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NORA FATEHI PHOTOSHOOT : एक्ट्रेस Nora Fatehi ने साड़ी में कराया स्टनिंग फोटोशूट, फैंस हुए दीवाने

  NORA FATEHI PHOTOSHOOT : नई दिल्ली बॉलीवुड और पॉप लोकप्रियता की दुनिया की स्टार नोरा फतेही ने हाल ही में एक स्टाइलिश और एनिमेटेड बिजनेस में नाम कमाया है, जिसमें उन्होंने रंग की प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। इन आंकड़ों को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया गया और प्रशंसकों के आंकड़ों को देखा गया। रोज़गार में स्टाइलिश अंदाज नोरा सती की इस प्रॉपर्टी में सादगी और रॉयल ग्लैमरस का मिश्रण दिख रहा है। उनके ब्लाउज का एम्बेडेड प्लांटेशन डिज़ाइन को डिजाइन और खास बनाया गया है, जिसमें पूरा लुक किचेन और पैशन देखने को मिलता है। उनके पोज़ और एक्सप्रेशन में भी मित्र का ध्यान खींचा गया। गहराई और सुंदरता का कमाल अपने लुक को और खास बनाने के लिए नोरा ने पुराने शाही झलक वाले स्टॉज ब्लाउज़ बनाए। वहीं, उनका मेकअप भी उनके पूरे लुक के साथ परफेक्ट मेल खा रहा था। चेहरे को प्रभाव हाईलाइट और त्वचा को इंग्लैण्ड बनाए रखने से उनका लुक मुलायम और स्टाइलिश लग रहा था। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया तस्वीरें शेयर करते हुए नोरा ने लिखा, “मैंने पहले कभी सच कहा था कि यह रंग नहीं पहना है। आप लोगों को कैसा लगा?” प्रेमी ने अपने लुक को आकर्षक बताया और कई खूबसूरत कमेंट्स में कहा कि उनका स्टाइल अद्भुत और बेहद है। बिज़नेस और ट्रेंडिंग यह निर्दिष्टीकरण है कि नोरा फतेही सिर्फ अपने पिता से नहीं, बल्कि स्टाइल और फैशन सेंस से भी लोगों को प्रभावित कर रही हैं। उनका यह नमूना अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और प्रशंसक इसे लगातार शेयर कर रहे हैं। नोरा फतेही ने सोशल मीडिया पर अपने स्टाइल और ग्लैमरस स्टाइल से लेकर सोशल मीडिया पर तहलका मचाते हुए अपने स्टाइल और ग्लैमरस अंदाज में अपने लुक की शानदार धूम मचा रखी हैं।

मिनटों में तैयार स्वाद का धमाका जानें सूखी गोभी से परफेक्ट आलू गोभी बनाने का तरीका

