Chambalkichugli.com

ग्वालियर में सड़क हादसा, पांच लोगों की मौत, चार घायल

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आज तड़के थाटीपुर क्षेत्र स्थित परशुराम चौराहे पर जैन मंदिर के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो की ऑटो रिक्शा से टक्कर हो गई। इस हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में जान गंवाने वालों में एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। घायलों में दो बच्चे भी शामिल हैं, जिनका ग्वालियर के अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह हादसा तड़के करीब तीन बजे हुआ। ऑटो सवार लोग शीतला माता मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। ऑटो में कुल नौ लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नीम के पेड़ से जा टकराया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया गया।स्कॉर्पियो का पुलिस कर रही थी पीछाप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो चालक ने पहले बस स्टैंड के पास एक ई-रिक्शा को टक्कर मारी। इसके बाद पुलिस उसका पीछा कर रही थी। बचने के प्रयास में चालक तेज रफ्तार से वाहन भगाता हुआ आया और रास्ते में ऑटो को टक्कर मार दी। घायलों के मुताबिक, स्कॉर्पियो चालक नशे में था और लापरवाही से वाहन चला रहा था। स्कॉर्पियो में वो अकेला था। पुलिस ने आरोपित चालक को गिरफ्तार कर लिया है। मृतकों के नामइंद्रजीत उर्फ पप्पू शाक्य (55)लीला (52), पत्नी इंद्रजीतशुभम उर्फ लाली (30)शगुन, पत्नी शुभमप्रीति कश्यप (60), निवासी मेरठ (शुभम की सास)घायलाें के नामप्रीति (20)प्रियांश (5), पुत्र शुभमआरव (6), पुत्र शुभमएक अन्य अज्ञात व्यक्ति

छिंदवाड़ा में पिकअप और बस के बीच जोरदार भिड़ंत, 10 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा घायल

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले मे मोहखेड़ थाना क्षेत्र के सेमरिया हनुमान मंदिर के पास गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से लौट रहे लोगों से भरी बस और पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुए इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 30 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मिलने के लिये निर्देशित किया है, साथ ही मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, छिंदवाड़ा में गुरुवार को छिंदवाड़ा के पुलिस लाइन में हितग्राही सम्मेलन आयोजि किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए थे। बस में सवार सभी यात्री हितग्राही सम्मेलन में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। बस में 47 लोग सवार थे। बस करीब 6.30 बजे उमरानाला इलाके में पहुंची थी, तभी उसकी पिकअप वाहन से टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि पिकअप से टकराने के बाद पलट गई। इस हादसे में दोनों वाहनों के चालक समेत 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा घायल हैं। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया, कुछ के सिर फूटे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को 20 से अधिक एंबुलेंस से ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया है और डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी है। हादसे के कारण सड़क पर चार से पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य के साथ यातायात बहाल करने में जुटे हैं। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है और घायलों को निकालने के लिए क्रेन व स्थानीय लोगों की मदद ली गई। छिंदवाड़ा कलेक्टर हरेंद्र नारायण, भाजपा के जिला अध्यक्ष शेषराव यादव और कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे भी अस्पताल में मौजूद हैं। छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के डीन अभय सिन्हा ने बताया कि हादसे में 10 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। एक घायल की हालत नाजुक है, जिसे नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। उसके सिर पर गंभीर चोट है। खून के थक्के जम गए हैं। बाकी घायलों को यहीं रखा गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, मृतकों में भागवती (45), दौलत (40), सकुन यादव (45), रामदास (40), रमेश (35), सिया बाई (40), वंश (7), बस चालक कमल (54), पिकअप चालक रवि धारे (40) और एक अन्य शामिल है। मौके पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि दुखद घटना है। घायलों को इलाज दिलाना प्राथमिकता है। हादसे में किसकी गलती है, ये तो जांच के बाद पता लगेगा। इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परम पिता परमात्मा से प्रार्थना की है कि सभी दिवंगत नागरिकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। उन्होंने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल पैरामेडिकल स्टाफ सहित छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मृतकों के निकटम परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष बनाकर सभी घायलों के उपचार की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।

