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केंद्र का बड़ा फैसला: पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटाई

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच आम जनता को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह खत्म कर शून्य कर दिया गया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है, जब अमेरिका और इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य इस वैश्विक अस्थिरता का असर सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ने से रोकना है। निर्यात पर टैक्स, घरेलू बाजार को प्राथमिकताडीजल और ATF पर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रणनीतिक कदम भी उठाए हैं। डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का टैक्स लगाया गया है। इसके साथ ही, 2022 की एक पुरानी अधिसूचना को रद्द करते हुए आयातित ATF पर एक्साइज ड्यूटी में भी राहत दी गई है। इससे एविएशन सेक्टर को भी कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। OMC पर बढ़ा दबाव, भारी नुकसान का अनुमानकंपनियों को प्रति लीटर 48.8 रुपये तक का नुकसान रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को वर्तमान में ईंधन की बिक्री पर लगभग 48.8 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान हो रहा है। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी है। उम्मीद जताई जा रही है कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद कंपनियां इस नुकसान को आंशिक रूप से समायोजित करेंगी और उपभोक्ताओं को राहत देने में मदद करेंगी। ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर के पार, 40% की बढ़ोतरीमध्य पूर्व तनाव का सीधा असर, वैश्विक बाजार में उथल-पुथल पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। बीते एक महीने में ब्रेंट क्रूड करीब 40% बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इसका असर पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतों पर पड़ा है, लेकिन भारत में सरकार के हस्तक्षेप के चलते कीमतों को स्थिर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। देश में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता, घबराने की जरूरत नहीं74 दिनों का भंडार, सरकार ने अफवाहों से बचने की दी सलाह पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। भारत के पास कुल 74 दिनों का भंडार है, जिसमें से करीब 60 दिनों का वास्तविक स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के दुष्प्रचार या अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि सभी रिटेल पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है।

फिल्मी स्टाइल में हुई बारात अलीराजपुर में दूल्हा बुलडोजर पर पहुँचा दुल्हन के पास

अलीराजपुर । मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के ग्राम उमराली से एक बारात का वीडियो सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। इस बारात की सबसे खास बात यह थी कि दूल्हा घोड़ी या लग्जरी कार की बजाय बुलडोजर (JCB) पर सवार होकर अपनी दुल्हन को लेने निकला। डीजे की धुन पर नाचते-गाते बाराती और दूल्हे की यह एंट्री किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लग रही थी। जैसे ही बारात उमराली गांव की सड़कों से गुजरी, लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। हर कोई अपने मोबाइल में इस अनोखी और मजेदार एंट्री को कैद करने में जुट गया। बारात में शामिल लोग पूरी ऊर्जा और उत्साह के साथ नाचते-गाते नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं। वीडियो पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, कुछ लोग इसे मजेदार बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे सबसे अलग और अनोखा अंदाज़ बता रहे हैं। यह अनोखी बारात न केवल ग्रामीण परंपराओं में नयापन लेकर आई है बल्कि यह दिखाती है कि किस तरह शादी के उत्सव में रचनात्मकता और मनोरंजन का अद्भुत मिश्रण किया जा सकता है। दूल्हे का बुलडोजर पर सवार होकर दुल्हन के घर पहुंचना गांव में एक चर्चा का विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर यह मजेदार ट्रेंड बन चुका है।इस बारात ने साबित कर दिया कि शादी सिर्फ परंपरा का पालन नहीं बल्कि अपनी स्टाइल और अनोखे अंदाज़ से यादगार बनाने का भी मौका होती है। 