नई दिल्ली: भागदौड़ भरी जिंदगी में जहां हर कोई जल्दी और स्वादिष्ट खाने की तलाश में रहता है वहीं अब एक ऐसी पारंपरिक रेसिपी फिर से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है जो स्वाद और सुविधा दोनों का बेहतरीन मेल है। आलू गोभी की यह खास रेसिपी इन दिनों सीतामढ़ी के घरों में तेजी से पसंद की जा रही है और खासकर कामकाजी महिलाओं और बैचलर्स के लिए यह एक परफेक्ट इंस्टेंट मील बनकर उभरी है। इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत इसकी आसान और तेज तैयारी है। आमतौर पर गोभी को काटने और साफ करने में समय लगता है लेकिन इस विधि में सूखी गोभी का इस्तेमाल किया जाता है। इसे केवल तीन मिनट के लिए गुनगुने नमक वाले पानी में डालने से यह बिल्कुल ताजी गोभी की तरह फूलकर तैयार हो जाती है। यही ट्रिक इस डिश को खास बनाती है और समय की बचत भी करती है। इसके बाद शुरू होता है असली स्वाद का खेल जहां मसालों को सीधे डालने की बजाय थोड़ा पानी मिलाकर उनका गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जाता है। इस पेस्ट को कढ़ाही में धीरे-धीरे भूनने से मसाले जलते नहीं हैं और सब्जी में एक समान स्वाद आता है। जब सरसों के तेल में उबले हुए आलू और गोभी को सुनहरा होने तक भुना जाता है तो उसमें एक अलग ही सोंधापन आ जाता है जो इस डिश को ढाबा स्टाइल फ्लेवर देता है। अदरक और लहसुन का पेस्ट साथ ही खड़े मसालों का उपयोग इस सब्जी को और भी ज्यादा खुशबूदार और स्वादिष्ट बनाता है। धीमी आंच पर पकने के बाद यह सब्जी पूरी तरह मसालों को अपने अंदर समेट लेती है जिससे हर बाइट में भरपूर स्वाद मिलता है। यह रेसिपी सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है बल्कि पोषण के लिहाज से भी काफी अच्छी मानी जाती है। कम तेल और सीमित मसालों में तैयार होने वाली यह सब्जी हल्की होने के साथ-साथ हेल्दी भी होती है। यही वजह है कि अब यह डिश लंच बॉक्स में भी तेजी से जगह बना रही है। इस सब्जी को आप गर्मागर्म पूरी पराठे या सादी रोटी के साथ परोस सकते हैं। खास बात यह है कि इसे बनाने में न ज्यादा समय लगता है और न ही ज्यादा सामग्री की जरूरत होती है। यही कारण है कि यह पारंपरिक रेसिपी आज के आधुनिक किचन में भी अपनी जगह बना रही है।  यह कहना गलत नहीं होगा कि सूखी गोभी से तैयार यह झटपट आलू गोभी फ्राई स्वाद और सुविधा का ऐसा कॉम्बिनेशन है जो हर घर की रसोई में एक बार जरूर ट्राई किया जाना चाहिए।

तरबूज का कमाल: गर्मियों में ताजगी और सेहत दोनों के लिए है बेहतरीन

नई दिल्ली गर्मी की आग बढ़ती ही जा रही है और द्रव्य की चाहत भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में तरबूज़ समर का सबसे पसंदीदा फल बन जाता है। यह सिर्फ मीठा और ताजगी देने वाला नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी वरदान है। आयुर्वेद में पित्त शामक फल बताया गया है और ज्येष्ठ मास में इसका सेवन माना जाता है। तरबूज का तासीर लाभकारी होता है, जिससे यह शरीर में गर्मी पहुंचाता है और पाचन तंत्र को भी स्थिर रखता है। तरबूज़: ग्लूकोज़ और वज़न का नियंत्रण प्राकृतिक उपायतरबूज़ का लगभग 90 प्रतिशत भाग पानी होता है, जिससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। इसके अलावा, रसायन में बहुत कम और पोषक तत्व अधिक होते हैं। इसलिए इसे खाने के बाद लंबे समय तक भूख न लगने और ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। गर्मियों में दोपहर के समय तरबूज़ खाने से शरीर को ठंडक मिलती है और गर्मी रहती है। त्वचा और बालों के लिए गुणकारीतरबूज में विटामिन ए और सी प्रचुर मात्रा पाई जाती है। यह त्वचा और बालों की सेहत के लिए है। विटामिन सी शरीर की रोग संबंधी क्षमता फिर से हासिल हो गई है, जिससे समरलैंड में अतिसार और जी की आशंकाएं कम होती हैं। इसके अलावा, विटामिन ए प्राकृतिक रूप से चमकता है और आंखों की रोशनी को बनाए रखने में मदद करता है। मसाला और सूजन के लिए स्वादिष्टतरबूज में मौजूद पोटैशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स मिश्रण को रिकवर करने में मदद मिलती है। यह सूजन कम करना और शरीर में सूजन का काम भी करता है। व्यायाम या गर्मी की वजह से थकान के बादटर्बोज़ का सेवन शरीर को ऊर्जा और ताजगी प्रदान करता है। तरबूज का सही सेवनटरबूज़ को हमेशा ताज़ा और प्रयोगात्मक बनाएं।अगर समय कम है तो पुदीने के साथ बिना चने पिएं।इसमें दोपहर के भोजन से गर्मी और पाचन संबंधी लाभ अधिक मिलते हैं।बाजार में मिलने वाले तरबूज का सेवन अभी से शुरू किया जा सकता है, लेकिन मौसम के अनुसार ताजगी और पाचन क्षमता पर ध्यान दें। गर्मी में तरबूज सिर्फ मीठा फल नहीं है, बल्कि यह सेहत का खजाना है। यह शरीर को प्रमाणित करता है, वजन को नियंत्रित करता है, त्वचा और बालों की सेहत को सुधारता है, शरीर को मजबूत बनाता है और सूजन को कम करता है। आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से यह पित्तशामक फल है और गर्मियों में इसका सेवन दो बार सबसे ज्यादा माना जाता है।

