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Jagruti Jatav one-day chairman : एक दिन की अध्यक्ष बानी जागृति जाटव, मंत्री शिवराज ने वीडियो कॉल कर बढ़ाया हौसला

JAGRITI JATAV

HIGHLIGHTS: जागृति जाटव बनीं एक दिन की जिला पंचायत अध्यक्ष नवसंकल्प अभियान के तहत मिला मौका शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉल कर बढ़ाया हौसला सामाजिक न्याय विभाग की बैठक की अध्यक्षता महिला सशक्तिकरण और समावेशी विकास पर जोर Jagruti Jatav one-day chairman : भिंड। जिले के मेहगांव क्षेत्र के ग्राम नारायणपुरा की रहने वाली जागृति जाटव को ‘नवसंकल्प अभियान’ के तहत एक दिन के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का अवसर मिला। बता दें कि यह पहल न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश लेकर आई है। GWALIOR MAUSAM UPDATE : मार्च की तपिश के बाद मौसम का यू-टर्न: ग्वालियर में गर्मी के बीच बारिश और आंधी की दस्तक केंद्रीय मंत्री ने बढ़ाया आत्मविश्वास प्रभार मिलने के बाद केंद्रीय कृषि एवं पंचायत मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉल के जरिए जागृति से बात की। उन्होंने जागृति के अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में जाना और उत्साह बढ़ाते हुए कहा- आगे बढ़ो, देश का नाम रोशन करो, मामा तुम्हारे साथ है। कॉलेज प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से छात्रा ने काटी कलाई; आरोपी गिरफ्तार संभाली जिम्मेदारी, लिया एक्शन दायित्व संभालते ही जागृति जिला पंचायत कार्यालय पहुंचीं और अधिकारियों-कर्मचारियों से संवाद किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और सामाजिक न्याय विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय कार्यों का जायजा लिया। साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल नवसंकल्प अभियान का उद्देश्य यह पहल वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया द्वारा चलाए जा रहे 9 दिवसीय नवसंकल्प अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है, ताकि वंचित वर्ग की बेटियों को नेतृत्व के अवसर मिल सकें। Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश जागृति जाटव की यह पहल बताती है कि सही अवसर मिलने पर हर वर्ग की बेटियां नेतृत्व की जिम्मेदारी निभा सकती हैं। यह कदम समाज में समानता और आत्मविश्वास का नया संदेश देता है।

MP में मौसम लेने जा रहा करवट, ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 30 मार्च तक असर

भोपाल। पश्चिमी विक्षोभ वेस्टर्न डिस्टरबेंस और सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के असर से मध्य प्रदेश में शुक्रवार से मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में ग्वालियर सहित 7 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। यह मार्च महीने में तीसरी बार होगा जब प्रदेश में बारिश का दौर देखने को मिलेगा।इससे पहले गुरुवार को प्रदेश में गर्मी का असर चरम पर रहा और नर्मदापुरम में तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है।  मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्से में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि पश्चिमी क्षेत्र में दो चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। इन सिस्टम्स के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा, 30 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में कहीं-कहीं बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। 28 मार्च को हल्की बारिश, जबकि 30 मार्च को सिस्टम का असर सबसे ज्यादा रहने का अनुमान है। शुक्रवार से शुरू हो रहे इस बदलाव से पहले प्रदेश में तेज गर्मी देखने को मिली। नर्मदापुरम के अलावा रतलाम में 39.6 डिग्री, गुना में 38.6 डिग्री, धार, रायसेन और मंडला में 38.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। खरगोन में 38.2 डिग्री, शाजापुर और खंडवा में 38.1 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और खजुराहो में पारा 38 डिग्री तक पहुंचा। अन्य जिलों जैसे छिंदवाड़ा, दमोह, बैतूल, श्योपुर, सागर और सतना में भी तापमान 37 डिग्री या उससे अधिक रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां 37.7 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 38.6 डिग्री और जबलपुर में 37.5 डिग्री तापमान रहा। मार्च महीने में इससे पहले भी दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। एक चरण चार दिन तक चला, जिसमें 45 से अधिक जिलों में बारिश हुई और 17 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इससे गेहूं, पपीता और केला जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा। अब तीसरा दौर 27 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने आगे के महीनों को लेकर भी चेतावनी दी है। अनुमान के मुताबिक अप्रैल और मई में प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी गर्मी का असर तेज रहेगा।