ईंधन कीमतों पर नियंत्रण: पीएम मोदी की नीति से उपभोक्ताओं को राहत-हरदीप पुरी

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर बनाए रखना केंद्र सरकार का बड़ा फैसला माना जा रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बीच देश के नागरिकों को राहत देने के लिए ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसके चलते दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। दुनिया में महंगाई, भारत में राहतएशिया से लेकर यूरोप तक कीमतों में उछाल, भारत में स्थिरता बरकरार पुरी के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में ईंधन की कीमतें 30% से 50% तक बढ़ी हैं, जबकि उत्तरी अमेरिका में करीब 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीकी देशों में 50% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।से हालात में भारत सरकार के सामने दो विकल्प थे—या तो वैश्विक ट्रेंड के अनुसार कीमतें बढ़ाई जाएं या फिर खुद वित्तीय बोझ उठाकर आम जनता को राहत दी जाए। सरकार ने दूसरा रास्ता चुना और नागरिकों को महंगाई के सीधे असर से बचाने का फैसला किया। एक्साइज ड्यूटी में कटौती से दी राहतपेट्रोल पर 3 रुपये, डीजल पर शून्य हुआ टैक्स सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इस फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह समाप्त कर शून्य कर दिया गया है। पुरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के कारण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा है—पेट्रोल पर करीब 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का घाटा उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार ने कर राजस्व में कटौती कर आम लोगों को राहत देने का फैसला लिया है। निर्यात शुल्क और रणनीतिक कदमघरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए अतिरिक्त कदम सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात पर भी शुल्क लगाया है। अब विदेशी देशों को पेट्रोल-डीजल निर्यात करने वाली रिफाइनरियों को अतिरिक्त कर देना होगा, जिससे देश के भीतर पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।

पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का असर, उपभोक्ताओं को महंगाई से राहत

नई दिल्ली।देश में बढ़ती महंगाई और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि इस फैसले का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को कीमतों में संभावित वृद्धि से बचाना है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। ऐसे में सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी की है। पेट्रोल 13 से घटकर 3 रुपये, डीजल पर एक्साइज हुआ शून्यसरकार ने सीधे राहत दी, कंपनियों से समायोजन की उम्मीद इस फैसले के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गई है, जो पहले 13 रुपये थी। वहीं, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त करते हुए शून्य कर दिया गया है, जो पहले 10 रुपये प्रति लीटर थी। वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हमेशा यह सुनिश्चित करती है कि आम नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव का कम से कम असर पड़े। निर्यात शुल्क बढ़ाकर घरेलू आपूर्ति पर फोकसडीजल और ATF पर लगाया गया नया शुल्क, देश में उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश सरकार ने सिर्फ एक्साइज ड्यूटी में कटौती ही नहीं की, बल्कि घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए रणनीतिक कदम भी उठाए हैं। डीजल के निर्यात पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का शुल्क लगाया गया है। इस कदम का मकसद यह है कि कंपनियां ज्यादा निर्यात करने के बजाय घरेलू बाजार की जरूरतों को प्राथमिकता दें, जिससे आम जनता को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। कच्चे तेल की कीमतों में 40% उछाल, OMC पर बढ़ा दबावब्रेंट क्रूड 101 डॉलर प्रति बैरल, कंपनियों को हो रहा नुकसान पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। बीते एक महीने में ब्रेंट क्रूड करीब 40% तक बढ़कर 101 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। इसका सीधा असर देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) पर पड़ा है, जिन्हें ईंधन की खुदरा बिक्री पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि ये कंपनियां इस टैक्स कटौती को अपने स्तर पर समायोजित कर उपभोक्ताओं को राहत देने में मदद करेंगी। सरकार के फैसले को मिला समर्थनपीयूष गोयल बोले- 140 करोड़ भारतीयों को मिलेगा फायदा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस फैसले को सराहनीय बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम वैश्विक अस्थिरता के बीच 140 करोड़ भारतीयों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा और देश की विकास गति को बनाए रखने में मदद करेगा।

भारत में लॉकडाउन की अफवाहों को लेकर हरदीप पुरी ने की स्थिति स्पष्ट, जानिए क्‍या कहा ?