चंद्रमा का अप्रैल गोचर: कैसे प्रभावित होंगे आपकी राशि और जीवन के फैसले

नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, भावनाओं और रोजमर्रा के फैसलों का मुख्य कारक माना गया है। जब चंद्रमा किसी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तो उसका असर व्यक्ति के मूड, सोच, जीवन और वित्तीय निर्णयों पर सीधे पड़ता है। यही कारण है कि चंद्र गोचर को दैनिक ज्योतिष में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अप्रैल 2026 में चंद्रमा कुल 19 बार नक्षत्र बदलने वाला है। महीने की शुरुआत 1 अप्रैल को हस्त नक्षत्र से होगी, जबकि आखिरी गोचर 30 अप्रैल को चित्रा नक्षत्र में होगा। इतने ज्यादा नक्षत्र परिवर्तन के कारण यह महीना कई राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव और अवसर लेकर आ सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जब चंद्रमा शुभ नक्षत्र में होता है, तो जीवन में धन लाभ, नई संभावनाएं और मानसिक शांति मिलती है, जबकि अशुभ स्थिति में मन बेचैन रह सकता है और खर्च बढ़ सकते हैं। राशियों पर चंद्र गोचर का असर मेष राशि मेष राशि वालों के लिए अप्रैल का महीना अनुकूल रहेगा। धन लाभ के योग बनेंगे और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार का माहौल खुशहाल रहेगा। वृषभ राशि वृषभ राशि के लिए यह महीना आर्थिक रूप से मजबूत रहने वाला है। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं। काम में सम्मान मिलेगा और परिवार का सहयोग भी बना रहेगा। मानसिक शांति बनी रहेगी और यात्रा से भी लाभ होने की संभावना है। मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों को किस्मत का साथ मिलेगा। नौकरी और व्यापार में तरक्की के योग हैं। धन आने के नए रास्ते खुलेंगे और नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। परिवार और रिश्तों में सुधार आएगा। कर्क राशि कर्क राशि वालों को अप्रैल में थोड़ी सतर्कता बरतनी होगी। खर्च बढ़ने की संभावना है और काम में बाधाएं आ सकती हैं। मानसिक अशांति से बचने के लिए सोच-समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। सिंह राशि सिंह राशि के लिए यह समय सफलता और मान-सम्मान लेकर आएगा। करियर में तरक्की होगी और धन लाभ के मौके मिलेंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और अधिकारी सहयोग करेंगे, जिससे आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। अप्रैल के इस गोचर में चंद्रमा के बार-बार नक्षत्र बदलने से राशियों पर अलग-अलग असर देखने को मिलेगा। ज्योतिषियों का सुझाव है कि इस महीने शुभ नक्षत्रों में महत्वपूर्ण निर्णय लें और अशुभ समय में बड़े वित्तीय या व्यावसायिक कदम टालें, ताकि जीवन में स्थिरता और संतुलन बना रहे।

झाड़-फूंक के बहाने महिला से ठगी, अश्लील फोटो खींच धर्म परिवर्तन का दबाव; आरोपी गिरफ्तार

रीवा। मध्‍यप्रदेश के रीवा जिले में झाड़-फूंक के बहाने महिला को फंसाकर उसकी अश्लील तस्वीरें खींचने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। विरोध करने पर आरोपी ने कथित तौर पर तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना जवा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी अनीस मोहम्मद ने महिला को तंत्र-मंत्र से बीमारी ठीक करने का झांसा दिया और धीरे-धीरे उससे नजदीकियां बढ़ाईं। आरोप है कि उसने महिला को नशीली गोलियां खिलाकर उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं। बताया जा रहा है कि इसके बाद आरोपी महिला पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। जब महिला ने इनकार किया तो आरोपी ने कथित तौर पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर दीं। मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने बताया कि आरोपी वर्ष 2022 से महिला के संपर्क में था। उसने झाड़-फूंक के बहाने विश्वास हासिल किया और बाद में फोटो खींचकर ब्लैकमेल करने लगा। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। जांच जारी है।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा रियल एस्टेट को मिलेगा बड़ा बूस्ट, जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट करेगा विकास को प्रेरित

