खास बातचती में आदित्य उप्पल ने बताया कि कैसे उन्हें पाकिस्तान से धमकी भरे डरावने मैसेज आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी कि अगर वो कभी उनके सामने आ गए तो वो उन्हें छोड़ेंगे नहीं। आदित्य ने कहा कि इनमें से कुछ लोगों को उन्होंने साफ किया कि वो सिर्फ एक एक्टर हैं जिन्होंने फिल्म में बस एक रोल निभाया है। रियल लाइफ ओमर के बारे में क्या बोले आदित्य उप्पलइसी बातचीत के दौरान आदित्य उप्पल ने बताया कि इंस्टाग्राम पर किसी ने उन्हें असल लाइफ वाले ओमर हैदर से कनेक्ट कराया। उन्होंने कहा कि असल लाइफ वाले ओमर ने उनके रोल को नोटिस किया। आदित्य ने बातचीत में बताया कि असल लाइफ वाले ओमर हैदर आज के वक्त में पाकिस्तान में एसपी के पद पर तैनात हैं।उन्होंने असल लाइफ ओमर हैदर को एक बुद्धिमान व्यक्ति बताया और कहा कि वो कराची में काफी एक्टिव हैं।उन्होंने कहा कि उन्हें ये भी पता चला है असल लाइफ वाले ओमर हैदर ने उनकी इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखी थी, लेकिन उनकी प्राइवेसी का सम्मान करते हुए उन्होंने उनको डायरेक्टली मैसेज नहीं किया। पाकिस्तान के लोगों से मिल रही प्रशंसाआदित्य उप्पल ने बताया कि पाकिस्तान से धमकी भरे मैसेज के बीच कई लोग उनकी तारीफ भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दुबई में रहने वाले एक ग्लोबल ब्रांड के प्रमुख सीईओ, जो जन्म से पाकिस्तानी हैं, इंस्टाग्राम पर नियमित रूप से उन्हें मैसेज भेजकर फिल्म की प्रशंसा कर रहे हैं। ग्लोबल ब्रांड की इसी सीईओ ने आदित्य उप्पल को रियल लाइफ ओमर हैदर से कनेक्ट भी कराया है। धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंसधुरंधर 2 की बात करें तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत ही शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने दुनियाभर में 950 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। वहीं, भारत में फिल्म की कमाई 500 करोड़ से कई अधिक हो चुकी है। धुरंधर 2 की बात करें तो फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म का पहला पार्ट पिछले साल सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म के दूसरे पार्ट में को पहले पार्ट से कई ज्यादा प्यार मिल रहा है।।
घंटों लंबी फिल्में, लेकिन नहीं चला जादू! जानें सबसे लंबी हिंदी फिल्मों की लिस्ट

नई दिल्ली। धुरंधर 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। सोशल मीडिया पर कई वजहों से इस फिल्म की चर्चा हो रही है। इन वजाहों में से एक वजह है फिल्म का रनटाइम। रणवीर सिंह की धुरंधर 2 का रनटाइम लगभग चार मिनट का है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन भी कर रही है। धुरंधर 2 का नाम टॉप 5 सबसे लंबी हिंदी फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो गया है। आइए जानते हैं धुरंधर 2 के अलावा इस लिस्ट में और कौन सी फिल्में शामिल हैं। एलओसी: कारगिल: लिस्ट में सबसे पहला नंबर साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म एलओसी: कारगिल का है। इस फिल्म का रनटाइम 4 घंटे 15 मिनट था। यह एक मल्टीस्टारर वॉर ड्रामा फिल्म थी। फिल्म में संजय दत्त, अजय देवगन, अक्षय खन्ना, अभिषेक बच्चन, सुनील शेट्टी, सैफ अली खान, मनोज बाजपेयी और सुदेश बैरी जैसे कलाकार नजर आए थे। boxofficeindia.com के मुताबिक, फिल्म का बजट 33 करोड़ था। वहीं, फिल्म ने भारत में 26.53 करोड़ (ग्रॉस) कमाई की थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 5.5 है। मेरा नाम जोकर: लिस्ट में दूसरे नंबर पर 1970 में आई फिल्म मेरा नाम जोकर है। फिल्म में राज कपूर, मनोज कुमार और सिमी गरेवाल नजर आई थीं। फिल्म का रनटाइम 4 घंटे 13 मिनट का था। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.9 है। ये फिल्म जब रिलीज हुई थी तब बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फ्लॉप साबित हुई थी। हालांकि, आज इस फिल्म की गिनती कल्ट फिल्मों में होती है। धुरंधर 2: इस लिस्ट में चौथे नंबर पर रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 है। फिल्म हाल ही में रिलीज हुई है। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 8.7 है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर रही है। फिल्म ने खबर लिखे जाने तक (25 मार्च, शाम 5 बजे तक) 598.47 करोड़ की कमाई कर ली है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित होगी। फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 49 मिनट है। संगम: लिस्ट में तीसरे नंबर पर साल 1964 में रिलीज हुई फिल्म संगम है। इस फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 58 मिनट था। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.3 है। sacnilk.com के मुताबिक, फिल्म ने भारत में 3.90 करोड़ (नेट) की कमाई की थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.3 है। लगान: लिस्ट में 5वें नंबर पर आमिर खान की फिल्म लगान है। फिल्म साल 2001 में रिलीज हुई थी। फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 44 मिनट है। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 8.1 है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी। फिल्म ने भारत में 55.63 करोड़ (ग्रॉस) की कमाई की थी।
LPG संकट में भारत के लिए इस पुराने दोस्त ने खोले भंडार, 20000 KM दूर से बढ़ाए मदद के हाथ

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण उपजे गंभीर एलपीजी संकट (Serious LPG Crisis) के बीच, लगभग 20,000 किलोमीटर दूर स्थित एक दक्षिण अमेरिकी देश (South American Country) भारत के लिए एक बड़े मददगार के रूप में सामने आया है। दरअसल पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष के कारण समुद्री यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से भारत की ऊर्जा सप्लाई चेन पर गहरा असर पड़ा है, क्योंकि भारत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात इसी मार्ग से होता है। इस बाधा ने नई दिल्ली को अपने ऊर्जा स्रोतों में तेजी से विविधता लाने के लिए मजबूर कर दिया है। अर्जेंटीना का अप्रत्याशित और अहम सहयोगइस संकट की घड़ी में अर्जेंटीना एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भागीदार बनकर उभरा है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंधों में कितनी तेजी से विकास हुआ है, इसे इन आंकड़ों से समझा जा सकता है। साल 2026 की पहली तिमाही में ही अर्जेंटीना ने भारत को 50,000 टन एलपीजी का निर्यात किया है। यह मात्रा पूरे 2025 में भेजे गए 22,000 टन से दोगुने से भी अधिक है। संघर्ष के गहराने से पहले ही अर्जेंटीना के ‘बाहिया ब्लांका’ बंदरगाह से करीब 39,000 टन एलपीजी भारतीय तटों पर पहुँच चुकी थी। संकट के बीच 5 मार्च को 11,000 टन का एक और शिपमेंट भारत के लिए रवाना किया गया है। गौरतलब है कि साल 2024 से पहले अर्जेंटीना ने भारत को कभी एलपीजी की आपूर्ति नहीं की थी। राजनयिक दृष्टिकोण और भविष्य की संभावनाएंएक मुताबिक, भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो अगस्टिन कौसिनो ने इस सहयोग कहा कि उनका देश भारत की ऊर्जा सुरक्षा में बड़ी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि अर्जेंटीना के पास गैस का विशाल भंडार है। हमारी राष्ट्रीय गैस और तेल कंपनी के अध्यक्ष ने पिछले साल भारत का दो बार दौरा किया था; भारतीय ऊर्जा कंपनियों और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी के साथ उनकी कई बैठकें हुईं। यह सहयोग अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन मौजूदा हालात इसे और तेज कर सकते हैं। भारत की