GWALIOR MAUSAM UPDATE : मार्च की तपिश के बाद मौसम का यू-टर्न: ग्वालियर में गर्मी के बीच बारिश और आंधी की दस्तक

MP WETAHER

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में तापमान 36.8°C तक पहुंचा न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक 28–30 मार्च के बीच मौसम बदलेगा तेज हवा, बादल और बारिश की संभावना गेहूं और चना फसल को नुकसान का खतरा GWALIOR MAUSAM UPDATE : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में मार्च के आखिरी दिनों में गर्मी ने अचानक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से अधिक है। दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी से लोगों को तेज गर्मी का एहसास हो रहा है। MP Weather Update बारिश और ओलों ने मचाई तबाही 72 घंटे से जारी सिस्टम से बिगड़ा हालात सुबह से ही चढ़ रहा तापमान सुबह से ही तेज धूप का असर साफ नजर आ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक गर्मी का असर ऐसे ही बरकरार रहेगा, जिससे तापमान और बढ़ोत्तरी हो सकती है। ग्वालियर में सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत, चार घायल पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम हालांकि, इस गर्मी के बीच राहत की खबर भी है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है, जिसका असर 28 से 30 मार्च के बीच देखने को मिलेगा। इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं, आसमान में बादल छा सकते हैं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार किसानों की बढ़ी चिंता मौसम में इस अचानक बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रबी फसलों, खासकर गेहूं और चने की कटाई का समय चल रहा है। ऐसे में तेज हवा और बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे आर्थिक हानि की आशंका है। श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा कर दिए अहम निर्देश सावधानी बरतने की सलाह विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए कटाई और भंडारण का काम सावधानी से करें। वहीं आम लोगों को भी तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

कॉलेज प्रोफेसर पर छेड़छाड़ का आरोप, कार्रवाई नहीं होने से छात्रा ने काटी कलाई; आरोपी गिरफ्तार

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक कॉलेज छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 21 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से परेशान होकर उसने अपनी कलाई काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। पुलिस के अनुसार, छात्रा शासकीय महाविद्यालय में बीए तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है। उसने बताया कि 10 मार्च को कॉलेज परिसर में एक प्रोफेसर ने उसके साथ छेड़छाड़ की थी। इस संबंध में उसने प्राचार्य से शिकायत भी की, लेकिन कथित तौर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्रा का कहना है कि बाद में उसने अपनी मां को घटना की जानकारी दी। मां ने भी कॉलेज प्रशासन से संपर्क किया, जिसके बाद आरोपी प्रोफेसर ने माफी मांग ली और मामला वहीं समाप्त कर दिया गया। छात्रा ने आरोप लगाया कि इसके बाद कॉलेज में यह अफवाह फैलाई गई कि उसकी मां ने समझौते के लिए प्रोफेसर से पांच लाख रुपये ले लिए हैं, जिसे उसने सिरे से खारिज किया। पीड़िता ने प्राचार्य और दो अन्य प्रोफेसरों पर धमकाने का भी आरोप लगाया। उसने बताया कि 23 मार्च को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी शिकायत दी थी, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसी तनाव में उसने बुधवार रात कलाई काट ली, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अनुविभागीय पुलिस अधिकारी पूजा शर्मा ने बताया कि छात्रा का बयान दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद 26 मार्च को आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अधीक्षक ने भी बताया कि छात्रा ने आवेदन देकर आरोप लगाया था कि प्रोफेसर ने बुरी नीयत से छूकर छेड़छाड़ की। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ट्रंप का दावा: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को बताया ‘गे’, बयान से बढ़ा विवाद

वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक नया विवादित दावा किया है। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर नए सुप्रीम लीडर माने जा रहे मोजतबा खामेनेई ‘गे’ हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि खुफिया एजेंसी CIA ने उन्हें जानकारी दी है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ‘गे’ (समलैंगिक) हैं. जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वाकई CIA ने उन्हें यह बताया है, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘हां, उन्होंने ऐसा कहा है, लेकिन मुझे लगता है कि सिर्फ वही नहीं, बल्कि और भी बहुत से लोग यह बात कह रहे हैं.’ ईरान में मोजतबा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं ट्रंप ने कहा कि इस जानकारी के बाद मोजतबा के लिए अपने देश में काम करना मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने इसे मोजतबा के लिए एक “खराब शुरुआत” बताया. बता दें कि ईरान में समलैंगिकता को इस्लाम के खिलाफ माना जाता है और वहां इसके लिए मौत की सजा तक का प्रावधान है. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक पुरानी रिपोर्ट के मुताबिक, जब ट्रंप को पहली बार खुफिया ब्रीफिंग में यह बात पता चली थी, तो वह काफी हैरान हुए थे और हंसने लगे थे. ट्रंप का दावा- हम ईरान से जंग जीत चुके हैं इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने यह भी कहा कि सैन्य तौर पर अमेरिका ईरान से युद्ध जीत चुका है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान की नौसेना और मिसाइल ताकत को पूरी तरह खत्म कर दिया है. ट्रंप के मुताबिक, ‘हमने उनकी नेवी और एयरफोर्स को तबाह कर दिया है. हमने उनके 154 जहाज डुबो दिए हैं. अब उनके पास सिर्फ 9% मिसाइलें ही बची हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स को भी नष्ट कर दिया है, जिसके बिना मिसाइलें किसी काम की नहीं हैं. ईरान में LGBTQ+ समुदाय पर जुल्म ईरान में समलैंगिकों की स्थिति बेहद खराब है. हेनगाओ ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने मई 2025 की अपनी रिपोर्ट में ईरान को ‘जेंडर अपार्थेड स्टेट’ (लिंग आधारित भेदभाव वाला देश) कहा है. रिपोर्ट के अनुसार, वहां जेंडर और सेक्सुअल ओरिएंटेशन के आधार पर लोगों के साथ बहुत भेदभाव होता है. सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान के मुताबिक, वहां गे लोगों का जबरन इलाज (Conversion therapy) कराने की कोशिश की जाती है. विकीलीक्स के 2008 के एक केबल के अनुसार, 1979 की क्रांति के बाद से ईरान में लगभग 4,000 से 6,000 LGBTQ+ लोगों को फांसी दी जा चुकी है. हालांकि डेटा की कमी के कारण सटीक नंबर बताना मुश्किल है. जेरूसलम पोस्ट की रिपोर्ट बताती है कि जनवरी 2022 में दो पुरुषों को समलैंगिकता के आरोप में फांसी दी गई थी. उसी साल उर्मिया की एक अदालत ने दो एक्टिविस्ट्स को ‘धरती पर भ्रष्टाचार’ फैलाने और समलैंगिकता को बढ़ावा देने के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी.

