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सालों की खामोशी के बाद धमाकेदार वापसी कैसे अक्षय खन्ना ने फिर जीता दर्शकों का दिल

नई दिल्ली:हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो भीड़ का हिस्सा नहीं बनते बल्कि अपनी अलग पहचान गढ़ते हैं अक्षय खन्ना उन्हीं चुनिंदा अभिनेताओं में से एक हैं जिनका करियर उतार चढ़ाव से भरा जरूर रहा लेकिन उनकी प्रतिभा हमेशा अलग नजर आई जन्मदिन के इस खास मौके पर उनकी कहानी एक ऐसे कलाकार की है जिसने खामोशी के लंबे दौर के बाद भी खुद को फिर से साबित कर दिखाया दिसंबर 2025 में रिलीज हुई धुरंधर में अक्षय खन्ना ने कराची के खतरनाक डॉन रहमान डकैत का किरदार निभाकर सबको चौंका दिया यह भूमिका पहले कई बड़े सितारों को ऑफर हुई थी लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया अक्षय ने इस चुनौती को स्वीकार किया और जब फिल्म रिलीज हुई तो उनके किरदार ने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए उनका अंदाज और स्क्रीन प्रेजेंस इतना दमदार था कि नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी वह छा गए इसी साल छावा में उनके द्वारा निभाया गया औरंगजेब का किरदार भी काफी सराहा गया क्रिटिक्स ने उनके अभिनय को बेहद प्रभावशाली बताया और एक बार फिर यह साबित हुआ कि अक्षय खन्ना किसी भी तरह के किरदार में खुद को ढाल सकते हैं 28 मार्च 1975 को मुंबई में जन्मे अक्षय खन्ना दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना के बेटे हैं लेकिन उन्होंने अपनी पहचान खुद के दम पर बनाई साल 1997 में फिल्म हिमालय पुत्र से डेब्यू करने वाले अक्षय को शुरुआत में असफलता का सामना करना पड़ा लेकिन उसी साल बॉर्डर में निभाए गए उनके किरदार ने उन्हें रातों रात पहचान दिला दी उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ 2001 में दिल चाहता है के साथ आया इस फिल्म में उन्होंने सिद्धार्थ यानी सिड का किरदार निभाया जो हिंदी सिनेमा के सबसे संवेदनशील और यादगार किरदारों में गिना जाता है उनके शांत और गहरे अभिनय ने दर्शकों को एक अलग तरह का हीरो दिखाया इसके बाद हमराज हंगामा और रेस जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाई कभी निगेटिव रोल तो कभी कॉमिक टाइमिंग हर अंदाज में वह फिट बैठे वहीं गांधी माई फादर में उनके अभिनय को बेहद सराहा गया हालांकि एक समय ऐसा भी आया जब अक्षय खन्ना अचानक फिल्मों से दूर हो गए 2012 से 2016 तक वह पूरी तरह पर्दे से गायब रहे ऐसा लगा मानो इंडस्ट्री ने उन्हें भुला दिया हो लेकिन यह खामोशी ज्यादा लंबे समय तक नहीं रही उन्होंने इत्तेफाक मॉम और दृश्यम 2 जैसी फिल्मों से जोरदार वापसी की खासतौर पर दृश्यम 2 में उनका तेज तर्रार पुलिस अधिकारी का किरदार दर्शकों को खूब पसंद आया अक्षय खन्ना की कहानी यह बताती है कि सच्ची प्रतिभा कभी खत्म नहीं होती वह सिर्फ सही मौके का इंतजार करती है अपनी दूसरी पारी में उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह आज भी हिंदी सिनेमा के सबसे सशक्त और भरोसेमंद अभिनेताओं में से एक हैं

