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प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से देश में नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों से देश में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। भारतीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर्याप्त रहेगी, उपभोक्ताओं पर भी तेल कीमतों का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और देश की तेल रिफायनरियां अपना काम सरलता से करती रहेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया को जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने खाड़ी युद्ध के बीच उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। पेट्रोल-डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती स्वागत योग्य कदम है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम में बढ़ोतरी के बीच रामनवमी के दिन इस जनहितैषी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री मोदी बधाई के पात्र हैं।

एमपी में 29 मार्च से 3 दिन तक बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 40 जिलों में दिखेगा असर

भोपाल। मध्य प्रदेश में 29 मार्च से एक मजबूत आंधी-बारिश सिस्टम सक्रिय होने वाला है, जो करीब तीन दिन तक मौसम पर असर डालेगा। इस दौरान भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत लगभग 40 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। हालांकि, 28 मार्च (शनिवार) को प्रदेश में गर्मी का असर अधिक रहेगा। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है और लू जैसे हालात बने रहेंगे। पहले भी बदला था मौसम, अब नया सिस्टम आएगाशुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के प्रभाव से ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाए रहे और मौसम बदला हुआ नजर आया। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम शनिवार तक कमजोर हो जाएगा, जिससे गर्मी बढ़ेगी। इसके बाद 29 मार्च से नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका सबसे अधिक असर 30 और 31 मार्च को देखने को मिलेगा। करीब 40 जिलों में बारिश का अनुमानमौसम विभाग के अनुसार, 31 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 40 जिलों में बारिश हो सकती है। 29 मार्च को कुछ जिलों में बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि 30 और 31 मार्च को सिस्टम का सबसे अधिक प्रभाव देखा जाएगा। सतना के चित्रकूट में शुक्रवार शाम तेज आंधी और बारिश हुई, जिससे रामनवमी के आयोजन पर असर पड़ा। यहां 21 लाख दीप जलाने की तैयारी थी, लेकिन बारिश से ज्यादातर दीप बुझ गए और मंच को तिरपाल से ढकना पड़ा। नर्मदापुरम और जबलपुर में लू और गर्मी की स्थितिनर्मदापुरम में मार्च महीने में चौथी बार लू चली है। पिछले दिनों लगातार तीन दिन तक गर्म हवा के कारण तापमान बढ़ा रहा। गुरुवार को लू का असर देखा गया और शुक्रवार को दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। प्रदेश के अन्य शहरों में भी गर्मी बनी रही। खजुराहो में 39.6 डिग्री, रतलाम-मंडला में 39.5 डिग्री, खंडवा में 39.1 डिग्री, खरगोन में 38.5 डिग्री, रायसेन में 38.4 डिग्री और सिवनी-सागर में 38.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म 38.2 डिग्री के साथ रहा, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 37 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री दर्ज हुआ। मार्च में तीसरी बार बदल रहा मौसममार्च में अब तक प्रदेश में दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। पहले दौर में लगातार चार दिन तक 45 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी हुई थी, वहीं 17 जिलों में ओले भी गिरे थे। अब तीसरा दौर 29 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक रहने की संभावना है। 27 मार्च को भी एक दौर आया था, लेकिन उसका प्रभाव ज्यादा नहीं रहा।

केन्द्र ने ईरान संकट से उपजी स्थिति से निपटने के लिए गठित किया मंत्रियों का अनौपचारिक समूह

