बाल कलाकार से कॉमेडी आइकन: जगदीप की प्रेरक और भावुक कहानी

नई दिल्ली : हिंदी सिनेमा में हास्य और चरित्र अभिनय के स्वर्णिम युग में जगदीप का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है। वे केवल एक हास्य कलाकार नहीं थे, बल्कि अपनी अनूठी संवाद अदायगी और चेहरे के हाव-भावों के जरिए हास्य को नई पहचान देने वाले कलाकार थे। आगामी 29 मार्च को इस दिग्गज अभिनेता की जयंती है, जो 400 से अधिक फिल्मों में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। जगदीप का फिल्मी सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा। बाल कलाकार के रूप में उन्होंने मात्र 3 रुपये की दिहाड़ी से शुरुआत की थी। देश विभाजन और गरीबी की त्रासदी को करीब से देख चुके इस बच्चे ने कभी सोचा भी नहीं था कि वे अभिनेता बनेंगे। लेकिन नियति को कुछ और मंजूर था। 1951 में फिल्म ‘अफसाना’ की शूटिंग के दौरान मुख्य बाल कलाकार उर्दू संवाद नहीं बोल पाया, तब भीड़ का हिस्सा रहे जगदीप ने स्वयं वह संवाद बोल दिया। उनके इस हुनर से निर्देशक प्रभावित हुए और उन्हें 6 रुपये की दिहाड़ी पर काम करने का मौका मिला। यही उनके फिल्मी करियर की शुरुआत थी। जगदीप का उच्चारण उर्दू में साफ और प्रभावशाली था। मात्र 9 वर्ष की उम्र में उन्होंने दरबार में राजा के आने से पहले होने वाली अनाउंसमेंट में शानदार प्रदर्शन किया। डायरेक्टर ने उन्हें तत्काल सेट पर बुलाकर पहला किरदार दिया और उस समय ही उन्होंने ठान लिया कि अब अभिनय ही उनकी जिंदगी है। उनकी कॉमिक प्रतिभा का असली खुलासा तब हुआ जब निर्देशक बिमल रॉय ने उन्हें ‘धोबी डॉक्टर’ फिल्म में रोते हुए सीन में देखा। बिमल रॉय का मानना था कि जो पर्दे पर दूसरों को रुला सकता है, वही हास्य के माध्यम से गहराई दिखा सकता है। इसी वजह से उन्होंने जगदीप को फिल्म में बूट पॉलिश करने वाले लड़के का हास्यपूर्ण किरदार दिया। यह सीन जगदीप की जीवन और करियर में एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ। इसके बाद जगदीप ने ‘शोले’, ‘रोटी’, ‘एक बार कहो’ जैसी फिल्मों में कॉमेडी से भरपूर भूमिकाएं निभाईं। उनका हास्य कभी जादुई था, कभी भावुक। दर्शक उन्हें सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं मानते थे, बल्कि उनकी अदायगी में छुपे जीवन अनुभव और संवेदनशीलता को भी महसूस करते थे। यही कारण है कि वे हिंदी सिनेमा में हास्य और चरित्र अभिनय का अविस्मरणीय नाम बने। जगदीप की कहानी यह बताती है कि संघर्ष, प्रतिभा और सही दिशा मिल जाए तो कोई भी साधारण बच्चा बड़े पर्दे का सितारा बन सकता है। 6 रुपये की दिहाड़ी से शुरू हुआ सफर उन्हें ‘सूरमा भोपाली’ और हिंदी सिनेमा के चिरस्थायी हास्य कलाकार के रूप में ले गया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल दर्शकों को हंसाया बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी दी।
IPL में सिर्फ 3 टीमों का राज! 13 खिताब जीतकर रचा इतिहास, जानिए साल-दर-साल विजेता

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का रोमांच हर सीजन में बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन अगर इतिहास पर नजर डाली जाए तो कुछ घटिया आंकड़े ही सामने आते हैं। अब तक खेले गए 18वें सीजन में 13 खिताब सिर्फ तीन टीमों चेन्नई सुपर किंग्स, मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपने नाम किए हैं। इन टीमों ने लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए लीग में अपनी टीम के साथ बाजी मारी है, जबकि बाकी टीमों को गाइन-चूने का मौका ही मिला है। सीएसके: आत्मविश्वास और स्थिरता से बनी चैंपियन टीमचेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल की सबसे सफल रेस में शामिल है। टीम ने 2010 और 2011 में कॉन्स्टेंटाइन के दो खिताब अपनी ताकत का परास्त किए। इसके बाद 2018 में तीसरी ट्रॉफी की शानदार वापसी