मोदी सरकार ने साफ किया रुख, लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह फर्जी, घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली: देश में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। हाल ही में वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव विशेषकर ईरान और इजराइल से जुड़े घटनाक्रमों के कारण तेल संकट की आशंका ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी थी। इसी के चलते सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि भारत में फिर से कोविड जैसी पाबंदियां लागू की जा सकती हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और देश में हालात पूरी तरह सामान्य हैं। केंद्रीय मंत्रियों किरण रिजिजू और हरदीप सिंह पुरी ने सामने आकर इन अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को लेकर जो भी खबरें फैलाई जा रही हैं वे पूरी तरह निराधार हैं और सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत एवं जिम्मेदार व्यवहार बनाए रखें। किरण रिजिजू ने संसद के बाहर बातचीत में साफ कहा कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी स्वयं स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा आम जनता को न हो। उन्होंने जमाखोरी करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे और कृत्रिम संकट पैदा न हो। वहीं पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने तेल की कीमतों को लेकर सरकार की रणनीति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद सरकार ने ऐसा रास्ता चुना है जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास विकल्प था कि अन्य देशों की तरह कीमतें बढ़ाई जाएं या फिर खुद वित्तीय भार उठाया जाए और सरकार ने नागरिकों के हित में दूसरा विकल्प चुना। पुरी ने यह भी कहा कि भारत ने पहले भी वैश्विक संकटों के दौरान अपनी मजबूती दिखाई है और इस बार भी समय पर और संतुलित निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही बातें पूरी तरह गलत हैं और इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर जिम्मेदाराना है।दरअसल यह भ्रम उस समय बढ़ा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में वैश्विक हालात को देखते हुए सतर्क रहने और तैयार रहने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि दुनिया में बने कठिन हालात का असर लंबे समय तक रह सकता है और हमें मिलकर इसका सामना करना होगा। इस बयान को कुछ लोगों ने गलत तरीके से समझ लिया और सोशल मीडिया पर लॉकडाउन को लेकर अटकलें शुरू हो गईं। सरकार ने अब साफ कर दिया है कि देश में किसी भी प्रकार के लॉकडाउन की योजना नहीं है। ऐसे समय में जरूरी है कि लोग अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में सामान्य जीवन प्रभावित न हो।

श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल

नई दिल्ली:  महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान उस समय अचानक तनाव फैल गया जब जुलूस पर पथराव की घटना सामने आई यह घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है जब श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ जुलूस में शामिल होकर भजन कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे जानकारी के अनुसार जुलूस जब सय्यद बाबा चौक से होते हुए एक स्थानीय मस्जिद के पास पहुंचा तभी अचानक मस्जिद के पीछे की ओर से कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया इस अप्रत्याशित पथराव से जुलूस में अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे इस घटना में तीन लोग घायल हो गए जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है घायल व्यक्ति को तुरंत श्रीरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार जारी है घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया हालांकि स्थिति को बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाल लिया पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की इसके बाद स्थिति धीरे धीरे सामान्य हुई पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए मस्जिद के मौलाना सहित 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है अधिकारियों के अनुसार घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है जिनमें धारा 190 191(1) 191(2) 192 110 और 118(1) शामिल हैं इन धाराओं के तहत आरोपियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी घटना के बाद पूरे श्रीरामपुर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है गौरतलब है कि श्रीरामपुर में हर वर्ष रामनवमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है इस अवसर पर शहर में विशाल जुलूस निकाला जाता है जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं और पूरे शहर में मेले जैसा माहौल रहता है हालांकि इस बार हुई इस घटना ने उत्सव के माहौल को कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर किया लेकिन प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और शहर में शांति बनी हुई है पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

रामनवमी उत्सव में अनोखी भेंट, जग्गा रेड्डी ने श्रीराम-सीता को अर्पित किए सोने-चांदी के गहने