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है। नई नोएडा के अनुसार, एयरपोर्ट की शुरुआत से डेवलपर्स का भरोसा बढ़ेगा और नए आवासीय प्रोजेक्ट्स की संख्या में तेजी से आएगी। रियल एस्टेट पर असर:ग्रेटर नोएडा ने 2025 में ग्रेटर नोएडा के कुल रेजिडेंशियल लॉन्च का 28% हिस्सा हासिल किया, जो 2021 में 19% था। नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग 2021 में 4,415 यूनिट से बढ़कर 2025 में 14,000 यूनिट हो गई। हाउसिंग सेल्स में ग्रेटर नोएडा का योगदान 2025 में 12,903 यूनिट रहा, जो 2021 के 10,685 यूनिट से बढ़ा। नेशनल एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजीव विजय के अनुसार, यह एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास रियल एस्टेट के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होगा।विभागीय शिशिर बैजल के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट खेड़ा के एविएशन और शहरी विकास को नया रूप देगा और क्षेत्र में संतुलित शहरी विस्तार को बढ़ावा देगा। निरंतरता और विकास:सड़क, मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) जैसी मल्टीमॉडल निरंतरता एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।आवेदकों के अनुसार, नए एयरपोर्ट जैसे जेवर भी यात्रियों को आकर्षित करेंगे और एरोट्रोपोलिस आधारित विकास को गति देंगे। जेवर एयरपोर्ट न केवल हवाई यातायात को संतुलित करेगा, बल्कि ग्रेटर नोएडा और खेड़ा में हाउसिंग डिमांड, प्रॉपर्टी प्लेसमेंट और रियल एस्टेट निवेश को भी नई ऊंचाई देगा। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र खेड़ा का प्रमुख सेकेंडरी एयरपोर्ट हब बन सकता है।

हवाई चप्पल से आसमान तक भारत की उड़ान मोदी युग में 90 नए एयरपोर्ट से बदली तस्वीर

नई दिल्ली: पिछले एक दशक में भारत ने विकास के कई आयाम छुए हैं लेकिन हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जो बदलाव देखने को मिला है वह सबसे उल्लेखनीय माना जा रहा है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास का अहम आधार बनाया और इसका परिणाम आज साफ नजर आता है। जहां वर्ष 2014 में देश में केवल 74 ऑपरेशनल एयरपोर्ट थे वहीं वर्ष 2026 तक यह संख्या बढ़कर 160 से अधिक हो गई है। यह सिर्फ आंकड़ों का बदलाव नहीं बल्कि आम नागरिक के जीवन में आए बड़े परिवर्तन की कहानी है। हाल ही में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन इस बदलाव का प्रतीक बनकर सामने आया है। यह एयरपोर्ट न केवल दिल्ली एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हब है बल्कि उत्तर भारत के आर्थिक विकास का नया केंद्र भी बनने जा रहा है। शुरुआती चरण में इसकी क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है जिसे भविष्य में 7 करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परिवर्तन के पीछे सबसे बड़ी भूमिका उड़ान योजना की रही है जिसने छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को पहली बार हवाई नक्शे पर जगह दिलाई। पहले जहां हवाई यात्रा केवल संपन्न वर्ग तक सीमित थी वहीं अब आम नागरिक भी कम कीमत में फ्लाइट का लाभ उठा रहा है। इस योजना के तहत लाखों लोगों ने पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव किया है जिससे यात्रा संस्कृति में भी बड़ा बदलाव आया है। सरकार ने ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट नीति के तहत कई नए एयरपोर्ट को मंजूरी दी और पुराने बंद पड़े एयरपोर्ट को भी दोबारा चालू किया। सिक्किम का पाक्योंग एयरपोर्ट से लेकर गोवा का मोपा एयरपोर्ट और अब जेवर एयरपोर्ट तक यह विस्तार एक सुनियोजित रणनीति का परिणाम है। इसके साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय ने इस विकास को गति दी है। एयरपोर्ट केवल यात्रा का माध्यम नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों के बड़े केंद्र भी बनते हैं। जहां भी नया एयरपोर्ट बना वहां रोजगार के अवसर बढ़े पर्यटन को बढ़ावा मिला और स्थानीय व्यापार को नई ऊर्जा मिली। जेवर एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट से आसपास के शहरों जैसे आगरा मेरठ अलीगढ़ और मथुरा को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे कृषि उत्पाद और उद्योगों को भी वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। भविष्य की बात करें तो सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 350 से 400 एयरपोर्ट तैयार करने का है। इसके तहत हेलिपोर्ट और वॉटर एयरोड्रोम को भी बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि देश का कोई भी क्षेत्र कनेक्टिविटी से वंचित न रहे। यह पूरी रणनीति विकसित भारत के विजन का हिस्सा है जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर को विकास की रीढ़ माना गया है। स्पष्ट है कि भारत की यह एयरपोर्ट क्रांति केवल संख्या बढ़ाने की कहानी नहीं बल्कि एक ऐसे बदलाव की मिसाल है जिसने आम आदमी को आसमान से जोड़ा है और देश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान दी है।