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज़ी देखी जा रही है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर करीब 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसके परिणामस्वरूप दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में कीमतों में 30%-50%, उत्तरी अमेरिका में 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीका में 50% तक की वृद्धि हुई है। हरदीप पुरी ने बताया कि मोदी सरकार के सामने दो विकल्प थे: या तो अन्य देशों की तरह भारतीय नागरिकों से अधिक शुल्क लें या फिर वित्तीय बोझ उठाकर जनता को अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद पिछले चार सालों से निभाई जा रही प्रतिबद्धता के तहत देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय बोझ उठाने का निर्णय लिया है। The global situation remains in flux, and we are closely monitoring developments across energy, supply chains, and essential commodities on a real-time basis. Under the leadership of Hon’ble PM @narendramodi Ji, all necessary steps are being taken to ensure uninterrupted… — Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) March 27, 2026 सरकार ने राजस्व में कटौती की केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों के चलते तेल कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान (पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये/लीटर और डीजल पर 30 रुपये/लीटर) को कम करने के लिए सरकार ने अपने राजस्व में बड़ा कटौती किया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि के कारण निर्यात पर टैक्स भी लगाया गया है, और किसी भी रिफाइनरी को विदेशी निर्यात के लिए एक्सपोर्ट टैक्स देना होगा। लॉकडाउन अफवाहों का खंडन हरदीप पुरी ने कहा कि वैश्विक हालात अभी भी अनिश्चित हैं, और सरकार ऊर्जा, सप्लाई चेन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर लगातार नजर रख रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुएँ बिना किसी बाधा के उपलब्ध रहें। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि भारत ने पहले भी वैश्विक अनिश्चितताओं के दौरान स्थिरता दिखाई है और आगे भी सक्रिय और समन्वित कदम उठाता रहेगा। लॉकडाउन को लेकर फैली अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अफवाह फैलाना और डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना है, और जनता को शांत, संयमित और एकजुट रहना चाहिए।

FY27 में ऑटो इंडस्ट्री की रफ्तार धीमी पड़ने के संकेत, ग्रोथ में आ सकती है नरमी

नई दिल्ली। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन आने वाले वित्त वर्ष 2027 (FY27) में इस रफ्तार में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। रेटिंग एजेंसी ICRA की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जहां FY26 में जीएसटी कटौती, बेहतर आर्थिक गतिविधियों और मजबूत मांग ने इंडस्ट्री को गति दी, वहीं FY27 में हाई बेस और बढ़ती लागत के कारण ग्रोथ थोड़ी धीमी पड़ सकती है। रिपोर्ट बताती है कि जीएसटी दरों में कमी से खासतौर पर दोपहिया और वाणिज्यिक वाहन (CV) सेगमेंट को बड़ा फायदा हुआ। इससे ग्राहकों की खरीद क्षमता (affordability) बढ़ी और कंपनियों को भी मांग में तेजी देखने को मिली। खासकर कमर्शियल व्हीकल्स के बेड़े बनाना पहले के मुकाबले ज्यादा किफायती हो गया, जिससे ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश बढ़ा। कमर्शियल व्हीकल्स में जबरदस्त उछाल, LCV सेगमेंट को मिला फायदा फरवरी 2026 में 23.8% की वृद्धि, इन्फ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स ने बढ़ाई मांग रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी 2026 में वाणिज्यिक वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 23.8% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों में यह वृद्धि 12.5% रही। खुदरा बिक्री में भी 28.9% की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली, जिसमें मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों (M&HCV) की अहम भूमिका रही। हल्के वाणिज्यिक वाहन (LCV) सेगमेंट को भी काफी फायदा मिला है। अंतिम मील डिलीवरी (last-mile delivery) की मांग में सुधार और जीएसटी के चलते लागत कम होने से इस सेगमेंट में तेजी आई है। FY26 में LCV सेगमेंट में 7-9% की वृद्धि का अनुमान है, लेकिन FY27 में यह घटकर 4-6% रह सकती है। दोपहिया सेगमेंट में आई मजबूती, ग्रामीण मांग बनी सहारा बिक्री कई साल के उच्च स्तर पर, लेकिन FY27 में धीमी हो सकती है ग्रोथ दोपहिया वाहन सेगमेंट में भी व्यापक सुधार देखा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ने, आसान फाइनेंसिंग और जीएसटी कटौती से कीमतों में कमी के कारण FY26 में बिक्री कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, FY26 में घरेलू थोक बिक्री में लगभग 9% की वृद्धि का अनुमान है, लेकिन FY27 में यह घटकर 3-5% रह सकती है। हालांकि, रिप्लेसमेंट डिमांड (पुराने वाहनों को बदलने की जरूरत) और ग्रामीण आय में सुधार भविष्य में मांग को सपोर्ट देते रहेंगे। आगे की चुनौतियां: महंगा लोन और पुराने वाहनों की बढ़ती मांग फाइनेंसिंग लागत और सेकंड-हैंड मार्केट बन सकते हैं बाधा हालांकि इंडस्ट्री की बुनियाद मजबूत बनी हुई है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि उच्च फाइनेंसिंग लागत (महंगे लोन) और खासकर LCV सेगमेंट में पुराने वाहनों की बढ़ती मांग नई बिक्री पर असर डाल सकती है। इसके अलावा, हाई बेस इफेक्ट (पिछले साल की ज्यादा ग्रोथ) के कारण भी FY27 में वृद्धि दर कम दिखाई दे सकती है।