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष (West Asia conflict) के कारण उत्पन्न मुद्दों पर गौर करने के लिए केंद्र सरकार (Central Government) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) के नेतृत्व में मंत्रियों का एक ‘अनौपचारिक समूह’ (IGOM) गठित किया है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी मंत्रियों के अनौपचारिक समूह के सदस्यों में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव से उत्पन्न होने वाले मुद्दों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। अमेरिका-इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले किए। इसके बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज हो गया है। इस संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, जिसमें तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई हैं और कीमतें बढ़ी हैं। इसका असर देश भर के नागरिकों के जीवन पर पड़ा है। पीएम ने मुख्यमंत्रियों संग की बैठकप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार की शाम चुनावी राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत समन्वय सुनिश्चित करना था। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की है। देश में तेल और गैस के पर्याप्त भंडार23 मार्च को लोकसभा में दिए गए बयान में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक हालात लंबे समय तक बने रह सकते हैं और देश को एकजुट व तैयार रहने की जरूरत है, जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान रहा था। वहीं, 24 मार्च को मोदी ने संघर्ष के संभावित दीर्घकालिक प्रभावों से निपटने के लिए सात अधिकार प्राप्त समूहों के गठन की घोषणा की और राज्यों से संकट को टालने के लिए एकजुट दृष्टिकोण के तहत केंद्र के साथ काम करने का आग्रह किया। इससे पहले बुधवार को सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और देशवासियों को भरोसा दिया था कि देश में तेल और गैस के पर्याप्त भंडार हैं और घबराने की जरूरत नहीं है।

IPL 2026 की शुरुआत आज से…., पहला मैच RCB और SRH के बीच, विराट कोहली-ईशान किशन होंगे आमने-सामने

बेंगलुरु। इंडियन प्रीमियर लीग (Indian Premier League- IPL) के 19वें सीजन का आगाज शनिवार (28 मार्च) को होने जा रहा है. इस सीजन का ओपनर मुकाबला (Opener match) डिफेंडिंग चैम्पियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bangalore-RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad.-SRH) के बीच खेला जाएगा. यह मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे शुरू होगा, जहां फैन्स को छक्के-चौके की बारिश देखने को मिल सकती है। इस मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दिग्गज बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली पर रहेंगी, जो काफी दिनों बाद मैदान पर उतरेंगे. युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन के कैप्टेंसी की भी परीक्षा होगी. ईशान नियमित कप्तान पैट कमिंस के चोटिल होने के चलते शुरुआती मैचों मे सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी करने जा रहे हैं. सनराइजर्स हैदराबाद की खतरनाक ओपनिंग जोड़ी ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा किसी से कम नहीं है. देखा जाए तो ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की तिकड़ी ने पिछले दो सीजन में हर टीम के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं. पावरप्ले