रुपये के मूल्य और बाजार नियंत्रण के लिए RBI ने बैंकों को दिए सख्त निर्देश

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपये में गिरावट को लेकर निवेश और सट्टेबाजी (स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग) पर शेयरों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सरकारी उद्यमों के रूप में काम करने वाले बैंकों को दिन के अंत तक रुपये में अपने ओपन इन्वेस्टमेंट के लिए 100 मिलियन डॉलर तक सीमित रखने का ऑर्डर दिया गया है। मुख्य कारण और समय:अमेरिकी-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण व्यापार घाटा बढ़ा और रुपये पर दबाव आया।शुक्रवार को पहली बार 94 प्रति डॉलर से नीचे और करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई। अब तक अमेरिकी-ईरान संघर्ष के बाद कुल गिरावट 4% से अधिक हो गई है।ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति शेयर से ऊपर बनी है, जो कि अक्टूबर में रेटिंग 70 डॉलर से काफी ज्यादा है। इससे भारत का अहित बिल और बैचलर पर दबाव बढ़ गया। आरबीआई की कार्रवाई और निर्देश:सभी सरकारी बैंक इस दैनिक सीमा को 10 अप्रैल तक लागू करेंगे।बाजार की स्थिति के अनुसार आवश्यकतानुसार यह सीमा कीटनाशक भी हो सकती है।विशेषज्ञ का कहना है कि रुपये में गिरावट जारी रहने का मानक और सख्त कदम उठाया जा सकता है।रुपये को सहारा देने के लिए आरबीआई ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) का उपयोग किया है, जिससे उसकी हस्तक्षेप क्षमता कुछ सीमित हो गई है। भविष्यवाणी और बाजार का प्रभाव:एमके ग्लोबल ग्लोबल की रिपोर्ट के मुताबिक, रुपये में आने वाले समय में सुराजाकर करीब 91 प्रति डॉलर तक जा सकते हैं।10 साल के सरकारी बॉन्ड की उपज सीमा 6.83% से लेकर 6.65% तक हो सकती है।वैश्विक तेल की फार्मास्युटिकल स्थिरांक, तो चालू खाता घाटा (सीएडी) में वृद्धि हो सकती है और इसका असर आर्थिक विकास और अनुपात पर पड़ सकता है। आरबीआई का यह कदम बाजार में सट्टेबाजी और रुपये के परमिट पर नियंत्रण के लिए है। नए नियम के लागू होने के बाद रुपये में स्थिरता आने और विदेशी मुद्रा बाजार में जोखिम कम होने की उम्मीद है।