रणनीति की सराहनाराजदूत ने भारत सरकार की ‘ऊर्जा विविधता रणनीति’ को बेहद बुद्धिमानी भरा बताया। उन्होंने संसद में दिए गए हालिया बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब 40 से अधिक देशों से ऊर्जा आपूर्ति नेटवर्क बना रहा है, जिसमें अर्जेंटीना एक अहम कड़ी है। साझेदारी की चुनौतियांभले ही यह सहयोग भारत के लिए राहत की बात है, लेकिन इसमें कुछ बड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियां भी शामिल हैं। अर्जेंटीना के बाहिया ब्लांका से गुजरात के दाहेज बंदरगाह की दूरी लगभग 20,000 किलोमीटर है। यह ऊर्जा शिपमेंट के लिए दुनिया के सबसे लंबे मार्गों में से एक है। इतनी लंबी दूरी के कारण परिवहन लागत में भारी इजाफा होता है, डिलीवरी में लंबा समय लगता है और खराब मौसम से जुड़े जोखिम भी बढ़ जाते हैं। भारत के घरेलू कदमआयात के नए विकल्प तलाशने के साथ-साथ भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर भी स्थिति को संभालने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। कमर्शियल एलपीजी आवंटन में वृद्धि की है। हॉस्पिटैलिटी और खाद्य सेवा क्षेत्रों को राहत देने के लिए सरकार ने कमर्शियल एलपीजी के कोटे में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा, घरों में निरंतर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ‘पाइप्ड नेचुरल गैस’ (PNG) के कनेक्शन देने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है, जो एक अधिक स्थिर विकल्प है।
बॉलीवुड में रिकॉर्ड: भारत का एकमात्र मेल स्टार जिसने जीता बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड

नई दिल्ली।भारत का इकलौता मेल एक्टर जिसे मिला बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड, रच दिया था अनोखा इतिहासआज हम आपको एक ऐसे मेल एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था वो भी नेशनल नहीं बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर। बॉलीवुड एक्टरकई एक्टर्स अपने काम से ना सिर्फ भारत बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बनाते हैं। अब आज हम आपको एक ऐसे ही एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अपनी एक्टिंग से इंटरनेशनल अवॉर्ड जीता वो भी एक ऐसी कैटेगरी से जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। निर्मल पांडेजिस एक्टर की हम बात कर रहे हैं वह हैं निर्मल पांडे। निर्मल जिन्हें आपने कई हिंदी फिल्मों में विलन के रूप में देखा होगा। आज उनसे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आपको बताते हैं। फिल्म दायरानिर्मल को एक बार बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था वो भी उनकी फिल्म दायरा के लिए। दरअसल, दायरा में निर्मल ने किन्नर का किरदार निभाया था। फिल्म में निर्मल के साथ सोनाली कुलकर्णी लीड रोल में थीं। दोनों एक्टर्स की काफी तारीफ हुई थी। बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्डवहीं वैलेनसियनेस फिल्म फेस्टिवल फ्रांस 1997 में निर्मल और सोनाली को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था। लंदन में किया थिएटरनिर्मल की बात करें तो उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में ग्रेजुएशन की। इसके बाद वह लंदन चले गए थिएटर के लिए। इस फिल्म से किया डेब्यूलंदन से वापस आने के बाद निर्मल ने फिर 1994 में आई शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन से डेब्यू किया था। इन हिट फिल्मों में किया कामनिर्मल ने अपने करियर में प्यार किया तो डरना क्या, वन टू का फोर, हद कर दी आपने जैसी मूवीज में काम किया है। जल्द किया दुनिया को अलविदानिर्मल ज्यादा लाइफ नहीं जी सके और साल 2010 में 47 की उम्र में उनका निधन हो गया था। निर्मल के निधन के बाद उनकी आखिरी फिल्म लाहौर रिलीज हुई थी।