बड़ी कार्रवाईः डेढ़ करोड़ का अनियमित व्यापारः करणी ज्वेलर्स में रातभर चली जीएसटी की छापेमारी

बालाघाट । बालाघाट से बड़ी खबर सामने आई है जहां जिला मुख्यालय के मां अन्नपूर्णा मंदिर के निकट संचालित करणी ज्वेलर्स में जीएसटी टीम ने छापेमारी कर डेढ़ करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा किया है। यह कार्रवाई रातभर चली और इसके दौरान सोने और चांदी के स्टॉक में अभिलेखों के मुकाबले भारी अंतर पाया गया। जानकारी के मुताबिक इस छापेमारी में जीएसटी की 8 सदस्यीय टीम ने भाग लिया। इस टीम का मार्गदर्शन लोकेश कुमार लिल्हारे आयुक्त केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर जबलपुर ने किया। टीम ने ज्वेलर्स में जेवरात की खरीदी और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की और साथ ही स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परिसर में उपलब्ध सोने और चांदी के स्टॉक की गणना की और इसे करदाता द्वारा अभिलेखों में दर्शाए गए स्टॉक से तुलना की। इस तुलना में स्पष्ट रूप से देखा गया कि अभिलेखों की तुलना में स्टॉक में महत्वपूर्ण कमी है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार इस कमी का मूल्य लगभग 1.5 करोड़ रुपये है। यह संकेत करता है कि करदाता ने लेखांकन और कर देयता के निर्धारण में गंभीर अनियमितताएं की हैं। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर की गई थी। छापेमारी के दौरान टीम ने रिटर्न फाइलों की भी जाँच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कर गणना में कोई गड़बड़ी न हुई हो। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान जो भी अनियमितताएं सामने आएंगी उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। यह मामला न सिर्फ कर चोरी का है बल्कि यह ज्वेलरी व्यवसाय में होने वाली संभावित वित्तीय अनियमितताओं पर भी रोशनी डालता है। अब यह देखना बाकी है कि आगे जांच में और क्या खुलासा होता है और इस कार्रवाई का प्रभाव अन्य व्यवसायों पर कैसे पड़ता है।इस तरह की कार्रवाई यह संदेश देती है कि जीएसटी विभाग हर स्तर पर कर अनुपालन पर नजर रख रहा है और किसी भी अनियमित गतिविधि को बख्शा नहीं जाएगा।

भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच होगी 5 टेस्ट की जंग, जानें बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पूरा कार्यक्रम

  नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2026-27 सीजन के लिए टीम इंडिया के घरेलू शेड्यूल का ऐलान कर दिया है। इसके तहत क्रिकेट फैंस को सबसे ज्यादा इंतजार जिस सीरीज का है, वह है भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली प्रतिष्ठित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी। यह सीरीज 21 जनवरी से 3 मार्च 2027 के बीच खेली जाएगी, जिसमें दोनों टीमें कुल 5 टेस्ट मैचों में आमने-सामने होंगी। इस बार ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत दौरे पर आएगी और यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की दौड़ में बेहद अहम मानी जा रही है। पहला टेस्ट 21 से 25 जनवरी के बीच नागपुर में खेला जाएगा, जबकि दूसरा मुकाबला 29 जनवरी से 2 फरवरी के बीच चेन्नई में आयोजित होगा। तीसरा टेस्ट 11 से 15 फरवरी के बीच गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां पहली बार बॉर्डर-गावस्कर सीरीज का मैच आयोजित होगा। नागपुर से अहमदाबाद तक मुकाबलों की श्रृंखलागुवाहाटी में पहली बार टेस्ट, रांची और अहमदाबाद भी मेजबान सीरीज का चौथा टेस्ट 19 से 23 फरवरी के बीच रांची में खेला जाएगा, जबकि पांचवां और अंतिम मुकाबला 27 फरवरी से 3 मार्च के बीच अहमदाबाद में आयोजित होगा। इस तरह भारत के अलग-अलग शहरों में फैली यह सीरीज क्रिकेट फैंस के लिए रोमांच का पूरा पैकेज लेकर आएगी। पूरा शेड्यूल:21–25 जनवरी: पहला टेस्ट, नागपुर29 जनवरी–2 फरवरी: दूसरा टेस्ट, चेन्नई11–15 फरवरी: तीसरा टेस्ट, गुवाहाटी19–23 फरवरी: चौथा टेस्ट, रांची27 फरवरी–3 मार्च: पांचवां टेस्ट, अहमदाबादइतिहास भी रोमांचक, दिग्गजों के नाम दर्ज तेंदुलकर सबसे आगे, कोहली-स्मिथ भी टॉप लिस्ट में शामिलबॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी की शुरुआत 1996-97 में हुई थी और इसका नाम भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज एलन बॉर्डर के सम्मान में रखा गया है। अब तक भारत ने 10 बार यह सीरीज जीती है, जबकि ऑस्ट्रेलिया 5 बार विजेता बना है और एक सीरीज ड्रॉ रही है। रिकॉर्ड्स की बात करें तो सचिन तेंदुलकर इस ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 3,262 रन बनाए हैं। उनके बाद रिकी पोंटिंग, वीवीएस लक्ष्मण, स्टीव स्मिथ और विराट कोहली का नाम शामिल है।

5 मौतें और भीड़ का बेरहम चेहरा ग्वालियर हादसे में मदद से ज्यादा मोबाइल उठा

ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने न सिर्फ सड़क सुरक्षा बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। थाठीपुर थाना क्षेत्र के परशुराम चौराहे के पास हुए भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि वहां मौजूद लोगों का व्यवहार इंसानियत को शर्मसार करने वाला था। जानकारी के मुताबिक एक तेज रफ्तार बोलेरो कार ने ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। ऑटो में चालक सहित कुल नौ लोग सवार थे जो शीतला माता के दर्शन कर वापस लौट रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं चार अन्य घायल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है। हादसे के बाद जो दृश्य सामने आया उसने सभी को झकझोर कर रख दिया। जहां एक तरफ घायल लोग दर्द से तड़प रहे थे वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग उनकी मदद करने के बजाय मोबाइल फोन निकालकर वीडियो बनाने और सेल्फी लेने में जुट गए। वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक लाशों के पास खड़ा होकर सेल्फी ले रहा है मानो वह किसी सामान्य घटना का हिस्सा हो। आसपास खड़े कुछ लोग इस हरकत पर नाराजगी जताते हुए यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं कि क्या किसी में हिम्मत नहीं है कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया जाए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मौके पर मौजूद कुछ लोग लगातार चिल्लाते रहे कि घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया जाए लेकिन भीड़ में से बहुत कम लोगों ने आगे आकर मदद की। यह स्थिति न सिर्फ दुखद बल्कि चिंताजनक भी है क्योंकि ऐसे समय में हर सेकंड कीमती होता है और समय पर मदद मिल जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं जहां इंसान की जान से ज्यादा अहमियत वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट को दी जा रही है। कई यूजर्स ने इसे मानवता का पतन बताया है और ऐसी मानसिकता पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जा रही है। यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि समाज के लिए एक आईना भी है जो दिखाता है कि तकनीक के इस दौर में हम संवेदनाओं से कितनी दूर होते जा रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि ऐसे हादसों के समय लोग तमाशबीन बनने के बजाय जिम्मेदार नागरिक बनें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं क्योंकि कई बार एक छोटा सा कदम किसी की जिंदगी बचा सकता है।