पाकिस्तान के समर्थन में चीन, कहा- व्यापार और निवेश में जारी रहेगा सहयोग

इस्लामाबाद। चीन ने एक बार फिर पाकिस्तान के प्रति अपने समर्थन को दोहराया है। पाकिस्तान में चीन के राजदूत जियांग जेदोंग ने गुरुवार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि चीन पाकिस्तान में व्यापार और निवेश के लिए लगातार सहयोग करता रहेगा। पाक प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार बैठक में उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान चीनी राजदूत ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिरता और सुधार प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री शरीफ ने चीन के निरंतर आर्थिक सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि पाकिस्तान, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा के दूसरे चरण को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस चरण में कृषि, औद्योगिक सहयोग और प्राथमिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक के दौरान जियांग जेदोंग ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में चीन के निरंतर समर्थन की पुष्टि की। दोनों पक्षों ने कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर उच्च स्तरीय संपर्क बढ़ाने की उम्मीद भी जताई। प्रधानमंत्री शरीफ ने क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करते हुए पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में पाकिस्तान की भूमिका को रेखांकित किया और आपसी हितों के मुद्दों पर सभी स्तरों पर करीबी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

सरेंडर नहीं सीधा टकराव; ईरान युद्ध के बीच हिजबुल्लाह प्रमुख का बड़ा ऐलान, अब क्या होगा?

तेहरान। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध के बीच हिजबुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि लेबनानी प्रतिरोध आंदोलन ने आत्मसमर्पण के बजाय टकराव का रास्ता चुना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सेनाएं अमेरिका-इजरायल परियोजना का मुकाबला करने के लिए बिना किसी सीमा के बलिदान देने को पूरी तरह तैयार हैं। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्लाह प्रमुख ने वर्तमान संकट को लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और भविष्य के लिए अस्तित्वगत संघर्ष बताया है। बयान में कासिम ने तर्क दिया कि लेबनान इस समय एक नाजुक मोड़ पर खड़ा है। उनके अनुसार, देश के सामने दो विकल्प हैं, या तो आत्मसमर्पण कर अपनी भूमि, गरिमा, संप्रभुता और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य त्याग दें, या अपरिहार्य टकराव में शामिल होकर कब्जे का डटकर विरोध करें। उन्होंने कहा कि प्रतिरोध की सक्रिय नीति ने इजरायली दुश्मन को कोई आश्चर्यचकित करने का मौका नहीं दिया और आगे की घुसपैठ के सभी बहानों को प्रभावी ढंग से खारिज कर दिया है। इस दौरान महासचिव ने अपने योद्धाओं की वीरता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने वीरता, सम्मान, देशभक्ति और गरिमा के सबसे शानदार महाकाव्य लिखे हैं। उन्होंने विस्थापित लेबनानी नागरिकों की भी सराहना की, जिन्होंने अपने वतन के सम्मानजनक भविष्य के लिए बलिदान और प्रतिरोध का रास्ता अपनाया है। कासिम के बयान का मुख्य मुद्दा कथित ‘ग्रेटर इजरायल’ की विस्तारवादी योजना है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह ‘खतरनाक अमेरिकी-इजरायली परियोजना’ यूफ्रेट्स से नील नदी तक क्षेत्रीय नियंत्रण स्थापित करना चाहती है, जिसमें लेबनान भी शामिल है। हिजबुल्लाह नेता के मुताबिक, लेबनानी धरती पर इजरायली आक्रमण 2024 के अंत से लगातार जारी है और इजरायली दुश्मन ने पिछले युद्धविराम समझौतों का बार-बार उल्लंघन किया है। घरेलू नीति पर बोलते हुए कासिम ने लेबनानी सरकार से आग्रह किया कि वह उन उपायों को रद्द करे जो प्रतिरोध को अपराध मानते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक देश खतरे में है, हथियारों का एकाधिकार केवल लेबनान के पतन और ‘ग्रेटर इजरायल’ योजना को बढ़ावा देगा। यही कारण है कि उन्होंने सक्रिय संघर्ष के दौरान किसी भी प्रकार की बातचीत को सख्ती से खारिज कर दिया और कहा कि गोलीबारी के बीच इजरायली दुश्मन से बातचीत जबरन आत्मसमर्पण के समान है।

पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध अपराध नहीं, हाईकोर्ट ने धारा 377 हटाई