हुई। फिर 2021 और 2023 में नामकरण कुल 5 ट्रॉफी अपना नाम कर लें। हालांकि 2012, 2013, 2015 और 2019 में टीम फाइनल तक पहुंची, लेकिन खिताब जीतने में असफल रही। यह टीम लंबे समय तक महेंद्र सिंह धोनी की वैज्ञानिक में अपनी पहचान बना चुकी है। मुंबई: अभिलेख की मशीन मुंबई इंडियंस ने भी 5 बार आईपीएल ट्रॉफी रॉकेट खुद को सबसे सफल रेस में शामिल किया है। टीम ने 2013 में पहली बार खिताब जीता और इसके बाद 2015, 2017, 2019 और 2020 में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की। खास बात यह है कि मुंबई ने कई बार फाइनल में सीएसके जैसी मजबूत टीम को हराया और बड़े मैचों में अपनी ताकत साबित की। केकेआर: गंभीर युग से लेकर नई चमक तक कोलकाता नाइट राइडर्स ने 3 बार खिताब जीता है। टीम ने गौतम गंभीर को 2012 और 2014 में ट्रॉफी में दिखाया। इसके बाद 2024 में टीम ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा खिताब अपने नाम किया। इस दौरान गंभीर में टॉर की भूमिका में थे और टीम ने नई रणनीति के साथ सफलता हासिल की। अन्य टीमों का प्रदर्शन भी यादगार बना हुआ हैजहाँ तीन रथों का वैगन चल रहा था, वहीं अन्य रथों ने भी अपने-अपने समय में चमचमाते हुए महल बनाए। राजस्थान रॉयल्स ने 2008 में पहला आईपीएल खिताब जीता। डेक्कन चार्जर्स ने 2009 में ट्रॉफी अपने नाम की। सनराइजर्स हैदराबाद ने 2016 में खिताब जीता, जबकि गुजरात टाइटंस ने 2022 के डेब्यू सीजन में ही ट्रॉफी नामांकन इतिहास रचा। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लंबे इंतजार के बाद 2025 में अपना पहला खिताब जीता। इससे पहले टीम 2009, 2011 और 2016 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन हर बार ट्रॉफी हार गई थी। कुछ टीमों के लिए चुनौती, बाकी के लिए चुनौतीआईपीएल के इतिहास में यह साफ दिखता है कि कुछ चैंपियनशिप ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्ज़ा जमाया है। आने वाले सीज़न में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नए रिकॉर्ड हैं, इस दबबे को तोड़ते हुए दोस्त हैं या फिर यही रिकॉर्ड विक्टोरैल अपना पार्ट बनाते हैं।
टेलर का शतक चमकाना, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की ऑलराउंड सेना के आगे वेस्ट बेब्स नज़र आई।

नई दिल्ली फीमेल फ्रॉड सीरीज के पहले स्कॉटलैंड में स्टैफनी टेलर का शानदार वेस्टइंडीज शतक भी हार से नहीं बचा सका। वार्नर पार्क में खेले गए इस क्लब में ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम ने अपने विभाग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 103 रन की बड़ी जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अब सीरीज के रेस्ट कंसोल 29 मार्च और 2 अप्रैल को खेले जाएंगे, जहां वेस्ट इंडीज की टीम वापसी की कोशिश करेगी। ऑस्ट्रेलिया की मजबूत टीम, 341 रन का विशाल स्कोरटोस्ट का पहला प्रोटोटाइप प्रोटोटाइप ऑस्ट्रेलियाई टीम ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की। 75 रन के लिए पहले विकेट के लिए फोर्टी राइडर जॉर्जिया वोल और फोएबे लीचफील्ड ने मजबूत शुरुआत की। वोल ने 42 रन की तेज पारी खेली, जबकि लिचफील्ड ने 77 रन की पारी खेली। इसके बाद एलिसे पेरी ने 44 रन का अहम योगदान दिया। मध्यक्रम में निकोला कैरी और कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने 91 रनों की साझेदारी कर टीम को बड़ा स्कोर हासिल करने के लिए शानदार विकेट दिया। जॉर्जिया वेयरहैम में अंत में 42 रन की उपयोगी पारी खेली। पूरी टीम 49.5 ओवर में 341 रन बनाकर ऑलआउट हुई। वेस्ट इंडीज की ओर से अफी फ्लेचर ने 3 विकेट लिए, जबकि डिआंड्रा डॉटिन और टेलर ने 2-2 विकेट लिए। टेलर का शतक, लेकिन टीम को नहीं दी गयी जीत342 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की शुरुआत खराब रही और टीम ने जल्दी-जल्दी विकेट गंवाया। हालाँकि इसके बाद