नई दिल्ली:देशभर में रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और इस पावन अवसर पर भक्ति के कई अद्भुत दृश्य सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अयोध्या से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों तक भगवान भगवान राम के जन्मोत्सव की धूम देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में तेलंगाना के सांगारेड्डी से आस्था और समर्पण का एक विशेष उदाहरण सामने आया है जहां वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी जग्गा रेड्डी ने भगवान राम और माता माता सीता को करोड़ों रुपये के आभूषण भेंट कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर जग्गा रेड्डी ने भक्तों के साथ मिलकर भव्य आयोजन किया जिसमें भगवान राम और माता सीता को लगभग ढाई करोड़ रुपये मूल्य के सोने और चांदी से बने आभूषण अर्पित किए गए। इन आभूषणों का कुल वजन करीब ढाई किलो बताया गया है जिसमें लगभग 2.25 किलो सोने का उपयोग किया गया। इन विशेष गहनों में मुकुट हार कमरबंद धनुष बाण शंख चक्र सहित कई पारंपरिक और धार्मिक महत्व के प्रतीक शामिल हैं। माता सीता के लिए विशेष रूप से मंगलसूत्र और कमल के आकार के आभूषण तैयार किए गए जबकि भगवान राम के लिए प्रतीकात्मक बाण धारण करने वाला विशेष आभूषण भी बनाया गया। इसके अलावा चांदी का उपयोग कर आदिशेष और एक औपचारिक कल्याण पीठ भी तैयार की गई जो इस आयोजन को और अधिक भव्य बनाती है। इन आभूषणों को सीधे मंदिर में चढ़ाने से पहले विधि विधान के साथ विशेष पूजा और अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान राम नगर स्थित जग्गा रेड्डी के आवास पर आयोजित किया गया जहां पहले इन गहनों की विधिवत प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद एक भव्य जुलूस निकाला गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जुलूस के पश्चात मंदिर में हवन और आहुति का आयोजन हुआ और फिर भगवान राम और माता सीता को ये सभी आभूषण समर्पित किए गए। इस पूरे आयोजन ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि व्यापक स्तर पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया और यह दर्शाया कि भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी और अटूट है। इस प्रकार रामनवमी के इस पावन अवसर पर तेलंगाना में देखने को मिला यह आयोजन भक्ति श्रद्धा और परंपरा का अनूठा संगम बन गया जिसने यह संदेश दिया कि भगवान राम आज भी जन जन के हृदय में बसते हैं और उनके प्रति श्रद्धा समय के साथ और भी प्रगाढ़ होती जा रही है।

JEWELLERY SHOP THEFT: CCTV में कैद हुआ शातिर चोर, ग्वालियर के ज्वैलरी शोरूम से सोने की अंगूठी चोरी

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HIGHLIGHTS : ब्लू स्टोन ज्वैलरी शोरूम से सोने की अंगूठी चोरी असली अंगूठी की जगह नकली रखी गई CCTV फुटेज में आरोपी को पकड़ लिया गया आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की JEWELLERY SHOP THEFT: ग्वालियर। पड़ाव थाने के सामने स्थित ब्लू स्टोन ज्वैलरी शोरूम में 3.21 लाख रुपये कीमत की 22 कैरेट सोने की अंगूठी चोरी का मामला सामने आया। खास बात यह रही कि आरोपी ने असली अंगूठी की जगह शोकेस में नकली अंगूठी रख दी, जिससे चोरी का खुलासा लगभग 10 दिन बाद हुआ। ऑडिट और CCTV ने पकड़ा अपराधी 17 मार्च को हुए ऑडिट में 17.6 ग्राम की अंगूठी नकली पाई गई। शोरूम संचालक ऋषभ दुबे ने CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में 5 मार्च को आरोपी अभिषेक को अंगूठी बदलते हुए देखा गया। उसने पहले असली अंगूठी देखी और फिर एक कोने में जाकर जेब से रुमाल में रखी नकली अंगूठी निकालकर असली अंगूठी से बदल दी। IPL 2026: इस बार नहीं होगी IPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी, जानिए रद्द होने के पीछे क्‍या है वजह? दिल्ली से गिरफ्तारी पड़ाव थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। संदेह शोरूम के पुराने कर्मचारी अभिषेक शर्मा पर गया। पुलिस ने दिल्ली में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने यह चोरी शेयर मार्केट में हुए नुकसान की भरपाई के लिए की थी। 27 निजी स्कूलों की जांच में खुलासा, स्कूल शिक्षा विभाग ने नियम उल्लंघन पर दिए नोटिस सुरक्षा और प्लानिंग अभिषेक को यह पता था कि शोरूम में कैमरे लगे हैं। बावजूद इसके उसने शातिराना तरीके से चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। जबलपुर HC सख्त: MSC नर्सिंग मूल्यांकन पद्धति की जानकारी कोर्ट में पेश करें सामाजिक संदेश यह घटना सावधानी और सुरक्षा की जरूरत को दर्शाती है। ज्वैलरी स्टोर संचालकों को अपने सुरक्षा प्रोटोकॉल और कर्मचारियों की निगरानी और कड़ा करने की आवश्यकता है।