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंधों को आईपीसी की धारा 377 के तहत ‘अप्राकृतिक अपराध’ नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह टिप्पणी उस याचिका की सुनवाई के दौरान की, जिसमें पति ने पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न और दहेज प्रताड़ना के मामले को निरस्त करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मिलिंद फड़के ने 25 मार्च को दिए आदेश में कहा कि धारा 377, जिसे पारंपरिक रूप से ‘अप्राकृतिक कृत्य’ से जोड़ा जाता है, वैवाहिक संबंधों पर लागू नहीं होती। इसलिए पति-पत्नी के बीच के आरोपों पर इस धारा के तहत अभियोजन नहीं चलाया जा सकता। यह मामला एक महिला की शिकायत से जुड़ा था, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज में चार लाख रुपये नकद, सोने के आभूषण और घरेलू सामान देने के बावजूद अतिरिक्त छह लाख रुपये और मोटरसाइकिल की मांग का आरोप लगाया था। महिला ने प्रताड़ना, मारपीट और धमकाने के साथ अन्य अनुचित आचरण के आरोप भी लगाए थे। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने धारा 377, 498-ए, 354 सहित अन्य धाराओं और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। पति की ओर से दलील दी गई कि आरोप पूर्व बयानों से मेल नहीं खाते और पति-पत्नी के बीच के कथित कृत्यों पर धारा 377 लागू नहीं होती। हाईकोर्ट ने पति के खिलाफ धारा 377 के तहत दर्ज आरोप निरस्त कर दिए। हालांकि अदालत ने पति, सास और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट से जुड़े आरोपों को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए उन्हें रद्द करने से इनकार कर दिया।

पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई कमी नहीं… सरकार का दावा- भारत के पास 2 माह का ईंधन भंडार

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में पेट्रोल, डीजल ( Petrol-Diesel Crisis) और एलपीजी गैस (LPG gas) को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच सरकार ने दावा किया है कि पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है। सरकार ने बयान जारी कर कहा कि भारत के पास करीब 60 दिन का ईंधन भंडार है। ऐसे में लोगों को घबराने और दहशत में खरीदारी करने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि दुनिया के कई देश जहां मूल्य वृद्धि, सीमित आपूर्ति, ऑड-इवेन प्रतिबंध और जबरन स्टेशन बंद करने जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। कुछ देशों ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित किया है, पर भारत में ऐसे किसी भी उपाय की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा, भारत की कुल भंडार क्षमता 74 दिनों की है। पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी वास्तविक भंडार करीब 60 दिनों का है। इसमें कच्चे तेल का भंडार, उत्पाद भंडार और भूमिगत गुफाओं में रणनीतिक भंडारण शामिल है। भारत के भंडार के खत्म या अपर्याप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से गलत बताया। सरकार का दावा है देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। घरेलू एलपीजी उत्पादन में 40% की वृद्धि हुई है, जिससे रोज एलपीजी उत्पादन 50 टीएमटी हो गई है। यह हमारी जरूरत का करीब 60% है, क्योंकि देश में गैस की कुल जरूरत 80 टीएमटी है। इससे आयात की जरूरत 30 टीएमटी रह गई है। अमेरिका, रूस समेत कई देशों से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से सुरक्षित हैं और भारत के कई टर्मिनलों पर पहुंच रहे हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों प्रतिदिन 50 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर की सफलतापूर्वक आपूर्ति कर रही हैं। सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं के घबराहट में एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की मांग 89 लाख सिलेंडर से घटकर 50 लाख के आसपास रह गई है। तेल कंपनियां गैस सिलेंडर की आपूर्ति कर रही है। पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ हुएसरकार का कहना है, पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को देश में बढ़ावा दिया जा रहा है। घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। भारत अपनी प्रतिदिन 191 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर की दैनिक जरूरत में से रोज 92 मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर प्राकृतिक गैस का घरेलू उत्पादन करता है। ऐसे में एलपीजी के मुकाबले पीएनजी के आयात के मामले में कम निर्भर है। नए घरेलू पीएनजी कनेक्शन भी दिए जा रहे हैं। भ्रम फैलाने पर कार्रवाईकुछ शरारती तत्वों द्वारा गलत सूचना फैलाई जा रही है और कुछ स्वार्थी तत्व इसे बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे लोगों में चिंता पैदा हो रही है। मंत्रालय सभी से आग्रह करता है कि वे ईंधन और गैस की उपलब्धता संबंधी जानकारी के लिए केवल सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करें। सरकार जानबूझकर दहशत फैलाने वालों पर कार्रवाई करेगी।