स्टैफनी टेलर को शानदार फिल्म की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने चिनेले हेनरी के साथ मिलकर 73 रनों की साझेदारी कर टीम पर कब्ज़ा कर लिया, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़े होने के कारण दबाव बना रहा। टेलर ने 129 गेंदों में 105 रन की बैटल फिल्में बनाईं, जिसमें 10 राइफलें और 1 छक्का शामिल था। हेनरी ने 38 रन बनाए, जबकि हेले मैथ्यूज ने 22 रन ही जोड़े। वेस्ट इंडीज में 50 ओवर में 8 विकेट पर 238 रन ही बने, आकीम और प्रतियोगिता में जगह बनाई। रैन बसेरे ने ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाईऑस्ट्रेलिया की ओर से रेनॉल्ट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। किम गर्थ ने 3 विकेट लेकर फ़्लोरिडा की कमर तोड़ दी, जबकि एशले गार्डनर ने 2 विकेट झटके। इसके अलावा निकोला कैरी और जॉर्जिया वेयरहैम ने भी टीम की जीत में 1-1 विकेट हासिल किया।
चेन्नई सुपर किंग्स को बड़ा नुकसान! IPL 2026 के पहले 2 हफ्तों में नहीं दिखेंगे धोनी

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की रंगारंग शुरुआत से ठीक पहले चेन्नई सुपर किंग्स (आईपीएल) के खत्म होने से आई खबर ने प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है। टीम के अनुभवी खिलाड़ी-बैलेबाज महेंद्र सिंह धोनी पेंडली की कप्तानी में शालदा तनाव के कारण शुरुआती दो सामान्य से लेकर मैदान तक दूर रह सकते हैं। फ्रेंचाइज़ी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, धोनी के फिटनेस पर लगातार नज़र जा रही है। सीएसके ने अपने ऑफिशियल सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से फैंसी को अपडेट देते हुए माही के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। टीम में किसी भी तरह का जोखिम उठाना शामिल नहीं है, क्योंकि टूर्नामेंट वियर और धोनी के एक्सपीरियंस सीजन की अहम निगरानी बेहद जरूरी साबित हो सकती है। धोनी की गैरमौजूदगी में कौन करेगा समर्थन मोर्चा?सीएसके के लिए धोनी की अनुपस्थिति निश्चित रूप से एक बड़ा झटका है, क्योंकि उनकी टीम ने पांच बार आईपीएल का खिताब जीता है। फाइनल टाइम में टीम की कमान रुतुराज गायकवाड़ के हाथ में है, लेकिन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी शुरुआती मैच में संजू सैमसन की नजर आ सकती है, जिसमें हाल ही में टीम में शामिल किया गया था। टीम में बदलाव के तूफ़ान में रवि जड़तेजा और सैम कुरेन से जुड़े जजमेंट की भी चर्चा हो रही है। ऐसे में सीएसके को शुरुआती मैचों में नई रणनीति के साथ उतारा जा सकता है, जहां युवा खिलाड़ियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। धोनी का आईपीएल सुपरस्टार शानदार प्रदर्शन कर रहा हैअगर आंकड़े पर नजरें डाली जाएं तो धोनी का आईपीएल करियर बेहद लोलुपता है। वे अब तक 278 मुकाबलों में 5,439 रन बना चुके हैं, जिसमें उनका औसत 38.30 का रह रहा है. इस दौरान उनके प्रोजेक्ट से 24 मिलियन डॉलर भी निकल गए। खास बात यह है कि उन्होंने सीएसके के लिए 248 मैचों में 4,865 रन बनाए हैं, जो टीम के प्रति अपनी तटस्थता और योगदान को प्रमुखता देते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी धोनी सिर्फ आईपीएल में सक्रिय हैं और उनके सहयोगी टीम के खिलाड़ी काफी जगह पर हैं। सीएसके की योजना और आगे की राहआईपीएल 2026 का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा, जबकि क्रिकेट सीएसके अपने अभियान की शुरुआत राजस्थान रॉयल्स के साथ 30 मार्च को बेंगलुरु के बारापारा स्टेडियम में करेंगे। इसके बाद टीम 3 अप्रैल को पंजाब किंग्स, 5 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, 11 अप्रैल को दिल्ली कैपिटल्स और 14 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। शुरुआती मुकाबलों में धोनी की गैरमौजूदगी की टीम के कलाकार जरूर होंगे, लेकिन ये युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका भी साबित हो सकता है।