IPL से पहले कोहली का स्टाइल स्टेटमेंट, नया टैटू बना चर्चा का विषय

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 के आगाज से पहले विराट कोहली एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि उनका नया टैटू है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दिग्गज बल्लेबाज ने अपने टैटू कलेक्शन में एक नया और खास डिजाइन जोड़ा है, जो उनके जीवन के अनुभव, बदलाव और सोच को दर्शाता है। टैटू स्टूडियो की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, यह टैटू कोहली की बाईं बांह पर बनाया गया है। खास बात यह है कि इसमें पुराने टैटू को हटाया नहीं गया, बल्कि उसे और गहराई और अर्थ देकर नए डिजाइन में बदला गया है। इस प्रक्रिया के जरिए पुराने और नए अनुभवों को जोड़ते हुए एक ऐसी कहानी तैयार की गई है, जो वर्तमान समय के कोहली के व्यक्तित्व को दर्शाती है। शिव से प्रेरणा, मंडला आर्ट और अधूरी कहानी का खास संदेशकमल और पियोनी के जरिए दिखा संतुलन और विकास का प्रतीक इस टैटू की शुरुआत भगवान शिव से प्रेरित आर्मबैंड को नए रूप में ढालने से हुई। इसके बाद डिजाइन एक खूबसूरत मंडला पैटर्न में बदलता है, जिसे डॉटवर्क तकनीक से तैयार किया गया है। यह पैटर्न पूरी बांह पर एक फ्लो बनाता है और एक टैटू स्लीव का आधार तैयार करता है। टैटू में कमल और पियोनी जैसे फूलों को भी शामिल किया गया है, जो मजबूती, विकास और आंतरिक संतुलन का प्रतीक माने जाते हैं। हालांकि, इन डिजाइनों के पीछे के व्यक्तिगत अर्थ को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे इस टैटू में एक रहस्य भी बना हुआ है। स्टूडियो के मुताबिक, इस टैटू को जानबूझकर अधूरा छोड़ा गया है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में कोहली के जीवन में जो भी नए अनुभव और उपलब्धियां जुड़ेंगी, उन्हें इस टैटू में शामिल किया जाएगा। यानी यह टैटू सिर्फ एक डिजाइन नहीं, बल्कि उनकी पूरी जीवन यात्रा का ‘जीवंत दस्तावेज’ है। IPL 2026 में फिर कोहली पर होंगी निगाहेंRCB के खिताब बचाने की जिम्मेदारी, पिछले सीजन में रहा शानदार प्रदर्शन विराट कोहली 2008 से ही आरसीबी के साथ जुड़े हुए हैं और आईपीएल इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने अपना पहला खिताब जीता था, जिसमें कोहली की अहम भूमिका रही थी। उन्होंने 15 मैचों में 657 रन बनाकर टीम को चैंपियन बनाने में बड़ा योगदान दिया था। अब आईपीएल 2026 में आरसीबी अपने खिताब को बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी, और एक बार फिर सभी की नजरें कोहली के प्रदर्शन पर होंगी।