IPL 2026 के सेमीफाइनल की रेस में चार दावेदार, अंबाती रायडू ने किया खुलासा

नई दिल्ली आईपीएल 2026 का आयोजन 28 मार्च से होने जा रहा है। पहला मुकाबला फाइनल चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। इस बीच क्रिकेट विशेषज्ञ अंबाती रायडू ने चार टीमों के नाम बताए हैं, जो इस सीजन तक पहुंच सकते हैं। रायडू की भविष्यवाणी:उनके अनुसार, आईपीएल 2026 के टिकटों की रेटिंग के आधार पर कट किया जा सकता है: आरसीबी (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर) – पिछले सीजन में 18 साल के सुपरस्टार्स का समापन आईपीएल 2025 का खिताब जीतने वाली टीम के रूप में हुआ। सिल्वर पैटीदार की एडवांस में टीम टाइटल का बचाव करने उतरेगी।मुंबई इंडियंस (मुंबई इंडियंस) – मुंबई में दिवाली मनाने वालों ने आईपीएल 2025 में दूसरे क्वालिफायर तक का सफर तय किया था। टीम के पास रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, रयान रिकेल्टन, क्विंटन डी कॉक, तिलक वर्मा और धाकड़ बल्लेबाज जैसे हॉलिडे मौजूद हैं। ऑक्शन में शेरफेन राडारफोर्ड की भागीदारी के बाद टीम का प्रदर्शन क्रम और भी मजबूत हुआ। भी ऑनलाइन नजर आ रही है। नेशनल सुपर जायंट्स (लखनऊ सुपर जायंट्स) – ऋषभ पंत की टीम में मिशेल मार्श और एडेन मार्शम जैसे स्टार खिलाड़ी हैं। निकोलस फुलअलोन किसी भी मैच का रुख बदल सकते हैं। इस बार नॉमिनी का रॉकेट हमला भी काफी स्टाम्पधारी दिख रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स (कोलकाता नाइट राइडर्स) – टीम का बेस्ट ऑर्डर आईपीएल 2026 में जबरदस्त नजर आ रही है। टिम सीफर्ट और फिन एलन ने हाल ही में टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। केकर ने इसमें कैमरून ग्रीन को भी शामिल किया है, जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी में दोनों योगदान दे सकते हैं। हालांकि हर्षित राणा और आकाश दीप के आउट होने से एक छोटा सा ड्रॉइंग दिख रहा है। रायडू के अनुसार, आईपीएल 2026 की शुरुआत में इस बार आरसीबी, मुंबई इंडियंस, लखनऊ सुपर जायंट्स और केकेआर के व्यापारी बने रहने की संभावना है। इन टीमों के स्टार खिलाड़ी और फ़्लोरिडा फ़्लोरिडा के खिलाड़ी इस सीज़न में सबसे आगे रह सकते हैं।

कामदा एकादशी 2026: चैत्र महीने की अंतिम एकादशी का व्रत कब और कैसे रखें

नई दिल्ली । सनातन धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। वर्ष भर में आने वाली प्रत्येक एकादशी का अपना विशेष महत्व है। चैत्र माह की पहली एकादशी पापमोचनी बीत चुकी है। अब इस माह की दूसरी एकादशी यानी कामदा एकादशी 2026 रविवार, 29 मार्च को रखी जाएगी। कामदा एकादशी का आध्यात्मिक महत्व कामदा एकादशी का नाम ही यह दर्शाता है कि यह व्रत भक्तों की इच्छाओं और कामनाओं को पूर्ण करने वाला है। हिन्दू शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन भगवान विष्णु की भक्ति और श्रद्धा से पूजा करने पर जीवन के पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को मानसिक शांति, सुख और समृद्धि प्राप्त होती है। कामदा एकादशी कब रखी जाएगी ज्योतिषीय गणना के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 28 मार्च सुबह 8:45 बजे से शुरू होकर 29 मार्च सुबह 7:46 बजे तक रहेगी। इसी आधार पर कामदा एकादशी का व्रत 29 मार्च, रविवार को रखा जाएगा। कामदा एकादशी का शुभ मुहूर्त भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष पूजा का मुख्य शुभ मुहूर्त 29 मार्च सुबह 6:00 बजे से 7:30 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त में पूजा करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है। कामदा एकादशी की पूजा विधि प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को स्वच्छ आसन पर स्थापित करें। उन्हें पीले पुष्प, तुलसी दल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें। दिन भर भगवान विष्णु के भजन, कथा और कीर्तन में मन लगाएं। रात्रि में जागरण करें और भक्ति भाव से भगवान का स्मरण करें। अगले दिन द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक व्रत का पारण करें। कामदा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की भक्ति और श्रद्धा से करने से न केवल जीवन की कठिनाइयों का नाश होता है, बल्कि यह मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति का मार्ग भी प्रशस्त करता है।