दिल्ली में राजनीतिक घमासान: केजरीवाल के ट्वीट पर कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिरसा ने जताई आपत्ति

नई दिल्ली में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, नेपाल के पूर्व प्रधान मंत्री और गृह मंत्री अपने पुराने कुकर्मों की वजह से गिरफ्तार। केजरीवाल के इस बयान के कुछ ही देर बाद दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने जवाब दिया, दिल्ली का भी पूर्व मुख्यमंत्री अपने कुकर्मों की वजह से जेल गया था, फिर जाएगा। इसी बीच, दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली का भी पूर्व मुख्यमंत्री, एक उपमुख्यमंत्री और उनके मंत्री दिल्ली को लूटने के इल्जाम के चलते जेल गए थे और अब सजा भी होगी। मनजिंदर सिंह सिरसा के इस बयान का संदर्भ उनके उस पिछले बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने कहा था कि आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल ने ‘अंडर द टेबल’ खूब पैसे कमाए। सिरसा ने आरोप लगाया कि पहले दिल्ली सरकार शराब पर एक्साइज लेती थी, लेकिन आप नेताओं ने ‘बाय वन गेट वन फ्री’ जैसे ऑफर्स के जरिए मुनाफा अपनी जेब में डाला। सिरसा ने आगे कहा, दिल्ली की जनता की खून-पसीने की कमाई को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने अपने करीबियों की जेब भरने में बर्बाद कर दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या यह पैसा उनकी बपौती थी? दिल्लीवासियों की गाढ़ी कमाई को इस तरह लुटाने का हक इन्हें किसने दिया? इस बयानबाजी ने दिल्ली की राजनीतिक गर्मी को और बढ़ा दिया है और दोनों दलों के बीच सोशल मीडिया और जनसभाओं में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह

नई दिल्ली:जेवर एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश की किस्मत बदलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता उत्साह के साथ मौजूद थे। उद्घाटन के मौके पर लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और एयरपोर्ट के निर्माण को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताया। बुलंदशहर से आए एक भाजपा कार्यकर्ता ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण आसपास के जिलों में विकास के नए अवसर लेकर आया है। होटल सेक्टर, व्यापारिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। युवाओं और स्थानीय लोगों में उत्साह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में जनता ने कार्यक्रम में हिस्सा लेकर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देने का संकल्प जताया। एक अन्य भाजपा समर्थक ने कहा कि पहले तो हम इस क्षेत्र में ऐसे एयरपोर्ट की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल और मार्गदर्शन में जेवर में एयरपोर्ट का निर्माण संभव हुआ। यह क्षेत्रीय विकास के लिए एक अनमोल सौगात है। उन्होंने बताया कि यह न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाएगा। स्थानीय नागरिकों ने भी जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन को ऐतिहासिक दिन बताया। उनका मानना है कि एयरपोर्ट के निर्माण से यहां के लोग नए अवसरों का लाभ उठाएंगे। उनकी कमाई में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। एयरपोर्ट के आने से न केवल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी। एक युवा कार्यकर्ता ने कहा कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल एक तोहफा है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल नोएडा और गौतम बुद्ध नगर को बल्कि आस-पास के जिलों को भी रोजगार, निवेश और बेहतर जीवन स्तर के अवसर देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट की शुरूआत से उत्तर प्रदेश का लॉजिस्टिक नेटवर्क मजबूत होगा। यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय व्यापार और हवाई यात्रा के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान देगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, व्यवसाय और निवेश के अवसर बढ़ेंगे, वहीं प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नया मुकाम मिलेगा। इस उद्घाटन के मौके पर जनता और कार्यकर्ताओं ने उत्साह और उम्मीद के साथ यह संदेश दिया कि जेवर एयरपोर्ट प्रदेश में विकास, अवसर और ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है।