जबलपुर HC सख्त: MSC नर्सिंग मूल्यांकन पद्धति की जानकारी कोर्ट में पेश करें

जबलपुर। मध्यप्रदेश में MSc नर्सिंग परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी के मामले में हाईकोर्ट ने मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि कुलसचिव कोर्ट में आकर बताएं कि मूल्यांकन किस पद्धति से किया गया। कोर्ट ने एग्जाम कंट्रोलर परीक्षा नियंत्रक और डिजिटल मूल्यांकन एजेंसी की जिम्मेदारों को भी तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल को निर्धारित की गई है। इस याचिका को जबलपुर निवासी प्रेमलता तिवारी ने दायर किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कई प्रतिभाशाली छात्रों को जीरो अंक दिए गए और कई छात्रों का मुख्य मूल्यांकन गलत तरीके से किया गया। सुनवाई जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विवेक मित्तल की बेंच में हुई। कोर्ट ने विश्वविद्यालय और मूल्यांकन एजेंसी को निर्देशित किया है कि वे अगली सुनवाई में पूरी जानकारी और दस्तावेजों के साथ हाजिर हों। मामले में अदालत की सख्ती यह संकेत देती है कि शिक्षा में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोपरि है, और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को गंभीरता से लिया जाएगा।

क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? हरदीप पुरी के बयान से साफ हुआ सरकार का प्लान

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध संकट के चलते दुनियाभर में कच्चे तेल से लेकर पेट्रोल-डीजल तक की कमी से हाहाकार मच गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने तेल की कीमतें बढ़ने को लेकर एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। देश में लॉकडाउन (Lockdown In India) को लेकर चल रही अफवाहों पर भी विराम लगाने का काम किया है। ”भारतीयों के लिए प्रतिबद्ध सरकार”केंद्रीय मंत्री हरदीर पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार भारतीयों के हित के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार के पास दो विकल्प थे- एक तो कीमतों में बढ़ोतरी करे या फिर अपने वित्त पर बोझ उठाए। सरकार ने दूसरे उपाय को प्रयोग किया। हरदीप पुरी ने कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं जिसके कारण निर्यात टैक्स भी लगाया है और विदेशी देशों को निर्यात करने वाली किसी भी रिफाइनरी को एक्सपोर्ट टैक्स देना होगा Lockdown In India को लेकर स्थिति स्पष्ट कीहरदीप पुरी ने कहा कि इस समय मीडिल ईस्ट का तनाव वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रहा है जिसके चलते ऊर्जा, सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार सुनिश्चि कर रही है कि ईंधन, ऊर्जा और अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति निर्बाध रूप से चलती रहे। लॉकडाउन को लेकर चल रही अटकलों पर भी हरदीप पुरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की बातें निराधार हैं। सरकार ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। इस तरह की स्थिति में अफवाह फैलाना और बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है।