PM मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों (Chief Ministers) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing.) के जरिये आज शाम बातचीत करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष (West Asia crisis) शुरू होने के बाद पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बार बैठक होगी। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग-अलग बैठक करेगा। केंद्र सरकार के सूत्रों ने बताया, प्रधानमंत्री शुक्रवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों से जुड़ेंगे और इस दौरान संकट से निपटने में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा भी होगी। इस पहल का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना से प्रेरित होकर सरकार के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री मोदी ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट पर लगातार सक्रिय हैं। सोमवार को उन्होंने लोकसभा सांसदों को इस बारे में सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी जबकि मंगलवार को राज्यसभा को इस बारे में संबोधित किया। बुधवार को सर्वदलीय बैठक में उनके वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के सभी दलों के सवालों के जवाब दिए। चूंकि तेल-गैस की आपूर्ति से निपटने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए इस बारे में अब मोदी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे। पीएम मोदी लगातार यह कहते रहे हैं कि ईरान संघर्ष से पैदा संकट लंबा खिंच सकता है। उन्होंने यह आशंका भी जताई है कि संकट की स्थिति में कुछ तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और इससे निपटने में राज्यों को सख्त कदम उठाने होंगे। लोकसभा में अपने संबोधन में भी उन्होंने इस बात पर जोर दिया था। भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकारइससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

संकट के बीच केन्द्र सरकार का बड़ा फैसला… पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये घटाया टैक्स

नई दिल्ली। भारत सरकार (Government of India) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol and Diesel Prices) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Special Additional Excise Duty) घटाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया है, जबकि डीजल पर यह ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है। विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क पहले पेट्रोल पर 13 रुपये लीटर था और डीजल पर 10 रुपये था। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा हुआ है। नायरा ने बढ़या था पेट्रोल-डीजल के दामइस फैसले से उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, हालांकि बाजार में कीमतों का ट्रेंड अभी भी अस्थिर बना हुआ है। खास बात यह है कि यह सरकारी हस्तक्षेप उस समय आया है जब निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल के दाम ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर तक बढ़ा दिए थे। रूस की कंपनी रोसनेफ्ट की मालिकाना हक वाली नायरा एनर्जी देश भर में 7,000 से अधिक पेट्रोल पंप चलाती है। वहां के डीलरों ने इस कीमत वृद्धि पर चिंता जताई है, और कहा है कि इससे ईंधन की मांग पर असर पड़ सकता है। साथ ही, उन्होंने संभावित विरोध प्रदर्शनों का भी इशारा किया है। कुछ डीलरों ने यह भी बताया कि पिछले कुछ दिनों में ईंधन की सप्लाई में कटौती की गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर क्या पड़ेगा असरसरकार के इस कदम से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए यह दोधारी तलवार साबित हो सकता है। एक्साइज ड्यूटी घटने से हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) जैसी कंपनियों पर कीमतें स्थिर रखने का दबाव बढ़ सकता है, खासकर तब जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। क्यों लिया गया यह फैसला?इकनॉमिक टाइम्स के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भारत जैसे आयात-निर्भर देश पर दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे में सरकार ने टैक्स घटाकर आम लोगों को राहत देने और महंगाई पर नियंत्रण रखने की कोशिश की है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो भविष्य में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़ सकते हैं। फरवरी के अंत में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद से अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। यह कीमतें करीब 119 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई थीं और फिर घटकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।

Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार

काठमांडू। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) (Rashtriya Swatantra Party – RSP)) नेता बालेंद्र शाह (Balendra Shah) शुक्रवार को नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री (Prime Minister) पद की शपथ लेंगे। वह देश के सबसे युवा पीएम होंगे। इससे पहले संसद के अस्थायी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नेपाल की प्रतिनिधि सभा के नए सांसदों ने बृहस्पतिवार को शपथ ली। प्रतिनिधि सभा के वरिष्ठ सदस्य अर्जुन नरसिंह केसी ने सांसदों को शपथ दिलाई। 63 सांसदों ने नेपाली के अलावा अपनी मातृभाषा में शपथ ली। उधर, संघीय संसद सचिवालय ने दलों की सीट संख्या के आधार पर बैठने की व्यवस्था तय की। इसके तहत नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी(एमाले) और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के सांसदों को एक ही पंक्ति में बैठाया गया, जहां उन्होंने शपथ ग्रहण किया। सांसद विभिन्न पारंपरिक वेशभूषा में शपथ लेने के लिए सिंहदरबार पहुंचे। शाह को संसदीय दल के नेता का प्रस्ताव पारितराष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की केंद्रीय समिति ने संसदीय दल गठन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। पार्टी के प्रवक्ता और सांसद मनिष झा ने जानकारी दी कि जारी केंद्रीय समिति बैठक ने बालेन्द्र शाह को संसदीय दल का नेता चुनने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है। बालेंद्र शाह ने जारी किया अपना नया गानाअपने शपथ ग्रहण समारोह की पूर्व संध्या पर बालेंद्र शाह बालेन ने बृहस्पतिवार को अपना नया गाना जय महाकाली जारी किया। इस नए वीडियो गीत में बालेन के चुनावी अभियान के दृश्य दिखाए गए हैं। इस गीत का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाना है। यूट्यूब पर जारी होने के महज दो घंटे में ही इस गाने को 1.50 लाख दर्शकों ने देखा। गौरतलब है कि 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में आरएसपी ने 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने चुनाव से पहले ही बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

लोकसभा की 50% सीट वृद्धि के साथ अगले आम चुनाव से महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी… OBC कोटा नहीं

नई दिल्ली। अगले आम चुनाव (General Elections) में महिलाओं (Women Reservation) के लिए एक तिहाई स्थान सुरक्षित करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिए हैं। इस विषय पर केवल विपक्षी दलों से ही नहीं बल्कि सत्ताधारी गठबंधन के भीतर भी गहन चर्चा की जा रही है। बुधवार को हुई बैठक में पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कोटे जैसे कुछ प्रश्नों के बीच संविधान संशोधन विधेयक (Constitution Amendment Bill) पर सहमति बन गई है। सरकार अब कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों से अंतिम वार्ता के बाद इस विधेयक को प्रस्तुत करने का समय निर्धारित करेगी। बैठक के दौरान गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने गठबंधन के सहयोगियों को विस्तार से बताया कि सरकार इस विषय पर इतनी सक्रिय क्यों हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना के बाद होने वाली सीमा निर्धारण की प्रक्रिया 2029 तक ही पूर्ण हो पाएगी। ऐसी स्थिति में सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम को आगामी आम चुनाव में लागू करने का अपना वचन पूरा करना चाहती है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विभिन्न क्षेत्रों में सीटों की संख्या को आनुपातिक आधार पर 50 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा। विधानसभा चुनावों पर प्रभाव नहींसरकार जिस योजना पर विपक्ष से संवाद कर रही है उसके अनुसार महिला आरक्षण को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाना है। सत्ता पक्ष की बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि वर्ष 2023 में विधेयक लाते समय इसे दो हजार उन्नतीस में प्रभावी करने का ही संकल्प लिया गया था। विपक्षी नेताओं का भी यही मानना है कि सरकार ने आगामी वर्षों में होने वाले उत्तर प्रदेश या अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों में इसे लागू करने का कोई संकेत नहीं दिया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को आगामी आम चुनाव में लागू करने का अपना वचन पूरा करना चाहती है सरकार। -अमित शाह पिछड़ा वर्ग कोटे पर सांविधानिक स्थितिबैठक में जब पिछड़ा वर्ग के लिए अलग आरक्षण का प्रश्न उठा तो गृह मंत्री ने कहा कि सांविधानिक रूप से ऐसा करना संभव नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि महिला आरक्षण लागू होते ही पिछड़ा वर्ग से आने वाले जनप्रतिनिधियों की संख्या स्वयं ही बढ़ जाएगी। इसका कारण यह है कि कोई भी राजनीतिक दल टिकट वितरण के समय इतने बड़े वर्ग की अनदेखी कर अपना राजनीतिक नुकसान नहीं करना चाहेगा। जातिगत गणना की चुनौतियांबैठक में 2027 की गणना में जातियों के आंकड़े एकत्रित करने पर भी विमर्श हुआ। एक वरिष्ठ मंत्री ने पुरानी गणना की स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि तब लाखों की संख्या में जातियां और उपजातियां सामने आने के कारण उन आंकड़ों का उपयोग कठिन हो गया था। चूंकि जाति बताने का कोई निश्चित स्वरूप नहीं है और यह व्यक्ति की अपनी जानकारी पर आधारित है इसलिए इस बार भी यह संख्या बहुत अधिक बढ़ सकती है। विधेयक प्रस्तुत करने की रणनीतिसरकार इस महत्वपूर्ण निर्णय पर विपक्षी दलों से संवाद के बाद ही अंतिम निर्णय लेगी। वर्तमान में दो विकल्पों पर विचार हो रहा है। पहला विकल्प वर्तमान सत्र के समापन के बाद इसी कार्य के लिए दो दिन की अतिरिक्त बैठक बुलाने का है और दूसरा विकल्प पांच राज्यों के चुनाव बाद मई माह में विशेष सत्र बुलाने का है। सरकार के सूत्रों के अनुसार प्रमुख विपक्षी दल सैद्धांतिक रूप से इस पर सहमत हैं और अन्य दलों से चर्चा बाकी है।