पीएम मोदी का संवाद कार्यक्रम: असम और पुडुचेरी में जनता के साथ सीधा संवाद..

नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को असम और पुडुचेरी में ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद’ कार्यक्रम में सीधे जनता से संवाद करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दोनों राज्यों में हुए विकास कार्यों की सराहना की और जोर देकर कहा कि जनता अगले पांच साल भी ‘डबल-इंजन’ वाली एनडीए सरकार के साथ बिताने के लिए पूरी तरह तैयार है। असम में कार्यक्रम दोपहर एक बजे आयोजित होगा। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि 30 तारीख की दोपहर को वे ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद- असम’ में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में असम ने जो प्रगति की है, वह सभी के सामने है और राज्य सभी क्षेत्रों में अपनी विकास यात्रा के लिए जाना जाता है। उनका कहना था कि इसलिए असम का रुख बिल्कुल स्पष्ट है और यहां पूरी तरह से एनडीए का ही दबदबा है। पुडुचेरी में पीएम मोदी का कार्यक्रम शाम 5:30 बजे आयोजित होगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में ‘डबल-इंजन’ वाली एनडीए सरकार ने पुडुचेरी की जनता की आकांक्षाओं को पूरा किया है। यही कारण है कि पुडुचेरी की जनता एक बार फिर एनडीए को अपना आशीर्वाद देने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री मोदी के X अकाउंट ‘narendramodi.in’ ने जनता से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और नमो ऐप के माध्यम से सीधे प्रधानमंत्री से जुड़ने के लिए अभी पंजीकरण करें। इस कार्यक्रम के जरिए जनता अपने विचार साझा कर सकती है और ‘विकसित असम’ तथा ‘मजबूत पुडुचेरी’ के लिए सुझाव दे सकती है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री और एनडीए सरकार के विकास और जन संपर्क को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। असम और पुडुचेरी की जनता इस संवाद में अपनी उम्मीदों और सवालों के साथ शामिल होगी, जिससे दोनों राज्यों में सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर सीधे संवाद स्थापित होगा।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा: पीएम मोदी के खिलाफ नारे, हाथापाई की नौबत

नई दिल्ली शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण भारी हंगामे के साथ शुरू हुआ। सदन का माहौल उस वक्त बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब कुछ विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे शुरू कर दी। देखते ही देखते राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप रुख नोकझोंक में बदल गए और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। नारे से भड़का विवादसत्र की शुरुआत होते ही कांग्रेस के कुछ दलों ने पीएम मोदी के खिलाफ ‘हाय-हाय’ और ‘मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। इस पर भाजपा दलों ने कड़ा विरोध प्रदर्शन किया और अपनी सीटों से उठकर नाराजगी जाहिर की। इसी दौरान कांग्रेस विधायक इरफान हाफिज लोन और भाजपा विधायक युधवीर सेठी के बीच नारे बहस हो गई। विवाद उस समय और बढ़ गया जब जवाबी प्रतिक्रिया में भाजपा विधायक ने राहुल गांधी पर टिप्पणी कर