किचन का बजट कैसे बचाएं? PNG और LPG में कौन है ज्यादा किफायती, जानिए पूरा गणित

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में ईरान के रास्ते गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित होने से भारत में भी गैस को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत में सरकार लोगों को राहत देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। केंद्र सरकार ने लोगों से अपील की है कि जहां सुविधा उपलब्ध है, वहां PNG का इस्तेमाल करें। PNG और LPG क्या होते हैं?PNG पाइपलाइन के जरिए घर तक आने वाली गैस LPG सिलेंडर में मिलने वाली गैस दोनों का इस्तेमाल खाना बनाने में होता है, लेकिन इनका उपयोग और बिलिंग तरीका अलग-अलग है। 1 किलो गैस में कितने दिन बनता है खाना?अगर सामान्य परिवार 4 सदस्य का हिसाब देखें रोजाना लगभग 0.5 SCM PNG की खपत होती है महीने में करीब 15 SCM PNG इस्तेमाल होता है इसे LPG में बदलें तो: यह लगभग 11–12 किलो LPG के बराबर है वहीं 14.2 किलो LPG सिलेंडर लगभग 25 से 35 दिन तक चलता है कौन है ज्यादा किफायती?PNG की कीमत लगभग 45 रुपये से लेकर 50 रुपये प्रति SCM महीने का PNG खर्च है करीब ₹700 LPG सिलेंडर की कीमत करीब 800 रुपये से लेकर 1100 रुपये यानी दोनों का खर्च लगभग बराबर है, लेकिन PNG में फायदा यह है कि आप जितनी गैस इस्तेमाल करते हैं, उतना ही भुगतान करते हैं। सुविधा के मामले में कौन बेहतर?PNG के फायदे 24 घंटे गैस की सप्लाई सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं आसान और नियमित बिलिंग LPG की दिक्कतें बार-बार सिलेंडर बुक करना पड़ता है खत्म होने पर तुरंत परेशानी हो सकती है PNG सही है जिनके घर में पाइपलाइन कनेक्शन है। जो स्थायी रूप से एक ही जगह रहते हैं LPG सही है किराए के घर में रहने वाले जिनका ट्रांसफर होता रहता है PNG और LPG दोनों ही अपने-अपने तरीके से उपयोगी हैं। खर्च में ज्यादा फर्क नहीं है, लेकिन सुविधा और लगातार सप्लाई के कारण PNG थोड़ा बेहतर विकल्प माना जाता है। हालांकि, आपकी जरूरत और रहने की स्थिति के अनुसार सही विकल्प चुनना सबसे जरूरी है।

गर्मी में गुलकंद का कमाल: थकान और पाचन समस्याओं से दिलाए राहत, शरीर को रखे ठंडा

नई दिल्ली।गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडक देने वाले पारंपरिक और प्राकृतिक उपायों की याद आने लगती है। इन्हीं में से एक है गुलाब की ताजा पंखुड़ियों से बना गुलकंद, जो न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है बल्कि शरीर और मन दोनों को शीतल रखने में मदद करता है। बढ़ती गर्मी, थकान और पाचन संबंधी समस्याओं के बीच गुलकंद एक ऐसा घरेलू उपाय है, जो वर्षों से भारतीय रसोई का अहम हिस्सा रहा है। परंपरा और स्वाद का अनोखा संगमगुलकंद को बनाने की विधि जितनी सरल है, उतनी ही खास भी। ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को चीनी या गुड़ के साथ मिलाकर धूप में धीरे-धीरे पकाया जाता है, जिससे इसकी प्राकृतिक मिठास और खुशबू बरकरार रहती है। यह सिर्फ एक खाद्य पदार्थ नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा और घरेलू नुस्खों की पहचान भी है। पहले के समय में दादी-नानी इसे घर पर बनाकर बच्चों को खिलाती थीं, जिससे उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहता था और शरीर को ठंडक भी मिलती थी। गर्मी से राहत दिलाने में कारगरस्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गुलकंद की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है। गर्मियों में अक्सर थकान, चिड़चिड़ापन और बेचैनी महसूस होती है। ऐसे में गुलकंद का सेवन शरीर को भीतर से ठंडक देता है और मानसिक शांति भी प्रदान करता है। यह प्राकृतिक कूलेंट की तरह काम करता है, जिससे लू और अत्यधिक गर्मी के असर को कम किया जा सकता है। पाचन तंत्र के लिए फायदेमंदगुलकंद का एक बड़ा फायदा इसका पाचन पर सकारात्मक असर है। गर्मियों में अक्सर गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। रोजाना सीमित मात्रा में गुलकंद का सेवन पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और पेट को ठंडा रखता है। यह भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है और पेट से जुड़ी असहजता को कम करता है। त्वचा और इम्यूनिटी को भी फायदागुलकंद में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। गर्मी के कारण त्वचा पर पड़ने वाले असर-जैसे रूखापन, बेजानपन और जलन को कम करने में भी यह सहायक होता है। नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक निखार आता है और शरीर अंदर से तरोताजा महसूस करता है। सेवन के आसान और स्वादिष्ट तरीकेगुलकंद को कई तरह से अपने आहार में शामिल किया जा सकता है। इसे सीधे चम्मच से खाया जा सकता है, ठंडे दूध या दही में मिलाकर शरबत बनाया जा सकता है या मिठाइयों जैसे हलवा, लड्डू और आइसक्रीम में इस्तेमाल किया जा सकता है। गर्मियों में गुलकंद वाला दूध या शरबत खासतौर पर लोगों का पसंदीदा पेय बन जाता है, जो स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखता है। सावधानी भी है जरूरीहालांकि गुलकंद के कई फायदे हैं, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। इसमें मिठास अधिक होती है, इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। साथ ही, घर का बना शुद्ध गुलकंद बाजार के पैकेट वाले उत्पादों से अधिक लाभकारी होता है।