में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी, तेज शुरुआत से मैच का रुख बदलना और बड़े स्कोर को आसान बनाने में ये तीनों माहिर हैं। पिछली हार का बदला लेना चाहेगी RCB2024 के सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद ने कई रिकॉर्ड तोड़े थे, जिसमें लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ सिर्फ 30 गेंदों में टीम 100 रनों तक पहुंच गई थी. पिछले सीजन में जब एसआरएच और आरसीबी आमने-सामने हुई थी, तब एसआरएच ने 231 रन ठोक दिए थे. उस मैच में इशान किशन ने 48 गेंदों में नाबाद 94 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी. आरसीबी वह मैच 42 रनों से हार गई थी, लेकिन टीम ने बाद में शानदार वापसी करते हुए पहली बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस बार और भी मजबूत नजर आ रही है, टीम में विराट कोहली के अलावा फिल साल्ट, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, वेंकटेश अय्यर,जैकब डफी और जॉर्डन कॉक्स जैसे मैच विनर खिलाड़ी शामिल हैं. कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में टीम लगातार दूसरा खिताब जीतने के इरादे से उतरेगी. हालांकि टीम को तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की कमी खेलेगी, जो अभी पूरी तरह फिटनेस हासिल नहीं कर पाए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबले रोमांचक रहे हैं. दोनों टीम्स के बीच अब तक आईपीएल में कुल 26 मैच खेले गए हैं. इस दौरान सनराइजर्स हैदराबाद ने 14 मुकाबले अपने नाम किए. जबकि 11 मैचों में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीत मिली. एक मुकाबला बेनतीजा भी रहा। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की संभावित प्लेइंग-12: फिल साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जैकब डफी, रसिक सलाम डार. सनराइजर्स हैदराबाद की संभावित प्लेइंग-12: अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन (कप्तान/विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, नीतीश कुमार रेड्डी, लियाम लिविंगस्टोन, अनिकेत वर्मा, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट , ब्रायडन कार्स, शिवम मावी, जीशान अंसारी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का स्क्वॉड: रजत पाटीदार, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार, फिल साल्ट, जितेश शर्मा, जॉर्डन कॉक्स, क्रुणाल पंड्या, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, जैकब बेथेल, वेंकटेश अय्यर, सात्विक देसवाल, मंगेश यादव, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, जोश हेजलवुड (चोटिल), रसिक सलाम डार, सुयश शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, नुवान तुषारा (चोटिल), अभिनंदन सिंह और जैकब डफी। सनराइजर्स हैदराबाद का स्क्वॉड: पैट कमिंस (चोटिल), ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, हेनरिक क्लासेन, ईशान किशन (कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, लियाम लिविंगस्टोन, हर्षल पटेल, कामिंदु मेंडिस, ब्रायडन कार्स, हर्ष दुबे, अनिकेत वर्मा, स्मरण रविचंद्रन, सलिल अरोड़ा, जयदेव उनादकट, शिवम मावी, जीशान अंसारी, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन और डेविड पायने। एक तरफ सनराइजर्स हैदराबाद का खतरनाक टॉप ऑर्डर, तो दूसरी तरफ चैम्पियन RCB की संतुलित टीम… ऐसे में यह मुकाबला पूरी तरह से हाई स्कोरिंग और रोमांच से भरा होने की उम्मीद है।