दी, जिससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। हाथापाई की स्थिति, मार्शलों ने कार्यभार मोर्चानारेबाजी के बीच माहौल इतना गरमा गया कि विधायक अपनी सीटों से उठकर एक-दूसरे के करीब पहुंच गए। धक्का-मुक्की और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई। कुछ सदस्यों ने पार्षदों को हवा में उछाल दिया। स्थिति बिगड़ती देख सदन के मार्शलों और सुरक्षा कर्मियों को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों के पहाड़ों को अलग कर परिस्थितियों को काबू में किया। इस दौरान सदन की कार्रवाई काफी देर तक बाधित रही। अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर भी गूंजे नारेइस हंगामे से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के पहाड़ों ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी सदन में विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अली खामेनेई के खिलाफ कथित कार्रवाई और ईरान-इजरायल तनाव को लेकर उठाए। NC, कांग्रेस, CPI(M) और PDP के पहाड़ों ने मिलकर इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेलंगाना और ईरान के समर्थन में आवाज उठाई। स्पीकर की अपील भी जमीनीविधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने कई बार सदन में शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था। नतीजतन, प्रश्नकाल पूरी तरह बाधित रहा और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो। अलग-अलग मुद्दों पर टकरावजहां एक ओर विपक्ष अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर विरोध जता रहा था, वहीं भाजपा विधायक जम्मू में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। दोनों पक्षों के अलग-अलग मुद्दों ने सदन के माहौल को और ज़्यादा गरमा दिया।
आस्था के नाम पर अपराध पुणे में महिला से दुष्कर्म के आरोप में फर्जी बाबा अरेस्ट

नई दिल्ली:महाराष्ट्र में आस्था और विश्वास का दुरुपयोग कर महिलाओं के शोषण का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां पालघर निवासी ऋषिकेश वैद्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने खुद को भगवान शिव का अवतार बताकर एक महिला को अपने जाल में फंसाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस के अनुसार, यह मामला 2023 में शुरू हुआ जब पीड़िता की आरोपी से फेसबुक के जरिए दोस्ती हुई। धीरे-धीरे आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया और खुद को दिव्य शक्तियों वाला बताते हुए उसे यह यकीन दिलाया कि वह महादेव का अवतार है। इतना ही नहीं वह पीड़िता को पार्वती कहकर संबोधित करता था और धार्मिक भावनाओं का सहारा लेकर उसे मानसिक रूप से प्रभावित करता रहा। जांच में सामने आया कि दिसंबर 2023 में आरोपी पुणे पहुंचा जहां मांजरी इलाके के एक लॉज में उसने महिला को कथित रूप से नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं उसने इस दौरान आपत्तिजनक तस्वीरें भी खींचीं और बाद में उन्हें वायरल करने की धमकी देकर महिला को ब्लैकमेल करता रहा। इसके बाद मई 2024 में वसई के एक होटल में फिर से शोषण का प्रयास किया गया। पीड़िता जो कि 34 वर्षीय महिला है लंबे समय तक डर और ब्लैकमेल के कारण चुप रही लेकिन आखिरकार उसने हिम्मत जुटाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ऋषिकेश वैद्य का तरीका बेहद सुनियोजित था और वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को निशाना बनाता था। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि वह कई अन्य महिलाओं को भी इसी तरह फंसा चुका हो सकता है। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब अशोक खरात से जुड़े मामलों ने सुर्खियां बटोरीं और कई पीड़िताएं सामने आने लगीं। उसी से प्रेरित होकर इस पीड़िता ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का साहस दिखाया। माणिकपुर पुलिस स्टेशन में जीरो FIR दर्ज की गई जिसे आगे की जांच के लिए हडपसर पुलिस को सौंपा गया। सीनियर इंस्पेक्टर हिरालाल जाधव के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब यह जांच की जा रही है कि उसने कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में सतर्कता और जागरूकता बेहद जरूरी है क्योंकि आरोपी धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर लोगों को धोखा देते हैं। यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि किस तरह स्वयंभू बाबा या फर्जी धार्मिक पहचान बनाकर कुछ लोग महिलाओं को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों का आगे आकर शिकायत करना और पुलिस की तत्परता ही सच को सामने लाने का सबसे बड़ा जरिया बनती है।
थिएटर से फिल्मों तक राकेश बेदी का सफर ‘धुरंधर’ ने फिर दिलाई नई पहचान…

नई दिल्ली: अभिनय की दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो हर दौर में अपनी अलग छाप छोड़ते हैं और उन्हीं में से एक हैं राकेश बेदी जो इन दिनों फिल्म धुरंधर 2 में अपने किरदार जमील जमाली को लेकर जबरदस्त सुर्खियां बटोर रहे हैं। उनकी संवाद अदायगी का अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और दर्शक एक बार फिर उनके अभिनय के कायल हो गए हैं। दिल्ली के श्रीराम सेंटर फॉर आर्ट एंड कल्चर से जुड़ा एक पुराना किस्सा आज भी उनके हुनर की मिसाल देता है। एक नाटक के दौरान अचानक बिजली चली गई तो दर्शकों में शोर मच गया लेकिन उसी अंधेरे में राकेश बेदी मंच पर आए और अपनी आवाज के जादू से दर्शकों को बांधे रखा। करीब बीस मिनट तक बिना रोशनी के उन्होंने ऐसा माहौल बना दिया कि जब बिजली लौटी तो पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। यह घटना उनके नैसर्गिक अभिनय कौशल को दर्शाती है। इंजीनियर बनने का सपना उनके पिता देखते थे लेकिन राकेश बेदी का मन बचपन से ही अभिनय में रमा हुआ था। उन्होंने आईआईटी दिल्ली की परीक्षा भी दी लेकिन कुछ ही मिनटों में परीक्षा हॉल छोड़ दिया क्योंकि उनका झुकाव कला की ओर था। इसके बाद उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से अभिनय की पढ़ाई की जहां उनके सहपाठी ओम पुरी जैसे दिग्गज रहे। थिएटर से अपने करियर की शुरुआत करने वाले राकेश बेदी ने धीरे-धीरे टेलीविजन और फिल्मों में अपनी पहचान बनाई। ये जो है जिंदगी, श्रीमान श्रीमती, यस बॉस और भाभी जी घर पर हैं जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। फिल्मों में भी उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं लेकिन फिल्म चश्मे बद्दूर का ‘ओमी’ किरदार उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इस फिल्म की निर्देशक सई परांजपे ने उन्हें सिर्फ उनकी चाल देखकर कास्ट किया था जो बाद में दर्शकों को खूब पसंद आई। हाल के दिनों में राकेश बेदी का नाम कुछ विवादों में भी आया लेकिन उन्होंने हमेशा बेबाकी से अपनी बात रखी। इसके बावजूद उनके काम की सराहना कम नहीं हुई और फिल्म धुरंधर 2 में उनके किरदार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह कितने बहुमुखी कलाकार हैं। अभिनय के अलावा राकेश बेदी को साहित्य और शायरी का भी शौक है। वह गजलें और नज्में लिखते हैं और अक्सर मुशायरों में हिस्सा लेते हैं। वह चार्ली चैपलिन से प्रेरित हैं और जॉनी वॉकर, संजीव कुमार और महमूद को अपना आदर्श मानते हैं। आज राकेश बेदी की कहानी यह बताती है कि अगर जुनून सच्चा हो तो रास्ते खुद बन जाते हैं। इंजीनियरिंग की राह छोड़कर अभिनय को चुनने का उनका फैसला ही उन्हें उस मुकाम तक लेकर आया जहां आज उनका नाम सम्मान और प्रतिभा का पर्याय बन चुका है। शॉर्ट डिस्क्रिप्शन इंजीनियरिंग छोड़ अभिनय को चुना राकेश बेदी ने धुरंधर 2 में जमील जमाली बनकर फिर बटोरी सुर्खियां English Tags Rakesh Bedi, Dhurandhar 2, Jameel Jamali, Bollywood news, Indian actors, TV shows