संसद में टी-शर्ट… रिजिजू ने राहुल गांधी के कपड़ों पर उठाए सवाल, बोले- सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया उनका दिमाग

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू (Kiran Rijiju) ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) का दिमाग उनके एक्टिविस्ट सलाहकारों (Activist Advisors) ने ‘हाईजैक’ कर लिया है और वे संसद में वही बोलते हैं जो उनके सलाहकार उन्हें बताते हैं। साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेता के सदन में टी-शर्ट जैसे कैजुअल कपड़ों में आने पर भी सवाल उठाया। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसे लोगों से बातचीत करना ज्यादा आसान लगता है, जिन्होंने संसद में अपनी बात रखते हुए कोई ठोस योगदान दिया हो। उन्होंने आगे कहा, “निजी तौर पर, मुझे राहुल गांधी से कोई दिक्कत नहीं है। हम मिलते हैं, बाहर और मीटिंग रूम में भी एक-दूसरे से बात करते हैं, क्योंकि वे विपक्ष के नेता हैं। यह ठीक है। कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जब आप औपचारिक रूप से सदन के पटल पर बोल रहे होते हैं, तो आपको परंपराओं, नियमों और शिष्टाचार का पालन करना चाहिए। ये संसदीय लोकतंत्र के बहुत जरूरी हिस्से हैं।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन राहुल गांधी का दिमाग उनके एक्टिविस्ट सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया है। वे वही बोलते हैं जो उनके सलाहकार उन्हें बताते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तो उसने कुछ मानकों का पालन किया था और जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किए थे, लेकिन उसने कभी अपनी सीमाएं पार नहीं की थीं। संसद में राहुल गांधी के अक्सर कैजुअल कपड़ों में आने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता (LoP) के तौर पर, किसी को भी उचित तरीके से व्यवहार करना चाहिए, और कपड़े पहनना भी इसी का एक हिस्सा है। मंत्री ने कहा कि उन्हें नियमों और शिष्टाचार को समझने में दिक्कत होती है। जब आप नेता विपक्ष होते हैं, तो आपको एक खास तरीके से व्यवहार करना होता है। शालीन कपड़े पहनना भी इसी का एक हिस्सा है। रिजिजू ने कहा कि अनुभवी कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी लोकसभा स्पीकर बनने से पहले ढीली शर्ट और सैंडल पहना करते थे। उन्होंने कहा, “लेकिन जब वे स्पीकर चुने गए, तो वे काफी शालीन तरीके से आने लगे, ताकि वे कुर्सी पर बैठे हुए अच्छे दिखें। इसी तरह, नेता विपक्ष पूरे विपक्ष के नेता होते हैं और इसलिए उन्हें ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप हों। हो सकता है कि मैं उस व्यक्ति का सम्मान न करता होऊं, लेकिन मुझे उस पद का सम्मान करना ही होगा। इसीलिए बहुत से लोगों को लगता है कि वे (राहुल गांधी) और भी बेहतर तरीके से व्यवहार कर सकते थे, जिसमें बेहतर कपड़ों का चुनाव भी शामिल है। मैं टी-शर्ट पहनने पर कोई आपत्ति नहीं जता रहा हूं, लेकिन यह अच्छा नहीं लगता।”