RBI का 3 सरकारी बैंकों पर बड़ा एक्शन… लगाया 2.17 करोड़ से अधिक का जुर्माना

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) (Reserve Bank of India – RBI) ने अलग-अलग नियमों और दिशा-निर्देशों के उल्लंघन के कारण तीन सार्वजनिक बैंकों (Three Public Sector Banks) पर कुल दो करोड़ 17 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। रिजर्व बैंक ने एक बयान में बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर 95.40 लाख रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 63.60 लाख रुपये, बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा फिनटेक कंपनी पाइन लैब्स पर भी तीन लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यूनियन बैंक ऑफ इंडियाआरबीआई के मुताबिक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग की समुचित व्यवस्था न करने और परिसंपत्ति वर्गीकरण तंत्र में मानवीय हस्तक्षेप करने के लिए 95.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आरबीआई ने पाया कि बैंक ने धोखाधड़ी वाले लेनदेन की रिपोर्टिंग के लिए ग्राहकों को अलग-अलग चैनलों पर 24 घंटे रिपोर्टिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। बैंक ऑफ इंडियाइसके अलावा, बैंक ऑफ इंडिया पर 58.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। बैंक पर प्राथमिक सेक्टर को लोन देने और जमा पर ब्याज संबंधी नियमों के उल्लंघन का आरोप है। बैंक ने प्राथमिक क्षेत्रों के 25 हजार रुपये तक के लोन देने पर भी सर्विस चार्ज, निरीक्षण शुल्क और प्रोसेसिंग चार्ज वसूले थे। इसके अलावा बैंक ने सावधि जमा खातों पर मैच्योरिटी की तारीख से पैसे ग्राहकों को देने की तारीख तक के लिए ब्याज भुगतान नहीं किया। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडियासेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर केवाईसी और बुनियादी बचत बैंक जमा खाता संबंधी नियमों के उल्लंघन के कारण 63.60 लाख का जुर्माना लगा है। वह तय समय सीमा के भीतर केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड्स रजिस्ट्री में कुछ ग्राहकों के केवाईसी रिकॉर्ड अपडेट करने में विफल रहा था। इसके अलावा बैंक को कुछ ग्राहकों के एक से अधिक बुनियादी बचत बैंक जमा खाता खोलने का भी दोषी पाया गया। पाइन लैब्स पर भी एक्शनकेंद्रीय बैंक ने पाइन लैब्स को प्रीपेड भुगतान तंत्र संबंधी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया और उस पर तीन लाख 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरबीआई ने बताया कि तीन सार्वजनिक बैंकों और पाइन लैब्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। लिखित जवाब और मौखिक सुनवाई में दिये गये जवाब असंतोषजनक पाए जाने के बाद जुर्माने की कार्रवाई की गई है। एचएसबीसी पर भी लगा था जुर्मानाहाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने हांगकांग एंड शंघाई बैंकिंग कॉरपोरेशन (एचएसबीसी) पर 31.8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। बैंक पर निष्क्रिय खातों और बिना दावे वाली जमा राशि से जुड़े कुछ निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है। बैंक की निगरानी संबंधी जांच उसके 31 मार्च, 2025 तक के वित्तीय हालात के आधार पर की गई थी। जांच में आरबीआई के निर्देशों के पालन में कमी मिलने के आधार पर बैंक को नोटिस जारी किया गया। आरबीआई ने कहा कि नोटिस पर बैंक के जवाब, अतिरिक्त प्रस्तुतियां और व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान दी गई मौखिक दलीलों पर विचार करने के बाद यह पाया गया कि बैंक पर लगे आरोप सही हैं। इसी कारण उस पर आर्थिक जुर्माना लगाया गया।