आज का राशिफल 27 मार्च: मेष से मीन, जानें दिनभर का आपका भाग्य और भविष्य

नई दिल्ली।  27 मार्च 2026, शुक्रवार को रामनवमी का पर्व भी है। इस दिन भगवान राम और मां लक्ष्मी की पूजा करने से जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की चाल सभी 12 राशियों पर अलग-अलग असर डाल सकती है। इस दिन किन राशियों को लाभ होगा और किन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, जानिए विस्तार से। मेष – लव लाइफ में उथल-पुथल रहेगी, लेकिन समय रहते मामला सुलझाएं। प्रोफेशनल जीवन में सकारात्मक रुख अपनाएं। पैसों की जरूरतों को बिना हिचकिचाहट पूरा करें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। वृषभ – लव लाइफ की समस्याओं का समाधान आज संभव है। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। पैसों के मामलों में सावधानी रखें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। मिथुन – रिश्तों में हलचल हो सकती है। ऑफिस में रवैया प्रभावशाली रहेगा और उम्मीदों पर खरे उतरने में सफल होंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। कर्क – रिलेशनशिप की समस्याओं को सुलझाकर खुश रहें। प्रोफेशनल चैलेंज से परेशान न हों। आर्थिक रूप से मजबूत रहेंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। सिंह – प्रेम में अहंकार को दूर रखें और संबंधों का जश्न मनाएं। नए काम हाथ में लें, पेशेवर क्षमता साबित होगी। धन लाभ का योग है। तुला – साथी के साथ ज्यादा समय बिताने पर ध्यान दें। काम पर सकारात्मक प्रभाव रहेगा। जीवन में समृद्धि बनी रहेगी। लव लाइफ की समस्याओं को सुलझाएं। धनु – लव लाइफ खुशनुमा रहेगी। ऑफिस में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। धन का प्रबंधन सावधानी से करें। पर्सनल जीवन में संतुलन बनाए रखें। मकर – प्रेम जीवन में ईमानदारी अच्छे परिणाम लाएगी। पेशेवर जीवन में सिद्धांतों से समझौता न करें। स्वास्थ्य और वित्तीय स्थिति अच्छी रहेगी। कुम्भ – समस्याओं को डिप्लोमेटिक तरीके से संभालें। फाइनेंशियल लाइफ स्थिर रहेगी। पर्सनल लाइफ में डिसिप्लिन झलकेगा। हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखें। कन्या – बड़ी वित्तीय समस्या परेशान नहीं करेगी। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। ऑफिस में काम का दबाव होगा, लेकिन सफलतापूर्वक पार पाएंगे। वृश्चिक – लव लाइफ से जुड़ी समस्याओं को सुलझाएं। करियर में परेशानियां आएंगी, लेकिन कॉन्फिडेंस बनाए रखें। मीन – महिला जातकों का प्रेम जीवन रोमांचक रहेगा। कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखें, बेहतर प्रदर्शन होगा। स्वास्थ्य अच्छा और समृद्धि रहेगी।