काले प्लास्टिक के डिब्बों में रखा खाना कितना सुरक्षित? जानिए क्‍या कहते हैं एक्सपर्ट

नई दिल्ली। बीते 25 मार्च 2026 को राज्यसभा में जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी के सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने ढाबों, होटलों और अन्य जगहों पर इस्तेमाल होने वाले काले प्लास्टिक कंटेनरों को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये सामान्य प्लास्टिक नहीं होते, बल्कि इन्हें इलेक्ट्रॉनिक कचरे और अन्य बचे हुए प्लास्टिक से बनाया जाता है। उनका कहना था कि ऐसे डिब्बों में गर्म खाना रखने से माइक्रोप्लास्टिक कण भोजन में मिल सकते हैं। आइए जानते हैं इस पर विशेषज्ञों की राय। कैसे तैयार होता है यह प्लास्टिक रिपोर्ट्स के अनुसार, काले प्लास्टिक को बनाने में अक्सर ई-वेस्ट और इंडस्ट्रियल प्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाता है। इसे आग से सुरक्षित बनाने के लिए डेकाबीडीई जैसे फ्लेम रिटार्डेंट केमिकल मिलाए जाते हैं। समस्या यह है कि ये केमिकल पूरी तरह प्लास्टिक में स्थिर नहीं रहते और गर्म होने पर खाने में घुल सकते हैं, खासकर जब भोजन गरम या तैलीय हो। इसके अलावा, इसमें BPA और फ्थेलेट्स जैसे रसायन भी पाए जाते हैं, जिन्हें हार्मोन प्रभावित करने वाले तत्व माना जाता है। बार-बार इस्तेमाल या गर्म करने पर ये रसायन शरीर में जमा हो सकते हैं और लंबे समय में नुकसान पहुंचा सकते हैं। क्या कहते हैं विशेषज्ञ 2024 में हुई एक स्टडी में 200 से अधिक ब्लैक प्लास्टिक प्रोडक्ट्स का परीक्षण किया गया, जिसमें करीब 85 प्रतिशत में टॉक्सिक फ्लेम रिटार्डेंट पाए गए। एक रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्‍टरों का कहना है कि लंबे समय तक इन रसायनों के संपर्क में रहने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। वहीं BPA और फ्थेलेट्स हार्मोनल असंतुलन के साथ-साथ दिल की बीमारी, डायबिटीज और प्रजनन संबंधी समस्याओं का भी जोखिम है। इसके अलावा ब्लैक प्लास्टिक से निकलने वाले माइक्रोप्लास्टिक शरीर में पहुंचकर टॉक्सिक लोड बढ़ा सकते हैं, जिससे भविष्य में कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। किन लोगों को अधिक खतरा विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों पर इसका प्रभाव ज्यादा गंभीर हो सकता है। हालांकि अभी तक इसका कैंसर से सीधा संबंध पूरी तरह साबित नहीं हुआ है, लेकिन इसके केमिकल्स को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि काले प्लास्टिक की जगह कांच, स्टील या लकड़ी के बर्तनों का इस्तेमाल करें। खासतौर पर गर्म भोजन रखने के लिए प्लास्टिक से बचना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।