31 मार्च तक निपटा लें ये जरूरी काम….. इस दिन खत्म हो जा रही है डेडलाइन

नई दिल्ली। एक अप्रैल (April 1st) से नए फाइनेंशियल ईयर (New Financial Year) की शुरुआत होने वाली है। इससे पहले, 31 मार्च को खत्म हो रहे फाइनेंशियल ईयर में कुछ जरूरी काम निपटा लेने होंगे। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कई ऐसी डेडलाइन (Deadline) हैं जो 31 मार्च को पूरी हो रही हैं। इनमें इनकम टैक्स (Income Tax) और इन्वेस्टमेंट (Investment) से जुड़ी डेडलाइन (Deadline) भी शामिल हैं। वेतन आयोग को सुझाव देने की डेडलाइन8वें वेतन आयोग ने वेतन, भत्तों और पेंशन से संबंधित सुधारों के लिए सुझाव और राय आमंत्रित किए हैं, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तय की गई है। यह डेडलाइन केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न हितधारकों के लिए है। बता दें कि वेतन आयोग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए MyGov पोर्टल पर 18 सवालों का एक विस्तृत प्रश्नावली जारी किया है। इस प्रश्नावली के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों, विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों, न्यायिक अधिकारियों, कोर्ट कर्मचारियों, नियामक संस्थाओं के सदस्यों, कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों से राय मांगी गई है। ITR-U की डेडलाइन31 मार्च तक अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) फाइल करने की डेडलाइन है। जिन लोगों ने अपनी कोई इनकम रिपोर्ट नहीं की है या इनकम का गलत हिसाब लगाया है, जिससे उनकी इनकम टैक्स देनदारी कम हो गई है, उनके पास अब इस गलती को सुधारने का मौका है। ऐसे लोग ITR-U फाइल करके ऐसा कर सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखें कि ITR-U फाइल करने के लिए आपको पेनल्टी और ब्याज के तौर पर अतिरिक्त इनकम टैक्स देना होगा और ITR-U के जरिए टैक्स रिफंड का कोई दावा नहीं किया जा सकता। पहले ITR-U का इस्तेमाल पिछले दो सालों की गलतियों को सुधारने के लिए किया जा सकता था लेकिन बजट 2025 में, इस समयसीमा को बढ़ाकर पिछले चार सालों तक कर दिया गया है। अगर आप रिटर्न सही समय पर भरने या सही डेटा देने से चूक गए हैं तो समझदारी इसी में है कि आप अभी अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करें और ITR-U फाइल कर दें। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप अभी ITR-U फाइल नहीं करते हैं और बाद में इनकम टैक्स विभाग आपको पकड़ लेता है, तो आप पर अभी ITR-U फाइल करने के लिए लगने वाली पेनल्टी से कहीं ज्यादा बड़ी पेनल्टी लगाई जा सकती है। धारा 80C के तहत टैक्स बचाने का आखिरी मौकापुराने टैक्स सिस्टम को मानने वाले टैक्सपेयर्स के लिए 31 मार्च निवेश करने का आखिरी मौका है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसे विकल्पों में योगदान 31 मार्च से पहले पूरा कर लेना चाहिए। इन निवेशों में देरी करने का मतलब हो सकता है कि आप मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए कीमती टैक्स छूट से चूक जाएं। – नया वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले यह आवेदन कर लेना चाहिए। इससे अप्रैल 2026 से ही डिडक्टर सही दर पर TDS काट सकेंगे। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है लेकिन प्लानिंग के लिए बहुत उपयोगी है।– वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) का TDS रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। PAN कार्ड नियमों की समय सीमा31 मार्च के बाद आप सिर्फ आधार का इस्तेमाल करके PAN के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। इसलिए अगर आप कम से कम डॉक्यूमेंट्स और बिना किसी परेशानी के PAN कार्ड के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपको यह 31 मार्च को या उससे पहले करना होगा। उसके बाद, पैन एप्लीकेशन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, वोटर ID, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट जैसे डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी। जरूरत पड़ने पर एफिडेविट और दूसरे सरकारी डॉक्यूमेंट्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। नियोक्ताओं को निवेश के प्रमाण जमा करनाआपको 31 मार्च 2026 की समय सीमा तक अपने नियोक्ता को अपने निवेश के प्रमाण जमा करने होंगे। इनमें मकान किराया भत्ता (HRA) के दावों के लिए किराए की रसीदें, जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम भुगतान की रसीदें, ELSS निवेश विवरण, PPF पासबुक या जमा की रसीदें शामिल हैं।

आज का राशिफल: 28 मार्च, मेष से मीन राशि तक का दिन कैसा रहेगा, पढ़ें पूरी जानकारी

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रह और नक्षत्रों की चाल से 12 राशियों के दिन का अंदाजा लगाया जाता है। 28 मार्च 2026 के लिए राशिफल में बताया गया है कि किन राशि वालों को लाभ मिलेगा और किन लोगों को सतर्क रहना होगा। मेष मेष राशि वालों के लिए समय ठीक ठाक है, लेकिन मन अशांत रहेगा। उतार-चढ़ाव के बीच खुद को नियंत्रित करना जरूरी है। दांपत्य सुख में वृद्धि होगी। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की और आय में वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। वृषभ वृषभ राशि वालों के लिए मिलाजुला समय है। प्रोफेशनल लाइफ में आज आत्मविश्वास से काम पूरे होंगे। मित्र के सहयोग से आय बढ़ सकती है। कारोबार में वृद्धि होगी, लेकिन भागदौड़ अधिक रहेगी। मिथुन मिथुन राशि वालों के लिए कंफ्यूजन का समय है। आत्मविश्वास में कमी रह सकती है। प्रोफेशनल्स का सपोर्ट आपके लिए लाभकारी रहेगा। जिम्मेदारियों में बदलाव हो सकते हैं। अधिकारियों से बातचीत में संभलकर रहें। कर्क कर्क राशि के लोगों का मन उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। कारोबार में लाभ के मौके मिलेंगे। जीवन में भागदौड़ अधिक रहेगी। शैक्षिक कार्यों में मान-सम्मान मिलेगा। गलत फैसलों और विवादों से दूर रहें। सिंह सिंह राशि के लोगों का आत्मविश्वास उच्च रहेगा और मन प्रसन्न रहेगा। पर्सनल लाइफ में लवर के साथ कुछ दिक्कतें आ सकती हैं। शैक्षिक और बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान मिलेगा। वाहन सुख में वृद्धि होगी। तुला बौद्धिक कार्यों में व्यस्तता बढ़ेगी। विदेश यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। वस्त्रों आदि पर खर्च बढ़ेंगे। धन की प्राप्ति संभव है। हेल्थ का ध्यान रखें। समृद्धि आपके पक्ष में रहेगी। धनुधनु राशि वालों को पर्सनल लाइफ में अच्छा समय मिलेगा। घर खरीदने का विचार करें। प्रोफेशनल लाइफ में फोकस बनाए रखें। धन संबंधी मामलों में एक्सपर्ट की सलाह लेना लाभकारी रहेगा। मकर मकर राशि वालों को अपनी स्थिति बनाए रखना जरूरी है। लाइफस्टाइल संतुलित रखें। विवादों से दूर रहें। ऑफिस में सहयोगियों का सपोर्ट अहम रहेगा। कुंभ कुंभ राशि वालों को उधार देने से बचना चाहिए। फाइनेंस से जुड़े मामलों में सतर्क रहें। किसी पर अंधविश्वास न करें। हेल्थ और लाइफस्टाइल में सुधार लाएं।कन्या कन्या राशि के लोगों के लिए पॉजिटिव रहना जरूरी है। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में किसी की गाइडेंस लें। वाहन और घर खरीद सकते हैं, लेकिन खर्चों पर कंट्रोल रखें। योग और मेडिटेशन आपके लिए लाभकारी होंगे। वृश्चिक वृश्चिक राशि वालों को रिस्क लेने से बचना चाहिए। पार्टनर के साथ भावनाओं को साझा करें। अपने रिकॉर्ड को सुरक्षित रखें। एनर्जी बनाए रखने के लिए एक्सरसाइज करें। मीन मीन राशि वालों को आर्थिक स्थिति पर खास ध्यान देना होगा। प्लानिंग करके काम करें। तनाव महसूस होने पर ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। प्रोफेशनल लाइफ में फोकस और एरर फ्री काम करना जरूरी है।

आयुर्वेद का खजाना हैं पपीते के पत्ते, जानें फायदे और सही इस्तेमाल का तरीका

नई दिल्ली। अक्सर लोग पपीता खाते समय उसके पत्तों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन वास्तव में ये पत्ते कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पपीते के पत्ते शरीर को अंदर से मजबूत बनाने और कई समस्याओं से राहत दिलाने में बेहद प्रभावी हैं। पपीते के पत्तों में विटामिन A C और E प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके साथ ही इसमें पपेन नामक एंजाइम और शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को डिटॉक्स करने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। यही कारण है कि इन्हें प्राकृतिक औषधि माना जाता है। पाचन तंत्र के लिए पपीते के पत्ते किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनमें मौजूद एंजाइम भोजन को जल्दी पचाने में मदद करते हैं जिससे गैस अपच और पुरानी कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। नियमित और सही मात्रा में सेवन करने से पेट साफ रहता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है। इसके अलावा पपीते के पत्तों का रस लिवर के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद तत्व शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं जिससे लिवर डिटॉक्स होता है और उसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार डेंगी के दौरान भी पपीते के पत्तों का उपयोग लाभकारी माना जाता है। यह प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाने में सहायक हो सकता है हालांकि इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह उपयोगी है क्योंकि इसमें मौजूद फाइटोकेमिकल्स ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। साथ ही इसके एंटी इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन और जोड़ों के दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। सिर्फ सेहत ही नहीं बल्कि त्वचा और बालों के लिए भी पपीते के पत्ते फायदेमंद हैं। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को निखारते हैं और मुंहासों को कम करने में मदद करते हैं। वहीं बालों की जड़ों को मजबूत बनाकर उनके विकास को भी बढ़ावा देते हैं। हालांकि पपीते के पत्तों का सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए क्योंकि हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है। सही तरीके से उपयोग करने पर यह साधारण सा पत्ता आपकी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।